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छत्तीसगढ़ पवेलियन को 44वें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (IITF) 2025 में मिला ‘स्पेशल एप्रिसिएशन मेडल’

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रायपुर: छत्तीसगढ़ ने 44वें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (IITF) 2025 में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़  के पवेलियन को उत्कृष्ट थीमैटिक प्रस्तुति और डिस्प्ले के लिए प्रतिष्ठित “स्पेशल एप्रिसिएशन मेडल” प्रदान किया गया। यह पुरस्कार नई दिल्ली के भारत मंडपम में दिया गया, जहाँ आईआईटीएफ 14 से 27 नवंबर 2025 तक आयोजित हुआ।

छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूरे होने पर मिला यह सम्मान

यह उपलब्धि ऐसे समय मिली है जब छत्तीसगढ़ वर्ष 2025 में अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर रहा है। पवेलियन में छत्तीसगढ़ की यात्रा को बेहद रोचक और अनुभवात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया—जिसमें सांस्कृतिक परंपराएँ, जनजातीय विरासत, आजीविका आधारित पहल, सुशासन, औद्योगिक विकास, पर्यटन और सतत विकास जैसे सभी पहलुओं को प्रदर्शित किया  गया।

छत्तीसगढ़ का पवेलियन क्यों रहा खास

* पवेलियन ने राज्य की 25 वर्ष की यात्रा, उसकी उपलब्धियों, आगामी लक्ष्य और “नवा छत्तीसगढ़” की अवधारणा को प्रभावशाली तरीके से प्रदर्शित किया। इसमें बस्तर में हो रहे परिवर्तन को भी प्रमुखता से रखा गया—जहाँ हाल के वर्षों में बेहतर सड़क संपर्क, पर्यटन विकास, जनजातीय आजीविका में वृद्धि और शांति आधारित विकास ने नए अवसर खोले हैं।

* पारंपरिक कारीगरी, जनजातीय कला, स्थानीय उत्पाद, व्यंजन और पर्यटन ने छत्तीसगढ़ की आत्मा को आधुनिक अंदाज़ और प्रामाणिकता के साथ पेश किया।

* पवेलियन में छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति 2024–30 को प्रमुखता के साथ दर्शाया गया, जिसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और उच्च स्तरीय निवेश आकर्षित करना है।

प्रदर्शनी में दो बड़े आगामी प्रोजेक्ट्स भारत का पहला AI डेटा सेंटर पार्क और छत्तीसगढ़ का पहला सेमीकंडक्टर प्लांट को भी  प्रदर्शित किया गया। ये दोनों परियोजनाएँ राज्य के युवाओं के लिए हजारों उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार अवसर तैयार करेंगी और छत्तीसगढ़ को तकनीकी रूप से उन्नत, निवेश-अनुकूल और भविष्य के लिए तैयार राज्य के रूप में वैश्विक मानचित्र पर प्रमुख स्थान देंगी।

मेले के दौरान पवेलियन में उल्लेखनीय संख्या में दर्शक पहुंचे। इंटरैक्टिव डिजिटल डिस्प्ले और जीआई-टैग्ड ढोकरा कला, आकर्षक कोसा सिल्क और अन्य पारंपरिक उत्पादों ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया। संस्कृति, कारीगरी और कहानी कहने के प्रभावी मिश्रण ने इसे IITF 2025 के सबसे यादगार अनुभवों में शामिल किया।

“स्पेशल एप्रिसिएशन मेडल” राज्य के बढ़ते आत्मविश्वास, नवाचार-आधारित विकास और मज़बूत आर्थिक भविष्य की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर, जिसे हर साल इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO) आयोजित करती है, देश के सबसे बड़े और विविधतम आयोजनों में से एक है। इसमें राज्यों, केंद्रीय मंत्रालयों, पीएसयू, एमएसएमई, शिल्पकारों, स्टार्टअप और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों की भागीदारी रहती है, जिससे भारत मंडपम भारत की संस्कृति, व्यापार, नवाचार और उद्यमिता का जीवंत मंच बन जाता है।

स्पेशल एप्रिसिएशन मेडल
सम्मान ने न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत किया है, बल्कि यह भी सिद्ध किया है कि राज्य अपनी सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास मॉडल—दोनों के साथ आगे बढ़ रहा है। पवेलियन की यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की प्रगति, उसके उद्योगों और उसके युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक प्रेरक कदम के रूप में देखी जा रही है। यह सम्मान राज्य को और बेहतर प्रदर्शन, नवाचार और जनहितकारी विकास के लिए प्रोत्साहित करता है तथा आने वाले समय में ऐसे और भी गौरवपूर्ण अध्याय लिखे जाने की उम्मीद जगाता है।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने युवा आयोग के वेबसाइट को किया लॉन्च

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रायपुर : उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज राज्य युवा आयोग के वेबसाइट को लॉन्च किया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि इस वेबसाइट से युवाओं को युवा आयोग के कार्यों तथा रोजगार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी। वेबसाइट पर युवा अपने बहुमूल्य सुझाव भी दे सकेंगे। राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनूजा सलाम और उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर भी इस दौरान मौजूद थीं।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का स्वामी विवेकानंद विमानतल पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया आत्मीय स्वागत…

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रायपुर: केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का स्वामी विवेकानंद विमानतल पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया आत्मीय स्वागत… केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के  रायपुर आगमन पर स्वामी विवेकानंद विमानतल में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आत्मीय स्वागत किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से बिहार के पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन ने की सौजन्य मुलाकात…

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रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में बिहार के पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री नितिन नवीन का आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें शॉल एवं प्रतीक चिन्ह नन्दी भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक श्री किरण देव एवं छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह उपस्थित थे।

प्रदेश में फिर पड़ेगी कड़ाके की ठंड, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट!

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से ठंड में कमी आई है। राजधानी रायपुर समेत कई अन्य जिलों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुछ दिनों तक कड़ाके की ठंड पड़ने के बाद से एक बार फिर ठंड में कमी आ गई है। वहीं मौसम विभाग ने लोगों को हैरान करने वाली चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर शीतलहर चलने की चेतावनी दी है।

इन जिलों में शीतलहर चलने की संभावना

वहीं मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में शीतलहर चलने की संभावना जताई। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, रायगढ़ कोरिया, बलरामपुर-रामानुजगंज, और सूरजपुर जिले में शीतलहर चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड पड़ेगी।

सबसे ठंडा रहा अंबिकापुर

पिछले 24 घंटों में, अंबिकापुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 10°C से नीचे दर्ज किया गया, जिससे यह छत्तीसगढ़ का सबसे ठंडा इलाका बन गया। राज्य की राजधानी रायपुर में आसमान साफ़ रहने की उम्मीद है। तापमान 16°C से 30°C के बीच रहने की संभावना है, सुबह और रात में हल्की ठंड और दोपहर में तेज़ धूप रहेगी। कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में अभी मौसम का पैटर्न संतुलित है-न ज़्यादा ठंडा और न ज़्यादा गर्म। ऐसा इसलिए क्योंकि आने वाले दिनों में राज्य धीरे-धीरे ज़्यादा सर्द सर्दियों की ओर बढ़ रहा है।

बिहार के बाद अब बंगाल फतह की तैयारी! अमित शाह 

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बिहार विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने के बाद उत्साहित भाजपा अब मिशन बंगाल पर जुटने वाली है। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के दिल्ली स्थित आवास पर हुई डिनर मीटिंग में भाजपा नेताओं का होम मिनिस्टर अमित शाह ने मार्गदर्शन किया। एक तरफ उन्होंने बिहार में मिली जीत से अहंकार में ना आने की सीख दी तो वहीं यह भी कहा कि अब बंगाल के लिए जुटना होगा। उन्होंने कहा कि अब आगे हम लोगों को बंगाल की लड़ाई के लिए तैयार रहना है। उनकी स्पष्ट नसीहत थी कि सभी लोग जहां कम, वहां हम वाले भाव से काम करें और कार्यकर्ता मोड में रहें।

IIM Raipur DGP IGP Meet 2025: देशभर के शीर्ष पुलिस अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण मंच, नक्सलवाद के चुनौतियों पर होगी चर्चा…

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रायपुर: इस बार नई और नवाचारपूर्ण सोच को जोड़ने के उद्देश्य से राज्यों/यूटी के गृह विभाग प्रमुख और डीआईजी तथा एसपी स्तर के कुछ अग्रिम पंक्ति के अधिकारी भी शामिल होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29-30 नवंबर को रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM Raipur) में आयोजित होने वाले डीजीपी/आईजीपी ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस के 60वें संस्करण में शामिल होंगे। यह तीन दिवसीय सम्मेलन 28 से 30 नवंबर तक चलेगा।

IIM Raipur DGP IGP Meet 2025: क्या है सम्मेलन का मुख्य विषय?

इस बार सम्मेलन का थीम ‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’ रखा गया है। इसका उद्देश्य अब तक विभिन्न पुलिसिंग चुनौतियों से निपटने में हासिल प्रगति की समीक्षा करना और ‘सुरक्षित भारत’ के निर्माण हेतु भविष्य की दिशा तय करना है।

सम्मेलन में वामपंथी उग्रवाद, काउंटर टेररिज्म, आपदा प्रबंधन, महिलाओं की सुरक्षा, तथा फोरेंसिक साइंस और एआई के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण सुरक्षा मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। प्रधानमंत्री सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति के पुलिस पदक (President’s Police Medals) फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस भी प्रदान करेंगे।

देशभर के शीर्ष पुलिस अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण मंच

यह सम्मेलन वरिष्ठ पुलिस नेतृत्व और सुरक्षा प्रशासकों को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विविध मुद्दों पर खुलकर चर्चा करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। इसमें अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने, पुलिस ढांचे और कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही विभिन्न राज्यों की सर्वोत्तम प्रथाओं को भी साझा किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वार्षिक सम्मेलन में लगातार गहरी रुचि लेते रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में बिजनेस सेशंस, ब्रेकआउट इंटरैक्शंस, और थीमेटिक डाइनिंग टेबल डिस्कशन जैसे नवाचार शामिल किए गए हैं, जिनके माध्यम से प्रतिभागियों को आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सीधे प्रधानमंत्री से संवाद करने का अवसर मिलता है।

2014 के बाद सम्मेलन के स्वरूप में निरंतर सुधार

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में 2014 के बाद से सम्मेलन के प्रारूप में लगातार सुधार और नवाचार किए गए हैं। इसे देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करने की परंपरा भी आगे बढ़ी है। इससे पहले सम्मेलन गुवाहाटी, रण कच्छ, हैदराबाद, टेकनपुर, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, पुणे, लखनऊ, नई दिल्ली, जयपुर और भुवनेश्वर में आयोजित हो चुका है। इस वर्ष यह प्रतिष्ठित सम्मेलन रायपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रहा है।

इन वरिष्ठ अधिकारी होंगे उपस्थित

सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA), गृह राज्य मंत्री, सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के डीजीपी, तथा केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख शामिल होंगे। इस बार नई और नवाचारपूर्ण सोच को जोड़ने के उद्देश्य से राज्यों/यूटी के गृह विभाग प्रमुख और डीआईजी तथा एसपी स्तर के कुछ अग्रिम पंक्ति के अधिकारी भी शामिल होंगे।

न्यायधानी में कांग्रेस का हल्लाबोल! कलेक्ट्रेट घेरने निकले नेताओं ने तोड़ी बैरिकेडिंग, पुलिस से हुई झूमाझटकी, जानिए क्यों कर रहे प्रदर्शन…

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बिलासपुरनेहरू चौक से शुरू हुआ ये विरोध प्रदर्शन अब कलेक्टर परिसर के बाहर तनावपूर्ण माहौल में बदल गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने वज्र वाहन का इस्तेमाल किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और तनाव बढ़ गया।

बिलासपुर में कांग्रेस के आंदोलन ने अब उग्र रूप ले लिया है, कलेक्टर के कार्यालय घेराव के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार झड़प शुरू हो गई। सड़कों की बदहाली, बिजली बिलों में कथित लूट, धान खरीदी में अव्यवस्था और रजिस्ट्री रोकने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्टरेट पहुंचे थे। नेहरू चौक से शुरू हुआ ये विरोध प्रदर्शन अब कलेक्टर परिसर के बाहर तनावपूर्ण माहौल में बदल गया।

कलेक्टर कार्यालय घेराव के घेराव के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार झड़प हो गईसड़कों की बदहाली, बिजली बिलों में कथित लूट, धान खरीदी में अव्यवस्था और रजिस्ट्री रोकने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्टरेट पहुंचे थे। नेहरू चौक से शुरू हुआ ये विरोध प्रदर्शन अब कलेक्टर परिसर के बाहर तनावपूर्ण माहौल में बदल गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने वज्र वाहन का इस्तेमाल किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और तनाव बढ़ गया।

प्रदर्शन की शुरुआत होते ही पुलिस ने कलेक्टर ऑफिस के बाहर बैरिकेटिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका लेकिन बैरिकेटिंग के बावजूद, प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। कुछ ही देर में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेटिंग तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। उन्होंने अपने नारे लगाते हुए प्रशासनिक कार्रवाई और मांगों को लेकर जोरदार आवाज़ उठाई। इस दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई बार चेतावनी दी और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

“CGPSC SSE 2025: छत्तीसगढ़ राज्य सेवा परीक्षा 2025 का नोटिफिकेशन जारी, DSP और SDM पदों के लिए ग्रेजुएट इस डेट से करें आवेदन”

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छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने राज्य सेवा परीक्षा (SSE) 2025 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस भर्ती परीक्षा के जरिए कुल 17 विभागों में 238 पदों को भरा जाएगा. ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 30 दिसंबर तक चलेगी.

इच्छुक अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट psc.cg.gov.in पर जाकर निर्धारित डेट से अप्लाई कर सकते हैं.

कुल पदों में एसडीएम, डीएसपी, स्टेट टैक्स ऑफिसर, डिस्ट्रिक्ट रजिस्ट्रार, असिस्टेंट डायरेक्टर, असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट सहित विभिन्न पद शामिल हैं. आइए जानते हैं कि इन विभिन्न पदों पर भर्तियों के लिए कौन आवेदन कर सकता है और चयन कैसे किया जाएगा.

CGPSC SSE 2025 Eligibility Criteria: क्या मांगी गई है योग्यता?

इन विभिन्न पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. वहीं आरक्षित कैटेगरी के आवेदकों को सरकार के नियमानुसार अधिकतम उम्र सीमा में छूट भी दी गई है.

CGPSC SSE 2025 Application Fee: कितनी है आवेदन फीस?

आवेदन करने वाले जनरल, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के अभ्यर्थियों को 400 रुपए आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा. वहीं छत्तीसगढ़ के एससी/एसटी/ओबीसी उम्मीदवारों के लिए शुल्क 300 रुपए है. दिव्यांग आवेदकों को आवेदन फीस जमा करने से छूट दी गई है.

CGPSC SSE 2025 How to Apply: ऐसे सरें अप्लाई

CGPSC की आधिकारिक वेबसाइट psc.cg.gov.in पर जाएं.

होम पेज पर दिए गए Online Application टैब पर .

डिटेल दर्ज कर रजिस्ट्रेशन करें और एप्लीकेशन फार्म भरें.

डाक्यूमेंट्स अपलोड करें और फीस जमा कर सबमिट करें.

CGPSC SSE 2025 Notification pdf

अभ्यर्थी इस लिंक पर नोटिफिकेशन चेक कर सकते हैं.

CGPSC SSE 2025: कैसे होगा चयन?

इन विभिन्न पदों पर आवेदकों का चयन प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के जरिए किया जाएगा. प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 22 फरवरी 2026 को दो पालियों में किया जाएगा. इसमें सफल होने वाले कैंडिडेट मुख्य परीक्षा देगें, जिसका आयोजन 16 से 19 मई 2026 के बीच किया जाएगा. इस भर्ती से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी जारी आधिकारिक विज्ञापन को चेक कर सकते हैं.

“न सिद्धारमैया-न DK. क्या कर्नाटक में ‘खरगे’ दांव चल सकती है कांग्रेस, ऐसे सध जाएंगे सारे समीकरण”

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कांग्रेस इस समय कर्नाटक के दो नेताओं की खींचतान के कारण खासी परेशान नजर आ रही है. राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों का बाजार गर्म है. मौजूदा सीएम सिद्धारमैया के हटाए जाने की चर्चा हो रही है.

तो वहीं दूसरी तरफ डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को नया सीएम बनाए जाने की चर्चा हो रही है. इसको लेकर दोनों ही नेताओं के समर्थक विधायक दिल्ली की तरफ कूच कर रहे हैं. आलाकमान को अपनी पसंद के बारे में विस्तार से बता रहे हैं. इन दोनों नेताओं की खींचतान के बीच तीसरे विकल्प की चर्चा तेज हो चली है.

कर्नाटक की खींचतान के बीच ऐसा कहा जा रहा है कि पार्टी किसी तीसरे विकल्प पर भी फैसला ले सकती है. इस तीसरे विकल्प के तौर पर कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नाम की चर्चा हो सकती है. मंत्री शिवानंद पाटिल ने मांग की है कि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे को ही मुख्यमंत्री बनाया जाए. ऐसा करने से कोई भी विरोध नहीं करेगा. राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने भी इस बात पर सहमति जाहिर की है. उन्होंने कहा कि खरगे योग्य हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे को सीएम बनाने की चर्चा के पीछे की कई वजहें हैं.

खरगे खुद कई बार कह चुके हैं कि वे तीन बार कर्नाटक के सीएम बनते-बनते रह गए थे. इसके साथ ही वे गांधी परिवार के भी खास हैं. यही वजह है कि उनके नाम की चर्चाएं हो रही हैं. हालांकि इन सब चर्चाओं को लेकर खरगे के बेटे प्रियांक ने कहा कि ये सब बेमतलब है.

कर्नाटक में कांग्रेस में खींचतान की वजह?

कर्नाटक में पिछले करीब 6 महीनों से सीएम बदलने की चर्चाएं जोरों पर हैं. इसके पीछे के कई कारण बताए जाते हैं. ऐसा कहा जाता है कि जब 2.5 साल पहले कांग्रेस सरकार का गठन हुआ था. उस समय ऐसा तय हुआ था कि आधे कार्यकाल के लिए सिद्धारमैया को सीएम बनाया जाएगा. बाकी के बचे आधे कार्यकाल के लिए डीके शिवकुमार सीएम रहेंगे. इस बात की पुष्टि खुद डीके शिवकुमार ने की है. उन्होंने पिछले दिनों कहा था कि उसकी चर्चा उस समय बंद कमरे में 6-7 लोगों के बीच ही हुई थी.

कर्नाटक की मौजूदा सरकार ने अपना आधा कार्यकाल पूरा कर लिया है. इसीलिए सीएम बदलने की चर्चा हो रही है. लंबे समय से डीके शिवकुमार के समर्थक लॉबिंग कर रहे हैं. वहीं सिद्धारमैया साफ कह चुके हैं कि अगले साल वे बजट पेश करेंगे. उनके इस बयान से साफ है कि वे इस पद से हटने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं. हाईकमान भी इस मामले को कई बैठकें कर चुका है. इसके साथ ही खुद पार्टी अध्यक्ष के साथ-साथ नेता कर्नाटक का दौरा कर चुके हैं.

दावे पर मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे ने क्या कहा?

कर्नाटक में दो नेताओं की खींचतान के बाद तीसरे विकल्प के तौर पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का नाम तेजी से सामने आया है. ऐसा कहा जा रहा है कि अगर आलाकमान खरगे को सीएम बनाने का फैसला करता है. तो दोनों ही नेता इसका विरोध नहीं करेंगे. इसके साथ ही अगले 5 सालों तक आसानी से सरकार भी चल सकती है.

खरगे की दावेदारी पर उनके बेटे प्रियांग खरगे ने इस तरह की सभी अटकलों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि जब भी यहां (कर्नाटक में) चुनाव होते हैं, तो वह CM बनने की रेस में होते हैं, जब भी पार्लियामेंट्री चुनाव होते हैं, तो वह PM बनने की रेस में होते हैं. ऐसी चर्चाएं अब बेमतलब हैं. भले ही प्रियांग ने इस तरह की बातों को खारिज कर दिया हो, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चाएं तेज हैं.

हाईकमान देगा दखल: मल्लिकार्जुन खरगे

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को साफ किया कि मामले में हाईकमान दखल देगा. मैं इतना कहना चाहता हूं कि हम ऐसे मुद्दों को हल करेंगे. हाईकमान राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मैं बैठकर इस पर विचार करेंगे.

खरगे के इस बयान पर बीजेपी ने चुटकी ली थी और पूछा था कि आलाकमान कौन है? राष्ट्रीय अध्यक्ष होकर अगर वह ऐसा कह रहे हैं तो फैसला कौन लेगा? इससे पहले कर्नाटक बीजेपी की तरफ से भी एक वीडियो शेयर किया गया था. जिसमें डीके शिवकुमार पर तंज कसा गया था.

राहुल गांधी का डीके को मैसेज

डीके शिवकुमार पिछले लंबे समय से राहुल से मुलाकात की कोशिशें कर रहे हैं. उन्होंने राहुल को मैसेज भेजकर मिलने का समय मांगा था. इसके जवाब में राहुल ने टेक्स्ट मैसेज के जवाब में लिखा है कि मैं आपको कॉल करूंगा.

चर्चाओं पर क्या बोले सिद्धारमैया के मंत्री?

कर्नाटक के मंत्री सतीश जरकीहोली ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कांग्रेस हाईकमान से राज्य में लीडरशिप बदलने के सवाल पर जल्द फैसला लेने को कहा है. पब्लिक वर्क्स पोर्टफोलियो संभालने वाले जारकीहोली ने बताया कि वह इस मामले पर बात करने के लिए कांग्रेस प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खरगे से मिलने का प्लान बना रहे हैं.

उन्होंने कहा कि उत्तराधिकार का मुद्दा पार्टी की नेशनल लीडरशिप को सुलझाना चाहिए और बताया कि सिद्धारमैया भी जल्दी फैसला लेना पसंद करते हैं. उन्होंने कहा, “जब CM ऐसा कहते हैं, तो पार्टी के सीनियर को इस पर ध्यान देना चाहिए.”

हालांकि, उन्होंने कहा कि लीडरशिप में संभावित बदलाव पर MLA के बीच कोई अंदरूनी बातचीत नहीं हुई है. जारकीहोली ने कहा, “पार्टी में लीडरशिप में बदलाव के बारे में कोई चर्चा नहीं हो रही है. एक बार जब यह सामने आएगा तो हम चर्चा करेंगे, लेकिन अभी पार्टी में इस बारे में कोई चर्चा नहीं हो रही है. ”

डीके शिवकुमार के बदले सुर?

कर्नाटक की चर्चा और कांग्रेस के गुटों को लेकर डीके शिवकुमार का एक बयान भी चर्चा में है. उन्होंने बुधवार को कहा कि कांग्रेस एकजुट है और 2028 के विधानसभा और 2029 के लोकसभा चुनावों पर फोकस कर रही है.

डिप्टी चीफ मिनिस्टर ने कहा, “जो भी पार्टी के मुद्दे हैं, हम चार दीवारों के अंदर चर्चा करेंगे. मैं मीडिया में किसी भी पॉलिटिकल मुद्दे पर चर्चा नहीं करूंगा.” उन्होंने पार्टी के अंदर किसी भी तरह के कन्फ्यूजन या गुटबाजी से भी इनकार किया और कहा, किसी को कुछ भी मांगना नहीं चाहिए. पार्टी में कोई ग्रुप नहीं है; सिर्फ एक ग्रुप है, वह है कांग्रेस, हमारे ग्रुप में 140 MLA हैं.

कर्नाटक में चल रहे घमासान को लेकर ऐसा कहा जा रहा है कि जल्द ही आलाकमान फैसला लेगा. ऐसे में देखना होगा कि आने वाले दिनों में कर्नाटक में क्या नया देखने को मिलता है.