Home Blog Page 30

cg” राज्यपाल श्री डेका ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से की सौजन्य भेंट…”

0

राज्यपाल श्री डेका ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से की सौजन्य भेंट

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज नई दिल्ली में रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह से सौजन्य मुलाकात की। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों पर  चर्चा हुई। राज्यपाल श्री डेका ने रक्षा मंत्री का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट की।

cg “मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से की राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील…”

0

” 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलाने का किया आग्रह “

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर मातापिता एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलाएं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा कि जब बात बच्चों के भविष्य की हो, तो हमारी छोटीसी सावधानी भी बड़ा बदलाव ला सकती है। पोलियो की दो बूंद केवल एक दवा नहीं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की सुरक्षा का संकल्प है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक अभिभावक की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने आसपास भी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा पोलियो की दो बूंद से वंचित रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सभी के सामूहिक प्रयासों से ही पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आह्वान किया।

cg” जनभागीदारी और जनप्रेरणा का सशक्त माध्यम बना ‘मन की बात’ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय…”

0

प्रधानमंत्री की ‘मन की बात’ विकसित भारत के संकल्प को देती है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय”

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री निवास में जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ सुनी प्रधानमंत्री की ‘मन की बात’ की 135वीं कड़ी”

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 135वीं कड़ी जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ सुनी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मन की बात’ आज जनता और नेतृत्व के बीच संवाद का सशक्त माध्यम बन चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विचार देशवासियों को प्रेरित करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी प्रत्येक कड़ी में देशभर से नवाचार, जनभागीदारी और प्रेरणादायी प्रयासों को सामने लाते हैं, जिससे समाज में सकारात्मक कार्यों को नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ की अनेक कड़ियों में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और उपलब्धियों का उल्लेख होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आगामी गणेशोत्सव के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मिट्टी से निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला तथा वर्षा जल के प्रत्येक बूंद के संरक्षण का संदेश देते हुए जल संचय को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मेघालय के जीवित रूट ब्रिज का उल्लेख करते हुए प्रकृति और मानव के अद्भुत समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विज्ञान, तर्क और जागरूकता के माध्यम से समाज में व्याप्त अंधविश्वासों को दूर करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। असम की महिलाओं द्वारा ‘हरगिला आर्मी’ के माध्यम से दुर्लभ पक्षी हरगिला के संरक्षण और उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास जनजागरूकता का प्रेरक उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नागालैंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संचालित नागालैंड बेबी लीग और नागालैंड वुमन फुटसाल लीग जैसी पहलों का उल्लेख किया। साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय एवं सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाने के प्रयासों की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि डोमिनिकन रिपब्लिक में ‘ब्रह्मकमल डोमिनिकाना’ के सदस्य वैदिक साहित्य का अध्ययन कर भारतीय संस्कृति से जुड़ रहे हैं। वहीं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट से सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक बनाने की पहल स्वच्छता और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री इंद्रेश कुमार, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, विधायक श्रीमती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, श्री सच्चिदानंद उपासने, श्री अखिलेश सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

cg” मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर  आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह में हुए शामिल…”

0

लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय”

अपनी संस्कृति और मूल्यों से समाज को जोड़कर देश – दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है भारत : श्री इंद्रेश कुमार”

आपातकाल हमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव सजग रहने की प्रेरणा देता है : डॉ. रमन सिंह”

मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका “आपातकाल के योद्धा” का किया विमोचन”

आपातकाल पर आधारित निबंध प्रतियोगिता के विजेता हुए सम्मानित”

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित डीडीयू ऑडिटोरियम में आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए।

गरिमामयी समारोह में उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका “आपातकाल के योद्धा” का विमोचन किया तथा आपातकाल पर आधारित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री इंद्रेश कुमार ने अपने संबोधन में लोकतंत्र, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि एक जीवन मूल्य है, जिसे समझने और निभाने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है।

उन्होंने आपातकाल के दौर को याद करते हुए कहा कि यह समय भारतीय लोकतंत्र के लिए एक कठिन परीक्षा का काल था, जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ा।

उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को स्मरण करते हुए कहा कि उन लोगों ने जेल, यातनाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लोकतांत्रिक आदर्शों को जीवित रखा।

मुख्य वक्ता श्री कुमार ने कहा कि इतिहास को याद रखना केवल अतीत को जानना नहीं है, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की एकता, अनुशासन और सामाजिक समरसता को मजबूत करें तथा नशामुक्त और स्वच्छ समाज के निर्माण में योगदान दें।

उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों ने हमेशा समाज को जोड़ने का कार्य किया है और इन्हीं मूल्यों के आधार पर देश – दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है।

उन्होंने युवाओं से “राष्ट्र प्रथम” की भावना को जीवन में अपनाने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्र, ज्ञान और धर्म प्रथम की भावना ही भारत की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या सृष्टि का वह स्थान है जो सदैव पूजनीय रहेगा और सत्य व धर्म के मार्ग पर चलते हुए हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना होगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह कालखंड है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और जेल जीवन की कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि इन लोगों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया।

श्री साय ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल स्मरण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सचेत करना है ताकि वे समझ सकें कि स्वतंत्रता और लोकतंत्र कितनी बड़ी कुर्बानियों के बाद प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती हमेशा से संघर्ष, संस्कृति और परंपरा की भूमि रही है, जहां लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी आस्था रही है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को इतिहास से अवगत कराने के लिए इस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करना प्रशंसनीय पहल है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने पारिवारिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में अनेक परिवारों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि मेरे बड़े पिताजी स्वर्गीय श्री नरहरि साय 19 महीनों तक जेल में रहे और इन परिवारों की पीड़ा को करीब से देखा है।

उस दौर में जब घर के मुखिया को जेल में डाल दिया जाता था, तब लोकतंत्र सेनानियों के परिवार पर जीवन निर्वाह का संकट आ गया था। श्री साय ने कहा कि इस कठिन समय में स्वयंसेवक भेष बदलकर लोकतंत्र सेनानियों के परिवार को अनाज पहुंचाने का काम करते थे ताकि कोई भूखा न रहे। उन्होंने उस दौर से जुड़ी कई और स्मृतियां भी साझा की और सभी लोकतंत्र सेनानियों का पुण्य स्मरण किया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कहा कि 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती था। उन्होंने प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के निलंबन और संविधान संशोधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समय लोकतंत्र की मजबूती और जागरूकता का प्रतीक बनकर सामने आया। आपातकाल हमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव सजग रहने की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकतंत्र सेनानी संघ श्री कैलाश सोनी, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्रीमती गोमती साय, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, सीजीएमएससी के चेयरमैन श्री दीपक म्हस्के, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, महामण्डलेश्वर श्री अजय रामदास, श्री अखिलेश सोनी, लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री दिवाकर तिवारी, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सच्चिदानंद उपासने समेत अनेक प्रबुद्धजन तथा लोकतंत्र सेनानी और उनके परिजन मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 540 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

विद्यालय स्तर पर “आपातकाल कभी विस्मृत न हो” विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में जे.आर. दानी गर्ल्स स्कूल, रायपुर की जागृति जांगड़े ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और उन्हें 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।

विवेकानंद विद्यापीठ, कोरबा के श्री सूरज तांडिया को द्वितीय तथा अग्रसेन इंटरनेशनल स्कूल, दुर्ग के श्री अंश देशमुख तृतीय स्थान पर रहे। वहीं महाविद्यालय स्तर पर “25 जून : संविधान हत्या दिवस” विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में रायपुर की सुश्री कल्याणी पटले प्रथम, रायगढ़ की सीमा साव द्वितीय तथा दुर्ग की सुश्री खुशबू तृतीय स्थान पर रहीं।

मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान करते हुए लोकतंत्र और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।

“‘केंद्रीय मंत्री समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सेशेल्स यात्रा के दौरान पीएम मोदी को मिले सर्वोच्च सम्मान पर बधाई…”

0

“पीएम मोदी को सेशेल्स सरकार से सर्वोच्च सम्मान मिलने पर अमित शाह, राजनाथ और गडकरी ने दीं शुभकामनाएं”

” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सेशेल्स यात्रा के दौरान पीएम मोदी को मिले सर्वोच्च सम्मान पर बधाई दी।”

“केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा कि पीएम मोदी को सेशेल्स सरकार की तरफ से ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान मिलने पर बहुत बधाई।”

“यह सतत विकास और पर्यावरण सुरक्षा में लीडरशिप के लिए सबसे बड़ा सम्मान है। यह सम्मान दुनिया में भारत के आगे बढ़ने का गर्व भरा ऐलान है, जो प्राकृतिक इकोसिस्टम को फिर से जिंदा करने और तरक्की में दुनिया को लीड करने में एक रोल मॉडल के तौर पर उभर रहा है।”

“रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा कि पीएम मोदी को पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल डेवलपमेंट में लीडरशिप के लिए ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन, सेशेल्स का सबसे बड़ा सम्मान मिलने पर बधाई।

“यह प्रतिष्ठित सम्मान उनकी दूर की सोचने वाली लीडरशिप और ग्लोबल क्लाइमेट एक्शन के प्रति पक्के कमिटमेंट का सबूत है। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत का ग्लोबल कद लगातार बढ़ रहा है, जो ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ के विजन से दुनिया को प्रेरित कर रहा है। यह सम्मान हर भारतीय के लिए बहुत गर्व की बात है।”

“केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने लिखा कि पीएम मोदी को सेशेल्स ने ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ टाइटल से सम्मानित किया है। यह टाइटल पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल डेवलपमेंट में उनकी सक्रिय भूमिका का सम्मान करता है और ग्लोबल क्लाइमेट एक्शन को आगे बढ़ाने में उनके मजबूत नेतृत्व को दिखाता है।

यह पीएम मोदी का चौथा ग्लोबल पर्यावरण सम्मान भी है और उनके दूरदर्शी नेतृत्व में दुनिया के लिए एक सस्टेनेबल, लचीला और हरा-भरा भविष्य बनाने में भारत के बढ़ते योगदान को दिखाता है।”

“केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पोस्ट में लिखा कि भारत के लिए यह गर्व का पल है, क्योंकि पीएम मोदी को सेशेल्स के सबसे बड़े पर्यावरण सम्मान ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान पर्यावरण संरक्षण और ग्लोबल क्लाइमेट एक्शन के लिए पीएम मोदी के कमिटमेंट को दिखाता है।

मिशन लाइफ, इंटरनेशनल सोलर अलायंस और कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी पहलों के जरिए, भारत सेशेल्स के साथ अपनी स्थायी साझेदारी को और गहरा करते हुए, एक ग्रीन और ज्यादा सस्टेनेबल भविष्य की दिशा में ग्लोबल कोशिशों को लीड करना जारी रखे हुए है।”

“सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक्स पोस्ट में लिखा कि पीएम मोदी को रिपब्लिक ऑफ सेशेल्स द्वारा ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ का खास टाइटल दिए जाने पर बहुत-बहुत बधाई।

यह बड़ा सम्मान आपकी दूर की सोचने वाली लीडरशिप और सस्टेनेबल डेवलपमेंट, क्लाइमेट रेजिलिएंस, ब्लू इकॉनमी और इंटरनेशनल कोऑपरेशन के लिए आपके पक्के कमिटमेंट को दुनिया भर में मिली पहचान दिखाता है।”

आपकी लीडरशिप दुनिया भर में भारत का रुतबा बढ़ाती रहेगी और दुनिया को एक सस्टेनेबल और खुशहाल भविष्य की ओर प्रेरित करती रहेगी।”

“उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि पीएम मोदी को ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मानित किया जाना भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता का सशक्त उदाहरण है।

यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि आज भारत केवल अपनी प्रगति तक सीमित नहीं है बल्कि वैश्विक विमर्श का भी नेतृत्व कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व मंच पर विश्वास, सहभागिता और दूरदृष्टि की ऐसी पहचान स्थापित की है, जो प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।”

“सीएम रेखा गुप्ता ने लिखा कि पीएम मोदी को सेशेल्स के सबसे बड़े पर्यावरण सम्मान, गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन से सम्मानित होने पर बहुत-बहुत बधाई।”

“यूएन चैंपियंस ऑफ द अर्थ और सियोल पीस प्राइज से लेकर एफएक्यू के एग्रीकोला मेडल और अब गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन तक, हर ग्लोबल सम्मान एक ऐसी लीडरशिप के बढ़ते कद को दिखाता है जिसने सस्टेनेबिलिटी को भारत के विकास का एक जरूरी हिस्सा बनाया है।”

प्रधानमंत्री की दूर की सोचने वाली लीडरशिप में मिशन लाइफ और इंटरनेशनल सोलर अलायंस जैसी पहलों के जरिए भारत की सभ्यता की समझ को दुनिया भर में आवाज मिली है। दुनिया उनकी लीडरशिप का जश्न मना रही है और साथ ही भारत के विकास के उस नजरिए को अपना रही है जो प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर आगे बढ़ता है।”

” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित…” 

0

पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्‍हा राव की 105वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको श्रद्धांजलि दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश की तरक्की में उनके योगदान को याद किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की है। पीएम मोदी ने कहा कि पीवी नरसिम्हा राव को उनके नेतृत्व और बौद्धिक कौशल के लिए सदैव स्मरण किया जाता है और यह हमारी सरकार के लिए गौरव का विषय है कि हमने राष्ट्र के प्रति उनके समृद्ध योगदान को मान्यता देते हुए इस वर्ष के आरंभ में पीवी नरसिम्हा राव को भारत रत्न से सम्मानित किया।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी एक पोस्ट में कहा; “मैं पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव गारू को उनकी जयंती पर श्रद्धा-सुमन अर्पित करता हूं। उन्हें उनके कुशल नेतृत्व और बुद्धिमत्ता के लिए याद किया जाता है। यह हमारी सरकार के लिए सम्मान का विषय है कि राष्ट्र के लिए उनके समृद्ध योगदान को मान्यता देते हुए हमने इस वर्ष की शुरुआत में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया।”

पीएम मोदी ने लिखा कि उन्होंने देश के इतिहास के एक अहम दौर में भारत की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया। एक कुशल प्रशासक के तौर पर उन्होंने अपनी पहचान बनाई। वे एक विद्वान भी थे और उन्हें भारत की विविध संस्कृति का गहरा ज्ञान और समझ थी।

इससे पहले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, ‘भारत रत्न’ पीवी नरसिम्हा राव की जयंती पर कोटि-कोटि नमन करता हूं। देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिखाने और आमजन के जीवन को सरल बनाने के अभिनव प्रयासों के लिए आपको सदैव याद किया जाएगा।”

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने पोस्ट किया, “लोकप्रिय राजनेता व भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, ‘भारत रत्न’ पीवी नरसिम्हा राव की जयंती पर कोटिशः नमन। देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिखाने के अभिनव प्रयासों के लिए आपको सदैव याद किया जाएगा।”

” भारतीय स्टार्टअप्स में प्रत्यक्ष रोजगार 36% से अधिक बढ़कर 23.64 लाख पहुंचा”

0

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत के मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स द्वारा सृजित प्रत्यक्ष रोजगार बढ़कर 23.36 लाख हो गया है। यह रोजगार सृजन में साल-दर-साल 36.1 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है।

मान्यता प्राप्त सभी स्टार्टअप्स में से करीब 48 प्रतिशत में कम से कम एक महिला निदेशक या साझेदार है, जो भारत के नवाचार-आधारित विकास की समावेशी प्रकृति को दर्शाता है।

दिसंबर 2025 तक उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या 2 लाख से अधिक हो चुकी है, जिससे भारत दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम वाले देशों में मजबूती से शामिल हो गया है।

आधिकारिक बयान के अनुसार, देश के नवाचार तंत्र ने अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2025-26 में ही 55,200 से अधिक संस्थाओं को डीपीआईआईटी की मान्यता मिली, जो इस कार्यक्रम की शुरुआत के बाद किसी एक वर्ष में सबसे अधिक वृद्धि है।

डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के 11 वर्ष पूरे होने के साथ यह पहल बड़े पैमाने पर नागरिकों को डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ भविष्य के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सेमीकंडक्टर और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स के बुनियादी ढांचे के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

आधिकारिक बयान में कहा गया है, “2015 में ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में भारत की रैंकिंग 81वें स्थान पर थी, जो 2025 में सुधरकर 38वें स्थान पर पहुंच गई है। वहीं, 2.23 लाख मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स नवाचार-आधारित विकास को गति दे रहे हैं। ऐसे में डिजिटल इंडिया की 11वीं वर्षगांठ केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि आने वाले दशक में भारत के वैश्विक तकनीकी नेतृत्व की मजबूत नींव है।”

अप्रैल 2026 में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने भारत की वित्तीय व्यवस्था में बदलाव लाने के 10 वर्ष पूरे किए। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान यूपीआई पर 24,162 करोड़ लेनदेन दर्ज किए गए।

आज यूपीआई भारत के 81 प्रतिशत डिजिटल भुगतान को संचालित करता है और दुनिया के लगभग 49 प्रतिशत रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन में इसकी हिस्सेदारी है। इससे भारत रियल-टाइम डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में निर्विवाद वैश्विक अग्रणी बन गया है। यूपीआई अब कई देशों में संचालित हो रहा है और भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) को 23 देशों ने सहयोग समझौतों के माध्यम से अपनाया है।

पिछले एक वर्ष के दौरान भारत का डिजिटल बुनियादी ढांचा भी लगातार मजबूत हुआ है।

मार्च 2026 तक देश में ब्रॉडबैंड उपभोक्ताओं की संख्या 106.58 करोड़ तक पहुंच गई।

भारतनेट परियोजना के तहत 2.18 लाख ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ दिया गया है, जिससे ग्रामीण भारत के अंतिम छोर तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंची है।

भारत का 5जी नेटवर्क अब 99.9 प्रतिशत जिलों तक पहुंच चुका है और इसके लिए 4.74 लाख टावर स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं, फरवरी 2026 में गुवाहाटी में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय डेटा केंद्र का शुभारंभ किया गया, जिससे क्षेत्र की डिजिटल अवसंरचना और डेटा संप्रभुता को और मजबूती मिली।

” रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड” भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कार्यक्रम को सुना” 

0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड का देशभर में प्रसारण हुआ। इस अवसर पर दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कार्यक्रम को सुना और इसे देशवासियों तक पहुंचने का प्रभावी माध्यम बताया।

उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ देशभर में हो रही सकारात्मक पहलों को एक मंच प्रदान करता है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस बार प्रधानमंत्री ने ‘कैच द रेन’ अभियान के माध्यम से वर्षा जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया है। इसे जलवायु संरक्षण और जल संकट से निपटने की दिशा में बेहद अहम पहल बताया। ‘मन की बात’ हर बार नई जानकारी, नया उत्साह और नई प्रेरणा लेकर आता है, जिससे भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के लोग भी नागरिकों के स्वैच्छिक प्रयासों से परिचित होते हैं। उनके अनुसार, ये पहल समाज को प्रेरित करने का कार्य करती हैं।

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने खेलों के क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री की सोच की सराहना करते हुए कहा कि ‘खेलो इंडिया’ अभियान को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका परिणाम है कि आज देश के युवा बड़ी संख्या में खेलों में हिस्सा ले रहे हैं, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत रहे हैं और भारत का नाम रोशन कर रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी ‘मन की बात’ की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम देश के हर नागरिक को प्रेरित करता है और उनमें आत्मविश्वास जगाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संबोधन में आम लोगों के उल्लेखनीय कार्यों को सामने लाते हैं, जिससे समाज में सकारात्मक सोच और जनभागीदारी को बढ़ावा मिलता है। साथ ही, यह कार्यक्रम वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को भी दर्शाता है।

वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री आवास में ‘मन की बात’ कार्यक्रम सुना। उन्होंने कहा कि देशभर के नागरिक महीने के अंतिम रविवार का बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि इस दिन उन्हें प्रधानमंत्री के विचार सुनने और उनसे जुड़ने का अवसर मिलता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर भी अपनी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि राज्य में यूसीसी लागू करने के लिए पहले ही एक समिति का गठन किया जा चुका है। यह समिति समाज के सभी वर्गों से सुझाव लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके बाद राज्य में यूसीसी लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा। समयाभाव के कारण यह प्रस्ताव वर्तमान सत्र में नहीं आ पाएगा, लेकिन शीतकालीन सत्र में इसे पेश किए जाने की संभावना है।

“उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने बेंगलुरु में ‘नशा मुक्त भारत’ सम्मेलन में भाग लिया”

0

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को बेंगलुरु में राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस और ‘नशा मुक्त भारत’ सम्मेलन में भाग लिया।

यहां आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि नशीले पदार्थों का सेवन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि यह शिक्षा प्राप्ति, उत्पादकता, सामाजिक एकजुटता और राष्ट्रीय विकास को भी प्रभावित करता है।

उन्होंने कहा कि मैं हमारे शैक्षणिक संस्थानों से आग्रह करता हूं कि वे एडिक्शन मेडिसिन, मानसिक स्वास्थ्य और समुदाय-आधारित उपायों पर शोध को और मजबूत करते रहें। ‘नशा मुक्त भारत’ का विन केवल नशीले पदार्थों का न होना नहीं है, बल्कि स्वस्थ विकल्पों का होना है। आइए, हम एक ऐसा भविष्य बनाने का संकल्प लें जहां हर युवा को आगे बढ़ने और फलने-फूलने का अवसर मिले।

सीपी राधाकृष्णन ने बेंगलुरु, कर्नाटक और अंततः पूरे भारत को नशामुक्त बनाने का संकल्प लेने वाले विद्यार्थियों की विशाल सभा को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ‘नशा मुक्त भारत’ का अर्थ केवल नशे की अनुपस्थिति नहीं है, बल्कि स्वस्थ विकल्पों, सूचित निर्णयों, सहायक परिवारों और सशक्त समुदायों को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि व्यक्तियों को अपने मन पर पूर्ण नियंत्रण होना चाहिए और कहा कि जब नशा मन पर हावी हो जाता है, तो व्यक्ति अपने जीवन पर से नियंत्रण खो देता है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि नशे की लत के कारण खोई हर युवा जिंदगी राष्ट्रीय क्षमता की हानि है। उन्होंने छात्रों, विशेष रूप से भावी डॉक्टरों, नर्सों, फार्मासिस्टों, मनोवैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य पेशेवरों से आग्रह किया कि वे जागरूकता के दूत बनें और मादक द्रव्यों के दुरुपयोग से निपटने के लिए रोकथाम, उपचार, अनुसंधान और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएं।

व्यसन चिकित्सा, मानसिक स्वास्थ्य, व्यवहार विज्ञान और समुदाय-आधारित हस्तक्षेपों में अधिक शोध की मांग करते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि साक्ष्य ही कार्रवाई का मार्गदर्शन करें और शोध ही नीति का आधार बनें। उन्होंने मादक द्रव्यों के सेवन संबंधी विकारों से निपटने में प्रौद्योगिकी, परामर्श सेवाओं और सहकर्मी सहायता नेटवर्क के उपयोग के महत्व को भी रेखांकित किया।

भारत और सेशेल्स के बीच रविवार को कई क्षेत्रों में सहयोग और साझेदारी के लिए एमओयू….

0

भारत और सेशेल्स के बीच रविवार को कई क्षेत्रों में सहयोग और साझेदारी के लिए एमओयू एक्सचेंज हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे पर सेशेल्स में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) शुरू करने को लेकर समझौता हुआ।

पीएम मोदी ने इस पर खुशी जताई है।

सेशेल्स में यूपीआई शुरू होने के बाद भारतीय पर्यटक, कारोबारी और प्रवासी समुदाय डिजिटल भुगतान आसानी से कर सकेंगे। वहीं सेशेल्स को तेज, सुरक्षित और कम लागत वाली डिजिटल भुगतान प्रणाली का लाभ मिलेगा। यह पहल दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और फिनटेक सहयोग को भी मजबूती देगी। भारत का यूपीआई मॉडल दुनिया के सबसे सफल डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म में गिना जाता है और अब इसका वैश्विक विस्तार तेजी से हो रहा है।

हालांकि सेशेल्स पहला ऐसा देश नहीं है, जहां यूपीआई पेमेंट सिस्टम लागू होने जा रहा है। इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सिंगापुर, फ्रांस, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, मॉरीशस, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा नामीबिया तक यूपीआई का विस्तार हो चुका है। इसके अलावा फ्रांस, यूएई, सिंगापुर, मॉरीशस और श्रीलंका जैसे देशों में भी भारतीय यात्री यूपीआई के जरिए भुगतान कर सकते हैं, जबकि कई अन्य देशों के साथ भी यूपीआई कनेक्टिविटी और डिजिटल भुगतान सहयोग को लेकर बातचीत जारी है। भारत की यह पहल डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने की रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमें खुशी है कि आज यूपीआई को सेशेल्स में लागू करने के लिए एमओयू किया जा रहा है। विकास साझेदारी हमारे संबंधों की मजबूत पहचान रही है। भारत हमेशा की प्राथमिकताओं, आकांक्षाओं और आवश्यकताओं को केंद्र में रखकर आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति के भारत दौरे के दौरान हमने 175 मिलियन डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी। इसके अंतर्गत सोशल हाउसिंग, ट्रांसपोर्ट, स्किलिंग, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में काम किया जा रहा है। सेशेल्स के मनावीय संसाधनों विकास में सहयोग भारत की विशेष प्राथमिकता रही है। मुझे खुशी है कि हम सेशेल्स के सिविल सर्वेंट्स की ट्रेनिंग में योगदान दे रहे हैं।”

वहीं सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने कहा कि भारत और सेशेल्स ने एक ऐसी साझेदारी के लिए फिर से प्रतिबद्धता जताई है जो एक जैसी भौगोलिक और ऐतिहासिक और एक स्थिर, सुरक्षित और खुशहाल हिंद महासागर क्षेत्र के लिए एक मिलकर देखे जाने वाले नजरिए पर आधारित हो।

उन्होंने कहा, “हमारी बातचीत का मुख्य मुद्दा बेहतर लिंकेज के जरिए सस्टेनेबिलिटी, आर्थिक विकास और सुरक्षा के लिए संयुक्त विजन को लागू करना था, जिसे सेशेल्स ने इस साल की शुरुआत में अपनाया था। यह फ्रेमवर्क सभी क्षेत्रों में सहयोग के लिए रणनीतिक दिशा देता है। मैं इस विजन को ठोस नतीजों में बदलने में भारत के पक्के सपोर्ट के लिए बहुत शुक्रिया अदा करता हूं, जिससे दोनों देशों के लोगों को फायदा हो।”

डॉ. हर्मिनी ने विकास साझेदारी को भारत-सेशेल्स संबंधों का मजबूत स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने कई कानूनी समझौते किए हैं जो विदेश सेवा, डिजिटल बैंकिंग, स्वास्थ्य, खेती, सी फ्लोरिंग, एक्सट्रैडिशन, स्पेस एक्सप्लोरेशन और सेशेल्स में एक नए नेशनल हॉस्पिटल के कंस्ट्रक्शन में हमारे सहयोग को और गहरा करेंगे।