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महाशिवरात्रि 2026: पूजा विधि और विशेष उपाय…

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महाशिवरात्रि 2026 के लिए विशेष पूजा उपाय

महाशिवरात्रि 2026 पूजा के उपाय: भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए महाशिवरात्रि की यह पावन रात्रि विशेष महत्व रखती है। इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी 2026, रविवार को धूमधाम से मनाया जाएगा।

मान्यता है कि इसी रात भगवान शिव ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे और इसी दिन महादेव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। भक्तों के लिए इस दिन चार प्रहर की पूजा का विधान है, जो शिव की कृपा प्राप्त करने में सहायक होती है।

महाशिवरात्रि 2026 का समय: महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा:

  • पहला प्रहर: शाम 06:01 से रात 09:09 बजे तक
  • दूसरा प्रहर: रात 09:09 से 16 फरवरी 2026 को 00:17 बजे तक
  • तीसरा प्रहर: 16 फरवरी 2026 को सुबह 00:17 से 03:25 बजे तक
  • चौथा प्रहर: 16 फरवरी 2026 को सुबह 03:25 से 06:33 बजे तक

निशीथ काल की पूजा का समय: रात 11:52 से अगले दिन 16 फरवरी 2026 को सुबह 12:42 बजे तक

  1. महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए, इस दिन आपको पवित्रता से रहकर नजदीकी शिवालय में जाकर शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करना चाहिए। यह उपाय भोग और मोक्ष दोनों दिलाने में सहायक है।
  2. पूजा करने वाले भक्तों को सफेद कपड़े पहनकर भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए। बिना सिले हुए सफेद कपड़े जैसे सफेद धोती पहनकर रुद्राभिषेक करना चाहिए।
  3. हिंदू मान्यता के अनुसार, महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को दूध अर्पित करने से वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं। यदि संभव हो, तो इस दिन गाय के दूध से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए।

बांग्लादेश चुनाव में BNP की जीत: क्या है तारिक रहमान की रणनीति?

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बांग्लादेश की 13वीं संसदीय चुनाव में BNP की जीत

बांग्लादेश में हाल ही में हुए 13वें संसदीय चुनाव में तारिक रहमान की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने शानदार जीत हासिल की है। इस चुनाव ने न केवल देश के आंतरिक मुद्दों को उजागर किया, बल्कि भारतीय राजनीतिक रणनीतियों के प्रभाव को भी दर्शाया।

BNP ने 212 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत प्राप्त किया, जबकि जमात-ए-इस्लामी गठबंधन को 77 सीटें मिलीं। यह चुनाव 2024 के छात्र आंदोलन के बाद का पहला बड़ा चुनाव था, जिसमें BNP ने युवाओं को ध्यान में रखते हुए प्रभावी प्रचार किया।

भारतीय राजनीतिक अभियानों का प्रभाव

BNP की चुनावी रणनीति में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के सफल अभियानों की झलक साफ नजर आई। पार्टी ने भारतीय सोशल मीडिया ट्रेंड्स और जमीनी गतिविधियों का गहन अध्ययन कर अपनी रणनीति बनाई, जिससे तारिक रहमान को बाहरी और अनुभवहीन नेता के आरोपों से उबरने में मदद मिली।

चाय पर चर्चा से चायेर अड्डा तक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 के चाय पर चर्चा अभियान की तर्ज पर BNP ने बांग्लादेश में चायेर अड्डा का आयोजन किया। यह पहल तारिक रहमान की बेटी जैमा रहमान द्वारा शुरू की गई थी। इस कार्यक्रम में युवाओं के साथ अनौपचारिक चाय पर बातचीत की गई, जहां मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। भारत में यह अभियान मणिशंकर अय्यर की चायवाला टिप्पणी के जवाब में शुरू हुआ था और बांग्लादेश में भी इसने तारिक रहमान को युवा वोटरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सहज नेता की छवि

BNP ने तारिक रहमान को एक सहज और अनौपचारिक नेता के रूप में प्रस्तुत किया। पार्टी ने ‘मुझे सर नहीं, भाई कहो’ का नारा अपनाया, जो भारत में राहुल गांधी द्वारा छात्रों के साथ बातचीत के दौरान अपनाए गए दृष्टिकोण से मिलता-जुलता था। इसका उद्देश्य 4 करोड़ से अधिक पहली बार वोट देने वाले युवाओं से भावनात्मक जुड़ाव बनाना था।

युवाओं को लुभाने की रणनीति

युवा वोटरों को आकर्षित करने के लिए BNP ने रील-मेकिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। उभरते YouTubers और कंटेंट क्रिएटर्स को पार्टी के विचारों पर रील बनाने के लिए आमंत्रित किया गया। विजेताओं को पुरस्कार दिए गए और उनकी रीलों को BNP के आधिकारिक हैंडल से साझा किया गया। यह रणनीति सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और युवाओं में पार्टी की पहुंच बढ़ाई।

तारिक रहमान की चुनौतियाँ

तारिक रहमान के सामने चुनौतियाँ खत्म नहीं हुई हैं। जमात-ए-इस्लामी के मजबूत प्रदर्शन (77 सीटें) और चुनाव में धांधली के आरोपों ने स्थिति को जटिल बना दिया है। इन सबके बीच रहमान के पोस्टरों पर टैगलाइन ‘आई हैव अ प्लान’ छपी थी, जो बराक ओबामा के ‘यस, वी कैन’ अभियान की याद दिलाती है। यह चुनाव दर्शाता है कि आधुनिक राजनीतिक रणनीतियाँ अब भौगोलिक सीमाओं से परे फैल रही हैं।

ओवैसी ने तेलंगाना चुनावों पर भाजपा को घेरा, हिजाब और बाबरी मस्जिद पर दी अपनी राय…

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तेलंगाना में हाल ही में संपन्न नगरपालिका चुनावों ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस संदर्भ में एआईएमआईएम के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा कि यह वफादारी का परीक्षण नहीं होना चाहिए। ओवैसी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत का संविधान ‘हम भारत के लोग’ से शुरू होता है, न कि ‘भारत माता की जय’ से।

भाजपा पर ओवैसी का हमला

ओवैसी ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान भाजपा के नेता हर पांच मिनट में उनका नाम लेते थे, जिससे ऐसा प्रतीत होता था कि वे उन्हें पसंद करते हैं। इसके अलावा, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग पर भी ओवैसी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हो सकता है, तो नाथूराम गोडसे को भी भारत रत्न दिया जा सकता है। ओवैसी ने बताया कि उनकी पार्टी तेलंगाना में एक संरचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभा रही है, जबकि सरकार तब लाभान्वित होती है जब संसद का काम बाधित होता है।

हिजाब पर ओवैसी का दृष्टिकोण

हिजाब के मुद्दे पर ओवैसी ने कहा कि वे देश की विविधता और समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका सपना है कि एक हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री बने।

योगी आदित्यनाथ के बयान पर ओवैसी की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर ओवैसी ने कहा कि कम से कम उन्होंने उर्दू का शब्द इस्तेमाल किया, जबकि हिंदी में ऐसा कोई शब्द नहीं है।

बाबरी मस्जिद पर ओवैसी की राय

बाबरी मस्जिद के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ओवैसी ने कहा कि वे अब भी इसे गलत मानते हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के एक वीडियो पर उन्होंने कहा कि यह वीडियो जातिगत भेदभाव और हिंसा को भड़काने वाला था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह वीडियो ओवैसी ने बनाया होता, तो क्या प्रतिक्रिया होती।

भारत-पाकिस्तान टी20 विश्व कप 2026: मैच से पहले बढ़ते हवाई किराए और होटल बुकिंग…

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भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप 2026 का मुकाबला

15 फरवरी को आर. प्रेमदासा स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला टी20 विश्व कप 2026 का मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है।

इस मैच का इंतजार सभी को बेसब्री से है, क्योंकि यह केवल एक खेल नहीं, बल्कि आईसीसी के लिए एक बड़ा आर्थिक अवसर भी है। भारत-पाकिस्तान के मैच का उत्साह अद्वितीय होता है।

विज्ञापन बाजार में उछाल

कोलंबो में होने वाले इस मैच से पहले विज्ञापन बाजार में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। कंपनियां इस मैच की लोकप्रियता का लाभ उठाने के लिए विज्ञापन स्लॉट्स पर भारी निवेश कर रही हैं। इसके साथ ही, कोलंबो में होटल और फ्लाइट की कीमतों में भी वृद्धि हुई है।

हवाई किराए में वृद्धि

आसमान छूते हवाई किराए

भारत-पाकिस्तान का मैच केवल एक खेल नहीं है, बल्कि यह क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक जुनून बन चुका है। जो लोग इसे लाइव देखना चाहते हैं, वे इसके लिए किसी भी कीमत पर तैयार हैं। दिल्ली से कोलंबो की फ्लाइट के किराए में भी अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।

आम दिनों में दिल्ली से कोलंबो का हवाई किराया लगभग 16,000-17,000 रुपये होता है, लेकिन अब इकोनॉमी क्लास का किराया 1,10,000 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, बिजनेस क्लास का किराया 2,00,000 रुपये तक पहुंच गया है।

होटल बुकिंग की स्थिति

हाउसफुल की स्थिति

केवल फ्लाइट्स ही नहीं, कोलंबो में होटल के कमरों की भी हाउसफुल स्थिति बन गई है। मैच से पहले लगभग 3,500-4,000 होटल के कमरे पहले से ही बुक हो चुके हैं। Airbnb पर उपलब्ध कमरे और छोटे गेस्ट हाउस भी तेजी से बुक हो रहे हैं। भारत-पाकिस्तान मैच का प्रभाव पूरे कोलंबो में महसूस किया जा रहा है।

विज्ञापन बाजार में प्रतिस्पर्धा

सोने के भाव बिक रहा 10 सेकंड का एड

भारत-पाकिस्तान का मुकाबला केवल मैदान पर ही नहीं, बल्कि विज्ञापन बाजार में भी रिकॉर्ड तोड़ रहा है। कंपनियों के बीच इस हाई-वोल्टेज मैच को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है, जिससे 10 सेकंड का टीवी विज्ञापन स्लॉट 30 से 40 लाख रुपये तक पहुंच गया है। आमतौर पर बड़े वर्ल्ड कप मैचों में यह कीमत 20 से 25 लाख रुपये के बीच होती है।

आखिरी समय में स्लॉट्स की कीमतों में 20 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। अनुमान है कि ब्रॉडकास्टर जियोस्टार को पूरे टूर्नामेंट से लगभग 2000 करोड़ रुपये तक की विज्ञापन आय हो सकती है।

कांग्रेस ने पीएम मोदी पर साधा निशाना: मणिपुर जाने की दी चुनौती…

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प्रधानमंत्री मोदी पर कांग्रेस का हमला

असम के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस ने तीखा हमला किया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक व्यंग्यात्मक पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री से हिंसा प्रभावित मणिपुर जाने का आग्रह किया है।

खेड़ा का व्यंग्य

खेड़ा ने अपने पोस्ट में लिखा कि चुनावी राज्यों को हमेशा प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन मणिपुर को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह राज्य 2023 से जल रहा है और अब फिर से संकट में है। उन्होंने यह भी कहा कि असम से मणिपुर की दूरी केवल एक घंटे की है, इसलिए प्रधानमंत्री को वहां भी जाना चाहिए। उनकी उपस्थिति मणिपुर के निवासियों को आश्वस्त कर सकती है।

खेड़ा का पीएम मोदी को प्रस्ताव

खेड़ा ने एक फ्लाइट टिकट की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि उनकी सुविधा के लिए गुवाहाटी से इम्फाल का टिकट बुक कर दिया गया है। उन्हें केवल विमान में सवार होना है। चूंकि उनके पास प्रधानमंत्री का नंबर नहीं था, इसलिए उन्होंने टिकट यहीं साझा किया। उन्होंने केंद्र के ‘PM CARES’ फंड पर कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को वहां जाकर दिखाना चाहिए कि वह मणिपुर की परवाह करते हैं और वहां कुछ करना चाहते हैं।

सोशल मीडिया पर बहस

इस अनोखे राजनीतिक विरोध ने सोशल मीडिया पर बहस को जन्म दिया है। कांग्रेस समर्थक इसे मणिपुर की अनदेखी का मुद्दा मान रहे हैं, जबकि आलोचक इसे राजनीतिक नौटंकी करार दे रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की असम यात्रा: नई परियोजनाओं का उद्घाटन…

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प्रधानमंत्री मोदी का असम दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। उनके आगमन पर राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “मां कामाख्या और महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव की पवित्र भूमि पर प्रधानमंत्री का हार्दिक स्वागत है। असम ऐतिहासिक परियोजनाओं के उद्घाटन का बेसब्री से इंतजार कर रहा है, जो राज्य की कनेक्टिविटी, तकनीक और विकास को बढ़ावा देंगे।”

सीएम सरमा ने कुछ तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें गुवाहाटी में बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु की तस्वीरें शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। वे सुबह लगभग 10:30 बजे डिब्रूगढ़ के मोरान बाईपास पर आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) पर उतरेंगे, जहां वे फाइटर, ट्रांसपोर्ट और हेलीकॉप्टर का हवाई प्रदर्शन देखेंगे।

आपातकालीन लैंडिंग सुविधा पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की पहली सुविधा है, जिसे भारतीय वायुसेना के सहयोग से विशेष रूप से आपात स्थितियों में सैन्य और नागरिक विमानों के लिए तैयार किया गया है। यह प्राकृतिक आपदाओं या अन्य आवश्यकताओं के दौरान त्वरित राहत कार्यों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

इसके बाद, पीएम मोदी दोपहर लगभग 1 बजे गुवाहाटी पहुंचेंगे, जहां वे ब्रह्मपुत्र नदी पर लगभग 3,030 करोड़ रुपये की लागत से बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद, वे 5,450 करोड़ रुपये से अधिक की अन्य परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ करेंगे।

राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों में 9 लोगों की जान गई…

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सड़क दुर्घटनाओं में शामिल मृतक

राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हुए सड़क हादसों में 9 लोगों की जान चली गई है। इनमें से चार जवान 201 कोबरा बटालियन के हैं। जयपुर के चाकसू क्षेत्र में कोटा-जयपुर नेशनल हाईवे (एनएच-52) पर एक कार सुबह एक ट्रेलर से टकरा गई।

इस दुर्घटना में पांच लोगों की मृत्यु हो गई, जिनमें एक महिला भी शामिल थी।

जबलपुर के निवासी थे मृतक

सभी मृतक मध्य प्रदेश के जबलपुर के निवासी थे और महाकाल के दर्शन के बाद खाटू श्याम जा रहे थे। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कार चालक को झपकी आ गई थी, जिससे कार ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी भयंकर थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग फंस गए।

महिला सहित चार की मौके पर ही मौत

इस हादसे में महिला समेत चार लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति ने अस्पताल जाते समय दम तोड़ दिया। चाकसू थाना के एसएचओ मनोहर लाल मेघवाल ने बताया कि यह घटना सुबह लगभग 5:30 बजे हुई।

छत्तीसगढ़ में भी हुआ एक और हादसा

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में भी एक सड़क दुर्घटना हुई, जहां एक कार ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में 201 कोबरा बटालियन के चार जवानों की जान चली गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शवों को बाहर निकाला और घायल को अस्पताल भेजा।

मृतकों की पहचान

मृतकों में सौरभ तोमर, हीरा लाल नागर, मुकेश कुमार और राजकुमार गोंड शामिल हैं। सभी की मौके पर ही मृत्यु हो गई। गंभीर रूप से घायल अभियान राय को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, जवान जगदलपुर से रायपुर की ओर जा रहे थे जब उनकी कार सड़क किनारे खड़ी ट्रक से टकरा गई।

तेलंगाना के म्युनिसिपल चुनावों में कांग्रेस की जीत, राहुल गांधी ने दी प्रतिक्रिया…

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तेलंगाना म्युनिसिपल चुनाव परिणाम 2026

तेलंगाना के म्युनिसिपल चुनावों में कांग्रेस ने प्रमुखता हासिल की है, जबकि बीआरएस दूसरे स्थान पर रही और भाजपा को संघर्ष का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

उन्होंने शनिवार को कहा कि यह जीत कांग्रेस की नीतियों का स्पष्ट समर्थन है।

राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “तेलंगाना के स्थानीय निकाय चुनावों में जीत कांग्रेस सरकार की लोगों को प्राथमिकता देने वाली नीतियों का स्पष्ट समर्थन है, जो सामाजिक न्याय, सम्मान और समावेशी विकास पर आधारित हैं। मैं हर कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता का दिल से धन्यवाद करता हूँ। यह जीत आपकी और तेलंगाना के लोगों की है। प्रजाला तेलंगाना का हमारा विज़न – जहाँ हर परिवार को तरक्की मिले – अटल है।”

जानकारी के अनुसार, तेलंगाना के म्युनिसिपल चुनावों में कांग्रेस ने 116 म्युनिसिपैलिटी में फैले 2,582 वार्ड में से 1,347 वार्ड जीते हैं। भारत राष्ट्र समिति 714 वार्ड के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने 261 वार्ड जीते। शेष 256 वार्ड अन्य पार्टियों और स्वतंत्र उम्मीदवारों ने जीते।

प्रियदर्शन ने राजपाल यादव की मदद के लिए बढ़ाया हाथ, फिल्म में देंगे अतिरिक्त फीस…

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प्रियदर्शन का समर्थन

मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव के कठिन समय में निर्देशक प्रियदर्शन ने उनका साथ दिया है। चेक बाउंस मामले में जेल में बंद राजपाल को प्रियदर्शन ने अपनी आगामी फिल्म में उनकी सामान्य फीस से अधिक भुगतान करने का निर्णय लिया है।

यह सहायता राजपाल की वित्तीय समस्याओं को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।

राजपाल यादव की कानूनी परेशानियाँ

राजपाल यादव वर्तमान में दिल्ली के तिहाड़ जेल में हैं। यह मामला 2010 का है, जब उन्होंने अपनी निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए एक कंपनी से 5 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। फिल्म की असफलता के कारण वह ऋण चुकाने में असमर्थ रहे। बाद में दिए गए चेक बाउंस हो गए, और अब ब्याज और पेनल्टी के साथ बकाया राशि लगभग 9 करोड़ रुपये हो गई है।

अभी तक जमा की गई राशि

हाल ही में कोर्ट ने उन्हें 6 महीने की सजा सुनाई है, जिसके बाद उन्होंने आत्मसमर्पण किया। उनके वकील के अनुसार, राजपाल ने अब तक 2.5 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं और और पैसे देने के लिए तैयार हैं, लेकिन कोर्ट ने उनकी बेल याचिका पर निर्णय स्थगित कर दिया है।

बॉलीवुड के सितारों का सहयोग

राजपाल के कई दोस्तों ने भी उनकी मदद की है। सलमान खान, अजय देवगन, सोनू सूद, और वरुण धवन जैसे सितारों ने आर्थिक सहायता प्रदान की है। प्रियदर्शन ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘मैं राजपाल को 20 साल से अधिक समय से जानता हूं। मैंने उन्हें पहली बार ‘जंगल’ (2000) में देखा था और उनकी एक्टिंग से प्रभावित हुआ। मेरी पहली फिल्म उनके साथ ‘मलामाल वीकली’ (2006) थी।’

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं उनकी समस्या से अवगत था, इसलिए उन्हें हर फिल्म में साइन करता रहा। मेरी अगली फिल्म में राजपाल विलेन का किरदार निभा रहे हैं। मैंने प्रोड्यूसर्स से कहा कि उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें उनकी मांग से अधिक भुगतान करें। प्रोड्यूसर्स ने सहमति दे दी है।’

किसानों की चिंताओं पर राहुल गांधी की बैठक: भाजपा ने उठाए सवाल…

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सियासी हलचल के बीच किसानों से मुलाकात

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद कार्यालय में किसानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, जिससे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया।

इस बैठक पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी ने इसे ‘सुनियोजित’ करार देते हुए राहुल गांधी पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि किसानों की चिंताओं को सुनना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

किसान संगठनों की चिंताएं

17 किसान संगठनों ने जताई आशंका

सूत्रों के अनुसार, देशभर के 17 प्रमुख किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस बैठक में भाग लिया। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि प्रस्तावित व्यापार ढांचा मक्का, सोयाबीन, कपास, फल और मेवे की खेती करने वाले किसानों को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।

किसान नेताओं ने इस समझौते के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे किसानों की आय पर दबाव पड़ सकता है और कृषि क्षेत्र के सुरक्षा प्रावधान कमजोर हो सकते हैं।

भाजपा की प्रतिक्रिया

भाजपा ने बैठक को बताया ‘राजनीतिक’

भाजपा ने X पर साझा किए गए एक पोस्ट में बैठक की तस्वीरें जारी करते हुए दावा किया कि उपस्थित कई लोग हरियाणा और पंजाब में कांग्रेस के सहयोगी दलों से जुड़े हैं।

पार्टी ने लिखा, “राहुल गांधी का एक और झूठ देश के सामने बेनकाब हो गया। जिसे किसानों के साथ बैठक बताया जा रहा था, वह वास्तव में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सभा थी। राहुल गांधी ने इस देश की लगभग हर संस्था और समुदाय का राजनीतिकरण और अपमान किया है, और अब वे किसानों को भी नहीं छोड़ रहे हैं।”

पोस्ट में आगे कहा गया, “प्रस्तुत राजनीति वास्तविक नेतृत्व का स्थान नहीं ले सकती। देश ईमानदारी का हकदार है, न कि कांग्रेस के मनगढ़ंत बयानों और राजनीतिक हथकंडों का।”

केंद्रीय मंत्री की प्रतिक्रिया

पीयूष गोयल ने आरोपों को बताया ‘फर्जी’

बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी के आरोपों को “फर्जी” और “मनगढ़ंत” करार दिया।

वीडियो बयान में उन्होंने कहा कि यह बैठक पार्टी कार्यकर्ताओं को किसान नेताओं के रूप में पेश कर एक कृत्रिम कथा गढ़ने की कोशिश थी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने व्यापार समझौते में किसानों के हितों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का उद्देश्य

क्या है भारत-अमेरिका व्यापार समझौता?

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते का मुख्य उद्देश्य टैरिफ बाधाओं को कम करना है, साथ ही भारत की कृषि संबंधी संवेदनाओं और अमेरिका की अधिक बाजार पहुंच की मांग के बीच संतुलन बनाना है।

समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर पारस्परिक शुल्क को 50 प्रतिशत तक के उच्च स्तर से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई है। इससे कपड़ा, चमड़ा, जूते और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

सरकार का दावा है कि भारतीय कृषि उत्पादों का 90 से 95 प्रतिशत हिस्सा इस समझौते से बाहर रखा गया है, जिससे किसानों के हित सुरक्षित रहेंगे और निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा।