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मोदी की मुद्रा योजना में हुआ एक साल में हुआ 9,204.14 करोड़ का एनपीए : RTI

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के तहत एनपीए एक वर्ष के भीतर दोगुना हो गया. मुद्रा योजना के तहत जारी सार्वजनिक क्षेत्र के एनपीए में एक वर्ष में 9,204.14 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है. मार्च 2018 में 7,277.31 करोड़ रुपये से बढ़कर मार्च 2019 में यह 16,481.45 करोड़ रुपये हो गया है. 12 फरवरी को दिए गए राज्यसभा के लिखित जवाब में, वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने लिखा कि 31 मार्च, 2018 तक, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा PMMY के तहत आयोजित एनपीए का कुल मूल्य 7,273.31 करोड़ रुपये था.

न्यूज़ वेबसाइट द वायर द्वारा दायर आरटीआई से पता चलता है कि 31 मार्च, 2019 तक, माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी लिमिटेड (MUDRA) के तहत जारी ऋणों से एनपीए का कुल मूल्य 16,481.45 करोड़ रुपये था. इसका मतलब यह है कि मुद्रा योजना के तहत जारी सार्वजनिक क्षेत्र के एनपीए में सिर्फ एक साल में 9,204.14 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है.

मुद्रा योजना के तहत, 30.57 लाख खातों को एनपीए घोषित किया गया है. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च 2018 तक एनपीए खातों की संख्या 17.99 लाख थी. सिर्फ एक साल में एनपीए खातों की संख्या में 12.58 लाख की वृद्धि हुई है. हालांकि मुद्रा योजना के तहत जारी सभी ऋणों के कुल मूल्य की तुलना में एनपीए का मूल्य बहुत अधिक नहीं है, फिर भी यह लगातार बढ़ रहा है.

13 जनवरी को प्रकाशित एक आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त मंत्रालय को चेतावनी दी थी कि मुद्रा योजना एनपीए में एक प्रमुख योगदानकर्ता बन सकती है. आरटीआई से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल 2018 और 31 मार्च 2019 के बीच कुल 3.11 लाख करोड़ रुपये के ऋण जारी किए गए. इसका मतलब है कि सभी ऋणों के कुल मूल्य का एनपीए का मूल्य 2.89% है.

इंडोनेशिया में 7.3 की तीव्रता का भूकम्प, सुनामी का खतरा नहीं

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पूर्वी इंडोनेशिया में सोमवार को 7.3 की तीव्रता के भूकम्प के झटके महसूस किए गए।

अमेरिकी भूकम्प वैज्ञानिकों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि सुनामी आने की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

‘अमेरिका जियोलॉजिकल सर्वे’ के अनुसार भूकम्प अम्बोन द्वीप के दक्षिण में 208 किलोमीटर की गहराई पर स्थानीय समयानुसार 11 बजकर 53 मिनट पर आया।

‘प्रशांत सुनामी चेतावनी केन्द्र’ ने कहा कि सूनामी का कोई खतरा नहीं है क्योंकि भूकम्प का केन्द्र काफी गहराई पर था।

एम्स खोजेगा बिहार के चमकी बुखार का इलाज, बीमारी के सटीक कारणों का लग जाएगा पता

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बिहार में चमकी बुखार का प्रकोप कहा जा रहा है, उससे अबतक मुजफ्फरपुर में 146 बच्चों की मौत हो चुकी है। एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) यानी चमकी बुखार का कोई इलाज अबतक नहीं है। लेकिन अब दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानि एम्स (एम्स) इस बीमारी (सिंड्रोम) के पीछे के वास्तविक कारणों पर अध्ययन करने जा रहा है। आपको बता दें चमकी बुखार अबतक मअज्ञात श्रेणीफ के तहत सूचीबद्ध है।

एम्स में शुरू होेगा रिसर्च

अगले महीने एम्स में शुरू होने वाली इस रिसर्च को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (आईआईएफसीएल) ने सीएसआर गतिविधि के हिस्से के रूप में वित्त पोषित किया है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एंड एईएसवांस्ड रिसर्च फॉर चाइल्डहुड न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर, एम्स, इन तीव्र और उप-तीव्र एईएस सिंड्रोम के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए रिसर्च की देखरेख करेगा। इस अध्ययन में क्रोनिक एन्सेफलाइटिस/ एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम जो 1 महीने से 18 साल की उम्र तक के बच्चों को प्रभावित करता है, उसपर ध्यान केंद्रित होगा।

इस बीमारी की वजह से वहां मृत्यु दर बढ़ती जा रही 
 एम्स के पीडियाट्रिक्स विभाग की प्रमुख प्रोफेसर शेफाली गुलाटी ने कहा, महमें एईएस(एईएस) के मामलों का इलाज बीमारी के बाद करना होगा, हर साल इस बीमारी की वजह से वहां मृत्यु दर बढ़ती जा रही है। यह अध्ययन हमें इस बीमारी के पीछे के सटीक कारण जानने में मदद करेगा।फ उन्होंने कहा,फ अध्ययन महत्वपूर्ण है क्योंकि एईएस के साथ एम्स आने वाले मरीज न केवल दिल्ली या बिहार से हैं, बल्कि सार्क क्षेत्र भी शामिल है। इस रिसर्च में, डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया, दाद, जापानी बी एन्सेफलाइटिस, मेनिन्जाइटिस, ई कोलाई, एच इन्फ्लूएंजा, निमोनिया जैसे वायरस का अध्ययन किया जाएगा।

लीची के कारण मौतें 
उन्होंने कहा, एईएस के मामलों को लीची से जोड़ा जा सकता है, एईएस के कारण जो बच्चे प्रभावित हो रहे हैं, वे ज्यादातर कुपोषित हैं। लीची बीनने वाले बच्चे खेत में जाते हैं और बिना पके फल खाते हैं। बिना पकी लीची में ऐसे टॉक्सिन होते हैं, जो ब्लड शुगर को बहुत कम कर सकते हैं। उनमें ग्लाइकोजन रिजर्व नहीं होता है। गर्म मौसम से लीची में पानी की कमी हो जाती है।फ

अब तक नहीं खोजा जा सका है इलाज 
बिहार में इस साल एईएस के कारण अबतक 146 बच्चों की मौत हो चुकी है, जो 1993 के बाद सबसे ज्यादा है।
यह दुर्भाग्य है कि तमाम कोशिशों और रिसर्च के बाद भी ऐसी कोई दवाई नहीं बनाई जा सकी जिससे पीड़ित रोगियों का इलाज हो सके। यहां तक कि अभी तक इस बीमारी के पीछे के वायरस की भी पहचान नहीं हो सकी है। बिहार के मुजफ्फरपुर और उसके आसपास के इलाकों में मई महीने में यह बीमारी बच्चों में हर साल हो जाती है। यह मई से शुरू होकर जुलाई के महीने तक चलती है। उसके बाद यह अपने आप खत्म हो जाती है। बरसात के बाद अचानक यह बीमारी कैसे खत्म हो जाती है ? इसको लेकर भी सवाल है। वैज्ञानिकों ने एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम पर काफी रिसर्च किया लेकिन जो कुछ भी नतीजे सामने आए हैं, वो कुछ नहीं बता पा रहे हैं।

चोरी का आरोप लगाकर भीड़ ने कर दी युवक की जमकर पिटाई, इलाज के दौरान मौत

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झारखंड के सरायकेला खरसावां में मॉब लिंचिंग का मामला सामने आया है. जहां भीड़ ने एक युवक पर चोरी का आरोप लगाकर जमकर पिटाई कर दी. उसके बाद इलाज के दौरान युवक की अस्पताल में मौत हो गई. खबरों के मुताबिक, धातकीडीह में बाइक चोर होने के शक में शम्स तबरेज नाम के एक युवक को भीड़ ने बुरी तरह से पीटा. जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. उसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया. बाद में इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई.

बताया जा रहा है कि पिटाई होने के बाद भी पुलिस ने युवक को कैद में रखा था. लेकिन जब रविवार को उसकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई तब पुलिस उसे लेकर सदर अस्पताल पहुंची. जहां से डॉक्टर्स ने उसे जमशेदपुर के टाटा मेन हॉस्पिटल रेफर कर दिया. जब युवक को टाटा अस्पताल लाया गया तो डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना पाकर मृतक के परिजन भी पहुंच गए. उन्होंने पुलिस, जेल और अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाए हैं.

युवक के एक रिश्तेदार के मुताबिक उसकी हत्या कथित चोरी की वजह से नहीं बल्कि सांप्रदायिक कारणों से हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि उसे जय श्रीराम और जय हनुमान जैसे नारे लगाने को मजबूर किया गया. उन्होंने कहा, ”उन्होंने उसकी पिटाई की और बाद में उसे पुलिस को दे दिया. उन्हें चोरी का संदेह था लेकिन यह एक सांप्रदायिक हमला था. उसे इसलिए पीटा गया क्योंकि उसका मुस्लिम नाम था. उन्होंने उससे बार-बार ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ का नारा लगवाया. दोषियों को गिरफ्तार किया जाए.”

बताया जा रहा है कि ये घटना इसी महीने की 18 तारीख की है. इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है. जिसमें एक शख्स तबरेज को डंडे से मारता दिखाई दे रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भीड़ ने उसकी जमकर पिटाई की और 18 जून को उसे पुलिस को सौंप दिया गया. उसके बाद शनिवार को उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां उसकी मौत हो गई.

दिमागी बुखार पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई, अलर्ट पर मध्यप्रदेश

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उच्चतम न्यायालय सोमवार को एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) पर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा। अदालत में दो वकीलों ने याचिका दाखिल की है। इसके कारण अभी तक बिहार के मुजफ्फरपुर में 130 बच्चों की मौत हो चुकी है। वहीं पूरे बिहार में मरने वालों की संख्या 152 हो चुकी है।

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वहीं एईएस के कारण मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य अधिकारी भी अलर्ट पर हैं। रविवार को आठ साल के एक बच्चे की मौत हो गई। निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे बताया कि उसका बच्चा एईएस से पीड़ित था। बच्चे के पिता इब्राहिम खान ने कहा, ‘खाटेगांव में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने मुझे हताया कि मेरा बेटा दिमागी बुखार से पीड़ित था। मैं उसे निजी अस्पताल लेकर गया जहां डॉक्टरों ने कहा कि वह एईएस से पीड़ित हो सकता है। मैंने उसे एमवाई अस्पताल में भर्ती कराया जहां रविवार को उसकी मौत हो गई।’

हालांकि एमवाई अस्पताल के डॉक्टरों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि बच्चा एईएस से पाड़ित था या नहीं। वह उसकी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चा वायरल बुखार से पीड़ित था लेकिन कुपोषित नहीं था जो एईएस का मुख्य कारण है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि बच्चे के खून के नूमनों को पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वीरोलॉजी भेजा गया है ताकि पता चल सके कि वह एईएस से पीड़ित था या नहीं। बच्चे के गांव में स्वास्थ्य विभाग की एक टीम भेजी गई है।

जापान में एक कीड़े के कारण लेट हो गए 12 हजार यात्री, जानिए ऐसा क्या हुआ

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 जापान एक ऐसा देश है जिसके लिए कहा जाता है कि तकनीक पर टाइम मैनेजमेंट के साथ काम करना कोई इनसे सीखे। लेकिन इसी जापान में बीते रविवार को एक साथ 26 ट्रेनें लेट हो गईं। कमाल की बात ये है कि इस देरी का कारण सिर्फ एक मामूली कीड़ा था।

कीड़े के कारण कैसे लेट हुईं 26 ट्रेनें

न्यूज एजेंसी एएफपी की खबर के अनुसार दक्षिण जापान में रेल सेवा का प्रबंधन करने वाली कंपनी कयीशू रेलवे कंपनी के अधिकारियों ने बताया है कि दरअसल बिजली की सप्लाई फेल हो जाने के चलते ये सब हुआ है। असल में एक कीड़ा जिसे स्लग कहते हैं उसकी वजह से अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया जिसके चलते बिजली का कनैक्शन कट गया।

12 हजार लोगों को हुई घंटों की देरी

इस शॉर्ट सर्किट के चलते बिजली के कनैक्शन में जो बाधा पहुंची उससे 12 हजार लोगों को अपनी मंजिल पर पहुंचने में घंटों की देरी होगी। इनमें से अधिकतर को दफ्तर जाने में देरी हुई। जापान जैसे देश के लिए ये घटना बिल्कुल अनोखी है क्योंकि यहां पर कामकाज बेहतर टाइम मैनजमेंट के साथ किए जाने को लेकर प्रसिद्ध है।

कीड़े ने इलेक्ट्रिक डिवाइसेज को पहुंचाया नुकसान

कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि कीड़े (स्लग) ने रेल की पटरियों के पास स्थापित इलेक्ट्रिक डिवाइसेज को नुकसान पहुंचाया जिसके चलते लोगों को ये बड़ी परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं कंपनी ने जल्दी दिक्कत को जानकर बग को हटाया और पुन: सेवा शुरू की। कंपनी ने इस पूरी देरी के लिए एक लापरवाह और कामचोर कर्माचारी को जिम्मेदार ठहराया है। कंपनी ने सतर्कता दिखाते हुए बाकी के डिवाइसेज को भी चेक कर लिया है ताकि आगे से कोई और कीड़ा ट्रेन की सेवाओं को रोक न सके।

भारतीय जर्सी पहनकर पाकिस्तान को सपोर्ट करने पहुंचा ये शख्स, वायरल हुई तस्वीर

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पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने यहां लॉर्डस स्टेडियम में रविवार को खेले गए विश्व कप-2019 के मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण अफ्रीका को 49 रनों से हराया। टूर्नामेंट में यह पाकिस्तान की दूसरी जीत है। इससे पहले, पाकिस्तान ने इंग्लैंड को मात दी थी। लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका निर्धारित 50 ओवर में नौ विकेट पर 259 रन ही बना सकी। दक्षिण अफ्रीका के लिए सबसे अधिक रन कप्तान फाफ डु प्लेसिस (63) ने बनाए। इसके अलावा, क्विंटन डी कॉक ने 47 रनों का योगदान दिया। आंदिले फेहुलक्वायो 46 रन बनाकर नाबाद रहे। पाकिस्तान की ओर से शादाब खान और वहाब रियाज ने तीन-तीन विकेट लिए। मोहम्मद आमिर को दो और शाहीन अफरीदी को एक विकेट मिला।

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इस मैच से पहले पाकिस्तान फैन टीम की काफी आलोचना कर रहे थे क्योंकि उनकी टीम चिरप्रतिद्वंदी भारत से जो हारी थी। उस हार के बाद फैन्स ने सोशल मीडिया पर अपनी टीम को जमकर खरी खोटी सुनाई, लेकिन इसके बावजूद साउथ अफ्रीका के मैच में टीम के सपोर्ट में कोई कमी नहीं दिखी और फैन्स ने एक बार फिर मैदान में आकर अपनी टीम को सपोर्ट किया।

पाकिस्तान फैन के अलावा एक भारतीय फैन भी पाकिस्तान की टीम को सपोर्ट करने मैदान पर पहुंचा। जी हां, सही पढ़ा। क्रिकेट वर्ल्ड कप ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक तस्वीर शेयर की है जिसमें एक भारतीय फैन टीम इंडिया की जर्सी पहनकर पाकिस्तान को सपोर्ट करने मैदान पर पहुंचा। उसके हाथ में एक पोस्ट भी दिखा जिसमें लिखा था ‘पड़ोसी को सपोर्ट, कम ऑन पाकिस्तान।’

बीजेपी के इस बड़े नेता ने 18 साल छोटी लड़की से रचाई शादी, देखें तस्वीर

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गुजरात के बीजेपी नेता अपनी तीसरी शादी की वजह से इन दिनों सुर्खियों में हैं। बीजेपी के दाहोद जिला इकाई के अध्यक्ष शंकरभाई अमलियार अपने से 18 साल छोटी महिला मोर्चे की उपाध्यक्ष के साथ शादी के बाद चर्चा के केंद्र में आ गए हैं।

ये शंकरभाई की तीसरी शादी है। शंकरभाई की पहली शादी फतेपुरा के विधायक रमेश कटारा की बहन के साथ हुई थी। उनके चार बच्चे हैं।

शंकर की पहली पत्नी की मृत्यु 2010 में हुई। उसके बाद साल 2011 में शंकरभाई ने ज़लोडे के ज्योत्सनाबेन के साथ दूसर शादी की। लेकिन, दोनों के बीच रिश्ते सामान्य नहीं थे। घरेलू विवादों के कारण शंकरभाई और ज्योत्सनाबेन पिछले एक साल से अलग थे।

जिसके बाद उन्होंने 20 जून को अपने से 18 साल छोटी युवती जल्पाबेन के शादी कर ली। बताया जा रहा है कि जल्पाबेन भी भाजपा कार्यकर्ता हैं।

वह पिछले कुछ सालों से राजनीति में सक्रिय हैं। वर्तमान में जल्पाबेन जिला महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष हैं। जल्पाबेन दाहोद से ही एमएससी कर रही हैं।

योग दिवस पर विवादित ट्वीट से बढ़ सकती है राहुल गांधी की मुश्किल

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 21 जून को योग दिवस मनाए जाने पर एक ट्वीट किया था जिस पर काफी विवाद हुआ था. अब उस मामले में मुंबई के एक वकील ने राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. वकील अटल दुबे ने सुरक्षाकर्मियों से भी कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ धारा 505(2) के तहत मामला दर्ज कराने को कहा है. वकील का आरोप है कि राहुल गांधी भारतीय सेना की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं.

असल में, 21 जून को राहुल गांधी ने सेना के जवानों और कुत्तों के जरिए योग करते हुए तस्वीरें ट्वीट की हैं. इस पर भारतीय जनता पार्टी हमलावर रही थी. राहुल गांधी के ट्वीट में दो फोटो हैं. दोनों ही फोटो में कुत्ते और सेना के जवान एक साथ योग कर रहे हैं. फोटो में दिख रहे कुत्ते सेना के ही हैं और 2 आर्मी डॉग यूनिट के हैं. राहुल ने इन तस्वीरों को ट्वीट करते हुए कैप्शन में ‘ ये है न्यू इंडिया’ लिखा है. वकील का आरोप है कि राहुल गांधी हमारी सेना के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का अनादर करने के इरादे से सार्वजनिक शरारत कर रहे हैं.

वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी की उनके उस ट्वीट के लिए निंदा की, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘न्यू इंडिया’ नारे का योग दिवस पर मजाक उड़ाया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष नकारात्मकता से भरे हैं और उन्होंने सशस्त्र बलों का अपमान किया.

शाह ने राहुल के ट्वीट के जवाब में ट्वीट किया, “कांग्रेस नकारात्मकता से भरी है. आज उनकी नकारात्मकता मध्य युगीन तीन तलाक की परंपरा के समर्थन में स्पष्ट रूप से दिखी. अब उन्होंने योग दिवस का मजाक उड़ाया और हमारे सशस्त्र बलों का अपमान किया. आशा करता हूं कि सकारात्मकता की भावना की जीत होगी. यह सबसे कड़ी चुनौतियों से उबरने में मददगार हो सकती है.”

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी राहुल के ट्वीट के लिए उनकी निंदा की. राजनाथ ने लिखा, राहुल गांधीजी ये भारतीय सेना के गौरवशाली सदस्य हैं और वे हमारे राष्ट्र की सुरक्षा में योगदान करते हैं. जब कोई बार-बार सशस्त्र बलों का अपमान करता रहता है तो उसके बारे में सिर्फ यही प्रार्थना की जा सकती है कि भगवान उसे सदबुद्धि दें. केंद्रीय खेल राज्यमंत्री किरेन रिजीजू ने भी राहुल गांधी की निंदा की.

उन्होंने ट्वीट किया, “मेरे पास इसकी निंदा करने के लिए शब्द नहीं हैं. मुझे भरोसा नहीं होता कि कोई हमारे सशस्त्र बलों का उपहास कर सकता है! लेकिन कांग्रेस पार्टी और टुकड़े-टुकड़े गैंग के लिए अपमान, गाली और हमारे सशस्त्र बलों पर सवाल उठाना कोई नया नहीं है.”

माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों को स्लैक के उपयोग से रोका

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माइक्रोसॉफ्ट ने कथित तौर पर सुरक्षा चिंताओं के कारण अपने कर्मचारियों को स्लैक के मुफ्त संस्करण के उपयोग से प्रतिबंधित कर दिया है। द वर्ज ने शनिवार को एक रपट में कहा कि माइक्रोसॉफ्ट के पास प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर और सेवाओं की सूची है, और यहां तक अमेजन वेब सर्विस (एडब्ल्यूएस) और गूगल डॉक्स कंपनी के अंदर ‘उपयोग के लिए हतोत्साहित’ हैं।

कंपनी के अनुसार, “स्लैक फ्री, स्लैक स्टैंडर्ड और स्लैक प्लस संस्करण माइक्रोसॉफ्ट बौद्धिक संपदा (आईपी) की सुरक्षा के लिए आवश्यक नियंत्रण प्रदान नहीं करते हैं।”

कंपनी ने कहा, “इसलिए यह सलाह दी जाती है कि कर्मचारियों को इसके बजाय आंतरिक रूप से विकसित सॉफ्टवेयर का उपयोग करना चाहिए।”

कंपनी ने आगे कहा कि इन समाधानों के मौजूदा यूजर्स को माइक्रोसॉफ्ट व्यवसाय से संबंधित चैट इतिहास और फाइलों को माइक्रोसॉफ्ट टीम में स्थानांतरित करना चाहिए, जो समान सुविधाएं और एकीकृत ऑफिस 365 एप्लिकेशन, कॉलिंग और मीटिंग कार्यक्षमता प्रदान करता है।