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राजमा खाने के भी होते हैं अपने फायदे

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राजमा लगभग हर भारतीय घर में बनने वाली एक आम सी डिश है, लेकिन इससे मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ उतने ही खास है। आमतौर पर लोग केवल स्वाद के लिए इसका सेवन करते हैं, पर इसके सेवन से स्वाद के साथ-साथ आपको कई तरह के पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइडेट, कैल्शियम, मैग्नीशियम आदि पाया जाता है। इतना ही नहीं, इसका सेवन करने से व्यक्ति कई तरह की गंभीर बीमारियों से स्वयं को बचा सकता है। तो चलिए जानते हैं राजमा खाने के कुछ लाजवाब फायदों के बारे में−

राजमा वजन कम करने में सहायक है। दरअसल, इसमें मौजूद फाइबर वजन कम करने में अहम हिस्सा निभाता है। इतना ही नहीं, इसके सेवन से कैलोरी भी कम मिलती है। इस प्रकार आप लिमिटेड कैलोरी में हेल्दी भोजन करते हैं और आपका वजन नियंत्रित होता है।

आज के समय में लोगों को कम उम्र में ही कई तरह की हद्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन राजमा का सेवन इन समस्याओं से दूर रखता है। इसमें पाया जाने वाला मैग्नीशियम बैड कोलेस्टॉल को नियंत्रित करता है और गुड कोलेस्टॉल को बढ़ाता है।

राजमा सिर्फ आपके दिल का ही ख्याल नहीं रखता, बल्कि यह दिमाग के लिए भी फायदेमदं है। इसमें कई तरह के विटामिन जैसे विटामिन के और विटामिन बी पाया जाता है, यह विटामिन्स मस्तिष्क की कोशिकाओं की कार्यप्रणाली को बेहतर तरीके से काम करने के लिए प्रेरित करते हैं। वहीं इसमें मौजूद थियामिन दिमागी कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ−साथ अल्जाइमर या डिमेंशिया जैसी मानसिक बीमारियों से भी व्यक्ति को दूर रखती है। इसके अतिरिक्त इसमें फोलेट और मैग्नीशियम भी होता है, जिसके कारण व्यक्ति को माइग्रेन जैसी मस्तिष्क की समस्या से भी आराम मिलता है।

मारुति का बड़ा ऑफर! अगले 1 महीने तक फ्री में कराएं कार सर्विस

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देश की सबसे बड़ी कार मेकर कंपनी मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने अपने ग्राहकों के लिए मानसून (Monsoon) सर्विस कैंप शुरू किया है. यह सर्विस कैंप 20 जून से शुरू होकर 20 जुलाई तक चलेगा. एक माह तक चलने वाले इस सर्विस कैंप में कॉम्प्लीमेंट्री व्हीकल हेल्थ चेकअप किया जाएगा.

यहां मिलेगी ये सुविधा

यह सर्विस कैंप मारुति सुजुकी के देशभर में स्थित सर्विस सेंटर (Nexa और Arena) पर मिलेगा. कंपनी की तरफ से इस तरह का हेल्थ चेकअप लगाए जाने की वजह मानसून सीजन में वाहन की कंडीशन को ठीक करना है, जिससे ग्राहक को मानसून सीजन में वाहन को लेकर किसी तरह की कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े. कंपनी ने पिछले साल भी इस तरह की मानसून सर्विस शुरू की थी.

फ्री में मिलेगी ये सर्विस
इसके तहत व्हीकल के ब्रेक, विंड स्क्रीन, वाइपरब्लेड, बैटरी, टायर, इलेक्ट्रिक सिस्टम की सर्विस फ्री की जाएगी. साथ ही इन एसेसरीज पर डिस्काउंट ऑफर भी दिया जाएगा.

तो अगर आपके पास मारूति की कार है और आप उसकी सर्विस करना चाहते हैं तो यह एकदम सही मौका है. बस अपने नजदीकी मारुति सर्विस सेंटर पर जाकर इस सर्विस कैंप का फायदा लें.

वर्ल्ड कप: इन चार टीमों का सेमीफाइनल में पहुंचना लगभग तय

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वर्ल्ड कप में आधे से ज्यादा लीग मैच हो गए हैं और अब धीरे-धीरे सेमीफाइनल को लेकर तस्वीर साफ होती जा रही है. खासकर बांग्लादेश के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की जीत के बाद कमजोर टीमें नॉक आउट रेस से बाहर होती दिख रही हैं. क्या हो सकती है सेमीफाइनल की लाइन अप? किन टीमों का आखिरी चार में पहुंचना लगभग तय है. आईए एक नजर डालते हैं…

1. ऑस्ट्रेलिया

6 मैचों में 5 जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया की टीम टॉप पर चल रही है. ऑस्ट्रेलिया के खाते में फिलहाल 10 अंक हैं. लेकिन उन्हें बाकी बचे तीन मैचों में कड़ी चुनौती मिल सकती है. ऑस्ट्रेलिया को इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलना है.

2. भारत

टीम इंडिया फिलहाल 7 अंकों के साथ चौथे नंबर पर है. लेकिन खास बात ये है कि टीम इंडिया ने अभी तक सबसे कम सिर्फ 4 मैच खेले हैं और वो भी बड़ी टीमों के खिलाफ. भारत को अभी पांच मैच और खेलना है और इनमें से ज्यादातर मैच कमजोर टीमों के खिलाफ है. टीम इंडिया को अब अफगानिस्तान, वेस्टइंडीज़, इंग्लैंड, बांग्लादेश और श्रीलंका के खिलाफ मैच खेलना है.

3. इंग्लैंड
इंग्लैंड की टीम जबरदस्त फॉर्म में चल रही है. अब तक इंग्लैंड को 5 में से 4 मैचों में जीत मिली है. आने वाले मैचों में इंग्लैंड को श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, भारत और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ खेलना है.

4. न्यूज़ीलैंड
साउथ अफ्रीका के खिलाफ धमाकेदार जीत के बाद न्यूज़ीलैंड के हौसले सातवें आसमान पर है. पांच में 4 मैचों में जीत के बाद न्यूज़ीलैंड की टीम प्वाइंट्स टेबल पर दूसरे नंबर पर है. आने वाले दिनों में उन्हें वेस्टइंडीज़, पाकिस्तान, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया से भिड़ना है.

क्या होगा बाक़ी टीमों का?
बड़ी टीमों में साउथ अफ्रीका और पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल की रेस से पहले ही लगभग बाहर हो गई है. अब कोई चमत्कार ही इन्हें आखिरी चार में पहुंचा सकता है. जबकि बांग्लादेश के लिए भी उम्मीदें लगभग खत्म हो चुकी है. इसके अलावा श्रीलंका और अफगानिस्तान का भी पहले ही पत्ता साफ हो गया है.

International Yoga Day: दिग्विजय सिंह ने PM मोदी से कहा-आडवाणीजी आपके बारे में ठीक कहते थे!

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कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह योग दिवस पर ट्विटर पर सक्रिय हुए. उन्होंने सीधे पीएम नरेंद्र मोदी पर तंज कसा. बीजेपी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी की बात याद करते हुए लिखा- ‘मोदीजी, आडवाणीजी आपके बारे में ठीक कहते थे. आपकी सफलता का यही राज़ है ना!’

द्गिग्विजय ने ट्वीट किया- ‘मोदी जी योग को आप प्रचारित कर रहे हैं. उसके लिए बधाई. लेकिन योग-ध्यान कई तरह के होते हैं. और हर व्यक्ति के शरीर की बनावट पर यह निर्भर करता है कि कौन सा योग आसन-ध्यान उसके शरीर के लिए उपयुक्त होगा. इसे मीडिया इवेंट बनाना सही नहीं है.’

https://twitter.com/digvijaya_28/status/1141887753321238528

दिग्विजय का तंज

दिग्विजय सिंह ने आगे लिखा- ‘हर व्यक्ति को उसके शरीर की बनावट के आधार पर किसी अच्छे वैद्य के मार्ग दर्शन में ही योग आसन करना चाहिए. वरना हर कोई आसन उसका नुकसान भी कर सकता है. आडवाणीजी ने ठीक ही कहा था आप बड़े अच्छे इवेंट मैनेजर हैं. मैं उसमें यह भी जोड़ना चाहता हूं कि आप अच्छे इवेंट मैनेजर के साथ बहुत अच्छे मीडिया मैनेजर भी हैं, आपकी सफलता का यही राज है. है ना?

पुरानी प्लास्टिक बोतल का करें कुछ ऐसा अनोखा इस्तेमाल

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प्लास्टिक की बोतल पुरानी या खाली होने के बाद बेकार ही लगती है और लोग उसे कूड़े में फेंक देते हैं। लेकिन वास्तव में यह बोतल बेकार नहीं होतीं। आप इन्हें दोबारा कई अनोखे तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं पुरानी बोतलों का कैसे करें इस्तेमाल-

अगर आप अपने घर में हरियाली लाना चाहती हैं तो इन प्लास्टिक की बोतलों को प्लांटर्स बना दीजिए। आप कई पुरानी बोतलों की मदद से वॉल गार्डन बना सकती हैं या फिर इन्हें पेंट करके घर के किसी भी कोने में रखें और वहां पर हरियाली लेकर आएं।

पुरानी बोतलों का एक अच्छा प्रयोग है कि आप उसकी मदद से छोटे-छोटे कंटेनर बनाएं और उसे दीवार पर टांगें। ऐसा करने से आपका देखने में भी अच्छा लगेगा और छोटी-छोटी चीजों को सहेजने में भी आसानी होगी।

इसी तरह पुरानी बोतल की मदद से स्नैक बाउल भी बनाया जा सकता है। इसके लिए पहले आप बोतल को नीचे से काटें। इसके बाद आप एक गर्म प्रेस को उस कटे हिस्से पर रखें। आप इसके बाद उसे ऐसे ही स्नैक बाउल की तरह इस्तेमाल कर सकती हैं या फिर आप धागों की मदद से बाउल को सजाएं।

टूथपेस्ट बनाता है मुंह में कैंसर

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हमलोग रोजाना सुबह उठते ही हम लोग टूथपेस्ट का इस्तेमाल करते है ताकि हमारे दांत चमकते और मजबूत रहे। क्या आप जानते हैं कि ऐसा करने से आपके शरीर के लिए बहुत फायेदमंद नहीं बल्कि नुकसानदायक है। क्योंकि टूथपेस्ट में सोडियम फ्लोराइड होता है, आमतौर पर इसका इस्तेमाल चूहों को मारने वाले पोइजन के रूप में किया जाता है। आपके बॉडी में मौजूद नेचरल बैक्टिरिया को किल करते हैं और ब्रेन को नुकसान पहुंचाते हैं। फोमिंग एजेंट्स से भरपूर टूथपेस्ट की वजह से पेस्ट में झाग बनते हैं, इससे मुंह में कैंसर हो सकता है।

प्राकृतिक तरीकों से दांत साफ करने की बात हो तो नारियल का तेल अच्छा विकल्प है। इसके इस्तेमाल से मुंह साफ रहता है। ये अच्छा एंटी-बैक्टिरियल है जो आपके दांतों की सफेदी बढ़ाने और उसे कायम रखने में मदद करता है। मसूढ़ों से खून आना, सूजे हुए जबडे़ और सूखे होंठ जीभ और मुंह की समस्याओं में नारियल तेल बहुत प्रभावकारी औषधि के तौर पर काम करता है।नारियल के तेल से मसूढ़ों की मसाज की जा सकती है और मुंह में इसे भरकर ऑइल पुलिंग भी। ऐसा करने से दांतों पर जमा होने वाले जर्म्स,बैक्टिरिया, लेक्टिक एसिड बैक्टिरिया जिनकी वजह से दांतों और मसूढ़ों पर प्लाक जमा होकर पीलापन नजर आता है, नारियल तेल से ये प्रॉब्लम चमत्कारिक ढंग से खत्म की जा सकती है।

इस तरह झटपट तैयार करें ब्रेड इडली

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सुबह का समय हो तो कुछ हल्का और हेल्दी खाने का ही मन करता है। लेकिन किसी के पास भी इतना समय नहीं होता कि वह किचन में अपना समय बिताए। अगर आप भी सुबह के समय काफी व्यस्त रहती हैं लेकिन फिर भी हेल्दी और टेस्टी खाना चाहती हैं तो ब्रेड इडली बना सकती हैं। यह खाने में हेल्दी, टेस्टी और बेहद जल्द बनने वाली डिश है। तो चलिए जानते हैं इसकी रेसिपी के बारे में−
ब्रेड इडली बनाने के लिए सबसे पहले आलू का मिश्रण तैयार करना होगा। इसके लिए एक बड़े बाउल में आलू लेकर उसे हाथों की मदद से अच्छी तरह मैश करें। अब इसमें लाल मिर्च पाउडर, अमचूर पाउडर, कसा हुआ अदरक, मिर्च, गरम मसाला, जीरा पाउडर, नमक और धनिया के कटे पत्ते डालकर चम्मच की सहायता से अच्छी तरह मिक्स करें। अब आलू का मिश्रण तैयार है।

अब ब्रेड लेकर उसे किसी कटोरी की मदद से गोल शेप दें। इसी तरह सारी ब्रेड स्लाइस को कट करें। अब कटी हुई ब्रेड लेकर उसके उपर आलू का मिश्रण भरें। इसी तरह चारों ब्रेड पर आलू का मिश्रण लगा दें। अब दही लेकर एक बड़ी छलनी की मदद से चम्मच से छान लें। इससे दही एकदम स्मूद हो जाती है। अब इसमें नमक, लाल मिर्च पाउडर डालकर अच्छी तरह मिक्स करें।

अब एक नॉन स्टिक पैन लें और इसमें ऑयल डालें और उसे गर्म होने दें। अब ब्रेड के जिस साइड आलू लगाया है, उधर से पैन में ब्रेड को डालें और दूसरी तरफ से दही डालकर फैलाएं। इस तरह एक साइड पर आलू और दूसरी तरफ दही का मिश्रण होगा। अब आपको इसे ढककर बिल्कुल धीमी आंच पर करीबन सात से आठ मिनट के लिए पकाना है।

अब बारी है तड़का तैयार करने की। इसके लिए एक तड़का पैन लेकर उसमें तेल डालें और तेल जब हल्का गर्म हो जाए तो इसमें राई डालें। जब यह तड़कने लगे तो इसमें करीपत्ता और धनिया के पत्ते डालें। अगर आपको लग रहा है कि आपका जल जाएगा तो आप इसमें थोड़ा सा पानी भी मिला सकती है।

अब आप तैयार इडली के उपर तैयार तड़के को डालें और सॉस या हरी चटनी के साथ सर्व करें।

नीलामी में मुगल बादशाह शाहजहां के तमाम वस्तुओं को रिकॉर्ड कीमत में खरीदा गया!

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अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में आयोजित एक नीलामी में भारत के शाही गहनों की नीलामी हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑक्शन हाऊस क्रिस्टी में लगभग 10.9 करोड़ डॉलर (लगभग 758 करोड़ रुपये) में शाही भारतीय गहनों की नीलामी हुई जिनमें मुगल बादशाह शाहजहां का खंजर जिसके दस्ते में जेड स्टोन लगा हुआ है।

इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट कॉम के अनुसार, हैदराबाद के निजामों की एक आनुष्ठानिक तलवार और आभूषणों से जड़ित एक मध्यकालीन हुक्का भी शामिल है। यह नीलामी बुधवार को हुई जिसमें ‘महाराजाओं और मुगलों की भव्यता’ से जुड़ीं कुल 400 चीजें नीलाम की गईं।

क्रिस्टी ने एक बयान में कहा, ‘यहां भारतीय कला और मुगल वस्तुओं के किसी भी नीलामी के लिए सर्वाधिक बोली और एक गहनों के एक नीजि संग्रह के लिए दूसरी सबसे बड़ी बोली लगी।’

इस नीलामी में जो वस्तुएं शामिल थीं वे कतर के शाही परिवार के अल थानी संग्रह से थीं। कतर के शाही परिवार के पास ये वस्तुएं विभिन्न कालखंडों में पहुंची थी।

इस नीलामी का खास अकर्षण रही शाहजहां के कृपाण (खंजर) की बिक्री 3,375,000 डॉलर (23.4 करोड़ रुपये) में हुई। इसके अलावा भी शाहजहां से जुड़ी तमाम चीजें रिकॉर्ड कीमतों पर नीलाम हुईं।

चीन-पाक को समुद्र में पछाड़ेगा भारत, 6 अत्याधुनिक पनडुब्बियां बढ़ाएंगी नौसेना की मारक क्षमता

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हिंद महासागर में चीन की ओर से लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए भारतीय नौसेना जल्द अपनी क्षमता को बढ़ाने जा रही है। रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को प्रोजेक्ट-75 के तहत 6 अत्याधुनिक पनडुब्बियों को बनाने के लिए भारतीय रणनीतिक साझेदारों को प्रस्ताव के लिये आग्रह (एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट) जारी किया है। ये पनडुब्बियां रडार की पकड़ में नहीं आने वाली प्रौद्योगिकी से लैस होंगी।मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत जारी इस कांट्रैक्ट की लागत लगभग 45 हजार करोड़ रुपये है। जिसमें छह पनडुब्बियों का निर्माण भारत में ही टेक्नोलॉजी के ट्रांसफर के तहत किया जाएगा।

हालांकि, नौसेना के लिए प्रोजेक्ट 75 को शुरू हुए तीन साल से भी ज्यादा का समय हो चुका है। साल 2017 में छह अत्याधुनिक पनडुब्बी निर्माण करने की महत्वकांक्षी परियोजना के लिये चार विदेशी कंपनियां मुख्य रूप से सामने आई थीं।

उस समय फ्रांस की कंपनी नावन ग्रुप, रूस की रोसोबोरोनएक्सपोटर्स रुबिन डिजाइन ब्यूरो, जर्मनी की थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स और स्वीडन की साब ग्रुप ने इस परियोजना में भाग लेने के लिए रूचि जाहिर की थी।

इस बार भी इन्हीं कंपनियों को सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है जिसमें से किसी एक को यह टेंडर दिया जा सकता है। हालांकि इनकों पनडुब्बी का निर्माण भारत में ही करना होगा। इस परियोजना का उद्देश्य विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर देश में पनडुब्बी और लड़ाकू विमान बनाने जैसे सैन्य प्लेटफार्म को तैयार करना है।

यह होगी खासियत

भारतीय पनडुब्बी (फाइल फोटो)

भारतीय पनडुब्बी (फाइल फोटो) – फोटो : PTIस्टेल्थ और एयर इंडिपेंडेंट प्रॉपल्शन समेत कई तरह की तकनीकों से लैस है। जिससे इसका पता लगाना दुश्मनों के लिए आसान नहीं होगा। ये टॉरपीडो और ट्यूब लॉन्च्ड एंटी-शिप मिसाइल से हमला करने में सक्षम होंगी। युद्ध की स्थिति में ये पनडुब्बियां हर तरह की अड़चनों से सुरक्षित और बड़ी आसानी से दुश्मनों को चकमा देकर बाहर निकल सकती हैं। 

इनकी सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यह किसी भी रडार की पकड़ में नहीं आएंगी। इसके अलावा इससे जमीन पर भी आसानी से हमला किया जा सकता है। इन पनडुब्बियों का इस्तेमाल हर तरह के वॉरफेयर, ऐंटी-सबमरीन वॉरफेयर और इंटेलिजेंस के काम में भी किया जा सकता है।

भारत के प्रोजेक्ट 75 प्रोग्राम में कई दूसरे प्रोजक्ट भी शामिल हैं। जिसमें स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप मॉडल के तहत 111 नेवल यूटिलिटी हेलिकॉप्टर्स (NUH) की खरीद भी की जानी है। इसे भी भारत में मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत बनाया जाएगा। जिसमें ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी भी शामिल है।

भारत की यह कंपनियां है दावेदार

भारतीय पनडुब्बी (फाइल फोटो)

भारतीय पनडुब्बी (फाइल फोटो) – फोटो : PTIपी-75 (आई) प्रोग्राम में भारत की तरफ से लार्सन एण्ड टुब्रो, रिलायंस डिफेंस के अलावा सार्वजनिक क्षेत्र की मझगांव डॉक लिमिटेड को भी दावेदार माना जा रहा है जिससे मिलकर विदेशी कंपनियां भारत में पनडुब्बियों का निर्माण करेंगी।

इसे भारत में डीजल इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों के लिए दूसरी उत्पादन लाइन खोलने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। प्रोजेक्ट-75 के तहत पहले से ही मुम्बई के मझगांव डॉक पर फ्रांसीसी डिजाइन वाली स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बियां बनाई जा रही हैं। स्कॉर्पियन क्लास की छह पनडुब्बियों में से भारत को तीन पनडुब्बी आईएनएस कलवारी, खांडेरी, करंज और वेला पहले ही मिल चुकी हैं। जबकि जिन दो पनडुब्बियों का निर्माण होना बाकी है उनका नाम वागीर और वागशीर है। 

स्कॉर्पियन श्रेणी की दूसरी पनडुब्बी को शामिल करने से नौसेना का इनकार

भारतीय नौसेना ने समुद्र में स्कॉर्पियन श्रेणी की दूसरी पनडुब्बी आईएनएस खंडेरी को शामिल करने से इनकार कर दिया है। नौसेना को समुद्र में यूजर ट्रायल के दौरान इस पनडुब्बी के इंजन से ज्यादा आवाज आने की शिकायत है। इस कारण इस श्रेणी के सभी पनडुब्बियों को कमीशन होने में देरी का सामना करना पड़ सकता है। 

हर महीने 12,500 रुपए की स्कॉलरशिप, स्टूडेंट्स के लिए बड़े काम की है मोदी सरकार की ये स्कीम!

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अगर आपमें प्रतिभा है तो आपकी पढ़ाई-लिखाई रुकने वाली नहीं है, भले ही आप आर्थिक रूप से कमजोर क्यों न हों. ऐसे टैलेंटेड स्टूडेंट्स को आगे बढ़ाने के लिए मोदी सरकार स्कॉलरशिप दे रही है. इसके नियम जानिए और फायदा उठाइए. मानव संसाधन विकास मंत्रालय टेक्निकल एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए इस स्ट्रीम में पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले स्टूडेंट्स को हर महीने 12,500 रुपए की स्कॉलरशिप दे रही है.

इस स्कॉलरशिप को हासिल करने के लिए स्टूडेंट्स को GATE या GPAT क्वालिफाई करना जरूरी है. GATE/GPAT क्वालिफाइड ऐसे स्टूडेंट्स जो AICTE से मान्यता प्राप्त टेक्निकल इंस्टीट्यूशन में मास्टर की डिग्री हासिल करने जा रहे हैं, वो इस स्कॉलरशिप के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. M. Tech, M.E., M.Arch या M.Pharma में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स हर महीने यह स्कॉलरशिप हासिल कर सकते हैं.

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किसे मिलेगी स्कॉलरशिप और किसे नहीं

सरकार का टेक्निकल एजुकेशन में हाईअर स्टडीज को बढ़ावा देने पर जोर है. हर साल इस स्ट्रीम की मास्टर डिग्री में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को यह स्कॉलरशिप मिलती है. स्कॉलरशिप हासिल करने के लिए कुछ बातों का ख्याल रखना जरूरी है. इसके लिए आमतौर पर अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है.

-ऐसे ही स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप मिलती है, जिन्होंने वैध GATE/GPAT के स्कोर के साथ एडमिशन लिया हो. एडमिशन के बाद GATE/GPAT क्वालिफाई करने वाले स्टूडेंट्स स्कॉलरशिप हासिल नहीं कर सकते.

-स्कॉलरशिप हासिल करने वाले स्टूडेंट्स अपनी पढ़ाई के दौरान किसी दूसरी तरह की आर्थिक सहायता, किसी और तरह की स्कॉलरशिप, किसी तरह का वेतन या भत्ता नहीं ले सकते.

-विदेशी छात्रों या मैनेजमेंट कोटा से एडमिशन लेने वालों को ये स्कॉलरशिप नहीं मिल सकती.

-स्कॉलरशिप हासिल करने वाले छात्रों को हफ्ते में कम से कम 8 से 10 घंटे का टीचिंग से संबंधित काम या रिसर्च का काम करना होगा. ये काम उन्हें उनके इंस्टीट्यूट ही देंगे.

-12,500 रुपए की स्कॉलरशिप हर महीने मिलेगी. लेकिन उसके लिए इंस्टीट्यूशन में पढ़ाई के दौरान स्टूडेंट्स के परफॉर्मेंस का आकलन भी किया जाएगा. संतोषप्रद प्रदर्शन करने वाले छात्रों की ही स्कॉलरशिप जारी रहेगी.

-स्कॉलरशिप ज्यादा से ज्यादा 24 महीने या फिर कोर्स की अवधि खत्म होने तक के लिए दी जाएगी.

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स्कॉलरशिप लेने के हैं नियम

ऐसे में रद्द की जा रही है स्कॉलरशिप

-अनुशासनहीनता या गलत व्यवहार की शिकायत पाए जाने पर स्कॉलरशिप रद्द की जा सकती है.

-स्कॉलरशिप हासिल करने वाले स्टूडेंट्स साल में 15 दिन का कैजुअल लीव, ज्यादा से ज्यादा 30 दिन का मेडिकल लीव और सरकारी निर्देश के मुताबिक मैटरनिटी लीव ही ले सकते हैं.

-स्कॉलरशिप पर AICTE की पॉलिसी के हिसाब से ही दिए जाएंगे. इस बारे में किसी भी तरह के बदलाव की जानकारी अखबार या पोर्टल के जरिए दी जाएगी.