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पारंपरिक खेती छोड़ने पर आएंगे अच्छे दिन, समृद्ध होंगे किसान

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लागत के अनुरूप आय नहीं होने, फसल का उचित दाम नहीं मिलने से आज छोटे किसान आत्महत्या कर रहे हैं. खेती-किसानी छोड़कर दिल्ली, पंजाब, मुंबई में नौकरी कर रहे हैं. लेकिन पारंपरिक खेती छोड़कर आधुनिक तकनीक से खेती करने पर यह किसान भी गांव में रहकर 15 से 20 हजार रुपया महीना कमा सकते हैं. इसे साबित कर दिखाया है बेगूसराय जिला के शकरपुरा निवासी किसान कृष्णदेव राय ने.

20 साल पहले तक अमानत करने वाले कृष्णदेव राय की इतनी आय नहीं थी कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा दे सकें, घर-मकान बना सकें. लेकिन अचानक से खेती के प्रति जगी ललक से अमानत छोड़कर किसान बन गए. पारिवारिक समस्याओं के कारण बंधक लगा सात बीघा जमीन, उसी महाजन से लीज पर लेकर उन्होंने मेंथा और गन्ना की नई तकनीक से खेती शुरू कर दी. समुचित आय हुई तो मनोबल बढ़ा और बढ़ते जोश में नई नई तकनीक से संपन्न विभिन्न खेती किया. आज हालात यह है कि अच्छा घर-मकान बन गया. दोनों पुत्र बैंगलोर में पढ़कर इंजीनियर बन गये. बंधक रखा सातों बीघा खेत दो साल में ही अपना हो गया है.

अब मेंथा की खेती छोड़कर पपीता, गन्ना, टमाटर, परवल, शिमला मिर्च, सब्जी आदि से प्रत्येक वर्ष छह से आठ लाख रुपया कमा रहे हैं. इसके साथ ही खेती किसानी की नई तकनीक इंटर क्रॉपिंग, मल्चिंग एवं ड्रीप लाइन का उपयोग कर दूसरे किसानों को भी प्रेरित कर रहे हैं. खेतों पर जाकर उन्हें सिखा रहे हैं. कृष्ण देव राय कहते हैं कि पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा किसानों के साथ सभी के अच्छे दिन आएंगे. लेकिन इसके लिए मोदी जी हमारे खेत पर आकर कुछ नहीं कर सकते हैं. हम सब किसानों को डिजिटल यानी नई तकनीक से खेती करनी होगी और इससे जरूर आएंगे अच्छे दिन.

2017 में इन्होंने इंटर क्रॉपिंग कर सीओ 0238 गन्ना के साथ पुखराज किस्म का आलू लगाया था. फसल अच्छी हुई, आलू 26 मन प्रति कठ्ठा हो गया. जांच में आए विशेषज्ञ ने आलू के साथ गन्ना को बिहार में सबसे बेहतर रिपोर्ट की. इसके बाद दिल्ली में आयोजित समारोह में तत्कालीन कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह के हाथों राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार मिला. 2018 में राज्य के कृषि मंत्री द्वारा तथा कृषि विश्वविद्यालय पूसा में अभिनव सम्मान मिला. उन्होंने बताया कि पारंपरिक तरीके से हो रही खेती में 15 से 20 हजार खर्च करने पर मौसम के साथ देने पर 25 से 30 हजार मिलता है. लेकिन नई तकनीक की खेती में 15 से 25 हजार खर्च करने पर 30 हजार से अधिक आय हो जाती है.

किसानों के फसल में लागत का एक बड़ा भाग कीटनाशक पर खर्च हो जाता है. लेकिन इसके लिए नई तकनीक में क्रॉप गार्ड विकसित किया गया है. यह कीटनाशक के छिड़काव पर 15 से 20 हजार खर्च एवं शरीर तथा फसल पर कीटनाशकों के दुष्प्रभाव से मुक्त करता है. क्रॉप गार्ड के पीला एवं नीला पॉलिथीन में विशेष गोंद लगाकर दस-दस फीट की दूरी पर खेत में लगाया गया है. फसल पर आने वाला कीट इसी दोनों पॉलिथीन में चिपक कर मर जाते है और खर्च है मात्र 15 से 18 सौ रुपया छमाही.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समझाई सुराजी गांव योजना की थीम

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने कल शाम उनके निवास कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने युवा अधिकारियों को सुराजी गांव योजना की थीम समझाई और उन्हें उनके जिले में क्रियान्वित की जा रही इस योजना के एक-एक प्रोजेक्ट को मॉडल बनाते हुए बढ़िया काम कराने कहा। ज्ञातव्य है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के (2018 बैच) के अधिकारियों का उन्मुखीकरण प्रशिक्षण छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी में चल रहा है। मुख्यमंत्री ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों को नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी के विकास और संवर्धन पर विस्तार से जानकारी दी और उन्हें हमेशा फील्ड विजिट करने की समझाईश दी। फील्ड विजिट से बहुत कुछ सीखने का मौका मिलता है। नई-नई जानकारी के साथ ही समस्याओं को समझने और उनके हल खोजने में मदद मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुराजी गांव योजना से गांवों की अर्थव्यवस्था सुधरेगी। इससे खेती किसानी सुधार, रोजगार के अवसर बढने के साथ ही पर्यावरण में भी सुधार होगा। गांव के लोगों को बाड़ी से सब्जी और दुग्ध उत्पादन से कुपोषण कम करने में मदद मिलेगी। घुरवा से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नरवा के पुर्नजीवन के लिए साईंटिफिक तरीके से काम होना चाहिए। उन्होंने बताया कि इसरो द्वारा भूमि के सभी प्रकार के डाटा उपलब्ध हैं, इनका उपयोग किया जाए। नरवा पुर्नजीवन से सब स्वाईल वाटर और सरफेस वाटर संग्रहण में मदद मिलेगी। नदी का प्रवाह अधिक दिनों तक बना रहेगा और आस-पास के क्षेत्र में हेण्ड पम्प सूखने की स्थिति नहीं आएगा। रेन वाटर हार्वेस्टिंग के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

उल्लेखनीय है कि सुराजी गांव योजना में गांवों में नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी के संवर्धन और विकास के लिए गांवों में नरवा के पुर्नजीवन, गौठानों का विकास, घुरवा के माध्यम से जैविक खाद, गोबर गैस, चारागाह विकास और दुग्ध उत्पादन आदि के लिए काम किए जा रहे हैं। इस अवसर पर प्रभारी मुख्य सचिव सीके खेतान, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, छत्तीसगढ़ प्रशासनिक अकादमी की डीजी रेणु पिल्लई, संचालक आलोक अवस्थी, सहायक कलेक्टर अभिषेक शर्मा, अबिनाश मिश्रा, देवेश कुमार ध्रुव, संबित मिश्रा, और उत्साह चैधरी भी उपस्थित थे।

EVM को लेकर दीदी ने किया नया दावा, बोलीं- वोटिंग से पहले ही बीजेपी ने की थी सेटिंग

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लोकसभा चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत को लेकर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने ईवीएम फिक्स किये जाने की बात कही है। ममता बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा ने हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव के दौरान अधिकांश ईवीएम में पहले से ही अपने हिसाब से प्रोग्रामिंग की थी।

गुरूवार रात को ममता ने बीजेपी पर ईवीएम फिक्स करने का आरोप लगाते हुए सभी विपक्षी दलों से सच उजागर करने के लिए तथ्यान्वेषी टीम बनाने का अनुरोध किया। बनर्जी ने कहा, ‘हम कांग्रेस से इस बारे में बात कर चुके हैं। जरूरत पड़ी तो हम अदालत जाएंगे और इस चुनावी धांधली को चुनौती देंगे।’

उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि भाजपा के नेता चुनाव के नतीजे घोषित होने से पहले ही लगभग वास्तविक आंकड़ों का अनुमान कैसे लगा सकते हैं। वे कैसे कह रहे थे कि देश में उन्हें 300 से ज्यादा सीटें मिलेंगी और बंगाल में 23. अंतिम परिणाम उनके आकलन के करीब ही थे। बनर्जी ने एक बांग्ला समाचार चैनल को दिये साक्षात्कार में यह दावा किया। बनर्जी ने वाम दलों के समर्थकों से भी भाजपा में शामिल होने से बचने को कहा।

इसके अलावा ममता बनर्जी ने दावा किया कि राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने भाजपा के इशारे पर राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा के मद्देनजर चार मुख्य दलों की बैठक बुलायी है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि त्रिपाठी ने उन्हें बैठक में हिस्सा लेने के लिए बुलाया था लेकिन उन्होंने मना कर दिया क्योंकि कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है, राज्यपाल का नहीं।

बनर्जी ने से कहा, ‘वे (राज्यपाल) भाजपा के प्रवक्ता की तरह हैं। भाजपा ने उन्हें सर्वदलीय बैठक कराने के लिए कहा और उन्होंने ऐसा किया। उन्होंने (त्रिपाठी) मुझे भी बुलाया था लेकिन, मैंने कहा कि मैं नहीं जा सकती क्योंकि आप राज्यपाल हैं और मैं निर्वाचित सरकार हूं। कानून-व्यवस्था राज्य का विषय है। यह आपका विषय नहीं है।’ तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि राज्यपाल एक कप चाय या शांति बैठक के लिए लोगों को बुला सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘यही कारण है कि मैं वहां पार्टी प्रतिनिधि भेज रही हूं. वह जाएंगे और चाय पीकर आ जाएंगे।’ तृणमूल महासचिव पार्थ चटर्जी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष, कांग्रेस और माकपा के प्रदेश प्रमुख राजभवन में बैठक में हिस्सा लेने वाले हैं।

विश्व कप: हार के डर से बौखलाए पाक कप्तान सरफराज ने आईसीसी पर लगाया बड़ा आरोप, कहा- मैच में इंडिया को मनमाफिक पिच

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आईसीसी विश्व कप में 16 जून (रविवार) को भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट का सबसे बड़ा मुकाबला होगा। मैच से पहले ही पाकिस्तानी कप्तान हार के बहाने ढूंढने लगे हैं। पाक कप्तान आईसीसी से नाराज बताए जा रहे हैं। सरफराज ने टीम इंडिया के मनमाफिक पिच बनाए जाने के आरोप लगाए हैं। टॉन्टन में छपने वाले जंग न्यूजपेपर के मुताबिक पाकिस्तान के कप्तान इस बात से नाखुश हैं कि पाकिस्तान को हरी पिच ही दी जाती है। सरफराज इस बात से भी परेशान हैं कि भारत को वर्ल्ड कप 2019 में अच्छी पिच मिल रही हैं, जो बल्लेबाजों और स्पिनर गेंदबाजों के लिए मददगार होती हैं।

सरफराज अहमद के मुताबिक पाकिस्तान को मुश्किल विकेट पर खेलने को दिया जाता है। सरफराज का कहना है कि पाकिस्तान को ज्यादा उछाल वाली और तेज पिच मिल रही हैं। जबकि भारत को बैटिंग फ्रेंडली पिच मिलती हैं। सरफराज अहमद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली पिच से भी नाराज दिखे। टॉन्टन के मैदान की पिच देखते ही वो भड़क गए थे। हालांकि ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने इसी पिच पर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान के खिलाफ 307 रन बनाए थे।

मौजूदा विश्व कप में भारतीय टीम के प्रदर्शन को देखकर भी पाक टीम के पसीने छूट रहे होंगे। भारत ने अपने पहले मैच में साउथ अफ्रीका को करारी शिकस्त दी थी। तो वहीं दूसरे मैच में मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को मात दी थी। हालांकि न्यूजीलैंड के साथ होने वाला तीसरा मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था। अब रविवार को अपने चौथे मैच में भारत पाकिस्तान से भिड़ने वाला है।

वहीं बात करें पाकिस्तान की तो वर्ल्ड कप 2019 में अब तक खेले अपने 4 मैचों में उसे सिर्फ 2 में ही जीत नसीब हुई है। वहीं, उसे एक मैच में हार मिली तो एक मैच बारिश के कारण धुल गया। पाकिस्तानी टीम का अगला मुकाबला भारत से है।

छत्तीसगढ़ /आरपीएफ के रायपुर-दुर्ग सहित 30 जगहों पर छापे, एक करोड़ के रेलवे टिकट जब्त

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रेलवे सुरक्षा बलों के दस्ते ने ऑपरेशन थंडर चलाकर रायपुर-बिलासपुर सहित जोन के 30 से ज्यादा शहरों और कस्बों में छापा मारकर 1 करोड़ रुपए से ज्यादा के रेल टिकट जब्त किए। 35 दलालों को पकड़ा गया। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में टिकट के साथ दलालों के पकड़े जाने से पूरे अमले में हड़कंप है। दलालों के रेलवे कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।

अफसरों को शक है कि रेलवे कनेक्शन की मदद से ही दलाल टिकटों की कालाबाजारी का इतना बड़ा रैकेट ऑपरेट कर रहे थे। सुरक्षा दस्ते ने न सिर्फ दलालों के ऑफिस बल्कि उनके घरों में भी रेड की। रायपुर मंडल में 11 टिकट दलाल पकड़े गए। इन टिकट दलालों के पास से 411 ई-टिकट व काउंटर टिकट जब्त किया गया। इसकी कीमत 8 लाख 18 हजार है।

रायपुर में 8 टीमों ने एक साथ छापेमार कार्रवाई की। दलालों की मौजूदगी की पक्की सूचना के बाद गोलबाजार के एक होटल में छापा मारा गया। वहां मैनेजर टमित केसरवानी अपने होटल के कंप्यूटर से अवैध टिकट बनाकर ग्राहकों को मनमानी रकम में बेच रहा था। भिलाई में एक घर में घुसकर सुरक्षा बलों ने टिकट दलाल को दबोचा।

मंडल आयुक्त अनुराग मीणा ने भास्कर से बातचीत करते हुए बताया कि रायपुर मंडल सहित देशभर में एक साथ इतनी बड़ी कार्रवाई पहली बार हुई है। ऐसा पहली बार हुआ है, जब आरपीएफ की टीम घर के साथ ही होटल के कमरों में घुसकर दलालों को रंगे हाथ पकड़ा। इससे पहले केवल साइबर कैफे व टूर-ट्रैवल वालों के यहां छापा मारा जाता था। 


जाेनभर में 35 दलाल पकड़ाए

बिलासपुर जोन में इस कार्रवाई के दौरान 35 टिकट दलालों को पकड़ा गया है और उनके पास से एक करोड़ रुपए की टिकटें जब्त किए जाने का दावा किया जा रहा है। बुधवार को रेलवे महानिदेशक अरूण कुमार के निर्देश पर देशभर में टिकट दलालों पर छापेमार कार्रवाई की गई। टिकट दलालों के इस धड़पकड़ अभियान को ऑपरेशन थंडर नाम दिया गया। टिकट दलाली के नए ट्रेंड व सिस्टम का खुलासा भास्कर में किया गया था। उसी के बाद सुरक्षा बलों ने अपने जासूसों को जांच के लिए लगाया। 


दुकान बंद कर भागे एजेंट

सुबह 9 बजे से ही छापेमार कार्रवाई शुरू कर दी गई। रायपुर के साथ ही दुर्ग-भिलाई में धड़पकड़ हुई। रेलवे सुरक्षा बलों द्वारा रेड मारने की सूचना आग की तरह फैली और दोपहर से पहले ही कई टिकट एजेंट दुकानें बंद करके भाग गए। रायपुर सहित पूरे अंचल में अफरा-तफरी का माहौल पूरे दिन रहा। रायपुर पोस्ट प्रभारी दीवाकर मिश्रा और सेटलमेंट पोस्ट प्रभारी भोलानाथ सिंह के साथ ही सीआईबी की टीमों ने शहर में चल रहे कैफे पर नजर रखते हुए छापेमार कार्रवाई की।

मुख्यमंत्री के प्रयासों से बस्तर को मिली दो बड़ी सौगात : नगरनार स्टील प्लांट के ग्रुप-सी और ग्रुप-डी की भर्ती परीक्षा अब दंतेवाड़ा में ली जाएगी : स्टील प्लांट का मुख्यालय हैदराबाद की जगह नगरनार में खुलेगा

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के प्रयासों से बस्तर को दो सौगात मिलेगी। एनएमडीसी के नगरनार स्टील प्लांट के ग्रुप-सी और ग्रुप-डी की भर्ती की परीक्षा अब दंतेवाड़ा में ली जायेगी। इसी तरह नगरनार स्टील प्लांट का मुख्यालय हैदराबाद के बजाय नगरनार में स्थापित किया जाएगा।

 उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से कल शाम एनएमडीसी के चेयरमैन सह प्रबंध संचालक श्री एन. बैजेन्द्र कुमार ने मुलाकात की थी। इस अवसर पर बातचीत के दौरान ये महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री के सुझाव को चेयरमैन श्री एन.बैजेंद्र कुमार ने तत्काल स्वीकार किया। अब नगरनार स्टील प्लांट का मुख्यालय हैदराबाद में नहीं बल्कि नगरनार में ही होगा।

इसी तरह मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा था कि एनएमडीसी छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय युवाओ को अपनी कंपनी में मौका दे और भर्ती परीक्षा स्थानीय स्तर पर कराए, ताकि ज्यादा से ज्यादा बस्तर के युवा इसमें शामिल हो सकें। मुख्यमंत्री के इस सलाह पर अमल करते हुए एनएमडीसी के चेयरमैन श्री एन. बैजेंद्र कुमार ने नगरनार स्टील प्लांट के ग्रुप-सी एवं ग्रुप-डी कार्मिकों की भर्ती प्रक्रिया भविष्य में दंतेवाड़ा में कराने के निर्देश दिए है।

’चेटुवा का माडल गौठान इतना सुंदर कि पड़ोसी गांव के लोग भी देख जाते हैं’ : ’7 एकड़ जमीन में लगेगी नैपियर घास, तीन एकड़ में बनेगी बाड़ी’

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दुर्ग जिले के धमधा ब्लाक में ग्राम चेटुवा में लगभग 3 एकड़ क्षेत्र में बन रहा माडल गौठान पूर्णता की ओर है। यहां 400 पशुओं के लिए ’डे केयर ’की व्यवस्था होगी, जिसमें पशुओं के रहने के लिए शेड, पीने के पानी के लिए कोटना, सोलर बोरवेल आदि की व्यवस्था करा दी गई है। घुरूवा के लिए नाडेप टैंक जैसे जरूरी स्ट्रक्चर का निर्माण कर दिया गया है। इस गांव के नागरिक उत्साहित होकर बताते हैं कि पड़ोसी गांवों से लोग भी जब यहां से गुजरते हैं तो गौठान का निरीक्षण जरूर करते हैं। गौठान के चारों ओर पौधरोपण के लिए जगह छोड़ दी गई है। दो-तीन साल में जब ये पौधे वृक्ष का रूप ले लेंगे तो गौठान और भी सुंदर हो जाएगा।

    गौठान में काम कर रहे लोगों का मानना है कि यह तीन एकड़ की जगह पूरे गांव के लिए कामधेनु की तरह साबित होगी। एक ग्रामीण महिला ने गौठान कैंपस में बनी एक गाय की मूर्ति की ओर इशारा करते हुए बताया कि ’इही कामधेनु हे, गांव मन में चारागाह जमीन कम हो जथे तव गरूवा मन हा एती ओती ढिलात रहिथें , तव फसल घलो खराब हो जथे, अब एक जगह माड़ के बैठहिं, उहें गोबर, उहें खाद, का चिंता हे, सब सुघ्घर हो जहि। ’

    जनपद पंचायत सीईओ धमधा श्रीमती अनिता जैन ने बताया कि 10 एकड़ जमीन में से 7 एकड़ जमीन में चारागाह के लिए फेंसिंग एवं जुताई हो चुकी है। नलकूप का इंतजाम भी हो चुका है। यहां नैपियर और बरसीम जैसी अच्छी प्रजाति की घास लगाई जाएगी। तीन एकड़ भूमि बाड़ी के लिए रखी गई है और इसके लिए स्व सहायता समूहों का चयन कर लिया गया है। गौठान समिति पूरी सक्रियता से काम कर रही है और सामूहिक भागीदारी से कार्य हो रहा है। ग्रामीणों में काफी उत्साह है।

    ग्रामीणों ने बताया कि माडल गौठान से हम पशुधन का बेहतर तरीके से उपयोग कर पाएंगे। एक ही जगह पर सारे मवेशी होने के कारण गोबर खाद हमें प्रचुर मात्रा में मिल पाएगा। यहां एक ही जगह पर पशुओं के होने के कारण इनकी चिकित्सकीय देखभाल और नस्ल सुधार जैसे कार्य भी बेहतर तरीके से हो पायेंगे।

’बुजुर्ग किसानों ने बताया परंपरा की वापसी’

    गांव के बुजुर्गों ने बताया कि पहले गोबर खाद ही उपयोग करते थे, इससे भूमि की ऊर्वरा शक्ति भी बनी रहती थी। धान की सुगंध दूर तक आती थी। कहीं सुगंधित धान बनता था तो पूरे गांव को पता चल जाता था। गांव में बाड़ी कब खत्म होती गई, पता ही नहीं चला। बुजुर्गों ने बताया कि ’नरूवा-गरूवा-घुरूवा-बाड़ी हा हमर परंपरा हवय, ये हा वापस होवत हे, सब मिलके काम करथे तव एका घलो बढ़थे, काबर कि एखर से एक आदमी के तरक्की नइ सबे झन के तरक्की के व्यवस्था होवत हे।’

WC 2019: मैनचेस्टर में 16 जून को होगा भारत-पाकिस्तान का मैच , जानिए कैसा रहने वाला है वहां का मौसम

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विश्व कप 2019 में बीते दिन भारत और न्यूजीलैंड का मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया और वर्तमान विश्व कप में ऐसा चौथी बार हुआ जब कोई मुकाबला बारिश के चलते नहीं खेला जा सका।इससे पहले पाकिस्तान- श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका-वेस्टइंडीज और बांग्लादेश – श्रीलंका के बीच मुकाबले भी बारिश की भेंट चढ़े थे। यही नहीं आने वाले मुकाबलों के खराब होने लेकर भी डर बना है।

और सबसे ज्यादा आशंका है भारत और पाकिस्तान के मुकाबले को लेकर। विश्व कप में 16 जून को मैनचेस्टर में भारत और पाकिस्तान के बीच मैच होगा और उससे पहले हर कोई जानना चाहता है कि क्या उस मुकाबले में बारिश बाधा बनेगी, तो आपको यहां बता दें कि मैनचेस्टर में होने वाले मैच में बारिश का साया मंडरा रहा है ।

मौसम विभाग की माने तो मैनचेस्टर में गुरूवार को तापमान 11डिग्री रहा और वहां बादल छाए रहे साथ ही हल्की बूंदा बांदी भी हुई ।मैनचेस्टर में 14 और 15तारीख को बारिश की संभावना है और 16 जून को भी हालात अच्छे नहीं रहने वाले हैं। उस दिन अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री होने की बात कही जा रही है।

वहीं वातावरण में नमी 9 से 40 फीसदी रह सकती है। भारत और पाकिस्तान के मैच का इंतजार पूरी दुनिया बड़ी बेसब्री के साथ करती है। यह मैच बारिश की भेंट चढ़ेगा तो फैंस को काफी ज्यादा निराशा होगी। वैसे बता दें कि विश्व कप में भारत हमेशा पाकिस्तान पर भारी रहा है उसका अजेय रिकॉर्ड इस बार कायम रहेगा या नहीं यह देखने वाली बात रहती है।

मोदी सरकार ने मुसलमानों को लेकर किया बड़ा ऐलान, खुशी की लहर!

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17वीं लोकसभा के लिए देश में मिले प्रचंड बहुमत के बाद भारतीय जनता पार्टी और देश के पीएम नरेंद्र मोदी अल्पसंख्यक समुदाय को लेकर बड़ा ऐलान करने वाले हैं।

खबर के अनुसार, आज शाम मोदी कैबिनेट की पहली बैठक होने वाली है। मोदी कैबिनेट में मुसलमानों को लेकर केंद्र सरकार बड़ा तोहफा दे सकती हैं। खबर है कि मदरसों के लिए सरकार 50 फीसदी स्कॉलरशिप देने जा रही है।

जिसका सीधा फायदा 17 करोड़ मुसलमानों को फायदा होगा। इसके अलावा सरकार तीन तलाक विधेयक को लेकर भी नया प्रस्ताव लागने की तैयारी में हैं। इस बाद दूसरे कार्यकाल के दौरान पीएम मोदी मुसलमानों के वोट बैक पर पैनी नजर है। इस नीति को न्यू मुस्लिम नीति भी कहा जा सकता है।

BJP ने किया कांग्रेस के समर्थन में वोट, मुस्लिम महिला बनी चेयरमैन

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सत्ताधारी पार्टी बीजेपी और कांग्रेस की दुश्मनी तो जग जाहिर है। दोनों पार्टियां एक दूसरे को जड़ से खत्म करना चाहती है इसका जिक्र देश के प्रधानमंत्री अपने भाषणों में कई बार कर चुके है कि मेरा सपना कांग्रेस मुक्त भारत का है लेकिन इस बार ऐसी खबर सामने आ रही है जिसे सुनकर सब सदमे है जी हां खबर दिल्ली नगर जोन चुनाव कि है वहा पर बीजेपी में ऐसा पाशा खेला जो कोई सोच भी नहीं सकता।

दरअसल दिल्ली नगर जोन चुनाव में कांग्रेस ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज कर ली है और उसमें अहम रोल बीजेपी ने अदा किया है। जी हां बीजेपी ने आम आदमी के दबदबे को कम करने के लिए कांग्रेस को वोट किया जिसके एवज में कांग्रेस की सीमा ताहिरा चेयरमैन बनी और सुलक्षणा डिप्टी चेयरमैन का चुनाव जीत गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसारइस चुनाव में कांग्रेस के पास केवल 6 वोट थे लेकिन उन्हें मिले 9 वोट जिसमें से 3 वोट बीजेपी के थे। इसके बाद सब दंग रह गए क्यों की कांग्रेस की धुर विरोधी पार्टी ने उसके समर्थन में वोट डाल दिया। यह सिर्फ आप पार्टी को रोकने के लिए किया गया।

क्यो की आम आदमी के पास पार्षदों में 8 वोट थे लेकिन फिर भी हार का सामना करना पड़ा जबकि कांग्रेस को बीजेपी कि वजह से 9 वोट मिल गए।

कांग्रेस को समर्थन देने के भाजपा के फैसले को भाजपा की विधानसभा चुनाव की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. दरअसल भाजपा की नजर सिटी जोन में पड़ने वाली 4 विधानसभा सीटें चांदनी चौक, मटिया महल, सदर बाजार और बल्लीमारान पर है. मुस्लिम बाहुल्य इन विधानसभा सीटों में भाजपा, कांग्रेस को मजबूत करना चाहती है. भाजपा जानती है कि अगर मुस्लिम वोट बैंक में कांग्रेस की पकड़ मजबूत होगी तो उनके लिए आम आदमी पार्टी को हराना आसान होगा.