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केजरीवाल, सिसोदिया और पाठक नहीं हुए पेश तो जस्‍ट‍िस स्‍वर्णकांता क्‍यों बोलीं – मैं वेट कर रही हूं…

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दिल्ली शराब नीति से जुड़े सीबीआई के एक मामले की द‍िल्‍ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपी संख्या 16 की ओर से एक वकालतनामा दाखिल किया गया, लेकिन जवाब दाखिल करने का समय समाप्त हो चुका था. इसके बाद वकील ने जज से और समय मांगा. इसके बाद हाईकोर्ट ने वकील के जवाब को र‍िकॉर्ड में दर्ज कर ल‍िया. सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि अब तीन लोग केजरीवाल, सिसोदिया और दुर्गेश पाठक उपस्थित नहीं हो रहे हैं और हम उनकी सहमति की प्रतीक्षा कर रहे हैं.

दिल्ली शराब नीति से जुड़े सीबीआई मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान एक दिलचस्प स्थिति बन गई जब अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि वह अब भी तीन प्रमुख नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक की ओर से सहमति का इंतज़ार कर रही है.

यह मामला सीबीआई की अपील से जुड़ा है, जिसकी सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच कर रही हैं. सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए. सुनवाई की शुरुआत में हाईकोर्ट को बताया गया कि आरोपी संख्या 16 की ओर से एक और वकालतनामा दाखिल किया गया है हालांकि जवाब दाखिल करने की समय-सीमा पहले ही खत्म हो चुकी थी।. वकील ने समय मांगा जिसके बाद कोर्ट ने उस जवाब को रिकॉर्ड पर ले लिया.

जस्‍टि‍स स्‍वर्णकांता शर्मा क्‍या बोलीं?
इसी दौरान जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने साफ तौर पर टिप्पणी की कि अब तक तीन लोग केजरीवाल, सिसोदिया और दुर्गेश पाठक अदालत के सामने उपस्थित नहीं हो रहे हैं।. उन्होंने कहा कि वह उनकी सहमति का इंतजार कर रही हैं ताकि उनकी ओर से प्रतिनिधित्व के लिए कुछ एमिकस क्यूरी (अदालत द्वारा नियुक्त वकील) को नियुक्त करने की अनुमति मिल सके. जस्टिस शर्मा ने कहा कि वह इस मुद्दे पर सोमवार को विचार करेंगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि सोमवार को बहस नहीं सुनी जाएगी बल्कि उस दिन एमिकस क्यूरी की नियुक्ति की जाएगी और मंगलवार से बहस शुरू होगी.

हम वैधता पर सुनवाई करेंगे: जस्‍ट‍िस शर्मा
हाईकोर्ट को यह भी बताया गया कि कुछ प्रतिवादियों ने सीबीआई की याचिका की वैधता को ही चुनौती दी है. इस पर जस्टिस शर्मा ने कहा क‍ि ठीक है, हम वैधता पर सुनवाई करेंगे? साथ ही अदालत को यह भी जानकारी दी गई कि वैधता को चुनौती देने वाली याचिका के जवाब में भी याचिका दाखिल कर दी गई है. सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह आग्रह किया कि चूंकि यह उनकी (सीबीआई की) याचिका है, इसलिए सबसे पहले उन्हें सुना जाना चाहिए.

कुल मिलाकर, केस की अगली दिशा इस बात पर भी निर्भर करती दिख रही है कि केजरीवाल, सिसोदिया और दुर्गेश पाठक की ओर से सहमति मिलती है या नहीं क्योंकि जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने साफ कर दिया है कि वह अभी भी उनकी सहमति का इंतजार कर रही हैं ताकि अदालत उनकी अनुपस्थिति में भी एमिकस क्यूरी नियुक्त कर सुनवाई को आगे बढ़ा सके.