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भारत को अमेरिका ने करेंसी मॉनिटरिंग कमेटी से किया बाहर, बताई ये वजह

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नई दिल्ली। अमेरिका ने भारत को मुद्रा की निगरानी समिति से बाहर कर दिया है। अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने प्रमुख व्यापार भागीदारों की विदेशी मुद्रा विनिमय नीतियों और मैक्रो इकोनॉमिक्स फैक्टरों पर कांग्रेस को भेजी अर्द्धवार्षिक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी है। अमेरिका ने इस फैसले के पीछे भारत द्वारा उठाए गए कुछ महत्वपूर्ण कदमों का जिक्र किया है, उसने कहा कि इन कदमों से मौद्रिक नीति को लेकर उसकी आशंकाएं दूर हुई हैं। भारत के अलावा स्विट्जरलैंड दूसरा देश है जिसे अमेरिका ने इस सूची से बाहर किया है। अमेरिका की इस सूची में अब चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, जर्मनी, इटली, आयरलैंड, सिंगापुर, मलेशिया और वियतनाम शामिल हैं।

भारत के काम से अमेरिका खुश

अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने कहा, ‘इस रिपोर्ट में भारत को निगरानी की सूची से बाहर किया जाता है। भारत को लगातार दो रिपोर्ट में सिर्फ एक कारक अमेरिका के साथ द्विपक्षीय सरप्लस पर प्रतिकूल पाया गया है।’ रिपोर्ट में कहा गया, ‘न तो भारत और न ही स्विट्जरलैंड को, अक्टूबर 2018 की रिपोर्ट के साथ ही इस रिपोर्ट में भी एकतरफा दखल देने का जिम्मेदार पाया गया है। इस कारण भारत और स्विट्जरलैंड दोनों को मुद्रा की निगरानी सूची से बाहर किया जाता है।’

मई 2018 में भारत को किया गया था सूची में शामिल

भारत को अमेरिका ने पहली बार मई 2018 में इस सूची में डाला था। भारत के साथ ही पांच अन्य देशों चीन, जर्मनी, जापान, दक्षिण कोरिया और स्विट्जरलैंड को भी इस सूची में शामिल किया गया था। मंत्रालय ने कहा, ‘भारत की परिस्थितियां उल्लेखनीय तरीके से बेहतर हुई हैं। वर्ष 2018 के पहले छह महीने में रिजर्व बैंक द्वारा की गई शुद्ध बिक्री से जून 2018 तक की चार तिमाहियों में विदेशी मुद्रा की शुद्ध खरीद कम होकर 4 अरब डॉलर यानी सकल घरेलू उत्पाद के महज 0.2 प्रतिशत पर आ गई।’ हालांकि अमेरिका ने चीन को इस बार भी सूची में बनाए रखा है, लेकिन उसे मुद्रा के साथ छेड़छाड़ करने वाला देश घोषित करने से इस बार भी इनकार किया है। मंत्रालय ने इस रिपोर्ट में कहा कि कोई भी देश मुद्रा के साथ छेड़छाड़ की शर्तों पर गलत नहीं पाया गया है।

CM भूपेश बघेल की मां की तबीयत खराब, ICU में भर्ती

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मां बिंदेश्वरी बघेल की तबीयत बुधवार दोपहर को अचानक खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अस्पताल के आईसीयू में उनका इलाज चल रहा है. चिकित्सकों ने फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई है, लेकिन बेहतर इलाज के लिए उन्हें कुछ दिन अस्पताल में ही रहने की सलाह भी दी गई है. आईसीयू में ही इलाज जारी है.

मिली जानकारी के मुताबिक जब सीएम के मां की तबीयत खराब हुई, तब वे मंत्रालय में कामकाज निपटा रहे थे. खबर मिलने के बाद वे सीधे अस्पताल पहुंचे, जहां उनकी मां को भर्ती कराया गया है. वहां उन्होंने चिकित्सकों से अपनी मां का हालचाल जाना उसके बाद वे वहां से निकल गए. डाक्टरों की टीम द्वारा लगातार उनके स्वास्थ्य की जांच कर रही है. इससे कुछ दिन पहले भी उनकी मां की तबीयत खराब हो गई थी.

सरगुजा फतेह करने वाली रेणुका सिंह मोदी कैबिनेट में बनेंगी मंत्री!, जानें खास बातें

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कैबिनेट में छत्तीसगढ़ से सरगुजा सीट पर फतेह करने वाली रेणुका सिंह को मंत्री बनाया जा सकता है. सूत्रों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में अब तक सिर्फ एक सांसद को ही पीएमओ से फोनकॉल आया है, वो रेणुका सिंह ही हैं. अब तक राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय, रामविचार नेताम और दुर्ग सांसद विजय बघेल के नाम पर चर्चा हो रही थी, लेकिन अब नया नाम रेणुका सिंह का सामने आया है.

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 में संभागवार परिणाम में बीजेपी का सबसे बुरा हाल सरगुजा में ही हुआ. यहां की सभी 14 सीटों पर बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा. फिर भी लोकसभा चुनाव में सरगुजा संसदीय क्षेत्र में बीजेपी मजबूत मानी जा रही है. बीजेपी ने यहां से पूर्व विधायक रेणुका सिंह को मैदान में उतारा. तेजतर्रार छवि वाली रेणुका सिंह का सीधा मुकाबला कांग्रेस के प्रत्याशी खेलसाय सिंह से था. आदिवासी नेता रेणुका सिंह को डेढ़ लाख से अधिक वोटों से जीत मिली.

रमन कैबिनेट में रही हैं मंत्री
बीजेपी ने सरगुजा से कमलभान सिंह मरावी का टिकट काटते हुए रेणुका को टिकट दी. रेणुका सिंह पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री भी रही चुकी हैं. वे अनुसूचित जनजाति की तेजतर्रार नेत्री के तौर पर भी जानी जाती हैं. रेणुका सिंह प्रेमनगर से विधायक दो बार निर्वाचित हुई हैं. 2003 से 2005 तक महिला बाल विकासअ मंत्री भी रही हैं. वे 2005 से 2013 तक सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष भी थीं.

File Photo.

रेणुका सिंह दो बार प्रेम नगर विधानसभा सीट से बीजेपी की विधायक रह चुकी हैं. पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने अपने पहले कार्यकाल में रेणुका को महिला और बाल विकास मंत्री बनाया था. हालांकि, साल 2013 के विधान सभा चुनाव में वे प्रेम नगर विधानसभा सीट से कांग्रेसी उम्मीदवार खेलसाय सिंह से 18 हजार मतों से हार गई थीं. इसके बाद साल 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें मौका नहीं दिया, लेकिन लोकसभा चुनाव में उतारा है.

इन पदों का भी संभाला जिम्मा

सरगुजा लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी रेणुका सिंह पिता फूल सिंह 58 वर्ष सूरजपुर जिले के सुभाष चौक रामानुजनगर निवासी हैं. रेणुका सिंह ने हायर सेकेंडरी स्कूल तक की पढ़ाई की है. रेणुका सिंह वर्ष 2000-03 तक अविभाजित मध्यप्रदेश में भाजपा रामानुजनगर मंडल की प्रथम महिला अध्यक्ष बनी थीं. वर्ष 2000 से 2003 तक रामानुजनगर जनपद सदस्य निर्वाचित होने के अलावा 2001 से 2003 तक समाज कल्याण बोर्ड की सदस्य भी रह चुकी हैं. वर्ष 2002 से 2004 तक भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री रहीं. वर्तमान में भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं.

अब तक की सबसे बड़ी ‘तबाही’ की ओर बढ़ा पाकिस्तानी रुपया! दुनिया में हुआ सबसे ज्यादा कमजोर

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पाकिस्‍तान में आम आदमी के लिए कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है. पिछले एक महीने में पाकिस्तानी करेंसी दुनिया में सबसे ज्यादा कमजोर हुई है. जिसकी कीमत पाकिस्तानियों को चुकानी पड़ रही है. न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रोजाना निचले स्तर को छू रहा है. रुपये में गिरावट की वजह से पाकिस्तान में खाने-पीने की चीजों के साथ-साथ पेट्रोल-डीज़ल के दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं. अगले कुछ महीने मेंं पाकिस्तानी रुपया 200 प्रति डॉलर के स्तर को छू सकता है. ऐसा होने पर पाकिस्तान में महंगाई और तेजी से बढ़ने की आशंका है, क्योंकि पाकिस्तान अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है. साथ ही, कई रोजमर्रा के इस्तेमाल में आने वाली चीज़ें भी विदेशों से मंगाई जाती है. ऐसे में पाकिस्तान की इमरान खान सरकार के लिए इंपोर्ट महंगा हो जाएगा. लिहाजा महंगाई और तेजी से बढ़ सकती है.

ब्लूमबर्ग को दिए एक इंटरव्यु में अर्थशास्त्री केसर बंगाली कहते हैं कि पाकिस्तानी रुपये का संभलना बेहद मुश्किल नज़र आ रहा है, क्योंकि कर्ज बहुत ज्यादा है. वहीं, सरकार की आमदनी घट रही है. वहीं, महंगाई आसमान छू रही हैं. ऐसे में पाकिस्तानी रुपया साल के अंत तक 200 प्रति डॉलर तक जा सकता है.  पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बूम एंड बस्ट सायकल से गुजर रही हैं. पिछले एक साल के दौरान रुपया 20 फीसदी कमजोर हो चुका है. 

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घी पर 5 रुपये/लीटर की छूट होगी वापस-पाकिस्तान वनस्पति मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन (PVMA) के चेयरमैन तारिक उल्लाह सुफी ने कहा, वेलेटाइल एक्सचेंज रेट का पाकिस्तान पर निगेटिव इम्पैक्ट पड़ेगा. इसलिए हम अगले हफ्ते से घी और कुकिंग ऑयल पर 5 रुपये प्रति किलो/लीटर छूट वापस लेने की सोच रहे हैं. रमज़ान के मौके पर घी और कुकिंग इंडस्ट्री ने छूट की घोषणा की थी.

इंपोर्टेड FMCG 15 से 20 फीसदी तक महंगे-पाकिस्तानी रुपये की कीमत गिरने से इंपोर्टेड FMCG प्रोडक्ट्स 15 से 20 फीसदी तक महंगे हो गए हैं. वहीं इंपोर्टेड चाय की कीमत 35 से 40 रुपये प्रति किलो बढ़ गई है.

क्यों बढ़ रही है महंगाई- दिनों दिन डॉलर के मुकाबले कम होते पाकिस्‍तानी रुपये का ही नतीजा है कि मार्च में पाकिस्‍तान में महंगाई दर पिछले पांच साल के शीर्ष स्‍तर 9.41 फीसदी पर पहुंच गई थी. अप्रैल में यह 8.8 फीसदी दर्ज की गई. इस साल अप्रैल-जुलाई के बीच महंगाई दर 7 फीसदी पर पहुंची. पिछले साल इसी समय यह दर 3.8 फीसदी थी

रुपये की कमजोरी को लेकर काम शुरू किया- पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) ने हाल में इसको लेकर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. SBP ने ब्याज दरें बढ़ाकर 12.25 फीसदी कर दी है. ये कदम महंगाई को काबू करने के लिए ही उठाया गया है.

SBP की चेतावनी- पाकिस्‍तान में अगले वित्‍त वर्ष में महंगाई अपने चरम पर होगी. वहां के शीर्ष बैंक स्‍टेट बैंक ऑफ पाकिस्‍तान (एसबीपी) ने इसे लेकर चेतावनी जारी की है. स्‍टेट बैंक ऑफ पाकिस्‍तान द्वारा जारी यह चेतावनी इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) की ओर से पाकिस्‍तान को मिल रहे 6 अरब डॉलर के पैकेज के दौरान जारी की गई. ऐेसे में इस पैकेज को लेकर और जटिल हालात बन सकते हैं. माना जा रहा है कि इसकी ब्‍याज दर अधिक हो जाएगी.

नहीं है पाकिस्तान के पास पैसा- पाकिस्‍तान का विदेशी मुद्रा भंडार भी घटकर 8.8 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. पाकिस्‍तान सरकार ने स्‍टेट बैंक ऑफ पाकिस्‍तान से इस वित्‍त वर्ष में अब तक 4.8 लाख करोड़ रुपये कर्ज लिया हुआ है. य‍ह पिछले साल इसी समय तक 2.4 गुना अधिक था. राजस्‍व वसूली में कमी, सुरक्षा पर अधिक धन खर्च होने और विदेशी कर्ज में अधिक ब्‍याज दर अदा करने के कारण इस वित्‍त वर्ष के पहली तीन तिमाही में राजकोषीय घाटा काफी अधिक होने का अनुमान जताया जा रहा है.

अब सेना के पायलट कराएंगे सैर, मोदी सरकार ले सकती है ये फैसला

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फाइटर प्लेन उड़ाने वाले पायलट अब आपको देश-विदेश की सैर कराएंगे. एयरफोर्स, नेवी और सेना के पायलट अब इंडिगो, स्पाइसजेट और एयर इंडिया जैसी एयरलाइंस के विमान उड़ाते नजर आएंगे. सरकार, सेना के पायलटों को सिविल पायलट बनाने के लिए नियमों में बदलाव कर सकती है. सिविल एविएशन में पायलटों की कमी और विदेशी पायलटों को मोटी तनख्वाह से निजात के लिए ये फैसला लिया जा सकता है.

एविएशन मंत्रालय ने इससे जुड़े नियमों को अंतिम रुप देने के लिए हाल ही में एयरफोर्स, नेवी और आर्मी के उच्च अधिकारियों के साथ एक बैठक भी की है. 10 से 12 परसेंट की तेजी से बढ़ रहा भारतीय एविएशन सेक्टर इन दिनों पायलटों की भारी कमी से जूझ रहा है.

सेंटर फॉर एशिया पैसेफिक एविएशन की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2019-20 में भारत में 800 पायलट की जरूरत है. यह कमी पूरा करने के लिए सेना के पायलट बेहतर विकल्प हो सकते हैं. जानकारों की मानें तो सेना में पायलटों की ट्रेनिंग बेहद कड़ी और बेहतर होती है. लेकिन फिर भी पैसेंजर या कार्गों एयरलाइंस उड़ाने के लिए उन्हें साधारण ट्रेनिंग से गुजरना होगा.

कांग्रेस नेता ने कहा- 36 टुकड़े कर दिए जाएं तो भी नहीं ज्वाइन करूंगा बीजेपी

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गुजरात में जहां कांग्रेस पार्टी एक तरफ लोकसभा चुनाव में हुई करारी हार से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी से लगातार कई नेताओं का बीजेपी में शामिल होना भी परेशानी का सबब बना हुआ है. इस बात की अफवाह है कि करीब 10 कांग्रेस विधायक बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.

राजनीति के जानकारों का मानना है कि फिर से एक बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. इसी बीच कांग्रेस नेता और विधायकों ने बीजेपी में शामिल होने की बात से इनकार किया है. जामखंभालिया से कांग्रेस विधायक विक्रम माडम ने तो यहां तक कहा कि अगर मेरे शरीर के 36 टुकड़े भी कर दिए जाएं तो भी मैं बीजेपी ज्वाइन नहीं करूंगा.

जामनगर के पूर्व सांसद ने बताया कि जो लोग अफवाह फैला रहे हैं कि बीजेपी ज्वाइन करने वाला हूं वे लोग पागल हैं. मैं बिकाऊ नहीं हूं. मैं अपने संसदीय क्षेत्र में पिछले तीन साल से घूम रहा हूं. देवधर से कांग्रेस विधायक शिवभाई भुरिया ने भी बीजेपी ज्वाइन करने की रिपोर्ट को गलत बताया. उन्होंने कहा, ‘यह अफवाह है. मैं किसी भी बीजेपी नेता से नहीं मिला हूं. मैं कांग्रेस के साथ हूं.’

इसी बीच राधनपुर से बागी कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोर और बीजेपी राज्य प्रमुख जीतू वाघाणी ने अपने बयान से सबको चौंका दिया. अल्पेश ने कहा कि 15 कांग्रेस विधायक जल्दी ही पार्टी छोड़ने वाले हैं जबकि जीतू वाघाणी ने कहा भले ही बहुमत नहीं है लेकिन वह दोनों राज्यसभा सीट जीत जाएगी.

गुजरात विधानसभा चुनाव में इस वक्त 182 सीटों में से 179 सीटें हैं, क्योंकि तीन विधायकों को अयोग्य करार दे दिया गया है. इसमें बीजेपी के पास 103 तो कांग्रेस के पास 71 विधायक हैं जिसकी वजह से कांग्रेस आराम से एक राज्यसभा सीट जीत लेगी. बता दें कि अमित शाह और स्मृति ईरानी के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था.

मंत्री पद के लिए स्मृति, राजनाथ, सीतरमण, रविशंकर को गए फोन

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नरेंद्र मोदी आज (गुरुवार) को दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं. 2014 की तरह ही इस बार भी प्रधानमंत्री मोदी और उनके मंत्रीमंडल का शपथ ग्रहण समारोह मेगा इवेंट होने वाला है. कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 8000 मेहमानों को न्योता भेजा गया है. बाहरी मेहमानों में बांग्लादेश, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, नेपाल और भूटान के प्रमुख शामिल होंगे. इसके अलावा सांसदों और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी न्यौता दिया गया है.

जिन लोगों को प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया गया है, उनमें BIMSTEC देशों के नेता, विपक्ष के सभी राजनेता, खेल की दुनिया के सितारे और बॉलीवुड के बड़े चेहरे शामिल हैं. आपको बता दें कि इससे पहले शपथ ग्रहण समारोह में 3500 से 5 हजार मेहमानों को ही निमंत्रण दिया जाता था.

सूत्रों के मुताबिक, इस बार मोदी सरकार की कैबिनेट में कई बड़े चेहरों को भी जगह मिल सकती है. बीजेपी के जिन नेताओं को कैबिनेट में जगह दी जा सकती है उनमें राजनाथ सिंह, मुख्तार अब्बास नकवी, पीयूष गोयल, स्मृति ईरानी, नितिन गडकरी, रामविलास पासवान, निर्मला सीतारमण, प्रकाश जावड़ेकर, रविशंकर प्रसाद,अनुप्रिया पटेल, नरेंद्र सिंह तोमर, धर्मेंद्र प्रधान, जेपी नड्डा, गिरिराज सिंह, आरके सिंह, राज्यवर्धन सिंह राठौर, अर्जुन सिंह, गजेंद्र सिंह शेखावत, रामदास आठवले शामिल हैं.

कल तक कर लें PAN कार्ड के लिए अप्लाई! वरना चुकाना होगा हजारों का जुर्माना

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पैन कार्ड आधार और वोटर आईडी कार्ड की तरह की एक जरूरी डॉक्यूमेंट है. इसके बावजूद कई लोग पैन कार्ड नहीं बनवाते हैं. लेकिन अब अगर आप बिना पैन कार्ड के एक साल में 2.5 लाख रुपये से ज्यादा का पैसों का लेन-देन करते हैं तो 31 मई से पहले आपको पैन कार्ड के लिए आवेदन करना होगा. इसमें व्यक्तिगत और गैर व्यतिकगत श्रेणी (Non-individual entities) के लोग शामिल है. ऐसा नहीं करने वाले लोगों पर इनकम टैक्स विभाग लगेगा भारी जुर्माना.

इनके लिए जरूरी है PAN कार्ड का आवेदन करना 

आयकर कानून के सेक्शन 139ए के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष में किसी कंपनी, ट्रस्ट, एलएलपी, हिंदु अविभाजित परिवार (एचयूएफ) आदि हैं और जो भारत में बिना पैन के कारोबार कर रही हैं एवं जिनका वार्षिक टर्नओवर 2.5 लाख रुपये से ज्यादा का है उनको 31 मई से पहले इसके लिए आवेदन करना होगा.

10 हजार का लगेगा जुर्माना

टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर ऐसा नहीं किया गया तो सीबीडीटी ऐसी कंपनियों व व्यक्तियों पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा. आयकर कानून के नियम 114बी के अनुसार अगर लोग या फिर कंपनियां वाहनों की खरीद-फरोख्त करती हैं, बैंक में एफडी के अलावा अन्य कोई खाता खोलती हैं, डीमैट खाता खोलती हैं, म्यूचुअल फंड में निवेश करती हैं या फिर अचल संपत्ति की खरीद-फरोख्त करती हैं, तो फिर उनको पैन कार्ड के लिए आवेदन करना जरूरी होगा.

निदेशक, पार्टनर के लिए भी है जरूरी

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने 5 दिसंबर 2018 को इस बारे में नोटिफिकेशन जारी किया था. इस नोटिफिकेशन में 31 मई आखिरी तारीख रखी गई थी. नोटिफिकेशन के मुताबिक इन कंपनियों, ट्रस्ट आदि के निदेशक, पार्टनर, ट्रस्टी, संस्थापक, कर्ता और सीईओ के पास अगर पैन कार्ड नहीं है, तो उन्हें भी इसके लिए आवेदन करना होगा. आईटीआर नहीं भरने वाली कंपनियों को पैन कार्ड के लिए आवेदन करना होगा.

एक स्पेलिंग की गलती से हो जाती बड़ी ‘मिस्टेक’, विदेश भाग जाते नरेश गोयल!

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एक छोटी सी गलती के चलते जेट एयरवेज के प्रमोटर और पूर्व अध्यक्ष नरेश गोयल और उनकी पत्नी देश छोड़ कर निकलने में लगभग कामयाब हो गए थे लेकिन समय रहते वह गलती पकड़ में आ गई और विमान को रोक कर दोनों को उतारा गया. यह छोटी सी गलती थी उनके नाम की स्पैलिंग बदली हुई होना. दरअसल मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स की तरफ से गोयल के खिलाफ जारी लुक आउट सर्कुलर में उनके सरनेम की स्पैलिंग में एक गलती होने के चलते इमिग्रेशन काउंटर पर वह पकड़ में नहीं आ सके.

Goel की जगह Goyal 

दरअसल लुक आउट सर्कुलर में नरेश गोयल के सरनेम की स्पैलिंग Goel के स्‍थान पर Goyal हो गई. जब नरेश और उनकी पत्नी इमिग्रेशन काउंटर पर पहुंचे तो उनके पासपोर्ट नंबर के साथ सिस्टम में Goel सरनेम था जिसके चलते लुक आउट सर्कुलर का पता नहीं चल सका और नरेश विमान में बोर्ड होने में सफल हो गए.

रोका गया था विमान 

एमिरेट्स की फ्लाइट में सवार होकर नरेश दुबई रवाना होने ही वाले थे. उनका विमान उड़ान भरने ही वाला था लेकिन इसी दौरान इमिग्रेशन काउंटर से एक बार फिर जांच करने पर इस बात का खुलासा हो गया कि नरेश गोयल के नाम का ही लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया है. जिसके बाद विमान को तत्काल रोक कर नरेश और उनकी पत्नी को उतारा गया. इस दौरान विमान को करीब एक घंटे की देरी से रवाना किया गया.

गौरतलब है कि जेट एयरवेज पर 8400 करोड़ रुपए का कर्ज है और कंपनी 18 अप्रैल से सेवाएं नहीं दे रही है. नरेश जेट एयरवेज के प्रमोटर और अध्यक्ष थे और हाल ही में उन्होंने अपना इस्तीफा दिया था.

नौकरानी के बैंक खाते में थे 700 रुपये, 32 महीने में हो गए 75 लाख

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चेन्नई की रहने वाली सारिता घरेलू नौकरानी है. वो एक सरकारी अफसर के यहां काम करती थी. ये अफसर पेट्रोलियम विस्फोटक एवं सुरक्षा संगठन विभाग में सयुंक्त मुख्य नियंत्रक के पद पर तैनात थे. 32 महीने पहले सारिता उनके यहां काम करने आई थी. उस वक्त सारिता के बैंक खाते में सिर्फ 700 रुपये थे. लेकिन अब सारित के खाते में 75 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम है.

सारिता के बैंक खाते को देखकर सीबीआई भी हैरान है. सीबीआई अफसर के खिलाफ एक मामले की शिकायत के बाद जांच कर रही थी. जांच की इसी कड़ी में सीबीआई ने अफसर के यहां काम करने वाली सारिता के बैंक खाते की भी जांच की तो ये मामला सामने आया.

सूत्रों की मानें तो अफसर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने की जांच चल रही है. ये अफसर चेन्नेई में तैनात रहे हैं. ये अफसर अगस्त 2015 से लेकर अप्रैल 2018 तक चेन्नई में तैनात रहे हैं.

सीबीआई की जांच में ये भी सामने आया है कि सारिता के नाम पर 1.37 करोड़ रुपये की और संपत्ति भी है. सारिता के बैंक खाते में 75 लाख रुपये भी इस अफसर ने ही जमा कराए थे.