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ममता बनर्जी का पीएम मोदी पर पलटवार,56 ईंच के सीने को मारूंगी तो मेरा हाथ टूट जाएगा

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चुनावी मौसम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के बीच जुबानी जंग लगातार जारी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर पलटवार करते हुए कहा कि आपका सीना 56 इंच का है, मैं कैसे आपको तमाचा मार सकती हूं। ममता बनर्जी ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि मैंने कहा था का आपको लोकतंत्र का तमाचा पड़ेगा, मैंने सही में तमाचा मारने की बात नहीं की थी। मैंने कहा था कि मैं आपको लोकतंत्र का तमाचा मारूंगी। आखिर मैं आपको तमाचा क्यों मारूंगी, अगर मैं आपको तमाचा मारती हूं तो मेरा हाथ टूट जाएगा, ऐसे में मैं ऐसा क्यों करूं। आपका सीना 56 इंच का है, आखिर मैं आपको कैसे तमाचा मार सकती हूं, मैं आपका ना तो तमाचा मारनी चाहती हूं ना ही आपको छूना चाहती हूं।

बता दें कि इससे पहले ममता बनर्जी ने सिमूलिया में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि मैंने लोकतंत्र के तमाचे की बात कही थी, असली के तमाचे की बात नहीं कही थी। ममता ने कहा कि पीएम मोदी कह रहे हैं कि मैंने कहा था कि मैं उन्हें तमाचा मारूंगी, अरे वो लोकतंत्र का तमाचा है, आप मेरी भाषा को समझने की कोशिश करिए। गौरतलब है कि रघुनाथपुर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मंगलवार को ममता बनर्जी ने कहा था कि मोदी को लोकतंत्र का जोरदार तमाचा पड़ना चाहिए। लेकिन जब ममता के इस बयान पर लोगों ने निशाना साधा तो ममता बनर्जी ने अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का तमाचा मतदाता अपने वोट से देता है।

आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव के पांच चरण के मतदान हो चुके हैं। आज छठे चरण का मतदान हो रहा है। गौरतलब है कि आज लोकसभा चुनाव के छठे चरण में 7 राज्यों की 59 लोकसभा सीटों पर मतदान हो रहा है, छठे चरण में जिन लोकसभा सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं, उनमें यूपी की सबसे ज्यादा 14 लोकसभा सीटें शामिल हैं। इसके अलावा छठे चरण में हरियाणा की 10 सीटें, देश की राजधानी दिल्ली की 7 सीटें, मध्य प्रदेश की 8, पश्चिम बंगाल की 8, बिहार की 8 और झारखंड की 4 सीटों पर मतदान हो रहा है। चुनाव आयोग ने छठे चरण के मतदान को लेकर सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए है।

अहमदाबाद से पुणे जानी वाली इंडिगो की फ्लाइट के ब्रेक फेल, पायलट ने ऐसे बचाए 100 यात्री

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गुजरात में अहमदाबाद से पुणे जाने वाले इंडिगो के प्लेन के ब्रेक उड़ान भरते वक्त फेल हो गए। प्लेन के पायलट की सतर्कता से हादसा टल गया। प्लेन में करीब 100 यात्री सवार थे। यदि प्लेन उड़ान भरता तो बड़ा हादसा हो सकता था। मगर, अहमदाबाद के घरेलू हवाई अड्डे पर ही प्लेन रोक लेने से कोई अनहोनी नहीं हो पाई।

जानकारी के अनुसार, इंडिगो की फ्लाइट (6ई- 351) अहमदाबाद से पुणे जाने वाली थी। पायलट ने जैसे ही टेक-आॅफ की तैयारी की तो पता चला कि ब्रेक फेल हो चुके थे। ब्रेक फेल होने पर प्लेन को रन-वे पर ही रोक दिया गया। इसके बाद बहुत धीमी रफ्तार से रन-वे से हटाया गया। करीब दो घंटे की मरम्मत के बाद प्लेन को पुणे के लिए रवाना किया गया। वह प्लेन शाम 4.35 बजे रन-वे पर पहुंचा था।

बताया जा रहा है कि खुद पायलट ने फ्लाइट को रोककर ब्रेक फेल होने की सूचना यात्रियों को दी थी। अनाउंसमेंट होते ही प्लेन में बैठे 100 यात्रियों में हलचल मच गई। जिसके बाद पायलट ने एटीसी से फ्लाइट कैंसिंल कराई।

फ्लाइट कैंसिंल होने पर प्लेन को पार्किंग में ले जाया गया। जहां तकनीकी विभाग के कर्मचारियों को प्लेन के मरम्मत कार्य के लिए बुलवाया गया। एयरपोर्ट के अधिकारियों के मुताबिक, प्लेन में बैठे सभी यात्रियों को सुरक्षित उतारकर टर्मिनल में ले जाया गया था। जिसके बाद प्लेन के मरम्मत कार्य में दो घंटे लगे।

बाज़ार में कॉकरोच के बाद अब आया गधी का दूध, हजारों में है कीमत.

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कॉकरोच के बाद अब बाजार में गधी का दूध भी बिकने लगा है। हालांकि इसकी पहुंच आम आदमी तक नहीं है, क्योंकि छटांक भर दूध खरीदने के लिए भी लोगों को बहुत ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा। पूरे देश में फिलहाल गधी के दूध की मांग देखने को मिल रही है।

जहां गधी के दूध की मांग दिल्ली-एनसीआर के अलावा कोच्चि और पुणे तक देखने को मिल रही है। इस दूध से कंपनियां सौंदर्य उत्पाद बना कर भी बेच रही हैं, जिसकी महिलाओं के बीच काफी मांग है। कंपनियां महिलाओं के लिए गधी के दूध से त्वचा निखारने वाली क्रीम, साबुन और शैंपू बना रही हैं। वहीं घरेलू मार्केट में यह सीधे तौर पर भी बिक रहा है।

देखा जाये तो बड़े शहरों में गधी का दूध सात हजार रुपये प्रति लीटर की दर पर मिल रहा है। इसको मां के दूध के बराबर माना गया है। इसलिए यह नवजात शिशुओं के लिए भी उपयुक्त है।

जिन बच्चों को गाय के दूध से एलर्जी है, उनको गधी का दूध दिया जा सकता है। इसके अलावा पेट की गड़बड़ी से परेशान और स्किन एलर्जी के मरीजों के लिए भी यह दूध काफी फायदेमंद होता है। खांसी, त्वचा रोग और पेट के इलाज के लिए लोग इसका प्रयोग करते हैं।

जहां देश में गधी के दूध का व्यापार बढ़ाने के लिए कृषि मंत्रालय ने अपनी तरफ से पहल की है। इसके दूध का व्यापार बढ़ाने के लिए मंत्रालय ने कृषि अनुसंधान परिषद से संभावना खोजने के लिए कहा है। लेकिन गधी का दूध भी ऊंटनी के दूध की तरह काफी कम समय में प्रयोग किया जा सकता है। वहीं देश में अभी इस तरह के दूध का उत्पादन काफी कम होता है।

वहीं इस दूध से बने कई उत्पाद काफी महंगे हैं। जैसे 200 एमएल का शैंपू 2400 रुपये, अर्थराइटिस की 88 ग्राम की क्रीमत 4840 रुपये और एक्जिमा की क्रीम 6136 रुपये में मिल रही है।

गधी के दूध का महिलाओं द्वारा इस्तेमाल का जिक्र इतिहास में भी मिलता है। दो हजार साल पहले भी इसका इस्तेमाल होता था। ऐसा कहा जाता है मिस्र की रानी क्लियोपेट्रा जो अपनी सुंदरता के लिए जानी जाती थी, वो भी अपने निखार के लिए गधी के दूध का इस्तेमाल करती थी।

गधी का दूध बेचने से किसानों को भी अच्छी कमाई हो रही है। अगर किसी किसान के पास इस वक्त 10 से 12 जानवर हैं तो वो आसानी से एक महीने में 60 से 70 हजार रुपये कमा रहा है। कई किसान जानवर को अपने ग्राहकों के घर पर ले जाते हैं और उनके सामने दूध निकालते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि यह दूध केवल आठ से दस घंटे में ही प्रयोग किया जा सकता है।

गधी के दूध का व्यापार बढ़ाने और किसानों की मदद करने के लिए कृषि वैज्ञानिक भी काफी रिसर्च कर रहे हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि शोध के जरिए इसका उत्पादन बढ़ाकर के किसानों की मदद की जा सकती है।

हिसार स्थित आईसीएआर के नेशनल रिसर्च सेंटर ऑन इक्वाइंस की वरिष्ठ वैज्ञानिक अनुराधा भारद्वाज का मानना है कि किसान इसका लाभ ले सकते हैं। कॉस्मेटिक के अलावा यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी काफी सही है।

जहां एक तो इसमें फैट की मात्रा कम होती है। आर्युवेद के कई डॉक्टर भी त्वचा रोगों जैसे कि एक्जिमा और सोरासिस में गधी के दूध का प्रयोग करने के लिए अपने मरीजों से कहते हैं।

दरअसल गधी का दूध अभी भी विश्व में सबसे महंगा दूध माना गया है। देश में अभी इसका प्रयोग शुरुआती स्तर पर है, हालांकि सरकार द्वारा बढ़ावा मिलने पर देश में भी इसके दाम और कम हो सकते हैं।

गधी के दूध का व्यापार बढ़ाने और किसानों की मदद करने के लिए कृषि वैज्ञानिक भी काफी रिसर्च कर रहे हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि शोध के जरिए इसका उत्पादन बढ़ाकर के किसानों की मदद की जा सकती है। जहां एक तो इसमें फैट की मात्रा कम होती है। आर्युवेद के कई डॉक्टर भी त्वचा रोगों जैसे कि एक्जिमा और सोरासिस में गधी के दूध का प्रयोग करने के लिए अपने मरीजों से कहते हैं।

ये है ‘लैला मजनू की मजार’, सच्चे प्यार की तलाश में आते हैं लोग

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प्यार एक ऐसी चीज़ है जो हर किसी को बाँध लेती है. लोग इसमें रहना भी पसंद करते हैं. प्यार की कहानियां आपने कई सारी सुनी होंगी लैला-मजनू, सोनी-महिवाल और रोमियो-जुलिएट . इस तरह के नाम काफी चर्चित हैं दुनिया में और जब भी प्यार की बात आती है तो इनकी ही मिसाल दी जाती है. आज हम लैला मजनू की बात कर रहे हैं जिनका प्यार किस हद तक था.
दरअसल, लैला-मजनू की प्रेम कहानी ने उन्हें हमेशा-हमेशा के लिए अमर बना दिया. जीते जी भले ही उन्हें मोहब्बत के दुश्मनों ने मिलने नहीं दिया लेकिन मौत के बाद उन्हें कोई एक-दूसरे से जुदा नहीं कर पाया. ऐसे ही लैला-मजनू की इस मजार पर हर साल सभी धर्मों के लोग अपनी हाजिरी लगाने के लिए आते हैं. आपको यकीन नहीं होगा कि जिसे भी अपने प्यार को पाना होता है वो यहां जरूर आता है और मन्नत भी मांगता है. यहां हिंदुस्तान और पाकिस्तान से प्रेमी जोड़े आते हैं इतना ही नहीं इस मजार पर आनेवाले लोगों में हिंदू, मुस्लिम के अलावा सिख और ईसाई धर्म के लोग भी शामिल हैं.

वहीं मान्यताओं के अनुसार यह पवित्र मजार प्रेम करने वालों के लिए बेहद खास है. बता दें, लैला और मजनू ने अपनी जिंदगी के आखिरी लम्हे पाकिस्तान बॉर्डर से महज़ 2 किलोमीटर दूर राजस्थान के गंगानगर जिले की ज़मीन पर गुजारे थे. भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित एक पोस्ट को बीएसएफ की ‘मजनू पोस्ट’ नाम दिया गया है. आप भी यहां एक बार जरूर जा सकते हैं.

जानिए 46 दिन तक बीयर डाइट पर रहा ये शख्स, शरीर में दिखे ये ख़ास परिवर्तन.

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बीयर को लेकर लोगों के मन में कई धारणाएं हैं। बीयर पीने से मोटापा बढ़ता है और पेट भी बाहर आता है, इसलिए लोग अपने चहितों को बीयर से दूर रहने की सलाह देते हैं।

बीयर को लेकर लोगों के मन में कई धारणाएं हैं। बीयर पीने से मोटापा बढ़ता है और पेट भी बाहर आता है, इसलिए लोग अपने चहितों को बीयर से दूर रहने की सलाह देते हैं।

ऐसा माना जाता है कि बीयर पीने से सिर्फ मोटापा बढ़ता है। अमेरिका में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आप हैरान हो जाएंगे। यहां डेल हॉल नाम के शख्स ने लगातार 46 दिनों तक सिर्फ बीयर पी। इस बीच उनका वजन बढ़ा नहीं बल्कि कम हो गया। 46 दिनों में डेल ने 20 किलो वजन घटाया।

वहीं डेली मेल को दिए इंटरव्यू के दौरान डेल ने बताया कि उन्हें ये आइडिया मॉन्क्स द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली लिक्विड डाइट से आया। लिक्विड डाइट के रूप में डेल ने बीयर को चुना। डायट पर जाने से पहले उनका वजन 132 किलो था। 46 दिनों में उनका वजन घटकर 112 किलो हो गया। डेल ने बताया कि डायट के दौरान वो बिलकुल फिट थे उन्हें किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई।

जहां ऐसा बताया है की डेल ने बताया कि बौद्ध भिक्षुओं ने पानी के विकल्प के रूप में उपवास के दौरान पोषक तत्व से भरे शक्तिशाली बीयर का सेवन करते हैं और आज के समय में यह विधि बहुत कारगर है। दरअसल पॉलीन ब्रेवरी के एक विशेषज्ञ मार्टिन जुबेर ने बताया कि भिक्षु का ये लिक्विड ड्रिंक कार्बोहाइड्रेट और पोषक तत्वों से भरा होता है और ये उनके उपवास को भी बनाए रखता है। डेल ये ये भी बताया कि 46 दिनों की बीयर डाइट के बाद वो पहले से ज्यादा हेल्दी और यंग महसूस कर रहे हैं।

वहीं डेली मेल को दिए इंटरव्यू के दौरान डेल ने बताया कि उन्हें ये आइडिया मॉन्क्स द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली लिक्विड डाइट से आया। लिक्विड डाइट के रूप में डेल ने बीयर को चुना। डायट पर जाने से पहले उनका वजन 132 किलो था। 46 दिनों में उनका वजन घटकर 112 किलो हो गया। डेल ने बताया कि डायट के दौरान वो बिलकुल फिट थे उन्हें किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई।

जहां ऐसा बताया है की डेल ने बताया कि बौद्ध भिक्षुओं ने पानी के विकल्प के रूप में उपवास के दौरान पोषक तत्व से भरे शक्तिशाली बीयर का सेवन करते हैं और आज के समय में यह विधि बहुत कारगर है। दरअसल पॉलीन ब्रेवरी के एक विशेषज्ञ मार्टिन जुबेर ने बताया कि भिक्षु का ये लिक्विड ड्रिंक कार्बोहाइड्रेट और पोषक तत्वों से भरा होता है और ये उनके उपवास को भी बनाए रखता है। डेल ये ये भी बताया कि 46 दिनों की बीयर डाइट के बाद वो पहले से ज्यादा हेल्दी और यंग महसूस कर रहे हैं।

दरअसल पॉलीन ब्रेवरी के एक विशेषज्ञ मार्टिन जुबेर ने बताया कि भिक्षु का ये लिक्विड ड्रिंक कार्बोहाइड्रेट और पोषक तत्वों से भरा होता है और ये उनके उपवास को भी बनाए रखता है। डेल ये ये भी बताया कि 46 दिनों की बीयर डाइट के बाद वो पहले से ज्यादा हेल्दी और यंग महसूस कर रहे हैं।

दरअसल पॉलीन ब्रेवरी के एक विशेषज्ञ मार्टिन जुबेर ने बताया कि भिक्षु का ये लिक्विड ड्रिंक कार्बोहाइड्रेट और पोषक तत्वों से भरा होता है और ये उनके उपवास को भी बनाए रखता है। डेल ये ये भी बताया कि 46 दिनों की बीयर डाइट के बाद वो पहले से ज्यादा हेल्दी और यंग महसूस कर रहे हैं।

84 सिख दंगों पर बैकफुट पर कांग्रेस, राहुल बोले ‘दुखद त्रासदी’, माफी मांगे पित्रोदा

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1984 सिख दंगों पर सैम पित्रोदा के बयान से कांग्रेस बैकफुट पर आ गई है। राहुल गांधी ने फेसबुक पर सफाई देते हुए पित्रोदा 1984 दंगों को लेकर सैम पित्रोदा की प्रतिक्रिया से पल्‍ला झाड़ लिया। उन्‍होंने अपने फेसबुक पोस्‍ट में कहा कि वे सैम पित्रोदा के बयान से सहमत नहीं हैं। उन्‍होंने बयान को लेकर सैम पित्रोदा को नसीहत देते हुए कहा कि सैम पित्रोदा को बयान को लेकर माफी मांगनी चाहिए।

राहुल गांधी ने अपने पोस्‍ट में 1984 दंगों को दुखद त्रासदी बताया। उन्‍होंने कहा इस मामले में न्‍याय अवश्‍य होना चाहिए। फेसबुक पर लिखा गुनहगारों को सजा मिलनी चाहिए। साथ ही कहा कि सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह पहले ही इसके लिए माफी मांग चुके हैं।

इससे पहले 1984 सिख दंगों पर दिए अपने बयान पर सैम पित्रोदा ने सफाई देते हुए कहा था कि हिन्दी कम आने की वजह से बयान को तोड़- मरोड़कर पेश किया गया। हालांकि अब तक पित्रोदा ने बयान को लेकर माफी नहीं मांगी है। गुरूवार को सैम पित्रोदा ने सिख दंगों पर पूछे गए सवाल के जवाब में विवादित बयान देते हुए कहा था कि ‘दंगा हुआ तो हुआ।’

पित्रोदा के बयान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पूरी भाजपा हमलावर हो गई थी। शुक्रवार को अपनी चुनावी रैलियों में प्रधानमंत्री ने सैम पित्रोदा के सहारे 1984 दंगों को लेकर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला था।

चिता की राख से आरती करने पर खुश होते हैं उज्जैन के राजा ‘महाकाल’

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उज्जैन के क्षिप्रा नदी के पूर्वी किनारे पर बसा है उज्जैन के राजा महाकालेश्वर का भव्य और ऐतिहासिक मंदिर.

महाकालेश्वर, देवों के देव महादेव के बारह ज्योतिर्लिंगो में से एक है और सबसे खास भी है.

महाकालेश्वर देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में इकलौता दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग हैं.

उज्जैन के राजा महाकाल जितने खास है उतनी ही खास है उन्हे पूजने की परंपरा. महाकाल की तड़के सुबह की पूजा तांत्रिक परंपरा से की जाती है. कहा जाता है कि जब तक चिता की ताज़ी राख से महाकाल की भस्म आरती नहीं होती, तब तक महाकाल खुश नहीं होते हैं.

 

भस्म से होता है महाकाल का श्रृंगार

उज्जैन के राजा महाकाल के मंदिर में आयोजित होनेवाले दैनिक अनुष्ठानों में दिन का पहला अनुष्ठान होता है भस्म आरती का. जो कि भगवान शिव को जगाने, उनका श्रृंगार करने और उनकी सबसे पहली आरती करने के लिए किया जाता है.

इस आरती की खासियत यह है कि आरती हर रोज़ सुबह चार बजे, श्मशान घाट से लाई गई ताजी चिता की राख से महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पर छिड़काव करके की जाती है.

सबसे पहले सुबह चार बजे भगवान का जलाभिषेक किया जाता है. उसके बाद श्रृंगार किया जाता है और ज्योतिर्लिंग को चिता के भस्म से सराबोर कर दिया जाता है.

वैसे तो शास्त्रों में चिता के भस्म को अपवित्र माना जाता है लेकिन भगवान शिव के स्पर्श से भस्म भी पवित्र हो जाता है, क्योंकि शिव तो निष्काम हैं.

 

भस्म आरती का महत्व

भस्म आरती का अपना एक अलग महत्व है.

यह अपने आप में एकमात्र ऐसी आरती है जो विश्व में सिर्फ उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में की जाती है.

कहा जाता है कि हर शिवभक्त को कम से कम एक बार भगवान महाकालेश्वर की भस्म आरती में शामिल ज़रूर होना चाहिए.

हालांकि ताज़े मुर्दे की चिता के भस्म से आरती की बात कितनी सच है यह कोई नहीं जानता. मंदिर प्रशासन की माने तो पहले आरती चिता के राख से होती थी, लेकिन अब कंडे की राख का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन उज्जैन के लोगों की मानें तो आज भी भस्म आरती ताजी चिता के राख से होती है.

आरती में शामिल होने के खास नियम

तड़के सुबह के वक्त होनेवाली भस्म आरती के लिए कई महीने पहले से बुकिंग की जाती है.

भस्म आरती सुबह चार से छह बजे के बीच की जाती है. और इसमे शामिल होने के लिए एक दिन पहले मंदिर प्रशासन से आवेदन पत्र देकर अनुमति हांसिल करना होता है.

अनुमति पत्र तभी हांसिल किया जा सकता है जब आपके पास आपका असली पहचान पत्र हो. अनुमति मिलने के बाद सुबह 2 से 3 बजे के बीच भस्म आरती की लाइन में लगना पड़ता है. तब करीब चार बजे भक्तों को मंदिर में प्रेवश दिया जाता है.

पुरुष धोती पहनकर और महिलाएं साड़ी पहनकर ही इस आरती में शामिल हो सकती हैं. ऐसा न करने पर उन्हे आरती में शामिल नहीं किया जाता है.

कहते हैं जो महाकाल का भक्त है उसका काल कुछ नहीं बिगाड़ पाता, शायद इसलिए महाकाल के इस अद्भुत रुप की एक झलक पाने के लिए देश विदेश से लोग इस नगरी में पहुंचते हैं.

उज्जैन के राजा महाकाल को खुश करने के लिए होनेवाली भस्म आरती में शामिल होने के लिए मंदिर के सभी नियमों का पालन भी करते हैं.

13 साल के लड़के ने कोबरा से बचाई 35 छात्रों की जान, अब मिलेगा राष्ट्रपति जीवन रक्षा पदक

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सामने कोबरा सांप था। 35 बच्चों की जिंदगी दांव पर लगी हुई थी। हर कोई घबरा रहा था। सारे बच्चों की जान हलक में आ गई था, लेकिन जो बिलकुल भी नहीं डरा वो था समर्पण मालवीय। नीडर समर्पण ने न केवल बहादुरी दिखाई बल्कि कोबरा को पकड़कर 35 बच्चों की जान भी बचाई। अब समर्पण को राष्ट्रपति जीवन रक्षा पदक प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है।

आंगनबाड़ी में घुस आया था कोबरा

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के पिपलौदा के सादलपुरा निवासी गणेश मालवीय ने बताया कि दो साल पहले जब उनका बेटा समर्पण 11 साल का था तब बच्चों की जान बचाने वाली घटना हुई है। पिपलौदा के वार्ड नंबर 13 स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र में 23 जनवरी 2017 को करीब 35 बच्चे पढ़ रहे थे। इनमें समर्पण भी था। इस दौरान वहां अचानक कोबरा सांप घुस आया था। सांप को देख बच्चों में अफरा-तफरी मच गई और वे इधर-उधर भागने लगे। सांप आंगनबाड़ी की रसोई में अलमारी की पीछे जाकर छुप गया। तब समर्पण ने चिमटे से कोबरा को पकड़कर बाहर निकाल दिया।

कई जगह हुआ समर्पण का सम्मान

सम​र्पण की बहादुरी को कई जगह सम्मान मिला। रतलाम जिले के सभी विधायकों व तत्कालीन एसपी अमितसिंह ने समर्पण का सम्मान भी किया। जब इसकी बहादुरी की चर्चा क्षेत्र में बढ़ने लगे तो संबंधित विभाग ने गृह मंत्रालय से आवेदन मंगवाया और खानापूर्ति कर दिल्ली भेज दिया। अब गृह मंत्रालय दिल्ली के सचिव राजीव गौबा ने राष्ट्रपति द्वारा जीवन रक्षा पदक दिए जाने की घोषणा का पत्र भेजा गया है।

निलंबित IPS मुकेश गुप्ता पर कसा शिकंजा, राज्य सरकार ने जारी किया आरोप पत्र

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छत्तीसगढ़ के हाईप्रोफाइल मिक्की मेहता हत्याकांड मामले में निलंबित हुए आईपीएस मुकेश गुप्ता की मुश्किलें बढ़ सकती है. IPS मुकेश गुप्ता के खिलाफ आरोप पत्र जारी कर दिया गया है. फोन टेपिंग सहित अन्य दो बिंदुओं पर मुकेश गुप्ता के खिलाफ राज्य सरकार ने ये आरोप पत्र जारी किया है. अब राज्य सरकार ने इस पूरे मामले के जांच की जिम्मेदारी डीजीपी डीएम अवस्थी को सौंपी है. सूत्रों की मानें तो अब मुकेश गुप्ता पर विभागीय जांच से शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है.  बतातें है कि निलंबित डीजी मुकेश गुप्ता पर पुलिस की छवि खराब करने का आरोप है. साथ ही स्टाफ पर दबाव डालकर बैक डेट में गलत तरीके से एंट्री करवाना का भी आरोप लगाया गया है.

क्या है पूरा मामला 
छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के बाद नान घोटाले पर जांच के आदेश दिए गए. तब ये खुलासा हुआ था कि छापे के पहले नान के अफसरों और कर्मचारियों का फोन टेप हो रहा था. इसके पुख्ता सबूत मिलने के बाद ईओडब्लू ने तत्कालीन डीजी मुकेश गुप्ता, एसपी रजनेश सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया. इस मामले में ईओडब्लू के ही डीएसपी आरके दुबे ने डीजी और एसपी के खिलाफ बयान दिया था कि उनके दबाव में उन्होंने अफसरों के फोन अवैध रूप से टेप करवाने का आदेश जारी किया। हालांकि बाद में दुबे का बयान विवादों में पड़ गया.
बयान देने के बाद आरके दुबे ने हाईकोर्ट में हलफनामा दे दिया कि उन पर दबाव डालकर बयान लिखवाया गया था. पर कुछ दिनों बाद उन्होंने फिर हाईकोर्ट में नया हलफनामा देकर अपने पिछले शपथपत्र को गलत ठहराया. उन्होने आरोप लगाया कि मुकेश गुप्ता और रजनेश सिंह के कहने पर ही उन्होंने अवैध तरीके से अफसरों का फोन टेप किय. इसी केस में सवाल जवाब के लिए मुकेश गुप्ता को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया था.

शाहिद कपूर ने एयरपोर्ट पर किया ऐसा काम, बुरी तरह भड़क गए फैंस

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अभिनेता शाहिद कपूर इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘कबीर सिंह’ को लेकर जबरदस्त सुर्खियों में हैं. इस फिल्म का टीजर रिलीज हो चुका है और इसमें शाहिद कपूर का धांसू अवतार देखने को मिला है. वहीं इस बीच एयरपोर्ट से उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसकी वजह से शाहिद की बुरी तरह किरकिरी हो रही है. इस वीडियो में एयरपोर्ट के बाहर खड़ी कार में शाहिद कपूर कुछ करते हुए नजर आ रहे हैं और उनके पीछे सारे कैमरे निगाह गड़ाए हुए हैं. खास बात ये है कि शाहिद कार का दरवाजा खोलकर कार सीट पर बैठे हुए हैं. हालांकि शाहिद के ट्रोल होने की वजह ये नहीं है, बल्कि कुछ और ही है.

दरअसल, इस वीडियो में शाहिद अपनी कार का दरवाजा खोलकर सीट पर बैठते हैं और कुछ सामान लेकर वापस बाहर आ जाते हैं लेकिन कार का दरवाजा बंद नहीं करते. बस इसी बात को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें लोगों ने ट्रोल करना शुरू कर दिया है. किसी का कहना है कि शाहिद कपूर में बेसिक मैनर्स की कमी है तो कोई उन्हें रूड बता रहा है. कुछ ने कहा कि ‘आपमें बहुत ईगो है, आप खुद अपनी कार का दरवाजा भी बंद नहीं कर सकते? अपने स्टाफ की इज्जत करो.’ यहां देखें वीडियो-

हालांकि कई लोगों ने शाहिद समर्थन भी किया है. उनके फैंस ने ट्रोल्स को मुंहतोड़ जवाब देते हुए कहा है कि ‘उनकी कार है, उनका ड्राइवर है वो जो चाहे करेंगे, इससे किसी को भी कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए.’ वहीं कुछ लोगों ने शाहिद के ट्रोल्स को फालतू बताया है.

बता दें कि शाहिद कपूर जल्द ही फिल्म ‘कबीर सिंह’ में नजर आने वाले हैं. ये फिल्म तेलुगु फिल्म अर्जुन रेड्डी की हिंदी रीमेक है. इस फिल्म की कहानी एक ऐसे होनहार स्टूडेंट की है जो प्यार में खुद को खो बैठता है और बुरी आदतों का शिकार हो जाता है. फिल्म में शाहिद के अपोजिट अभिनेत्री कियारा आडवाणी नजर आने वाली हैं.