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विधायक कृष्णा खोपड़े का बयान बोले- रिकॉर्ड वोटों से जनता जीताएगी नितिन गडकरी को

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नागपुर: शहर में लोकसभा मतदान करीब आने के साथ ही पार्टियों का प्रचार और रैलियों का दौर भी बढ़ रहा है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रचार के लिए भाजपा के विधायक भी मेहनत कर रहे हैं. नागपुर टुडे ने भाजपा के विधायक कृष्णा खोपड़े से बातचीत की. खोपड़े ने बताया कि पूर्व नागपुर में प्रचार और रैलियां की जा रही है. लोगों से संपर्क बनाया जा रहा है. शहर के नागरिकों में गडकरी को लेकर काफी उत्साह का माहौल है. लोगों को विश्वास है कि भाजपा के कार्यकर्ता किसी भी समस्या का हल निकाल सकते हैं. नितिन गडकरी 2014 में चुनाव में खड़े थे.

उस समय गडकरी 2 लाख से ज्यादा मतों से जीतकर आए थे. 2014 से लेकर 2019 तक शहर में काफी काम हुए हैं. कांग्रेस के नेता के नाम से कोई भी बड़ा प्रोजेक्ट हो ऐसा कोई उदाहरण शहर में दिखाई नहीं देता है. गडकरी कहते हैं कि यह तो ट्रेलर है. इसका मतलब यह है कि उन्हें नागपुर शहर को देश का सबसे बेहतर शहर बनाना है. इस बार के चुनाव में पिछले बार से ज्यादा की मार्जिन से वे जीतकर आएंगे.

खोपड़े ने आगे कहा कि विपक्षी पार्टियों ने शहर की जनता का सुख दुःख नहीं जाना. शहर में विकास काम नहीं किए. इसलिए जनता उनको मतदान के जरिए ही सबक सिखाएगी. उनके भाषा शैली और उनके विचार काफी निचले स्तर के हो गए हैं. गडकरी ने काम किया इसलिए डंके की चोट पर वह यह बोलते हैं. मेट्रो ट्रैन शहर में लाई. झोपड़पट्टीवासियो को मालकी हक के पट्टे देने का कार्य सरकार की ओर से किया जा रहा है.

कांग्रेस के पास नागपुर से नेता ही नहीं था. गडकरी के सामने किसी भी कांग्रेसी नेता ने टिकट नहीं माँगा. इस शहर ने बड़े बड़े नेता दिए हैं, लेकिन अब गडकरी के सामने किसी भी नेता की हिम्मत नहीं हुई चुनाव लड़ने की. इसलिए भंडारा के व्यक्ति को नागपुर में उम्मीदवार के रूप में खड़ा किया है. जिसका नागपुर की जनता से कोई लेना देना नहीं है.

जाने ग्राउंड रिपोर्ट : संबित पात्रा के वायरल वीडियो और उज्ज्वला योजना का सच क्या है?

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रविवार को जब भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पुरी लोकसभा क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार डॉ. संबित पात्रा ने अपने ट्विटर हैंडल पर चुनाव प्रचार के दौरान एक बूढ़ी औरत के घर खाना खाने का वीडियो पोस्ट किया तब उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि इस वीडियो को लेकर ऐसा हड़कंप मचेगा और उनकी इतनी खिंचाई हो जाएगी.

इस वीडियो पर कई लोगों ने कहा कि ‘उज्ज्वला’ योजना की नाकामी का यह सबसे बड़ा सबूत यही है.

वीडियो में संबित पात्र खाना खाते हुए नज़र आए जबकि उनके पास बैठी उन्हें खाना खिलानेवाली महिला चूल्हे में रसोई करती दिखी. वीडियो देखने के बाद लोगों ने मान लिया कि घर में गैस न होने के कारण ही यह महिला लकड़ी के चूल्हे पर रसोई कर रही है.

इस वीडियो की सच्चाई की पड़ताल करने के लिए बीबीसी पुरी में उस महिला के घर पर पहुंची.

इससे पहले बीबीसी ने भारत सरकार के उस दावे की पड़ताल की थी कि ग्रामीण इलाकों के करीब एक करोड़ घरों में घरेलू गैस सिलेंडर पहुंचाने की उज्जवला योजना बेहद कामयाब रही थी.

बीबीसी जब पुरी में इस महिला के घर पहुंची तो पाया कि उनके घर में ‘उज्ज्वला योजना’ के तहत मिला गैस कनेक्शन है और उसका इस्तेमाल भी होता है.

पुरी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत डेलांग इलाके में रामचंद्रपुर गांव में रहनेवाली 62 वर्षीय इस महिला का नाम है उर्मिला सिंह.

चूल्हे में रसोई करने के बारे में पूछे जाने पर उर्मिला ने बीबीसी से कहा, “हमारे यहाँ पिछले एक साल से गैस है. लेकिन उसका इस्तेमाल मेरी बहू और बेटी करती है. मगर मैं चूल्हे में ही खाना बनाना पसंद करती हूँ.”

“संबित बाबू हमारे गांव प्रचार के लिए आए थे तो मैंने उन्हें अपने घर बुला लिया और अपने हाथों से “चकुली” (एक तरह का दोसा) और सब्ज़ी बनाकर उन्हें परोसा. उन्होंने भी बड़े प्यार से खाया और मुझे भी खिलाया.”

मेरे और सवाल करने पर वो मुझे घर के अन्दर ले गईं और गैस सिलिंडर और चूल्हा दिखाया. उनकी बहू, बेटियों ने भी इस बात की पुष्टि की कि वे गैस पर ही खाना बनाती हैं.

उर्मिला ने बताया कि संबित पात्र ने भी उनसे पूछा था कि वे गैस से रसोई क्यों नहीं करतीं. उनका कहना है, “मैंने उन्हें वही कारण बताया जो अभी आपको बता रही हूँ.”

उन्होंने इस आरोप का भी खंडन किया कि संबित पात्र ने उन्हें अपना जूठा खिलाया. “यह बिलकुल ग़लत है. उन्होंने पहले प्यार से मुझे खिलाया और फिर खुद खाया. मुझे तो वे बहुत अच्छे लगे, अपने बेटे जैसे.”

उर्मिला के घर को बाहर से देखने पर ही उनके परिवार की आर्थिक स्थिति का अंदाज़ा लग जता है. उनके घर के भीतर घुसते ही पता चल जाता है कि परिवार के लिए बसर करना अपने आप में एक चुनौती है. घर में मिट्टी की फर्श है. छत से कई जगह पुआल नदारद है; टीवी या मनोरंजन का कोई दूसरा सामान कहीं नज़र नहीं आया.

उर्मिला के पति का देहांत करीब 20 साल पहले ही हो गया था. घर में दो अविवाहित और मानसिक रूप से पीड़ित बेटियाँ हैं.

38 साल की आशामणि और 33 साल की निशामणि की देखभाल उर्मिला ही करती हैं और शायद मरते दम तक करती रहेंगी.

उनकी तीसरी बेटी लक्ष्मीप्रिया (26) सामान्य है और उसकी शादी हो चुकी है.

उनका एक बेटा भी है- विश्वनाथ (30), लेकिन वह भी आंशिक रूप से बीमार है. विश्वनाथ मजदूरी करते हैं और उन्हीं की कमाई से घर चलता है.

सरकारी सहायता के नाम पर उर्मिला के पास बस एक बी.पी.एल. कार्ड है जिसमें उन्हें महीने में 25 किलो चावल 1 रूपया प्रति किलो की दर से मिलता है और एक विधवा पेंशन जिसके तहत उन्हें 500 रुपये हर महीने मिलते हैं.

जब मैंने उनसे पूछा कि क्या मानसिक रूप से कमज़ोर उनकी दो बेटियों को कोई सरकारी सहायता नहीं मिलती तो उन्होंने बताया कि पिछले महीने ही पहली बार आशामणि को अविवाहित लड़कियों के लिए सरकारी योजना के तहत 500 रुपये मिले हैं.

उर्मिला के घर के बगल में ही रहनेवाले उनके भतीजे को उनकी चाची के बारे में मीडिया की अचानक दिलचस्पी को लेकर हैरानी भी है और दुःख भी.

शिकायती लहजे में उन्होंने बीबीसी से कहा, “सभी की निगाहें बस उनके चूल्हे पर ही जाती हैं. लेकिन उनके घर की जर्जर हालत और उनकी दो बेटियों की दयनीय स्थिति किसी को नज़र नहीं आती.”

वो कहते हैं, “हो सके तो इस बारे में भी आप कुछ लिखें ताकि उन्हें कुछ आर्थिक मदद मिल सके.”

इन 10 प्वाइंट से समझें, आखिर राहुल गांधी ने क्यों चुनी वायनाड सीट

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लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पूरी तरह से जुटी हुई है। ऐसे में पार्टी ने अपने अध्यक्ष राहुल गांधी को लोकसभा की दो सीटों से उतारने का फैसला किया है। एक अमेठी जो कि पारंपरिक सीट है तो वहीं दूसरी केरल की वायनाड सीट। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज वायनाड लोकसभा सीट से नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। लेकिन इससे पहले वो एक रोड शो कर अपनी शक्ति का प्रदर्शन भी करने वाले थे। लेकिन अभी तक रोड शो को इजाजत नहीं मिली है तो वहीं पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किेए हैं। नामांकन के दौरान प्रिंयका गांधी उनके साथ होंगे इसके अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी उनके साथ होंगे।

जानें केरल की वायनाड सीट से जुड़े 10 प्वाइंट

1. सबसे पहली बात कांग्रेस इस सीट को सुरक्षित मान रही है। जिसको लेकर दक्षिण भारत में भी राहुल पार्टी का प्रचार जोरशोर से कर रहे हैं।

2. अगर राहुल गांधी इन दोंनों सीटों वायनाड और अमेठी से जीत जाते हैं तो ऐसे में अमेठी की सीट वो प्रियंका गांधी के लिए छोड़ देंगे। क्योंकि दोनों सीटों से जीतने के बाद एक सीट को छोड़ना पड़ता है।

3. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के वायनाड सीट से चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद से ही वाम दलों ने कहा कि ‘जमीन पर चुनाव कैसे लड़ा जाता है, ये हम बताएंगे।

4. इस सीट से भाकपा ने पीपी सुनीर और एनडीए उम्मीदवार तुषार वेल्लापेली को राहुल गांधी के खिलाफ खड़ा किया है। वायनाड वामपंथ का गढ़ भी मना जाता है।

5. वामदलों ने राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। ऐसे में वो उन्हें अदृश्य भगवान मना रहे हैं तो कोई कह रहा है कि वो यहां से चुनाव नहीं जीतेंगे। वहीं उन्होंने कांग्रेस और भाजपा की किसान विरोधी, आदिवासी विरोधी और अल्पसंख्यक विरोधी नीतियों के खिलाफ अभियान भी चलाया हुआ है।

6. राहुल गांधी को यहां से चुनाव लड़वाने के पीछे एक तरीके से यह तीनों दक्षिणी राज्यों के अनुरोध को संतुष्ट करेगा। इसलिए वायनाड पर विचार के सबसे बड़े कारणों में से एक यह था कि यह तीन दक्षिणी राज्यों का त्रिकोणीय जंक्शन है।

7. कांग्रेस उत्तर भारत के साथ दक्षिण भारत की तरफ भी कांग्रेस प्रचार करना चाहती है। इस फैसले को कांग्रेस की तरफ से दक्षिण भारत, खासकर केरल में अपने जनाधार को मजबूत करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है जहां लोकसभा की 20 सीटें हैं।

8. जैसे ही पार्टी ने वायनाड सीट से राहुल गांधी के लड़ने का ऐलान किया तो इस घोषणा के बाद वामपंथी और दक्षिणपंथी सियासी दलों की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

9. इस ऐलान के बाद माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य प्रकाश करात ने यहां कहा कि राहुल गांधी को केरल के वायनाड से चुनाव लड़वाने का फैसला यह दिखाता है कि पार्टी केरल में वाम दलों से मुकाबला करना चाहती है। माकपा के पूर्व महासचिव ने कहा उनकी पार्टी वायनाड में राहुल गांधी की हार सुनिश्चित करने के लिये काम करेगी।

10. वहीं केरल सीएम ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होने कहा कि राहुल गांधी के वायनाड से लड़ने के कदम को वाम दलों के खिलाफ देखा जाना चाहिए न कि भाजपा के खिलाफ। कांग्रेस अध्यक्ष की उम्मीदवारी को कोई विशेष तवज्जो देने की जरूरत नहीं है।

अब तक 1582 करोड़ रुपये की नकद राशि, सोना और शराब जब्त किये, चुनावी मौसम में काले धन पर शिकंजा

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चुनावी मौसम में कालेधन पर शिकंजा जारी है. प्रशासन ने तमिलनाडु के सलेम में बस से साढ़े तीन करोड़ रुपये बरामद किया है. इसके साथ ही आंध्र के प्रकाशम में 70 लाख और चित्तूर में 39 लाख रुपये जब्त किये गए. चुनाव आयोग ने अब तक 377.511 करोड़ रुपये कैश जब्त किया है. इसके अलावा 157 करोड़ की शराब, 705 करोड़ रुपए की ड्रग्स और 312 करोड़ की कीमती धातुएं बरामद का जा चुकी हैं.तमिनाडु में बस तिरुवन्नमलई से आ रही थी. आयकर विभाग ने बताया कि बरामद रुपये किसकी है,

इसकी हम जांच कर रहे हैं. तीन दिन पहले तमिलनाडु के वेल्लोर से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने छापेमारी में एक सीमेंट गोदाम से 15 करोड़ रुपये बरामद किए थे.ये मामला कथित तौर पर एक DMK नेता से जुड़ा हुआ बताया जा रहा था. हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई थी. वहीं पुलिस ने चित्तूर में 39 लाख रुपये जब्त किये गए. मामले की जांच आयकर विभाग को सौंप दी गई है.

नोएडा में भी कैश जब्त 
आदर्श आचार संहिता को लागू कराने के उद्देश्य से बनाई गई स्टेटिक सर्विलांस टीम ने बुधवार को चेकिंग के दौरान एक फॉरूचूनर कार से 18 लाख 40 हजार रुपए बरामद किए. इस मामले की जानकारी आयकर विभाग को दे दी गई है.

पूर्वोत्तर में 1.96 करोड़ रुपये नकद जब्त 
लोकसभा चुनाव से पहले पूर्वोत्तर में बैंकों में संदिग्ध जमा और निकासी हो रही है. आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह बात कही. आदर्श आचार संहिता के 10 मार्च को लागू होने के बाद से पूरे क्षेत्र मे कम-से-कम 1.96 करोड़ रुपये नकद जब्त किये गये हैं. आयकर विभाग के प्रधान निदेशक (जांच) संजय बहादुर ने कहा कि 112 जिलों और 12 हवाई अड्डों की निगरानी के लिए पूरे पूवोत्तर में 150 से अधिक अधिकारी तैनात किये गये हैं.

अधिकारी ने कहा कि संदिग्ध नकदी लेनदेन को छिपाने के लिए बैंकों को सुरक्षित माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जो पांच बड़े बैंकों से 10 दिनों के डेटा हासिल करने के बाद प्रकाश में आया.कांग्रेस ने बुधवार को दावा किया कि अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के काफिले की एक कार से 1.80 करोड़ रुपये जब्त किये गए. कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ”अरुणाचल में पासीघाट के निकट मुख्यमंत्री के काफिले की जांच होने पर कुल 1.8 करोड़ रुपये बरामद हुए हैं. इससे जुड़े सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों पर उपलब्ध हैं.

RBI ने रेपो रेट में की .25 प्रतिशत की कमी, होम लोन होगा सस्ता

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 भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने आज रेपो रेट में 25 बेस प्वाइंट यानीं .25 प्रतिशत की कमी की है. अब रेपो रेट 6.25 से घटकर 6 प्रतिशत हो गया है. रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति पर तटस्थ रुख बरकरार रखा है. रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए 7.20 प्रतिशत की दर से जीडीपी वृद्धि का पूर्वानुमान लगाया है.

रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2018- 19 की चौथी तिमाही में खुदरा मुद्रास्फीति का संशोधित अनुमान घटाकर 2.40 प्रतिशत किया, वित्त वर्ष 2019-20 की पहली छमाही के लिए 2.90 से तीन प्रतिशत और वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी छमाही के लिए 3.50 से 3.80 प्रतिशत किया. मौद्रिक नीति समिति के छह में से चार सदस्यों ने नीतिगत दर में कटौती का पक्ष लिया जबकि दो सदस्यों ने रेपो दर स्थिर रखने का समर्थन किया

जानकारों का मानना है कि रेपो रेट में .25 प्रतिशत की कमी होने से अब सभी प्रकार के लोन सस्ते होंगे. समीक्षा से पहले ही जानकार यह उम्मीद जता रहे थे कि रेपो रेट में कटौती की जायेगी.

राहुल गांधी नहीं, हाथियों का आतंक है स्थानीय आदिवासियों के लिए बड़ा मुद्दा, जानें वायनाड लोकसभा सीट को

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वायनाड : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को केरल के वायनाड सीट से नामांकन दाखिल किया.राहुल गांधी ने वायनाड से नामांकन दाखिल करने के बाद प्रियंका गांधी के साथ एक खुले वाहन में रोडशो शुरू किया. उनके चुनाव लड़ने से भले ही केरल का वायनाड राजनीति नक्शे पर चमकने लगा हो लेकिन वहां के आदिवासियों के लिए अभी भी रोटी, मकान और हमलावर हाथियों से निपटना पहली प्राथमिकता है.

वायनाड जिले की करीब 18 प्रतिशत आबादी अदिवासियों की है. लोकसभा सीट के तहत दो विधानसभा क्षेत्र आते हैं… सुल्तान बतेरी और मनानतवाडी.

वायनाड के जंगलों में रहने वाले आदिवासियों में से एक का कहना है कि हमारे पास मकान या छप्पर नहीं है. कोई सड़क नहीं है, पीने का पानी नहीं है। हमें उनसे (नेताओं) ज्यादा उम्मीद नहीं है.

आदिवासी महिला का कहना है कि हाथियों से निपटना और उनके हमलों से बचना सबसे बड़ा मुद्दा है. उनका कहना है कि जंगलों के भीतर हमारे घरों में हाथियों के हमलों का डर रहता है. इस बार हम वोट नहीं देंगे। इन चुनावों में हिस्सा लेने का कोई फायदा नहीं है.

इस क्षेत्र में सदियों से आदिवासियों का बसेरा रहा है. वायनाड के जंगल पनिया, कुर्म, अदियार, कुरिचि और कत्तुनाईकन आदिवासियों के घर हैं.

वायनाड में पिछले चार दशक से आदिवासियों के लिए काम कर रहे डॉक्टर जितेन्द्रनाथ ने बताया कि परंपरागत रूप से वायनाड आदिवासियों का घर रहा है. उन्हें कभी जमीन मालिक बनने की फिक्र नहीं रही, लेकिन अब वह अपने ही घर में बेघर हो गये हैं.

वायनाड सीट से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एलडीएफ (वाम मोर्चा) ने भाकपा के पी. पी. सुनीर और राजग ने बीडीजेएस के तुषार वेल्लापल्ली को मैदान में उतारा है.

जानें कौन हैं जिसके बदौलत, बैंक कर्जदार विजय माल्या तीसरी हॉट बीवी के दम पर काट रहे उधारी की जिंदगी

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शराब कारोबारी और बैंकों से 9 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेकर भागे विजय माल्या इन दिनों लंदन कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं तो वहीं सीबीआई और ईडी माल्या को भारत लाने का पूरा प्रयास कर रही है। वहीं अब माल्या ने दावा किया है कि वो अपनी पत्नी, बच्चों और रिश्तेदारों से उधार लेकर जिंदगी काट रहा है।

बीते दिनों विजय माल्या में लंदन कोर्ट में अपनी आर्थिक हालत को लेकर कहा कि बैंक ने उसकी संपत्ति और पैसों को फ्रीज कर दिया है। जिसके बाद उसके पास जिंदगी गुजरने के भी पैसे नहीं बचे हैं।

ऐसे हालात में वो अपनी तीसरी पत्नी पिंकी लालवानी से उधार लेकर जिंदगी काट रहे हैं। पिंकी एक बिजनेस वुमन हैं। जिनकी सैलरी ढेड करोड़ के आस पास है।

इसी बीच माल्या के वकील ने दावा किया है कि उन्होंने अपनी तीसरी बीवी से काफी मोटा उधार लिया हुआ है, जिसके दम पर वो अपनी जिंदगी काट रहे हैं। दोनों लंदन के हर्टफोर्डशर स्थित आलीशान बंगले में रहते हैं।

पिंकी लालवानी किंगफिशर में एक छोटे पद पर आई थी। लेकिन माल्या से मुलाकत के बाद उनकी जिंदगी बदल गई और वो किंगफिशर की हेड भी बन गई। उन्होंने किंगफिशर के लिए फोटो शूट भी किए हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि विजय माल्या पर भारतीय बैंकों का 9 हजार करोड़ का कर्ज है। बैंकों को पैसे दिए बिना ही वो भारत से भाग कर लंदन चले गए और वहां पर रहने लगे। लेकिन भारत सरकार की पुरजोर कोशिशों के बाद लंदन कोर्ट में माल्या के खिलाफ केस चला। कुछ दिन पहले उन्होंने दावा किया था कि जेट एयरवेट को बचा लो और मुझसे पूरा पैसा ले लो।

जानिए किसने कहा की हमें इन मुसलमानों का वोट नहीं चाहिए

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गुवाहाटी

भारतीय जनता पार्टी के तेजपुर लोकसभा सीट से प्रार्थी पल्लवलोचन दास के पक्ष में आज राज्य के वित्त मंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने प्रचार किया। सुबह 11.30 बजे ढेकियाजुली उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित भाजपा के विजय संकल्प समारोह में हिस्सा लेते हुए शर्मा ने कहा कि भाजपा के शासन में देश बिल्कुल सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस के हाथ में देश कभी सुरक्षित नहीं रह पाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले पीढी़ को लेकर देश सुरक्षित रखना हम सभी को कर्तव्य है।

शर्मा ने कहा कि असम में बांग्लादेशी मुसलमानों का अवैध कब्जा है। उस समय कांग्रेस के नेता देखकर भी अनदेखी करते थे। यहां तक कि कांग्रेस अपना वोट बैंक के लिए उन्हें निकलाने की नहीं सोचती। अभी पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई अपने पुत्र मोह में अजमल के पास आत्मसर्पण कर दिए हैं। राज्य भाजपा सदस्य बताश उरांग की अगुवाई में आयोजित चुनावी सभा में मंत्री शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने वाले से हम कतई नहीं डरते। उन्होंने कहा कि भाजपा को बांग्लादेशी मुसलमान का वोट नहीं चाहिए।

गरीबों को तीन रुपए किलो चावल मिलता था, जिसे भाजपा ने एक रुपए किलो कर दिया। वहीं विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें दी जा रही हैं। वृद्धा पेंशन दिया जा रहा है और किसानों को पांच हजार रुपए का अनुदान मिल रहा है। इसके अलावा किसी दुर्घाटना में किसी के पति का देहांत होने पर उसे 25 हजार रुपए सहायता राशि दी जा रही है।

सभा में राज्य भाजपा प्रभारी महेंद्र सिंह ने लोगों से अह्वान किया कि वे भाजपा के प्रार्थी को भारी मतों से विजय बनाएं। सभा में ढेकियाजुली विधानसभा क्षेत्र के गणेश कुमार लिंबु, राज्य भाजपा महासचिव किशोर उपाध्याय, भाजपा की शोणितपुर जिला समिति अध्यक्ष डाॅ.बीरेंद्र कुमार नाथ, भाजपा चाय कोष के नेता जितु किसान, ढेकियाजुली नगरपालिका अध्यक्ष जन सैकिया के अलावा भारी संख्या में भाजपा नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे। 

जहां से राहुल गांधी लड़ रहे लोकसभा चुनाव वह वायनाड है खूबसूरत हनीमून डेस्टिनेशन

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस बार अमेठी के अलावा केरल की वायनाड सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. गुरुवार को उन्होंने वायनाड सीट से नामांकन भी दाखिल कर दिया. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी वायनाड लोकसभा सीट पर ऐसे ही नहीं गए हैं बल्कि ‘गांधी परिवार’ का यहां से भावनात्मक रिश्ता रहा है. राहुल गांधी के पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से लेकर दादी इंदिरा गांधी तक का यहां से गहरा लगाव रहा है. इसी के नाते राहुल ने वायनाड को चुना. आइए जानते हैं वायनाड सीट के बारे में…

 वायनाड केरल की एक खूबसरत जगहों में से एक है. यह एक ट्रेवेल डेस्टिनेशन, हनीमून डेस्टिनेशन के तौर पर बेहद मशहूर है. यह केरल के टॉप 5 डेस्टिनेशन्स में से भी एक है.

वायनाड केरल की एक खूबसरत जगहों में से एक है. यह एक ट्रेवेल डेस्टिनेशन, हनीमून डेस्टिनेशन के तौर पर बेहद मशहूर है. यह केरल के टॉप 5 डेस्टिनेशन्स में से भी एक है.

 असल में राहुल गांधी के चुनाव लड़ने के ऐलान या सुगबुगाहट से पहले तक वायनाड की पहचान एक पर्यटन स्‍‌‌थल की थी. पहले किसी शख्‍सियत से या गूगल से पूछते कि वायनाड क्या है तो आपको यही जानकारी मिलती है कि यह एक बहुत ही खूबसूरत पर्यटन स्‍थल है.

असल में राहुल गांधी के चुनाव लड़ने के ऐलान या सुगबुगाहट से पहले तक वायनाड की पहचान एक पर्यटन स्‍‌‌थल की थी. पहले किसी शख्‍सियत से या गूगल से पूछते कि वायनाड क्या है तो आपको यही जानकारी मिलती है कि यह एक बहुत ही खूबसूरत पर्यटन स्‍थल है.

 वायनाड के बारे में वहां के पौधों, जंगलों और वन्यजीव की चर्चा होती रही है. वहां चेम्बरा पीक के शिखर तक ट्रैकिंग, एडक्कल गुफाएं, नियोलिथिक और मेसोलिथिक युग की सी नक्काशियां की चर्चाएं रही हैं.

वायनाड के बारे में वहां के पौधों, जंगलों और वन्यजीव की चर्चा होती रही है. वहां चेम्बरा पीक के शिखर तक ट्रैकिंग, एडक्कल गुफाएं, नियोलिथिक और मेसोलिथिक युग की सी नक्काशियां की चर्चाएं रही हैं.

 इसके अलावा मसालों, तरह-तरह के तेलों, चॉकलेट, नारियल फाइबर और हस्तशिल्प की खरीदारी के लिए भी इस जगह को जाना जाता है.

इसके अलावा मसालों, तरह-तरह के तेलों, चॉकलेट, नारियल फाइबर और हस्तशिल्प की खरीदारी के लिए भी इस जगह को जाना जाता है.

 केरल टूरिज्म के अनुसार चेम्बरा पीक 2100 मीटर की ऊंचाई पर है. यहां चढ़ाई के दौरान पूरा वायनाड दिखाई देता है. चोटी तक पहुंचते-पहुंचते यहां एक विहंगम दृश्य दिखता है.

केरल टूरिज्म के अनुसार चेम्बरा पीक 2100 मीटर की ऊंचाई पर है. यहां चढ़ाई के दौरान पूरा वायनाड दिखाई देता है. चोटी तक पहुंचते-पहुंचते यहां एक विहंगम दृश्य दिखता है.

 इसके अलावा वायनाड के दक्षिणपूर्वी हिस्से में नीलिमला है. यहां से मीनमुट्टी जलप्रपात का दृश्य बहुत ही शानदार दिखाई देती है.

इसके अलावा वायनाड के दक्षिणपूर्वी हिस्से में नीलिमला है. यहां से मीनमुट्टी जलप्रपात का दृश्य बहुत ही शानदार दिखाई देती है.

 इसके अलावा मीनमुट्टी जलप्रपात, चेतलयम, पक्षीपातालम, ब्रह्मगिरी की पहाड़ियां आदि बेहद महत्वपूर्ण हैं. इसके अलावा बाणासुरा सागर बांध बेहद महत्वपूर्ण है.

इसके अलावा मीनमुट्टी जलप्रपात, चेतलयम, पक्षीपातालम, ब्रह्मगिरी की पहाड़ियां आदि बेहद महत्वपूर्ण हैं. इसके अलावा बाणासुरा सागर बांध बेहद महत्वपूर्ण है.

 इसके अलावा वहां मसाले, कॉफ़ी, चाय, बांस की वस्तुएँ, शहद और जड़ी-बूटी के पौधे आदि हैं. हालांकि यहां पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन कोझिकोड (कालीकट) है्, जो कि क्षेत्र से करीब 62 किमी दूर है. जबकि नजदीकी एयरपोर्ट, कोझिकोड (कालीकट) अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट लगभग 65 किमी दूर है.

इसके अलावा वहां मसाले, कॉफ़ी, चाय, बांस की वस्तुएँ, शहद और जड़ी-बूटी के पौधे आदि हैं. हालांकि यहां पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन कोझिकोड (कालीकट) है्, जो कि क्षेत्र से करीब 62 किमी दूर है. जबकि नजदीकी एयरपोर्ट, कोझिकोड (कालीकट) अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट लगभग 65 किमी दूर है.

 अब राहुल गांधी ने इस सीट को चुनाव लड़ने के लिए चुना है तो इसकी राजनैतिक इतिहास भी देखना होगा. वर्तमान में यह सीट कांग्रेस के पास ही है. यहां के सांसद एमआई शनवास हैं. उन्होंने पिछले चुनाव में भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार सत्यन मोकरी को 356,165 की तुलना में 377,035 वोट पाकर जीत दर्ज की थी.

अब राहुल गांधी ने इस सीट को चुनाव लड़ने के लिए चुना है तो इसकी राजनैतिक इतिहास भी देखना होगा. वर्तमान में यह सीट कांग्रेस के पास ही है. यहां के सांसद एमआई शनवास हैं. उन्होंने पिछले चुनाव में भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार सत्यन मोकरी को 356,165 की तुलना में 377,035 वोट पाकर जीत दर्ज की थी.

 इसके अलावा जानने वाली बात यह है कि यह सीट साल 2009 में ही परीसीमन के दौरान अलग हुई थी तब से यहां कांग्रेस उम्मीदवार शनवास ही जीतते आ रहे हैं.

इसके अलावा जानने वाली बात यह है कि यह सीट साल 2009 में ही परीसीमन के दौरान अलग हुई थी तब से यहां कांग्रेस उम्मीदवार शनवास ही जीतते आ रहे हैं.

छत्तीसगढ़ में कक्षा पहली से 8वीं की परीक्षा आज से शुरू

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छत्तीसगढ़ में 4 अप्रैल से कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक की परीक्षा प्रारंभ होगी. स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा यह परीक्षा आयोजित की गई है. इस परीक्षा में 50 लाख छात्र-छात्राएं शामिल होंगे. एक स्कूल की उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन दूसरे स्कूल में होगा. बेसलाइन टेस्ट आज से ही वेबसाइट में डाले जाएंगे. परीक्षा में विशेष रूप से निगरानी रखी जाएगी, जिसके लिए राज्य भर में टास्क फोर्स का गठन किया गया है.

मामले में डीईओ जीआर चंद्राकर ने कहा कि आगामी 11 अप्रैल से शुरू हो रहे लोकसभा चुनाव 2019 को देखते हुए ये व्यवस्था की गई है, ताकि परीक्षा को लेकर स्कूल, बच्चे और अभिभावकों पर किसी प्रकार का दबाव न पड़े. इसे ध्यान में रखते हुए प्राथमिक स्कूल की कक्षा एक से लेकर कक्षा 8 तक की परीक्षा आगामी 4 अप्रैल से शुरू होगी. वहीं ग्रीष्म अवकाश को देखते हुए परीक्षा के स्थल को चिन्हांकित किया गया है. साथ ही साथ मूल्यांकन भी समय पर हो जाएंगे, जिसकी व्यवस्था की जा रही है.

उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे भी स्कूल हैं, जहां निर्वाचन से संबंधित सामग्री भी रखी हुई है, लेकिन समन्वय कर परीक्षाएं आयोजित की जा रही है.

गौरतलब हो कि छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया 3 चरणों में संपन्न होगी. इसके लिए 11 अप्रैल, 18 अप्रैल और 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. वहीं चुनाव के नतीजे आगामी 23 मई को घोषित किए जाएंगे.