Home Blog Page 3120

छत्तीसगढ़ : भर्ती परीक्षा में नंबर देने के लिए सौदेबाजी, व्यापमं ने लिखा FIR के लिए पत्र

0

छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) ने स्वास्थ्य संचालनालय में लैब तकनीशियन के 228 पदों की भर्ती परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों से सौदेबाजी के मामले को गंभीरता से लिया है। इस प्रकरण में व्यापमं की तरफ से पुलिस अधीक्षक रायपुर को पत्र लिखकर कथित सौदेबाज राहुल चौधरी के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की गई है। व्यापमं की तरफ से पुलिस को कहा गया है कि डाटा लीक नहीं हो सकता। ऐसा हुआ तो व्यापमं की छवि धूमिल हो सकती है।

परीक्षार्थियों ने बताया कि परीक्षा के कुछ ही दिनों के बाद ही कॉल आने शुरू हो गए। कॉल करने वाले ने दावा किया कि वह व्यापमं में ओएमआर शाखा का कर्मचारी राहुल चौधरी है। उसने हर परीक्षार्थी को बताया कि 75 कटऑफ मार्क्स जा रहे हैं। आपके नंबर कम है, इन्हें वह बढ़ा देगा। पास करवा देगा।

इसके लिए उसने 25 हजार रु. बैंक खाते में जमा करने की बात कही। नियुक्ति करवाने के लिए एक लाख रुपये की मांग की। अब सवाल है कि आखिर राहुल चौधरी है कौन? उस तक परीक्षार्थियों का डाटा कैसे पहुंचा? पुलिस मान रही है कि यह साइबर क्राइम का मामला है।

राहुल शनिवार को भी करता रहा बात, पास कराने का किया दावा

शनिवार को भी राहुल के वे मोबाइल नंबर चालू रहे, जिनसे वह परीक्षार्थियों से बात करता रहा है। इनमें 70655-94831, 70655-95077 हैं। राहुल चौधरी ने ही फोन उठाया। वह निडरता के साथ एक बार फिर से व्यापमं में डाटा एंट्री ऑपरेटर होने का दावा करता रहा। कह रहा है कि उसके पास पूरा डाटा है, वह पास करवा देगा। वह खुद को भोपाल का रहने वाला बताते हुए कहता है कि फिलहाल नया रायपुर सेक्टर 28 में रहता है।

व्यापमं ने कहा- राहुल चौधरी मंडल में नहीं

व्यापमं सलाहकार डॉ. प्रदीप चौबे ने इस प्रकरण में कहा है कि राहुल चौधरी नाम का कोई व्यक्ति व्यापमं या फिर अनुबंधित एजेंसी में कार्यरत नहीं है। न ही व्यापमं में कोई ओएमआर शाखा है। व्यापमं में सीएस नाम से कोई पद भी नहीं है।

व्यापमं द्वारा आयोजित परीक्षाओं के ऑनलाइन आवेदन चिप्स के माध्यम से लिए जाते हैं। परीक्षार्थियों का ऑनलाइन आवेदन का डाटा अत्यंत गोपनीय होता है, जिसके चोरी होने की कोई भी संभावना नहीं है। व्यापमं द्वारा चिप्स को प्रत्येक परीक्षा के लिए निर्देश दिया गया है कि वे अभ्यर्थी के मोबाइल नंबर अथवा उनके ई-मेल व्यापम के डाटा में न भेजें।

बैंक खाता निकला चेन्न्ई का

राहुल ने अभ्यर्थियों को बैंक खाता नंबर 33192896680 भेजा है। प्रारंभिक जांच से यह बात सामने आयी कि यह खाता एसबीआइ बैंक कोयमवेडू मार्केट, चे

छत्तीसगढ़ में चुनाव आचार संहिता हटते ही खुलेगा विकास का पिटारा

0

लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के हटते ही प्रदेश सरकार विकास का पिटारा खोलने की तैयारी में है। 15 हजार करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं के टेंडर कराए जाएंगे। राज्य सरकार ने सड़कों व पुल-पुलिया के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति पहले ही दे दी है, लेकिन आचार संहिता के कारण निविदा नहीं खुल पा रही है।

सरकार आचार संहिता खत्म होने का इंतजार कर रही है। उसके बाद सड़कों, पुल-पुलिया का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। सड़कों और पुल-पुलियों के अलावा वीआइपी आवास और प्रशिक्षण संस्थानों के भवनों का निर्माण भी शुरू कराया जाएगा। नया रायपुर में राजभवन, सीएम हाउस, मंत्रियों व वरिष्ठ अधिकारियों के आवास बनाए जाएंगे, जिनका भी टेंडर खुलेगा।

सड़क और पुल पुलिया के निर्माण के लिए टेंडर बुलाए गए थे, जिसमें से कई सारे टेंडर 16, 26 व 29 अप्रैल और एक जून को टेंडर खुलने थे, लेकिन आचार संहिता के कारण अटक गए। इसमें लोक निर्माण विभाग और अन्य सरकारी विभागों के टेंडर शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग ने 826 करोड़ की लागत से सड़क, पुल-पुलिया के निर्माण के लिए निविदा जारी किया था, लेकिन आचार संहिता लग गई, तो निविदा खुल नहीं पाई।

आचार संहिता हटते ही कुछ निविदाएं तत्काल खोल दी जाएंगी। सड़क और पुल-पुलिया के निर्माण में मैदानी इलाकों से लेकर नक्सल प्रभावित इलाकों तक का भी ध्यान रखा जाएगा। नया रायपुर के सेक्टर-18 में राजभवन, सीएम हाउस, मंत्रियों व वरिष्ठ अधिकारियों के आवास के निर्माण और विद्युतीकरण के लिए 531 करोड़ 35 लाख स्र्पये का टेंडर अटका हुआ है, जिसे भी आचार संहिता हटने के बाद खोला जाएगा।

मैदानी इलाकों में सड़कों का होगा विस्तार

रायपुर जिले के कुरां से कोल्हान नाला बिलासपुर मुख्य मार्ग तक तीन किमी की सड़क बनेगी। इसकी निविदा राशि लगभग 486 लाख स्र्पये है। रायपुर जिला के मांठ से अमेटी कॉलेज पहुंच मार्ग का 233 लाख में निर्माण होगा, जिसकी लंबाई दो किमी होगी। मलोद फाटक से शांतिनगर कोदवा तक तीन किमी रोड बनाने के लिए 277 लाख का टेंडर खुलेगा।

सोनतरा से खपरी होकर बंजारी मंदिर तक मुख्य मार्ग 280 लाख स्र्पये में बनेगा। घरघोड़ा लैलूंगा मार्ग पर जयस्तंभ चौक से एनटीपीसी कार्यालय तक 248 लाख की निविदा से 500 मीटर रोड का निर्माण कराया जाएगा। कोरिया जिले के बुढ़ार से तीन किमी सड़क बनाकर चारपारा पहुंच मार्ग को जोड़ा जाएगा, इसकी निविदा की रिाश 259 लाख स्र्पये है।

चकरभाठा भालपुर रोड से भदराली मानपुर पलानसरी केसतरा मार्ग पर तीन किमी और मुंगेली जिला के मेन रोड तक दो किमी, बांकी से निरजाम मार्ग पर दो किमी सड़क का 749 लाख की लागत से निर्माण कराया जाएगा। साढ़े छह किमी के घरघोड़ा मार्ग के उन्न्तिकरण के लिए 2357 लाख स्र्पये स्वीकृत हुए हैं। बिलासपुर के बसंतपुर से पांच किमी भाड़ी तक 873 लाख स्र्पये में सड़क चौड़ीकरण कराया जाएगा।

नक्सल प्रभावित जिलों में भी बनेंगी सड़कें

कांकेर जिले के केंवटी पखांजूर से मररामपानी मार्ग तक 12 किमी तक रोड के उन्न्यन के लिए 617 लाख स्र्पये का टेंडर होना है। बस्तर जिले के फेसिलिटी सेंटर से कैलाश ट्रेडर्स, यूनियन बैंक से बढेरा कॉम्प्लेक्स, कोठारी कॉम्प्लेक्स से डॉ. बंसल, गुप्ता निवास से न्यू नरेंद्र टॉकिज तक 249 लाख की सड़क बनेगी।

कबीरधाम जिले में 655 लाख की निविदा से कुस्र्वा से अमलीडीह मार्ग पर तीन किमी लंबी सड़क का निर्माण कराया जाएगा। 12 किमी के अरनुपुर से कोंडासावली व जगरगुण्डा मार्ग के उन्न्तिकरण के लिए 30.03 करोड़ का काम होगा। करलाकोंटा से टाटीपारा परचनपाल सड़क का 258 लाख में निर्माण होगा।

औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के भवन बनेंगे

औद्योगिक प्रशिक्षण बोड़ला में 229 लाख स्र्पये और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था सहसपुर में 229 लाख स्र्पये में संस्थाओं का भवन बनेगा। रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड में खरोरा महाविद्यालय के भवन निर्माण और विद्युतीकरण पर 452 लाख स्र्पये खर्च किए जाएंगे।

यहां होगा पुल-पुलियों का निर्माण

छोटेबेठिया से बेनूर मार्ग के चेनेज 420 में 60 मीटर लम्बा हाई लेवल ब्रिज का निर्माण होगा, जिसकी निविदा लागत 250 लाख है। छोटेबेठिया से ही कलारकुटनी के चेनेज 3200 में 60 मीटर लंबा हाई लेवल ब्रिज का 190 लाख स्र्पये से निर्माण कराया जाएगा। छोटेबेठिया से बेनूर मार्ग के चेनेज 2240 में 30 मीटर लंबे हाई लेवर ब्रिज का निर्माण होना है, जिसकी निविदा लागत 159 लाख स्र्पये है।

बलौदाबाजार भाटापारा जिले के करदा के पास से कडकाड़ी नाला पर 204 लाख की लागत से पुल का निर्माण कराया जाना है। नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले के रजौटी मार्ग पर डोड नदी पर पहुंच मार्ग और पुल निर्माण के लिए 315 लाख का टेंडर होगा।

कुड़ेकेला बंगरसुता मार्ग पर मांड़ नदी पर 427 लाख स्र्पये में पहुंच मार्ग व पुल बनेगा। दुर्ग जिला के अंजोरा-बिरेझर-चंगोरी मार्ग के 10 किमी हिस्से का चौड़ीकरण होगा और तीन पुलिया भी बनाई जाएगी, इसके लिए 642 लाख की निविदा खुलेगी।

दुर्ग जिला के बम्हनी-समुंदपारा मार्ग पर कस्र्आ नाला पर 635 लाख, ग्राम सुखरीकला से सुखरीखुर्द के बीच आमनेर नदी पर 497 लाख की लागत से पुलिया निर्माण कराया जाएगा। पंडरिया बेजाग मार्ग पर 37 किमी सड़क और पुलिया निर्माण के लिए 124 करोड़ का टेंडर खोला जाएगा। कोयलीबेड़ा-प्रतापपुर मार्ग पर 815 लाख से मार्ग और मेड़की नदी पर 815 लाख में पुलिया निर्माण का काम शुरू होगा।

छत्तीसगढ़ : वन भैंसा ‘जुगाड़ु’ की मौत

0

वन भैंसा ‘जुगाड़ू’ की आज दोपहर उदयंती अभ्यारण्य में मौत हो गई। इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वन भैसे की उम्र 23 वर्ष थी। वन भैंसे की सामान्यतः उम्र 20 साल होती है। यह पिछले दिनों घायल अवस्था में पाया गया था, जिसका डॉ. जयकिशोर जड़िया सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों की देख-रेख में उपचार किया जा रहा था।

छत्तीसगढ़ : ‘लोकसभा निर्वाचन-2019‘ : मतगणना प्रशिक्षण की तैयारियों को लेकर हुई बैठक : जिला स्तर पर 09 मई से शुरू होंगे प्रशिक्षण

0

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने मतगणना की तैयारियों को लेकर विभिन्न तकनीकी पहलुओं को जिला स्तरीय अधिकारियों को बताने के लिए गहन मंथन किया। भारत निर्वाचन आयोग के मार्गदर्शी बिंदुओं के अनुरूप प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र के लिए विधानसभावार मतगणना करने हेतु की जाने वाली तैयारियों और व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की गई।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के निर्देशानुसार उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री यू. एस. अग्रवाल, श्री श्रीकांत वर्मा, राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री पुलक भट्टाचार्य, सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री मनीष मिश्रा और श्री जागेश्वर कौशल तथा अन्य अधिकारियों ने मतगणना को लेकर जिला स्तर पर दिए जाने वाले प्रशिक्षण के संबंध में पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से इसके तकनीकी पहलुओं पर विचार विमर्श किया।

उल्लेखनीय है कि मतगणना को लेकर आगामी 9 मई से जिला स्तर पर मतगणना के प्रशिक्षण की शुरुआत हो रही है। इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का निर्धारण कर दिया गया है।

छत्तीसगढ़ : तेजी से घट रहा है रायपुर का ग्राउंड वाटर लेवल, केन्द्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट में खुलासा

0

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का भूजल स्तर साल दर साल घट रहा है. केन्द्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक रायपुर में पिछले 10 सालों के दौरान भूजल स्तर तेजी से नीचे गिरा है. हर साल रायपुर का औसत जल स्तर 1 मीटर नीचे जा रहा है, जो राजधानी में रहने वालों के लिए अलार्म की स्थिति है. अगर यही हालात रहे तो आने वाले दिनों में लोगों को ग्राउंड वाटर नसीब नहीं होगा. राजधानी की बढ़ती आबादी ने जमीन के भीतर के पानी को भी नहीं बख्शा. हालात ये है कि धीरे-धीरे भूजल स्तर नीचे चला जा रहा है और रायपुर सीमेंट और कंक्रीट के जंगल में तब्दील हो गया है. यहां के तालाब सिकुड़ कर गड्ढों में तब्दील हो गए हैं और अधिकतर कुओं को पाट दिया गया. नतीजा ये हुआ कि इसका सीधा प्रभाव धरती की जल अवशोषण क्षमता पर पड़ा और बीते 10 सालों में हर साल एक से डेढ़ मीटर वॉटर लेवल नीचे जाता जा रहा है.

केन्द्रीय भूजल सर्वेक्षण बोर्ड से मिली जानकारी के मुताबिक

पिछले 10 सालों में रायपुर का जल स्तर 14 मीटर तक नीचे चला गया.
21 ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में 20 से 50 सेंटीमीटर हर साल जल स्तर नीचे जा रहा है.

बोरवेल खुदाई में 13 मीटर और जलस्तर नीचे जा चुका है.

स्थायी जल स्तर – 2010 में 12 मीटर था
अब 2019 में ये 20 मीटर पर चला गया है.

राजधानी में सबसे खतरनाक हालात इन जगहों पर है…

ड्राय बेल्ट एरिया – देवपुरी, पचपेढ़ी नाका, मोवा, पंडरी, दलदल सिवनी, खमतराई, बीरगांव, मठपुरैना, भाठागांव, टाटीबंध, रावांभाठा, कोटा

लगातार गिरते भूजल स्तर के लिए पंडित रविशंकर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ निनाद बोधनकर इस हालात लिए जागरूकता की कमी और खराब वाटर मैनेजटमेंट को इसका काम बता रहे हैं. भूविज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ.निनाद बोधनकर का कहना है कि लोगों में पानी के कैसे बचाया जाए, इसे लेकर जारुकता नहीं है. लोगों को पानी का मैनटमेंट नहीं आता. लोग पानी बर्बाद ज्यादा कर रहे है, बचाव न के बराबर. इसलिए रायपुर में पानी की कमी होती जा रही है. राजधानी में गिरते भूजल स्तर को लेकर संभाग आयुक्त जीआर चुरेन्द्र का कहना है कि रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के लिए बजट की कमी है और ऐसे में डबरी बनाकर ग्राउंड वॉटर को रिचार्ज किया जाएगा.

गर्मी में शुरू करें ये खास बिज़नेस! सालाना होगी 10 लाख तक की कमाई

0

महंगाई के साथ-साथ लोगों के खर्चे भी बढ़ रहे हैं. पैसा कमाने के लिए लोग नए-नए तरह के बिज़नेस ढूंढ रहे हैं. आज हम अपनी इस खास सीरीज में आपको बता रहे हैं कि उन खास बिज़नेस के बारे में जिनको शुरू कर आप गर्मियों में अच्छा पैसा कमा सकते हैं. हम बात कर रहे हैं जैम और जेली जैसे फूड सप्‍लीमेंट आइटम के बिज़नेस के बारे में. आपको बता दें कि रेडी-टू-ईट प्रोडक्‍ट्स की मार्केट तेजी से बढ़ रही है, जिसकी वजह से जैम, स्‍क्‍वॉश का मार्केट भी बढ़ रहा है. ऐसे में यदि आप कोई बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं तो आपको फ्रूट जैम, स्‍क्‍वॉश का बिजनेस शुरू कर सकते हैं. आइए आपको बताते हैं कि कैसे इस बिज़नेस को शुरू करने में सरकार भी आपकी मदद कर सकती है. केंद्र सरकार इस प्रोजेक्‍ट के लिए उद्यमी मित्र स्‍कीम के तहत लोन देती है.

इस बिज़नेस को करने के लिए चाहिए इतना इन्वेस्मेंट
उद्यमी मित्र स्‍कीम के तहत सरकार द्वारा तैयार किए गए मॉडल प्रोजेक्‍ट के मुताबिक, फ्रूट जैम, स्‍क्‍वॉश और कॉकटेल की यूनिट लगाना चाहते हैं तो आपके पास 9.08 लाख रुपये होने चाहिए. जबकि पूरे प्रोजेक्‍ट की कॉस्‍ट 36.30 लाख रुपए आएगी. इसमें 12 लाख रुपए की प्‍लांट एंड मशीनरी, फर्नीचर पर 1.5 लाख, अन्‍य एसेट पर 1.2 लाख और वर्किग कैपिटल के तौर 21.60 लाख रुपए शामिल हैं. इसमें से 27.23 लाख रुपए का आपका बैंक से लोन सेंक्‍शन हो जाएगा.

ये मशीनरी लगाकर शुरू कर सकते हैं बिज़नेस 
अगर आप यह यूनिट लगाना चाहते हैं तो आपको कई तरह की मशीनरी की जरूरत पड़ेगी. जैसे कि – पल्पियर, जूस एक्‍सट्रेक्‍टर, मिक्‍सर, ग्राइंडर, सलाइसर, कैप सीलिंग मशीन, बॉटल वाशिंग मशीन, कार्टून सीलिंग मशीन की जरूरत होगी. इस तरह की यूनिट से आप लगभग सालाना लगभग 30 टन प्रोडक्‍शन कर सकते हैं. यदि आप इससे बड़ी यूनिट शुरू करना चाहते हैं तो आपको पूरी तरह ऑटोमेटिक प्रोडक्‍शन यूनिट लगाना होगा.

इतना होगा प्रॉफिट
इस रिपोर्ट के मुताबिक, यदि आप पहले साल में अपनी कैपेसिटी का 60 फीसदी यूटिलाइजेशन ही कर पाते हैं तो आपकी कुल सेल्स 64.80 लाख रुपए होगी. इसमें से रॉ मैटिरियल और अन्‍य खर्चे 44.64 लाख रुपए के होंगे. इसी तरह ग्रोस मार्जिन 20.16 लाख रुपए होगा, इसमें ओवरहेड 3.90 लाख रुपए और लोन पर ब्‍याज (10 फीसदी) 2.72 लाख और डेप्रिशिएसन (30 फीसदी) 3.60 लाख रुपए को कम कर दिया जाए तो आपका नेट प्रॉफिट 9.93 लाख रुपए होगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि अगले साल कैपेसिटी का 70 फीसदी यूटिलाइजेशन होने पर 14.13 लाख रुपए नेट प्रॉफिट होगा.

यहां से मिलेगा सपोर्ट
यदि आप बिजनेस को लेकर संशय में हैं तो आप http://www.udyamimitra.in पोर्टल के माध्‍यम से सरकारी सपोर्ट भी ले सकते हैं. जैसे कि आपको लोन के लिए अप्‍लीकेशन फाइलिंग, प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट तैयार करना, एंटरप्रेन्‍योरशिप डेवलपमेंट, फाइनेंशियल ट्रेनिंग, स्किल डेवलपमेंट, मेंटरिंग जैसे सपोर्ट इस पोर्टल के माध्‍यम से मिल सकते हैं. इतना ही नहीं, आपको यूनिट शुरू करने के लिए मशीनरी कहां से ली जाए आदि की जानकारी भी दी जा रही है.

आपको मिलने वाला है दया बेन चुनने का मौका, तैयार हैं आप?

0

‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में दया बेन की वापसी एक ऐसा दाल बन गई है जो गलने का नाम ही नहीं ले रही है. कभी कुछ सुनने को मिलता है तो कभी कोई नई खबर हैरान कर देती है. अब सुनने में आया है कि दया बेन को चुनने का फैसला ऑनलाइन वोटिंग के जरिए लिया जाएगा. खबर है कि प्रोड्यूसर ऑनलाइन वोटिंग की मदद से दर्शकों की राय लेंगे. जिस कलाकार को ज्यादा वोट मिलेंगे उसे ‘दया बेन’ के रोल के लिए फाइनल कर दिया जाएगा.

तारक मेहता के प्रोड्यूसर असित मोदी ने जूम टीवी से बातचीत में कहा, अभी दयाबेन के बारे में बोलना थोड़ा मुश्किल है. ये काम प्रोसेस में है. मैं ऑनलाइन दर्शकों से भी राय लूंगा कि दर्शक   किसे दयाबेन के रोल के लिए चाहते हैं. हम जो भी फैसला लेंगे हमारे दर्शक उसे पसंद करेंगे. हालांकि, इसके लिए थोड़ा टाइम है. हमें अभी थोड़े बहुत एपिसोड बिताने पड़ेंगे दयाबेन के बिना. हालांकि, मैं इतना जरूर कहूंगा कि दया भाभी जरूर वापस आएंगी. हमें इस किरदार के लिए बेस्ट आर्टिस्ट चाहिए. दया भाभी इस शो की हीरोइन हैं. अगर वह वापस आती हैं तो सोने पर सुहागा होगा.

दिशा की वापसी पर असित ने कहा, मैं उनसे भी आग्रह करता हूं कि वह हमारे तारक मेहता का उल्टा चश्मा पर वापस आए. हमारे दर्शक भी यही चाहते हैं. ये शो भी हमारा नहीं है दर्शकों का है.

ज़रूरी वस्तुओं की हुई किल्लत, ‘फानी’ तूफान ने भुवनेश्वर का किया बुरा हाल

0

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर अपनी चौड़ी सड़कों, हरे-भरे पेड़ों और सुनियोजित तरीके से ट्रैफिक संचालन के लिए जानी जाती है. लेकिन आज उस शहर का हाल बेहाल है. चक्रवात फानी ने इस खूबसूरत शहर को तहस-नहस कर दिया है. 3 मई को प्री-मॉनसून तूफान ने ओडिशा के 8 तटीय जिलों को तहस-नहस कर दिया, जबकि राजधानी भुवनेश्वर पूरी तरह से अंधेरे की चपेट में आकर ठप पड़ गया. मानों कोई भूतहा शहर हो. 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बहने वाली हवाओं से बिजली के खंबे या तो उखड़ गए या झुक गए जिससे शहर भर में बिजली गुल रही. शहर भर में लोहे के बने बिजली के खंबे, तार और टेलीफोन केबल क्षत विक्षत हालत में सड़कों पर पड़े देखे गए.

ओडिशा में चक्रवात फानी के घुसने से पहले ही प्रशासन ने जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए शहर की बिजली सप्लाई बंद कर दी थी. 1999 के बाद भारत में आने वाले इस सबसे शक्तिशाली तूफान से पुरी शहर के पास भूस्खलन भी हुआ.

तेज़ हवाओं के साथ हो रही भारी बारिश जब रुकी तो भुवनेश्वर की सड़कें अंधेरे में डूबी हुई थीं. चक्रवात से ज्यादातर सार्वजनिक और निजी इमारतों को क्षति पहुंची और सड़कों पर बहुत ही कम लोग दिखाई पड़ रहे थे. दुकानों के बंद रहने से दूध और खाद्य पदार्थों जैसी आवश्यक वस्तुओं के लिए हाथापाई हो गई. चक्रवात आने के 24 घंटे बाद भुवनेश्वर में बिजली सप्लाई दोबारा चालू की गई.

वहीं पानी की किल्लत के कारण संकट और गहरा हो गया, जिससे शहर के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. शहर की सड़कों में लगे सैकड़ों पेड़ चक्रवात फानीके कारण पूरी तरह से ज़मीन से उखड़ गए और पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर बिखरी पड़ी दिखीं.

प्रियंका गांधी का आज दिल्ली में रोड शो

0

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी रविवार को दिल्ली में पूर्व सीएम शीला दीक्षित के समर्थन में उत्तर पूर्वी दिल्ली में रोड शो करेंगी। दिल्ली में छठे चरण के तहत 12 मई को वोट डाले जाएंगे।

क्यों होता हे लीवर कमजोर, जाने ये 4 बाते

0

लीवर हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक अंग है। आजकल भारतीय लोगों में ह्रदय और किडनी के बाद लीवर की बीमारी सबसे ज्यादा हो रही है। लीवर के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए दुनिया भर में हर साल 19 अप्रैल को वर्ल्ड लीवर डे मनाया जाता है। लीवर हमारे शरीर के 500 से ज्यादा कार्यों में मदद करता है। लीवर खराब होने पर या कम काम करने पर शरीर इसके संकेत पहले ही बता देता है। आइए जानते हैं। लीवर कमजोर होने पर शरीर देता है ये 6 संकेत भूलकर भी नहीं करें नजरअंदाज।

1. त्वचा में खुजली
त्वचा में खाज खुजली की बीमारी होना सामान्य है। इसे लोग कई बार नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन लीवर में खराबी होने से भी त्वचा में खाज खुजली की समस्या हो सकती है। अगर लीवर में बनने वाला बाइल जूस खून में घुलने लग जाए तो यह जूस त्वचा के नीचे जमने लगता है। और खुजली की समस्या शुरू हो जाती है।

2. त्वचा पर नीली रेखाएं
अगर त्वचा पर मकड़ी के जाल जैसे नीली रेखाएं दिखाई दे तो यह लीवर के अच्छे से काम नहीं करने का संकेत हैं। यह रेखाएं ओएस्ट्रोजन की मात्रा बढ़ने के कारण दिखाई देती हैं।

3. चोट लगना और खून बहना
अगर शरीर के किसी अंग पर छोटी सी चोट से ही बहुत ज्यादा खून बहने लगता है तो यह लीवर के कमजोर होने का संकेत है । चोट लगने पर खून का थक्का जमाने के लिए एक खास प्रोटीन की जरूरत होती है। जो लीवर ही बनाता है। इसलिए लीवर खराब होने पर शरीर में इस प्रोटीन की कमी आ जाती है।

4. सांस में बदबू
अगर आपकी सांसों या मुंह में हमेशा बदबू की समस्या रहती है तो यह लीवर की समस्या का संकेत भी हो सकती है। लीवर में सिरोसिस जैसी समस्या होने पर खून में मौजूद डाईमिथाइल सल्फाइड के कारण मुंह और सांसो में बदबू आने लगती है।