Home Blog Page 3268

सुर्खियां : छत्तीसगढ़ निकला रेप के मामलों में बिहार और हरियाणा से आगे

0

छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चों पर अत्याचार के मामले बढ़ गये हैं. एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2016 की तुलना में 2018 में महिला हिंसा के मामलों में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. यही नहीं, बलात्कार के मामले में छत्तीसगढ़ का नंबर बिहार, आंध्रप्रदेश, गुजरात और हरियाणा से आगे हैं. एनसीआरबी के आंकड़ों को आधार कर नईदुनिया ने महिला और बच्चों पर अत्याचार से जुड़ी खबर को मंगलवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया है.

प्रदेश में वर्ष 2016 में रेप के 1626 मामले दर्ज किये गये. वर्ष 2016 में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अत्याचार के प्रदेशभर में 11 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किये गये. जबकि 2018 में यह आंकड़ा 12 हजार से ज्यादा पहुंच गया है. प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद डीजीपी डीएम अवस्थी ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अत्याचार के मामलों की गंभीर समीक्षा की. डीजीपी ने प्रदेश के सभी जिलों के एएसपी की बैठक में गहरी नाराजगी जताई. नईदुनिया ने लिखा है कि रेप के मामलों में छत्तीसगढ़ बिहार, आंध्रप्रदेश और हरियाणा से आगे है. हालांकि खबर में इससे जुड़े आंकड़े नहीं दिए गए हैं.

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस विभाग ने तैयारी शुरू की है. प्रदेश के सभी जिलों में बच्चों और महिलाओं पर अत्याचार रोकने के लिए थाना स्तर पर टीम बनाई जा रही है. यही नहीं, सभी थानों में महिला सेल गठित करने के लिए एक महीने का टारगेट दिया गया है. बताया जा रहा है कि डीजीपी ने एसपी की बैठक में चेतावनी देते हुए कहा कि जनता त्रस्त, एसपी मस्त और पुलिस सुस्त के फार्मूला चल रहा है. पुलिस का रोल कंट्रोल रूम से थानों तक सिमट गया है. करीब 45 मिनट में डीजीपी ने एक-एक अधिकारियों को तुलनात्मक रूप से बढ़े अपराध की जानकारी दी और एक महीने में कंट्रोल करने का टारगेट भी दिया.

थानों में बने महिला सेल

डीजीपी ने निर्देश दिया है कि अपराध को कम करने के लिए हर थाने में एक-एक महिला पुलिसकर्मी को तैनात किया जाए. यह महिला पुलिसकर्मी आफिस टाइम में महिलाओं की फरियाद को सुने. डीजीपी ने कहा कि पुलिसकर्मियों को उस दिन समझ में आएगा, जब उनके परिवार के बच्चे गुम जाएंगे और उनके घर की महिलाओं के साथ अत्याचार होगा। डीजीपी ने महिलाओं से पूछताछ के तरीके में बदलाव का भी निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि थानों में ऐसे सवाल पूछे जाते हैं कि कोई महिला दोबारा शिकायत करने ही न आए. इन तरीकों को बदलने की जरूरत है.

 

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल बोले : शहीदों की वर्दी को कूड़ा में फेंकने वाले उनका सम्मान क्या जानें

0

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर पिछली बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया है. झीरम कांड में मारे गए कांग्रेसी नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेन्द्र कर्मा के बेटे को अनुकंपा नियुक्ति में डिप्टी कलेक्टर बनाने के मामले में मचे बवाल के बाद सीएम भूपेश बघेल पिछली सरकार को घेरा है. सीएम बघेल ने कहा कि पिछली सरकार में शहादत को अपमानित करने का काम हुआ था.

सीएम बघेल ने बीते सोमवार को राजधानी रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि महेंद्र कर्मा और नन्द कुमार पटेल के परिवार को पिछली सरकार ने चतुर्थ श्रेणी में नौकरी देने का पत्र डाक से भेजा था. सीएम भूपेश ने कहा कि सिर्फ आशीष कर्मा को ही नहीं, नक्सल हमले में शहीद पूर्व आईजी मरावी के परिजनों को भी हमने अनुकम्पा राज्य प्रशासन में दिया है. ये दूसरी नियुक्ति है.

इस मामले में भाजपा द्वारा आपत्ति दर्ज कराने पर सीएम बघेल ने कहा कि शहीदों की वर्दी को कूड़ा में फेंकने वाले शहीदों का सम्मान क्या जानें. वहीं पिछली सरकार के खिलाफ खुलासा करने वाले नेता, आरटीआई कार्यकर्ताओं को सुरक्षा देने पर भी भूपेश बघेल ने कहा कि पिछली सरकार के समय में झीरम घाटी की घटना घटी है. उनके भ्रष्टाचार का खुलासा करने वालो को डर है और ऐसे लोग अगर सुरक्षा की मांग करते हैं तो राज्य सरकार उन्हे सुरक्षा देगी.

दिग्विजय सिंह ने एयर स्ट्राइक पर भी पूछे सवाल, पुलवामा आतंकी हमले को बताया ‘दुर्घटना’

0

कांग्रेस नेता दिग्‍विजय सिंह ने पुलवामा आतंकी हमले को दुर्घटना बताकर एक बार फिर विवाद को हवा दे दिया है. दिग्विजय सिंह ने जैश ए मोहम्मद के आतंकी कैंप पर भारतीय वायुसेना के हमले को लेकर ट्वीट में लिखा कि पुलवामा ‘दुर्घटना’ के बाद हमारी वायु सेना द्वारा की गई Air Strike के बाद कुछ विदेशी मीडिया में संदेह पैदा किया जा रहा है, जिससे हमारी भारत सरकार की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न चिह्न लग रहा है.

दिग्‍विजय सिंह ने एक के बाद एक अपने सिलसिलेवार ट्वीट में लिखा है, ‘हमें हमारी सेना पर, उनकी बहादुरी पर गर्व है और सम्पूर्ण विश्वास है. सेना में मैंने मेरे अनेकों परिचित व निकट के रिश्तेदारों को देखा है कि किस प्रकार वे अपने परिवारों को छोड़ कर हमारी सुरक्षा करते हैं. हम उनका सम्मान करते हैं, किन्तु पुलवामा दुर्घटना के बाद हमारी वायु सेना द्वारा की गयी “Air Strike” के बाद कुछ विदेशी मीडिया में संदेह पैदा किया जा रहा है, जिससे हमारी भारत सरकार की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न चिह्न लग रहा है.

दिग्विजय सिंह का ट्वीट

कांग्रेस नेता दिग्‍विजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री जी आपकी सरकार के कुछ मंत्री कहते हैं 300 आतंकवादी मारे गए. भाजपा अध्यक्ष कहते हैं 250 आतंकी मारे गए हैं, योगी आदित्यनाथ कहते हैं 400 आतंकी मारे गए और आप इस विषय में मौन हैं.’

इससे पहले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव सीताराम येचुरी, कांग्रेस नेता पी चिदंबरम, पश्‍चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी और एचडी कुमारस्वामी समेत विपक्ष के कई नेता सरकार से एयर स्ट्राइक को लेकर सवाल पूछ चुके हैं और मोदी सरकार से एयर स्‍ट्राइक के सबूत देने की मांग की है.

लोकसभा चुनाव: बंगाल में CPM ने बढ़ाया कांग्रेस की तरफ हाथ, गठबंधन के लिए दिया यह ऑफर

0

लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी से मुकाबले के लिए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) अब कांग्रेस के साथ गठबंधन की कोशिशों में जुट गई है. सीपीएम की सेंट्रल कमिटी ने आम चुनाव के लिए कांग्रेस के सामने सीट शेयरिंग का ऑफर भी रखा है.

दरअसल ‘महागठबंधन’ में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी का समर्थन करने वाले राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में उनसे किनारा कर लिया है. कांग्रेस ने ममता की पार्टी से गठबंधन ना कर सीपीएम से हाथ मिलाने का फैसला लिया है.

2014 में किसको मिली थी कितनी सीटें?

ये है 2019 के लिए सीपीएम का सीट शेयरिंग फॉर्मूला
अब 2019 के चुनाव के लिए सीपीएम ने एंटी-बीजेपी एंटी-टीएमसी फॉर्मूला तय किया है. इसके तहत इस बार सीपीएम 42 सीटों में से सिर्फ 22 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. इसमें 2014 में जीती गई रायगंज और मुर्शिदाबाद सीट भी शामिल है. बाकी 10-10 सीटें लेफ्ट फ्रंट के अन्य सहयोगी दलों और कांग्रेस के लिए छोड़ दी जाएंगी.

2014 के चुनाव में लेफ्ट (सीपीएम) का बहुत खराब प्रदर्शन रहा है. राजनीतिक अस्तित्व बचाए रखने के लिए सीपीएम को सीटें चाहिए. इसके लिए वह कांग्रेस का हाथ थामने की पूरी कोशिश में जुटी है. सीपीएम नेतृत्व को उम्मीद है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को सीट शेयरिंग फॉर्मूला पंसद आएगा और बंगाल में गठबंधन पर अंतिम मुहर लगेगी.


क्या कहते हैं सीताराम येचुरी?

सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने एक बयान में कहा, ‘4-5 मार्च को कोलकाता में हुई सीपीएम सेंट्रल कमिटी की मीटिंग में फैसला लिया गया था कि बीजेपी विरोधी, तृणमूल कांग्रेस विरोधी वोट बंटने न देने के लिए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) उचित तरीके अपनाएगी. इसके अनुसार, सीपीएम ने लोकसभा की मौजूदा छह सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव न लड़ने का प्रस्ताव दिया है. इन सीटों पर कांग्रेस और लेफ्ट वाम मोर्चे का कब्जा है. 8 मार्च को एक और मीटिंग बुलाई गई है, जिसमें बाकी सीटों के लिए अंतिम फैसला ले लिया जाएगा.’

यहां फंसा पेंच

कांग्रेस-सीपीएम के बीच गठबंधन को लेकर पेंच रायगंज और मुर्शिदाबाद सीट को लेकर फंसा हुआ है. सीपीएम ने ये दोनों सीटें 2014 के चुनाव में जीती थीं और इस चुनाव में वह इसे बरकरार रखना चाहती है. वहीं, बंगाल में कांग्रेस नेतृत्व ने साफ कहा है कि अगर लेफ्ट फ्रंट रायगंज और मुर्शिदाबाद संसदीय सीट उनके लिए नहीं छोड़ता है, तो वह अकेले ही सियासी मैदान में उतर सकती है. ये दोनों सीटें कांग्रेस की गढ़ मानी जाती हैं. ऐसे में 8 मार्च की मीटिंग में ही अंतिम फैसला लेने की संभावना है.

मंत्री सिंहदेव के बयान पर मचा बवाल, छत्तीसगढ़ में एयर स्ट्राइक पर सियासत तेज

0

पीओके के बालाकोट में बीते 26 फरवरी को भारतीय वायु सेना द्वारा की गई एयर स्ट्राइक और उसमें कई आतंकियों के ठिकानों को नष्ट किए जाने के मामले में राजनीति तेज होती जा रही है. छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री टीएस सिंहदेव ने एयर स्ट्राइक में मारे गए चरमपंथियों की संख्या को लेकर केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष पर सवाल उठाएं हैं. इसके बाद प्रदेश की राजनीति गर्म हो गई है. भाजपा नेताओं ने मंत्री सिंहदेव के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि आंतकियों के अड्डों को भेदना सेना का काम था और कितने मारे गए ये गिनने का काम पाकिस्तान का है.

जम्मू-कश्मीर में पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायु सेना द्वारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में किए गए एयर स्ट्राइक में सेना ने चरमपंथियों के कई आतंक के अड्डों को जमीदोज कर दिया था. उसके बाद भाजपा के कई बड़े नेताओं ने एयर स्ट्राइक में तीन सौ से अधिक चरमपंथियों के मारे जाने की बात कही थी. जिसको लेकर छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री टीएस सिंहदेव धमतरी में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा है कि मारे गए आतंकियों की संख्या को लेकर जब सही जानकारी नहीं है तो भ्रम फैलाना ठीक नहीं है.

दूसरी तरफ टीएस सिंहदेव के इस बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री भारत सिंह सिसोदिया ने कहा है कि सेना ने पहले से तय टारगेट को भेद कर अपना काम पूरा कर लिया है. अब कितने आतंकी मारे गए उनकी गिनती करने का काम पाकिस्तान का है. इधर पुलवामा हमले के बाद जिस तरह से देश मे हर दल के नेता अपने अपने तरीके से राजनीति कर रहें हैं उसे देखकर लगता है. लोकसभा चुनाव के लिए किसी दल के पास कोई और मुद्दा बचा ही नहीं है.

राहुल ने बुलाई अहम बैठक, दिल्ली में AAP से गठबंधन पर फिर सोच रही है कांग्रेस

0

लोकसभा चुनाव को लेकर दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन की संभावना तेज हो गई है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को पार्टी हेडक्वार्टर में सभी नेताओं और पदाधिकारियों की अहम बैठक बुलाई है. इसमें आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ कांग्रेस के गठबंधन पर चर्चा होगी. माना जा रहा है कि आज की मीटिंग में ही गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला ले लिया जाएगा.

इससे पहले लोकसभा चुनाव 2019 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को टक्कर देने के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत चल रही थी, लेकिन सीट बंटवारे को लेकर दोनों पार्टियों के बीच सहमति नहीं बन पाई.

 

इसके पहले दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमिटी की अध्यक्ष और पूर्व सीएम शीला दीक्षित ने भी AAP से हाथ मिलाने से साफ इनकार कर दिया था. शीला दीक्षित का कहना था कि कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ने में पूरी तरह से सक्षम है. लिहाजा आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लिया और प्रत्याशियों के नाम फाइनल कर दिए. लेकिन, राहुल गांधी के आज मीटिंग बुलाने के बाद AAP को कांग्रेस से गठजोड़ की नई उम्मीद जगी है.

कौन हैं AAP के लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार?
पार्टी ने पूर्वी दिल्ली से आतिशी मार्लेना, दक्षिण दिल्ली से राघव चड्ढा, चांदनी चौक से पंकज गुप्ता, उत्तर पूर्वी दिल्ली से दिलीप पांडे, उत्तर पश्चिम दिल्ली से गगन सिंह और नई दिल्ली लोकसभा सीट से बृजेश गोयल को टिकट दिया. वहीं सातवीं सीट पश्चिम दिल्ली की है, जिसके लिए उम्मीदवार का फैसला अभी नहीं हो पाया है.

छत्तीसगढ़ : चिटफंड कम्पनिया रमन राज में फली फूली निवेशकों का पैसा ले उड़ी -कांग्रेस

0

पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह द्वारा दिये गए बयान चिटफंड निवेशकों की रकम वापसी का गलत श्रेय ले रही भूपेश सरकार का कांग्रेस ने कड़ा प्रतिवाद किया है प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अपने राज में फर्जी चिट फंड कम्पनियो को प्रश्रय देने वाले रमन सिंह को जब निवेशकों का पैसा वापस होने की प्रक्रिया शुरू हो रही है तब भी पीड़ा हो रही है। मुख्यमंत्री रहते हुए रमन सिंह ,उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी ,उनकी पत्नी वीणा सिंह खुद चिट फंड कम्पनियो के दफ्तरों का उद्घटान करते थे ।सरकारी रोजगार मेलो में स्टाल लगा कर चिटफंड कम्पनिया प्रदेश के भोले भाले युवाओ को एजेंट की नौकरियों पर रखते थे ।जिस कम्पनी का उद्घाटन स्वयम मुख्यमंत्री और मंत्री करते थे युवा उस पर स्वाभाविक तौर पर भरोसा करके नौकरियां कर रहे थे ।चिट फंड कम्पनी के एजेंट के रूप में इन लोगो ने अपने परिचितों मित्रो रिस्तेदारो का पैसा लगवाया ।जब कम्पनिया भाग गई तब इन कम्पनियो का उद्घाटन करने वाले लोगो ने इन्ही गरीब एजेंटो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवा दिया कम्पनियो के मालिकों को व्यवसाय समेट कर भागने दिया।मुख्य मंत्री भूपेश बघेल ने विपक्ष में रहते एजेंटो और निवेशकों की लड़ाई लड़ी और आश्वासन दिया था कि कांग्रेस की सरकार बनते ही एजेंटो के मुकदमे वापस होंगे तथा चिटफंड कम्पनियो की सम्पत्तियां जप्त कर निवेशकों के पैसे वापस किये जायेंगे ।राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुकदमे वापसी और निवेशकों की रकम वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है विभिन्न कम्पनियो के निवेशको से आवेदन मंगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गयी है शीघ्र ही मान न्यायाधीश की देख रेख में इसका परीक्षण कर कार्यवाही की जाएगी ।अपनी सरकार के समय प्रदेश के लाखों लोगों के साथ हुए इस धोखेधड़ी रोक पाने में असफल रमन सिंह आज जब कांग्रेस सरकार एजेंटो और निवेशकों के हित में सकारात्मक और प्रभावी कदम उठा रही है तो घड़ियाली आंसू बहा रहे है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ बोले- जांबाज जवानों की बदौलत आज हम सभी सुरक्षित

0

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज कहा कि देश के जांबाज जवानों और शहीदों के बलिदान का ही नतीजा है कि आज हम लोग हमारा देश सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश शहीद परिवारों के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है उनकी हर समस्या का समाधान सरकार करेगी।

कमलनाथ यहां शौर्य स्मारक में मध्यप्रदेश सरकार और एक निजी चैनल द्वारा आयोजित देश भक्ति कार्यक्रम ‘एक शाम देश के नाम’ में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने छतरपुर के आरक्षक शहीद बालमुकुंद प्रजापति के परिवार को आश्वस्त किया कि उन्हें शीघ्र ही पिछले दो साल से रुकी पेंशन शुरु की जायेगी। उन्होंने कहा कि जब वे देहरादून में पढ़ रहे थे तो हमारे स्कूल के एक तरफ सैनिक स्कूल था और मेरी बड़ी इच्छा थी की फौजी बने।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इसके लिए एनडीए की भी तैयारी की। उन्होंने कहा कि लेकिन जब वे सेना, सीआरपीएफ, पुलिस और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के जवानों का साहस देखते हैं तो उन्हे बड़ा गर्व होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वे देश प्रेम के गाने सुन रहे थे। इसमें पूरे भारत की झलक दिखलाई दे रही थी। हमारे देश में विभिन्न जाति, संस्कृति, भाषा, धर्म होने के बावजूद हम एक झण्डे के नीचे खड़े रहते हैं और देश के प्रति हमारा जज्बा एक रहता है।

उन्होंने इस मौके पर सीआरपीएफ के जवान शहीद अश्वनी कुमार काछी जबलपुर, शहीद मनोज चौरे बैतूल, शहीद मनमोहन सिंह परिहार सतना, सेना के जवान शहीद रंजीत सिंह तोमर दतिया, शहीद रामेश्वर प्रसाद पटेल जबलपुर, शहीद जगराम सिंह तोमर मुरैना, मध्यप्रदेश पुलिस के शहीद एएसआई, अमृतलाल भिलाला, आरक्षक शहीद अरभवद सेन अलीराजपुर, रायेसन के आरक्षक शहीद इन्द्रपाल भसह सेंगर, आरक्षक शहीद बालमुकुंद प्रजापति छतरपुर, और शहीद रमाशंकर यादव भोपाल के परिजनों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर चिकित्सा एवं संस्कृति मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ, वाणिज्यिक कर मंत्री ब्रजेन्द्र सिंह राठौर, जनसंपर्क एवं विधि विधायी मंत्री पी.सी. शर्मा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुखदेव पांसे, विधायक आरिफ मसूद, पुलिस महानिदेशक वी.के. सिंह, अपर मुख्य सचिव गोपाल रेड्डी, आयुक्त जनसंपर्क पी. नरहरि, आयुक्त भोपाल कल्पना श्रीवास्तव सहित अन्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम में सेना और सीआरपीएफ के जवानों और मुम्बई से आये कलाकारों ने देश भक्ति गीत प्रस्तुत किये।

जरूर पढ़े : काली मिर्च के सेवन से बहुत जल्द कंट्रोल होती है ये गंभीर बीमारी

0

दिन प्रति दिन बदलते लाइफ स्टाइल के कारण हर व्यक्ति किसी न किसी बीमारी के चुंगल में फंस रहा हैं। इन्हीं में से एक बीमारी हैं थायरॉइड। देखने में तो यह बीमारी बहुत ही सामान्य लगती हैं। परन्तु यह थायरॉइड से ग्रस्त व्यक्ति के लिए बहुत ही जानलेवा बीमारी हैं। अगर, आपके शरीर में कोई भी दिक्कत आती हैं, तो आपको तुरंत ही चिकित्सक के पास जाकर शरीर की जांच करानी चाहिए और डॉक्टर्स के द्वारा बताएं गए दवा का सेवन करना चाहिए।

इस बीमारी से बचने के लिए हमें अपनी दिनचर्या को भी बदलना होगा ताकि हम इस गंभीर बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं। थायरॉइड से ग्रस्त व्यक्ति को अपने शरीर में आयोडीन की मात्रा की जांच अवश्य करानी चाहिए। मेटाबॉलिज्म के सही प्रकार से कार्य करने के लिए हमारे शरीर में आयोडिन होना बहुत आवश्यक हैं। आयोडीन की मात्रा को कम न होने दें और टाईम टू टाईम चिकित्सक से जांच व परामर्श लेते रहें।

खाने में कार्बोहाइड्रेट व वसा को बिल्कुल न के बराबर कर दें और जितना हो सके गाजर, अंडे का सेवन करें जिससे विटामिन ए की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ सकें, जितना हो सके भोजन में हरी सब्जियां और पौष्टिकता प्रदान करने वाली चीजों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करना चाहिए।

दही व सेब का खाने में प्रयोग करे, जो हमारे शरीर में कई लाभकारी बैक्टीरिया उत्पन्न करते हैं। जो हमारी थायरॉइड की बीमारी में लाभकारी होते हैं।

रोज आधे घंटे प्राणायम जैसे हलासन, मत्स्यासन और सर्वांगासन करना चाहिए। दवाओं के साथ-साथ यह भी हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी हैं।

थायरॉइड से ग्रस्त मरीज को काली मिर्च का बहुत अधिक सेवन करना चाहिए। क्योंकि काली मिर्च थायरॉइड हॉर्मोन को कंट्रोल करने में बहुत ही फायदेमंद होता हैं। चाहे काली मिर्च को पीसकर सेवन करे या ऐसे भी खा सकते हैं। परन्तु जितना हो सके काली मिर्च को अपने खाने में अवश्य इस्तेमाल करें।

कभी जरूरत भी नहीं पड़ेगी परफ्यूम की, नहाने के पानी में मिलाएं ये खास चीजें

0

इस फैशनेबल समय में हर कोई अपने लुक को खूबसूरत रखना चाहता है जिससे वह हर मौके पर सुंदर नजर आ सके ऐसे में हर कोई अपनी दिन की शुरूवात सुबह के समय नहाने से करते है जिससे दिन भर फे्रश रहा जा सके पर क्या आप जानते है नहाने के समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है खुशबुदार और आपके स्किन टोन के हिसाब वाले साबूने से नहाने से शरीर महक उठता है उसी तरह दिन भर शरीर को फ्रेश रखना चाहते है तो आप नहाने के पानी में कुछ प्राकृतिक चीजों को मिला सकते है जिससे जिससे आपके शरीर से दिनभर ही महक आती रहेगी आइए जानते है

अगर आप अपने शरीर से खुशबुदार महक चाहते है तो आप नहाते समय जल्दबाजी ना करें ऐसे में समर मौसम शुरू हो गया है इस मौसम में मोगरा के फूल बाजार में आसानी से मिल जाते हैं जो आपको ठंडक पहुंचाने का काम करते है इससे आपकी त्वचा पर एक भावमय प्रभाव डालते हैं अगर आप महक चाहते है तो आप नहाने के पानी में मोगरे के फूल डालें जिससे आपको अच्छा महसूस होगा

इसी तरह नहाने के पानी में अगर आप नींबू का इस्तेमाल करेंगे तो इससे स्किन से जुड़ी कई तरह की प्रॉब्लम भी दूर होगी नहाते समय नींबू के इस्तेमाल करने से आपकी स्किन को एक अच्छी खुशबू देने में मदद करता है, साथ ही यह आपको साफ भी रखता है ऐसे में आप 5 मिनट के लिए इस तरह से नहाने से आप पूरा दिन ठंडा और खुशबूदार महसूस कर सकते है

अक्सर गर्मी के मौसम में स्किन का इ्राई होने की शिकायत होने लगती है ऐसे में आप अपनी त्वचा को हल्का मॉइश्चराइज करने के लिए पानी में कुछ बूंदें चंदन के तेल की डालना न भूलें जो त्वचा के लिए फायदेमंद होता है, गर्मियों की धूप से बचाने के लिए यह बेहतर विकल्प भी माना गया है इसके इस्तेमाल से शरीर से कभी भी बदबू नहीं आएगी