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“‘छत्तीसगढ़ में विकास और विश्वास ने भय और हिंसा का स्थान लिया’ – उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन”

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उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन आज नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए. यह आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसमें राज्य की विकास, प्रगति और सांस्कृतिक समृद्धि की प्रेरक यात्रा का जश्न मनाया गया.

उपराष्ट्रपति ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए, इस ऐतिहासिक रजत जयंती समारोह में छत्तीसगढ़ के लोगों के साथ शामिल होने पर अपार प्रसन्नता व्यक्त की जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था. इस पाँच दिवसीय महोत्सव में लोगों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और इसके प्रभावशाली सामाजिक-आर्थिक बदलाव की झलक देखी.

उपराष्ट्रपति ने 1 नवम्बर 2000 को राज्य के निर्माण में स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के दूरदर्शी नेतृत्व को गर्व से याद किया और एक पूर्व लोकसभा सांसद के रूप में अपने जुड़ाव को व्यक्तिगत तौर पर प्रकट किया, जब उन्होंने राज्य पुनर्गठन विधेयक का समर्थन किया था. उन्होंने छत्तीसगढ़ की असाधारण 25 साल की यात्रा की सराहना की – भारत के सबसे युवा राज्यों में से एक होने से लेकर सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में प्रगति के एक मॉडल के रूप में उभरने तक.

छत्तीसगढ़ में विकास और विश्वास ने भय और हिंसा का स्थान लिया’ – उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन

सी.पी. राधाकृष्णन ने नक्सलवाद के खतरे को खत्म करने में राज्य की सफलता की सराहना की और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ नेतृत्व के साथ-साथ राज्य सरकार, सुरक्षा बलों और स्थानीय समुदायों के समर्पित प्रयासों को दिया. उन्होंने कहा कि विकास और विश्वास ने छत्तीसगढ़ में भय और हिंसा का स्थान ले लिया है.

उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ की सफलता की नींव रखने वाले लोगों – किसानों, जनजातीय समुदायों, उद्यमियों, शिक्षकों और युवाओं – की सराहना की. उन्होंने राज्य की अनुकरणीय सार्वजनिक वितरण प्रणाली की विशेष रूप से सराहना की, जो 72 लाख से अधिक लाभार्थियों को निःशुल्क खाद्यान्न प्रदान करती है, और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को बधाई दी.

सी.पी. राधाकृष्णन ने राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए आदिवासी समुदायों को सम्मान दिया. उन्होंने आदिवासी समुदायों की बुद्धिमत्ता, संस्कृति और सतत जीवन शैली की सराहना की, जो आज के पारिस्थितिक और सामाजिक संदर्भ में गहरी प्रासंगिकता रखती है.

उपराष्ट्रपति ने राज्य में उल्लेखनीय बुनियादी ढांचे के विकास पर भी प्रकाश डाला, जिसमें व्यापक सड़क, रेल, एक्सप्रेसवे और हवाई अड्डे की कनेक्टिविटी शामिल है, जिसने सुदूरवर्ती जिलों को राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा है. उन्होंने नवा रायपुर की भारत के पहले ग्रीनफील्ड शहर के रूप में प्रशंसा की, जो आईटी हब, फार्मा हब, एआई डेटा सेंटर पार्क और उन्नत स्वास्थ्य सेवा के लिए एक विश्वस्तरीय मेडिसिटी जैसी नई-पुरानी पहलों के माध्यम से एक वैश्विक क्षमता केन्द्र बनने के लिए तैयार है.

उन्होंने ‘अंजोर विज़न @2047’ के अंतर्गत सेमीकंडक्टर निर्माण और डिजिटल शासन सुधारों सहित उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने वाले छत्तीसगढ़ के प्रयासों को रेखांकित किया, जिसका उद्देश्य आर्थिक विस्तार, मानव विकास और स्थायी शासन को बढ़ावा देना है, जो एक विकसित भारत की राष्ट्रीय कल्पना के अनुरूप है.

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परम्पराओं की प्रशंसा करते हुए, उपराष्ट्रपति ने क्षेत्र के पारंपरिक नृत्यों जैसे पंथी और कर्मा, और इसकी समृद्ध आदिवासी कलाओं और शिल्प की सराहना की. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विविधता में एकता की भारतीय भावना का प्रतीक है, जहाँ सांस्कृतिक संरक्षण और आधुनिकीकरण साथ-साथ चलते हैं.

वास्तविक प्रगति पर ज़ोर देते हुए, सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि ‘प्रगति केवल सकल घरेलू उत्पाद से नहीं, बल्कि लोगों के चेहरों पर मुस्कान, शासन में उनके विश्वास और हर बच्चे की आँखों में चमकती आशा से भी मापी जाती है.’

अपने संबोधन के समापन पर, उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ के युवाओं से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, हरित प्रौद्योगिकियों और वैश्विक बाज़ारों में उभरते अवसरों का लाभ उठाने और साहस, रचनात्मकता और करुणा के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया.

उन्होंने कहा कि रजत महोत्सव को केवल अतीत के उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक प्रतिज्ञा के रूप में देखा जाना चाहिए – एक विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से एक विकसित भारत के निर्माण, लोकतंत्र को मजबूत करने, संस्कृति का सम्मान करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उज्जवल कल छोड़ने की प्रतिज्ञा.

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका; मुख्यमंत्री विष्णु देव साय; छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह; और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.

“भारतीय रुपये में नया जोश, ‘करेंसी की रिंग’ में निचले स्तर से उठकर अमेरिकी डॉलर को दी करारी शिकस्त”

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हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन भारतीय रुपये की शुरुआत मजबूती के साथ हुई. गुरुवार को रुपया 8 पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 88.62 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया.

रुपया की इस तेजी के पीछे डॉलर की कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी को प्रमुख वजह माना जा रहा है.

विदेशी मुद्रा कारोबारियों (Forex Traders) के अनुसार, घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुझान ने भी रुपये को समर्थन दिया. हालांकि, विदेशी निवेशकों (FIIs) की ओर से जारी बिकवाली के दबाव ने इसकी तेजी को कुछ हद तक सीमित कर दिया.

अंतरबैंक बाजार में उतार-चढ़ाव

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (Interbank Foreign Exchange) में रुपया 88.51 रुपये प्रति डॉलर पर खुला और कुछ समय बाद 88.49 रुपये प्रति डॉलर तक मजबूत हुआ. शुरुआती कारोबार के बाद रुपया 88.6 रुपये2 प्रति डॉलर पर स्थिर रहा, जो पिछले बंद भाव 88.70 रुपये से 8 पैसे की बढ़त को दर्शाता है. बुधवार को प्रकाश पर्व की छुट्टी के चलते विदेशी मुद्रा बाजार बंद था, इसलिए मंगलवार को रुपया ₹88.70 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था. इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.16% गिरकर 99.90 पर आ गया.

शेयर बाजार में तेजी

घरेलू शेयर बाजारों में भी तेजी का रुख देखने को मिला. बीएसई सेंसेक्स 321.81 अंक या 0.39% की बढ़त के साथ 83,780.96 अंक पर पहुंचा. निफ्टी 50 57.05 अंक या 0.22% बढ़कर 25,654.70 अंक पर ट्रेड कर रहा था. वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 0.17% बढ़कर 63.63 डॉलर प्रति बैरल पर रही.

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) मंगलवार को शुद्ध बिकवाल (Net Sellers) रहे. उन्होंने 1,067.01 करोड़ रुपये के शेयर बाजार से निकाले. कुल मिलाकर, कमजोर डॉलर, नरम क्रूड कीमतें और घरेलू बाजार की सकारात्मक धारणा ने रुपये को मजबूती दी है, हालांकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली से इसकी बढ़त सीमित रही.

“Typhoon Kalmaegi: तूफान कालमेगी से फिलिपींस में तबाही! 241 मौतों के बाद राष्ट्रपति ने आपातकाल किया घोषित”

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फिलीपींस में तूफान ‘कालमेगी’ के कारण देश के मध्य प्रांतों में कम से कम 241 लोगों की मौत हो गई. इसके अलावा कई लोग लापता हो गए. इस बीच फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने गुरुवार (6 नवंबर 2025) को आपातकाल की घोषणा कर दी.

यह इस साल फिलिपींस में आयी भीषण प्राकृतिक आपदा है. तूफान कालमेगी के कारण ज्यादातर लोगों की मौत अचानक आई बाढ़ में डूबने से हुई, जबकि 127 लोग लापता हैं. इनमें से अधिकतर मध्य प्रांत सेबू के निवासी हैं. यह प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है.

कालमेगी एक ट्ऱॉपिकल चक्रवात तूफान है, जो बुधवार (5 नवंबर 2025) को द्वीपसमूह से गुजरने के बाद दक्षिण चीन सागर की ओर बढ़ गया. तूफान के प्रकोप से लगभग 20 लाख लोग प्रभावित हुए, जबकि 5.6 लाख से अधिक ग्रामीण विस्थापित हो गए, इनमें से लगभग 4.5 लाख लोगों को आपातकालीन आश्रयों में शरण लेनी पड़ी. राष्ट्रपति मार्कोस ने यह आपातकालीन घोषणा आपदा प्रतिक्रिया अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान की, जिसमें तूफान के बाद की स्थिति का आकलन किया गया. इस घोषणा से सरकार को आपात राहत कोष को तेजी से जारी करने, खाद्यान्न की जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.

सेबू में सबसे अधिक तबाही, गांव पानी में डूबे

सेबू प्रांत तूफान से सबसे बुरी तरह प्रभावित इलाका बताया जा रहा है. कई गांवों में बिजली और संचार पूरी तरह ठप हो गए हैं. स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, सैकड़ों लोग अभी भी अपने घरों की छतों पर फंसे हैं और बचाव टीमों के इंतजार में हैं. मौसम विभाग ने बताया कि कालमेगी ने तटीय इलाकों में 200 किमी/घंटा तक की रफ्तार से दस्तक दी, जिससे समुद्र में ऊंची लहरें उठीं और निचले इलाकों में जलभराव हो गया. तूफान के गुजरने के बाद भी लगातार तेज हवाएं और भारी बारिश जारी हैं, जिससे बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं.

“‘सारी गरीबी दूर हो गई’, सब्जी बेचने वाले के हाथ आए 11 करोड़ रुपये; इस तरह रातोंरात पलटी किस्मत”

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किस्मत कब किसकी पलट जाए इस बारे में कोई नहीं बता सकता. इंसान के हाथ सिर्फ मेहनत करना है. आज हम आपको अमित सेहरा नाम के एक ऐसे ही शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी किस्मत भी रातोंरात पलट गई. अमित राजस्थान के कोटपुतली शहर से हैं और पेशे से सब्जी विक्रेता है.

अमित ने पंजाब राज्य लॉटरी के दिवाली बंपर 2025 ड्रॉ में 11 करोड़ रुपये का इनाम जीता.

दोस्त से उधार लेकर खरीदा टिकट

32 साल के अमित सेहरा सब्जी बेचने के लिए एक छोटा सा ठेला लगाते हैं. लॉटरी में 1,000 रुपये के दो टिकट खरीदने के लिए अमित ने पंजाब के मोगा में एक दोस्त से पैसे उधार लिए. उन्होंने एक टिकट अपने लिए ली और दूसरी टिकट अपनी पत्नी के लिए ली, जिसकी कीमत .1,000 रुपये थी. यही टिकट करोड़ों का निकला. बठिंडा में सिर्फ 500 रुपये में खरीदे गए इस टिकट ने उन्हें करोड़पति बना दिया.

न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए अमित ने कहा, “मैं अपनी खुशी बयां नहीं कर सकता. मैं पंजाब सरकार और लॉटरी एजेंसी का शुक्रिया अदा करता हूं. आज मेरा सारा दुख दूर हो गया.” उन्होंने आगे कहा कि वह भगवान हनुमान के भक्त हैं. लॉटरी में जीती हुई रकम में से अमित अपने दोस्त की दोनों बेटियों को 50-50 लाख रुपये भेंट स्वरूप देगा. उन्होंने कहा, मैंने अपनी मां को खोया है इसलिए मैं बेटियों का दर्द समझता हूं. बाकी पैसे मेरे बच्चों की शिक्षा और घर बनाने में खर्च होंगे.”

प्रदेश के कई जिलों में लुढ़केगा पारा, जल्द होगा भीषण ठंड से सामना, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी…

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रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में ठंड ने दस्तक दे दी है। सुबह और शाम को ठंड का एहसास होना शुरू हो गया है। प्रदेश की राजधानी रायपुर समेत कई अन्य जिलों में लगातार मौसम में उतार-चढ़ाव हो रहा है। दिन भर धूप पड़ने के बाद शाम होते ही मौसम में ठंडक आ रही है और तापमान में भी गिरावट हो रही है। राजधानी रायपुर समेत कई इलाकों में सुबह घना कोहरा छा रहा है। बुधवार को सुबह भी राजधानी रायपुर में ठंड का एहसास हुआ। वहीं मौसम विभाग ने बताया कि, आने वाले दिनों में तापमान में और कमी आएगी, जिससे ठंड बढ़ेगी।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ राजधानी रायपुर, बिलासपुर, बलरामपुर, दंतेवाड़ा, सरगुजा और कोरबा समेत प्रदेश के कुछ जिलों में आज तापमान में गिरावट होगी। इतना ही नहीं प्रदेश के कई जिलों में आज तेज हवा भी चलेगी।वहींलोगों को अब ठिठुरन महसूस होना शुरू हो गया है। लोग गरम कपड़े पहनकर घरों से बाहर निकल रहे हैं। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के अधिकतर जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज होने की बात कही है।

मौसम विभाग ने जनता से अपील करते हुए कहा कि, प्रदेश में चक्रवाती तूफ़ान “मोंथा” का असर भले ही खत्म हो गया है, लेकिन फिर भी प्रदेश में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इतना ही नहीं मौसम विभाग ने कहा कि, प्रदेश में अब ठंड बढ़ने वाली है। ऐसे में लोग अपने साथ गर्म कपड़े और बारिश से बचने के उपाय करके ही घर के बाहर निकले।

Zubeen Garg: जुबिन गर्ग की मौत का सनसनीखेज सच! CID जांच में खुला जहर और हत्या की खौफनाक षड्यंत्र…

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असम के लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग की मौत अब रहस्य नहीं रही। सिंगापुर में 19 सितंबर को हुई उनके निधन को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों का जवाब एसआईटी ने अपनी जांच में दिया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि योजना बना कर की गई हत्या थी। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस बात की पुष्टि खुद की है। उन्होंने बताया कि इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उन सभी के खिलाफ हत्या की धारा में केस दर्ज किया गया है।

एसआईटी की रिपोर्ट में सामने आया है कि जुबिन की मौत के पीछे साजिश थी। उनके नजदीकी सहयोगी शेखर ज्योति गोस्वामी के मुताबिक जैसे ही जुबिन पानी में उतरे, उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्होंने तैरने की कोशिश की लेकिन एक ट्यूब तक नहीं पहुँच सके और पानी में बेहोश हो गए। जब मदद के लिए लोग दौड़े, तो सिद्धार्थ शर्मा ने कह कि जाबो दे, जाबो दे यानी उन्हें जाने दो। शेखर ने आरोप लगाया कि जुबिन को पहले से जहर दिया गया था और इसलिए उन्हें सिंगापुर बुलाया गया। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आगे कहा कि 8 दिसंबर तक इस मामले में हत्या की चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। हालांकि एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट को फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सही समय पर रिपोर्ट जारी की जाएगी ताकि किसी तरह का भ्रम न रहे।

जांच में शामिल सीआईडी ने सभी आरोपियों के मोबाइल जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। इनमें वह मोबाइल भी शामिल है जिसमें जुबिन की तैराकी का आखिरी वीडियो रिकॉर्ड हुआ था। साथ ही, सीआईडी यॉट पर हुई घटनाओं के और वीडियो की भी तलाश कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी खुलासा किया कि इस केस की जांच के लिए अब सीआईडी सिंगापुर नहीं जाएगी। जांच में यह भी सामने आया कि नॉर्थ ईस्ट इंडिया कल्चरल फेस्टिवल के आयोजक श्याम कानू महंता का नाम जुड़ा है। आरोप है कि पैसों के विवाद के कारण जुबिन को सिंगापुर बुलाया गया और फिर उनकी मौत को हादसा दिखाने की कोशिश की गई। अब तक सीआईडी ने इस मामले में जुबिन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, आयोजक श्याम कानू महंता, बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी और गायक अमृत प्रीतम को गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।

Raipur Air Show: रायपुर में सूर्यकिरण टीम का तूफानी प्रदर्शन, आसमान में दिखा तिरंगा, उमड़ा जनसैलाब…

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रायपुर: राजधानी रायपुर के नवा रायपुर में बुधवार को सूर्य किरण एयरो बोटिक डिस्प्ले का आयोजन हुआ। एयरोबेटिक टीम ने आसमान में रोमांचक करतब दिखाए। हजारों लोग इसे देखने पहुंचे।

आपकों बता दें कि ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी ने सूर्यकिरण टीम का नेतृत्व किया, जबकि स्क्वॉड्रन लीडर गौरव पटेल, जो छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं, टीम का हिस्सा रहे। गौरव ने कहा कि यह शो उनके लिए बेहद खास रहा। वहीं फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू ने कमेंट्री की जिम्मेदारी संभाली और दर्शकों को हर करतब की जानकारी दी।

Suryakiran Show वायु सेना के जाबाजों ने अद्भुत करतब

विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, डिप्टी CM विजय शर्मा, मंत्री केदार कश्यप, लक्ष्मी रजवाड़े, टंकराम वर्मा, राजेश अग्रवाल, BJP अध्यक्ष किरणदेव और सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा वायु सेना के जाबाजों ने अद्भुत करतब दिखाई। हर पल रोमांच से भर देना वाला था।। हम वायुसेना को सैल्यूट करते है। हमारे लिए और गर्व की बात रही इस टीम में छत्तीसगढ़ का बेटा गौरव पटेल भी शामिल रहा।

महादेव घाट में ‘कार्तिक पुन्नी मेला’ की धूम.. बड़ी संख्या में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़…

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रायपुर: राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित पुन्नी मेले में आज सुबह से भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। खारुन नदी में चल रही रंगबिरंगी नावें आकर्षण का केंद्र बनी हुआ हैं। यह मेला 100 साल से अधिक पुराना ऐतिहासिक मेला है, जो हर साल कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित किया जाता है।

आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु कार्तिक पूर्णिमा के दिन तड़के खारुन नदी में स्नान कर हाटकेश्वर महादेव का दर्शन करते हैं। बताया जाता है कि प्राचीन हटकेश्वर मंदिर का निर्माण वर्ष 1928 में करचूली शासन के समय हुआ था। यह मंदिर और मेला छत्तीसगढ़ की बड़ी आस्था का केंद्र माना जाता है।

मेले के दौरान नदी में बने लक्ष्मण झूले को रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया है। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा कारणों से लक्ष्मण झूले को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। यह पुन्नी मेला तीन दिन तक चलेगा और इसमें श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी रहने की संभावना है।

राजनांदगांव में ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में शामिल हुए उपराष्ट्रपति, मंच से की छत्तीसगढ़ सरकार की तारीफ, नक्सलवाद को लेकर कही ये बड़ी बात…

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उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में “लखपति दीदी सम्मेलन” में भाग लिया। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने ‘लखपति दीदी’ पहल की सराहना की तथा इसे भारत की महिलाओं की शक्ति और दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल उन महिलाओं – दीदियों – के संकल्प को दर्शाती है जो चुनौतियों को अवसरों में बदल रही हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि “लखपति दीदी” शब्द केवल आय का नहीं, बल्कि स्वतंत्रता, सम्मान और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि देश भर में महिलाओं के नेतृत्व में हजारों स्वयं सहायता समूह इस बात को दर्शा रहे हैं कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और एकजुटता कैसे जीवन को बदल सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन महिलाओं की उपलब्धियां देश की उन बहनों की परिवर्तनकारी शक्ति को रेखांकित करती हैं, जो ग्रामीण भारत की रीढ़ हैं। सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए, उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का सपना महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की दिशा में एक असाधारण कदम है – एक ऐसा आंदोलन, जिसकी छत्तीसगढ़ में स्पष्ट अभिव्यक्ति हुई है।

उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ एवं पूरे देश में महिलाओं के बढ़ते नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने ‘लखपति दीदी’ पहल को एक ऐसा जीवंत आंदोलन बताया, जिसने देश भर में दो करोड़ से अधिक महिलाओं और छत्तीसगढ़ में पांच लाख महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों एवं आय-सृजन की गतिविधियों के जरिए वित्तीय आजादी हासिल करने में सक्षम बनाया है। उन्होंने राज्य सरकार और राजनांदगांव जिला प्रशासन के समर्पित प्रयासों की सराहना की, जिससे 9,663 स्वयं सहायता समूहों के जरिए एक लाख से अधिक महिलाओं को जोड़ा गया है और 700 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला सम्मान योजना के तहत राज्य द्वारा 20 किश्तों में कुल 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के सीधे हस्तांतरण ने महिला लाभार्थियों को सशक्त बनाया है।

सी.पी. राधाकृष्णन ने महिला सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में राजनांदगांव की अनूठी स्थिति पर प्रकाश डाला और कहा कि 1,000 से अधिक महिलाएं स्थानीय स्वशासन में पंच, सरपंच, जनपद और जिला पंचायत सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने इस तथ्य को रेखांकित किया कि लोकतंत्र केवल संसद तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्राम सभाओं, पंचायतों और स्वयं सहायता समूहों में भी बसता है, जहां नागरिक मिलकर चर्चा करते हैं, निर्णय लेते हैं और विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी आंदोलन भागीदारी, पारदर्शिता और स्थानीय सशक्तिकरण को सुनिश्चित करके लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल ने इस धारणा को बदल दिया है कि महिलाओं को केवल घर तक ही सीमित रहना चाहिए। आज, वे प्रशासक के रूप में उभर रही हैं, आर्थिक आजादी हासिल कर रही हैं और भावी नेताओं को प्रेरित कर रही हैं। उपराष्ट्रपति ने सरकारी सहायता से सभी बाधाओं पर विजय पाने के लिए लखपति दीदियों के साहस और दृढ़ संकल्प की सराहना की तथा आशा व्यक्त की कि वे शीघ्र ही करोड़पति दीदी बन जायेंगी। छत्तीसगढ़ में हुई प्रगति को याद करते हुए, उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब इस राज्य को पानी, बिजली और विकास के अभाव का सामना करना पड़ता था, लेकिन आज यह राज्य पूरे देश के लिए बिजली का उत्पादन करता है और इसने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार किया है।

उन्होंने इस क्षेत्र से नक्सल समस्या को समाप्त करने के सफल प्रयासों की भी सराहना की और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के सहयोगात्मक दृष्टिकोण को दिया। उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि धन का सृजन करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि उसका वितरण। उन्होंने आगे कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारें प्रभावी ढंग से इन लक्ष्यों को हासिल करने में लगी हैं, जिससे नक्सलवाद जैसी चुनौतियों को कम करने में मदद मिली है। हाल ही में विश्व कप में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की जीत का उल्लेख करते हुए, सी.पी. राधाकृष्णन ने छत्तीसगढ़ की महिलाओं द्वारा किए जा रहे सामाजिक परिवर्तन के साथ एक प्रेरक तुलना की। उन्होंने उनके साहस, दृढ़ता और राष्ट्र की प्रगति में उनके योगदान की सराहना की। सी.पी. राधाकृष्णन ने इस बात का भी स्मरण किया कि 1 नवम्बर 2000 को छत्तीसगढ़ के निर्माण से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना पूरा हुआ तथा उन्होंने एक सांसद के रूप में इस विधेयक का समर्थन करने पर गर्व व्यक्त किया। अपने संबोधन का समापन करते हुए, उपराष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ और राजनांदगांव सशक्तिकरण, लोकतंत्र और संस्कृति के क्षेत्र में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते रहेंगे।

उपराष्ट्रपति ने की इन रचनात्मक पहलों की सराहना

राजनांदगांव में आयोजित लखपति दीदी सम्मेलन के दौरान उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के समक्ष महिला समूहों द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक पहलों का प्रदर्शन किया गया। इनमें दिव्यांगजनों द्वारा स्वयं बनाए गए सहायक उपकरण भी शामिल थे। सी. पी. राधाकृष्णन ने इन रचनात्मक पहलों के जरिए जन कल्याण, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन और सामुदायिक विकास में महिलाओं के नेतृत्व की सराहना की। सी. पी. राधाकृष्णन ने राजनांदगांव स्थित उदयाचल स्वास्थ्य एवं अनुसंधान संस्थान में एक नए पांच-मंजिला भवन का भी उद्घाटन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ को मोतियाबिंद मुक्त बनाने में इस संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका और तपेदिक से निपटने एवं वृक्षारोपण अभियानों को बढ़ावा देने के प्रति उसकी प्रतिबद्धता की सराहना की। उपराष्ट्रपति ने मोतियाबिंद-मुक्त भारत की दिशा में हुई राष्ट्रीय प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय नेत्र ज्योति अभियान की उल्लेखनीय उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी बताया कि आयुष्मान भारत, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और प्रधानमंत्री-आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन जैसी पहल देशभर में स्वास्थ्य सेवा की सुलभता के मामले में व्यापक बदलाव ला रही हैं। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव में आयोजित दोनों कार्यक्रमों में उपस्थित थे।

विश्वविजेता भारतीय टीम की फिजियोथैरेपिस्ट थी छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा, 10 लाख रुपए देगी छत्तीसगढ़ सरकार, सीएम साय ने किया ऐलान…

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रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक विश्व कप विजय पर देशवासियों को बधाई और शुभ कामनाएँ देते हुए कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की यह अभूतपूर्व उपलब्धि हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है, जिसने विश्व पटल पर देश का मान बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस गौरवपूर्ण सफलता में छत्तीसगढ़ की बेटी आकांक्षा सत्यवंशी ने फिजियोथैरेपिस्ट एवं स्पोर्ट्स साइंस विशेषज्ञ के रूप में खिलाड़ियों की फिटनेस और रिकवरी में अतुलनीय योगदान देकर न केवल भारतीय टीम को सशक्त बनाया है, बल्कि देश का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर उज्ज्वल किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आकांक्षा सत्यवंशी ने अपने समर्पण, सेवा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह सिद्ध किया है कि छत्तीसगढ़ की बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में देश का गौरव बन सकती हैं। उनके उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करते हुए राज्य सरकार द्वारा ₹10 लाख की सम्मान राशि प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आकांक्षा सत्यवंशी की यह सफलता छत्तीसगढ़ की सभी बेटियों और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। यह उनकी मेहनत, निष्ठा और संकल्प का परिणाम है, जिसने पूरे राज्य को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खेल के क्षेत्र में नई पीढ़ी को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि छत्तीसगढ़ से और भी ऐसी प्रतिभाएँ निकलें जो देश का नाम विश्व में रोशन करें।