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थाना डोंगरगांव पुलिस ने गौवंश तस्करी रोकते हुए 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार

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डोंगरगांव। थाना डोंगरगांव पुलिस और मुखबिर सूचना के आधार पर किए गए छापेमारी अभियान में गौवंश तस्करी के पांच आरोपी पकड़ाए गए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 9 नग कृषि उपयोगी मवेशी बरामद किए, जिनमें 8 जीवित और 1 मृत अवस्था में था।

पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देश और अति पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर व नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती मंजूलता बाज के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।

घटना का विवरण:
03 फरवरी 2026 की रात गस्त पर निकली टीम को मोबाइल मुखबिर सूचना मिली कि ग्राम पहलवान चारभाठा से ग्राम कुल्हाडी की ओर सफेद रंग की बोलेरो पीकअप वाहन में गौवंश को ठूस-ठूस कर ले जाया जा रहा है। वाहन को बिना चारा-पानी कत्लखाने ले जाने की सूचना मिलने पर पुलिस ने ग्राम कुल्हाडी भोजराज भंडारी के घर के पास रोड पर घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ लिया।

बरामद सामग्री:

09 नग कृषि उपयोगी गौवंश (8 जीवित, 1 मृत)

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु संरक्षण अधिनियम 2004, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960, बीएनएस की धारा 325, और मो0व्ही0 एक्ट धारा 66/192 के तहत कार्यवाही की।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:

डोमेन्द्र वाल्दे, पिता बिटठल बोलकू वाल्दे, उम्र 37 वर्ष, मिस्प्री, महाराष्ट्र

टोमेन्द्र केशु मेश्राम, पिता तुलसीराम मेश्राम, उम्र 21 वर्ष, मिस्प्री, महाराष्ट्र

परमानंद सलामे, पिता देवसिंग सलामे, उम्र 22 वर्ष, मिस्प्री, महाराष्ट्र

प्रकाश उर्फ ओमप्रकाश साहू, पिता गुहाराम साहू, उम्र 24 वर्ष, चारभाठा, डोंगरगांव

जानुक राम हल्बा, पिता तुलसीराम, उम्र 56 वर्ष, चारभाठा, डोंगरगांव

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गौवंश को मिस्प्री (महाराष्ट्र) ले जा रहे थे, जहां से हैदराबाद के कत्लखाने भेजा जाता।

इस कार्यवाही में मुख्य योगदान:
निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, थाना प्रभारी डोंगरगांव, सउनि0 चौतुराम आर्य, प्रधान आरक्षक सुरेश सिंह राजपूत, आरक्षक बिसराम वर्मा। साथ ही नागरिक योगेश साहू, राहुल सोनी और विजय वैष्णव ने भी सहयोग किया।

गांजा तस्करी के आरोप में 3 गिरफ्तार, 14.662 किलोग्राम गांजा और इलेक्ट्रीक ऑटो वाहन किया गया जब्त

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राजनांदगांव। थाना सोमनी पुलिस और सायबर सेल की सयुक्त कार्रवाई में गांजा तस्करी के मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 14.662 किलोग्राम अवैध गांजा, एक इलेक्ट्रीक ऑटो वाहन और अन्य सामान जब्त किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देश पर अपराध की रोकथाम और मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ी नजर रखने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।

मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार नामदेव के नेतृत्व में पुलिस ने रायपुर से राजनांदगांव की ओर आ रहे इलेक्ट्रीक ऑटो वाहन क्रमांक सीजी 04 क्यू एफ 3543 को ग्राम टेडेसरा में रोक कर चेक किया। ऑटो के अंदर 8 छोटे-बड़े पैकेटों में कुल 14.662 किलोग्राम गांजा छिपा हुआ था। इसकी कीमत लगभग ₹7,33,100 रुपये आंकी गई है।

जब्त की गई सामग्री:

इलेक्ट्रीक ऑटो वाहन (कीमत ₹2,00,000)

14.662 किलोग्राम गांजा (कीमत ₹7,33,100)

1 कीपेड मोबाइल फोन

2 एनराइड मोबाइल फोन

1 ईयर बड

₹3023 नगद

पुलिस ने मौके पर तीनों आरोपियों से पूछताछ की, जिनमें दुर्गेश रायकर उर्फ विक्की (30 वर्ष, ग्राम हीरापुर लाटरी नगर, रायपुर), मो0 जुल्फिकार उर्फ राजा (32 वर्ष, कबीर नगर अटल आवास, रायपुर), और दीपक साहू (38 वर्ष, कबीर नगर अटल आवास, रायपुर) शामिल हैं। आरोपियों ने बताया कि वे रायपुर से गांजा लेकर राजनांदगांव बिक्री के लिए ला रहे थे।

आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख)(ii) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें आज न्यायालय में पेश किया गया, और न्यायिक आदेशों के बाद जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में नगर पुलिस अधीक्षक श्री अलेक्जेंडर कीरो, थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार नामदेव, सहायक उप निरीक्षक राजू मेशराम, प्रधान आरक्षक डुलेश्वर साहू, आरक्षक दिनेश वर्मा, और सायबर टीम का अहम योगदान रहा।

थाना सिटी कोतवाली और सायबर सेल की सयुक्त कार्रवाई, चोरी हुई 5 मोटर सायकलें बरामद, आरोपी गिरफ्तार

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राजनांदगांव। थाना सिटी कोतवाली और सायबर सेल राजनांदगांव की सयुक्त कार्रवाई में चोरी हुई 5 मोटर सायकलें गोंदिया (महाराष्ट्र) से बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। बरामद मोटर सायकलों की कुल कीमत 2,06,759 रुपए है।

पुलिस ने आरोपी की पहचान संघर्ष सुभाष डोंगरे (उम्र 18 वर्ष 10 माह) निवासी कावड़ी पोस्ट अंजोरा, तहसील आमगांव, थाना साल्हेकसा, जिला गोंदिया (महाराष्ट्र) के रूप में की। आरोपी ने चोरी की मोटर सायकलों को अपने गांव ले जाने की बात स्वीकार की।

पुलिस ने बताया कि चोरी की घटनाएं अलग-अलग समय और स्थानों पर हुई थीं। इनमें शामिल मोटर सायकलें इस प्रकार हैं:

मोटर सायकल ड्रीम योगा क्रमांक सी0जी0 08 व्ही-8732 (15,000 रुपए)

मोटर सायकल सीबी साइन क्रमांक सी0जी0 08 ए0डी0-5527 (30,000 रुपए)

मोटर सायकल हिरो होंडा क्रमांक सी0जी0 08 ए0पी0-3461 (25,000 रुपए)

बुलेट क्लासिक 350 सिल्वर क्रमांक सी0जी0 08 ए0एच0-6086 (95,000 रुपए)

बुलेट स्टैंडर्ड 350 क्रमांक सी0जी0 04 एल0व्ही0-0140 (41,759 रुपए)

पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर तथा नगर पुलिस अधीक्षक श्री अलेक्जेण्डर किरों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर गौतम एवं सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय पम्मार के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपी की पतासाजी की। टीम गोंदिया गई और स्थानीय पुलिस सहयोग से आरोपी को गिरफ्तार कर मोटर सायकलों के साथ राजनांदगांव लाया गया।

अपराध सबूत मिलने के बाद आरोपी को 05 फरवरी 2026 को न्यायिक रिमांड पर पेश किया गया और जिला जेल में दाखिल किया गया। इस कार्रवाई में निरीक्षक नंदकिशोर गौतम, प्र0आर0 जी0 सिरील कुमार, उप निरीक्षक नरेश कुमार बंजारे, प्र0.आर0. बसंत राव और आरक्षक कुलेश्वर साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मंत्री गजेन्द्र यादव छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर रजत जयंती कार्यक्रम में हुए शामिल

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राजनांदगांव। स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि-विधायी एवं जिले के प्रभारी मंत्री गजेन्द्र यादव आज गांधी सभागार राजनांदगांव में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड राजनांदगांव द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित रजत जयंती कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मंत्री गजेन्द्र यादव ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, बीपीएल हितग्राही, कृषि सिंचाई पंप उपभोक्ता, घरेलू उपभोक्ताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने रजत जयंती के अवसर पर विभिन्न महाविद्यालय और स्कूली विद्यार्थियों द्वारा नारा लेखन, निबंध, भाषण, पोस्टर एवं ओपन चित्रकला प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस दौरान कलेक्टर जितेन्द्र यादव उपस्थित थे।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के पश्चात यहां तेजी से विकास हुआ है। ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश में सर्वाधिक विकास हुआ है। उन्होंने बताया कि अविभाजित छत्तीसगढ़ में लगभग 56 हजार उपभोक्ता प्रदेश में थे। वर्तमान में 8 लाख से अधिक किसान उपभोक्ताओं के पास कृषि पंप है। छत्तीसगढ़ बनने के बाद लोगों के जीवन में विकास हुआ है। छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी द्वारा गांव-गांव में 8 लाख से अधिक कृषि पंपों की स्थापना की गई है। प्रदेश में अलग-अलग प्रकार के सबमर्सिबल की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि सर्वाधिक मजरा-टोलो में विद्युत पहुंचाने का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार लगातार ऊर्जा के क्षेत्र के साथ नागरिकों के जीवन को रोशन कर रही है। छत्तीसगढ़ में कृषि बहुत आगे बढ़ा है। बिजली की पर्याप्त उपलब्धता के कारण उद्योग भी बढ़े है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ का चहुमुंखी विकास हुआ है।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में एक ऊर्जा का बड़ा केन्द्र स्थापित नया रायपुर में किया जाएगा। जिससे ट्रांसफार्मर का निर्माण सहित विभिन्न विद्युत से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए स्मार्ट मीटर लगाया गया है। जिससे उपभोक्ता एटीपी के माध्यम से भुगतान आसानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से सोलर एनर्जी का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। घरों में सोलर पैनल लगाने के लिए सब्सिडी प्रदान कर रही है। सोलर पैनल लगाने से घर में बिजली बिल नहीं आएगा। उन्होंने शासन की योजनाओं से अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए कहा। कार्यपालन निदेशक शिरीष सेलट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण से अब तक के कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर एमडी ठाकुर, शिव वर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण एवं विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिकगण उपस्थित थे।

कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक संपन्न

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राजनांदगांव। कलेक्टर जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति समय-सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जेआईआर प्रकरणों के संबंध में प्रतिवेदन तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा। कलेक्टर ने अधिकारियों को जिले में औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने, निवेश अनुकूल वातावरण सृजित करने एवं उद्योगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने निर्देशित किया।
बैठक में महाप्रबंधक व्यापार एवं उद्योग केन्द्र सानू व्ही वर्गीस ने औद्योगिक नीति 2024-30 अंतर्गत स्थायी पूंजी, अनुदान, ब्याज अनुदान, स्टाम्प शुल्क में छूट सहित उद्योगों को उपलब्ध अन्य सुविधाओं के संबंध में जानकारी दी। इस दौरान जिले में स्थापित उद्योगों को आ रही समस्याओं पर चर्चा की गई। खेतान केमिकल एवं कल्याणी इस्पात के प्रतिनिधियों द्वारा अपनी समस्याएं समिति के समक्ष रखी गई तथा उनके शीघ्र निराकरण हेतु अनुरोध किया गया। संबंधित विभागों को समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा, जिला खनिज अधिकारी, उप संचालक नगर एवं ग्राम निवेश सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

राजनांदगांव शहर को स्वच्छ एवं सुंदर रखने के लिए 442 स्वच्छता दीदीयों द्वारा किया जा रहा डोर टू डोर कचरा संग्रहण

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राजनांदगांव। स्वच्छ भारत मिशन शहरी अंतर्गत राजनांदगांव शहर को स्वच्छ एवं सुंदर रखने के लिए 442 स्वच्छता दीदीयों द्वारा डोर टू डोर कचरा संग्रहण किया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन से स्वच्छता दीदीयों को रोजगार मिला है। राजनांदगांव शहर के 51 वार्ड में घर-घर कचरा संग्रहण के लिए 17 एसएलआरएम सेंटर संचालित है, जहां 442 स्वच्छता दीदीयां कार्यरत है। इन स्वच्छता दीदीयों द्वारा घर-घर पहुंचकर कचरा संग्रहण कर एसएलआरएम सेंटरों में कचरा पृथक्करण किया जा रहा है। स्वच्छता दीदीयों को प्रतिमाह 8000 रूपए का मानदेय मिलता है। इसके साथ ही कबाड़ी विक्रय एवं खाद विक्रय से अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रही है। इन सभी स्वच्छता दीदीयों का राजनांदगांव शहर को स्वच्छ और सुंदर रखने में महत्वपूर्ण योगदान है। इस अभियान से जुड़ने के बाद ये सभी महिलाएं आत्मनिर्भर बनी है और अपने परिवार को आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है।

एसबीआई द्वारा सीएसआर सहायता के रूप में सीआरसी के दिव्यांग बच्चों के लिए 6 नग कम्प्यूटर सिस्टम एवं 1 नग प्रिंटर किया गया प्रदान

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राजनांदगांव। भारतीय स्टेट बैंक शाखा राजनांदगांव द्वारा कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पहल के तहत दिव्यांगजनों के कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण हेतु समेकित क्षेत्रीय केन्द्र (सीआरसी) को 6 नग कम्प्यूटर सिस्टम एवं 1 नग प्रिंटर सीएसआर सहायता के रूप में प्रदान किया गया। सीएसआर पहल अंतर्गत प्राप्त कम्प्यूटर एवं प्रिंटर का उपयोग दिव्यांग बच्चों को कम्प्यूटर आधारित कौशल, डिजिटल साक्षरता एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए किया जाएगा। यह सुविधा बच्चों के शैक्षणिक विकास, तकनीकी कौशल के संवर्धन एवं भविष्य में रोजगार की तैयारी में सहायक होगी। सीआरसी राजनांदगांव द्वारा भारतीय स्टेट बैंक को इस महत्वपूर्ण सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने की अपील

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राजनांदगांव। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को 22वीं किस्त की राशि का माह फरवरी 2026 में हस्तांतरण किया जाएगा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत 19वीं किश्त से कुल 107275 लाभान्वित कृषक है। इनमें से 94917 कृषकों का पंजीयन एग्रीस्टेक पोर्टल में हो चुका है तथा 12358 कृषकों का पंजीयन एग्रीस्टेक पोर्टल में किया जाना शेष है। जिनमें राजनांदगांव विकासखंड के 2944, विकासखंड डोंगरगांव के 2758, विकासखंड डोंगरगढ़ के 2680 एवं विकासखंड छुरिया के 3982 कृषक शामिल है। साथ ही जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत ई-केवायसी के 691, लैण्ड सीडिंग के 67, आधार सीडिंग के 1014 एवं सस्पेक्टेड केस के 992 प्रकरण लंबित है। जिले के किसानों से नजदीकी लोक सेवा केन्द्र, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, कृषक संगवारी के माध्यम से सस्पेक्टेड केस में लंबित प्रकरणों का भौतिक सत्यापन पूर्ण कर पीएम किसान की वेबसाईट पर फार्मर कार्नर अंतर्गत नवीन विकल्प अपडेट मिसिंग इनफार्मेशन के माध्यम से निराकरण कराने तथा ई-केवायसी पूर्ण कराने एवं आधार सीडिंग के लिए अपने संबंधित बैंक शाखा से संपर्क कर खाते में आधार बेस्ड पेमेंट एनेबल (डीबीटी) पूर्ण कराने की अपील की गई है। जिससे पात्र किसान पीएम किसान सम्मान निधि की आगामी किस्त से लाभान्वित हो सकें।

जल जीवन मिशन से ग्राम जामसरारखुर्द में पेयजल की चिंता हुई दूर

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राजनांदगांव। जिले के डोंगरगांव विकासखंड अंतर्गत आने वाले आश्रित ग्राम जामसरारखुर्द में एक समय जब पानी की चिंता के साथ दिन की शुरूआत होती थी। ग्रामीण महिलाओं को घर का कार्य छोड़कर दूर तक पानी की व्यवस्था के लिए जाना पड़ता था। ग्रीष्म ऋतु में तो हालात और भी कठिन हो जाते थे, लेकिन शासन के जल जीवन मिशन ने इस गांव की रोजमर्रा की कहानी बदल दी है। अब ग्राम जामसरारखुर्द में सुबह नल खोलने से शुरू होती है। ग्रामीण महिलाओं को घर का कार्य छोड़कर पानी की व्यवस्था के लिए परेशानी नहीं होती है। योजना के तहत नल के माध्यम से ही घर पर शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है। गांव में बने 12 मीटर ऊंचे एवं 40 किलोलीटर क्षमता वाले जलागार से पूरे गांव में शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है। राइजिंग मेन और लंबी वितरण पाइपलाइन के जरिए पानी हर गली, हर घर तक पहुंचाया गया है। गांव के कुल 133 घरों में नल कनेक्शन लगने से अब पानी के लिए किसी को इंतजार नहीं करना पड़ता है। योजना के तहत बोरवेल, सबमर्सिबल पंप, क्लोरीनेशन व्यवस्था और इलेक्ट्रोक्लोरीनेशन सिस्टम की स्थापना से पानी की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की गई है। इससे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां कम हुई हैं और बच्चों की पढ़ाई तथा महिलाओं के समय में बड़ा बदलाव आया है। कार्य पूर्ण होने के बाद ग्राम को हर-घर-जल प्रमाणित किया गया और संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंपी गई। जल जीवन मिशन से ग्राम जामसरारखुर्द की दिशा और दशा बदली है तथा ग्रामीणों का जीवन आसान हुआ है।

जिले में रबी वर्ष 2025-26 अंतर्गत बीज उत्पादन कार्यक्रम के तहत निर्धारित लक्ष्य से अधिक की पूर्ति

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राजनांदगांव। जिले में रबी वर्ष 2025-26 अंतर्गत बीज उत्पादन कार्यक्रम के तहत निर्धारित लक्ष्य से अधिक की पूर्ति की गई है। जिले में बीज उत्पादन पंजीयन हेतु निर्धारित लक्ष्य 1000 हेक्टेयर के विरूद्ध 1146 हेक्टेयर की पूर्ति की गई है, जो गतवर्ष की पूर्ति 750 हेक्टेयर से 65 प्रतिशत अधिक है। उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि बीज उत्पादन कार्यक्रम अंतर्गत विशेष रूप से दलहन एवं तिलहन फसलों के प्रमाणित बीज उत्पादन को प्राथमिकता से लिया गया है। कृषि विभाग द्वारा कृषकों को बीज उत्पादन हेतु जागरूक करने एवं बीज उत्पादन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी पहलुओं पर ध्यान देते हुये योजनाबद्ध कार्यक्रम तैयार किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कृषि अधिकारियों एवं समस्त मैदानी अमले की महत्वपूर्ण एवं सक्रिय भूमिका रही। इनके द्वारा समय-समय पर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण के माध्यम से पंजीयन की प्रक्रिया को सरल बनाने की जानकारी दी गई। इसके फलस्वरूप बड़ी संख्या में कृषकों ने स्वेच्छा से बीज उत्पादन कार्यक्रम में सहभागिता देते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया। इसका लाभ कृषकों को आगामी रबी मौसम में मिलेगा। जिले में दलहन, तिलहन के प्रमाणित बीजों की पर्याप्त मात्रा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगी। बाहरी स्रोतों पर निर्भरता कम होगी तथा कृषकों को उच्चगुणवत्तायुक्त बीज समय पर उपलब्ध हो सकेंगे और जिला बीजों की उपलब्धता में आत्मनिर्भर होगा। कार्यक्रम की सफलता से दलहन, तिलहन के क्षेत्रों में विस्तार की प्रबल संभावनाएं बढ़ेगी एवं जल संरक्षण तथा फसल विविधीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।