Home Blog Page 335

छत्तीसगढ़ प्रदेश के कई इलाकों में ठंड बढ़ते जा रही है। प्रदेश की राजधानी रायपुर समेत कई अन्य जिलों में लगातार मौसम में उतार-चढ़ाव हो रहा है…

0

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में तापमान में गिरावट होना शुरू हो गया है। राजधानी रायपुर समेत कई इलाकों में सुअभ घना कोहरा छा रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश के के साथ ठंड बढ़ने की आशंका जताई है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में दिन भर हवाएं चल रही है।

मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ राजधानी रायपुर, बिलासपुर, बलरामपुर, दंतेवाड़ा, सरगुजा और कोरबा समेत प्रदेश के कुछ जिलों में आज हल्की बारिश होने की संभावना है। बारिश होने और हवाएं चलने के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। तापमान में गिरावट के चलते प्रदेश में अब ठंड बढ़ते जा रही है। लोगों को अब ठिठुरन महसूस होना शुरू हो गया है। लोग गरम कपड़े पहनकर घरों से बाहर निकलर रहे हैं। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के अधिकतर जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज होने की बात कही है।

उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन के राजनांदगांव जिला प्रवास के मद्देनजर संभागायुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक ने स्टेट हाई स्कूल मैदान पहुंचकर लखपति दीदी सम्मेलन कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया…

0

राजनांदगांव। उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन के 5 नवम्बर 2025 को राजनांदगांव जिला प्रवास के दृष्टिगत संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर एवं पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य ने स्टेट हाई स्कूल मैदान पहुंचकर लखपति दीदी सम्मेलन कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता शर्मा एवं एएसएलआर श्री रूपेश कुमार उपस्थित रहे।

कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने मंच एवं बैठक व्यवस्था, विभिन्न स्टॉल, यातायात एवं पार्किंग, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी।

उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर की जा रही आवश्यक तैयारी से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मंच एवं बैठक व्यवस्था, पार्किंग के साथ ही सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारी सुनिश्चित की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक श्रीमती अंकिता शर्मा ने यातायात, सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में बताया। इस दौरान एसपी एसआईबी श्री नीरज चंद्राकर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राहुल शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पीटीएस श्री गजेन्द्र यादव, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम भार्गव, एसडीएम राजनांदगांव श्री गौतमचंद पाटिल, एसडीएम डोंगरगांव श्री श्रीकांत कोराम एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर ने राजनांदगांव क्षेत्र को नो फ्लाईंग जोन किया घोषित…

0

राजनांदगांव। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री जितेन्द्र यादव ने राजनांदगांव क्षेत्र को उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन के प्रवास को ध्यान में रखते हुए नो फ्लाईंग जोन घोषित किया है तथा ड्रोन जैसी उडऩे वाली मशीनों को प्रतिबंधित किया है।

उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन 5 नवम्बर को राजनांदगांव जिले के प्रवास पर लखपति दीदी सम्मेलन कार्यक्रम में होंगे शामिल…

0

राजनांदगांव। भारत के उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन 5 नवम्बर 2025 को राजनांदगांव जिले के प्रवास पर रहेंगे। उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन 5 नवम्बर 2025 को दोपहर 12.35 बजे स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा रायपुर से हेलीकाप्टर द्वारा प्रस्थान कर  दोपहर 1.10 बजे पीटीएस ग्राऊण्ड राजनांदगांव पहुंचेंगे और दोपहर 1.10 बजे से दोपहर 1.20 बजे तक स्वागत एवं परिचय प्राप्त करेंगे। उपराष्ट्रपति दोपहर 1.20 बजे पीटीएस ग्राऊण्ड राजनांदगांव से सड़क मार्ग द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 1.30 बजे स्पीकर हाऊस राजनांदगांव पहुंचेंगे और दोपहर 1.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक का समय आरक्षित रहेगा।

उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन दोपहर 2 बजे स्पीकर हाऊस राजनांदगांव से सड़क मार्ग द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 2.10 बजे उदयाचल ट्रस्ट राजनांदगांव के भवन पहुंचेंगे और दोपहर 2.10 बजे से दोपहर 2.25 बजे तक उदयाचल मल्टी स्पेशिएलिटी नेत्र चिकित्सा संस्थान के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे। उपराष्ट्रपति दोपहर 2.25 बजे उदयाचल मल्टी स्पेशियलिटी नेत्र चिकित्सा संस्थान से सड़क मार्ग द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 2.35 बजे स्टेट स्कूल मैदान राजनांदगांव पहुंचेंगे और दोपहर 2.35 बजे से दोपहर 3.35 बजे तक लखपति दीदी सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल होंगे।

उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन दोपहर 3.35 बजे स्टेट स्कूल मैदान राजनांदगांव से सड़क मार्ग द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 3.45 बजे हेलीपेड पीटीएस ग्राऊण्ड राजनांदगांव पहुंचेंगे और उन्हें दोपहर 3.45 बजे से दोपहर 3.55 बजे तक विदाई दी जाएगी। उपराष्ट्रपति दोपहर 3.55 बजे हेलीपेड पीटीएस ग्राऊण्ड राजनांदगांव से हेलीकाप्टर द्वारा स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।

“ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय वायुसेना की ताकत में इजाफा, सीमा पर होगा बड़ा युद्ध अभ्यास”

0

जब ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत हुई थी तब भारतीय वायुसेना के आगे पाकिस्तान पूरी तरह से पस्त हो गया था. पाकिस्तान के 9 आंतकी ठिकानों को तबाह करने के बाद रक्षा मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर आतंक के खिलाफ आगे भी जारी रहेगा.

इसी को देखते हुए इस बार देश के नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में वायुवीर अपनी ताकत को दिखाने के लिए तैयार है. न्यूज 24 को मिली जानकारी के मुताबिक, यह बड़ा युद्ध अभ्यास चीन-भूटान-म्यांमार-बांग्लादेश के बॉर्डर पर किया जाएगा. इससे मित्र देशों के साथ दुश्मन देश भी भारतीय वायुसेना की ताकत को देखेंगे.

कब-कब होगा युद्ध अभ्यास?

इस युद्ध अभ्यास के लिए रक्षा मंत्रालय ने नोटम जारी कर दिया है. हालांकि, यह युद्ध अभ्यास अलग-अलग दिनों में आयोजित किया जाएगा. यानी 6 नवंबर 2025 से लेकर 15 जनवरी 2026 के बीच ये आयोजित किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक, वॉर एक्सरसाइज की शुरुआत सबसे पहले नागालैंड से होगी. उसके बाद अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और असम के साथ ही पूरे ईस्टर्न इलाकों में की जाएगी. भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर जयदीप सिंह ने न्यूज 24 को जानकारी देते हुए कहा कि इस बड़ी एक्सरसाइज में वायुसेना अपनी पूरी ताकत लगाने वाली है.

“’14 नवंबर को राहुल और लालू की पार्टियां पूरी तरह खत्म हो जाएंगी.’, अमित शाह ने साधा विपक्ष पर निशाना”

0

बिहार चुनाव में सियासत और तेज होती जा रही है. पक्ष और विपक्ष एक दूसरे पर लगातार हमलावर हैं. वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के शिवहर में एक जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान शाह ने महागठबंधन पर जमकर निशाना साधा.

केंद्रीय गृह मंत्री ने सोमवार को कहा, 14 नवंबर को बिहार चुनाव में विपक्षी गठबंधन का “सफाया” हो जाएगा, जिससे उनकी लीडरशिप और पॉलिसी बनाने में साफ न होने की कमी का पता चलता है.

बिहार में खत्म हो जाएंगी राहुल और लालू की पार्टियां- अमित शाह

शाह ने शिवहर में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ’14 नवंबर को राहुल और लालू की पार्टियां पूरी तरह खत्म हो जाएंगी. यहां एक बार फिर NDA की सरकार बनने जा रही है. महागठबंधन के पास न तो कोई नेता है और न ही कोई साफ पॉलिसी. उन्हें यह भी नहीं पता कि कौन किस सीट से चुनाव लड़ रहा है. इस बीच, NDA की सभी पांच पार्टियां पांडवों की तरह एकजुट होकर बिहार की सभी 243 सीटों पर एक साथ चुनाव लड़ रही हैं.’

शाह ने सीतामढ़ी मंदिर के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर ज़ोर देते हुए कहा कि मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दिन, सीतामढ़ी और अयोध्या को जोड़ने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाई जाएगी.

सीतामढ़ी से अयोध्या तक शुरू होगी वंदे भारत ट्रेन

शाह ने कहा, ‘जिस दिन सीतामढ़ी में देवी सीता के मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा समारोह होगा, उसी दिन हम सीतामढ़ी से अयोध्या के लिए वंदे भारत ट्रेन भी शुरू करेंगे. जो लोग अयोध्या आएंगे, वे सीतामढ़ी भी जाएंगे और इससे बिहार में टूरिज्म को बहुत फायदा होगा.’

अमित शाह ने कांग्रेस MP राहुल गांधी पर छठ पर्व का अपमान करने का भी आरोप लगाया और कहा कि जब भी उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपमान किया है, उनकी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है.

शाह ने कहा, राहुल गांधी ने अभी छठी मैया का अपमान किया है. राहुल गांधी, मोदी जी का अपमान करके आपने छठी मैया का अपमान किया है. जब भी आप लोगों ने पीएम नरेंद्र मोदी जी का अपमान किया है, जनता ने आपको हराकर जवाब दिया है. इस बार मोदी के साथ-साथ आपने छठी मैया का भी अपमान किया है. आने वाले चुनावों में सीतामढ़ी के लोगों को यह याद रखना चाहिए.

बिहार में बढ़ेगी किसान सम्मान निधि की रकम- अमित शाह

शाह ने आगे दावा किया कि UPA सरकार के दौरान 10 साल में बिहार को केवल 2 लाख 80 हजार करोड़ रुपये दिए गए थे; जबकि NDA सरकार के 11 साल के कार्यकाल में यह रकम बढ़कर 18 लाख 70 हजार करोड़ हो गई है.

उन्होंने कहा, ‘जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तो उन 10 सालों में बिहार को सिर्फ 2 लाख 80 हजार करोड़ रुपये दिए गए थे. जबकि मोदी सरकार के 10 सालों में बिहार को 18 लाख 70 हज़ार करोड़ रुपये दिए गए.’

केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे बताया कि किसान सम्मान निधि स्कीम की रकम 6000 रुपये से बढ़ाकर 9000 रुपये की जाएगी.

उन्होंने कहा, ‘किसान सम्मान निधि स्कीम के तहत किसानों को मिलने वाली सालाना रकम 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये की जाएगी. दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर के एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट में अपग्रेड किया जाएगा.’

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग 6 और 11 नवंबर को होगी और नतीजे 14 नवंबर को आएंगे.

सीएम योगी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर कहा कि दुख की इस घड़ी में सरकार पीड़ित परिवार के साथ है. हमारी सरकार और जनप्रतिनिधि हर संभव सहायता प्रदान करेंगे. उन्होंने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि एक माह के अंदर सभी गांववासियों को उनके गांव के नाम पर कॉलोनी को विकसित कर विस्थापित किया जाएगा, जहां पर उन्हें हर सुविधा मुहैया कराई जाएगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन्होंने अपने परिजनों को खोया है, उनके दुख की इस घड़ी में सरकार संवेदना और सहयोग के साथ खड़ी है. इससे पहले सीएम योगी ने क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण भी किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों से बारीकी से घटना की जानकारी हासिल की. इस दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पीड़ित परिवारों समेत गांववासियों के लिए कॉलोनी बनाकर एक माह में व्यवस्थित पुनर्वास की व्यवस्था की जाए.

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सभी आवश्यक सुविधाएं बिजली, पानी, सड़क और आवास सुनिश्चित की जाए. मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इस प्रक्रिया को एक महीने के अंदर पूरा कर लिया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों का पुनर्वास कार्य शीघ्र हो सके. उन्होंने कहा कि इसके अलावा बहराइच में जो लोग घने जंगलों के बीच रहने के लिए मजबूर हैं, उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित करने की व्यवस्था की जाए.

“दुनिया के 8 ताकतवर देशों का चौंकाने वाला फैसला, भारत की अर्थव्यवस्था और निवेश पर पड़ने वाला है भारी असर”

0

यूक्रेन युद्ध के बीच, सस्ता कच्चा तेल उपलब्ध कराने वाले रूस से भारत की तेल खरीद अब रुकने वाली है। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण, भारतीय कंपनियों ने दो प्रमुख रूसी तेल कंपनियों से कच्चे तेल की खरीद अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है।

इस बीच, तेल उत्पादक देशों के समूह ओपेक+ की हालिया बैठक में लिए गए फैसलों ने भारत की चिंताएँ और बढ़ा दी हैं।

ओपेक+ के दो बड़े फैसले

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ओपेक+ देशों ने रविवार को अपनी बैठक में दो महत्वपूर्ण फैसले लिए: दिसंबर 2025 से तेल उत्पादन में 137,000 बैरल प्रतिदिन की वृद्धि की जाएगी। हालाँकि, वैश्विक माँग की तुलना में यह वृद्धि बहुत मामूली है। 2026 की पहली तिमाही (जनवरी-मार्च) में उत्पादन वृद्धि पूरी तरह से रुक जाएगी। इसका मतलब है कि इस दौरान उत्पादन में कोई वृद्धि नहीं होगी और बाजार की स्थितियों पर कड़ी नज़र रखी जाएगी।

भारत के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं

ओपेक+ 22 प्रमुख तेल उत्पादक देशों का एक गठबंधन है, जिसका वैश्विक तेल उत्पादन और कीमतों पर महत्वपूर्ण प्रभाव है। यदि उत्पादन सीमित रहा, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। भारत, जो अपनी तेल ज़रूरतों का लगभग 85% आयात करता है, के लिए आयात बिल बढ़ना तय है। इससे राजकोषीय घाटा और मुद्रास्फीति दोनों बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा, डॉलर की बढ़ती माँग भी रुपये पर दबाव डाल सकती है।

अमेरिका ने हाल ही में दो प्रमुख रूसी तेल कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं, जिससे भारत द्वारा सस्ते रूसी कच्चे तेल की खरीद पर रोक लग गई है। भारतीय कंपनियाँ अब सऊदी अरब, इराक और संयुक्त अरब अमीरात जैसे वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं से कच्चा तेल खरीदने की तैयारी कर रही हैं, लेकिन वहाँ कीमतें अपेक्षाकृत अधिक हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि ओपेक+ देश उत्पादन वृद्धि को सीमित कर देते हैं और रूस से आयात कम कर देते हैं, तो आने वाले महीनों में भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें बढ़ सकती हैं, मुद्रास्फीति बढ़ सकती है और रुपये में गिरावट आ सकती है।

“ट्रंप का प्रहार बना भारत के लिए ‘वरदान’ ! एक्सपोर्ट में जबरदस्त उछाल, नए देशों में भारतीय सामान की धूम”

0

जब अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ाया था, तब माना जा रहा था कि भारतीय निर्यातकों को बड़ा झटका लगेगा। टेक्सटाइल, ज्वेलरी और समुद्री उत्पाद जैसे सेक्टर पर असर की आशंका थी।

लेकिन भारत ने इस चुनौती को ‘मौका’ बना दिया। आज हालात ये हैं कि जहां अमेरिका ने मुंह मोड़ा, वहीं यूएई, वियतनाम, बेल्जियम और सऊदी अरब जैसे देशों ने भारतीय उत्पादों के लिए अपने बाजार खोल दिए। वाणिज्य मंत्रालय के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि भारत ने अमेरिकी बाजार पर निर्भरता घटाते हुए एशिया, यूरोप और मध्य पूर्व में नई पहचान बनाई है। जनवरी से सितंबर 2025 के बीच भारत के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

वियतनाम और बेल्जियम बने नए खरीदार

भारत के समुद्री उत्पादों के निर्यात में पिछले साल की तुलना में 15.6% की बढ़ोतरी हुई है। वियतनाम को निर्यात 100.4% और बेल्जियम को 73% बढ़ा है। चीन, जापान और मलेशिया जैसे देशों में भी भारतीय सी-फूड की मांग तेजी से बढ़ रही है।

टेक्सटाइल सेक्टर में नई चमक

अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारतीय कपड़ा उद्योग ने भी मजबूती दिखाई है। जनवरी से सितंबर 2025 के बीच टेक्सटाइल निर्यात 1.23% बढ़कर 28.05 अरब डॉलर तक पहुंच गया। यूएई को कपड़ा निर्यात 8.6% बढ़ा है, जबकि नीदरलैंड, पोलैंड और मिस्र में भी भारतीय टेक्सटाइल की मांग उछली है।

भारत का बदलता व्यापारिक नक्शा

यह बदलाव सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि भारत की वैश्विक रणनीति का प्रमाण है। अब भारतीय निर्यात किसी एक देश पर निर्भर नहीं, बल्कि विविध बाजारों में फैला हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह भारत के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता और ‘मेक इन इंडिया’ का नया अध्याय साबित हो सकता है।

“Vande Bharat Sleeper का इंतज़ार खत्म! इस महीने दौड़ेगी देश की सबसे हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेन!”

0

वंदे भारत ट्रेन, भारतीय रेलवे के इतिहास में ये नाम स्पीड और सुविधा का पर्याय बन चुका है. इसने सचमुच देश में सफ़र करने के तरीके को एक नई परिभाषा दी है. रेल मंत्रालय ने कुछ समय पहले वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लाने का एलान किया था.

यह घोषणा इतनी बड़ी थी कि पूरे देश के यात्रियों की निगाहें इस पर टिक गईं.

शुरुआत में उम्मीद थी कि देश को अपनी पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन बीते महीने यानी अक्टूबर 2025 में मिल जाएगी. लंबी दूरी के रूटों पर यात्रियों को बिना थके, सोते हुए अपनी मंज़िल तक पहुँचाने का सपना साकार होने वाला था. लेकिन कुछ ज़रूरी तकनीकी और डिज़ाइन संबंधी कमियों की वजह से यह ट्रेन अक्टूबर में पटरी पर नहीं उतर पाई. तो सवाल यह है, अब यह ख़ास ट्रेन कब दौड़ेगी?

यात्री सुविधा पर कोई समझौता नहीं

रेल मंत्रालय का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उनका कहना है कि अगर ट्रेन शुरू होने में थोड़ा समय लग भी जाए, तो भी किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. हाल ही में रेलवे बोर्ड ने एक पत्र में बताया कि ट्रेनों में कुछ कमियाँ पाई गई हैं जिन्हें तुरंत ठीक करना ज़रूरी है. इनमें फर्निशिंग और काम की गुणवत्ता से जुड़ी दिक्कतें शामिल हैं. जैसे, कुछ बर्थ के पास नुकीले कोने पाए गए जो यात्रियों को चोट पहुँचा सकते हैं. खिड़की के पर्दों के हैंडल का डिज़ाइन भी सुविधाजनक नहीं था. इसके अलावा, बर्थ कनेक्टर के बीच ऐसी जगहें थीं जहाँ धूल जमने से सफ़ाई में परेशानी होती थी. बोर्ड ने साफ कहा है कि जब तक ये सभी खामियाँ दूर नहीं हो जातीं, तब तक ट्रेन को चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

बिना इन चीज़ों के पटरी पर नहीं उतरेगी ट्रेन

वंदे भारत स्लीपर को देश की सबसे सुरक्षित ट्रेन बनाने के लिए रेलवे लगातार सख्त कदम उठा रहा है. मंत्रालय ने साफ किया है कि बिना जरूरी सुरक्षा मानकों को पूरा किए कोई भी ट्रेन पटरी पर नहीं उतरेगी. ट्रेन में अत्याधुनिक कवच 4.0 सुरक्षा प्रणाली लगाना अनिवार्य होगा. आग से बचाव के सभी नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा और ब्रेकिंग सिस्टम की नियमित जांच होती रहेगी. चालक, गार्ड और स्टेशन मास्टर के बीच बेहतर संचार व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी. यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन के अंदर का तापमान इस तरह नियंत्रित रहेगा कि दरवाज़े बार-बार खुलने के बाद भी माहौल आरामदायक बना रहे. आपात स्थिति में हर रूट पर प्रशिक्षित तकनीकी स्टाफ मौजूद रहेगा, ताकि ज़रूरत पड़ने पर ट्रेन के डिब्बे सिर्फ 15 मिनट में अलग किए जा सकें.

आ चुकी है RDSO की रिपोर्ट

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लेकर बड़ी खबर यह है कि RDSO ने 1 सितंबर 2025 को अपनी सेफ्टी ट्रायल रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी है. अब बस मुख्य रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CCRS) की अंतिम मंजूरी का इंतज़ार है. जैसे ही सभी तकनीकी और डिज़ाइन से जुड़ी कमियाँ पूरी तरह दूर हो जाएंगी और CCRS से हरी झंडी मिल जाएगी, ट्रेन यात्रियों के लिए शुरू कर दी जाएगी. मंत्रालय ने तारीख तो तय नहीं की है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2025 की शुरुआत में यह हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेन पटरी पर उतर सकती है.

रूट तय नहीं हुआ है अभी

अभी ट्रेन का रूट तय नहीं हुआ है, लेकिन रेलवे ने सभी ज़ोन को इसके रखरखाव की तैयारी शुरू करने का निर्देश दे दिया है. यात्रियों की सुरक्षा के लिए ट्रेन रवाना होने से पहले PA सिस्टम पर गैर-यात्रियों को ट्रेन से उतरने की घोषणा की जाएगी और यात्रा के दौरान तीन भाषाओं-हिंदी, अंग्रेज़ी और स्थानीय भाषा-में सुरक्षा संदेश लगातार प्रसारित होंगे. 180 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार वाली यह इलेक्ट्रिक ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा को और भी आरामदायक बनाएगी. इसके फर्स्ट क्लास केबिन का इंटीरियर किसी फाइव स्टार होटल जैसा दिखता है, जिसमें रीडिंग लाइट, चार्जिंग पॉइंट और शानदार सीटें यात्रियों को एक प्रीमियम अनुभव देंगी.

“Amol Muzumdar: कभी इंटरनेशनल मैच नहीं खेलने वाले अमोल मजूमदार ने कैसे बनाया टीम इंडिया को वर्ल्ड चैंपियन?”

0

महिला वनडे वर्ल्ड कप का खिताब जीतने के बाद भारतीय महिला टीम की खिलाड़ियों की आंखों में आंसू थे. टीम इंडिया लंबे समय से इस पल का इंतजार कर रही थी. खिलाड़ियों के अलावा एक और शख्स को इस पल का इंतजार था.

वो शख्स थे, टीम के हेड कोच अमल मजूमदार, जिन्होंने कभी भारतीय टीम की जर्सी तो नहीं पहनी, लेकिन उन्होंने वो कर दिखाया, जो देश के लिए खेलने वाले भी नहीं कर पाए. टीम इंडिया को वर्ल्ड चैंपियन बनाने में मुंबई के इस पूर्व रणजी खिलाड़ी का अहम योगदान है.

अमोल मजूमदार ने कैसे बदली टीम की तकदीर?

भारतीय महिला टीम वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में साल 2005 और 2017 में पहुंची थी, लेकिन कभी वो चैंपियन नहीं बन पाई, लेकिन इस बार टीम इंडिया का इरादा कुछ और ही था. अमोल मजूमदार की कोचिंग में महिला टीम ने इतिहास रच दिया और 52 साल के सूखे को खत्म किया. भारतीय महिला टीम के हेड कोच अमोल मजूमदार के लिए ऐसा करना आसान नहीं था. उन्होंने खिलाड़ियों के साथ कड़ी मेहनत की. खिलाड़ियों की कमजोरियों को दूर किया और उनके अंदर जीत का जज्बा पैदा किया.

साल 2023 में बने थे कोच भारतीय टीम में मौका नहीं मिलने से निराश अमोल मजूमदार ने साल 2014 में क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने के बाद कोचिंग की राह पकड़ी. उन्होंने नीदरलैंड, साउथ अफ्रीका और राजस्थान रॉयल्स जैसी टीमों के साथ काम किया. इस दौरान उनकी पहचान एक ऐसे कोच की बनी जो कम बोलता है, लेकिन बहुत गहराई से हर चीज को समझता है.

अक्टूबर 2023 में उन्हें भारतीय महिला टीम का हेड कोच बनाया गया. उस दौरान कई लोगों ने सवाल भी उठाए कि जिसने देश के लिए कभी नहीं खेला, वो कोच कैसे बनेगा? लेकिन अब उन्हीं लोगों की बोलती बंद हो गई है. इस वर्ल्ड कप में लगातार 3 हार के बाद उनकी कोचिंग पर सवाल उठने लगे थे.

अमोल मजूमदार ने ऐसे बढ़ाया टीम का हौसला इंग्लैंड से मैच हारने के बाद अमोल मजूमदार ने टीम के खिलाड़ियों के कहा, “आप लोगों को ये मैच आसानी से खत्म करना चाहिए था”. इसके बाद उन्होंने टीम के खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया और जीत का जज्बा जगाया. कप्तान हरमनप्रीत कौर ने एक इंटरव्यू में बताया कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल से पहले मजूमदार ने ड्रेसिंग रूम की व्हाइटबोर्ड पर सिर्फ एक लाइन लिखी, “हमें फाइनल में पहुंचने के लिए बस उनसे रन ज्यादा चाहिए, बस इतना”. देखने में ये लाइन साधारण लगी, लेकिन ये हमारे दिल में बस गई. जेमिमा रॉड्रिग्स ने नंबर तीन पर बल्लेबाजी की, जैसा कि मजूमदार ने तय किया था और उन्होंने ऐतिहासिक पारी खेली.

मजूमदार की आंखों में थे आंसू

फाइनल में साउथ अफ्रीका पर जीत के बाद टीम के खिलाड़ियों ने खूब जश्न मनाया, लेकिन अमोल मजूमदार खामोश खड़े रहे. उनकी आंखों में आंसू थे और चेहरा शांत था. उन्होंने कोई जश्न नहीं मनाया. उनके लिए ये केवल जीत नहीं बल्कि उनका सपना था. इंटरनेशनल क्रिकेट न खेलने का उनका मलाल भारतीय महिला टीम को वर्ल्ड चैंपियन बनाकर खत्म हुआ.

अमोल मजूमदार ने 1993 में मुंबई की टीम से अपना फर्स्ट क्लास करियर शुरू किया था. दो दशक से भी अधिक लंबे करियर में अमोल मजूमदार ने 171 फर्स्ट क्लास मैचों में 11,000 से ज्यादा रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 30 शतक जड़े, लेकिन कभी भी टीम इंडिया के लिए एक भी मैच नहीं खेल सके.

हरमनप्रीत कौर ने छुए अमोल मजूमदार के पैर नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में फाइनल की सबसे यादगार तस्वीर तब आई जब हरमनप्रीत कौर  ने अमोल मजूमदार के पैर छुए और फिर उन्हें गले लगा लिया. ये भाव उनके प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है.

मैच के बाद कप्तान हरमनप्रीत कोच अमोल के बारे में बात करते हुए कहा कि सर का योगदान पिछले 2 साल में अद्भुत रहा है. उनके आने के बाद सब कुछ अच्छा चलने लगा. उन्होंने हमें दिन-रात प्रैक्टिस कराई, जो सुधार की जरूरत थी उसे दोहराया. मैं वास्तव में खुश हूं कि हमें उनके साथ काम करने का मौका मिला.