Home Blog Page 342

“किसानों के लिए फायदे का सौदा, इस योजना में 50% सस्ते मिल रहे खेती-किसानी के औजार, जल्दी करें अप्लाई”

0

देश में करोड़ों की संख्या में किसान रहते हैं. जिनके केन्द्र सरकार और देश के अलग-अलग राज्यों की सरकारें बहुत सी योजनाएं चलाती हैं. जिनसे किसानों को सहायता दी जा सके. हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को आधुनिक खेती की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए खास योजना लेकर आई है.

इस योजना के तहत किसानों को ट्रैक्टर, रोटावेटर, स्प्रेयर, मल्टी क्रॉप थ्रेशर और पावर टिलर जैसे जरूरी कृषि यंत्र 50 से 60 प्रतिशत तक की सब्सिडी पर दिए जा रहे हैं.

योजना के जरिए खेती को आसान बनाना, समय बचाना और उत्पादन बढ़ाना. किसान इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा किसान आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल करें जिससे उनकी मेहनत कम हो और कमाई बढ़े. जानें कैसे और कब तक कर सकते हैं आवदेन.

कृषि औजार पर आधी कीमत में छूट

यूपी सरकार की इस योजना के तहत किसानों को तरह-तरह के मार्डन औजार बेहद कम दामों में मिलेंगे. ट्रैक्टर, रोटावेटर, हैरो, स्प्रेयर, थ्रेशर जैसे औजार खेती में बड़ी मदद करते हैं. पहले जो काम घंटों में होता था. अब मिनटों में हो सकता है. सरकार किसानों को 50% तक की सब्सिडी दे रही है. जिससे वह आसानी से यह औजार खरीद सकें.

कृषि अधिकारी भगवती प्रसाद के मुताबिक योजना का उद्देश्य किसानों को तकनीक से जोड़ना और खेती को लाभदायक बनाना है. किसान किसी भी अधिकृत विक्रेता से कोई भी औजार खरीद सकते हैं और बिल को कृषि विभाग में जमा करके सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं.

कैसे करें आवेदन और मिलेगी कितनी छूट?

इस स्कीम के जरिए सब्सिडी लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रोसेस 15 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है और 29 अक्टूबर रात 12 बजे तक चलेगी. सभी किसान विभाग की वेबसाइट agridarshan.up.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं या नजदीकी CSC केंद्र जाकर भी प्रोसेस पूरी कर सकते हैं.

छोटे औजार के लिए कोई टोकन मनी नहीं लगेगी. जबकि 10000 से 50000 रुपये तक के औजारों पर 2500 रुपये और लाखों रुपये के यंत्रों पर 5000 रुपये तक टोकन मनी देनी होगी. योजना का फायदा पाने के बाद किसान अपनी पसंद की दुकान से यंत्र खरीद सकते हैं. इसके बाद वह इनवॉइस जमा करके सब्सिडी हासिल कर सकते हैं.

“PhonePe और Google Pay के लिए खतरे की घंटी, Arattai के बाद अब Zoho लाएगी UPI ऐप”

0

Arattai ऐप और Ulaa ब्राउजर के साथ धूम मचाने वाली जोहो अब पेटीएम और फोनपे जैसी ऐप्स के पसीने छुड़ाने की तैयारी कर रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, जोहो अब UPI-बेस्ड कंज्यूमर पेमेंट प्लेटफॉर्म Zoho Pay लॉन्च करेगी, जो पेटीएम, फोनपे और गूगल पे की सीधी टक्कर देगा.

बता दें कि जोहो की Arattai ऐप को WhatsApp के मेड इन इंडिया ऑल्टरनेटिव के तौर पर देखा जा रहा है और पिछले कुछ दिनों से इसके डाउनलोड होने की संख्या तेजी से बढ़ी है. इसी तरह Ulaa ब्राउजर भी गूगल क्रोम को कड़ी टक्कर दे रहा है.

स्टैंडअलोन ऐप होगी Zoho Pay रिपोर्ट्स के अनुसार, Zoho Pay एक स्टैंडअलोन ऐप होगी और इसे Arattai मैसेंजर में भी इंटीग्रेट किया जा सकता है. इससे व्हाट्सऐप की तरह Arattai यूजर्स को भी एक ही ऐप में चैटिंग और पेमेंट दोनों ऑप्शन मिल जाएंगे. जोहो के पास पहले से ही पेमेंट-एग्रीगेटर लाइसेंस है और वह जोहो बिजनेस के जरिए बिजनेस पेमेंट ऑफर कर रही है. अब UPI पेमेंट इकोसिस्टम में आने से मार्केट में मुकाबला बढ़ेगा और पहले से अपने पैर जमा चुकी कंपनियों को भी नई चुनौती मिलेगी.

कब तक लॉन्च होने की उम्मीद?

अभी तक Zoho Pay ऐप के लॉन्च होने की डेट सामने नहीं आई है, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि अगली तिमाही में इसे लॉन्च किया जा सकता है. फिलहाल इस ऐप की टेस्टिंग चल रही है और इसे एंड्रॉयड के साथ-साथ iOS के लिए भी लॉन्च किया जाएगा.

UPI से होता है सबसे ज्यादा डिजिटल ट्रांजेक्शन

भारत का डिजिटल पेमेंट नेटवर्क दुनिया में सबसे ज्यादा एक्टिव है. यहां UPI के जरिए सबसे ज्यादा डिजिटल पेमेंट होती है. एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में UPI के जरिए 17,221 करोड़ ट्रांजेक्शन हुई थी, जबकि 2019 में यह संख्या 1,079 करोड़ थी. इन ट्रांजेक्शन की टोटल वैल्यू देखी जाए तो 2019 में 18.4 लाख करोड़ का लेनदेन हुआ था, जबकि 2024 में यह संख्या बढ़कर लगभग 247 लाख करोड़ का लेनदेन हुआ.

“दिवाली पर दिल्ली वालों ने जमकर छलकाए जाम, सरकार का भर दिया खजाना”

0

Delhi Liquor sale 2025: इस त्योहारी सीजन देश की राजधानी दिल्ली में लोगों ने जमकर शराब पी है. जिससे दिल्ली सरकार को टैक्स के रुप में करोड़ो रुपए की कमाई हुई. साथ ही, पिछले साल की तुलना में रिटेल शराब बिक्री से हुई कमाई में 15 प्रतिशत का इजाफा भी देखने को मिला.

यानी कि, त्योहारी सीजन में दिल्ली वालों ने सरकार का खजाना भर दिया. हाल में ही दिल्ली सरकार की ओर से इस संबंध में एक डेटा जारी किया गया है. डेटा के अनुसार त्योहारी सीजन में शराब बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिली. सिर्फ दिवाली के दौरान ही सरकार को रिटेल शराब बिक्री से 600 करोड़ रुपए का रेवेन्यू प्राप्त हुआ.

रेवेन्यू टारगेट पूरा करने की बढ़ी उम्मीद

सरकार के द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में उत्पाद शुल्क और मूल्य वर्धित कर (वैट) से सरकार को 4,192.86 करोड़ रुपए का रेवेन्यू प्राप्त हुआ. पिछले साल इस अवधि में यह आंकड़ा 3,731.79 करोड़ रुपए था. जो कि 461.07 करोड़ रुपए के अंतर को दिखाता है. आबकारी विभाग को उम्मीद है कि, त्योहारी सीजन में बढ़ी इस बिक्री से वे 6000 करोड़ रुपए की रेवेन्यू के लक्ष्य को पूरा किया जा सकता है.

सरकार का 15 फीसदी रेवेन्यू बढ़ा

सिर्फ दिवाली के दौरान दिल्ली सरकार को रिटेल शराब ब्रिकी से लगभग 600 करोड़ रुपए का रेवेन्यू मिला. जो पिछले साल की तुलना में 15 प्रतिशत की तेजी को दिखाता है. जिससे सरकार को उम्मीद है कि, वे जल्द ही अपने शराब बिक्री से होने वाले रेवेन्यू के लक्ष्य को पूरा कर लेंगे. साथ ही, आने वाले नवंबर और दिसंबर महीने में शादियों का सीजन शुरु हो जाएगा. अक्सर देखा जाता है कि, शादी-विवाह के सीजन में शराब की खपत और बिक्री बढ़ जाती है. दिल्ली सरकार को आने वाले 2 महीनों में अच्छी रेवेन्यू की कमाई हो सकती है.

“आईफोन 19 का न करें इंतजार, आईफोन 18 के बाद सीधा 20 लॉन्च करेगी ऐप्पल, सामने आ गई वजह”

0

आईफोन को लेकर ऐप्पल फिलहाल बदलाव के दौर से गुजर रही है. आईफोन 17 सीरीज के प्रो मॉडल्स में लंबे समय बाद नया डिजाइन देखने को मिला है. इसी तरह कंपनी ने इस सीरीज में अपने अब तक के सबसे पतले मॉडल आईफोन एयर को भी लॉन्च किया है.

अगले साल आईफोन 18 सीरीज में फोल्डेबल आईफोन उतार सकती है. कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि उसके बाद कंपनी आईफोन 19 सीरीज को पूरी तरह स्किप कर सकती है. आइए इसके पीछे का कारण जानते हैं.

आईफोन 19 सीरीज क्यों नहीं लाएगी ऐप्पल?

2026 में ऐप्पल आईफोन 18 सीरीज को लॉन्च करेगी. उससे अगले साल यानी 2017 में पहले आईफोन की लॉन्चिंग को 20 साल पूरे हो जाएंगे. इस खास मौके पर ऐप्पल 19 सीरीज को स्किप करते हुए सीधा आईफोन 20 सीरीज उतारेगी. आईफोन 20 सीरीज को भी खास बनाने के लिए ऐप्पल ने पूरी तैयारी कर ली है. इस सीरीज में पहली बार फुल डिस्प्ले वाला फोन मिलेगा. ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईफोन 20 प्रो की स्क्रीन पर डायनामिक आईलैंड या नोच जैसा कोई कटआउट नहीं होगा और न ही इस पर कोई बैजल होंगे. प्रो मॉडल्स फुल स्क्रीन के साथ लॉन्च होंगे और फ्रंट से देखने पर ऐप्पल वॉच की तरह ग्लास का सिंगल पीस नजर आएगा.

पहले भी ऐसा कर चुकी है ऐप्पल

यह पहली बार नहीं होने जा रहा, जब ऐप्पल ने कोई सीरीज स्किप की है. 2017 में आईफोन की लॉन्चिंग का एक दशक पूरा होने के मौके पर कंपनी ने आईफोन 9 सीरीज लॉन्च नहीं की थी. इस सीरीज को स्किप करते हुए ऐप्पल ने आईफोन 8 सीरीज के बाद सीधा आईफोन 10 सीरीज लॉन्च की थी. इसी ट्रेंड को जारी रखते हुए ऐप्पल 2027 में 19 सीरीज को छोड़कर 20 सीरीज लॉन्च कर सकती है.

नीतीश पर निर्भरता, नेतृत्व का भी संकट; भाजपा के लिए आज भी अभेद्य दुर्ग है बिहार…

0

बिहार में विधानसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी है। दो चरणों में चुनाव संपन्न होंगे। इस चुनाव में भाजपा और जेडीयू नीत गठबंधन एनडीए का आरजेडी-कांग्रेस नीत महागठबंधन से मुकाबला है।

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने इस लड़ाई को तृकोणीय बनाने की कोशिश की है। एनडीए की बात करें तो इसका नेतृत्व इस चुनाव में भी नीतीश कुमार ही कर रहे हैं। भाजपा की निर्भरता अभी भी जेडीयू के मुखिया पर बनी हुई है।

बिहार के सियासी इतिहास पर नजर डालें तो 1990 तक राज्य में कांग्रेस का वर्चस्व रहा। बीच में केवल दो छोटे अंतराल (1967-72 और 1977-80) को छोड़कर। यही कारण है कि देश की सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद भाजपा (BJP) अब तक बिहार में पूरे राज्य में व्यापक जनसमर्थन नहीं बना सकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार तीसरे कार्यकाल और पड़ोसी उत्तर प्रदेश में 2017 से भाजपा सरकार होने के बावजूद बिहार भाजपा के लिए अब भी एक ‘अभेद्य दुर्ग’ बना हुआ है।

नीतीश पर निर्भर भाजपा

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए राजनीतिक विश्लेषक प्रेम कुमार मणि कहते हैं, “बिहार में कम्युनिस्ट, समाजवादी और जनसंघ/भाजपा का उदय कांग्रेस के प्रभुत्व वाले दौर में एक साथ हुआ। फिर भी भाजपा ‘संपूर्ण बिहार’ की पार्टी नहीं बन सकी। नीतीश कुमार पर 20 वर्षों से निर्भर रहना इस बात का सबूत है।”

उन्होंने बताया कि शाहाबाद (भोजपुर, रोहतास, कैमूर, बक्सर) और मगध (औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, अरवल) जैसे क्षेत्र समाजवादी और वामपंथी आंदोलनों के केंद्र रहे हैं। भाजपा की 2020 विधानसभा चुनाव में यहां की 21 सीटों में सिर्फ दो पर जीत और पिछले लोकसभा चुनाव में एक भी सीट न जीत पाना इसकी सीमा दर्शाता है। मणि कहते हैं, “कोसी बेल्ट (सहरसा, सुपौल, मधेपुरा) में नीतीश प्रभावशाली हैं, जबकि लालू प्रसाद यादव अब भी अपने मूल मुस्लिम-यादव वोट बैंक पर कायम हैं। इन परिस्थितियों में भाजपा को बिहार में सत्ता साझेदारी की जरूरत बनी हुई है।”

1950 के दशक में भारतीय जनसंघ ने 1952 और 1957 के चुनावों में एक भी सीट नहीं जीती थी। पहली सफलता 1962 में मिली, जब उसने तीन सीटें सिवान, मुंगेर और नवादा जीतीं। 1967 में कांग्रेस विरोधी लहर के दौरान समाजवादी नेता राममनोहर लोहिया और आरएसएस प्रमुख एम. एस. गोलवलकर की समझदारी से संयुक्त विधायक दल (SVD) सरकार बनी। इसमें जनसंघ को 26 सीटें मिलीं और तीन मंत्री रामदेव महतो, विजय कुमार मित्रा और रुद्र प्रताप सारंगी बने।

1977 में जेपी आंदोलन के बाद जनसंघ, लोकदल और समाजवादी दलों का विलय होकर जनता पार्टी बनी, जिसने 325 में से 214 सीटें जीतीं और कर्पूरी ठाकुर मुख्यमंत्री बने। 1980 में भाजपा के रूप में पुनर्गठित जनसंघ को अगले तीन चुनावों (1980, 1985, 1990) में सीमित सफलता मिली। 1990 के बाद लालू प्रसाद यादव के उभार ने भाजपा को और पीछे धकेल दिया।

भाजपा को वास्तविक राजनीतिक बढ़त तब मिली जब उसने नीतीश कुमार की जेडीयू से गठबंधन किया। 2000 में एनडीए को बहुमत न मिलने के बावजूद सरकार बनी पर संख्या बल की कमी से सात दिन में गिर गई। इसके बाद 2005 में भाजपा-जेडीयू गठबंधन ने सत्ता संभाली और भाजपा धीरे-धीरे राज्य में मजबूत हुई। लेकिन आज भी पार्टी को नीतीश पर निर्भर रहना पड़ता है।

नेतृत्व का संकट

भाजपा के एक धड़े का मानना है कि बिहार में पार्टी की सीमित पकड़ का कारण है स्थानीय नेतृत्व की कमी है। कभी कैलाशपति मिश्र, ठाकुर प्रसाद, गोविंदाचार्य और अश्विनी कुमार जैसे नेता पार्टी का चेहरा थे पर अब वैसा प्रभावशाली नेतृत्व नहीं बचा। एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “सुशील कुमार मोदी के बाद हम लगातार प्रयोग कर रहे हैं। तारकिशोर प्रसाद, रेणू देवी, सम्राट चौधरी या विजय सिन्हा कोई भी नीतीश कुमार के स्तर पर नहीं टिक पाया। हम नेतृत्वहीन हो गए हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “2014 की मोदी लहर के बाद भी 2015 विधानसभा चुनाव में हमें सिर्फ 53 सीटें मिलीं। 2020 में 74 सीटें जीतने के बावजूद हमने मुख्यमंत्री पद नीतीश कुमार को दे दिया। अब अगर जेडीयू को 55-60 सीटें मिलती हैं तो नीतीश कुमार ही फिर मुख्यमंत्री बनेंगे।”

CG: मेडिकल एजुकेशन सेक्टर में बड़ी उपलब्धि, 61 नई सीटों की स्वीकृति, राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं जनता तक पहुंचेंगी…

0

छत्तीसगढ़ में मेडिकल एजुकेशन सेक्टर में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग यानि एनएमसी ने राज्य के विभिन्न शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में एमडी-एमएस (चिकित्सा स्नातकोत्तर) की 61 नई सीटों की स्वीकृति प्रदान की है।

इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस उपलब्धि पर कहा कि छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में यह ऐतिहासिक कदम है। नई पीजी सीटों की स्वीकृति से राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं जनता तक पहुंचेंगी। यह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

राज्य सरकार का मानना है कि इन नई सीटों से न केवल मेडिकल शिक्षा को बल मिलेगा बल्कि प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण विशेषज्ञ सेवाएं भी और अधिक सुलभ होंगी।

आयुक्त चिकित्सा शिक्षा विभाग शिखा राजपूत तिवारी के मुताबिक, नई स्वीकृत सीटों के बाद अब राज्य में कुल 377 शासकीय पीजी सीटें उपलब्ध हो गई हैं। पहले यह संख्या 316 थी। वहीं निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में कुल 186 सीटें हैं।

नई स्वीकृत सीटें– 

  1. छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान, बिलासपुर – 21 सीटें
  2. भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, राजनांदगांव – 7 सीटें
  3. बलिराम कश्यप स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, जगदलपुर – 8 सीटें
  4. लखीराम अग्रवाल स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायगढ़ – 12 सीटें
  5. बिसाहू दास महंत स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, कोरबा – 13 सीटें

छत्तीसगढ़ कांग्रेस की संगठन सृजन की बैठक आज देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित होगी…

0

छत्तीसगढ़ कांग्रेस की संगठन सृजन की बैठक आज देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित होगी।

दिल्ली में एआईसीसी की होने वाली इस अहम बैठक की अगुवाई पार्टी महासचिव वेणुगोपाल करेंगे। इस बैठक में चर्चा के साथ ही छत्तीसगढ़ के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति पर मुहर लगें की पूरी संभावना है।

बात करें मीटिंग में हिस्सा लेने वाले नेताओं की तो पीसीसी के कई बड़े कांग्रेसी नेता बैठक में शामिल शामिल होंगे। इनमें पीसीसी मुखिया दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और सक्ती विधायक डॉ. चरणदास महंद और पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के नाम शामिल है।

दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जिलाध्यक्षों के नाम ऐलान से पहले ही प्रदेश में घमासान देखने को मिल रहा है।

दरअसल रायपुर शहर से जिला अध्यक्ष के प्रबल दावेदार माने जा रहें श्रीकुमार मेनन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए अपना दर्द बयां किया है। श्रीकुमार मेनन ने अपने पोस्ट में धोखा’, ‘गद्दार’ और ‘पीठ में छुरा’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया है।

उन्होंने लिखा कि, ‘किसी ने कहा कि आप इतना धोखा कैसे सह सकते हो? धोखा वो भी अपने लोगों से,तो मैंने कहा धोखा तो नमकहराम और गद्दार करते हैं। जिनको हमने सब कुछ दिया, वही हमारी पीठ में छुरा भोंकते हैं।” वही मेनन से पहले कांग्रेस नेता शिव सिंह ठाकुर ने भी सोशल मीडिया पर अपनी निराशा जाहिर की थी।

CG : राजधानी नया रायपुर में 1 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पांच दिवसीय राज्योत्सव का शुभारंभ करेंगे।

0

छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इस वर्ष राज्य सरकार भव्य रजत राज्योत्सव मनाने जा रही है। राजधानी नया रायपुर में 1 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पांच दिवसीय राज्योत्सव का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम को ऐतिहासिक और आधुनिक स्वरूप देने के लिए तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान देश के पहले आदिवासी डिजिटल संग्रहालय, नया विधानसभा भवन और ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ‘शांति शिखर’ अकादमी का भी उद्घाटन करेंगे। वे सत्य सांई हॉस्पिटल में हृदय उपचार से लाभान्वित बच्चों से भी मुलाकात करेंगे।

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने लिया तैयारियों का जायजा

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने राज्योत्सव की तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। राज्योत्सव स्थल पर राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और केन्द्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों की आकर्षक प्रदर्शनी भी लगायी जाएगी। इसके अलावा फूड जोन और शिल्पग्राम के साथ ही यहां आने वाले लोगों के मनोरंजन के लिए विभिन्न स्टॉल लगाये जाएंगे।

मुख्य मंच पर आकर्षक सांस्कृति कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी होगी। मंत्री अग्रवाल ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में राज्योत्सव और संग्रहालय का अवलोकन कर राज्य की गौरवगाथा से जुड़ें। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की रजत जयंती पर मनाया जा रहा राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की गौरवमयी विकास यात्रा का उत्सव है।

संस्कृति मंत्री अग्रवाल ने शहीद वीर नारायण सिंह की स्मृति में बनाए जा रहे नवीन आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय और पुरखौती मुक्तांगन का निरीक्षण कर पुरखौती मुक्तांगन में नवनिर्मित रामवनगमन पथ, सीताबेंगरा एवं रामगढ़ की पहाड़ी की प्रतिकृति का अवलोकन किया और यहां किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सरांश मित्तर, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

डिजिटल तकनीक से लैस है आदिवासी संग्रहालय

नवा रायपुर में विकसित देश का पहला आधुनिक आदिवासी डिजिटल संग्रहालय छत्तीसगढ़ के जननायकों, वीरता और लोक संस्कृति की गाथा को नवीन तकनीक और वर्चुअल रियलिटी माध्यम से प्रस्तुत करेगा। संग्रहालय में पारंपरिक कलाओं के साथ डिजिटल इंटरएक्टिव अनुभव भी दर्शकों को आकर्षित करेंगे। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि ‘इस वर्ष राज्योत्सव ‘नई सोच, नया छत्तीसगढ़’ थीम पर मनाया जा रहा है, जो राज्य के डिजिटल, सांस्कृतिक और विकासशील स्वरूप का प्रतीक बनेगा।‘ उन्होंने यहां एआई पर आधारित डिजिटल स्वचालित कैमरे लगाये गए हैं, जिसमें कैमरे के सामने आने पर स्वतः ही आदिवासी वेषभूषा पर छायाचित्र खिंच जाती है।

25वें राज्योत्सव में देश-विदेश के कलाकारों की प्रस्तुतियां, भारतीय वायुसेना का सूर्यकिरण एयर शो, हस्तशिल्प प्रदर्शनी, स्थानीय उत्पादों के स्टॉल, डिजिटल एक्सपीरियंस जोन और वीआर जोन विशेष आकर्षण रहेंगे। राज्योत्सव स्थल पर तीन विशाल डोम बनाए जा रहे हैं, जिनमें 60 एलईडी स्क्रीन लगाई जा रही हैं। करीब 40 हजार वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था, 300 शौचालय, 20 बेड का अस्थायी हॉस्पिटल, आईसीयू यूनिट और 25 एम्बुलेंस तैयार रखी गई हैं। इसके अलावा नए चौराहों का सौंदर्यीकरण और प्रकाश व्यवस्था का कार्य भी अंतिम चरण में है।

CG : स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने 1,390 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 6 निर्माण कार्यों को मंजूरी दी है…

0

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एक बड़ा फैसला किया है. राज्य सरकार ने हाल ही में 1,390 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 6 निर्माण कार्यों को मंजूरी दी है.

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. हाल ही में, 1,390 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले छह महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है. इनमें चार नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण शामिल है, जो राज्य के विभिन्न हिस्सों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाएंगे. इसके अलावा, अन्य दो निर्माण कार्य भी स्वीकृत किए गए हैं. यह निर्णय छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और शिक्षा के अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है.

मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज
मनेंद्रगढ़ में नए मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए 323.03 करोड़ रुपये की निविदा दर को मंजूरी दी गई है. इस मेडिकल कॉलेज के बनने से क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी. इससे न केवल स्थानीय युवाओं को डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा, बल्कि मरीजों को भी बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी.

कबीरधाम मेडिकल कॉलेज
कबीरधाम जिले में भी एक नए मेडिकल कॉलेज के लिए 318.27 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है. इस परियोजना से कबीरधाम और आसपास के क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं में सुधार होगा. यह कॉलेज क्षेत्र के युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा का एक नया केंद्र बनेगा और स्वास्थ्य सेवाओं को और सुलभ बनाएगा.

जांजगीर-चांपा मेडिकल कॉलेज
जांजगीर-चांपा में मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए भी 318.27 करोड़ रुपये की निविदा दर को मंजूरी मिली है. इस कॉलेज के शुरू होने से इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी. साथ ही, यह स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और शिक्षा के नए अवसर भी लेकर आएगा.

गीदम मेडिकल कॉलेज
गीदम में मेडिकल कॉलेज के लिए 326.53 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है. यह परियोजना विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. इस कॉलेज से न केवल स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर चिकित्सा शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा.

अन्य निर्माण कार्य
इन चार मेडिकल कॉलेजों के अलावा, दो अन्य निर्माण कार्यों को भी मंजूरी दी गई है. हालांकि, इनके विवरण का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन ये परियोजनाएं भी राज्य के विकास में योगदान देंगी.

इन मेडिकल कॉलेजों और अन्य निर्माण कार्यों के लिए 1,390 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी छत्तीसगढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है. ये परियोजनाएं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेंगी, चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देंगी और स्थानीय लोगों के लिए नए अवसर पैदा करेंगी. यह राज्य सरकार की विकास और कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

“Amit Shah Birthday: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को PM मोदी ने दी जन्मदिन की बधाई, सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कही ये बात”

0

Amit Shah Birthday प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जन्मदिन पर बुधवार को उन्हें बधाई दी और भारत की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के उनके प्रयासों की सराहना की।

Amit Shah Birthday मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”गृह मंत्री अमित शाह जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। जनसेवा के प्रति समर्पण की भावना और मेहनती होने के कारण उन्हें व्यापक रूप से सराहा जाता है।”

प्रधानमंत्री ने कहा, ”उन्होंने भारत के आंतरिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने का काम किया है और प्रत्येक भारतीय सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जिए, यह सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने सराहनीय प्रयास किए हैं। मैं उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।”