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महाराष्ट्र के विद्यार्थियों ने गणतंत्र दिवस पर बनाया नया विश्व रिकॉर्ड…

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गणतंत्र दिवस पर देशभक्ति का अनूठा प्रदर्शन

महाराष्ट्र के एक लाख स्कूलों के दो करोड़ से अधिक छात्रों ने ‘राष्ट्र प्रथम’ पहल के अंतर्गत गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक साथ देशभक्ति गीत गाकर एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया।

राज्य के शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने इस उपलब्धि की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि इस पहल को ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ द्वारा आधिकारिक रूप से मान्यता दी गई है, जिससे यह एक विश्व रिकॉर्ड बन गया है।

भुसे ने कहा कि इस पहल के तहत एक लाख स्कूलों के दो करोड़ से अधिक विद्यार्थियों ने अनुशासित और समन्वित तरीके से देशभक्ति गीतों का प्रदर्शन किया। इस आयोजन में लगभग सात लाख शिक्षकों ने भी भाग लिया।

वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज की गई उपलब्धि

राज्य के शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि की आधिकारिक पुष्टि की। उन्होंने बताया कि ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ ने इस पहल की भव्यता और समन्वय को देखते हुए इसे वैश्विक रिकॉर्ड के रूप में मान्यता दी है।

कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं

विद्यार्थियों की भागीदारी: राज्य के विभिन्न स्कूलों से 2 करोड़ से अधिक छात्र इस सामूहिक गान का हिस्सा बने।

शिक्षकों का सहयोग: इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में लगभग 7 लाख शिक्षकों ने सक्रिय भूमिका निभाई और छात्रों के साथ सुर मिलाया।

अनुशासन और समन्वय: शिक्षा मंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इतनी बड़ी संख्या में छात्रों की प्रस्तुति पूरी तरह से अनुशासित और समन्वित थी।

क्यों खास है यह रिकॉर्ड?

यह आयोजन केवल संख्या के लिहाज से बड़ा नहीं था, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना को जागृत करना था। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर, महाराष्ट्र के हर कोने से गूंजते देशभक्ति के सुरों ने एकता का एक शक्तिशाली संदेश दिया है।

संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में आदिवासियों का विरोध: प्रशासन के खिलाफ…

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आदिवासियों और प्रशासन के बीच बढ़ता तनाव

मुंबई के संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान (SGNP) में आदिवासी समुदाय और प्रशासन के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। हाल ही में, प्रशासन ने आदिवासियों की बस्तियों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की, जिसके विरोध में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ठाणे स्थित निवास के बाहर रातभर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन का कारण

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे इस क्षेत्र में कई पीढ़ियों से निवास कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन की तोड़फोड़ की कार्रवाई की कड़ी निंदा की और शिंदे के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। राज्य आदिवासी विकास समिति के अध्यक्ष विवेक पंडित ने कहा कि जब तक 2018 की पुनर्वास योजना लागू नहीं होती और प्रभावित परिवारों को पुनः बसाया नहीं जाता, तब तक कोई भी तोड़फोड़ नहीं होनी चाहिए।

विवाद का सार

सोमवार को संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत आने वाली आदिवासी बस्तियों पर प्रशासन ने तोड़फोड़ की। आदिवासियों का कहना है कि वे इन जंगलों में कई पीढ़ियों से रह रहे हैं और उनके पास यहाँ रहने का अधिकार है। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उनके घरों को उजाड़ना मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

मुख्य मांगें और पुनर्वास योजना

विवेक पंडित ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक 2018 की पुनर्वास योजना पूरी तरह से लागू नहीं होती, तब तक किसी भी घर को नहीं तोड़ा जाना चाहिए। आदिवासियों की मांग है कि उन्हें जंगल से हटाने से पहले उचित स्थान पर पुनः बसाया जाए और उन्हें बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जाएं।

भारत और EU के बीच मुक्त व्यापार समझौता: ट्रंप के टैरिफ का जवाब…

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भारत और यूरोपीय संघ के बीच FTA की घोषणा

डोनाल्ड ट्रंप वैश्विक व्यापार में तनाव पैदा करने के लिए विभिन्न देशों को टैरिफ की धमकियां दे रहे हैं, जबकि भारत ने यूरोपीय संघ (EU) के साथ एक महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की घोषणा की है।

इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है, जो ट्रंप के टैरिफ हमलों का प्रभावी उत्तर माना जा रहा है।

महत्वपूर्ण घोषणा (27 जनवरी 2026)

दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन में वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि भारत और EU के बीच लंबे समय से चल रही वार्ता सफलतापूर्वक संपन्न हुई है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ करार दिया है। यह समझौता दोनों पक्षों के लिए व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने वाला है।

समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर इस वर्ष के अंत में होने की संभावना है, और यह अगले वर्ष (2027) से लागू हो सकता है। EU के 27 सदस्य देशों के साथ यह डील भारत को 45 करोड़ उपभोक्ताओं वाले विशाल बाजार तक बेहतर पहुंच प्रदान करेगी।

ट्रंप के टैरिफ का संदर्भ

ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में कई देशों, विशेषकर रूस से तेल खरीदने वाले भारत पर 25% तक टैरिफ लगाए हैं, और अन्य क्षेत्रों में 50% तक की धमकियां दी हैं। इससे भारतीय निर्यात, जैसे टेक्सटाइल, ज्वेलरी और फार्मास्यूटिकल्स प्रभावित हो रहे हैं। लेकिन EU के साथ यह FTA अमेरिकी टैरिफ के नुकसान की भरपाई करेगा, क्योंकि भारत अब EU बाजार में टैरिफ-मुक्त या कम टैरिफ पर सामान बेच सकेगा। यह डील भारत को अमेरिका पर निर्भरता कम करने और सप्लाई चेन में विविधता लाने में मदद करेगी। अमेरिकी अधिकारियों ने इस पर नाराजगी जताई है, यह कहते हुए कि यूरोप अप्रत्यक्ष रूप से रूस-यूक्रेन युद्ध को फंड कर रहा है।

समझौते के प्रमुख लाभ

90% से अधिक सामानों पर टैरिफ में कमी या समाप्ति: कपड़े, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, आईटी सेवाएं, पेट्रोलियम उत्पाद, स्टील और मशीनरी में निर्यात बढ़ेगा।

व्यापार में वृद्धि: FY2025 में भारत-EU व्यापार 136.53 अरब डॉलर था (भारत से निर्यात 75.9 अरब, आयात 60.7 अरब)। यह डील व्यापार को और तेजी से बढ़ाएगी।

निवेश में वृद्धि: FDI में वृद्धि होगी, रोजगार के अवसर पैदा होंगे, और चीन पर निर्भरता कम होगी।

लागत में कमी: इनपुट सस्ते होंगे, जिससे भारतीय उत्पादक और उपभोक्ता दोनों को लाभ होगा।

कारों पर टैरिफ में कमी: BMW, Mercedes जैसी यूरोपीय कारों पर टैरिफ 110% से घटकर 40% तक हो सकता है।

संभावित नुकसान

छोटे भारतीय उद्योगों पर दबाव: यूरोपीय कंपनियां तकनीक और वित्त में मजबूत हैं, जिससे स्थानीय उत्पादकों को चुनौती मिल सकती है।

संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा: भारत ने डेयरी और कृषि जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को FTA से बाहर रखा है, इसलिए किसानों पर बड़ा असर नहीं होगा।

चांदी के भाव में रिकॉर्ड वृद्धि: जानें ताजा रेट और भविष्यवाणियाँ…

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चांदी के भाव में तेजी

आज, 27 जनवरी 2026 को चांदी की कीमतों में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है। सराफा बाजार में चांदी ने नए उच्चतम स्तर को छू लिया है, जहां निवेशकों की बढ़ती मांग और वैश्विक अस्थिरता के कारण कीमतें आसमान छू रही हैं।

घरेलू बाजार में चांदी के ताजा भाव

  • दिल्ली में 1 किलोग्राम चांदी की कीमत 3,60,100 रुपये तक पहुंच गई है।
  • चेन्नई में यह मूल्य 3,75,100 रुपये

प्रति किलोग्राम के आसपास है, जो दक्षिण भारत में सबसे ऊंचा स्तर है।

अन्य प्रमुख शहरों में चांदी की कीमतें 3.60 लाख से 3.75 लाख रुपये प्रति किलो के बीच चल रही हैं। (नोट: ये कीमतें स्थानीय कर, निर्माण शुल्क और सराफा संघ के अनुसार भिन्न हो सकती हैं, इसलिए स्थानीय जौहरी से पुष्टि करें।)

अंतरराष्ट्रीय बाजार का अपडेट

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी की कीमत; 113.46 डॉलर प्रति औंस के आसपास है, जो हाल के दिनों में 110 डॉलर से ऊपर जाकर नया रिकॉर्ड बना चुकी है। वैश्विक स्तर पर जियोपॉलिटिकल तनाव, ट्रंप की टैरिफ नीतियां और औद्योगिक मांग (जैसे सोलर और इलेक्ट्रिक वाहनों) के कारण चांदी में भारी उछाल आया है।

एनालिस्ट्स की राय और भविष्य का अनुमान

विश्लेषकों का मानना है कि भविष्य में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है।

गोल्डमैन सैक्स; जैसे प्रमुख संस्थानों ने सोने के लिए 5,400 डॉलर प्रति औंस का लक्ष्य रखा है।

चांदी के औद्योगिक उपयोग में वृद्धि के कारण यह सोने से भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती है, कुछ विशेषज्ञ $100+ प्रति औंस की संभावना व्यक्त कर रहे हैं।

हालांकि, मुनाफावसूली के कारण थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन दीर्घकालिक में बुलिश ट्रेंड बना रहेगा।

भारत-पाकिस्तान के बीच UNSC में कूटनीतिक टकराव: आतंकवाद पर भारत की कड़ी…

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच तीखी कूटनीतिक बहस देखने को मिली। भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानून और शासन पर आयोजित एक बहस के दौरान पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे झूठ और उसके द्वारा प्रायोजित आतंकवाद पर ज़ोरदार पलटवार किया।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने पाकिस्तान के दूत असीम इफ्तिखार अहमद के बयानों का करारा जवाब दिया। पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने अपनी बात रखते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’, जम्मू-कश्मीर का मुद्दा और सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) का जिक्र किया था। राजदूत हरीश ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए पाकिस्तान को आईना दिखाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अपनी घरेलू विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के मनगढ़ंत और झूठे नैरेटिव का सहारा ले रहा है。

भारत ने पाकिस्तान के ‘झूठे और स्वार्थी’ बयान को खारिज किया

हरीश ने कहा कि पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में “एक झूठा और स्वार्थी बयान दिया है”। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह ऑपरेशन अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का सीधा जवाब था जिसमें 26 नागरिकों की मौत हो गई थी। उन्होंने परिषद को याद दिलाया कि UNSC ने खुद हमले के अपराधियों, आयोजकों, फाइनेंसरों और प्रायोजकों को न्याय के कटघरे में लाने का आह्वान किया था, और कहा कि भारत ने ठीक उसी भावना से काम किया।

आतंकवाद को सामान्य नहीं बनाया जा सकता

उन्होंने दोहराया कि “आतंकवाद को कभी भी सामान्य नहीं बनाया जा सकता जैसा कि पाकिस्तान चाहता है” और यह कि “पाकिस्तान द्वारा राज्य नीति के एक साधन के रूप में आतंकवाद के लगातार इस्तेमाल को बर्दाश्त करना सामान्य नहीं है।” हरीश ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य; ‘ऑपरेशन सिंदूर मापा हुआ और ज़िम्मेदार था’

भारतीय दूत ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऑपरेशन सिंदूर एक सुनियोजित और गैर-उत्तेजक मिशन था जिसका मकसद सिर्फ पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ढांचे को खत्म करना था। उन्होंने बताया कि 10 मई से पहले पाकिस्तान का आक्रामक रुख तब बदल गया जब उसकी सेना ने सीधे भारतीय सेना से संपर्क करके दुश्मनी खत्म करने की बात कही। हरीश ने कहा कि क्षतिग्रस्त पाकिस्तानी एयरबेस, नष्ट रनवे और जले हुए हैंगर की तस्वीरें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं।

कश्मीर पर पाकिस्तान की टिप्पणियाँ, ‘पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर पर लेक्चर नहीं दे सकता’

कश्मीर पर पाकिस्तान की टिप्पणियों का जवाब देते हुए, हरीश ने दृढ़ता से कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने दोहराया कि जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश “भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहा है, है और हमेशा रहेगा।”

सिंधु जल संधि का निलंबन; सिंधु जल संधि को निलंबित किया गया

सिंधु जल संधि पर, हरीश ने कहा कि भारत ने 65 साल पहले सद्भावना के साथ यह समझौता किया था, लेकिन पाकिस्तान ने युद्ध छेड़कर और हजारों आतंकी हमलों को प्रायोजित करके बार-बार इसकी भावना का उल्लंघन किया। पहलगाम हमले के बाद, भारत ने घोषणा की कि यह संधि तब तक सस्पेंड रहेगी जब तक पाकिस्तान भरोसेमंद और पक्के तौर पर सीमा पार आतंकवाद को खत्म नहीं कर देता।

पाकिस्तान में कानून के राज की स्थिति; भारत ने पाकिस्तान में कानून के राज के कमजोर होने पर चिंता जताई।

भारत ने पाकिस्तान से अपने अंदरूनी शासन पर सोचने के लिए भी कहा, और 27वें संशोधन के तहत सेना द्वारा किए गए संवैधानिक तख्तापलट की ओर इशारा किया, जो पाकिस्तान के रक्षा बलों के प्रमुख को ज़िंदगी भर की छूट देता है।

दिल्ली में बारिश से बढ़ी सर्दी, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट…

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दिल्ली में बारिश का असर

दिल्ली और उसके आस-पास के क्षेत्रों में मंगलवार सुबह हुई भारी बारिश ने सर्दी को और बढ़ा दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम में अचानक बदलाव आया है, जिससे तापमान में काफी गिरावट आई है और लोग ठंड से परेशान हैं।

IMD का येलो अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने खराब मौसम के चलते दिल्ली-एनसीआर के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, दिनभर बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है, जिससे अधिकतम तापमान में और कमी आ सकती है।

तापमान की स्थिति

IMD के आंकड़ों के अनुसार, सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.4 डिग्री कम है। अन्य स्थानों पर, पालम में 9.2 डिग्री, लोधी रोड पर 8.4 डिग्री, रिज पर 8.7 डिग्री और आयानगर में 8.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

आगामी मौसम का पूर्वानुमान

27 जनवरी को दिल्ली में तेज हवाओं के साथ बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है, जिसमें न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।

28 जनवरी को मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है, खासकर सुबह के समय, जिससे विज़िबिलिटी कम हो सकती है। न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।

29 जनवरी को दिन के शुरुआती घंटों में मध्यम कोहरा रहेगा, न्यूनतम तापमान लगभग 9 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

30 जनवरी को फिर से मध्यम कोहरा छाए रहने की उम्मीद है, सुबह का तापमान लगभग 9 डिग्री सेल्सियस और दिन में लगभग 19 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

31 जनवरी को दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में सुबह के समय मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिसके बाद दिन में सुधार होगा। न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।

1 फरवरी को राष्ट्रीय राजधानी में सुबह के समय मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है, न्यूनतम तापमान लगभग 9 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान लगभग 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है।

भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता: मोदी का ऐलान…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह वैश्विक जीडीपी का 25% और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा है।

भारतीय ऊर्जा सप्ताह के दौरान वर्चुअल संबोधन में, मोदी ने सभी को ईयू-भारत व्यापार सौदे पर बधाई दी और कहा, “मैं आपको एक बड़े विकास के बारे में सूचित कर रहा हूं – भारत और यूरोप के बीच कल (सोमवार) एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ।”

प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि ईयू के साथ मुक्त व्यापार समझौता ब्रिटेन और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के साथ समझौतों को पूरा करेगा।

यह वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगा। मोदी ने वस्त्र, रत्न और आभूषण, चमड़ा और जूतों जैसे क्षेत्रों से जुड़े युवाओं और सभी सहयोगियों को बधाई दी।

उन्होंने कहा, “यह समझौता आपके लिए बहुत सहायक साबित होगा,” और जोड़ा कि यह न केवल भारत में विनिर्माण को बढ़ावा देगा बल्कि सेवाओं के क्षेत्र को भी और विस्तारित करेगा।

“यह मुक्त व्यापार समझौता दुनिया के हर व्यवसाय और निवेशक के लिए भारत में विश्वास को मजबूत करेगा। भारत सभी क्षेत्रों में वैश्विक साझेदारियों पर व्यापक रूप से काम कर रहा है,” उन्होंने कहा।

लोग इसे “सभी सौदों की मां” के रूप में चर्चा कर रहे हैं, और इस समझौते ने 140 करोड़ भारतीयों और करोड़ों यूरोपियों के लिए कई अवसर लाए हैं।

“यह दुनिया की दो अर्थव्यवस्थाओं के बीच समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह समझौता वैश्विक जीडीपी का 25% और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई दर्शाता है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने आगे कहा कि भारत के ऊर्जा क्षेत्र में 500 अरब डॉलर के निवेश के अवसर हैं और वैश्विक निवेशकों से देश में निवेश करने का आग्रह किया।

“भारत ऊर्जा क्षेत्र के लिए अवसरों की भूमि है क्योंकि मांग लगातार बढ़ रही है; भारत जल्द ही दुनिया का सबसे बड़ा तेल रिफाइनिंग हब बन जाएगा,” उन्होंने जोड़ा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश 2030 तक तेल और गैस क्षेत्र में 100 अरब डॉलर के निवेश का लक्ष्य बना रहा है, और तेल रिफाइनिंग क्षमता को 260 मिलियन टन प्रति वर्ष से बढ़ाकर 300 MTPA किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भारत सुधारों की गति पर है और सभी क्षेत्रों में सुधार कर रहा है।

यूजीसी के नए विनियम: उच्च शिक्षा में समानता को बढ़ावा देने की दिशा…

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यूजीसी के नए विनियमों का उद्देश्य

हाल ही में, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के लिए नए विनियम, 2026 जारी किए हैं। इन विनियमों का मुख्य लक्ष्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में वंचित समूहों की शिकायतों का समाधान और सहायता के लिए एक संगठित ढांचा तैयार करना है।

हालांकि, यूजीसी के इन नए नियमों ने छात्रों, शिक्षकों और विभिन्न सामाजिक समूहों में नाराजगी उत्पन्न कर दी है। इसका मुख्य कारण “जाति-आधारित भेदभाव” की परिभाषा को लेकर उठ रहे सवाल हैं।

भारत-EU के बीच ‘मदर ऑफ ऑल डील्‍स’, कौन-कौन सी चीजें होंगी सस्ती; देखें

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भारत और यूरोपीयन यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर हस्ताक्षर हो चुकें हैं। दोनों पक्ष 2007 से इसपर बातचीत कर रहे हैं। वहीं, अब 18 साल बाद ये कोशिश कामयाब हो गई है।

 इससे भारत में यूरोपीयन यूनियन से आने वाले कई सामान सस्ते हो सकते हैं।

भारत-यूरोपीयन यूनियन FTA की घोषणा करते हुए पीएम मोदी ने भी इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील’ कहा है। पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का एक शानदार उदाहरण है। यह समझौता ग्लोबल GDP के करीब 25 प्रतिशत और ग्लोबल ट्रेड के लगभग एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।

यूरोपीय यूनियन बनाम भारत

पैरामीटर

  • यूरोपीय यूनियन (EU)
  • भारत

जीडीपी (GDP)

  • 20 ट्रिलियन डॉलर
  • 4.18 ट्रिलियन डॉलर

आबादी (Population)

  • 45 करोड़ (450 मिलियन)
  • 140 करोड़ (1.4 बिलियन)

निर्यात (Exports)

  • 2.9 ट्रिलियन डॉलर
  • 824.5 अरब डॉलर (0.8245 ट्रिलियन)

आयात (Imports)

  • 2.6 ट्रिलियन डॉलर
  • 915 अरब डॉलर (0.915 ट्रिलियन)

भारत में क्या होगा सस्ता?

  • मर्सिडीज, BMW और पॉर्श जैसी लग्जरी कारों की कीमतों में आएगी कमी
  • 15000 यूरो (16.3 लाख रुपये) से अधिक मूल्य वाली की कारों पर लगेगा सिर्फ 40 प्रतिशत टैरिफ
  • विमान, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, केमिकल्स, आधुनिक चिकित्सा उपकरण और मेटल स्क्रैप भी हो सकते हैं सस्ते
  • भारतीय बाजार में घट सकती हैं यूरोप से आने वाली शराब की कीमतें
  • आईटी, इंजीनियर, टेलीकॉम और बिजनेस जैसे सर्विस सेक्टर में भारतीयों को मिलेंगे मौके

50 अरब डॉलर से ज्यादा का होगा ट्रेड

एमके ग्लोबल की रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, भारत और यूरोपीयन यूनियन के बीच FTA स 2031 तक दोनों देशों के बीच का ट्रेड 51 अरब डॉलर (4,67,925 करोड़ रुपये) तक पहुंचने की संभावना है। इससे भारत के निर्यात में भी बढ़ोत्तरी होगी।

CG: किरंदुल–कोट्टावालसा रेलमार्ग पर बड़ा रेल हादसा, मालगाड़ी के दो डिब्बे बेपटरी, कारणों की जांच जारी…

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किरंदुल–कोट्टावालसा रेललाइन पर ओडिशा के कोरापुट जंक्शन आउटर क्षेत्र में लौह अयस्क से लदी एक मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए।

छत्तीसगढ़–ओडिशा रेल कॉरिडोर पर एक बार फिर बड़ा रेल हादसा सामने आया है। किरंदुल–कोट्टावालसा रेललाइन पर ओडिशा के कोरापुट जंक्शन आउटर क्षेत्र में लौह अयस्क से लदी एक मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। यह घटना बुधवार रात करीब 9 बजे हुई, जिससे इस महत्वपूर्ण खनिज परिवहन मार्ग पर रेल यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया।

किरंदुल से विशाखापत्तनम जा रही थी मालगाड़ी

जानकारी के अनुसार मालगाड़ी छत्तीसगढ़ के किरंदुल से लौह अयस्क लेकर विशाखापत्तनम की ओर रवाना हुई थी। जैसे ही ट्रेन कोरापुट जंक्शन आउटर के पास पहुंची, तभी अचानक दो डिब्बे पटरी से उतर गए। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

डाउन लाइन पर आवागमन ठप

दुर्घटना डाउन लाइन पर होने के कारण इस मार्ग पर रेल परिचालन पूरी तरह बाधित हो गया है। हादसे के बाद किरंदुल–विशाखापत्तनम नाइट एक्सप्रेस को जड़ती स्टेशन में रोक दिया गया। यात्रियों को स्टेशन पर ही इंतजार करना पड़ा, जिससे असुविधा बढ़ गई।

नाइट एक्सप्रेस को वैकल्पिक मार्ग से भेजने की तैयारी

रेलवे सूत्रों के अनुसार, यदि डाउन लाइन को जल्द बहाल नहीं किया जा सका, तो किरंदुल–विशाखापत्तनम नाइट एक्सप्रेस को अप लाइन से या रायगढ़ा–विजयनगरम के परिवर्तित मार्ग से रवाना किया जा सकता है। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निर्णय लिया जा रहा है।

हादसे का कारण अभी रहस्य

मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरने के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है। तकनीकी खराबी, ट्रैक में दोष या किसी अन्य वजह से हादसा हुआ—इसकी जांच रेलवे द्वारा की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आ पाएगी।

मौके पर पहुंचे रेल अधिकारी, बहाली का कार्य शुरू

घटना की सूचना मिलते ही कोरापुट के रेल अधिकारी मौके पर पहुंच गए। वहीं जगदलपुर से भी रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल के लिए रवाना हुए हैं। पटरी से उतरे डिब्बों को हटाने और ट्रैक की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया है, ताकि जल्द से जल्द रेल यातायात सामान्य किया जा सके।

खनिज परिवहन पर पड़ा असर

किरंदुल–कोट्टावालसा रेललाइन देश की महत्वपूर्ण लौह अयस्क परिवहन लाइनों में से एक है। इस मार्ग पर रुकावट आने से खनिज परिवहन प्रभावित हुआ है, जिसका असर आने वाले दिनों में औद्योगिक आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

यात्रियों से धैर्य बनाए रखने की अपील

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य लें और अफवाहों पर ध्यान न दें। स्थिति सामान्य होते ही यात्रियों को आगे की सूचना दी जाएगी।