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बंगाल की खाड़ी में उठा बवंडर, ओडिशा-आंध्र में हाई अलर्ट, IMD का मूसलाधार बारिश की चेतावनी

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मौसम विभाग ने शुक्रवार 26 सितंबर को देश के विभिन्न हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश और गरज के साथ तेज हवाओं के चलने की संभावना जताई है. पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 30 सितंबर तक भरी बारिश की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार, वीकेंड पर मुंबई और महाराष्ट्र के अलग अलग हिस्सों में बारिश की संभावना है. वहीं, गोवा और कोंकण में भी बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि 2013 के बाद पहली बार दिल्ली से मानसून की विदाई 24 सितंबर को हुई. 2024 में दिल्ली से मानसून की विदाई 2 अक्टूबर को हुआ था. मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटे में बिहार और उत्तर प्रदेश को लेकर कोई चेतावनी जारी नहीं की है.
दिल्ली से आखिरकार मानसून की विदाई हो गई. 13 साल में पहली बार 24 सितंबर 2025 को दिल्ली से मानसून की विदाई हुई. पिछले साल, मानसून दिल्ली से 2 अक्टूबर को विदा हुआ था. दिल्ली से सबसे लेट मानसून की विदाई 17 अक्टूबर 2013 को हुई थी, जो 22 अक्टूबर को दक्षिण प्रायद्वीप पर उत्तर-पूर्वी मानसून के आगमन के लगभग बराबर थी. दक्षिण-पश्चिम मानसून पिछली बार 2012 में इसी दिन, 24 सितंबर को विदा हुआ था. इस मानसून सीज़न में दिल्ली में 41% ज़्यादा बारिश हुई है. बेस स्टेशन सफदरजंग स्टेशन पर हर मानसून महीने में औसत से ज़्यादा बारिश दर्ज की गई. यहां पर 640.4 मिलीमीटर के सामान्य बारिश के मुकाबले 902.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई.

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे नें अंडमान-निकोबार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, केरल और तेलंगाना में बारिश की संभावना जताया है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, छत्तीसगढ़, झारखंड, गंगा के पश्चिमी भाग, दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश, तटीय कर्नाटक और तटीय आंध्र प्रदेश बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने बिहार और उत्तर प्रदेश (यूपी)के लिए बारिश की कोई चेतावनी नहीं जारी की है. बिहार और यूपी के कई हिस्सों में आसमान साफ रहने और तेज धूप की संभावना है. मौसम विभाग के ताजा रिपोर्ट में के अनुसार, दिन के समय धूप खिले रहने संभावना है. हालांकि, तेज गति की हवाओं से धूप का असर कम होते दिखेगा, मगर उमस लोग बेहाल रहेंगे.
पश्चिमी तट पर होगी बारिश?

मौसम विभाग ने पश्चिमी तटीय इलाकों में आज भारी बारिश की संभावना व्यक्त की है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, हाराष्ट्र, कोंकण, गोवा और गुजरात के इलाकों में 26 सितंबर से 1 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई जगहों पर मूसलाधार बारिश की संभावना है. मराठवाड़ा में अगले दो दिनों तक और गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ जिलों में 28 से 30 सितंबर तक बहुत भारी बारिश की संभावना है. कोंकण, गोवा और पश्चिमी घाट के क्षेत्रों में 27 से 28 सितंबर तक बेहद भारी बारिश की संभावना है. मध्य महाराष्ट्र में भी इस दौरान भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी.
नॉर्थ-ईस्ट इंडिया में मूसलाधार बारिश
मौसम विभाग ने नॉर्थ-ईस्ट इंडिया में हल्की बारिश के दौर जारी रहने की संभावना जताई है. असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 29 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. प्रायद्वीपीय भारत में तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, माहे, आंध्र प्रदेश और यानम में 27 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. तेलंगाना में आज मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की गई है. आंध्र प्रदेश और यानम में 26 सितंबर को ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है. उत्तर कर्नाटक में 26 से 29 सितंबर और दक्षिणी कर्नाटक में 26 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है.

बॉर्डर पर पकड़ा गया ISI का जासूस, आई लव मोहम्‍मद पर नहीं थम रहा विवाद

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राजस्‍थान से लगते पाकिस्‍तान सीमा पर आईएसआई का एक एजेंट पकड़ा गया है. बताया जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वह बॉर्डर पार जानकारी भेज रहा था. वहीं, आई लव मोहम्‍मद पर देशभर में मचा बवाल थम नहीं रहा है. विभिन्‍न राज्‍यों की पुलिस अलर्ट पर है और चौकसी रख रही है.

डोनाल्ड ट्रंप ने दवा पर लगाया 100% टैरिफ, भारत पर क्या होगा असर, भारतीय कंपनियों लिए है झटका

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अमेरिका का टैरिफ बम लगातार फट रहा है. अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेशी दवा पर टैरिफ लगाया है. डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ऐलान किया कि फार्मा प्रोडक्ट्स यानी दवाओं के आयात पर 100 फीसदी टैरिफ लगेगा. विदेशी दवाओं पर यह टैरिफ 1 अक्टूबर 2025 से लागू होगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस कदम से फार्मा इंडस्ट्री में हड़कंप मचने की संभावना है. ट्रंप ने ब्रांडेड या पेटेंटेड फार्मास्यूटिकल उत्पादों के आयात पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की है. यह टैरिफ तभी माफ किया जाएगा, अगर कंपनियां अमेरिका में अपनी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का निर्माण शुरू करें. अब सवाल है कि क्या भारत पर ट्रंप के इस फैसले का असर होगा? क्या भारतीय कंपनियों के लिए यह झटका है?
सबसे पहले ट्रंप ने जो ऐलान किया है, उसे जान लेते हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में दवाओं पर टैरिफ की जानकारी दी. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर लिखा, ‘1 अक्टूबर 2025 से हम किसी भी ब्रांडेड या पेटेंटेड दवा उत्पाद पर 100% टैरिफ लगाएंगे, जब तक कि कोई कंपनी अमेरिका में अपना दवा निर्माण संयंत्र स्थापित नहीं कर रही हो. निर्माण का अर्थ होगा भूमिपूजन या निर्माणाधीन. इसलिए अगर निर्माण शुरू हो गया है, तो इन दवा उत्पादों पर कोई टैरिफ नहीं लगेगा. इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद.’
भारतीय कंपनियों के लिए झटका?

जी हां, भारतीय दवा कंपनियों के लिए यह टैरिफ एक बड़ा झटका साबित हो सकता है. अमेरिका भारत का सबसे बड़ा फार्मा निर्यात बाजार है. अमेरिका में सस्ती जेनेरिक दवाओं की भारी मांग रहती है. यही कारण है कि भारत पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है. डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दवाइयों पर 100% घोषित टैरिफ मुख्यतः ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं पर केंद्रित है. इन पर बहुराष्ट्रीय कंपनियों का दबदबा है. मगर जेनरिक और विशेष दवाओं पर भी असर पड़ने की संभावना बनी हुई है, जिसका बादशाह भारत है. यहां यह नहीं भूलना चाहिए कि अमेरिका भारतीय दवा कंपनियों का बड़ा बाजार है. खासकर सस्ती जेनरिक दवाओं के लिए. अगर टैरिफ 1 अक्टूबर से लागू होता है तो भारतीय कंपनियों को इसका नुकसान हो सकता है.

भारत पर कितना असर?
अगर आंकड़ों पर गौर करें तो भारत ने 2025 की पहली छमाही में ही अमेरिका में 3.7 बिलियन डॉलर ( करीब 32,505 करोड़ रुपये) का दवा निर्यात किया है. साल 2024 में भारत ने अमेरिका को 3.6 अरब डॉलर (करीब 31,626 करोड़ रुपये) मूल्य की दवाएं निर्यात कीं. प्रमुख भारतीय कंपनियां जैसे डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, सन फार्मा, ल्यूपिन और ऑरोबिंदो फार्मा जैसे कंपनियां लंबे समय से अमेरिकी बाजार से लाभान्वित हो रही हैं. ये कंपनियां दवा के मामले में बहुत हद तक अमेरिकी बाजार पर निर्भर हैं. इन कंपनियों का बड़ा हिस्सा राजस्व अमेरिका से आता है. अगर टैरिफ लगता है तो उन्हें भी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

मजबूत होंगे भारत-रूस के रिश्ते… रूस के डिप्टी पीएम दिमित्री से मिले PM मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विश्व खाद्य भारत 2025 कार्यक्रम के इतर रूसी उप-प्रधानमंत्री दिमित्री पात्रुशेव से मुलाकात की. इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में किया. प्रधानमंत्री मोदी और रूसी उप-प्रधानमंत्री पात्रुशेव दोनों ने कृषि, उर्वरक, खाद्य प्रसंस्करण और आपसी हित के अन्य क्षेत्रों में भारत और रूस के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया.
अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “विश्व खाद्य भारत 2025 में रूस के उप-प्रधानमंत्री दिमित्री पात्रुशेव से मिलकर खुशी हुई. हमने कृषि, उर्वरक और खाद्य प्रसंस्करण में हमारे लाभकारी सहयोग को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की.” प्रधानमंत्री ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भी हार्दिक बधाई दी और कहा कि वह 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए पुतिन का भारत में स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं.
गुरुवार सुबह नोएडा में उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का उद्घाटन करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रूस इस आयोजन का देश-साझेदार है और यह व्यापार मेला दोनों देशों के बीच “समय-परीक्षित साझेदारी को और मज़बूत” करने का प्रमाण है. हाल के हफ़्तों में व्हाइट हाउस ने नई दिल्ली पर मास्को के साथ अपने संबंधों को कम करने, खासकर रूसी कच्चे तेल की ख़रीद को रोकने का दबाव डाला है.

दिसंबर में द्विपक्षीय वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत आने की संभावना के साथ, नई दिल्ली-मास्को संबंध उत्साहजनक बने रहने की उम्मीद है. कृषि और कृषि-उत्पाद पोर्टफोलियो देखने वाले रूसी उप-प्रधानमंत्री पात्रुशेव इस हफ़्ते भारत की यात्रा पर थे.

व्हाइट हाउस ने रूसी तेल ख़रीदने के सवाल पर भारत पर दबाव बनाए रखा है, लेकिन यह भी संकेत दिया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी जल्द ही मुलाक़ात कर सकते हैं, संभवतः पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के दौरान, जो 26 से 28 अक्टूबर तक मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजित होगा.
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह भी संकेत दिया गया है कि ट्रंप क्वाड शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा करेंगे, जो इस साल के अंत में या 2026 की शुरुआत में आयोजित होने की संभावना है.

छत्तीसगढ़ के विक्रेताओं को इतने करोड़ का ऑर्डर, स्व-सहायता समूहों और बुनकरों को भी अवसर…

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जैम पोर्टल पर छत्तीसगढ़ ने 87,873 करोड़ और मध्यप्रदेश ने 38,027 करोड़ के ऑर्डर हासिल किए। एमएसएमई, स्टार्टअप और महिला उद्यमियों को भी फायदा।

देश में सरकारी खरीदी के तहत जेम पोर्टल पर छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश का जलवा है। पूरे देश में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश सबसे आगे हैं। इन दो राज्यों को अब तक जैम के जरिए 1.25 लाख करोड़ से ज्यादा के ऑर्डर मिल चुके हैं। इसमें छत्तीसगढ़ को 87,873 करोड़ और मध्यप्रदेश को 38,027 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं।

छत्तीसगढ़ के विक्रेताओं को इतने करोड़ का ऑर्डर

यह जानकारी गुरुवार को जैम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिहिर कुमार ने दी। उन्होंने पत्रकारवार्ता करके बताया कि छत्तीसगढ़ के विक्रेताओं को 87,873 करोड़ के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। इसमें एमएसएमई का योगदान 48,575 करोड़, स्टार्टअप का 420 करोड़, महिला उद्यमियों का 1,242 करोड़ और अनुसूचित जाति-जनजाति विक्रेताओं का 199 करोड़ है।

मध्यप्रदेश के विक्रेताओं को जेम के माध्यम से अब तक 38,027 करोड़ के ऑर्डर मिले हैं। इसमें एमएसएमई का योगदान 26,937 करोड़, स्टार्टअप का 1,584 करोड़, महिला उद्यमियों का 3,197 करोड़ और अनुसूचित जाति-जनजाति उद्यमियों का 1,306 करोड़ है।

स्व-सहायता समूहों और बुनकरों को भी अवसर

जेम स्टार्टअप, स्व-सहायता समूहों, कारीगरों, बुनकरों और एफपीओ के लिए आठ समर्पित वोकल फॉर लोकल आउटलेट और क्यूरेटेड मार्केट पेजों के माध्यम से अवसरों का विस्तार भी कर रहा है। एक प्रगतिशील राजस्व नीति के साथ जहां 97 प्रतिशत ऑर्डर लेन-देन शुल्क से मुक्त हैं और नए विक्रेताओं के लिए कॉशन मनी की आवश्यकता को माफ कर दिया गया है। ऐसे में देशभर के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए भागीदारी को सरल, अधिक समावेशी और किफायती बनाया गया है।

 

”3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में जांच एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई”

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छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। रायपुर की विशेष अदालत ने गुरुवार को पूर्व आईएएस अधिकारी निरंजन दास को 29 सितंबर तक रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। वहीं, होटल कारोबारी नीतेश और यश पुरोहित को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है।

CG Liquor Scam: अधूरी रह गई पूछताछ

ईओडब्ल्यू की ओर से अदालत को बताया गया कि निरंजन दास से अब तक पूरी तरह पूछताछ नहीं हो सकी है। जांच अधिकारी ने कहा कि मामले से जुड़े कई अहम बिंदुओं को स्पष्ट करने के लिए और समय की आवश्यकता है। अदालत ने इस आधार पर उन्हें चार दिन की और रिमांड पर भेज दिया।

जांच में सामने आया है कि अवैध वसूली के सिंडिकेट में निरंजन दास की भूमिका केंद्रीय रही। आरोप है कि उनके इशारे पर सरकारी शराब दुकानों में बेहिसाब बिक्री की गई, अधिकारियों के तबादलों और टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी हुई। इसके अलावा दोषपूर्ण शराब नीति बनवाकर सिंडिकेट को करोड़ों का अनुचित लाभ पहुंचाया गया।

मामले में पहले से ही जेल भेजे गए होटल कारोबारी अनवर की अवैध वसूली की रकम को संभालने का काम रायपुर जेल रोड स्थित होटल के संचालक नीतेश और यश पुरोहित करते थे। ईओडब्ल्यू का कहना है कि दोनों के पास भारी-भरकम रकम का हिसाब-किताब रखा जाता था

3200 करोड़ के इस बड़े घोटाले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। जांच एजेंसी का मानना है कि रिमांड अवधि में और भी कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। वहीं, विपक्ष लगातार सरकार पर आरोप लगा रहा है कि इतने बड़े घोटाले में शामिल और प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

 

जनता की समस्याओं को हल करने में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की है अहम भूमिका – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में 2024 बैच के 13 एवं 2021 बैच के एक अधिकारी शामिल थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी प्रशासन की धुरी हैं। जनता की समस्याओं को हल करने में उनकी अहम भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ-साथ आपको प्रबुद्ध नागरिक के रूप में समाज की भी चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक बेहतर समाज के निर्माण में आप सभी अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी अधिकारियों को पदेन दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करने के लिए शुभकामनाएँ दीं।

छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संचालक श्री टी.सी. महावर ने मुख्यमंत्री श्री साय को अवगत कराया कि इन अधिकारियों का 7 अप्रैल 2025 से प्रारंभ हुआ इंडक्शन कोर्स अब समाप्त हो रहा है। इसके बाद ये सभी अधिकारी राज्य के विभिन्न जिलों में डिप्टी कलेक्टर के रूप में सेवा देंगे, जहाँ वे शासन के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को समझेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से उनके प्रशिक्षण के अनुभव भी जाने। उन्होंने कहा कि यह आपका सौभाग्य है कि आपको राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के रूप में जनता की सेवा का अवसर मिला है। यह अवसर सभी को नहीं मिलता। पूरे मनोयोग से इस अवसर का लाभ उठाते हुए निष्ठा और समर्पण के साथ अपने प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन का काम जनहित की नीतियाँ बनाना है, लेकिन उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर ही रहती है। छत्तीसगढ़ एक अत्यंत समृद्ध राज्य है। यहाँ प्रचुर मात्रा में खनिज और वन संपदा है, मिट्टी उर्वरा है और पावर सेक्टर बहुत मजबूत है। राज्य के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी रुकावट था, जो अब अपनी अंतिम साँसें गिन रहा है। हमारे जवान पूरी मुस्तैदी से नक्सलियों का मुकाबला कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सल समस्या का उन्मूलन कर दिया जाएगा। हमारे बहादुर जवान डटकर मुकाबला कर रहे हैं। इस लक्ष्य की प्राप्ति के बाद छत्तीसगढ़ और तेजी से विकसित होगा। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के रूप में आपकी जिम्मेदारी भी और अधिक बढ़ जाएगी। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज को आगे लाने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रशासन में पारदर्शिता लाना हमारी प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहाँ सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया गया है। छत्तीसगढ़ में ई-ऑफिस प्रणाली भी लागू की गई है। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है। अब तक हमें साढ़े 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य बनाने में आप सभी की भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों से चर्चा के दौरान कहा कि राजस्व मामले सीधे जनता से जुड़े होते हैं। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों की एक छोटी-सी पहल से भी लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राजस्व मामलों के समयबद्ध निराकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। राजस्व प्रक्रियाओं को ऑनलाइन कर सरल बनाया जा रहा है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के संयुक्त संचालक श्री प्रणव सिंह तथा राज्य प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम कैंप कार्यालय की त्वरित पहल से ग्राम शब्दमुंडा में लौटी रोशनी

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनसमस्याओं के निराकरण हेतु स्थापित सीएम कैंप कार्यालय बगिया, अपनी त्वरित कार्यवाही और संवेदनशीलता के वजह से लोगों के विश्वास और उम्मीदों का केंद्र बन चुका है।

जशपुर जिले के विकासखंड कांसाबेल के ग्राम शब्दमुंडा के प्रधानटोली सहित अन्य पारा मोहल्ला के ग्रामीणों ने बिजली ट्रांसफार्मर खराब होने की समस्या सीएम कैंप कार्यालय बगिया के समक्ष रखी। कैंप कार्यालय ने तत्काल विद्युत बहाल करने के लिए विभाग को निर्देशित किया। विभाग के द्वारा त्वरित कार्यवाही कर ग्राम में ट्रांसफार्मर स्थापित कर बिजली आपूर्ति पुनः बहाल कर दी गई। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

जनआकांक्षाओं को पूरा कर रहा है सीएम कैंप कार्यालय

सीएम कैंप कार्यालय बगिया में रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं। बिजली, सड़क, पेयजल या विकास कार्यों से जुड़ी समस्याएं यहां तुरंत सुनी जाती हैं और समाधान की दिशा में तत्काल कदम उठाए जाते हैं।

जल संचय जनभागीदारी 1.0 में छत्तीसगढ़ का परचम – राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान, रायपुर नगर निगम को प्रथम पुरस्कार

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जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर इतिहास रचा है। जल संचय जनभागीदारी 1.0 (JSJB) के परिणामों में प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि जल प्रबंधन और जनभागीदारी के संगम का जीवंत उदाहरण है। प्रदेश में अब तक 4,05,563 कार्य पूर्ण कर जल संरक्षण को एक जन-आंदोलन में बदल दिया गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस सफलता पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जल-संपदा की नींव है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में यह उस सामूहिक चेतना का प्रमाण है, जिसने छत्तीसगढ़ को देश के लिए एक प्रेरणा बना दिया है।

प्रदेश के शहरी निकायों में भी छत्तीसगढ़ ने अपनी श्रेष्ठता स्थापित की है। रायपुर नगर निगम ने पूरे देश में शीर्ष स्थान प्राप्त करते हुए राष्ट्रीय पुरस्कार जीता है। यहाँ 33,082 कार्यों के माध्यम से न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा दिया गया, बल्कि इसे जन-सहभागिता आधारित शहरी विकास का मॉडल बना दिया गया। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को रायपुर के नागरिकों और निगम प्रशासन के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।

जिला स्तर पर भी छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा। कैटेगरी-1 में बालोद को प्रथम स्थान, राजनांदगांव को द्वितीय स्थान और रायपुर को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है। इन तीन जिलों को पुरस्कार स्वरूप ₹2-2 करोड़ की राशि प्राप्त होगी। वहीं केटेगरी 2 में महासमुंद, बलौदा बाजार और गरियाबंद को ₹1-1 करोड़ से सम्मानित किया जाएगा। कैटेगरी 3 में बिलासपुर, रायगढ़, बलरामपुर, धमतरी, सुरजपुर और दुर्ग को उनकी उत्कृष्ट भागीदारी के लिए ₹25-25 लाख के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। यह दर्शाता है कि पूरे प्रदेश में जल संरक्षण को प्राथमिकता के साथ अपनाया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सम्मान केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि हर किसान, हर महिला, हर नौजवान और हर जनप्रतिनिधि का है, जिन्होंने पानी की हर बूंद को बचाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही जनकल्याण संभव है और छत्तीसगढ़ ने इसे सिद्ध कर दिखाया है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उपलब्धि राज्य की ‘जन-संवाद एवं जनभागीदारी आधारित सुशासन नीति’ का प्रत्यक्ष परिणाम है। मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण को प्रदेश की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और दीर्घकालिक विकास का सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया।

रायपुर नगर निगम को मिले राष्ट्रीय सम्मान पर मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निगम प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में सामुदायिक सहयोग से जल संचय की यह मिसाल पूरे देश के लिए अनुकरणीय है और अन्य नगर निगम भी इससे सीख सकते हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि जल संरक्षण के इस अभियान को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानें, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि बूंद-बूंद का संरक्षण ही भविष्य की जल-सुरक्षा की गारंटी है।

छत्तीसगढ़ की यह उपलब्धि एक बार फिर साबित करती है कि जब सरकार और जनता मिलकर कार्य करें तो असंभव भी संभव हो जाता है। JSJB 1.0 की सफलता ने न केवल प्रदेश को सम्मान दिलाया है, बल्कि इसे जल प्रबंधन का राष्ट्रीय मॉडल भी बना दिया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दो सड़कों के निर्माण के लिए दी बड़ी सौगात

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के सड़क विकास को नई दिशा देते हुए दो महत्वपूर्ण मार्गों के निर्माण के लिए मंजूरी प्रदान की है। ग्रामीण अंचल के लोगों की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार जिले के कुंजारा बोराटोंगरी से ढोंगाअंबा पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 2 करोड़ 75 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है। वहीं एनएच-43 मुख्य मार्ग से बोड़ाटोंगरी पहुंच मार्ग के निर्माण हेतु 1 करोड़ 78 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीणों के आवागमन में बड़ी सुविधा होगी। अब तक इन इलाकों के लोगों को बरसात के दिनों में कीचड़ और धूल से जूझना पड़ता था, वहीं किसानों को भी अपनी उपज बाजार तक पहुँचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद ग्रामीणों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँचना आसान होगा और क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सौगात क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही जरूरत को पूरा करेगा और आने वाले समय में गांवों की तस्वीर बदलेगा।