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“जम्मू-कश्मीर राज्यसभा चुनाव: रेस में फारूक अब्दुल्ला, एक पर BJP की जीत तय, जानें अन्य सीटों का समीकरण”

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चुनाव आयोग (ECI) ने बुधवार (24 सितंबर) को जम्मू-कश्मीर में चार राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की घोषणा की. जम्मू-कश्मीर विधानसभा में संख्याबल के मुताबिक, नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC)-कांग्रेस गठबंधन को 3 सीटों पर जीत मिल सकती है.

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं, जिनमें से दो बडगाम और नगरोटा इस समय खाली है. ऐसे में सदन की वास्तविक संख्या 88 हो जाती है. इसमें आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक मेहराज मलिक भी शामिल हैं, जो इस समय पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत हिरासत में हैं.

क्या है सीटों का गणित?

एनसी, कांग्रेस, सीपीआई(एम) और गठबंधन को समर्थन देने वाले निर्दलीय विधायकों की संयुक्त संख्या 53 है. गठबंधन में 41 एनसी, 6 कांग्रेस, 5 निर्दलीय और 1 सीपीआई(एम) के विधायक शामिल हैं.

बीजेपी के पास 28 सीटें हैं. इसके अलावा 6 विधायक (कश्मीर की छोटी पार्टियों और निर्दलीयों से) न तो बीजेपी के साथ हैं और न ही गठबंधन के साथ. इस समूह में 3 पीडीपी, 1 पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और 2 निर्दलीय (शबीर कुले और शेख खुर्शीद) शामिल हैं. मेहराज मलिक को जोड़ने पर यह संख्या 7 हो जाती है.

वर्तमान संख्याबल के आधार पर, एनसी गठबंधन पहले दो सीटों पर आसानी से जीत दर्ज करेगा, क्योंकि उसके पास 53 विधायक हैं, जबकि बीजेपी के पास 28 हैं. यदि बीजेपी उम्मीदवार नहीं उतारती, तो ये दोनों सीटें नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन निर्विरोध जीतेगी.

तीसरी और चौथी सीट का फैसला संयुक्त चुनाव से होगा. एनसी गठबंधन तीसरी सीट के लिए 29 प्रथम वरीयता वोट हासिल करेगा, जिससे उसके पास चौथी सीट के लिए 24 द्वितीय वरीयता वोट बचेंगे. बीजेपी के पास 28 वोट होंगे, इसलिए वह चौथी सीट जीतने की स्थिति में है.

पीडीपी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और निर्दलीय विधायकों का चुनावों में खास असर नहीं दिखेगा क्योंकि वे एनसी और बीजेपी दोनों के विरोध में रहते हैं. क्रॉस-वोटिंग की संभावना भी बनी हुई है.

कौन-कौन टिकट के दावेदार?

नेशनल कॉन्फ्रेंस के सूत्रों ने बताया कि डॉ. फारूक अब्दुल्ला और सज्जाद किचलू पार्टी टिकट की दौड़ में सबसे आगे हैं. कांग्रेस भी गठबंधन के हिस्से के तौर पर एक सीट चाहती है. पार्टी जम्मू क्षेत्र से किसी उम्मीदवार को उतार सकती है या फिर दक्षिण कश्मीर से किसी मौजूदा विधायक को राज्यसभा भेज सकती है.

अगर एनसी चौथी सीट पर भी उम्मीदवार उतारने का फैसला करती है, तो वह दक्षिण कश्मीर से किसी युवा चेहरे को उतार सकती है, ताकि वहां अपनी पकड़ बनाए रखे, जहां उसने पिछले चुनाव में 16 में से 10 सीटें जीती थीं.

बीजेपी अपनी रणनीति आखिरी समय तक गुप्त रख सकती है. पार्टी किसी पूर्व विधायक या नए चेहरे को उतार सकती है. चेनाब घाटी में बीजेपी की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले सुनील कुमार शर्मा पार्टी की चुनावी रणनीति बनाने में प्रमुख भूमिका निभाएंगे.

2021 से खाली है सीटें जम्मू-कश्मीर से राज्यसभा की चार सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव 24 अक्टूबर को होंगे. ये सीट 2021 से खाली हैं. जम्मू-कश्मीर की चार सीट के लिए राज्यसभा चुनाव केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने के लगभग एक साल बाद हो रहे हैं. विधायक अपने-अपने राज्यों के राज्यसभा सदस्यों का चुनाव करते हैं.

पंद्रह फरवरी, 2021 से केंद्र शासित प्रदेश का संसद के ऊपरी सदन में प्रतिनिधित्व नहीं है, जिस दिन गुलाम नबी आजाद और नजीर अहमद लावे ने अपना कार्यकाल पूरा किया था. दो अन्य सदस्यों, फैयाज अहमद मीर और शमशेर सिंह मन्हास ने उसी साल 10 फरवरी को अपना कार्यकाल पूरा कर लिया था.

कार्यक्रम की घोषणा करते हुए, निर्वाचन आयोग ने कहा कि पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को जम्मू-कश्मीर (विधानसभा सहित) और लद्दाख (विधानसभा रहित) केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया है. जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार, मौजूदा जम्मू और कश्मीर राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले राज्यसभा के चार वर्तमान सदस्यों को जम्मू और कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र को आवंटित सीटों को भरने के लिए निर्वाचित माना जाएगा.

सभी चार सीट मौजूदा सदस्यों के कार्यकाल की समाप्ति के बाद से रिक्त पड़ी थीं, क्योंकि रिक्तियों के समय चुनाव कराने के लिए आवश्यक निर्वाचक मंडल उपलब्ध नहीं था. आयोग ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की राज्य विधानसभा के गठन के बाद, द्विवार्षिक चुनाव कराने के लिए एक निर्वाचक मंडल की आवश्यकता है. मतगणना 24 अक्टूबर की शाम को मतदान समाप्त होने के एक घंटे बाद होगी.

“सरकारी ठेकों में 50% और नगर निकायों में 30% आरक्षण, बिहार में महागठबंधन ने खेला अति पिछड़ा कार्ड”

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बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन ने अति पिछड़ा समाज के लिए संकल्प पत्र जारी किया है . इसमें आरक्षण और जातीय जनगणना पर फोकस किया गया है . लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पटना में कहा कि वह आरक्षण की 50 फीसदी की दीवार तोड़ देंगे.

उन्होंने सरकारी ठेकों में 50 फीसदी आरक्षण देने की बात कही है . बिहार में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा , ‘ वोटर अधिकार यात्रा बहुत सफल रही . हमने लोगों को बताया कि कैसे संविधान खतरे में है और लेागों के अधिकार चुराए जा रहे हैं. अगर इंडिया गठबंधन सत्ता में आया तो वह आरक्षण की 50 फीसदी सीमा को खत्म कर देगा. इंडिया गठबंधन अति पिछड़ा वर्गों के लिए निजी संस्थानों और 25 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी ठेकों ( निविदाओं ) में आरक्षण सुनिश्चित करेगा. ‘

 कल्प पत्र में क्याक्या वादे?

  1. बिहार में एससी/एसटी समाज की तरह ईबीसी समाज के लिए भीअतिपिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियमबनाया जाएगा.
  2. अतिपिछड़ा वर्ग के लिए पंचायत और नगर निकाय में वर्तमान 20% आरक्षण को बढ़ाकर 30% किया जाएगा.
  3. आबादी के अनुपात में आरक्षण की 50% की सीमा को बढ़ाने हेतु, विधान मंडल पारित कानून को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा.
  4. नियुक्तियों की इयन प्रक्रिया में ” Not Found Suitable” (NFS) जैसी अवधारणा को अवैध घोषित किया जाएगा.
  5. अतिपिछड़ा वर्ग की सूची में अल्प या अति समावेशन ( under or over-inclusion) से संबंधित सभी मामलों को एक कमेटी बनाकर निष्पादित किया जाएगा .
  6. अतिपिछड़ा , अनुसूचित जाति , जनजाति और पिछड़ा वर्ग के सभी आवासीय भूमिहीनों को शहरी क्षेत्रों में 3 डेसिमल और ग्रामीण क्षेत्रों में 5 डेसिमल आवासीय भूमि उपलब्ध कराई जाएगी.
  7. UPA सरकार की ओर से पारितशिक्षा अधिकार अधिनियम‘ (2010) के तहत प्राइवेट स्कूलों में नामांकन हेतु आरक्षित सीटों का आधा हिस्सा अतिपिछड़ा , पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति और जनजाति के बच्चों हेतु निर्धारित किया जाएगा.
  8. 25 करोड़ रुपयों तक के सरकारी ठेकों/आपूर्ति कार्यों में अतिपिछड़ा , अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ी जाति के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा .
  9. संविधान की धारा 15(5) के अंतर्गत राज्य के सभी निजी शिक्षण संस्थानों के नामांकन हेतु आरक्षण लागू किया जाएगा.
  10. आरक्षण की देखरेख के लिए उच्च अधिकार प्राप्त आरक्षण नियामक प्राधिकरण का गठन किया जाएगा, और जातियों की आरक्षण सूची में कोई भी परिवर्तन केवल विधान मेडल की अनुमति से ही संभव होगा.

“धमतरी को CM साय का ‘महाउपहार’, 245 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास”

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिला के मगरलोड विकासखंड के ग्राम करेली बड़ी में 245 करोड़ 80 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया. साय ने धमतरी जिले के कुरूद विधानसभा क्षेत्र में आयोजित राज्य स्तरीय महतारी सदन शुभारंभ कार्यक्रम में 51 महतारी सदनों का लोकार्पण किया और जिले को विकास का महा उपहार दिया.

उन्होंने कुरूद विधानसभा क्षेत्र में 77 कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया जाएगा. यह सभी विकास कार्य जिले में महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, सड़क, पेयजल, उद्योग, विज्ञान, पर्यटन और सामाजिक विकास जैसे विविध क्षेत्रों को नई दिशा देने वाले हैं.

साय ने महतारी सदन योजना के तहत 51 महतारी सदन भवनों का लोकार्पण किया. लगभग 2 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से निर्मित ये भवन महिलाओं के लिए सम्मान और आत्मनिर्भरता के नए केंद्र बनेंगे. यह महतारी सदन छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों की शक्ति और क्षमता को समाज में नई पहचान देंगे.

औद्योगिक विकास ग्राम करेली बड़ी और भालूझूलन में औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 16 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा मुख्यमंत्री ने इसके लिए भूमिपूजन भी किया. इसके अलावा जी-जामगांव औद्योगिक क्षेत्र में 6 करोड़ रुपये की राशि से निर्मित विभिन्न आधारभूत संरचनाओं का लोकार्पण भी किया. इन कार्यों से उद्योग और रोजगार की नई संभावनाएँ खुलेंगी.

शिक्षा एवं कौशल विकास मुख्यमंत्री साय ने शिक्षा और कौशल उन्नयन के लिए 27 करोड़ 67 लाख रुपये की लागत से आईटीआई भवन, शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज और लाइवलीहुड कॉलेज भवन के लिए शिलान्यास भी किया. साय ने 7 करोड़ 53 लाख रुपये से बने कृषि महाविद्यालय भवन एवं छात्रावास का लोकार्पण भी किया. ये संस्थान युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और कौशल विकास के प्रमुख केंद्र बनेंगे.

सड़क और अधोसंरचना

मुख्यमंत्री ने धमतरी जिले में 9 सड़कों के निर्माण और सुधार कार्यों का शिलान्यास भी किया. इन सड़कों पर 119 करोड़ 79 लाख रुपये खर्च किए जायेंगे. उन्होंने इसके साथ ही गौरव पथ योजना के तहत 1 करोड़ 70 लाख रुपये से बने गातापार और बकली मार्ग का भी किया. यह सभी नई सड़कें गाँवों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी.

स्वास्थ्य सुविधाएँ

मुख्यमंत्री साय ने मगरलोड विकासखंड के भेण्ड्री में 75 लाख रुपये की लागत से बनने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का लोकार्पण भी किया. इससे ग्रामीण अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाएँ और अधिक सुलभ होंगी.

पेयजल एवं सिंचाई

साय ने धमतरी जिले में जल जीवन मिशन के तहत लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत के 39 कार्य का लोकार्पण किया. जिससे जिले की हर बस्ती ‘हर घर जल’ प्रमाणित होगी. उन्होंने कोडेबोड़ में सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत 26 करोड़ 37 लाख रुपये से निर्मित योजना का लोकार्पण किया. और महानदी नहर पर 4 करोड़ 29 लाख रुपये से क्रॉस रेग्युलेटर निर्माण के लिए भूमिपूजन किया. इससे किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा और ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा.

विज्ञान एवं पर्यटन

मुख्यमंत्री ने गंगरेल में साइंस पार्क बनाने के लिए शिलान्यास किया. इस साइंस पार्क के बन जाने से बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ पर्यटन की नई संभावनाओं को भी बढ़ावा देगा.

सामाजिक विकास

आज के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने 50 लाख की लागत से बनने वाले कंवर समाज भवन (मधुबन धाम, राकांडीह) की आधारशिला भी रखी. यह भवन जिले में सामुदायिक विकास को नई ऊर्जा देगा.

इन सभी विकास कार्यों से धमतरी जिले के कुरूद क्षेत्र में न केवल आधारभूत संरचना मजबूत होगी, बल्कि सामाजिक, शैक्षणिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में भी नए अवसर सृजित होंगे. मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक दिन जिले की प्रगति और जनकल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.

“तोड़ेंगे 50 फीसदी आरक्षण की दीवार, बनाएंगे रेगुलेशन अथॉरिटी बिहार चुनाव से पहले राहुल गांधी का बड़ा ऐलान”

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कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को पटना में अति पिछड़ा न्याय संकल्प संगोष्ठी में ऐलान किया कि यदि इंडिया गठबंधन सत्ता में आया तो वह आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा खत्म कर देगा.

इस अवसर पर कांग्रेस की ओर से अति पिछड़ा संकल्प लॉन्च किया है. उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन अति पिछड़ा वर्गों के लिए निजी संस्थानों तथा 25 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी ठेकों (निविदाओं) में आरक्षण सुनिश्चित करेगा.

उन्होंने नीतीश कुमार सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि नीतीश कुमार सरकार ने अति पिछड़ा वर्गों की बेहतरी के लिए कुछ नहीं किया, उसने उसे बस वोटबैंक की तरह इस्तेमाल किया.

उन्होंने कहा कि आज अति पिछड़ा न्याय संकल्प संगोष्ठी में दस सूत्री प्रस्ताव पारित किया गया जिसे बिहार में इंडिया गठबंधन के सत्ता में आने पर लागू किया जायेगा. उन्होंने कहा कि ये संकल्प हमारे गठबन्धन का विजन है, जबकि बीजेपी यूपी में जाति आधारित प्रदर्शन करने पर रोक लगा रही है. हाड्रोजन बम जल्दी सामने आएगा, बीजेपी का सच सामने आएगा.

बीजेपी की चोरी चलने नहीं देंगे राहुल गांधी ने कहा कि गुजरात मॉडल स्पष्ट है – दलितों, पिछड़े वर्ग और गरीबों के लिए बुलडोज़र, जबकि अडानी के लिए हजारों एकड़ जमीन मुफ्त में या मात्र ₹1 की. गांधीनगर, गुजरात के पेथापुर बस्ती में 400 से अधिक परिवारों के घर ‘अवैध’ बता कर उजाड़ दिए गए, जबकि उनके पास बिजली के बिल, टैक्स रसीदें, राशन कार्ड, आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र जैसे वैध पहचान और रिकॉर्ड मौजूद थे.

राहुल गांधी ने कहा कि गुजरात ही नहीं, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की तोड़फोड़ की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं और कई मामलों में, जैसा कि गांधीनगर में था, लोगों के पास अदालतों द्वारा दिए गए स्टे आदेश भी मौजूद थे.

बीजेपी को साफ पता है कि वो असली जनादेश के जरिए सरकार नहीं बना सकते; उनकी सरकार चोरी से और संस्थाओं पर कब्ज़ा कर बनती है। इसलिए वो गरीबों के अधिकार छीन लेते हैं, और देश की संपत्ति को अपने कुछ अरबपति मित्रों को सौंप देते हैं. भारत का लोकतंत्र जनता के अधिकारों के लिए है, और उनके लिए ही चलेगा. BJP और उसके मित्रों की देश से चोरी हम चलने नहीं देंगे.

जानें क्या है अतिपिछड़ा न्याय संकल्प ‘अतिपिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम’ पारित किया जाएगा.

अतिपिछड़ा वर्ग के लिए पंचायत तथा नगर निकाय में वर्तमान 20% आरक्षण को बढ़ाकर 30% किया जाएगा.

आबादी के अनुपात में आरक्षण की 50% की सीमा को बढ़ाने हेतु, विधान मंडल पारित कानून को संविधान की नौवीं अनुसूची मे शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा.

नियुक्तियो की चयन प्रक्रिया में “Not Found Suitable” (NFS) जैसी अवधारणा को अवैध घोषित किया जाएगा.

अतिपिछड़ा वर्ग की सूची में अल्प या अति समावेशन (under or over-inclusion) से संबंधित सभी मामलों को एक कमेटी बनाकर निष्पादित किया जाएगा.

अतिपिछड़ा, अनुसूचित जाति, जन-जाति तथा पिछड़ा वर्ग के सभी आवासीय भूमिहीनों को शहरी क्षेत्रों मे 3 डेसिमल तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 5 डेसिमल आवासीय भूमि उपलब्ध करायी जाएगी.

UPA सरकार द्वारा पारित ‘शिक्षा अधिकार अधिनियम’ (2010) के तहत निजी विद्यालयो में नामांकन हेतु आरक्षित सीटो का आधा हिस्सा अतिपिछड़ा, पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति और जन-जाति के बच्चों हेतु निर्धारित किया जाएगा.

25 करोड़ रुपयों तक के सरकारी ठेकों/ आपूर्ति कार्यो में अतिपिछड़ा, अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ी जाति के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा.

संविधान की धारा 15 (5) के अंतर्गत राज्य के सभी निजी शिक्षण संस्थानो के नामांकन हेतु आरक्षण लागू किया जाएगा।

आरक्षण की देखरेख के लिए उच्च अधिकार प्राप्त आरक्षण नियामक प्राधिकरण का गठन किया जाएगा, और जातियो की आरक्षण सूची में कोई भी परिवर्तन केवल विधान मंडल की अनुमति से ही संभव होगा.

“जम्मू कश्मीर और पंजाब की राज्य सभा सीटों पर चुनाव की घोषणा, जानें क्या हैं राजनीतिक समीकरण”

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चुनाव आयोग ने जम्मू कश्मीर की चार और पंजाब की एक राज्य सभा सीट के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. आयोग के मुताबिक इन पांच सीटों के लिए 24 अक्तूबर को होगा चुनाव कराया जाएगा.

इस चुनाव की अधिसूचना 6 अक्तूबर को जारी होगी. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीफ 13 अक्तूबर है.

क्या है चुनाव का कार्यक्रम चुनाव आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक इस चुनाव की अधिसूचना छह अक्तूबर को जारी होगी. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर है. नामांकन पत्रों की जांच 14 अक्तूबर को की जाएगी. नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तारीख 16 अक्तूबर है. इस चुनाव के 24 अक्तूबर को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मतदान कराया जाएगा. मतणगना भी उसी दिन शाम पांच बजे कराई जाएगी.

जम्मू कश्मीर के चार राज्य सभा सदस्यों के 2021 में एक साथ रिटायर हो जाने की वजह से राज्य की सभी सीटें खाली हैं. इस समय संसद के ऊपरी सदन में जम्मू कश्मीर का कोई सदस्य नहीं है. राज्य सभा की सीटों पर चुनाव कराने की मांग वहां के राजनीतिक दल बहुत पहले से कर रहे हैं.

जम्मू कश्मीर और पंजाब के राजनीतिक हालात जम्मू कश्मीर की 90 सदस्यों वाली विधानसभा के लिए अक्तूबर 2024 में कराए गए चुनाव में जम्मू कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस को 42, कांग्रेस को छह, बीजेपी को 29, पीडीपी को 3 और अन्य को आठ सीटें मिली थीं. इस आधार पर नेशनल कॉन्फ्रेंस कांग्रेस और अन्य के सहयोग से राज्य सभा की तीन सीटें जीत सकती है. वहीं बीजेपी के हिस्से में एक सीट आ सकती है.

वहीं पंजाब में राज्य सभा की जिस सीट पर चुनाव कराया जा रहा है, वह संजीव अरोड़ा के इस्तीफे से खाली हुई है. राज्य सभा से इस्तीफा देने के बाद अरोड़ा ने पंजाब में लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ा था. इसमें उन्हें जीत हासिल हुई थी. वह इस समय वह पंजाब की भगवंत मान सरकार में ऊर्जा मंत्री हैं. उम्मीद की जा रही है कि आम आदमी पार्टी पंजाब से राज्य सभा के चुनाव में अपने राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उम्मीदवार बनाए. केजरीवाल को दिल्ली विधानसभा के चुनाव में नई दिल्ली सीट पर बीजेपी के प्रवेश साहिब सिंह वर्मा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था. पंजाब में आम आदमी पार्टी को राज्य सभा का यह चुनाव जीतने में कोई परेशानी नहीं होगी.

हालांकि अरविंद केजरीवाल राज्य सभा का चुनाव लड़ने से कुछ महीने पहले इनकार किया था. उन्होंने कहा था कि पंजाब से राज्य चुनाव में उम्मीदवार कौन होगा, इसका फैसला पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति करेगी.

छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट : स्वास्थ्य, वेलनेस और पर्यटन निवेश का नया युग, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हुए शामिल…

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छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में 3,119 करोड़ का निवेश प्रस्ताव, 7000 से अधिक रोजगार के अवसर होंगे सृजित

निवेश अनुकूल नई औद्योगिक नीति से छत्तीसगढ़ बन रहा है निवेशकों का पसंदीदा डेस्टिनेशन

पिछले 10 महीने में प्रदेश सरकार को मिला लगभग 7 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव

पर्यटन के लिए प्रदेश में अधोसंरचनाओं का तेजी से हो रहा विकास

हॉस्पिटैलिटी और हेल्थ सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट का आयोजन

छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में यह वेलनेस, हेल्थकेयर और पर्यटन के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज ओमाया गार्डन, रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन की शुरुआत शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाओं से की और कहा कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने अर्थव्यवस्था को सरलता, पारदर्शिता और तेजी की दिशा में आगे बढ़ाया है। इस सुधार ने निवेशकों और उद्यमियों के लिए अभूतपूर्व अवसर खोले हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विज़न के साथ कदमताल करते हुए प्रदेश सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को साकार करने के लिए पिछले डेढ़ वर्ष में 350 से अधिक सुधार लागू किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब हम इज ऑफ डूइंग बिज़नेस से आगे बढ़कर स्पीड आफ डूइंग बिज़नेस के युग में प्रवेश कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति छत्तीसगढ़ की प्रगति की आधारशिला है। इसी नीति ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और यही कारण है कि मात्र एक वर्ष के भीतर प्रदेश को लगभग 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों से लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और सेवा क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में अस्पतालों और हेल्थकेयर क्षेत्र में 11 बड़े प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें रायपुर का गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल (500 बेड), नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (450 बेड), बॉम्बे हॉस्पिटल (300 बेड) और माँ पद्मावती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (750 बेड) जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कुल मिलाकर 2,466 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 6,000 नए रोजगार सृजित होंगे।

मेडिसिटी से बनेगा मेडिकल हब

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवा रायपुर में विकसित हो रहा मेडिसिटी छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर का बड़ा मेडिकल हब बनाएगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी यहां मरीज आते हैं। मेडिसिटी के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी और विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में  फार्मा सेक्टर में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार फार्मा हब तैयार कर रही है, जहां एक ही स्थान पर अनेक फार्मा इंडस्ट्री अपना संचालन करेंगी। इससे प्रदेश में दवा उद्योग को नई दिशा मिलेगी और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के लिए आवश्यक दवाओं की आसान आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

होटल और पर्यटन क्षेत्र में निवेश

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और जैव विविधता पर्यटन उद्योग के लिए अपार अवसर प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम में होटल और पर्यटन क्षेत्र से भी 652 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें वेस्टिन होटल रायपुर (212.7 करोड़ रुपये), होटल जिंजर, इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट, अम्यूजोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

पर्यटन को उद्योग का दर्जा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इससे निवेशकों को विशेष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि होटल, रिसॉर्ट, होम स्टे और मनोरंजन उद्योग से जुड़े उद्यमी प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और प्रकृति का लाभ उठाकर पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक ले जाएं।

निवेश प्रक्रिया की सरलता

मुख्यमंत्री श्री साय ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सिंगल विंडो ‘वन क्लिक’ सिस्टम लागू है, जिसके कारण किसी भी उद्यमी को एनओसी के लिए भटकना नहीं पड़ता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के बाद पालीमैटेक कंपनी को तीन माह से भी कम समय में भूमि आवंटन और सभी स्वीकृतियाँ प्रदान कर दी गईं और उन्होंने 1,100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया।

नई तकनीक और एआई सेक्टर

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ एआई क्रांति का भी स्वागत कर रहा है। नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जो भविष्य में प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा मैनेजमेंट का हब बनाएगा। यहां डाटा सेंटर से जुड़े उद्योगों के लिए निवेश की अपार संभावनाएं हैं।

पावर हब की ओर कदम

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ऊर्जा सबसे आवश्यक तत्व है। छत्तीसगढ़ देश का पावर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोयला, खनिज और ऊर्जा उत्पादन में छत्तीसगढ़ की भूमिका पहले से ही महत्वपूर्ण रही है और आने वाले वर्षों में यह योगदान और भी बढ़ेगा।

कनेक्टिविटी और लोकेशन का लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सेंट्रल इंडिया लोकेशन इसे विशेष बनाती है। कच्चे माल की प्रचुर उपलब्धता, रेल, सड़क और हवाई मार्ग की मजबूत कनेक्टिविटी तथा प्रशिक्षित मानव संसाधन इसे निवेश के लिए आदर्श गंतव्य बनाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एयर कार्गो सेवा भी आरंभ हो चुकी है, जिससे व्यापार और तेज़ी से बढ़ेगा।

सेवा क्षेत्र की नई पहचान

मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि अब छत्तीसगढ़ केवल स्टील, सीमेंट, पावर और एल्युमिनियम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों की पहचान भी बनेगा। हेल्थकेयर, होटल, पर्यटन और एआई आधारित इंडस्ट्री आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नए आयाम देंगे।

कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि हेल्थ, पर्यटन के साथ सभी प्रकार के निवेश में सरकार सहूलियतें उपलब्ध कराएगी। नई उद्योग नीति से उद्योगपतियों का आकर्षण प्रदेश की ओर बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रदेशों के साथ ही विदेश जापान और दक्षिण कोरिया जैसे स्थानों पर भी इन्वेस्टर समिट में हिस्सा लिया है। प्रदेश में 5 से अधिक बार निवेशकों के साथ बैठक हुई है, इससे नए उद्योगों की स्थापना और रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। पिछले 10 महीनों में लगभग 7 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिल चुके है। हमने होटल एवं पर्यटन क्षेत्र को भी प्रोत्साहित करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में अच्छे से अच्छा काम हो सके हम यह प्रयास कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि राजधानी रायपुर के ओमाया गार्डन में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हेल्थकेयर और होटल क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों ने निवेश के बड़े प्रस्ताव पेश किए। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 11 बड़े अस्पताल समूहों ने कुल 2,466.77 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए, जिनसे लगभग 6000 लोगों को रोजगार मिलेगा और प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई ऊँचाइयाँ स्थापित होंगी।

कार्यक्रम में मुंबई स्थित बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट ने 300 बेड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के लिए 680.37 करोड़ का निवेश प्रस्तावित किया है, जिससे 500 रोजगार उपलब्ध होंगे। माँ पद्मावती इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज रायपुर 750 बेड क्षमता वाला मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल 340 करोड़ निवेश और 1,500 रोजगार अवसर प्राप्त होंगे। आरोग्यमृत वेलनेस एलएलपी रायपुर द्वारा इंटरनल वेलनेस ग्रोथ, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना हेतु 300 करोड़ के निवेश और 1,000 रोजगार अवसरों के साथ प्रस्तावित किया गया है। फोर सीज़न हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर रायपुर 600 बेड क्षमता और 302 करोड़ के निवेश से 1,400 रोजगार सृजित करेगा। गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल रायपुर में 500 बेड का 307 करोड़ का मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रस्तावित है, जिसमें 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर रायपुर (वंदना ग्रुप) द्वारा 450 बेड का मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल 205.23 करोड़ के निवेश और 302 रोजगार अवसरों के साथ प्रस्तावित किया गया है। मेमन हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड रायपुर 150 बेड क्षमता वाले संजीवनी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में 101 करोड़ निवेश और 400 रोजगार अवसर लेकर आया है। मॉडर्न मेडिकल इंस्टिट्यूट रायपुर 150 बेड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के रूप में 91.8 करोड़ के निवेश से 555 रोजगार उत्पन्न करेगा। श्रीराम संजीवनी कैंसर हॉस्पिटल बिलासपुर 100 बेड 70 करोड़ निवेश और 200 लोगों को रोजगार  के साथ प्रस्तावित है।आरएस अरमानी हेल्थकेयर एलएलपी 50 बेड अस्पताल के लिए 59.37 करोड़ का निवेश और 76 रोजगार अवसर लेकर आया है। वृंदा चेस्ट एंड मेडिकल साइंस रायपुर 50 बेड की सुविधा 10 करोड़ के निवेश के साथ प्रस्तावित है।

होटल वेस्टिन रायपुर (सारदा ग्रुप नागपुर) ने 212.7 करोड़ का निवेश और 400 रोजगार का प्रस्ताव रखा है। पंचामृत एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड रायपुर (अम्यूज़ोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल) 80.91 करोड़ निवेश से 300 रोजगार सृजित करेगा। चौहान हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट रायपुर 80 करोड़ निवेश के साथ प्रस्तावित है। होटल जिंजर रायपुर (डीएसएस ग्रुप) 78 करोड़ निवेश और 135 रोजगार अवसर लेकर आया है। एमएम होटल इन एंड रिसॉर्ट्स रायपुर 63 करोड़ निवेश से 110 रोजगार अवसर सृजित करेगा। प्रयास मॉल एंड मल्टीप्लेक्स धमतरी 41.82 करोड़ निवेश और 30 रोजगार अवसर लेकर आया है। इन्फेरियन लेक रिसॉर्ट बालोद और होटल राजनांदगांव के लिए 25-25 करोड़ निवेश और कुल 175 रोजगार अवसर प्रस्तावित हैं। गोदरीवाला और एमएम ग्रुप रायपुर द्वारा प्रस्तावित अम्यूज़मेंट पार्क 24.9 करोड़ निवेश और 70 रोजगार अवसर प्रदान करेगा। बाफना लॉन एंड होटल धमतरी (सरोवर पोर्टिको ग्रुप) द्वारा 20.97 करोड़ निवेश और 22 रोजगार अवसर प्रस्तावित किया गया है।

इस प्रकार कार्यक्रम में घोषित कुल निवेश प्रस्ताव 3,119.07 करोड़ रुपये के हैं। इनमें स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र से 2,466.77 करोड़ और होटल-पर्यटन क्षेत्र से 652.3 करोड़ रुपये शामिल हैं। प्रस्तावित परियोजनाओं से मिलकर 7 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे और प्रदेश को 2,800 से अधिक नए हॉस्पिटल बेड्स की सुविधा प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने निवेशकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निवेश छत्तीसगढ़ को हेल्थकेयर, वेलनेस और पर्यटन का नया केंद्र बनाएगा और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्पित विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश के असीमित अवसर उपलब्ध हैं। हमारी सरकार नई औद्योगिक नीति के तहत निवेशकों को हर संभव सुविधा और सहयोग प्रदान करेगी। मुझे विश्वास है कि राज्य के उद्योगों और निवेशकों के साथ मिलकर हम छत्तीसगढ़ में विकास का नया अध्याय लिखेंगे।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य, संचालक उद्योग श्री प्रभात मालिक, सीआईआई के चेयरमेन श्री संजय जैन भी उपस्थित रहे।

 

 

“Asia Cup 2025 Final Scenario: एशिया कप में फिर भिड़ेंगे भारत-पाकिस्तान? फाइनल की रेस में 3 टीमें; समझें समीकरण”

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एशिया कप 2025 का फाइनल 28 सितंबर को खेला जाना है। इस टूर्नामेंट में कुल 8 टीमों ने हिस्सा लिया था, मगर अब खिताबी मुकाबले की रेस में तीन ही टीमें रह गई है।

मंगलवार, 23 सितंबर को पाकिस्तान से मिली हार के बाद श्रीलंका भी लगभग-लगभग टूर्नामेंट से बाहर हो गया है। अब रेस में भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश की टीमें रह गईं हैं जिन्होंने अभी तक सुपर-4 में 1-1 मैच जीता है। आज भारत और बांग्लादेश के बीच मैच खेला जाना है, इस मुकाबले को जीतने वाली टीम लगभग-लगभग फाइनल का टिकट कन्फर्म कर लेगी। आईए एक नजर एशिया कप 2025 फाइनल के समीकरण पर डालते हैं-भारत को आज मिल सकता है एशिया कप 2025 फाइनल का टिकट सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने पाकिस्तान को रौंदकर सुपर-4 का आगाज जीत के साथ किया। भारत ने पाकिस्तान को हराकर ना सिर्फ 2 अंक कमाए, बल्कि +0.689 का नेट रन रेट भी हासिल किया। भारत अगर आज सुपर-4 के अपने दूसरे मुकाबले में बांग्लादेश पर जीत दर्ज करता है तो उन्हें फाइनल का टिकट मिल सकता है।

पाकिस्तान का अगला मैच बांग्लादेश से सलमान आगा की अगुवाई वाली पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने सुपर-4 में दो मैच खेल लिए हैं। भारत के खिलाफ उन्हें हार का सामना करना पड़ा, वहीं श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने 5 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। पाकिस्तान को अगर फाइनल में पहुंचना है तो उन्हें अपने तीसरे मैच में बांग्लादेश को हर हाल में हराना होगा।

बांग्लादेश की हालत थोड़ी टाइट बांग्लादेश ने सुपर-4 का अपना पहला मैच श्रीलंका के खिलाफ जीता। आज उनका दूसरा मुकाबला भारत के खिलाफ है। अगर बांग्लादेशी टीम बड़ा उलटफेर कर भारत को हराने में कामयाब रहती है तो उनका फाइनल का टिकट लगभग-लगभग कन्फर्म हो जाएगा। हालांकि 16-1 का हेड टू हेड देखकर लगता नहीं बांग्लादेश ऐसा कर पाएगा। अगर भारत आज 17वीं बार टी20 में बांग्लादेश को हराता है तो पाकिस्तान से उनका नॉकआउट मैच होगा।

श्रीलंका की टीम फाइनल की दौड़ से बाहर पाकिस्तान से हारकर श्रीलंका की टीम फाइनल की दौड़ से बाहर हो गई है। इसका अधिकारिक ऐलान आज बांग्लादेश पर भारत की जीत के साथ हो सकता है। श्रीलंका ने अभी तक दो मैच -बांग्लादेश और पाकिस्तान- के खिलाफ खेले हैं और उन्हें दोनों ही मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। श्रीलंका अधिकतम 2 ही पॉइंट्स तक पहुंच सकता है, ऐसे में उनके फाइनल में पहुंचने के चांसेस बिल्कुल नहीं है।

“रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, सरकार ने कर दिया बोनस का ऐलान”

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रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने रेलवे कर्मचारियों के लिए बोनस का ऐलान कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दशहरा और दिवाली की छुट्टियों से पहले आज बुधवार को रेलवे कर्मचारियों के लिए 1,866 करोड़ रुपये के उत्पादकता-आधारित बोनस को मंजूरी दी।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह बोनस उनके 78 दिनों के वेतन के बराबर है। बता दें कि केंद्र सरकार ने देश भर के 11 लाख से अधिक रेलवे कर्मचारियों को फायदा होने की उम्मीद है। इससे पहले पिछले साल 3 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 11.72 लाख से अधिक रेल कर्मचारियों के लिए उत्पादकता से जुड़े बोनस के भुगतान को मंजूरी दी थी।

रेलवे यूनियनों की मांग बता दें कि रेलवे कर्मचारियों के संघों ने भी इस महीने सरकार से उत्पादकता बोनस बढ़ाने और आठवीं वेतन आयोग की स्थापना के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी करने की मांग की है। भारतीय रेलवे कर्मचारी महासंघ (IREF) ने कहा कि अभी तक बोनस छठे वेतन आयोग के न्यूनतम वेतन ₹7,000 के आधार पर दिया जा रहा है, जबकि सातवें वेतन आयोग के अनुसार कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन ₹18,000 है। IREF के राष्ट्रीय महासचिव सर्वजीत सिंह ने इसे “अत्यंत अन्यायपूर्ण” बताया। इसी तरह, अखिल भारतीय रेलवे कर्मचारी संघ (AIRF) ने भी बोनस की गणना में मासिक सीमा ₹7,000 को हटाकर वर्तमान वेतन संरचना के अनुसार बढ़ाने की मांग दोहराई है।

“इन राज्यों में 50% से ज्यादा आरक्षण लागु, क्या यह संवैधानिक है, MP भी बढ़ने जा रहा OBC रिजर्वेशन”

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भारत में आरक्षण की अधिकतम सीमा को लेकर लगातार बहस चलती रहती है। मौजूदा दौर में मध्यप्रदेश में OBC आरक्षण को 27% किए जाने का मामला चल रहा है। इस मामले में आज से सुप्रीम कोर्ट में रोजना सुनवाई की जाएगी।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि संविधान के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में आरक्षण 50% से ज्यादा नहीं दिया जा सकता। इसके बावजूद कई राज्य 50% से ज्यादा आरक्षण दे रहे हैं। ऐसे में आज बात करेंगे कि ये राज्य आखिर क्यों 50% से ज्यादा आरक्षण दे रहे हैं। दरहअसल सुप्रीम कोर्ट ने इंदिरा साहनी बनाम भारत सरकार (1992) केस में साफ कहा था, कि सामान्य परिस्थितियों में आरक्षण 50% से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद कई राज्यों ने इस सीमा को पार कर दिया है और अपने सामाजिक ढांचे व राजनीतिक समीकरणों के आधार पर 50% से ऊपर का कोटा लागू कर रखा है।

इन राज्यों में 50% से ज्याद आरक्षण…

तमिलनाडु – 69%  1990-94 में कानून बना और इसे संविधान की नौंवीं अनुसूची (Ninth Schedule) में शामिल किया गया।

तेलंगाना – 67% शिक्षा और सरकारी नौकरियों में SC/ST/OBC/EWS को मिलाकर कुल आरक्षण।

बिहार – 75% हाल ही में राज्य ने आरक्षण को 65% तक बढ़ाया और EWS मिलाकर कुल लगभग 75% हो गया।

गुजरात – 58-60% EWS को शामिल करने के बाद कुल आरक्षण दर 50% से ऊपर चली गई।

केरल – लगभग 60% राज्य में SC/ST/OBC/EWS को मिलाकर कुल आरक्षण दर 60 %।

50% से ज्यादा आरक्षण देने पर क्या कहता है कानून..

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि 50% से ज्यादा आरक्षण असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर मान्य नहीं होगा। लेकिन कई राज्यों ने सामाजिक न्याय और जातिगत समीकरणों का हवाला देकर इसे बढ़ाया। खासतौर पर तमिलनाडु का 69% आरक्षण इसलिए बचा हुआ है क्योंकि इसे नौंवीं अनुसूची में डाल दिया गया, जिससे अदालत में इसकी वैधता चुनौती देना मुश्किल हो जाता है। भारतीय संविधान और सुप्रीम कोर्ट ने तय किया है कि सामान्य स्थिति में जाति-आधारित आरक्षण 50% से ज़्यादा नहीं हो सकता। लेकिन कुछ राज्यों ने इस सीमा को पार करते हुए 50% से अधिक आरक्षण की नीति लागू कर रखी है।

MP में OBC आरक्षण बढ़ने पर क्या होगा समीकरण? आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में मौजूदा दौर में आरक्षण कि स्थिति कुछ इस प्रकार है…

SC (अनुसूचित जाति) – 16% ST (अनुसूचित जनजाति) – 20% OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) – पहले 14%, जिसे बढ़ाकर 27% करने का प्रस्ताव है. क्या 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण देना संवैधानिक है? ऐसे में अगर 27% आरक्षण लागू होता है तो मध्यप्रदेश में कुल आरक्षण बढ़कर 63% पहुंच जाएगा। लेकिन संवैधानिक रूप से यह तभी टिक पाएगा जब सरकार विशेष परिस्थितियों का ठोस तर्क कोर्ट में साबित करे। वरना इसकी वैधता सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।

पटना में आज कांग्रेस CWC की बैठक, जानिए दिल्ली के बदले बिहार में मंथन क्यों?”

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बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार ने राजधानी पटना में आज यानी 24 सितंबर को होने वाली कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में ‘वोट चोरी’ और अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ सहित राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, महासचिव दीपा दास मुंशी और सैयद नासिर हुसैन, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार समेत कई शीर्ष नेता शामिल होंगे।

चुनाव के चलते पटना में CWC की बैठक नहीं- कांग्रेस बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी (बीपीसीसी) प्रमुख ने NDA के लगाए गए इस आरोप को खारिज कर दिया कि सीडब्ल्यूसी की बैठक आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पटना में आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘आजादी के बाद सीडब्ल्यूसी बैठकों का इतिहास देखें तो ये कई जगहों पर हुई हैं। हाल के वर्षों में गुजरात में भी सीडब्ल्यूसी बैठक हुई थी। कल की बैठक विस्तारित कार्यसमिति की होगी, जिसमें राज्य इकाई प्रमुखों और अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है।’

क्या होगा पटना वाली CWC की बैठक में राजेश कुमार ने कहा, ‘सीडब्ल्यूसी बैठकों में हम राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा कर प्रस्ताव पारित करते हैं। कल भी यही होगा। इसमें ‘वोट चोरी’ और भारत पर ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ जैसे विषयों पर चर्चा होगी।’

बीजेपी-जेडीयू-LJP (R) ने कस दिया तंज इस बीच, भाजपा के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन ने विपक्षी पार्टी पर तंज कसते हुए कहा, ‘पहले सीडब्ल्यूसी की बैठकें दिल्ली में होती थीं, जहां कांग्रेस चुनावों में शून्य पर सिमटती रही है। बिहार विधानसभा चुनाव में भी उसका यही हाल होगा।’ इससे पहले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव से पहले दबाव की राजनीति कर रही है। जद(यू) के विधान पार्षद नीरज कुमार ने आरोप लगाया स्वतंत्रता की दूसरी लड़ाई कह कर कांग्रेस स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि सीडब्ल्यूसी की पटना में होने वाली बैठक में भी जननायक कर्पूरी ठाकुर का कांग्रेस अपमान करेगी।

राजद ने किया कांग्रेस का बचाव हालांकि, राजद के वरिष्ठ नेता और बक्सर से लोकसभा सदस्य सुधाकर सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘पटना में सीडब्ल्यूसी की बैठक सकारात्मक संदेश देगी, जिसका लाभ केवल कांग्रेस को ही नहीं, बल्कि पूरे इंडिया गठबंधन को मिलेगा।’