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“‘भारत हमारे साथ है’, ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध को फंड करने का लगाया आरोप तो जेलेंस्की ने बंद कर दी बोलती, बोले- नई दिल्ली से दोस्ती…”

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यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस विचार को खारिज कर दिया कि भारत रूसी तेल खरीदकर यूक्रेन में युद्ध में योगदान दे रहा है और सुझाव दिया कि अमेरिका और यूरोपीय संघ ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित ऐसे समाधान पेश कर सकते हैं जो भारत के लिए कारगर हों।

यूक्रेनी राष्ट्रपति, जो अपने देश में एक ऐसे युद्ध से गुजर रहे हैं जो 2026 में अपने चौथे चरण में प्रवेश करने वाला है, ने एक इंटरव्यू में भारतीयों से दूरी बनाने के खिलाफ चेतावनी दी है।

उन्होंने कहा है कि भारत हमारे पक्ष में है। अमेरिका और यूरोपीय संघ को भारत के साथ बेहतर संबंध स्थापित करने होंगे। भारत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

क्या बोले जेलेंस्की? जब जेलेंस्की से पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि भारत और चीन “युद्ध में योगदान दे रहे हैं”। इसपर उन्होंने कहा, “नहीं, भारत ज्यादातर हमारे पक्ष में है। ऊर्जा के मामले में हमारी समस्याएं जरूर हैं, लेकिन उन्हें सुलझाया जा सकता है।”

अमेरिका ने भारत पर यूक्रेन में युद्ध के लिए धन मुहैया कराने का आरोप लगाया है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी कच्चा तेल खरीदने पर टैरिफ पेनल्टी लगाई है। भारत ने जवाब में कहा है कि वह ऐसे कदम उठाएगा जो उसके राष्ट्रीय हितों और उसके लोगों के हित में हों।

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यह स्वीकार किया कि रूस के खिलाफ रुख अपनाना अब चीन के हित में नहीं है और कहा कि ईरान कभी भी यूक्रेन के पक्ष में नहीं होगा, क्योंकि वह अमेरिका के खिलाफ है।

नई दिल्ली के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने की सलाह जेलेंस्की ने कहा, “ईरान कभी भी हमारे पक्ष में नहीं होगा क्योंकि वह अमेरिका के पक्ष में नहीं होगा। चीन के साथ, यह और भी मुश्किल है क्योंकि आज रूस का समर्थन न करना उनके हित में नहीं है।”

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ऊर्जा के मामले में इस मुद्दे को “संभाल” सकते हैं और यूरोपीय संघ को नई दिल्ली के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने की सलाह दी। उन्होंने “भारतीयों से दूरी” बनाने के खिलाफ चेतावनी दी।

जेलेंस्की ने कहा, “मुझे लगता है कि भारत ज्यादातर हमारे साथ है। हां, ऊर्जा को लेकर हमारे सामने कुछ सवाल हैं, लेकिन मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ट्रंप इसे संभाल सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “यूरोपीय लोग भारत के साथ और भी घनिष्ठ और मजबूत संबंध बनाएं, और मुझे लगता है कि हमें भारतीयों से दूर न होने के लिए हर संभव प्रयास करना होगा।”

”UN में शहबाज-मुनीर के ‘दोस्त’ ने फिर दिखाई कश्मीर पर बौखलाहट, भारत-पाक सीजफायर पर क्या बोला?”

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‘बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना’ यह कहावत तुर्की पर सटीक बैठती है। तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया।

उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के आधार पर बातचीत की वकालत की। उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया यद्ध का भी अपने भाषण में जिक्र किया।

तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने कहा कि तुर्की भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम से खुश है, साथ ही उन्होंने कश्मीर मुद्दे के समाधान का भी आह्वान किया। साथ ही एर्दोगन ने इजरायल की सैन्य कार्रवाई की तीखी आलोचना की। उन्होंने दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता को सबसे जरूरी बताया।

हम भारत-पाकिस्तान युद्धविराम से खुश हैं-एर्दोगन एर्दोगन ने अपने संबोधन में कहा, “हम अप्रैल 2024 में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बाद हुए युद्धविराम से खुश हैं, जो हिंसक टकराव में बदल गया था। हम चाहते हैं कि कि कश्मीर के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के आधार पर, कश्मीर में हमारे बहनों और भाइयों के सर्वोत्तम हित में, बातचीत के माध्यम से हल किया जाना चाहिए और ये बातचीत के जरिए हो।”

पहले भी तुर्की कर चुका है दखलअंदाजी बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब एर्दोगन ने कश्मीर मुद्दे पर टिप्पणी की हो। इससे पहले भी वह कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठा चुके हैं। इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान दौरे पर भी उन्होंने कहा था कि कश्मीर मुद्दे का हल संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि तुर्की कश्मीरी लोगों के साथ खड़ा है।

भारत का तुर्की को करारा जवाब एर्दोगन की टिप्पणियों पर हर बार भारत की ओर से करारा जवाब भी मिलता रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा एर्दोगन की टिप्पणी पर कहा था, “जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। किसी अन्य देश को इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। तुर्की को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने के बजाय पाकिस्तान की सीमा-पार आतंकवाद की नीति की निंदा करनी चाहिए, जो कश्मीरी लोगों के लिए सबसे बड़ा खतरा है। भारत किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा।

आतंक पर भारत का सख्त रुख बता दें कि पिछले साल अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इसके जवाब में भारत ने 7 मई 2024 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को सटीक निशाना बनाकर हवाई हमले किए गए थे। पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रही। फिर पाकिस्तान बार-बार भारत से युद्ध को रोकने की गुहार लगाने लगा। इसके बाद 10 मई को दोनों देशों के बीच बातचीत के बाद युद्धविराम हुआ।

”छत्तीसगढ़ में मानसून की वापसी से पहले फिर बरसात के आसार, रायपुर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश”

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पूर्व-मध्य व उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय हुआ है। इसके असर से 24 सितंबर से मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में तेज बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियाँ बढ़ सकती हैं। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है।

मानसून विदाई की ओर है, लेकिन जाते-जाते एक बार फिर बारिश का तोहफा दे सकता है। आज बुधवार की सुबह से ही राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने बुधवार से जिले में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई है। वहीं, मंगलवार को दोपहर बाद कुछ इलाकों में बौछारें पड़ीं। पिछले कुछ दिनों से मौसम सुहावना होने से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है।

मौसम विभाग ने बताया कि पूर्व-मध्य व उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय हुआ है। इसके असर से 24 सितंबर से मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में तेज बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियाँ बढ़ सकती हैं। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर तक फैले चक्रवाती परिसंचरण से जुड़ा हुआ है। इसका असर ओडिशा से लेकर तेलंगाना तक दिखाई दे रहा है, जहाँ द्रोणिकाएं सक्रिय हो गई हैं। इसके अलावा, 25 सितंबर को एक और नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है, जिससे प्रदेश का मौसम और प्रभावित होगा।

24 सितंबर को छत्तीसगढ़ के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। वहीं, अगले दो दिनों तक भी प्रदेश में कई स्थानों पर मध्यम और कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।

 

CG: नवरात्रि पर्व के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के प्रमुख बाजारों का भ्रमण कर व्यापारियों और उपभोक्ताओं से आत्मीय संवाद किया…

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नवरात्रि पर्व के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के एम.जी. रोड एवं आसपास के प्रमुख बाजारों का भ्रमण कर व्यापारियों और उपभोक्ताओं से आत्मीय संवाद किया।

यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने कर प्रणाली को नई सरलता और पारदर्शिता प्रदान की है। मुख्यमंत्री के आगमन से पूरे बाजार का वातावरण उल्लास और उत्साह से भर गया। जगह-जगह व्यापारियों और नागरिकों ने उनका स्वागत किया और “मोदी जी को धन्यवाद” के नारे गूंजते रहे। मुख्यमंत्री ने दुकानदारों से प्रत्यक्ष संवाद करते हुए जाना कि नई कर व्यवस्था से व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को कितना बड़ा लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शाम को राजधानी रायपुर स्थित जयस्तंभ चौक से महात्मा गांधी मार्ग होते हुए गुरुनानक चौक तक पैदल बाजार भ्रमण किया और जीएसटी बचत उत्सव का जायजा लेने विभिन्न प्रतिष्ठानों में पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने दुकानों में बचत उत्सव के स्टीकर भी लगाए और स्थानीय दुकानदारों एवं ग्राहकों से आत्मीय चर्चा की। बाजार भ्रमण के दौरान व्यापारियों में खासा उत्साह देखने को मिला। विभिन्न व्यापारी संगठनों एवं संचालकों ने मुख्यमंत्री साय का गर्मजोशी से स्वागत किया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जीएसटी सुधार से देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा हाल में किए गए व्यापक जीएसटी सुधारों से टैक्स में कमी आई है और ग्राहकों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने शारदा चौक स्थित शंकर हनुमान मंदिर में दर्शन कर बाजार भ्रमण की शुरुआत की।

मुख्यमंत्री से बातचीत में लीला श्रीराम इलेक्ट्रॉनिक्स में खरीददारी करने आई समता कॉलोनी निवासी ऋचा ठाकुर ने कहा कि जीएसटी में कटौती से उनकी बड़ी चिंता दूर हुई है। उन्होंने बताया कि उन्हें अपने हॉस्टल के लिए 5 एसी खरीदने थे। पहले 35,000 रुपये प्रति एसी की कीमत वाले उत्पाद अब कटौती और डिस्काउंट के बाद 30,000 रुपये में मिले, जिससे एक बार में ही 25,000 रुपये की बचत हुई। ऋचा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस निर्णय के लिए धन्यवाद दिया।

इसी प्रकार एम.एस. ट्रेडर्स के प्रोप्राइटर मोहन नेभानी ने बताया कि बचत उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री स्वयं उनकी दुकान पर आए और ग्राहकों के लाभ की जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि जीएसटी में कटौती से ग्राहकों की खरीददारी बढ़ी है और हर सामान पर 1,000 से 2,000 रुपये तक की बचत हो रही है। मुख्यमंत्री साय ने महात्मा गांधी मार्ग स्थित विभिन्न दुकानों में भ्रमण कर दुकानदारों और ग्राहकों से आत्मीय बातचीत की। बाजार में पैदल भ्रमण के दौरान आमजन ने मुख्यमंत्री पर पुष्पवर्षा कर स्वागत और अभिनंदन किया।

जयस्तंभ चौक पर मुख्यमंत्री का स्वागत चैम्बर ऑफ कॉमर्स और पार्टी पदाधिकारियों ने किया। इसके बाद वे शारदा चौक पहुंचे और वहाँ देवी प्रतिमा के दर्शन कर भक्तों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं। इसके पश्चात मुख्यमंत्री पूनम होटल से लेकर मंजू ममता होटल तक पैदल भ्रमण करते हुए आगे बढ़े। सड़क किनारे खड़े छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक, सभी ने मुख्यमंत्री से संवाद करने की उत्सुकता दिखाई। मुख्यमंत्री ने भी आत्मीयता के साथ सभी की बातें सुनीं और जीएसटी 2.0 के लाभों पर उनकी प्रतिक्रियाएँ जानीं।

मुख्यमंत्री साय ने टिनी टीज़र और किड्स ऑन व्हील साइकिल स्टोर जैसे प्रतिष्ठानों पर जाकर बच्चों से जुड़ी वस्तुओं और घरेलू सामग्री पर घटे कर दरों की जानकारी ली। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में जाकर उन्होंने जाना कि उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में कितनी सस्ती दरों पर सामान मिल रहा है। दुकानदारों ने बताया कि नए प्रावधानों से व्यापार करना आसान हुआ है और ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ा है।

मुख्यमंत्री साय ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि नवरात्रि पर्व और जीएसटी दरों में ऐतिहासिक कटौती का यह संयोग व्यापार और उपभोक्ताओं दोनों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में कर प्रणाली और अधिक पारदर्शी एवं सरल बनी है। इससे न केवल व्यापारियों को सुविधा होगी बल्कि आम उपभोक्ताओं की जेब में भी प्रत्यक्ष बचत होगी।

मुख्यमंत्री ने विस्तार से कहा कि अब केवल दो स्लैब रह गए हैं। आवश्यक वस्तुएँ जैसे साबुन, टूथपेस्ट, साइकिल और रसोई सामग्री अब मात्र 5 प्रतिशत कर पर उपलब्ध होंगी, जिससे हर परिवार को सालाना 3,000 से 5,000 रुपये की बचत होगी। इसी प्रकार ब्रेड, दूध, पैक्ड नमकीन और चना जैसी खाद्य वस्तुएँ पूरी तरह करमुक्त हो गई हैं, जिससे सालाना ढाई से साढ़े तीन हजार रुपये तक की बचत होगी। स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर भी कर हटने से लोगों को 25,000 रुपये की पॉलिसी पर लगभग 4,500 रुपये और वरिष्ठ नागरिक बीमा पर 8 से 10 हजार रुपये सालाना की बचत होगी।

मुख्यमंत्री साय ने अंत में कहा कि जीएसटी 2.0 से व्यापार जगत को भी बड़ा लाभ होगा। यह सुधार उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार सभी क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों और व्यापारियों से आग्रह किया कि वे स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा दें और उपभोक्ताओं से भी आह्वान किया कि वे गर्व से कहें – “मैं स्वदेशी खरीदता हूँ और स्वदेशी बेचता हूँ।” उन्होंने इसे भारत के आर्थिक भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला मंत्र बताया।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, मोती लाल साहू, नान के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, अमित चिमनानी, रमेश ठाकुर, नंदन जैन सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न व्यापारी संगठन एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 

सिर्फ 21 दिन में मक्खन की तरह पिघल जाएगी पेट की जिद्दी चर्बी ! अपनाएं ये 7 ट्रिक्स, जल्द शरीर पर दिखेगा असर

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पेट की चर्बी (Belly Fat) की समस्या तेजी से बढ़ रही है. अधिकतर लोगों का पेट निकला हुआ नजर आता है. पेट पर चर्बी जमा हो जाए, तो यह कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकती है. पेट की ज्यादा चर्बी से दिल की बीमारी, टाइप 2 डायबिटीज और फैटी लिवर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. बेली फैट कम करने के लिए जिम जाना मददगार हो सकता है, लेकिन कई रिसर्च से पता चला है कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें पेट की चर्बी कम करने में ज्यादा असरदार होती हैं. सही खानपान, दिनचर्या और सोच में बदलाव से आप सिर्फ 21 दिनों में पेट की चर्बी घटा सकते हैं. सुनकर हैरान हो रहे होंगे, लेकिन यह बात बिल्कुल सही है. चलिए ऐसी ही आदतों के बारे में जान लेते हैं.
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे पहले सुबह उठकर गर्म पानी के साथ सॉल्युबल फाइबर लेना बहुत फायदेमंद होता है. आप इसमें चिया सीड्स, इसबगोल या भीगे हुए अलसी के बीज डाल सकते हैं. ये फाइबर पेट में फूलते हैं, जिससे भूख कम लगती है और पाचन ठीक रहता है. इससे आपको दिनभर ज्यादा खाने की इच्छा नहीं होगी और पेट भी ठीक रहेगा. ये एक आसान तरीका है, जिससे आप अपने मेटाबॉलिज्म को बेहतर बना सकते हैं. देर रात स्नैक्स करने की जगह जल्दी और हल्का डिनर करना जरूरी है. अगर आप सोने से कम से कम तीन घंटे पहले खाना खा लें, तो आपका शरीर उस ऊर्जा को फैट में बदलने के बजाय खर्च कर पाता है. डिनर में प्रोटीन और सब्जियां शामिल करें, जिससे पेट की चर्बी कम होने में मदद मिलेगी. देर रात खाने से शरीर की फैट बर्निंग प्रक्रिया धीमी हो जाती है, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

दिन भर में छोटी-छोटी हरकतें करना भी पेट की चर्बी घटाने में मदद करती हैं. जिम जाने की बजाय सीढ़ियां चढ़ना, फोन पर बात करते हुए तेज चलना या टीवी देखते हुए स्ट्रेचिंग करना जैसे काम भी कैलोरी जलाते हैं. इसे NEAT कहते हैं यानी नॉन-एक्सरसाइज एक्टिविटी थर्मोजेनेसिस. ये छोटी-छोटी गतिविधियां मिलकर पेट की चर्बी कम करने में बड़ा रोल निभाती हैं. अपने खाने में ऐसी मसाले शामिल करें, जो फैट कम करने में मदद करें. भारतीय रसोई में जीरा, हल्दी और दालचीनी जैसे मसाले होते हैं, जिनमें थर्मोजेनिक गुण होते हैं. सुबह जीरे का पानी पीना, खाने में हल्दी डालना या चाय में दालचीनी मिलाना आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और इंसुलिन की संवेदनशीलता को बेहतर करता है. इससे पेट की चर्बी कम हो सकती है.

पेट की चर्बी कम करने के लिए रोज अच्छी नींद लेना भी बहुत जरूरी है, क्योंकि खराब नींद से शरीर में कॉर्टिसोल नामक तनाव हार्मोन बढ़ जाता है, जो पेट की चर्बी बढ़ाने में मदद करता है. रोज रात को 10:30 बजे तक सोना और सुबह 6:30 बजे उठना आपके हार्मोन को संतुलित रखता है. साथ ही तनाव कम करने के लिए दिन में बीच-बीच में गहरी सांस लें, 10 मिनट मेडिटेशन करें या अपनी पसंदीदा संगीत सुनें. इससे आपका तनाव कम होगा और पेट की चर्बी भी घटेगी. इस तरह की छोटी आदतें मिलकर आपके पेट को स्लिम बनाने में मदद करेंगी.

बिहार चुनाव में छत्तीसगढ़ कांग्रेस की एंट्री, भूपेश बघेल और दीपक बैज करेंगे प्रचार

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बिहार विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के दो बड़े नेता, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पीसीसी चीफ दीपक बैज प्रचार करेंगे. वे मंगलवार को बिहार पहुंच कर अभियान शुरू कर रहे हैं. दोनों नेता अलग-अलग समय पर दिल्ली होकर पटना पहुंचेंगे. पार्टी हाईकमान ने उन्‍हें यह जिम्‍मेदारी दी है और अब कहा जा रहा है कि यह सियासी भरोसा आने वाले समय में दोनों नेताओं की परख करने में सबूत बनेगा. छत्‍तीसगढ़ में कांग्रेस सूत्रों का दावा है कि राहुल गांधी ने खास तौर पर प्रदेश अध्‍यक्ष को दिल्‍ली बुलाया था और यहीं से वे बिहार जा रहे हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री बघेल मंगलवार सुबह 8:30 बजे रायपुर से दिल्ली रवाना होंगे. इसके बाद वह बिहार पहुंचकर पार्टी की चुनावी रणनीति में शामिल होंगे. वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज दोपहर 3 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे और वहां से पटना जाएंगे. दोनों नेता पटना में रात्रि विश्राम करेंगे और अगले दिन से कांग्रेस की सभाओं और कार्यकर्ता बैठकों में हिस्सा लेंगे. सूत्रों का कहना है कि दोनों नेताओं के समर्थक भी बिहार पहुंच रहे हैं. पार्टी इस बार बिहार चुनाव में अपने शानदार प्रदर्शन को लेकर आशा जता रही है.

दीपक बैज पर हाईकमान ने फिर जताया भरोसा
कांग्रेस ने इस बार बिहार चुनाव में छत्तीसगढ़ के नेताओं पर विशेष भरोसा जताया है. भूपेश बघेल का चुनावी प्रबंधन और संगठनात्मक कौशल पहले भी पार्टी के लिए अहम रहा है. हाल ही में छत्तीसगढ़ की राजनीति से राष्ट्रीय स्तर पर उनका दखल लगातार बढ़ा है. वहीं दीपक बैज को भी प्रदेश कांग्रेस संगठन में जमीनी नेता के तौर पर देखा जाता है. हाईकमान ने उन्हें बिहार प्रचार की जिम्मेदारी सौंपकर उनके कद को भी और मजबूत किया है. उनके समर्थकों का दावा है कि जहां दीपक बैज प्रचार करेंगे, वहां कांग्रेस का प्रदर्शन और बेहतर होगा.

बिहार विधानसभा चुनाव की तारीख जल्द घोषित होगी
सियासी जानकार मानते हैं कि बिहार चुनाव में कांग्रेस की भूमिका सीमित सीटों तक रहेगी, लेकिन प्रचार में बाहरी राज्यों के नेताओं की मौजूदगी से संगठन को ऊर्जा मिलेगी. खासतौर पर भूपेश बघेल की सक्रियता को हाईकमान का उन पर भरोसा और राष्ट्रीय राजनीति में उनकी उपयोगिता का संकेत माना जा रहा है. बिहार विधानसभा चुनाव की तारीख जल्द घोषित होने वाली है. कांग्रेस का मकसद इस बार महागठबंधन के तहत अपनी स्थिति मजबूत करना है. ऐसे में छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेताओं की एंट्री को पार्टी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. यह आने वाले दिनों में साफ होगा कि बघेल और बैज का प्रचार बिहार की सियासी जंग में कितना असर डाल पाता है.

बॉर्डर पार से नहीं हो पाएगी साजिश, 37 बांग्लादेशियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, भेजे जाएंगे ढाका

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असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को घोषणा की कि राज्य ने 37 अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को श्रीभूमि सेक्टर से उनके मूल देश बांग्लादेश में वापस “पुश बैक” कर दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी घुसपैठियों के साथ इसी तरह का सख्त रवैया अपनाया जाएगा. सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में लिखा, “अलविदा घुसपैठिए, असम में आपका समय खत्म! 37 अनचाहे मेहमानों को श्रीभूमि सेक्टर से बांग्लादेश वापस भेज दिया गया है.” इस पोस्ट के साथ उन्होंने पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की धुंधली तस्वीरें साझा कीं. उन्होंने आगे कहा, “सभी को पहले ही बता रहा हूं—सभी अनचाहे मेहमानों के साथ ऐसा ही व्यवहार किया जाएगा.”
मुख्यमंत्री ने यह नहीं बताया कि यह ऑपरेशन कब किया गया, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार असम को घुसपैठ-मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. सरमा ने पहले भी कहा था कि हर हफ्ते कम से कम 35-40 लोगों को “पुश बैक” किया जा रहा है. यह त्वरित प्रक्रिया लंबी और समय लेने वाली कानूनी निर्वासन प्रक्रिया को दरकिनार करती है. इस नीति के तहत, अवैध रूप से सीमा पार करने वालों को तुरंत वापस उनके देश भेज दिया जाता है, जिससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी से बचा जा सके.

असम सरकार की यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के उस हालिया फैसले के बाद और तेज हो गई है, जिसमें 24 मार्च 1971 के बाद असम में प्रवेश करने वाले सभी बांग्लादेशी प्रवासियों को अवैध घोषित किया गया है. कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को ऐसे लोगों की पहचान करने, उनका पता लगाने और उन्हें तुरंत देश से बाहर निकालने का आदेश दिया है. सरमा ने इसे अपनी सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि असम को अवैध घुसपैठियों के लिए “प्रजनन स्थल” नहीं बनने दिया जाएगा.

इससे पहले भी सरमा ने भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही थी. उनकी सरकार ने हाल ही में एक भ्रष्ट अधिकारी को गिरफ्तार किया था, जो कथित तौर पर हिंदुओं की जमीन को दूसरे समुदाय को हस्तांतरित कर रही थी. सरमा ने सभी सरकारी कर्मचारियों से भ्रष्टाचार से दूर रहने की अपील की है. उनकी यह नीति न केवल अवैध घुसपैठ को रोकने बल्कि राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी है.

देश की पहली आठ लेन वाली सुरंग तैयार, 120 की स्‍पीड से दौड़ेगी कार, 60 मिनट में पूरा हो जाएगा 3 घंटे वाला सफर

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देश में एक्‍सप्रेसवे, हाईवे और रेलवे का लगातार विस्‍तार हो रहा है. हर बड़े शहर को जोड़ने के लिए हाई स्‍पीड सड़कें बनाई जा रही हैं और सफर को आसान बनाने के लिए सुरंगों का भी निर्माण हो रहा है. फिर वो चाहे रेलवे के लिए हो या फिर एक्‍सप्रेसवे या हाईवे के लिए. पिछले कुछ साल में दर्जनों टनल का निर्माण हो चुका है, लेकिन अब देश को पहली 8 लेन वाली सुरंग का तोहफा मिलने जा रहा है. इस सुरंग के अंदर भी 100 की स्‍पीड से कारें दौड़ाई जा सकेंगी. इस टनल के पूरा हो जाने से 3 घंटे वाला रास्‍ता महज 1 घंटे में तय किया जा सकेगा.
देश की पहली 8 लेन वाली यह सुरंग दिल्‍ली-मुंबई एक्‍सप्रेसवे पर बनाई जा रही है. इस एक्‍सप्रेसवे के कोटा-दिल्‍ली रूट पर यह सुरंग पड़ती है, जिसका निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है और माना जा रहा है कि नवंबर तक इसे शुरू कर दिया जाएगा. इस सुरंग को मुकुंदरा हिल्‍स में बनाया जा रहा है, जहां टाइगर रिजर्व है. एक्‍सप्रेसवे के इस पैकेज नंबर 10 की लंबाई करीब 26.5 किलोमीटर है, जिसमें 5 किलोमीटर लंबी टनल भी आती है. एक बार इसका निर्माण पूरा हो गया तो दिल्‍ली से कोटा के बीच आना जाना भी आसान हो जाएगा.

रास्‍ते में आ रही हाईटेंशन लाइन
इस पैकेज के निर्माण में बड़ी बाधा हाईटेंशन लाइन की आ रही है. यह सेक्‍शन जयपुर के सिमालिया और फागी के बीच पड़ता है. इसे हटाने के लिए कई दिनों का शटडाउन करना पड़ेगा. यही कारण है कि सरकार मौसम के थोड़ा अच्‍छा होने का इंतजार कर रही है. माना जा रहा है कि नवंबर तक इसका काम पूरा हो जाएगा. इसके बाद दिसंबर से दिल्‍ली और कोटा के बीच इस टनल के रास्‍ते वाहनों की आवाजाही भी शुरू कर दी जाएगी. दौसा सेक्‍शन के प्रोजेक्‍ट निदेशक भरत सिंह का कहना है कि भारी बारिश की वजह से काम को कुछ दिन के लिए रोकना पड़ा था.

अभी 60 किलोमीटर का पड़ता है घुमाव
टनल के अभाव में अभी मुकुंदरा हिल्‍स को पार करने के लिए वाहनों को सवाईमाधोपुर के रास्‍ते करीब 60 किलोमीटर तक हाईवे से घूमकर जाना पड़ता है. आगे जाकर यह हाईवे दौसा जिले के लालसोट के पास एक्‍सप्रेसवे से मिलता है. टनल तैयार होने के बाद एक्‍सप्रेसवे सीधे कोटा तक जाएगा और मुकुंदरा हिल्‍स को बीच से पार किया जा सकेगा. इस तरह, जिस सफर को पूरा करने में अभी 3 घंटे लग जाते हैं, वह महज 60 मिनट में तय हो जाएगा.

टनल पार करते ही पहुंचेंगे गुजरात
मुकुंदरा हिल्‍स की पहाडि़यों के नीचे 5 किलोमीटर लंबी यह सुरंग 22 मीटर चौड़ी होगी, जिसमें हर तरफ के वाहन के लिए 4 लेन बनाई जाएगी. इस टनल को पार करते ही वाहन गुजरात की सीमा में प्रवेश कर जाएंगे. टनल की खासियत यह है कि इसके निर्माण में टाइगर रिजर्व को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है. निर्माण पूरा होने के बाद भी ऊपर जंगली जानवरों के घूमने की जगह बनी रहेगी और नीचे वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की स्‍पीड से अपना सफर तय करेंगे. बावजूद इसके टाइगर रिजर्व तक वाहनों का शोर नहीं पहुंचेगा.

एसएंडपी का दावा- ट्रंप के टैरिफ का भारत की विकास दर पर कोई असर नहीं, रिजर्व बैंक और सस्‍ता करेगा कर्ज

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एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने चालू वित्तवर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा. एजेंसी ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका के टैरिफ का भारत की ग्रोथ पर असर नहीं पड़ेगा और यह अनुकूल मानसून और मजबूत घरेलू मांग की वजह से 6.4 फीसदी की विकास दर को बनाए रखने में कामयाब रहेगा. एसएंडपी ने साथ ही कहा कि उसे चालू वित्त वर्ष में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती की उम्मीद है, क्योंकि खुदरा महंगाई दर का अनुमान अभी 3.2 फीसदी के आसपास है, जो आरबीआई के तय दायरे के भीतर है.
अप्रैल-जून तिमाही में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही थी, जो अनुमान से कहीं ज्‍यादा था. एसएंडपी ने कहा कि हमारा अनुमान है कि चालू वित्तवर्ष (31 मार्च, 2026 को समाप्त होने वाला वर्ष) में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत पर स्थिर रहेगी. घरेलू मांग मजबूत बनी रहेगी जिसे मोटे तौर पर सामान्‍य मानसून, आयकर तथा माल एवं सेवा कर में कटौती और सरकारी निवेश में तेजी से मदद मिलेगी. खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर अपेक्षा से कहीं नीचे है, जिससे कुल महंगाई पर काबू पाने में भी मदद मिलेगी.

अक्‍टूबर में रेपो रेट घटने की ज्‍यादा उम्‍मीद
एसएंडपी ने कहा कि महंगाई काबू में रहने से मौद्रिक नीति में और समायोजन की गुंजाइश बनती है. हमारा अनुमान है कि भारतीय रिजर्व बैंक चालू वित्तवर्ष में ब्याज दर (रेपो रेट) में 0.25 प्रतिशत की कटौती करेगा. ज्‍यादा अनुमान है कि यह कटौती अक्‍टूबर की बैठक में की जाएगी, क्‍योंकि अभी कर्ज सस्‍ता किए जाने से त्‍योहारी सीजन में बिक्री बढ़ाई जा सकती है. रेटिंग एजेंसी ने कहा कि घरेलू मांग मजबूत होने से बाहरी कारक जैसे टैरिफ आदि का अर्थव्‍यवस्‍था पर ज्‍यादा प्रभाव नहीं दिखेगा.

चीन पर कम और भारत पर ज्‍यादा असर
विभिन्न एशियाई अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ने वाले टैरिफ के असर पर रेटिंग एजेंसी ने कहा कि यह अलग-अलग देशों पर प्रभाव छोड़ेगा. अमेरिकी शुल्क पर हमारी जून की धारणाओं के सापेक्ष अभी तक चीन का प्रदर्शन अन्य एशियाई अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में कुछ बेहतर रहा है. दक्षिण-पूर्व एशियाई उभरते बाजारों का प्रदर्शन कुछ खराब रहा है, जबकि भारत पर अनुमान से कहीं अधिक बुरा असर पड़ा है. बावजूद इसके भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था की विकास दर को रोक पाना मुमकिन नहीं दिखता.
महामारी के बाद से तेज विकास
कोविड महामारी में भारत की अर्थव्‍यवस्‍था थोड़ी सुस्‍त पड़ी थी, लेकिन उसके बाद वित्‍तवर्ष 2022-23 में यह 9.1 फीसदी की दर से आगे बढ़ी. पिछले वित्‍तवर्ष में भी विकास दर 7 फीसदी रही और चालू वित्‍तवर्ष की पहली तिमाही में यह 7.8 फीसदी के आसपास दिखी. फिच रेटिंग्‍स और मूडीज का भी मानना है कि इस साल भी भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्‍यवस्‍था बना रहेगा.

नवी मुंबई एयरपोर्ट से ऑपरेट करेगी AI Express? एयरलाइंस ने बताया अपना फ्यूचर प्‍लान….

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नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) से फ्लाइट ऑपरेशन को लेकर एयर इंडिया एक्‍सप्रेस ने अपनी तस्‍वीर साफ कर दी है. साथ ही, एयरलाइंस ने नवी मुंबई एयरपोर्ट से फ्लाइट ऑपरेशन को लेकर अपने फ्यूचर प्‍लान का ऐलान भी कर दिया है. एयरलाइंस ने नवी मुंबई एयरपोर्ट से पहले फेज में 20 डेली डिपार्चर्स और इतने ही एराइवल ऑपरेट करेगी. यानी एयर इंडिया एक्‍सप्रेस नवी मुंबई एयरपोर्ट से हर दिन करीब 40 एयर ट्रैफिक मूवमेंट्स (ATMs) ऑपरेट करेगी.
पहले फेज में एयर इंडिया एक्‍सप्रेस नवी मुंबई एयरपोर्ट को देश के 15 प्रमुख शहरों को कनेक्‍ट करेगी, जिनमें दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता के नाम शामिल हैं. एयर इंडिया एक्‍सप्रेस का प्लान सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है. मिड-2026 तक 20 डेली डिपार्चर्स ऑपरेशंस को बढ़ाकर 55 डेली डिपार्चर्स तक पहुंचाने का प्‍लान है. इन डिपार्चर्स में 5 इंटरनेशनल फ्लाइट्स भी शामिल होंगी. यानी, आप नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंटरनेशनल डेस्टिनेशन के लिए भी फ्लाइट पकड़ सकेंगे.
एयर इंडिया के नए फ्यूचर प्‍लान के अनुसार, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एयरलाइंस का फ्लाइट मूवमेंट यहीं पर थमने वाला नहीं है, बल्कि विंटर 2026 तक ग्रुप 60 डेली डिपार्चर्स का टारगेट हासिल करने की तैयारी चल रही है. इससे मुंबईकरो के लिए अब ना सिर्फ डोमेस्टिक ट्रैवल आसान होगा, बल्कि इंटरनेशनल ट्रांजिट भी सुपर स्मूद हो जाएगा.

पैसेंजर्स के लिए क्या है फायदा?
दावा है कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का स्ट्रैटेजिक लोकेशन मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर)
के ट्रैवलर्स के लिए गेम-चेंजर साबित होगा. नवी मुंबई, ठाणे, या आसपास के इलाकों में रहने वाले पैसेंजर्स को अब फ्लाइट के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) तक की लंबी जर्नी नहीं करनी पड़ेगी. नवी मुंबई एयरपोर्ट इनके घर के करीब होगा, जिससे ट्रैफिक और लंबी क्यूज में वक्त बर्बाद करने की टेंशन खत्म होगी. साथ ही, नवी मुंबई एयरपोर्ट का फोकस टेक्नोलॉजी और एफिशिएंसी पर है तो चेक-इन, सिक्योरिटी, और बोर्डिंग प्रोसेस भी फटाफट हो जाएंगे.

क्‍या बदलेगा एयर ट्रैवल एक्‍सपीरियंस?
एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन का कहना है कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ मुंबई अब उन ग्लोबल सिटीज की लिस्ट में है, जहां दो एयरपोर्ट्स हैं. एयर इंडिया इसे भारत और दुनिया के बाकी हिस्सों से कनेक्ट करने वाला हब बनाएंगी. वहीं, अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के सीईओ अरुण बंसल का कहना है कि वह नवी मुंबई एयरपोर्ट को ग्लोबल स्टैंडर्ड का एयरपोर्ट बनाना चाहते हैं. एयर इंडिया की पार्टनरशिप के साथ हम मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन की कनेक्टिविटी को नेक्स्ट लेवल पर ले जाएंगे.
NMIA की कैपेसिटी और फ्यूचर प्‍लान
पहले फेज में नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट हर साल 20 मिलियन पैसेंजर्स और 0.5 मिलियन मेट्रिक टन कार्गो हैंडल करेगा. लेकिन पूरा प्रोजेक्ट कंप्लीट होने पर ये 90 मिलियन पैसेंजर्स और 3.2 मिलियन मेट्रिक टन कार्गो तक की कैपेसिटी वाला मेगा हब बन जाएगा. यानी, भविष्य में नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ना सिर्फ पैसेंजर्स के लिए, बल्कि कार्गो और लॉजिस्टिक्स के लिए भी इंडिया का बड़ा गेटवे होगा. इसके अलावा, नवी मुंबई एयरपोर्ट और एयर इंडिया ग्रुप की यह पार्टनरशिप ट्रैवलर्स के लिए ढेर सारी सुविधाएं लेकर भी आएगी.