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“जयराम रमेश ने कहा- निकोबार परियोजना पर बुनियादी सवालों के जवाब देने में असमर्थ हैं पर्यावरण मंत्री”

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कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ग्रेट निकोबार बुनियादी ढांचा परियोजना का विरोध करने के लिए कांग्रेस की आलोचना करने पर पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव पर पलटवार करते हुए रविवार को कहा कि आसन्न ”पारिस्थितिक और मानवीय आपदा” की ओर राष्ट्र का ध्यान आकर्षित करना ”नकारात्मक राजनीति” नहीं है, बल्कि गंभीर चिंता की अभिव्यक्ति है।

रमेश ने कहा कि मंत्री उन बुनियादी सवालों का जवाब देने में असमर्थ हैं, जिन्हें कांग्रेस इस परियोजना के संबंध में बार-बार उठा रही है। रमेश ने ‘एक्स’ पर कहा ” केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कांग्रेस पर ग्रेट निकोबार मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना पर ‘नकारात्मक राजनीति’ करने का आरोप लगाया है। आसन्न पारिस्थितिक और मानवीय आपदा की ओर राष्ट्र का ध्यान आकर्षित करना ‘नकारात्मक राजनीति’ नहीं है। यह गंभीर चिंता की अभिव्यक्ति है।” उन्होंने कहा कि मंत्री उन बुनियादी सवालों का जवाब देने में असमर्थ हैं, जो कांग्रेस बार-बार इस परियोजना के संबंध में उठा रही है।

उन्होंने पूछा कि क्या ग्रेट निकोबार मेगा इंफ्रा परियोजना, जिसके लिए लाखों पेड़ों को हटाने की आवश्यकता है, राष्ट्रीय वन नीति 1988 का उल्लंघन करती है जबकि इस नीति में कहा गया है कि ‘उष्णकटिबंधीय वर्षा/नम वनों, विशेष रूप से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के क्षेत्रों को पूरी तरह से संरक्षित किया जाना चाहिए?” कांग्रेस नेता ने कहा, ”पुराने वनों के लिए प्रतिपूरक वनरोपण हमेशा एक खराब विकल्प होता है वहीं इस परियोजना में वनरोपण की जो योजना है वह हास्यास्पद है। सुदूर हरियाणा में, जहां पारिस्थितिकी तंत्र पूरी तरह से अलग है, वनरोपण को ग्रेट निकोबार के विशिष्ट पुराने वर्षावनों के नुकसान की वास्तविक भरपाई कैसे माना जा सकता है? हरियाणा सरकार ने इस भूमि को वनरोपण के लिए आरक्षित करने के बजाय, खनन के लिए पहले ही 25 प्रतिशत भूमि क्यों मुक्त कर दी है?” उन्होंने पूछा कि निकोबार परियोजना को मंज़ूरी देने से पहले राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग से परामर्श क्यों नहीं किया गया? जयराम रमेश ने कहा, ” इस परियोजना के बारे में ग्रेट निकोबार की जनजातीय परिषद की चिंताओं को क्यों नज़रअंदाज़ किया जा रहा है?

द्वीप समूह की शोम्पेन नीति, जो स्पष्ट रूप से सभी परियोजनाओं में समुदाय की अखंडता को प्राथमिकता देने का आह्वान करती है, की अवहेलना क्यों की जा रही है?” उन्होंने बताया कि इस द्वीप पर लैदरबैक कछुए, मेगापॉड, खारे पानी के मगरमच्छ और समृद्ध प्रवाल तंत्र सहित लुप्तप्राय प्रजातियां मौजूद हैं। कांग्रेस नेता ने प्रश्न किया क्या यह परियोजना इन प्रजातियों को विलुप्ति के कगार पर नहीं ले जाएगी? दरअसल यादव ने पिछले बृहस्पतिवार को ग्रेट निकोबार इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना का विरोध करने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा था और उस पर भ्रम फैलाने और “नकारात्मक राजनीति” में लिप्त होने का आरोप लगाया था। यहां ‘पब्लिक अफेयर्स फोरम ऑफ इंडिया’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में यादव ने जोर देकर कहा था कि यह विशाल परियोजना राष्ट्रीय सुरक्षा और हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक संपर्क के लिए महत्वपूर्ण है। यादव ने यह भी कहा था कि इस परियोजना के लिए ग्रेट निकोबार के केवल 1.78 प्रतिशत वन क्षेत्र का उपयोग किया जाएगा।

“बांग्लादेश में दुर्गा पूजा से पहले हिंदू मंदिरों पर बर्बर हमला! लूट के बाद तोड़ी 7 मूर्तियां, जमालपुर में धार्मिक तनाव बढ़ा”

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बांग्लादेश में दुर्गा पूजा से पहले अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हमले बढ़ते जा रहे हैं। जमालपुर जिले के सरिशाबारी उपजिला के तऱ्यापारा मंदिर में शनिवार रात एक शख्स ने लूट के बाद सात मूर्तियों को तोड़फोड़ दिया।

यह घटना दुर्गा पूजा से ठीक पहले दूसरी बार सामने आई है।पुलिस ने आरोपी हबीबुर रहमान (35) को गिरफ्तार किया है। सरिशाबारी पुलिस थाना के अधिकारी राशेदुल हसन ने बताया कि पुलिस को सूचना मिलने पर तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया।

मंदिर समिति के अध्यक्ष गोएश चंद्र बरमन ने कहा कि रविवार सुबह महालया के दिन मूर्तियों को टूटे हुए देखकर पुलिस को सूचना दी गई और CCTV फुटेज से आरोपी की पहचान की गई।मंदिर और पुलिस के अनुसार, मूर्तियाँ शनिवार रात कलाकारों द्वारा तैयार की गई थीं और उसी रात आरोपी ने मंदिर में घुसकर मूर्तियों के सिर और अन्य हिस्से तोड़ दिए।यह घटना चिंता का विषय है क्योंकि अगस्त 2024 में मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद से हिंदू मंदिरों और अल्पसंख्यकों पर हमलों में वृद्धि देखी गई है।

इस सप्ताह की शुरुआत में कुस्टिया जिले के मिर्पुर उपजिला के श्वरुपदाह पलपारा श्री श्री राधा काली मंदिर में भी मूर्तियों को तोड़ा गया और सुरक्षा कैमरा व मेमोरी कार्ड चोरी हो गए थे। मंदिर समिति के पूर्व सचिव बदाल कुमार डे ने कहा, “पिछले तीन साल से हम दुर्गा पूजा की तैयारी कर रहे हैं। यह घटना हमें डर में डाल गई है।”इससे पहले, बांग्लादेश की अवामी लीग ने अंतरिम सरकार के गृह सलाहकार जहंगीर आलम चौधरी की हिंदू धर्म के खिलाफ विवादित टिप्पणी की निंदा की थी। शेख हसीना की सरकार के सत्ता से हटाए जाने के बाद बांग्लादेश में हिंसा और कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई है।

“नरेंद्र मोदी के बाद इस शख्स को देश का अगला PM बनाना चाहती हैं जनता, सर्वे में आया चौंकाने वाला नाम”

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नरेंद्र मोदी के बाद इस शख्स को देश का अगला PM बनाना चाहती हैं जनता, सर्वे में आया चौंकाने वाला नाम…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया के लोकप्रिय नेताओं में शामिल हैं। लगातार तीसरी बार पीएम बनने वाले मोदी की छवि बेबाक, निडर है। लेकिन सवाल यह उठता है कि..

मोदी के बाद देश का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा?

भाजपा में ऐसा कौन है, जो पीएम मोदी की जगह ले सकता है? साल 2029 के लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री की कुर्सी पर कौन विराजमान होगा? हाल ही में UPUK द्वारा किए गए सर्वे ने जनता से सीधे यह सवाल पूछा और इसके नतीजे चौंकाने वाले सामने आए।

इस सवाल के जवाब के लिए UPUK ने जनता से सर्वे किया और तीन विकल्प दिए:

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गृहमंत्री अमित शाह केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पहले नंबर पर आए सीएम योगी सर्वे में सबसे ज्यादा लोग सीएम योगी आदित्यनाथ को मोदी के बाद पीएम के लिए उपयुक्त मानते हैं। 84 प्रतिशत लोगों ने उन्हें सबसे बेस्ट विकल्प बताया। सख्त प्रशासनिक शैली और हिंदुत्व के प्रतीक के रूप में प्रसिद्ध योगी को जनता मोदी का उत्तराधिकारी मान रही है।

अमित शाह को मिला दूसरा स्थान गृहमंत्री अमित शाह को 12 प्रतिशत लोगों ने मोदी के बाद पीएम के लिए सबसे बेस्ट माना। प्रधानमंत्री मोदी के दाहिने हाथ माने जाने वाले शाह की पार्टी पर मजबूत पकड़ और कार्यशैली जनता को भरोसा दिलाती है।

नितिन गडकरी तीसरे स्थान पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को केवल 4 प्रतिशत लोगों ने मोदी के बाद पीएम पद के लिए उपयुक्त माना। उनकी स्वच्छ छवि और प्रभावशाली कार्यप्रणाली उन्हें अलग पहचान देती है, लेकिन इस सूची में वे शीर्ष दो नामों से पीछे हैं।

जनता का भरोसा अभी भी मोदी पर दिलचस्प बात यह है कि सर्वे में 52 प्रतिशत लोगों को लगता है कि पीएम मोदी को ही फिर से पीएम बनना चाहिए।

“Earthquake: इस देश में महसूस किए गए भूकंप के तेज झटके,  7.7 की तीव्रता से डरे लोग”

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इस देश में महसूस किए गए भूकंप के तेज झटके,  7.7 की तीव्रता से डरे लोग

भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में शुक्रवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप के कारण बांग्लादेश की राजधानी ढाका और चटगांव समेत कई हिस्सों में धरती हिल गई।

हालांकि, अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।

कहां था भूकंप का केंद्र? बांग्लादेश मौसम विभाग के मुताबिक, भूकंप दोपहर 12:25 बजे आया। इसका केंद्र म्यांमार के मांडले में बांग्लादेश की सीमा के पास था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र म्यांमार के सागाइंग से 16 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पश्चिम में, 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।

मौसम विभाग के अधिकारी मोहम्मद रुबायत कबीर ने बताया कि 7.7 की तीव्रता वाले इस भूकंप को एक बड़ी भूकंपीय घटना माना गया है। ढाका से भूकंप के केंद्र की दूरी लगभग 597 किलोमीटर बताई गई है।

भारत में भी महसूस हुए झटके? भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र, खासकर मेघालय और आसपास के इलाके, भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। यहां छोटे-मोटे झटके आना सामान्य है। हालांकि, इस भूकंप के बाद अधिकारियों ने बताया है कि स्थिति नियंत्रण में है और आगे के झटकों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने नागरिकों को सुरक्षित रहने के लिए भी अलर्ट जारी किया है।

“30 सितंबर तक SIR लागू करने के लिए तैयार रहें राज्य अधिकारी, निर्वाचन आयोग का सख्त निर्देश”

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निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के निर्वाचन अधिकारियों को 30 सितंबर तक विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए तैयार रहने को कहा है। आयोग का यह निर्देश इस बात का संकेत है कि अक्टूबर-नवंबर की शुरुआत में मतदाता सूची को दुरुस्त करने का काम शुरू हो सकता है।

अधिकारियों के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के एक सम्मेलन में आयोग के शीर्ष अधिकारियों ने उन्हें अगले 10 से 15 दिनों में विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए तैयार रहने को कहा था। हालांकि अधिक स्पष्टता के लिए 30 सितंबर की समय सीमा तय की गई थी। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे पिछली एसआईआर के बाद प्रकाशित अपने राज्यों की मतदाता सूची तैयार रखें। कई राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने अपनी पिछली एसआईआर के बाद प्रकाशित मतदाता सूचियां पहले ही अपनी वेबसाइटों पर डाल दी हैं।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर 2008 की मतदाता सूची उपलब्ध है, जब राष्ट्रीय राजधानी में अंतिम गहन पुनरीक्षण हुआ था। उत्तराखंड में अंतिम एसआईआर 2006 में हुआ था और उस वर्ष की मतदाता सूची अब राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध है। राज्यों में अंतिम एसआईआर ही ‘कट-ऑफ’ तिथि होगी, ठीक उसी तरह जैसे बिहार की 2003 की मतदाता सूची का उपयोग आयोग गहन पुनरीक्षण के लिए कर रहा है। अधिकांश राज्यों में अंतिम एसआईआर 2002 से 2004 के बीच हुआ था और उन्होंने वर्तमान मतदाताओं का मिलान पिछले गहन पुनरीक्षण के अनुसार लगभग पूरा कर लिया है।

आयोग ने कहा कि बिहार के बाद पूरे देश में एसआईआर लागू किया जाएगा। असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 में होने हैं। इस गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विदेशी अवैध प्रवासियों के जन्म स्थान की जांच कर उन्हें बाहर निकालना है। विभिन्न राज्यों में बांग्लादेश और म्यांमा सहित अवैध विदेशी प्रवासियों पर कार्रवाई के मद्देनजर यह कदम महत्वपूर्ण है।

“Gold Rate: नवरात्रि से पहले सोने की कीमतों में आई थोड़ी गिरावट, चांदी की कीमतें बढ़ीं”

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भारतीय शेयर बाजार में तेज़ी देखने को मिली है, वहीं सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। सेंसेक्स ने एक सप्ताह में 721.53 अंक की बढ़त हासिल की, लेकिन नवरात्रि से पहले 24 कैरेट सोने के दाम 230 रुपये प्रति 10 ग्राम कम हो गए।

 इसके विपरीत, चांदी की कीमतों में मजबूती देखी गई है। जानिए सोने-चांदी के भाव में इस सप्ताह क्यों रहा उतार-चढ़ाव।

सोने की कीमतों में सुधार भारतीय शेयर बाजार में पिछले सप्ताह तेजी देखने को मिली, जबकि सोने की कीमतों में दबाव रहा। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 721.53 अंक यानी 0.88% बढ़कर बंद हुआ। वहीं, नवरात्रि से पहले 24 कैरेट सोने के दाम प्रति 10 ग्राम 230 रुपये घट गए। इसके विपरीत, 1 किलोग्राम चांदी के दाम बढ़े हैं। बुलियन मार्केट में 15 सितंबर को 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 1,10,650 रुपये थी, जो 18 सितंबर तक गिरकर 1,09,530 रुपये पर आ गई। हालांकि, सप्ताह के अंत तक सोने की कीमतों में सुधार हुआ और 20 सितंबर को यह 1,10,420 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई।

bullions.co.in के आंकड़ों के अनुसार, सप्ताह की शुरुआत में सोने की कीमतें स्थिर रहीं। 16 सितंबर को कीमत में हल्की गिरावट आई और 24 कैरेट गोल्ड 1,10,620 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा। इसके बाद दो दिन लगातार गिरावट आई, 17 और 18 सितंबर को सोने के दाम क्रमशः 1,10,330 और 1,09,530 रुपये तक पहुंच गए। सप्ताह के अंत में कीमतों में थोड़ा सुधार देखा गया।

चांदी की कीमतों में तेजी

चांदी की कीमतों में भी इस सप्ताह उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 15 सितंबर को 1 किलोग्राम चांदी 1,29,350 रुपये पर थी, जो 17 सितंबर तक गिरकर 1,26,770 रुपये हो गई। फिर 19 और 20 सितंबर को चांदी की कीमतों में तेजी आई और यह 1,30,040 से 1,30,050 रुपये के बीच पहुंच गई। चांदी की मांग इंडस्ट्री में बढ़ने से इसका प्रदर्शन सोने से बेहतर रहा।

MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) में भी सोने की कीमतों में इसी तरह का उतार-चढ़ाव देखा गया। 15 सितंबर को 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड 1,10,179 रुपये था, जो 18 सितंबर तक गिरकर 1,09,052 रुपये हो गया। इसके बाद 19 सितंबर को कीमत बढ़कर 1,09,847 रुपये तक पहुंच गई। MCX में सोने की कीमतों पर वैश्विक कारक, घरेलू मांग, आयात शुल्क और रुपये की विनिमय दर का प्रभाव पड़ता है। फेस्टिव सीजन से पहले सोने की मांग बढ़ने की उम्मीद के चलते कीमतों को समर्थन मिला है।

“”कल से देश में GST रिफोर्म उत्सव शुरू होगा”, देश को संबोधन करते हुए बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी”

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“”कल से देश में GST रिफोर्म उत्सव शुरू होगा”, देश को संबोधन करते हुए बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी”

: ‘कल से देश में GST रिफोर्म उत्सव शुरू होगा’, देश को संबोधन करते हुए बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

“‘कल से देश में GST रिफोर्म उत्सव शुरू होगा’, देश को संबोधन करते हुए बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए नवरात्रि के शुभारंभ की घोषणा की और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि 22 सितंबर से नवरात्रि का पहला दिन होगा और इसी दिन नया नेक्स्ट जेनेरेशन जीएसटी लागू किया जाएगा।

 प्रधानमंत्री ने इस मौके को खास बताते हुए कहा कि यह सिर्फ त्योहार का समय नहीं है, बल्कि आर्थिक विकास और कर प्रणाली सुधार का भी महत्वपूर्ण चरण है।

कल से देश में GST रिफोर्म उत्सव शुरू होगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जीएसटी बचत उत्सव से हर देशवासी की जेब पर राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह उत्सव कल से शुरू हो रहा है और इससे हर घर में खुशियां बढ़ेंगी। मोदी ने कहा कि यह संभव हो पाया है क्योंकि केंद्र और राज्यों ने मिलकर हर शंका का समाधान किया है। उन्होंने कहा कि वन नेशन, वन टैक्स का सपना अब साकार हुआ है और जीएसटी सुधार से टैक्स प्रक्रिया सरल और आसान हो गई है।

99% वस्तुएं 5 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में आ गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जीएसटी सुधारों के बाद अब लगभग 99 फीसदी वस्तुएं 5 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में आ गई हैं। उन्होंने बताया कि इससे मध्यम वर्ग के जीवन में बदलाव आया है और गरीबों को भी इसका बड़ा लाभ मिल रहा है। मोदी ने कहा कि पूरे देश में अब एक जैसी टैक्स व्यवस्था होगी और जीएसटी कम होने से लोगों के सपने पूरे करना आसान होगा।

गर्व के साथ कहना चाहिए – मैं स्वदेशी खरीदता हूं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों को गर्व के साथ कहना चाहिए, ‘मैं स्वदेशी खरीदता हूं।’ उन्होंने बताया कि हमें Made in India के उत्पाद खरीदने चाहिए, जिससे छोटे व्यापारियों को फायदा मिलेगा। मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनने के रास्ते पर आगे बढ़ना होगा और जो चीजें भारत में बनाई जा सकती हैं, उन्हें यहीं उत्पादन करना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि रिफॉर्म एक निरंतर प्रक्रिया है। समय और जरूरत के अनुसार देश की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लागू किए जा रहे हैं। ये बदलाव सभी के लिए राहत और नए अवसर लेकर आएंगे।

पीएम मोदी ने कहा कि जिस तरह स्वतंत्रता को स्वदेशी के मंत्र ने ताकत दी, उसी तरह आज देश की समृद्धि भी स्वदेशी से मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में कई विदेशी चीजें आ गई हैं, और हमें यह पहचानना होगा कि कौन-सी वस्तुएं देसी हैं। हमें केवल Made in India सामान खरीदना चाहिए, जिसमें हमारे नौजवानों की मेहनत और हमारे बेटों-बेटियों का पसीना शामिल हो।

पीएम मोदी ने नागरिकों से अपील की कि हर घर और हर दुकान स्वदेशी का प्रतीक बने। गर्व से कहें, ‘मैं स्वदेशी खरीदता हूं, मैं स्वदेशी बेचता हूं’ यही हर भारतीय का मिजाज़ होना चाहिए। ऐसा होने पर भारत तेजी से विकसित होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बचत उत्सव से घर बनाना, इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना, स्कूटर या कार लेना और यात्रा करना सभी आसान और सस्ता हो जाएगा। जीएसटी में कमी से MSMEs को भी बड़ा फायदा मिलेगा, उनकी बिक्री बढ़ेगी और टैक्स का बोझ कम होगा। यही देश की समृद्धि की आधारशिला है।

“GST, टैरिफ, H-1B वीजा या कुछ और… आज शाम PM मोदी के संबोधन में क्या होगा खास? जानिए”

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“GST, टैरिफ, H-1B वीजा या कुछ और… आज शाम PM मोदी के संबोधन में क्या होगा खास? जानिए”

जीएसटी की मौजूदा चार दरों, 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत, को घटाकर केवल दो टैक्स स्लैब कर दिए गए हैं। अब देश में सामान और सेवाओं पर या तो 5 प्रतिशत या 18 प्रतिशत टैक्स लगेगा।

इस फैसले के तहत 12 प्रतिशत वाली ज्यादातर वस्तुएं 5 प्रतिशत की दर पर आ गई हैं। इसी तरह, 28 प्रतिशत की श्रेणी में आने वाले बड़े हिस्से को 18 प्रतिशत में समेटा गया है।

मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से इस सुधार का ऐलान किया था। तब उन्होंने कहा था कि यह कदम मध्यम वर्ग को राहत देगा और त्योहारी सीजन में देशभर की खपत बढ़ाएगा।

आपको बता दें कि यह संबोधन प्रधानमंत्री मोदी का चार महीने बाद का पहला बड़ा राष्ट्र संदेश होगा। पिछली बार मई में उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जानकारी दी थी।

उस वक्त मोदी ने साफ कहा था कि भारत आतंकवाद और उसके सरपरस्तों के खिलाफ बिना हिचक निर्णायक कार्रवाई करेगा।

अपने कल के कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा जाएंगे। ईटानगर में वे 5,100 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे और एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

आज शाम पीएम मोदी के संबोधन से तस्वीर और साफ होगी कि सरकार इस बदलाव को कैसे लागू करेगी और उपभोक्ताओं और उद्योग के लिए इसके क्या मायने होंगे।

”GST दरों में की गई हालिया कटौती के बाद कंपनी ने अपने प्रॉडक्‍ट्स के दाम घटाए हैं. नई कीमतें 22 सितंबर, सोमवार से प्रभावी होंगी”

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अमूल का दूध (Amul Milk Price Cut) 2 रुपये/लीटर तक सस्‍ता हो गया है. एक लीटर ताजा टोन्‍ड UHT मिल्‍क अब 77 रुपये की बजाय 75 रुपये में मिलेगा, जबकि आधा लीटर 40 की बजाय 39 रुपये में मिलेगा.

अमूल का बटर 100 ग्राम 62 रुपये की बजाय 58 रुपये में मिलेगा और 500 ग्राम 305 रुपये की बजाय 285 रुपये में मिलेगा. अमूल घी की कीमत 40 रुपये घटकर 610 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं. अमूल ब्रैंड के तहत डेयरी प्रॉडक्‍ट्स की मार्केटिंग करने वाली GCMMF ने घी, मक्‍खन, आइसक्रीम, बेकरी और फ्रोजन स्‍नैक्‍स समेत 700 से अधिक प्रॉडक्‍ट्स पैक की खुदरा कीमतें कम कर दी है.

कंपनी ने क्‍या कहा? गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ (GCMMF) ने एक बयान में 700 से अधिक उत्पाद पैक की कीमत घटाने की घोषणा की, जिससे उसके ग्राहकों को जीएसटी कटौती का पूरा लाभ मिलेगा. GCMMF ने कहा, ‘ये संशोधन मक्खन, घी, यूएचटी दूध, आइसक्रीम, पनीर, चॉकलेट, बेकरी उत्पादों, फ्रोजन डेयरी और आलू स्नैक्स, कंडेंस्ड मिल्क, पीनट स्प्रेड, माल्ट आधारित पेय जैसी प्रॉडक्‍ट सीरीज में किया गया है.’

नीचे हम UHT मिल्‍क से लेकर, पनीर, बटर, चीज़, आइसक्रीम, चॉकलेट समेत तमाम प्रॉडक्‍ट्स की नई रेट लिस्‍ट दे रहे हैं. इसमें ये भी बताया गया है कि किस प्रॉडक्‍ट्स के दाम कितने कम हुए हैं.