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”प्रवर्तन निदेशालय-ईडी की टीमों ने छत्तीसगढ़ के दस जगहों में छापेमारी”

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करीब एक सौ चालीस करोड़ रूपये के कस्टम मिलिंग घोटाले के सिलसिले में 18 सितम्बर 2025 को प्रवर्तन निदेशालय-ईडी की टीमों ने छत्तीसगढ़ के दस जगहों में छापेमारी की कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार ईडी की टीम ने राज्य के पूर्व आईएएस अधिकारी आलोक शुक्ला के भिलाई स्थित दो ठिकानों पर दबिश दी। सूत्रों के अनुसार छापामार कार्रवाई के दौरान ईडी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।

मौसम विभाग ने 13 जिलों में बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।

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छत्तीसगढ़ का मौसम इन दिनों चरम रूप में है। अगले चार दिनों तक बारिश थमने से जहां धूप और उमस लोगों को बेहाल करेगी, वहीं 13 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा मंडरा रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले चार दिनों तक छत्तीसगढ़ में बारिश और इससे जुड़ी गतिविधियों में कमी रहेगी। इस दौरान तेज धूप और उमस बढ़ सकती है। हालांकि, बीच-बीच में कहीं-कहीं हल्की फुहारें या रिमझिम बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। पिछले 24 घंटों में सरगुजा, बिलासपुर और रायपुर संभाग के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई।

वहीं, बस्तर और बिलासपुर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई। सरसींवा में सबसे ज्यादा 40 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। आज (शुक्रवार) राज्य के उत्तरी और दक्षिणी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, सुकमा, जीपीएम, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, सरगुजा और जशपुर जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। वहीं, सेंट्रल छत्तीसगढ़ के जिलों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है।

बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश से कन्हर नदी और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। निचली बस्तियों में जलभराव की स्थिति बन गई है। क्षेत्र के तालाब और बांध लबालब भर चुके हैं। जल संसाधन विभाग की टीमें बांधों और जलाशयों की लगातार निगरानी कर रही हैं। जिले में अब तक 1455.5 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 56% ज्यादा है।

प्रदेश में अब तक औसतन 1059.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। बलरामपुर में सबसे ज्यादा 1464.6 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 56% अधिक है। वहीं, बेमेतरा में सबसे कम 491.6 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 50% कम है। बस्तर, राजनांदगांव और रायगढ़ जैसे जिलों में वर्षा सामान्य के आसपास रही है।

 

”सांस्कृतिक-धार्मिक स्थलों के विकास के लिए डीएमएफ से 2.16 करोड़ स्वीकृत”

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कोरबा जिला प्रशासन द्वारा कोरबा जिले के प्रसिद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक स्थलों के विकास के लिए डीएमएफ मद से दो करोड़ 16 लाख 94 हजार 766 रूपये की राशि स्वीकृत की गई है।

कोरबा जिला प्रशासन द्वारा कनकेश्वर महादेव मंदिर, मां मड़वारानी मंदिर और मां मातिन दाई मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए पेयजल व्यवस्था, मंच, आर्च-शेड, सोलर पावर प्लांट आदि के लिए डीएमएफ से राशि मंजूर की गई है।

इनमें करतला विकासखंड में मां मड़वारानी मंदिर परिसर में मंच निर्माण के लिए 19 लाख 92 हजार रुपए, आर्च-शेड निर्माण के लिए 25 लाख 97 हजार रुपए, पाइपलाइन बिछाकर पेयजल व्यवस्था के लिए 39 लाख 67 हजार रुपए शामिल हैं। इन कार्यों के लिए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है।

जिला प्रशासन द्वारा कनकेश्वर महादेव मंदिर कनकी में मंदिर परिसर में शेड निर्माण के लिए 45 लाख 50 हजार रुपए और 2.4 किलोवाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट की स्थापना के लिए छह लाख 82 हजार 360 रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यों के लिए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा और क्रेडा को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है।

पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम मातिन में स्थित मां मातिनदाई परिसर में पाइपलाइन बिछाकर पेयजल प्रदान करने के लिए 33 लाख नौ हजार रुपए तथा सीढ़ी निर्माण के लिए 30 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इन कार्यों के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और पोंड़ी उपरोड़ा के जनपद पंचायत सीईओ को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है।

 

छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने हेतु आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बड़ी पहल करते हुए रायपुर-राजिम नई मेमू रेल सेवा का शुभारंभ…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजिम में नई रेल सेवा का शुभारंभ किया।

उन्होंने क्षेत्र के लोगों की आवागमन सुविधा में वृद्धि करते हुए राजिम से रायपुर के लिए नई मेमू ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने राजिम-रायपुर-राजिम मेमू नई ट्रेन सेवा तथा रायपुर-अभनपुर 2 मेमू रेल सेवा का राजिम तक विस्तार भी प्रारंभ किया। भारी संख्या में यात्री इस अवसर पर ट्रेन में सवार हुए और उत्साहपूर्वक रायपुर की ओर रवाना हुए। सस्ती एवं सुलभ नई रेल सुविधा मिलने से पूरे क्षेत्र में हर्ष और उल्लास का वातावरण रहा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस नई रेल सेवा से राजिम सहित गरियाबंद एवं देवभोग क्षेत्र के लोगों को भी राजधानी रायपुर तक सस्ती और किफायती यात्रा का विकल्प प्राप्त होगा। विद्यार्थी, नौकरीपेशा वर्ग और व्यापारी वर्ग सहित सभी के लिए यह ट्रेन अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रयाग, राजिम अब रेल नेटवर्क से जुड़ गया है। ग्रामीण अंचलों से राजधानी रायपुर का आवागमन अब और अधिक सुगम, सुविधाजनक और किफायती बन गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आशीर्वाद से लगातार 19 महीनों से विकास की गति निरंतर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से हो रहा निवेश आने वाली पीढ़ियों के लिए नया भविष्य गढ़ेगा। उन्होंने बताया कि लगभग आठ वर्ष पूर्व धमतरी से रायपुर तक नैरोगेज ट्रेन चलती थी और अब आठ वर्षों के अंतराल के बाद यहां ब्रॉडगेज ट्रेन सुविधा उपलब्ध हुई है। इसके लिए उन्होंने पूरे छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में रेलवे की लगभग 45,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में लगभग 7,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रदेश में रेल सेवाओं का तीव्र विस्तार और विकास सुनिश्चित हो रहा है।

इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, लोकसभा सांसद रायपुर श्री बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, अभनपुर विधायक श्री इन्द्रकुमार साहू, राजिम विधायक श्री रोहित साहू, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष श्री चंदूलाल साहू, नगर पालिका गोबरा नवापारा अध्यक्ष श्रीमती ओमकुमारी संजय साहू, नगर पंचायत राजिम अध्यक्ष श्री महेश यादव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश, रेलवे अधिकारी-कर्मचारी एवं भारी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

वन मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि इस नई सेवा से छत्तीसगढ़ के प्रयाग राजिम तक सीधी रेल पहुँच सुनिश्चित हो गई है, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि 22 मई को ‘निर्मल भारत रेलवे स्टेशन’ के नाम से देश के 103 रेलवे स्टेशनों को मॉडिफाई करने के लिए चयनित किया गया, जिनमें से छत्तीसगढ़ के पाँच रेलवे स्टेशन शामिल हैं और 32 स्टेशन भी इस योजना में जोड़े गए हैं। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त किया और मुख्यमंत्री श्री साय के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 45,000 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएँ चालू हैं, जिनसे रेल कनेक्टिविटी में तेजी आएगी। बस्तर को भी इससे लाभ हो रहा है और रावघाट प्रोजेक्ट के अंतर्गत 140 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन का कार्य प्रगति पर है।

रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रयागराज राजिम में बाहर से साधु-संत एवं पर्यटक भारी संख्या में आते हैं। अब उन्हें सीधे रायपुर से राजिम आने की सुविधा मिलेगी, जिससे पर्यटन एवं क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी और विश्व पटल पर राजिम का नाम और अधिक रोशन होगा।

महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने नई रेल सेवा के लिए लोगों को बधाई देते हुए कहा कि अब राजिम से रायपुर आना बहुत आसान हो गया है। श्रद्धालु एवं पर्यटक यात्री अब राजिम से सीधे डोंगरगढ़ तक भी यात्रा कर सकेंगे।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर-अभनपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर ट्रेन का परिचालन अब राजिम तक किया जाएगा। 19 सितम्बर 2025 से नियमित समय-सारणी के अनुसार गाड़ी संख्या 68766/68767 राजिम-अभनपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर प्रतिदिन दोनों छोरों—राजिम और रायपुर—से संचालित होगी। इस ट्रेन में 06 सामान्य श्रेणी के डिब्बे तथा 02 पावरकार सहित कुल 08 कोच होंगे।

“‘8 से 10 हफ्तों में सुलझा जाएगा भारत-अमेरिका टैरिफ विवाद’, CEA नागेश्वरन ने क्यों किया ये बड़ा दावा?”

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भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्ते एक बार फिर तनाव में आ गए हैं. ट्रंप प्रशासन ने भारतीय निर्यात पर भारी टैरिफ लगाकर बाजार में नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही व्यापारिक वार्ता के बीच यह कदम न केवल आर्थिक बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भी गंभीर असर डाल रहा है.

अब दोनों पक्ष जल्द ही समाधान तलाशने की दिशा में बातचीत कर रहे हैं. 27 अगस्त से लागू इस नए नियम के तहत अमेरिका ने भारत से आने वाले निर्यात पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है. इसमें 25 फीसदी की पेनल्टी सीधे तौर पर रूस से तेल खरीदने के कारण जोड़ी गई है. इस फैसले से भारत के श्रम-प्रधान सेक्टर जैसे झींगा, टेक्सटाइल, लेदर और फुटवियर की एक्सपोर्ट इंडस्ट्री को तगड़ा झटका लगा है. इन सेक्टरों में लाखों लोगों की आजीविका जुड़ी है, जिस पर अब सीधा असर देखने को मिल रहा है.

सीईए का समाधान पर भरोसा मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. आनंद नागेश्वरन ने कोलकाता में भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि ‘ऊपरी सतह पर भले ही स्थिति तनावपूर्ण दिख रही हो, लेकिन अंदरखाने सरकारों के बीच बातचीत लगातार चल रही है. मेरा अनुमान है कि अगले आठ से दस हफ्तों में इस समस्या का समाधान निकल आएगा.’ नागेश्वरन ने उम्मीद जताई कि दोनों देश इस विवाद को संवाद से सुलझा लेंगे.

वार्ता की नई कोशिश भारत और अमेरिका के बीच मार्च से द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) पर चर्चा चल रही है. अब तक पांच दौर की बातचीत हो चुकी है. छठे दौर की वार्ता के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल 25 अगस्त को भारत आने वाला था, लेकिन अचानक यह दौरा रद्द कर दिया गया. इस बीच, अमेरिकी टीम का नेतृत्व कर रहे ब्रेंडन लिंच और भारतीय टीम के प्रमुख राजेश अग्रवाल के बीच बातचीत के कई मुद्दों पर सहमति बनी, मगर टैरिफ पर अड़चन बनी रही.

ट्रंप की सफाई और स्वीकारोक्ति पिछले सप्ताह ट्रंप ने अमेरिकी चैनल Fox and Friends से बातचीत में कहा कि भारत पर टैरिफ लगाना ‘आसान फैसला नहीं था.’ उन्होंने माना कि यह कदम भारत के साथ रिश्तों में दरार डाल रहा है. ट्रंप ने कहा, ‘भारत अमेरिका का बड़ा ग्राहक है. लेकिन रूस से तेल खरीदने पर हमें कड़ा संदेश देना पड़ा. यही वजह है कि मैंने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया. यह आसान नहीं था, लेकिन जरूरी था.’

“मराठा आरक्षण पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, गैर-पीड़ित की याचिका खारिज, 22 सितंबर को अगली सुनवाई”

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मराठा आरक्षण पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, गैर-पीड़ित की याचिका खारिज, 22 सितंबर को अगली सुनवाई!

Bombay High Court On Maratha Reservation: मुंबई उच्च न्यायालय ने कहा कि वह आरक्षण के लिए मराठा समुदाय के सदस्यों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र जारी करने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले के खिलाफ जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करने का इच्छुक नहीं है, क्योंकि याचिकाकर्ता पीड़ित व्यक्ति नहीं हैं।

मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की पीठ ने कहा कि पीड़ित व्यक्ति (ओबीसी श्रेणी के लोग) पहले ही उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर कर चुके हैं, जिस पर 22 सितंबर को एक अन्य पीठ सुनवाई करेगी।

अदालत ने कहा कि इस स्तर पर ये जनहित याचिकाएं ठीक नहीं हैं। यह विकल्प (सरकारी फैसले को चुनौती देने का) पीड़ित पक्ष के लिए है, हर किसी के लिए नहीं। पीठ ने कहा कि कानून में दुर्भावना का मुद्दा केवल पीड़ित पक्ष ही उठा सकता है और ये याचिकाकर्ता पीड़ित पक्ष नहीं हैं।

जनहित याचिका खारिज की अदालत ने कहा कि जनहित याचिकाओं को खारिज किया जाना चाहिए। उसने कहा कि अगर याचिकाकर्ता चाहें तो वे पीड़ित पक्ष द्वारा दायर याचिकाओं के साथ ही आवेदन दायर कर सकते हैं। उसने कहा कि अगर दूसरी पीठ को लगता है कि उसे इन याचिकाकर्ताओं की सहायता की आवश्यकता है, तो वह उनकी सुनवाई का फैसला कर सकती है।

उच्च न्यायालय गुरुवार दोपहर को इस मामले पर सुनवाई करेगा और उसने जनहित याचिकाकर्ताओं को यह बताने के लिए कहा कि वे क्या करना चाहते हैं। उच्च न्यायालय में अब तक तीन जनहित याचिकाएं दाखिल की गई हैं, जिनमें सरकार के उस आदेश (जीआर) को चुनौती दी गई है जिसके तहत मराठा समुदाय के सदस्यों को आरक्षण का लाभ लेने के लिए कुनबी जाति प्रमाणपत्र जारी करने का निर्णय लिया गया है।

याचिकाओं में दावा किया गया है कि सरकार का यह फैसला मनमाना, असंवैधानिक और कानून के विरुद्ध है, इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए। बाद में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के व्यक्तियों द्वारा सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए चार याचिकाएं दायर की गईं। इन याचिकाओं पर सोमवार को न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे की अध्यक्षता वाली पीठ सुनवाई करेगी।

“इस मंदिर में की जाती है अष्टमुखी शिवलिंग की पूजा, सावन पर लगता है भक्तों का मेला”

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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक ऐसा मंदिर है जहां पर आठ मुख वाले शिवलिंग की पूजा की जाती है। ये मंदिर एक प्रचानी मंदिर है और इस मंदिर में लाखों की संख्या में लोग आकर भगवान शिव के आठ मुख वाली मूर्ति की पूजा करते हैं।

ऐसी मान्यता है कि आठ मुख वाले भगवान शिव की पूजा करने से हर मनोकामना तुरंत पूरी हो जाती है। सावन के महीने में इस मंदिर में खूब सारी तादाद में भक्त आते हैं और सच्चे मन से शिव भगवान की पूजा करते हैं। इस मंदिर का नाम अष्टमुखी शिव मंदिर है और कई लोग इस मंदिर को पंचायती मंदिर के नाम से भी जानते हैं। ऐसा कहा जाता है कि भगवान शंकर की अष्टमुखी प्रतिमा चैतुरगढ़ से लाई गई थी और इसके आठ मुख हैं, जिसके कारण इसे अष्टमुखी नाम से जाना जाता है। ये मंदिर बेहद ही बड़ा और सुंदर है।

कई सालों पुराना है ये मंदिर अष्टमुखी शिव मंदिर एक प्रचानी मंदिर है और इस मंदिर के पुजारी के अनुसार ये मंदिर करीब 125 वर्ष पुराना है। इस मंदिर में रखा गया आठ मुखी शिवलिंग 10 फीट ऊंचा है और ये एक अनोखा शिवलिंग है। भगवान शिव के 8 मुख वाला ये शिवलिंग जीवन की 4 अवस्थाओं को दर्शाता है। जो कि इस प्रकार है, पूर्व का मुख बाल अवस्था को दर्शाता है, दक्षिण का मुख किशोर अवस्था को दर्शाता है, पश्चिम का मुख युवा अवस्था और उत्तर का मुख वृद्ध अवस्था को दर्शाता है। इस मंदिर में आने वाले लोगों की ये मान्यता है कि इस मंदिर में आकर अष्टमुखी पशुपतिनाथ के दर्शन से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है।

सावन के दौरान दूर-दूर से आते हैं लोग

सावन के महीने में इस मंदिर में दूर-दूर से लोग आते हैं और शिव भगवान की पूजा करते हैं। वहीं सावन के पहले सोमवार के दिन इस मंदिर में खूब भीड़ होती है और भगवान को बेलपत्र, फूल, फल, जल और दूध चढ़ाया जाता है। इतना ही नहीं विशेष पर्वों के दौरान यहां शिव को लड्डुओं और खीर का भोग भी लगाया जाता है और साथ में ही शिव की महा आरती की जाती है।

होती है विशेष पूजा सोमवार का दिन शिव भगवान से जुड़ा हुआ है और सोमवार के दिन इस मंदिर में भगवान शिव का महारुद्राभिषेक किया जाता है। इसके अलावा हर रोज भगवान शिव की आरती की जाती है और शिव से जुड़े मंत्रों का जाप किया जाता है। इतना ही नहीं रोज शिवपुराण की कथा भी पढ़कर भक्तों को सुनाई जाती है। भक्तों की मानें तो इस मंदिर में आकर जो लोग सच्चे मन से शिवलिंग की पूजा करते हैं उन भक्तों को शिव भगवान खाली हाथ नहीं लौटाते हैं और यहीं वजह है कि इस मंदिर पर लाखों लोगों की आस्था है और लोग सावन के महीने में इस मंदिर में आकर शिव भगवान की पूजा करते हैं।

आप भी अपने जीवन में एक बार छत्तीसगढ़ के बिलासपुर मेंं स्थित इस मंदिर में एक बार जरूर जाएं और शिव भगवान के 8 मुख वाले शिवलिंग की पूजा करें।

“Stock Market Strategy: निफ्टी का मजबूत सपोर्ट 25,146-25,110 पर, निवेशकों के लिए लॉन्ग पोजीशन फायदेमंद”

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भारतीय शेयर बाजार में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है। निफ्टी 50 इंडेक्स 50-DEMA से ऊपर ट्रेड कर रहा है और डे हाई पर क्लोज हुआ है। टेक्निकल चार्ट्स और ऑप्शन डेटा संकेत दे रहे हैं कि बाजार में फिलहाल मोमेंटम बरकरार है और गिरावट को खरीदारी के मौके के रूप में देखा जा सकता है।

सीएनबीसी-आवाज़ के मार्केट एक्सपर्ट वीरेंद्र कुमार ने आज निफ्टी की ट्रेडिंग रणनीति साझा करते हुए प्रमुख लेवल्स और सेक्टोरल ट्रेंड्स पर रोशनी डाली।

महत्वपूर्ण रजिस्टेंस लेवल्स पहला रजिस्टेंस: 25,365-25,410

बड़ा रजिस्टेंस: 25,437-25,473 एक्सटेंडेड रजिस्टेंस: 25,519 इन लेवल्स को पार करना आसान नहीं होगा क्योंकि 25,500 के आसपास सबसे ज्यादा कॉल राइटिंग देखने को मिल रही है। यानी, यह स्तर शॉर्ट टर्म में निफ्टी के लिए बड़ी बाधा बन सकता है।

अहम सपोर्ट लेवल्स पहला सपोर्ट:  25,239-25,273 बड़ा सपोर्ट / बेस: 25,110-25,146-25,186 मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि अगर दिन के दौरान गिरावट आती है, तो यह लेवल लॉन्ग पोजीशन के लिए मजबूत सपोर्ट का काम करेंगे। यानी शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स यहां खरीदारी कर सकते हैं।

ऑप्शन डेटा से मिले संकेत 25,300-25,200 ज़ोन में सबसे ज्यादा OI प्लेस्ड 25,500 पर सबसे ज्यादा कॉल राइटिंग हुई है, जो मार्केट में रजिस्टेंस का इशारा करती है।

पुट राइटिंग निचले लेवल्स पर सपोर्ट मजबूत होने का संकेत दे रही है। इससे साफ है कि इंडेक्स में फिलहाल बैल्स (खरीदार) का पलड़ा भारी है और राइटर्स भी सपोर्ट जोन पर ज्यादा एक्टिव हैं।

FIIs और शॉर्ट कवरिंग का असर फिलहाल FII ने कैश मार्केट में बिकवाली की है, लेकिन इंडेक्स फ्यूचर्स में शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली। नेट शॉर्ट पोजीशन 1.50 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स तक पहुंच चुकी है। इससे साफ है कि शॉर्ट कवरिंग का मोमेंटम निफ्टी को सपोर्ट दे रहा है।

सेक्टोरल व्यू: बैंक और IT शेयरों में रफ्तार वीरेंद्र कुमार के अनुसार, फिलहाल  बैंकिंग और आईटी स्टॉक्स  में अच्छा मोमेंटम देखने को मिल रहा है। PSU बैंकों ने हाल में बड़े ब्रेकआउट के साथ लीडरशिप दिखाई है। अगर यह ट्रेंड बरकरार रहा तो बाजार को आगे भी मजबूत सपोर्ट मिलेगा।

मीडियम टर्म आउटलुक निफ्टी का मीडियम टर्म बेस: 55,010-54,840 पहली बाधा:  55,749-55,883 अगर यह पार हुआ तो अगला लक्ष्य:  56,083-56,231 इससे साफ है कि इंडेक्स अभी भी मजबूत ट्रेंड में है और आने वाले हफ्तों में बड़ी रैली देखने को मिल सकती है।

निवेशकों के लिए रणनीति बाजार में  लॉन्ग बने रहें शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स गिरावट का इंतजार करें और  25,239-25,273 सपोर्ट ज़ोन  पर खरीदारी करें। निफ्टी के लिए 25,146-25,110 अहम बेस बना हुआ है। 25,500 के ऊपर क्लोजिंग मिलती है तो निफ्टी नई ऊंचाई छू सकता है।

संक्षेप में, निफ्टी अभी भी मजबूत ट्रेंड में है। ऑप्शन डेटा और टेक्निकल चार्ट्स दोनों यह संकेत दे रहे हैं कि गिरावट पर खरीदारी करना सही रणनीति होगी। PSU बैंकों और IT सेक्टर में बने मोमेंटम से इंडेक्स को अतिरिक्त सपोर्ट मिल रहा है।

“Low CIBIL Score Update 2025: सिर्फ 2 नए RBI Rule बदलेंगे किस्मत, अब Loan लेना होगा आसान”

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कम सिबिल स्कोर वालों के लिए अब राहत की खबर है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने हाल ही में ऐसे नियम बदले हैं, जिनसे अब कम CIBIL स्कोर वाले लोगों को भी लोन लेने में आसानी मिलेगी। अब तक जिन लोगों का क्रेडिट हिस्ट्री खराब था या स्कोर कम था, उन्हें बैंक और NBFCs आसानी से लोन नहीं देते थे।

इस वजह से कई बार जरूरत पड़ने पर भी लोग पैसों का इंतज़ाम नहीं कर पाते थे।

Low CIBIL Score Update 2025 स्कीम और फायदेआवेदन कैसे करें?गरीब और मध्यमवर्ग को बड़ी राहतनिष्कर्ष आरबीआई का यह नया कदम खासकर उन लोगों के लिए मददगार साबित होगा जो समय पर अपनी ईएमआई नहीं चुका पाए या जिनका लंबा क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है। नए नियमों के बाद अब ऐसे ग्राहकों को ‘हाई रिस्क’ मानकर सीधे तौर पर मना नहीं किया जाएगा, बल्कि बैंक उनकी आय, जॉब प्रोफाइल और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड देखकर फैसला करेंगे।

इस नियम से लाखों लोग फायदा उठा सकते हैं, खासकर छोटे कारोबारियों, नए नौकरीपेशा और ग्रामीण इलाकों के उन ग्राहकों को जिनकी अभी तक लोन तक पहुंच मुश्किल थी। सरकार और आरबीआई का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को औपचारिक बैंकिंग और क्रेडिट सिस्टम से जोड़ना है।

Low CIBIL Score Update 2025 कम CIBIL स्कोर होने पर अक्सर लोगों को पर्सनल लोन, होम लोन या बिजनेस लोन लेने में कठिनाई आती थी। बैंकिंग सेक्टर में सिबिल स्कोर एक महत्वपूर्ण पैरामीटर होता है, जो यह बताता है कि व्यक्ति कितना भरोसेमंद उधारकर्ता है। आमतौर पर 750 से ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है, लेकिन जिनका स्कोर 600 या उससे कम होता था, उन्हें लोन पाने के लिए बहुत मशक्कत करनी पड़ती थी।

आरबीआई के नए बदलावों के मुताबिक अब बैंक और एनबीएफसी केवल CIBIL स्कोर के आधार पर निर्णय नहीं करेंगे। वे लोन देने के लिए ग्राहकों के  कैश फ्लो इन्कम प्रूफ रेगुलर पेमेंट्स  और  अर्निंग पॉवर  जैसी बातें भी देखेंगे। इससे पहली बार लोन लेने वाले लोग या जिनका स्कोर अच्छा नहीं है, वे भी आसानी से फाइनेंस तक पहुंच बना पाएंगे।

यह बदलाव “फाइनेंशियल इन्क्लूज़न” के तहत किया गया है ताकि सभी तबकों के लोग बैंकिंग सुविधाओं का समान लाभ उठा सकें। इससे छोटे व्यापारियों, सेल्फ-एम्प्लॉइड और ग्रामीण उपभोक्ताओं को बड़ा फायदा होगा।

स्कीम और फायदे आरबीआई के इस कदम को एक प्रकार की नई पॉलिसी माना जा रहा है, जिसमें कम सिबिल स्कोर वालों के लिए विकल्प आसान कर दिए गए हैं। अब बैंक ग्राहक की संपूर्ण वित्तीय स्थिति को समझकर ही निर्णय लेंगे।

जिन लोगों का स्कोर अच्छा नहीं है, वे भी निम्नलिखित सुविधाएं पा सकेंगे: पर्सनल लोन की मंजूरी आसान  छोटे व्यापारियों के लिए बिजनेस लोन हाउसिंग और एजुकेशन लोन तक पहुंच डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म से आसानी से क्रेडिट इस बदलाव का एक बड़ा फायदा यह होगा कि फिनटेक और छोटे लेंडर्स भी अब सुविधाजनक ब्याज दरों पर ग्राहकों को लोन देंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्र, युवा और नई पीढ़ी को बिना ज्यादा झंझट के फाइनेंस मिलेगा।

आवेदन कैसे करें? अगर आपका सिबिल स्कोर कम है और आप लोन लेना चाहते हैं, तो अब यह आसान होगा। इसके लिए आपको कुछ दस्तावेज़ और जानकारी की जरूरत होगी: पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड) आय प्रमाण (सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट, आईटीआर) रोजगार या बिजनेस का विवरण पिछले लोन या ईएमआई का रिकॉर्ड अगर हो तो लोन प्रोसेस के दौरान बैंक अब आपकी सैलरी, बिजनेस की कमाई और रीपेमेंट के प्रति ईमानदारी को आधार बनाएंगे। अगर इनका आंकलन सकारात्मक होता है, तो कम स्कोर के बावजूद लोन मंजूर हो सकता है। गरीब और मध्यमवर्ग को बड़ी राहत यह स्कीम खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के लिए राहत लेकर आई है। कई बार लोगों को मेडिकल इमरजेंसी, पढ़ाई या शादी जैसे जरूरी कामों के लिए तुरंत धन की जरूरत होती है। मगर कम सिबिल स्कोर के चलते लोन नहीं मिल पाता था।

अब इस बाधा को कम कर दिया गया है। इससे लोग बिना पैसों की तंगी के अपने सपनों को पूरा कर पाएंगे। साथ ही ग्रामीण इलाकों में माइक्रो फाइनेंस और छोटे बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा।

निष्कर्ष कम सिबिल स्कोर वालों को लोन मिलने की नई सुविधा एक ऐतिहासिक बदलाव है। अब लोग केवल अपने क्रेडिट हिस्ट्री की वजह से बैंकिंग सुविधाओं से वंचित नहीं होंगे। यह कदम आर्थिक समानता की ओर बड़ा प्रयास है और आने वाले समय में करोड़ों भारतीयों की जिंदगी को आसान बनाएगा।

New GST Rule: 22 सितंबर से लागू – 10 जरूरी चीजें मिलेंगी आधे दाम पर, लिस्ट देखें!

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नया GST नियम 22 सितंबर से लागू होगा, जिसके तहत कई वस्तुओं और सेवाओं पर GST (माल और सेवा कर) की दरों में कटौती की गई है। यह नियम सरकार की तरफ से आम जनता और व्यवसायों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से लागू किया जा रहा है।

इस नए सुधार का मकसद टैक्स व्यवस्था को सरल बनाना, आम जाने वालों की खरीद क्षमता बढ़ाना और व्यापार करने में आसानी प्रदान करना है।

New GST Rule: Latest details नए GST नियम की विशेष बातेंइस योजना का उद्देश्य और सरकार की छविनिष्कर्ष 22 सितंबर से, GST की पुरानी 12% और 28% स्लैबों को हटाकर केवल दो नई स्लैब लागू की जाएंगी – 5% और 18%। इसके अलावा, कुछ विशेष वस्तुओं और विलासिता के सामानों पर 40% का उच्च टैक्स भी जारी  रहेगा। इससे आम वस्तुओं की कीमतों में खासा कमी आएगी और लोगों को आधे दाम में कई चीजें मिलेंगी। यह बदलाव न सिर्फ घरेलू ग्राहकों के लिए बल्कि छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए भी फायदेमंद होगा।

सरकार की योजना है कि इस सुधार के जरिए टैक्स संग्रहण अधिक प्रभावी और पैसा वसूलने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए। साथ ही, इस नियम से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का प्रबंधन और रिफंड प्रक्रिया भी आसान होगी। इसका असर देश के आर्थिक विकास और उत्पादन लागत में कमी के रूप में दिखेगा।

New GST Rule: Latest details इस नए GST नियम के अंतर्गत जो सबसे बड़ा बदलाव किया गया है, वह है टैक्स स्लैबों का पुनर्गठन। पहले जहां 5%, 12%, 18% और 28% जैसे अलग-अलग दरें थी, अब टैक्स केवल दो मुख्य स्लैबों-5% और 18% में होगा। इस बदलाव के कारण अनेक दैनिक उपयोग की वस्तुओं जैसे खाद्य पदार्थ, पैकेज्ड खाने-पीने की चीजें, दवाइयां, फल, सब्जियां, और साधारण घरेलू वस्तुएं अब सस्ती होंगी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि 5% की स्लैब में रोजमर्रा की जरुरी चीजें और पैकेज्ड फूड, छोटे घरेलू सामान, दवाएं, फुटवेयर, आदि आएंगे। वहीं, 18% की स्लैब में बैंकिंग, टेलिकॉम सेवाएं, रेस्टोरेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स, और अन्य सेवाएं शामिल रहेंगी। इस बदलाव से 12% और 28% स्लैब वाली वस्तुओं पर टैक्स दर घटेगी, जिससे उपभोक्ताओं को खरीद में राहत मिलेगी।

इसके अलावा, विलासिता की वस्तुओं, जैसे 1200 सीसी से अधिक वाली कारें, 350 सीसी से अधिक बाइकें, और कुछ तम्बाकू उत्पादों पर 40% की उच्च दर लागू रहेगी ताकि सरकार इन वस्तुओं से अधिक राजस्व प्राप्त कर सके। इस तरह का परिवर्तन सामाजिक न्याय और आर्थिक सुधार दोनों के नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नई GST नीति में, टैक्स की दर कटौती के साथ-साथ इनवॉइसिंग और भुगतान के समय लागू होने वाले नियमों को भी अपडेट किया गया है। यदि कोई खरीदी या सेवा की इनवॉइस 22 सितंबर के बाद जारी होती है और भुगतान भी इसके बाद होता है, तो नई दरें लागू होंगी। इससे व्यापारी और उपभोक्ता दोनों को नियमों के पालन में सुविधा होगी।

सरकार ने इस सुधार के साथ यह भी बताया कि उनका मकसद कर प्रणाली को ज्यादा सुव्यवस्थित करना और IT प्रणाली के जरिए टैक्स रिफंड तथा पंजीकरण प्रक्रिया को भी सरल बनाना है। इससे MSME सेक्टर, किसानों, महिलाओं और मध्यम वर्ग को भी फायदा होगा जो अक्सर टैक्स प्रक्रिया में जटिलताओं का सामना करते हैं।

इस नए GST नियम से उद्योग जगत को भी फायदा होगा क्योंकि एक जैसा टैक्स स्लैब होने से लॉजिस्टिक्स और इनवॉइसिंग का काम आसान होगा। इस नियम के लागू होने से कारोबार तेज होगा और भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

नए GST नियम की विशेष बातें पुराने 12% और 28% टैक्स स्लैबों को खत्म कर सिर्फ 5% और 18% स्लैब लागू होंगे।

रोजमर्रा के जरूरी सामान जैसे फलों, सब्जियों, पैकेज्ड खाद्य पदार्थ, दवाइयों पर टैक्स कम होगा।

विलासिता और तम्बाकू उत्पादों पर 40% टैक्स दर जारी रहेगी।

टैक्स भुगतान की तारीख के आधार पर नई या पुरानी दर लागू होगी।

ITC (इनपुट टैक्स क्रेडिट) नियमों में बदलाव होगा, जिससे कर प्रक्रिया सरल होगी।

MSME, किसानों, महिलाओं और मध्यम वर्ग के लिए यह नियम राहत लेकर आएगा।

टैक्स दरों में कटौती से वस्तुओं की कीमतों में कमी आएगी।

यह बदलाव आर्थिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है जिससे आम आदमी की जेब पर असर पड़ेगा और साथ ही व्यापार में पारदर्शिता बढ़ेगी।

इस योजना का उद्देश्य और सरकार की छवि यह GST सुधार भारत सरकार की बड़ी पहल है जिससे देश की टैक्स व्यवस्था को सद्यंत्र, निष्पक्ष और विकासोन्मुख बनाया जाएगा। सरकार चाहती है कि टैक्स दरों में कमी से आम आदमी को सस्ती वस्तुएं मिले और व्यापार में भी बड़ा फायदा हो। इससे वस्तुओं की कीमतों में स्थिरता आएगी और युद्ध और महंगाई की परिस्थितियों में भी लोगों को राहत मिलेगी।

इस सुधार का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को जाता है, जिन्होंने GST काउंसिल की बैठक में इस पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया। यह नियम भारत के GST के आठवें वर्ष में एक बड़ा प्रतिस्थापन यानी “GST 2.0” के रूप में जानला जाता है, जो टैक्स प्रशासन को डिजिटल और अत्याधुनिक बनाने का प्रण करता है।

निष्कर्ष 22 सितंबर 2025 से लागू होने वाला नया GST नियम आम जनता के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इससे रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतें कम होंगी और व्यापार में नियम सरल बनेंगे। सरकार के इस कदम से आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी और आम आदमी के लिए जीवन कुछ हद तक सस्ता होगा। पूरे देश में इस बदलाव का सकारात्मक असर दिखेगा।

यह कदम GST प्रणाली को और अधिक आसान, पारदर्शी और लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। सरकार ने इस बदलाव के जरिए समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखा है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और मजबूत बनेगी।