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“Income Tax Return 2025-26: ITR Filing की तारीख बढ़ी? नई Deadline यहां देखें”

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आयकर रिटर्न (Income Tax Return) भरना हर साल एक जरुरी काम होता है, खासतौर पर उन लोगों के लिए जो टैक्सेबल इनकम कमाते हैं। हर वित्तीय वर्ष के बाद सरकार एक तय तारीख रखती है, जिस दिन तक आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करना होता है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए (जो Assessment Year 2025-26 कहलाएगा) इस बार भी तमाम टैक्सपेयर्स के मन में यह सवाल है कि क्या ITR Filing की तारीख बढ़ी है या नहीं।

Income Tax Return 2025-26: ITR Filing की तारीख क्या बढ़ी?ITR Filing Deadline 2025-26 का पूरा विवरण (Main Terms and Dates) ITR फाइल ना करने पर पेनल्टी और ब्याजITR फ़ाइलिंग के फायदे और जरूरी बातें ITR फॉर्म्स में बदलाव ITR फाइलिंग संबंधी महत्वपूर्ण बातेंसारांश में – ITR Filing Date 2025 Important Points Disclaimer; पिछले सालों की तरह इस साल भी कई बदलाव और विस्तार हुए हैं ताकि टैक्सपेयर्स को रिटर्न दाखिल करने में आराम मिल सके। खासकर ऑनलाइन पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों और नए फॉर्म्स की वजह से सरकार ने कुछ अतिरिक्त समय दिया। इस लेख में जानेंगे आयकर रिटर्न 2025-26 की तारीखों के बारे में, किसे कब फाइल करना है, लेट फीस और पेनल्टी क्या हैं, और ये सब आधिकारिक सरकारी जानकारी के आधार पर।

Income Tax Return 2025-26: ITR Filing की तारीख क्या बढ़ी? केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 (Assessment Year 2025-26) के लिए ITR फाइलिंग की अंतिम तारीख को बढ़ा कर 15 सितंबर 2025 कर दिया है। पहले यह तारीख 31 जुलाई 2025 थी, लेकिन कई कारणों से जैसे नई ITR फॉर्म्स का जारी होना, टीडीएस विवरणों का विलम्ब से उपलब्ध होना, और पोर्टल की दिक्कतें, सरकार ने इस तारीख को बढ़ाया।

यह विस्तार विशेषकर उन टैक्सपेयर्स के लिए है जिन्हें ऑडिट की जरूरत नहीं होती। जो लोग ऑडिट कराते हैं या जिनके व्यवसाय की जांच जरूरी है, उनके लिए अंतिम तारीख अलग होती है।

अगर कोई टैक्सपेयर 15 सितंबर तक ITR फाइल नहीं करता है तो वह 31 दिसंबर 2025 तक लेट रिटर्न (Belated Return) दाखिल कर सकता है, लेकिन इसके लिए पेनल्टी और ब्याज देना पड़ सकता है।

सरकारी वेबसाइट्स और आधिकारिक परिपत्रों के अनुसार, फिलहाल कोई और विस्तार की घोषणा नहीं हुई है, इसलिए सभी टैक्सपेयर्स को अपनी ITR समय पर फाइल करनी चाहिए ताकि पेनल्टी से बचा जा सके।

ITR Filing Deadline 2025-26 का पूरा विवरण (Main Terms and Dates)

श्रेणी (Taxpayer Category ITR फाइलिंग की अंतिम तारीख (Due Date व्यक्ति / HUF / AOP / बिना ऑडिट वाले 15 सितंबर 2025 जिन व्यवसायों को ऑडिट की जरूरत है 31 अक्टूबर 2025 जिनके इंटरनेशनल या स्पेसिफाइड डोमेस्टिक ट्रांजेक्शन हैं 30 नवंबर 2025 संशोधित रिटर्न (Revised Return 31 दिसंबर 2025 लेट या बेलैटेड रिटर्न (Belated Return) 31 दिसंबर 2025 अपडेटेड रिटर्न (Update Return) 31 मार्च 2030 (4 साल बाद तक) ITR फाइल ना करने पर पेनल्टी और ब्याज यदि 15 सितंबर तक ITR फाइल नहीं करते तो 31 दिसंबर तक बेलैटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।

लेट फीस के रूप में ₹5,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है (यदि आय ₹5 लाख से कम है तो ₹1,000 तक)।

Section 234A के तहत, बकाया टैक्स पर प्रति माह 1% ब्याज देना होगा।

यदि आयकर रिटर्न समय पर नहीं फाइल करते, तो टैक्स रिफंड में भी देरी हो सकती है।

ITR फ़ाइलिंग के फायदे और जरूरी बातें रिटर्न फाइल करना टैक्स नियमों का पालन करने के लिए जरूरी है। सही समय पर ITR फाइल करने से पेनल्टी और ब्याज से बचा जा सकता है।

ITR फाइलिंग बैंक लोन, वीजा, और अन्य वित्तीय कामों के लिए जरूरी दस्तावेज़ होती है।

यदि आपके पास पूंजीगत हानि या व्यापार हानि है, तो समय पर ITR फाइल करने पर आप उसे आगे के वर्षों में समायोजित कर सकते हैं।

ITR फॉर्म्स में बदलाव इस वर्ष नए फॉर्म जारी किए गए हैं, जिनमें कुछ नियम और डिटेल्स अपडेट किए गए हैं। इसलिए टैक्सपेयर्स को ITR फाइल करते समय नए फॉर्म का उपयोग करना चाहिए। इसके कारण भी कुछ दिक्कतें हुईं, जो ITR डेट बढ़ाने का एक कारण बनी।

ITR फाइलिंग संबंधी महत्वपूर्ण बातें 15 सितंबर 2025 तक ITR फाइल करना सबसे बढ़िया होगा ताकि पेनल्टी और ब्याज से बचा जा सके।

जो लोग फॉर्म्स या पोर्टल की वजह से दिक्कत महसूस कर रहे हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द फाइल करने की कोशिश करनी चाहिए।

ऑडिट करने वाले टैक्सपेयर्स को ध्यान देना चाहिए कि उनकी अंतिम तारीख अलग है।

ITR फाइल करने के बाद रिटर्न वेरिफाई करना भी जरूरी होता है।

सारांश में – ITR Filing Date 2025 Important Points

ITR की मुख्य अंतिम तारीख 15 सितंबर 2025 तक बढ़ाई गई है लेट रिटर्न 31 दिसंबर 2025 तक फाइल की जा सकती है, लेकिन पेनल्टी देनी होगी।

व्यवसाय और ऑडिट वाले मामलों के लिए अंतिम तारीख अलग है।

ITR फॉर्म में बदलाव के कारण यह विस्तार दिया गया। पेनल्टी के अलावा ब्याज भी देना पड़ सकता है, इसलिए समय पर फाइल करें।

यह जानकारी आधिकारिक सरकार के स्रोतों और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) की घोषणाओं पर आधारित है। वर्तमान में आयकर रिटर्न फाइलिंग की अंतिम तारीख 15 सितंबर 2025 तक बढ़ाई गई है। हालांकि, अभी तक इस तारीख को और बढ़ाने की कोई सरकारी घोषणा नहीं हुई है। इसलिए टैक्सपेयर्स को सलाह दी जाती है कि समय पर अपना रिटर्न फार्म भरकर जमा करें ताकि बाद में पेनल्टी और ब्याज से बचा जा सके। किसी भी अफवाह, फर्जी खबर या काल्पनिक तारीखों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों से ही जानकारी लें।

“विदेश जाना होगा महंगा, वीजा के शुल्क में हुई बढ़ोतरी, 1 अक्टूबर से नया शुल्क होगा लागू, अब देना होगा डबल पैसा”

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अब अमेरिका जाने का सपना आपके लिए महंगा साबित होगा। डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा वीजा इंटीग्रिटी शुल्क लगाने का ऐलान किया गया है। 1 अक्टूबर से नया शुल्क लगाया जाएगा इसके बाद आप विदेश में आसानी से सफर नहीं कर पाएंगे।

1 अक्टूबर से वीजा फीस में बढ़ोतरी हो जाएगी। यही वजह है कि अभी के समय में ज्यादा से ज्यादा लोग वीजा के लिए आवेदन कर रहे हैं और वीजा आवेदन की रफ्तार भी चार गुनी हो चुकी है।

डोनाल्ड ट्रंप ने साइन किया नया बिल  डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा 4 जुलाई को वन बिग ब्यूटीफुल बल अधिनियम के अंतर्गत गैर अप्रवासी वीजा पर 250 डॉलर यानी की 21539 रुपए की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया गया था। यह नया शुल्क 1 अक्टूबर से लागू होगा इसके बाद भारत के लोगों को अमेरिका जाने के लिए 435 यानी की 36700 देना होगा।

हर दिन आते थे 300, अब आ रहे 900 आवेदन टूर एंड ट्रैवल ऑपरेटर डॉ. छवि सिंघल बताती हैं, वीजा इंटीग्रिटी शुल्क में वृद्धि (VISA Fee Hike) के डर से लोग 1 अक्टूबर के पहले वीजा आवेदन दे रहे हैं। रोज संख्या बढ़ रही है। पहले प्रदेशभर से दिनभर में 300 वीजा के आवेदन आते थे, अब इनकी संख्या 900 पार हो चुकी है।

अभी के समय में अपॉइंटमेंट की वेटिंग 370 से 420 दिन तक हो गई है और अमेरिका जाने वाले लोगों को आवेदन देने के बाद बायोमेट्रिक और इंटरव्यू अपॉइंटमेंट की प्रक्रिया भी पूरी करनी होती है। दिल्ली मुंबई चेन्नई हैदराबाद और कोलकाता के दूतावास में इस प्रक्रिया को पूरा करना होता है। आप अगर अमेरिका जाने की सोच रहे हैं तो आपकी परेशानी बढ़ सकती है क्योंकि ट्रम्प ने वीजा शुल्क में बढ़ोतरी किया है और अब आपको ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे। आपको भी अगर वीजा के लिए अप्लाई करना है तो नया शुल्क आपको जानना चाहिए।

“भारतीय बाजार में उछाल के संकेत, फेड रेट कट से बढ़ी उम्मीदें”

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शेयर बाजार में आज तेज़ी की उम्मीद बनी हुई है, क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिज़र्व ने रात में ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की। इस खबर से विदेशी बाजारों में मिलीजुली प्रतिक्रिया के बावजूद घरेलू इंडेक्सों पर सकारात्मक असर की संभावना जताई जा रही है।

 सुबह करीब 7:15 बजे Gift Nifty 25,508 के आसपास ट्रेड कर रहा था और इससे बाजार के गैप-अप खुलने की उम्मीद मजबूत हुई है।

अमेरिकी बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला। डॉव जोन्स मजबूत बंद हुआ जबकि एसएंडपी और नैस्डैक में हल्की गिरावट आई। फेड चेयरमैन ने हालांकि संकेत दिया कि यह कटौती लगातार कटौतियों की शुरुआत नहीं है, इसलिए आगे की नीतिगत राह पर अनिश्चितता बनी हुई है। एशियाई सूचकांकों ने भी मिश्रित प्रदर्शन दिया पर कुल मिलाकर जोखिम संपत्तियों के लिए भावनाएँ बेहतर नजर आ रही हैं।

स्थानीय रूप से, आज कुछ कंपनियों पर निवेशकों की निगाहें टिकी होंगी। Cohance Lifesciences में प्रमोटर ब्लॉक डील की खबर से वैल्यूएशन पर असर हो सकता है। Indosolar में प्रमोटर द्वारा हिस्सेदारी बिकने की योजना से स्टॉक पर सक्रिय व्यापार देखने को मिल सकता है। Biocon की सहायक कंपनी को यूएस रेगुलेटर से बायोसिमिलर मंजूरी की खबर शेयर के मूवमेंट का कारण बन सकती है। Dixon Technologies का बड़ा अधिग्रहण और Bombay Dyeing में नियुक्ति संबंधी घोषणा भी संबंधित सेक्टर में दिलचस्पी बढ़ा सकती हैं।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और वित्तीय सेक्टर्स में भी कुछ समाचार प्रभाव डाल सकते हैं। B R Goyal Infrastructure की मजबूत ऑर्डर बुक और Aavas Financiers द्वारा संभावित एनसीडी इश्यू बाजार धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। बैंकिंग सेक्टर में बैंक-टू-बैंक शेयर शिफ्ट और कॉर्पोरेट शेयरों की बिक्री जैसी गतिविधियाँ कुछ स्टॉक्स में वॉलेटिलिटी बढ़ा सकती हैं। Cochin Shipyard और Central Bank of India से जुड़ी कॉन्ट्रैक्ट व कैपिटल प्लान्स भी ध्यान आकर्षित करेंगे।

निवेशक आज प्रमुख आर्थिक संकेतकों, ग्लोबल मार्गदर्शन और उपरोक्त कंपनियों से जुड़ी कॉर्पोरेट सूचनाओं पर ध्यान दें। जोखिम-प्रबंधन और टाइमली जानकारी का पालन कर छोटे और मध्य अवधि के ट्रेडिंग फैसले लेना लाभदायक रहेगा। दिन भर में लिक्विडिटी, विदेशी फंड प्रवाह और निर्मित तकनीकी स्तर विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण संकेत देंगे। सावधानी अपनाएँ हमेशा।

“Indian Railway :  इस त्यौहारी सीजन ट्रेन से सफर होगा मुश्किल, रेलवे ने बदल दिया ये जरूरी नियम, देखें”

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त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है ऐसे में बड़े पैमाने पर को ट्रेन से सफर करते हैं। रेलवे के द्वारा सफर से जुड़े नियमों में समय-समय पर बदलाव किया जाता है ताकि लोग आसानी से यात्रा कर सके।

रेलवे के द्वारा बताए गए नियमों का हर व्यक्ति को पालन करना होता है वरना तगड़ा जुर्माना लग सकता है।

हमारे देश में रोजाना लाखों की संख्या में यात्री ट्रेन से यात्रा करते हैं। ट्रेन से यात्रा करना जितना आरामदायक होता है उतना ही कम खर्चीला भी होता है। आपको भी अगर ट्रेन से यात्रा करना है तो रेलवे के द्वारा बनाए गए नियमों का हर हर में पालन करें वरना सफर के दौरान आपकी परेशानियां बढ़ सकती है।

त्यौहार में अगर आपको ट्रेन से सफर करना है तो रेलवे के द्वारा बनाए गए नियमों का और आदमी पालन करना होगा वरना आपकी परेशानियां काफी बढ़ सकती है।

रेलवे ने लगेज से जुड़े नियमों में एक बार फिर से बदलाव किया है। अगर आप लिमिट से अधिक लगेज लेकर जाएंगे तो आपकी परेशानी बढ़ जाएगी। तो आईए जानते हैं रेलवे के द्वारा वालों से जुड़े नियमों में क्या बदलाव किया गया है।

इंडियन रेलवे के द्वारा ट्रेन में अतिरिक्त लगेज लेकर यात्रा करने वालों पर सख़्ती करने का फैसला लिया गया है। अगर कोई यात्री अब तय सीमा से अधिक सामान लेकर सफर करता है तो रेलवे उसपर भारी जुर्माना लगाएगा। यह जुर्माना किराए के डेढ़ गुना से ज्यादा हो सकता है।

यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए रेलवे ने उठाया बड़ा कदम रेल अधिकारियों का कहना है कि यह बड़ा कदम यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए उठाया गया है। रेल अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को तय वजन से अधिक लगेज लेकर यात्रा करनी है तो उसे स्टेशन पर लगेज बुक कराना होगा। लगेज बुक कराने के लिए रेलवे ने विशेष काउंटर बनाया है।

हर श्रेणी के लिए अलग-अलग लगेज की सीमा तय की गई है। तय सीमा से अधिक सामान लेकर जाना आपकी मुश्किले बढ़ सकता है। तो आईए जानते हैं किस कोच में कितना सामान लेकर जा सकते हैं आप… रेलवे ने ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों के लिए समान साथ ले जाने का लिमिट तय किया है। अगर आप फर्स्ट एसी में सफर कर रहे हैं तो आप 70 किलो तक सामान ले जा सकते हैं।

अगर आप सेकंड एसी कोच में सफर कर रहे हैं तो आप अपने साथ 50 किलो तक सामान ले जा सकते हैं। अगर थर्ड एसी कोच में सफर कर रहे हैं तो अपने साथ 40 किलो तक सामान ले जा सकते हैं। आप अगर स्लीपर क्लास में सफर कर रहे हैं तो अपने साथ 80 किलो तक सामान ले जा सकते हैं। ज्यादा सामान ले जाने पर लगेगा जुर्माना इंडियन रेलवे के द्वारा सामान को लेकर जो नियम बनाया गया है उसका अगर कोई व्यक्ति उल्लंघन करता है तो उसपर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। अगर आपके पास अधिक समान है तो बेहतर होगा कि आप लगेज बुक करा ले।

“देश में तेजी से फैल रहा है ‘दिमाग खाने वाले अमीबा का खतरा’, जानिए डॉक्टरों से इससे बचने का उपाय”

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केरल में पिछले कुछ दिनों से दिमाग खाने वाले अमीबा का खतरा बढ़ गया है। इस सूक्ष्मजीव का नाम नेगलेरिया फाऊलेरी है। आम बोलचाल की भाषा में इसे दिमाग खाने वाला अंबा कहा जाता है।

केरल में इसके 67 मामले सामने आ चुके हैं और 18 लोगों की मौत भी हो चुकी है। बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री बीना जॉर्ज ने तत्काल जल सुरक्षा और इससे निपटने का निर्देश जारी किया है।

सामने जानकारी के अनुसार बढ़ते तापमान के वजह से अमेबिक मेनिनजाइटिस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। यह अमीबा से होने वाला एक घातक रोग है जो पूरे दिमाग को खो जाता है मौत हो जाती है। तो आईए जानते हैं कैसे बचे इस बीमारी से… बेंगलुरु के एक न्यूरोलॉजिस्टिक डॉ नितिन कुमार ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि हाल ही में ब्रेन अमीबा से जुड़े मामले सामने आए हैं जो की बेहद ही गंभीर मेडिकल कंडीशन है। इसमें मृत्यु दर काफी अधिक हो जाती है यानी कि अधिकतर मरीज इसके संक्रमण से बच ही नहीं पाते हैं। इस अमीबा को आमतौर पर दिमाग खाने वाला अमीबा के नाम से जाना जाता है। गंदगी के वजह से यह उत्पन्न होता है इसके साथ ही यह पानी के अंदर भी उत्पन्न होता है। गर्म स्थलों पर यह काफी ज्यादा फैलता है। स्विमिंग पूल गया किसी नदी में इसका प्रजनन दर बढ़ जाता है और जब मनुष्य के संपर्क में आता है तो यह दिमाग में घुस जाता है।

डॉक्टर ने बताया कि जब कोई व्यक्ति पानी में तैरता है तो नाक के जरिए यह दिमाग में चला जाता है और ब्रायन को खाने लगता है। इससे अभी तक कई लोगों की मौत हो चुकी है। जब यह अमीबा दिमाग में चला जाता है तो मिर्गी का दौरा पड़ने लगता है।

अगर आपको इसका लक्षण दिखे तो आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें तभी आपकी जान बच सकती है। आप गंदगी भर पानी में स्नान करने से बचें।

“इधर नीतीश कुमार और अमित शाह मिले उधर NDA में सेट हो गया सीटों का फॉर्मूला? देखें आंकड़े”

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बिहार में इस साल (2025) होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारी तेज हो गई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज बिहार में हैं. डेहरी ऑनसोन और बेगूसराय में उनका कार्यक्रम है.

इस बीच पटना में नीतीश कुमार ने अमित शाह से मुलाकात की. चुनाव के साथ-साथ सीट शेयरिंग आदि पर भी चर्चा हुई. दूसरी ओर सबसे बड़ा सवाल है कि एनडीए में शामिल दलों को आखिर कितनी सीटें इस बार मिलेंगी?

इस बार मांझी को मिल सकती हैं 6-7 सीटें बिहार में विधानसभा की 243 सीटें हैं. एनडीए में बिहार में पांच दल बीजेपी, जनता दल यूनाइटेड, एलजेपी रामविलास, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा है. सूत्रों की मानें तो ताजा आंकड़ा निकलकर आ रहा है उसके अनुसार, बिहार में 243 में से जेडीयू 102-103, बीजेपी- 101-102, एलजेपी रामविलास 25-28, हम- 6-7 और आरएलएम 4-5 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है.

अमित शाह और नीतीश कुमार की बंद कमरे में करीब 20 मिनट तक हुई मुलाकात हुई. इसी बीच सूत्रों से एनडीए में सीट शेयरिंग का उक्त फॉर्मूला सामने आया है. 2024 के लोकसभा चुनाव के फॉर्मूले पर ही विधानसभा चुनाव को लेकर सीट बंटवारा होने की संभावना है. बीजेपी 17, जेडीयू 16, एलजेपी रामविलास पांच सीटों पर, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) एक-एक सीट पर चुनाव लड़ी थी.

2020 में किसके खाते में थी कितनी सीटें? 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव की बात करें तो जेडीयू के खाते में 122 सीटें थीं. इसमें से सात सीटें हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा को पार्टी ने दे दी थी. बीजेपी के कोटे में 121 सीटें थीं. बीजेपी ने अपने कोटे की 11 सीटें विकासशील इंसान पार्टी को दी थी. देखा जाए तो जेडीयू 115 सीटों, बीजेपी 110 सीटें पर 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में लड़ी थी. 74 सीटों पर बीजेपी के प्रत्याशी जीते थे. जनता दल यूनाइटेड के 43 कैंडिडेट चुनाव जीत कर आए थे.

वोट चोरी के आरोपों पर रविशंकर प्रसाद- लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी वोट चोरी का आरोप लगाते हुए लगातार मोदी सरकार पर हमलावर…

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लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी वोट चोरी का आरोप लगाते हुए लगातार मोदी सरकार पर हमलावर हैं. वो कई बार सरकार और चुनाव आयोग पर सीधे आरोप लगा चुके हैं. इसी मामले को लेकर गुरुवार (18 सितंबर, 2025) को एक बार फिर से राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की.

उनके आरोपों को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद ने पलटवार किया है.

पटना में मीडिया से बात करते हुए रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ना कानून समझते हैं ना सुप्रीम कोर्ट को समझते हैं. जिस तरह से वो (राहुल गांधी) बयानबाजी कर रहे हैं यह उनकी हताशा दिखा रहा है.

राहुल के आरोपों पर क्या बोले रविशंकर प्रसाद रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी के आरोपों को लेकर कहा कि वो विपक्ष के नेता हैं कुछ तो सभ्यता से बोलें. सब जानते हैं वह किस हैसियत से विपक्ष के नेता बने हैं. उनको जनता ने नकार दिया है. उन्होंने आगे कहा कि जबसे मोदी जी पीएम बने हैं यह उनको (राहुल गांधी) को सही नहीं लग रहा है.

राहुल गांधी ने इस बार क्या आरोप लगाए कांग्रेस सांसद ने 31 मिनट के प्रेजेंटेशन में वोट चोरी के आरोप लगाए और सबूत दिखाने का दावा किया. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जानबूझकर कांग्रेस के वोटरों को निशाना बना रहा है और उनके नाम डिलीट कर रहा है. बता दें कि राहुल गांधी इस बार अपने साथ कर्नाटक के उन वोटर्स को भी लेकर आए, जिनके नाम वोटर्स लिस्ट से डिलीट किए गए.

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार उन लोगों की रक्षा कर रहे हैं, जिन्होंने भारतीय लोकतंत्र को बर्बाद कर दिया है. उन्होंने फिर कहा कि महाराष्ट्र, हरियाणा और यूपी में यही हो रहा है.

“World Leaders Salary: पीएम मोदी से कितना ज्यादा कमाते हैं वर्ल्ड लीडर्स, जानें ट्रंप, पुतिन और जिनपिंग की सैलरी”

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World Leaders Salary:  दुनिया के बड़े नेता सिर्फ नीतियों और फैसलों के जरिए ही चर्चा में नहीं रहते, बल्कि उनकी सैलरी भी लोगों के बीच उत्सुकता का विषय होती है. आम नागरिक हमेशा यह जानना चाहते हैं कि उनकी तुलना में दुनिया के टॉप नेताओं की सैलरी कितनी है.

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सैलरी के बारे में तो हमने आपको बीते दिन बताया था. वह आंकड़ा निश्चित रूप से सम्मानजनक है, लेकिन जब हम इसे अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों से तुलना करते हैं तो यह अंतर साफ दिखाई देता है. चलिए जानें कि ट्रंप, पुतिन और जिनपिंग की सैलरी कितनी है.

व्लादिमीर पुतिन की सैलरी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बात करें तो रूस दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी ताकत है, ऐसे में उनके राष्ट्रपति की सैलरी भी टॉप की होगी. रिपोर्ट्स की मानें तो व्लादिमिर पुतिन को आधिकारिक रूप से सालाना करीब 1,40,000 डॉलर यानी लगभग 1.16 करोड़ रुपये सैलरी मिलती है. यह राशि उनके मूल वेतन की है, लेकिन राष्ट्रपति होने के नाते उन्हें सरकारी निवास, सुरक्षा, यात्रा और अन्य भत्तों जैसी कई सुविधाएं भी प्राप्त होती हैं, जिससे कि आंकड़ा बढ़ जाता है. हालांकि, रूस पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध और यूक्रेन युद्ध ने उनकी आर्थिक स्थिति और संपत्ति को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं.

डोनाल्ड ट्रंप की कमाई अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है. ऐसे में वहां के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बात करें तो अमेरिकी कानून के अनुसार उनका बेसिक वेतन 4,00,000 डॉलर (करीब 3.32 करोड़ रुपये) सालाना है. इसके अलावा उन्हें 50,000 डॉलर का वार्षिक भत्ता, 1,00,000 डॉलर यात्रा खर्च और 19,000 डॉलर मनोरंजन के लिए मिलते हैं, साथ ही 1,00,000 डॉलर ऑफिस और राष्ट्रपति आवास सजाने-संवारने के लिए अलग से दिए जाते हैं. इन सभी को मिलाकर ट्रंप का कुल पैकेज लगभग 5,69,000 डॉलर यानी करीब 4.72 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है.

शी जिनपिंग की आधिकारिक आय रिपोर्ट्स की मानें तो चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की घोषित वार्षिक सैलरी लगभग 1,36,620 युआन है, जो अमेरिकी डॉलर में करीब 19,000 से 22,000 डॉलर (लगभग 15-18 लाख रुपये) होती है. यह आंकड़ा चीन की विशाल अर्थव्यवस्था और उनकी शक्ति को देखते हुए बेहद कम माना जाता है. हालांकि, यह भी सच है कि शी जिनपिंग को मिलने वाले आधिकारिक वेतन से ज्यादा चर्चा उनके पद से जुड़ी अघोषित सुविधाओं और पारिवारिक संपत्ति को लेकर रहती है.

किसकी सैलरी ज्यादा कम अगर तुलना की जाए तो पीएम मोदी की सैलरी ट्रंप और पुतिन जैसे नेताओं से काफी कम है. वहीं, शी जिनपिंग की घोषित आय तो मोदी से भी कम है, लेकिन उनके वास्तविक आर्थिक लाभों पर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है.

“भूपेंद्र चौधरी का बड़ा बयान, कहा- पश्चिम यूपी में बिगड़ता आबादी संतुलन चुनौती, लेकिन यह लड़ाई…”

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उत्तर प्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस पर चल रहे सेवा पखवाड़ा अभियान के तहत मुजफ्फरनगर पहुंचकर सफाई अभियान और रक्तदान शिविर में भाग लिया.

मीडिया से बातचीत में उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बिगड़ते आबादी संतुलन, वोट चोरी के आरोपों, बूथ कैप्चरिंग और महिलाओं की सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर बयान दिए.

चौधरी ने विपक्ष पर नेगेटिव प्रोपेगैंडा का आरोप लगाते हुए इंदिरा गांधी के 1971 के रायबरेली चुनाव को निशाना बनाया.

पश्चिम यूपी में आबादी संतुलन बिगड़ना बड़ी चुनौती जगद्गुरु रामभद्राचार्य के ‘पश्चिम उत्तर प्रदेश मिनी पाकिस्तान बन गया है’ बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि जिस प्रकार से आबादी का संतुलन बिगड़ा है, वह हम सभी के लिए एक चुनौती है. लेकिन यह लड़ाई व्यक्तिगत नहीं, विचारधारा की है. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में सभी जाति-पंथ के लोगों को संवैधानिक अधिकारों के तहत जीवन यापन का हक है. भाजपा सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए काम कर रही है.

वोट चोरी पर पलटवार: इंदिरा गांधी दोषी पाई गईं विपक्ष का नेगेटिव प्रोपेगैंडा विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर चौधरी ने कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि वोट चोरी किसने की, यह जनता जानती है. 1971 के रायबरेली लोकसभा चुनाव में इंदिरा गांधी को वोट चोरी का दोषी पाया गया था. उन्होंने सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग कर चुनाव जीता था, जिसे इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया था और उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई थी.

चौधरी ने तंज कसते हुए कहा कि आज वही लोग, जो अतीत में प्रमाणित रूप से दोषी थे, अब नेगेटिव प्रचार कर रहे हैं. 1971 चुनाव में इंदिरा गांधी ने राज नारायण को हराया था, लेकिन अदालत ने सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के लिए फैसला सुनाया, जो इमरजेंसी का कारण बना.

2014 के बाद बूथ कैप्चरिंग और हिंसा का अंत चौधरी ने दावा किया कि 2014 से पहले बूथों पर अराजकता, हिंसा और बूथ कैप्चरिंग आम थी. गरीबों और कमजोर वर्गों को वोट डालने से रोका जाता था. लेकिन 2014 के बाद से कोई बूथ हिंसा या कैप्चरिंग नहीं हुई. उन्होंने कहा कि आज जिन लोगों को यह प्रक्रिया खटक रही है, वे वही हैं जो पहले चुनावों को प्रभावित करते थे.

महिलाओं की सुरक्षा पर योगी सरकार सजग हाल ही में उत्तर प्रदेश में हुई एक दुखद घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए चौधरी ने कहा कि यह दुखद और पीड़ादायक है, लेकिन सरकार सजग है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका संज्ञान लिया है और दोषियों पर ऐसी कार्रवाई होगी जो नजीर बनेगी. उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और समृद्धि के लिए सरकार के प्रयासों का जिक्र किया. तीन तलाक बिल का उदाहरण देते हुए कहा कि मुस्लिम बहनों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह कानून लाया गया, जो भाजपा की समावेशी नीति को दर्शाता है.

सेवा पखवाड़ा अभियान का हिस्सा पीएम मोदी के जन्मदिवस पर चल रहे सेवा पखवाड़ा के तहत चौधरी ने मुजफ्फरनगर में सफाई अभियान चलाया और रक्तदान शिविर में भाग लिया. यह अभियान भाजपा की सामाजिक सेवा को मजबूत करने का प्रयास है.

“Rahul Gandhi PC: राहुल गांधी का आरोप-काटे जा रहे कांग्रेस समर्थकों के वोट, सबूत दिखाए”

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कांग्रेस के नेता राहुल गांधी लगातार वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं. वोट चोरी को लेकर वो बीजेपी और चुनाव आयोग को घेरने का काम कर रहे हैं. आज गुरुवार को राहुल गांधी ने दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय के सभागार में पीसी की और फर्जी तरीके से वोट काटने के आरोप लगाए.

राहुल गांधी ने कुछ सबूत भी सामने रखे और दावा किया कि चुनाव आयोग के संरक्षण में ये सब हो रहा है. हालांकि, कयास लगाए जा रहे थे कि इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में वो वोट चोरी के मुद्दे को लेकर हाइड्रोजन बम फोड़ सकते हैं लेकिन अपने बयान में राहुल ने कहा कि आज हाइड्रोजन बम नहीं है. हाइड्रोजन बम की जगह राहुल ने आज वोट डिलीट में फर्जीवाड़े के आरोप लगाए.

राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग सिस्टमेटिकली लाखों वोटर्स को टारगेट करके उनके नाम हटा रहा है. मतदाताओं को हटाने का काम किसी व्यक्ति के माध्यम से नहीं बल्कि सॉफ्टवेयर का उपयोग करके केंद्रीकृत तरीके से किया गया.

पीसी में राहुल ने दावा किया कि कर्नाटक के आनंद में साल 2023 के चुनाव में 6018 वोट डिलीट किए गए हैं. खासतौर पर इनमें दलित और ओबीसी वोटर शामिल हैं. राहुल गांधी ने दावा किया कि चुन-चुनकर ऐसे लोगों के वोट डिलीट किए जा रहे हैं जो कांग्रेस समर्थक हैं. वोट डिलीट करने का ये काम बाहर के राज्यों के फोन नंबर से किया जा रहा है. राहुल गांधी ने दावा किया कि कर्नाटक सीआईडी की तरफ से बार बार चुनाव आयोग को 18 पत्र लिखे और वोट डिलीट के मुद्दे पर कुछ सवाल पूछे गए लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया. राहुल ने कहा कि इससे ये लगता है कि चुनाव आयोग मतदाताओं के नाम हटाने का ब्यौरा न देकर लोकतंत्र के ‘हत्यारों’ का बचाव कर रहा है.

राहुल की पीसी में सामने आया वोटर राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक वोटर को मंच पर भी बुलाया. कर्नाटक के इस वोटर ने पीसी के दौरान बताया कि मेरे नाम पर 12 लोगों का नाम डिलीट किया गया है और मुझे इसकी जानकारी भी नहीं है. वोटर ने बताया कि मैंने कभी किसी को कोई मैसेज नहीं किया है और न ही बुलाया है. राहुल ने आरोप लगाए कि कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में ‘बड़े पैमाने’ पर मतदाताओं के नाम हटाए गए. यह मतदाताओं के नाम हटाकर ‘वोट चोरी’ करने का एक और उदाहरण है.

राहुल ने अपनी पीसी में क्या कहा? राहुल ने अपनी पीसी में कहा, ‘मैं पुख्ता सबूतों के साथ अपनी बात कह रहा हूं. देश का दलित और ओबीसी इनके निशाने पर है. मुझे अपने देश और संविधान से प्यार है और मैं अपने संविधान की रक्षा करूंगा.

राहुल ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को जो वर्ग वोट करते हैं उनके वोट काटे जा रहे हैं. सॉफ्टवेयर के जरिए वोट डिलीट के आवेदन किए गए हैं. कर्नाटक के बाहर के फोन नंबर इस्तेमाल कर वोट डिलीट कराए गए हैं. सूर्यकांत नाम के शख्स ने 14 मिनट में 12 वोट डिलीट करने के फॉर्म भरे हैं. इस दौरान राहुल ने वीडियोज और लोगों को पेश किया.

ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र को नष्ट करने वालों को बचा रहे- राहुल राहुल गांधी ने कहा कि यह इस देश के युवाओं को समझाने और दिखाने की दिशा में एक और मील का पत्थर है कि चुनावों में किस तरह धांधली हो रही है. मैं चुनाव आयोग ज्ञानेश कुमार के बारे में एक मजबूत दावा पेश करने जा रहा हूं.

राहुल ने 7 अगस्त को पेश की थी प्रजेंटेशन राहुल गांधी की आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस 7 अगस्त को हुई थी. इसमें उन्होंने कर्नाटक की एक लोकसभा सीट के 2024 आम चुनाव के आंकड़ों का विश्लेषण पेश करते हुए वोट चोरी का आरोप लगाया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग, बीजेपी के साथ मिलकर वोट चोरी कर रहा है. उन्होंने इसे संविधान के खिलाफ अपराध बताया था.

हाइड्रोजन बम को लेकर क्या कहा था? बिहार चुनाव में लगातार राहुल गांधी वोट चोरी का मुद्दा उठाते दिखाई दे रहे हैं. बिहार में राहुल गांधी ने कहा था कि वोट चोरी का मतलब अधिकार की चोरी, आरक्षण की चोरी, रोजगार की चोरी, शिक्षा की चोरी, लोकतंत्र की चोरी, युवाओं के भविष्य की चोरी है. यह आपकी जमीन, आपका राशन कार्ड लेकर अडाणी-अंबानी को दे देंगे. महात्मा गांधी की हत्या करने वाली शक्ति संविधान की हत्या करने की कोशिश कर रहे हैं. हम इन्हें संविधान की हत्या नहीं करने देंगे.

उन्होंने कहा था कि हमने बिहार की यात्रा की. बिहार के सारे के सारे युवा खड़े हो गए, छोटे-छोटे बच्चे जीप के पास आते थे, कहते थे वोट चोर, गद्दी छोड़. बीच में बीजेपी के लोग काले झंडे दिखाते थे. आपने एटम बम का नाम सुना है? एटम बम से बड़ा हाइड्रोजन बम होता है. बीजेपी के लोगों तैयार हो जाओ, हाइड्रोजन बम आ रहा है. पूरे देश को आपकी सच्चाई पता लगने वाली है. हाइड्रोजन बम के बाद पीएम नरेंद्र माेदी अपना चेहरा देश को नहीं दिखा सकेंगे.