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“पाकिस्तान ने बढ़ाई भारत की टेंशन, सऊदी अरब के साथ पाक की डिफेंस डील बनेगी खतरा?”

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हाल ही में पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच एक नई डिफेंस डील हुई है, इस समझौते पर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रियाद में हस्ताक्षर किए हैं.

इस डील का मकसद दोनों देशों को एक-दूसरे के खिलाफ किसी भी बाहरी हमले के खिलाफ मिलकर खड़ा होना बताकर सुरक्षा का मजबूत गठबंधन बनाना है.

इस डिफेंस डील पर भारत का जवाब भारत ने इस नई डिफेंस डील पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत इस समझौते के असर और इसके क्षेत्रीय माहौल पर पड़ने वाले प्रभावों को गंभीरता से देख रहा है. उन्होंने बताया कि भारत बारीकी से समझेगा कि इस डील के राष्ट्रीय सुरक्षा और व्यापक क्षेत्रीय स्थिरता पर क्या असर पड़ेगा. जायसवाल ने यह भी कहा कि भारत की प्राथमिकता अपनी सुरक्षा को मजबूत बनाना और देश के हितों की रक्षा करना है.

यह समझौता इस लिहाज से खास है कि यह भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए सैन्य तनाव के कुछ महीनों बाद आया है. भारत-पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक चले इस तनावपूर्ण टकराव ने क्षेत्र में शांति की नाजुक स्थिति को साफ दिखाया था. ऐसे में पाकिस्तान का सऊदी अरब के साथ इस तरह का मजबूत सुरक्षा गठबंधन बनाना भारत के लिए चिंता का विषय बन सकता है.

पूरे दक्षिण एशिया पर हो सकता है असर माना जा रहा है कि  पाकिस्तान  के रक्षा संबंधों में किसी भी बड़े बदलाव का असर पूरे दक्षिण एशिया के रणनीतिक और कूटनीतिक वातावरण पर पड़ सकता है. सऊदी अरब का पाकिस्तान के साथ इस तरह का गहरा रक्षा सहयोग क्षेत्रीय ताकतों के बीच नई कूटनीतिक चालें हो सकती हैं.

सऊदी अरब और पाकिस्तान के इस समझौते को लेकर भारत ने अभी सीमित लेकिन स्पष्ट रुख अपनाया है. सरकार की कोशिश है कि वे इस समझौते के हर पहलू को ध्यान से देखें और आवश्यक कदम उठाएं, ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे और किसी भी तरह की सुरक्षा चुनौती से निपटा जा सके.

विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 1.84 लाख श्रमिकों को 65.16 करोड़ रुपए डीबीटी (DBT) के माध्यम से अंतरित किए।

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”विश्वकर्मा जयंती पर सीएम साय ने 1.84 लाख श्रमिकों को 65.16 करोड़ रुपए अंतरित किए…”Raipur में आयोजित श्रमिक महासम्मेलन में सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि श्रमिकों के योगदान से साकार होगा विकसित छत्तीसगढ़”

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर 17 सितंबर को इंडोर स्टेडियम रायपुर में आयोजित श्रमिक महासम्मेलन में 1.84 लाख श्रमिकों को 65.16 करोड़ रुपए डीबीटी (DBT) के माध्यम से अंतरित किए। सीएम साय ने कहा कि समाज की रीढ़ श्रमिक हैं और उनके योगदान से विकसित छत्तीसगढ़ का सपना साकार होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने दीदी ई-रिक्शा योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि और श्रमिकों को मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक सहायता योजना के तहत मकान निर्माण सहायता राशि 1 लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपए करने की घोषणा की। साथ ही, पंजीकृत श्रमिकों की नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच और इलाज का संपूर्ण खर्च अब श्रम विभाग द्वारा किया जाएगा।

 

CG Weather: सितंबर के दूसरे पखवाड़े में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। 18 से 23 सितंबर के बीच अच्छी वर्षा की संभावना है।

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”सितंबर के दूसरे पखवाड़े में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। 18 से 23 सितंबर के बीच अच्छी वर्षा की संभावना है। हालांकि, इस दौरान कहीं भी जलभराव जैसी स्थिति नहीं बनी।”

छत्तीसगढ़ में बुधवार को हुई झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं खेतों में खड़ी फसलों के लिए भी यह वरदान साबित हो रही है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 18 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है। विशेष रूप से सरगुजा और उससे लगे बिलासपुर संभाग के जिलों में बारिश का असर ज्यादा दिख सकता है। विभाग ने बताया कि फिलहाल एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवात पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के ऊपर लगभग 3 किलोमीटर की ऊंचाई तक सक्रिय है। वहीं दक्षिण-पश्चिम विदर्भ और आसपास के क्षेत्रों में यह 5.8 किलोमीटर तक फैला हुआ है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इन परिस्थितियों से प्रदेश में अगले दो-तीन दिन तक वर्षा का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं।

 

हड़ताली कर्मचारियों को संविदा भर्ती नियम अनुसार एक माह का नोटिस देते हुए सेवा समाप्ति करने को आदेश जारी…

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”हड़ताली कर्मचारियों को संविदा भर्ती नियम अनुसार एक माह का नोटिस देते हुए सेवा समाप्ति करने को आदेश जारी हुआ है। जिसका बुधवार को पूरे 16 हजार संविदा कर्मचारियों द्वारा इनका खंडन किया और अपनी नाराजगी व्यक्त की गई।”

बीते एक माह से प्रदेश भर में हड़ताल पर बैठे 16 हजार एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सचिव द्वारा पत्र जारी कर हड़ताल को खत्म करने एवं 16 सितंबर 2025 तक कार्य में वापस लौटने को कहा गया था। साथ ही सभी जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को आदेश दिए गए थे कि सभी हड़ताली कर्मचारियों को संविदा भर्ती नियम अनुसार एक माह का नोटिस देते हुए सेवा समाप्ति करने को आदेश जारी हुआ है। जिसका बुधवार को पूरे 16 हजार संविदा कर्मचारियों द्वारा इनका खंडन किया और अपनी नाराजगी व्यक्त की गई।

इन कर्मचारियों ने कहा हमें अफसोस है कि एक ओर हमारे स्वास्थ्य मंत्री 10 मांगों में से 5 मांगे पूर्ण करने और बची हुए 5 मांगे के लिए केंद्र को पत्र लिखने की बात करते हैं, मतलब शासन अपने और हमारे हड़ताल के बीच का रास्ता बना रहे है।

वहीं उनके ही प्रशासन एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के हड़ताल के विरुद्ध कार्यवाही पर कार्यवाही कर रहें हैं। यह हमारे लिए दूसरी बार पत्र जारी हुआ है। पहले कार्यवाही आदेश के खिलाफ हम 16 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी पहले ही सामूहिक रूप से त्याग पत्र दे चुकें हैं। हड़ताली कर्मचारियों ने कहा कि हम 16 हजार कोरोना योद्धा कहे जाने वाले संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी इन आदेशों का खंडन करते हैं और इस पत्र से हम बिलकुल भी डरने वाले नहीं हैं। हमारा कोई भी साथी फिर से ज्वाईनिंग नहीं करने वाले हैं, हड़ताल जारी है और जारी रहेगी। अब आश्वासन नहीं आदेश चाहिए।

इसी क्रम में हड़ताल के 30वें दिन में बलौदा बाजार के सभी 421 एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बलौदा बाजार द्वारा भी एनएचएम संविदा सेवा भर्ती नियम के अनुसार एक माह पूर्व नोटिस देते हुए 421 कर्मचारियों की सेवा समाप्ति पत्र जारी किया गया है, जिसका बलौदा बाजार के सभी कर्मचारियों ने खंडन किया और विरोध जताते हुआ सभी पत्र को आग लगाकर फूक दिया। कर्मचारियों ने कहा कि हममें से कोई भी आज अपने काम पर वापस उपस्थित नहीं हुए हैं, कोई ज्वाईनिंग नहीं किया है। हमारा आंदोलन जारी है और जारी रहेगा।

एक माह से जारी है हड़ताल

पिछले 30 दिन से पूरे प्रदेश के 16 हजार एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर लगातार हड़ताल पर हैं और आज पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित है। इन कर्मचारियों का कहना है कि हम कभी भी हड़ताल में जाने को तैयार नहीं थे। हमें शासन प्रशासन ने हड़ताल में आने और इतने लंबे समय तक आंदोलन में बने रहने पर मजबूर किया गया है। हमने सरकार के सत्ता आने के बाद से अब तक लगातार 160 बार से अधिक अपने मांगों को लेकर आवेदन निवेदन करते रहें। हमें मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, वित्त मंत्री, केबिनेट मंत्री और सभी विधायकों सांसदों को ये पत्र देकर निवेदन किया है। वर्तमान सरकार 100 दिन में मांगों पूरी करने वाली मोदी की गारंटी को भी पूरा नहीं कर रही तो हमने अंत में हड़ताल का रास्ता अपनाया है।

‘विश्वकर्मा जयंती पर राजधानी में श्रमिक महासम्मेलन… ‘मुख्यमंत्री श्री साय श्रमवीरों को 65 करोड़ रूपए से अधिक की सहायता देंगे…

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”मुख्यमंत्री श्री साय श्रमवीरों को 65 करोड़ रूपए से अधिक की सहायता देंगे 1.84 लाख से अधिक पंजीकृत श्रमिक होंगे लाभान्वित, महासम्मेलन में श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच और ब्लड डोनेशन कैंप भी लगेगा”

छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष और कल विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर में श्रमिक महासम्मेलन का आयोजन होगा। इस महासम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मेहनतकश श्रमिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करेंगे। महासम्मेलन राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में दोपहर 3 बजे से आयोजित होगा। इस महासम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री साय 1 लाख 84 हजार 220 से अधिक पंजीकृत श्रमिकों को 65 करोड़ 16 लाख 61 हजार रूपए से अधिक की सहायता डीबीटी के माध्यम से जारी करेंगे। महासम्मेलन में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल और छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल सहित छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल में पंजीकृत श्रमिकों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर श्रम विभाग के द्वारा 12-19 सितंबर तक 55 स्वास्थ्य शिविर का आयोजन सभी जिलों में किया जा रहा है। इन शिविरों में श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच, दवाई वितरण, श्रमिक पंजीयन एवं नवीनीकरण का काम भी किया जा रहा है। इसी प्रकार निर्माण श्रमिकों का कौशल उन्नयन के लिए महासमुन्द जिलेेे में 22, बिलासपुर जिले में 20 और राजनांदगांव जिले में 20 श्रमिकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अन्य जिलों में भी कौशल उन्नयन के लिए प्रशिक्षण देने श्रमिकों के चयन की कार्यवाही की जा रही है।

इंडोर स्टेडियम परिसर में आयोजित होने वाले श्रमिक महासम्मेलन में कर्मचारी राज्य बीमा सेवाओं द्वारा ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन भी किया जायेगा। इसके साथ ही संशोधित श्रम कल्याण मण्डल द्वारा 50 श्रमिकों को चश्मा वितरण किया जायेगा। महासम्मेलन में प्रदेश के अन्य जिलों से आने वाले श्रमिकों एवं उनके परिजनों की भी स्वास्थ्य जांच की जायेगी। महासम्मेलन स्थल इंडोर स्टेडियम परिसर में श्रमिकों को सुरक्षा के लिए विभागीय योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी। इसके साथ ही श्रमिकों को श्रम विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जायेगी।

जनप्रतिनिधि भी रहेंगे मौजूद
इस श्रमिक महासम्मेलन में छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, वन मंत्री एवं रायपुर जिला प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री राजेश मूणत, श्री अनुज शर्मा, श्री मोती लाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री इन्द्रकुमार सहित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छ.ग. श्रम कल्याण मण्डल के अध्यक्ष श्री योगेशदत्त मिश्रा, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे एवं रायपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल भी शामिल होंगे।

1.84 लाख से अधिक श्रमिकों को 65.16 करोड़ रूपए की सहायता मिलेगी
प्रदेश के 1 लाख 84 हजार 220 पंजीकृत श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को इस महासम्मेलन में 65 करोड़ 16 लाख 61 हजार 450 रूपए का वितरण कार्यक्रम स्थल से केन्द्रीयकृत डी.बी.टी. के माध्यम से किया जाएगा। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत 1 लाख 77 हजार 049 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को 58 करोड़ 32 लाख 38 हजार 136 रूपए की सहायता मिलेगी। इसी तरह छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल अंतर्गत पंजीकृत 3 हजार 839 श्रमिकों को 4 करोड़ 77 लाख 50 हजार 750 रूपए की सहायता मिलेगी। छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल में पंजीकृत 3 हजार 332 श्रमिकों के  खातों में 2 करोड़ 06 लाख 72 हजार 570 रूपए डी.बी.टी. के जरिए जमा किए जाऐंगे।

इन योजनाओं का मिलेगा लाभ 
छ.ग. भवन एवं अन्य सन्निमार्ण कर्मकार मंडल द्वारा संचालित दीदी-ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत 12 हितग्राहियों को 12 लाख रूपए की सहायता दी जाएगी। इसी तरह 2 हजार 599 श्रमिकों को मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत 5 करोड़ 19 लाख 80 हजार रूपए, 20 हजार 121 श्रमिकों को मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर सुरक्षा उपकरण सहायता योजना अंतर्गत 3 करोड़ 1 लाख 81 हजार 500 रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के 85 श्रमिकों को 85 लाख रूपए तथा मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना के 3 श्रमिक को 60 हजार रूपए की सहायता राशि वितरित की जायेगी। निर्माण श्रमिकों के 9 बच्चों को उत्कृष्ठ खेल प्रोत्साहन योजना के तहत 2 लाख 66 हजार रूपए और 44 हजार 464 श्रमिकों के बच्चों को निःशुल्क गणवेश तथा पुस्तक कॉपी के लिए 5 करोड़ 70 लाख 77 हजार रूपए वितरित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन योजना के तहत 45 श्रमिकों को 65 हजार रूपए की राशि दी जायेगी।

इस तरह मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के 380 श्रमिकों को 3 करोड़ 80 लाख रूपए, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना अंतर्गत 2 हजार 262 श्रमिकों को 1 करोड़ 74 लाख 64 हजार 192 रूपए, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत 4 हजार 908 श्रमिकों को 9 करोड़ 81 लाख 60 हजार रूपए तथा मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के 58 हजार 626 हजार श्रमिकों को 11 करोड़ 19 लाख 72 हजार 500 रूपए की सहायता राशि का भुगतान किया जायेगा। महासम्मेलन में मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना के 25 हजार 852 श्रमिकों को 8 करोड़ 97 लाख 24 हजार 765 रूपए की सहायता राशि का भुगतान किया जायेगा। मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना अंतर्गत 702 श्रमिकों को 1 करोड़ 40 लाख 40 हजार, मुख्यमंत्री सायकल सहायता योजना के तहत 16 हजार 588 श्रमिक परिवारों को 6 करोड़ 14 लाख 39 हजार 979 रूपए तथा मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के तहत 393 श्रमिक परिवारों को 31 लाख 4 हजार 700 रूपए की सहायता राशि दी जायेगी।

असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के तहत पंजीकृत 1 हजार 504 श्रमिकों को महतारी जतन योजना के तहत 3 करोड़ 80 हजार रूपए, 158 श्रमिकों को मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के 1 करोड़ 57 लाख 50 हजार रूपए और 2 हजार 177 श्रमिकों के बच्चों को 19 लाख 20 हजार 750 रूपए छात्रवृत्ति के रूप में दिए जायेगें।

छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल में पंजीकृत 2 हजार 030 श्रमिकों के बच्चों को शैक्षणिक छात्रवृत्ति के रूप में 1 करोड़ 27 लाख 26 हजार रूपए, निःशुल्क सिलाई मशीन योजना के तहत 742 श्रमिकों को 58 लाख 61 हजार 800 रूपए, 549 श्रमिकों को निःशुल्क साईकिल वितरण योजना के तहत 20 लाख 29 हजार 770 रूपए और श्रमिकों के 11 मेधावी विद्यार्थियों को शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत 55 हजार रूपए डीबीटी के माध्यम से वितरित किये जायेंगे।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वच्छता, आवास और लोक कल्याण उत्सव का करेंगे उद्घाटन, उप मुख्यमंत्री अरुण साव की अध्यक्षता में होगा शुभारंभ;

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”मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वच्छता, आवास और लोक कल्याण उत्सव का करेंगे उद्घाटन उप मुख्यमंत्री अरुण साव की अध्यक्षता में जनहितैषी कार्यक्रमों का होगा शुभारंभ नागरिकों को योजनाओं का लाभ दिलाने लगाए जाएंगे कई स्टॉल्स”

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 17 सितम्बर को स्वच्छता, आवास और लोक कल्याण उत्सव का उद्घाटन करेंगे। वे रायपुर के पंडित जवाहर लाल नेहरू शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के श्री अटल बिहारी बाजपेयी सभागार में सवेरे साढ़े नौ बजे आयोजित कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित भी करेंगे। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने बताया कि कार्यक्रम में स्वच्छता ही सेवा-2025 अभियान के अंतर्गत राज्य स्तरीय प्रमोचन, अंगीकार-2025 अभियान के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) आवास दिवस, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना 2.0 के साथ ही लोक कल्याण मेला का राज्य स्तरीय शुभारंभ विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी में किया जाएगा। परिवहन मंत्री तथा रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायकगण सर्वश्री राजेश मूणत,  सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, इन्द्रकुमार साहू, अनुज शर्मा तथा रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगी।

कार्यक्रम में विभिन्न जनहितैषी कार्यक्रमों के राज्य स्तरीय शुभारंभ के साथ ही स्वच्छता सुपर लीग टूलकिट का विमोचन किया जाएगा। स्वच्छता शपथ के साथ-साथ अंगीकार अभियान-2025 के अंतर्गत 11 हजार लाभार्थियों का ऑनलाइन गृह प्रवेश, अंगीकार अभियान-2025 के तहत पीएमएवाई (शहरी) के लाभार्थियों को चाबी वितरण, पीएमएवाई 2.0 के हितग्राहियों को भवन अनुज्ञा स्वीकृति पत्र का वितरण, स्वच्छता ही सेवा-2025 के अंतर्गत स्वच्छता कर्मियों को पीपीई किट का वितरण तथा पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों को चेक भी कार्यक्रम में वितरित किए जाएंगे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, अध्यक्ष और विशिष्ट अतिथिगण स्वच्छता, आवास और लोक कल्याण के उत्सव में नागरिकों की सुविधा के लिए विभिन्न स्टॉलों का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम स्थल पर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत हेल्प डेस्क और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत सीएसपीडीसीएल द्वारा अधिकृत वेंडर्स एवं विभिन्न बैंकों के स्टॉल्स के साथ ही रायपुर निगम द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अपशिष्ट प्रसंस्करण एवं निस्तारण केन्द्र का मॉडल प्रस्तुतीकरण, खुशियों का ठेला, यूपीआई बॉक्स, डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित करने शहरी पथ विक्रेताओं की आनबोर्डिंग, बैंकर्स पीएम स्वनिधि योजना 2.0 पर मार्गदर्शन एवं सहयोग हेतु लोक सेवा केन्द्र (सीएससी) के स्टॉल्स तथा पीएम स्वनिधि योजना 2.0 के आनलाइन आवेदन की व्यवस्था तथा महिला समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इस अवसर पर नगरीय निकायों में 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत क्रय किए गए वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री श्री साय 17 सितम्बर को प्रदेश के श्रमिकों को 65.16 करोड़ रूपए डीबीटी के जरिए अंतरित करेंगे…

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मुख्यमंत्री श्री साय 17 सितम्बर को प्रदेश के श्रमिकों को 65.16 करोड़ रूपए डीबीटी के जरिए अंतरित करेंगे…

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन करेंगे    

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 17 सितम्बर को अपरान्ह 2 बजे राजधानी रायपुर स्थित इंडोर स्टेडियम में विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर श्रम विभाग  द्वारा प्रदेश के एक लाख 84 हजार 220 श्रमिकों को 65 करोड़ 16 लाख 61 हजार 456 रूपए की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से भुगतान करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन करेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश के श्रमवीरों को आर्थिक मदद एवं उन्हें संबल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। मंडल द्वारा 01 लाख 77 हजार 049 निर्माण श्रमिकों को 58 करोड़ 32 लाख 38 हजार 136 रूपए, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल द्वारा 3 हजार 839 हितग्राहियों के खाते में 4 करोड़ 77 लाख 50 हजार 750 तथा छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल द्वारा 3 हजार 332 हितग्राहियों के खाते में 2 करोड़ 06 लाख 72 हजार 570 रूपए डीबीटी के जरिए अंतरित करेंगे।

“इंटरपोल का बड़ा अभियान: ऑपरेशन लायनफिश-मेयाग में 76 टन ड्रग्स जब्त, 386 गिरफ्तार”

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ड्रग्स तस्करी के खिलाफ इंटरपोल ने एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय अभियान चलाया है, जिसका नाम ‘ऑपरेशन लायनफिश-मेयाग III’ है. यह ऑपरेशन भारत समेत 18 देशों में सिर्फ दो हफ्तों में चलाया गया. इस ऑपरेशन में 76 टन ड्रग्स, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 6.5 बिलियन डॉलर है, जब्त की गई. इस दौरान 386 गिरफ्तारियां भी हुईं.

इस ऑपरेशन को इंटरपोल की अब तक की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय ड्रग-रोधी कार्रवाई में से एक माना गया है. ऑपरेशन में रिकॉर्ड 297 मिलियन मेथ की गोलियां जब्त की गईं, साथ ही फेंटानिल, हेरोइन, कोकीन और प्रीकर्सर का बड़ा जखीरा भी बरामद किया गया. ड्रग्स को सर्फबोर्ड, टी बॉक्स, कैट फूड और कॉफी मशीन में छिपाया गया था.

भारत से फेंटानिल की जब्ती…

इस ऑपरेशन में सबसे ज्यादा फेंटानिल भारत से जब्त किया गया है. जब्त की गई फेंटानिल की मात्रा इतनी थी कि इससे 15.1 करोड़ लोगों की जान जा सकती थी. फेंटानिल एक ओपिऑइड ड्रग है, जो पूरी तरह से लैब में तैयार किया जाता है. हालांकि, इसे पेन किलर के रूप में मंजूरी मिली हुई है, लेकिन इसका गैरकानूनी तरीके से भारत में उत्पादन किया जाता है.

‘लव जिहाद’ और धर्मांतरण कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर SC में सुनवाई, राज्यों को नोटिस जारी”

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सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात सहित अन्य राज्यों में ‘लव जिहाद’ और गैरकानूनी धर्मांतरण के खिलाफ बने कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया है.

कोर्ट ने राज्यों को चार हफ्तों में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है. अगली सुनवाई छह हफ्तों बाद होगी, जिसमें कानून पर रोक लगाने की मांग पर विचार किया जाएगा.

याचिकाकर्ताओं की ओर से वकीलों ने अदालत को बताया कि ये कानून अंतर-धार्मिक जोड़ों को परेशान करने और त्योहारों एवं धार्मिक अनुष्ठानों में हस्तक्षेप करने का जरिया बन गए हैं.

याचिकाओं में कहा गया है कि इन कानूनों की आड़ में किसी को भी धर्मांतरण के आरोप में फंसाया जा सकता है. याचिका दाखिल करने वालों में जमीयत उलेमा-ए-हिंद और सिटीजन फॉर जस्टिस एंड पीस जैसे संगठन शामिल हैं.

नोडल वकील नियुक्त…

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की ओर से नोडल वकील के रूप में वकील सृष्टि अग्निहोत्री और राज्यों की तरफ से वकील रुचिरा गोयल को नियुक्त किया है. यह नियुक्ति जवाब दाखिल करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए की गई है.

एक भी घुसपैठिए को बिहार में रहने नहीं दिया जाएगा. ,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घुसपैठियों का मुद्दा…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घुसपैठियों का मुद्दा उछाल कर कई चीजें साफ कर दी है. एक तो ये कि बीजेपी बिहार चुनाव में घुसपैठियों के मामले को चुनावी मुद्दा बनाने जा रही है. बिहार दौरे में प्रधानमंत्री मोदी ने घुसपैठियों के बहाने विपक्षी गठबंधन को घेरने की कोशिश की, और बोले, ये लोग चाहे जितना जोर लगा लें…

एक भी घुसपैठिए को बिहार में रहने नहीं दिया जाएगा.

विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक ने वोट-चोरी को बिहार में चुनावी मुद्दा बनाने में जुटा है, और बीजेपी घुसपैठियों के जरिए काउंटर करने की कोशिश कर रही है. समझा जा सकता है, क्यों मोदी की रैली के लिए पूर्णिया का इलाका चुना गया था. बीजेपी ने पूर्णिया का भरपूर फायदा उठाया. पूर्णिया के निर्दल सांसद पप्पू यादव को मंच पर मौका देकर बीजेपी ने दूर की कौड़ी भी खेल ली है. जिस कांग्रेस के कैंपेन में पप्पू यादव जी जान से लगे रहते हैं, वहीं राहुल गांधी के आसपास उनको पहुंचने से भी रोक दिया जाता है.

पूर्णिया में प्रधानमंत्री मोदी के निशाने पर विपक्ष ही था, आज देश के कुछ राज्यों सहित सीमांचल में डेमोग्राफी गड़बड़ा गई है… जब इसे बचाने के लिए लाल किले से अभियान शुरू किया गया तो कांग्रेस के लोग इन्हें बचाने के लिए यात्राएं निकालने लगे… ये घुसपैठियों के पक्ष में नारे लगा रहे हैं… जो भी नेता घुसपैठियों को बचाने के लिए आगे आ रहे हैं, उन्हें चुनौती देते हुए कहता हूं कि वे चाहे जितना जोर लगा लें, हम घुसपैठियों को निकालकर रहेंगे.

मोदी, असल में, हाल के इंडिया ब्लॉक की वोटर अधिकार यात्रा का जिक्र कर रहे थे, जिसमें राहुल गांधी और तेजस्वी यादव बिहार महागठबंधन के नेताओं के साथ जगह जगह नारे लगा रहे थे… ‘वोट-चोर, गद्दी छोड़’. बिहार में SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को मुद्दा बनाकर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव विरोध कर रहे हैं, जिसके बाद बिहार में एक अलग माहौल तो बन ही गया है.

विपक्ष की तरफ से लोगों को ये समझाने की कोशिश की जा रही है, एसआईआर के बहाने उनका नाम वोटर लिस्ट से हटाने की चाल है, और उसमें भी निशाने पर एक खास आबादी है. और, बीजेपी की तरफ से जिस घुसपैठिए के तौर पर पेश किया जा रहा है, वो भी उसी आबादी का वोट बैंक है – और इसीलिए चुनावी मुद्दा बनने की तरफ इशारा कर रहा है.

घुसपैठियों के लिए जिम्मेदार कौन? बीजेपी चुनावों में विपक्ष पर घुसपैठियों का हमदर्द और मददगार बन जाने का इल्जाम लगा रही है. और महागठबंधन के नेता सवाल उठा रहे हैं कि घुसपैठियों को देश की सीमा में घुसने से रोकने की जिम्मेदारी किसकी है? केंद्र में तो सरकार बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए की ही है. लोगों की मुश्किल ये है कि दोनों तरफ से सिर्फ सवाल ही पूछे जा रहे हैं, जवाब कोई नहीं दे रहा है. एक सवाल पूछा जाता है, तो जवाब में दूसरा सवाल उठा दिया जाता है.

बिहार की रैली में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को निशाना बनाते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहते हैं, ये राजद और कांग्रेस वाले लोग देश की सुरक्षा और सम्मान को भी दाव पर लगा दे रहे हैं… ये राजद और कांग्रेस वाले जितना कर ले पर ये मोदी की गारंटी है कि यहां जो भी घुसपैठिए हैं उन्हें बाहर जाना ही पड़ेगा… जो नेता बचाव कर रहे हैं उन्हें चुनौती देता हूं… आप घुसपैठिए को बचाने की जितनी कोशिश कर लें, ये मैं होने नहीं दूंगा… ये राजद और कांग्रेस वाले लोग घुसपैठिए की ढाल बने हुए हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाया है, ये लोग बेशर्मी की हद भी पार कर चुके हैं… ये राजद और कांग्रेस वाले लोग देश की सुरक्षा और सम्मान को भी दाव पर लगा दे रहे हैं. जैसे जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, आरोप प्रत्यारोप में तेजी देखने को मिल रही है. दोनों तरफ से. बीजेपी की तरफ से भी, और इंडिया ब्लॉक की तरफ से भी.

बिहार रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने सरकार का इरादा साफ कर दिया है, भारत में भारत का कानून चलेगा… घुसपैठियों की मनमानी नहीं… घुसपैठियों पर कार्रवाई होगी, और इसका सुपरिणाम देश देखेगा… राजद-कांग्रेस घुसपैठियों के समर्थन में हैं… बिहार की जनता इन्हें जवाब देगी.

बिहार के बाद पश्चिम बंगाल और असम तक हाल के असम दौरे में भी प्रधानमंत्री मोदी ने घुसपैठियों का मुद्दा उठाया था, भारतीय जनता पार्टी का उद्देश्य देश को घुसपैठियों से बचाना और अखंडता को बहाल करना है. असम में भी मोदी के निशाने पर कांग्रेस नजर आई, बोले, मैं उन राजनेताओं को कहना चाहता हूं, अगर वे चुनौती लेकर मैदान में आएंगे, तो मैं उनका सीना तानकर सामना करूंगा… मैं भी देखता हूं कि वे घुसपैठियों को बचाने में कितनी ताकत लगाएंगे… हम घुसपैठियों को हटाने में अपना जीवन लगा देंगे, वे सामने आएं और मुकाबला करें… घुसपैठियों को बचाने के लिए निकले लोगों को भुगतना पड़ेगा, और उन्हें मेरे ये शब्द जरूर सुनने चाहिए… ये देश उनको माफ नहीं करेगा.

बिहार के बाद अगले साल 2026 में पश्चिम बंगाल और असम में भी विधानसभा के चुनाव होने हैं. और, घुसपैठियों के मामले को चुनावी मुद्दा बनाने के पीछे यही मकसद है. लेकिन, एक सच ये भी है कि बीजेपी बीजेपी घुसपैठ के मुद्दे पर झारखंड विधानसभा का चुनाव नहीं जीत सकी. जबकि, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांग्लादेश के तात्कालिक बवाल की तरफ इशारा करते हुए महाराष्ट्र में भी वही नारा लगवाया था जो उन दिनों काफी चर्चित रहा – ‘बंटेंगे तो कटेंगे’.

ये ठीक है कि झारखंड में बीजेपी को महाराष्ट्र जैसी कामयाबी नहीं मिली, लेकिन ये भी मानना पड़ेगा कि बीजेपी ने ‘डेमोग्राफी’ के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में तो ला ही दिया है. और बिहार में मोदी के भाषण में भी वही गूंज रहा है – कांग्रेस और राजद ने बिहार के सम्मान के साथ-साथ बिहार की अस्मिता को भी खतरे में डाल दिया है… सीमांचल और पूर्वी भारत में घुसपैठियों के कारण बहुत बड़ा डेमोग्राफिक संकट पैदा हो गया है… बिहार, बंगाल, असम और कई राज्यों के लोग अपनी बहन-बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं… और, इसीलिए मैंने लाल किले से डेमोग्राफी मिशन का ऐलान किया है.

क्या है डेमोग्राफी मिशन 15 अगस्त, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से कहा था, ‘मैं आज एक चिंता और चुनौती के संबंध में आगाह करना चाहता हूं… सोची समझी साजिश के तहत देश की डेमोग्राफी को बदला जा रहा है… एक नए संकट के बीज बोए जा रहे हैं… ये घुसपैठिए मेरे देश के नौजवानों की रोजी रोटी छीन रहे हैं… ये घुसपैठिए मेरे देश की बहन बेटियों को निशाना बना रहे हैं, ये बर्दाश्त नहीं होगा.’

बोले, घुसपैठिए मेरे देश की बहनों-बेटियों को निशाना बना रहे हैं, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा… ये घुसपैठिए भोले-भाले आदिवासियों को गुमराह करके उनकी ज़मीन हड़प लेते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, हमारे पूर्वजों ने त्याग और बलिदान से आजादी पाई है… उन महापुरुषों के लिए सच्ची श्रद्धा ये है कि हम घुसपैठियों को स्वीकार न करें… यही उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी, इसलिए मैं आज लाल किले की प्राचीर से कहना चाहता हूं कि हमने एक ‘हाई पावर डेमोग्राफी मिशन’ शुरू करने का निर्णय किया है.