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सतनामी समाज का विशाल परिचय सम्मेलन 25 जनवरी को, विवाह के लिए युवाओं का होगा मिलन

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राजनांदगांव। संस्कारधानी राजनांदगांव में 25 जनवरी को होने जा रहा सतनामी समाज का संभाग स्तरीय युवक-युवती परिचय सम्मेलन एक नई सौगात लेकर आ रहा है। जिला सतनामी सेवा समिति पंजीयन क्रमांक 5041 के आयोजन में विवाह योग्य युवाओं और युवतियों के लिए एक बड़ा प्लेटफार्म तैयार किया जाएगा। यह कार्यक्रम न्यू बस स्टैंड जीई रोड स्थित सतनाम भवन में सुबह 10 बजे से शुरू होगा।
इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में विवाह योग्य युवक-युवतियां और उनके परिजन शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान जहां एक तरफ रिश्तों के बंधन जुड़ेंगे, वहीं दूसरी ओर विवाह की इच्छुक जोड़ों के लिए समिति द्वारा मंदिर में विवाह की व्यवस्था भी की जाएगी।
आयोजन समिति के अध्यक्ष युवराज दास ढिरहेर, उपाध्यक्ष कमलेश्वर साडे, प्रतिमा बंजारे, महामंत्री कमल कुमार लहरे, कोषाध्यक्ष संजीव बंजारे, सचिव ऋषि राय खरे एवं जिला अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ हरीश सोनवानी ने बताया कि इस वर्ष का यह आयोजन पूरे राज्य में चर्चा का विषय बनेगा, क्योंकि कार्यक्रम का प्रसारण सोशल मीडिया और फेसबुक के जरिए किया जाएगा। इसके अलावा, पंजीकरण के लिए तीन अलग-अलग काउंटर खोले जाएंगे। पंजीकरण शुल्क 300 रुपये निर्धारित किया गया है और पंजीकरण के दौरान प्रतिभागियों को आधार कार्ड, 3 पासपोर्ट साइज फोटो, और अपनी योग्यता की जानकारी देनी होगी। पंजीकरण के बिना किसी भी प्रतिभागी को कार्यक्रम में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
समिति ने यह भी बताया कि सम्मेलन में एक निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य शिविर भी लगाया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सक विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य परामर्श और इलाज देंगे। इसके अलावा, सम्मेलन स्थल पर भोजन की भी व्यवस्था रहेगी।
कार्यक्रम में महिलाएं दोनों पक्षों की काउंसलिंग करेंगी, ताकि अधिक से अधिक विवाह संबंध बन सके। सम्मेलन के 30 दिन बाद, सभी पंजीकृत प्रतिभागियों का रंगीन बायोडाटा वैवाहिक पत्रिका में प्रकाशित किया जाएगा और इसे निःशुल्क वितरित किया जाएगा।
समिति ने इस कार्यक्रम में विवाह योग्य युवक-युवतियों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे इस अनूठे सम्मेलन में भाग लेकर अपने जीवनसाथी के चुनाव में सहायता प्राप्त करें।

कमला कॉलेज की छात्राएं चयनित, ईस्ट जोन अंतर विश्व विद्यालय बॉस्केटबॉल प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगी

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राजनांदगांव। शासकीय कमलादेवी राठी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव की चार छात्राओं का चयन आगामी ईस्ट जोन अंतरविश्वविद्यालय बॉस्केटबॉल प्रतियोगिता में हुआ है। यह प्रतियोगिता दीनदयाल विश्वविद्यालय, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) में 15 जनवरी से 19 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी। चयनित छात्राओं में कु. अनिशा, कु. टेमा, कु. सुमन (बी.ए. प्रथम सेमेस्टर) और कु. कंचन (बी.ए. तृतीय सेमेस्टर) शामिल हैं।

इन छात्राओं का चयन राज्यस्तरीय बॉस्केटबॉल प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर हुआ। यह प्रतियोगिता 23 दिसंबर 2025 को शासकीय दिग्विजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजनांदगांव में आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के बाद इन छात्राओं का चयन टेमचंद विश्ववित्तालय, दुर्ग की बॉस्केटबॉल टीम में किया गया था।

महत्वपूर्ण यह है कि कु. अनिशा, कु. टेमा और कु. सुमन पिछले तीन वर्षों से सांई राजनांदगांव में बॉस्केटबॉल का प्रशिक्षण सुश्री दिव्या से प्राप्त कर रही हैं।

फिलहाल, कु. अनिशा और कु. टेमा इस समय सिनियर नेशनल बॉस्केटबॉल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम, चेन्नई में हैं।

इस उपलब्धि पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अंजली अवधिया, क्रीड़ाधिकारी डॉ. नीता एस. नायर और अन्य सभी प्राध्यापकों ने चयनित छात्राओं को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। महाविद्यालय की इस सफलता से न केवल खेल क्षेत्र में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है, बल्कि यह अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का भी स्रोत बनेगा।

इस सेक्टर में चीन के दबदबे को भारत से बड़ी चुनौती

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इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में वर्चस्व रखने वाला चीन दुनियाभर में इसे एक्सपोर्ट का जबरदस्त कमाई कर रहा है. लेकिन अब उसको भारत से सीधी चुनौती मिल रही है.

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि देश से इलेक्ट्रॉनिक एक्सपोर्ट 2025 में चार लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है और आने वाले समय में इसमें और तेजी आने की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि 2026 में चार सेमीकंडक्टर प्लांट्स के व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक एक्सपोर्ट को अतिरिक्त बढ़ावा मिलेगा.

आधिकारिक अनुमानों के अनुसार, फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में देश का कुल इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन लगभग 11.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि निर्यात करीब 3.3 लाख करोड़ रुपये का रहा. वैष्णव ने सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि 2025 में इलेक्ट्रॉनिक एक्सपोर्ट चार लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जिससे रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं और विदेशी मुद्रा की कमाई हुई है. 2026 में भी यह रफ्तार बनी रहेगी क्योंकि चार सेमीकंडक्टर प्लांट्स प्रोडक्शन शुरू करेंगे.

चीन के वर्चस्व को चुनौती

देश के इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्षेत्र में मोबाइल फोन उद्योग का दबदबा बना हुआ है. उद्योग अनुमानों के मुताबिक, इस सेक्टर में 25 लाख से अधिक लोग रोजगार पा रहे हैं. मंत्री की ओर से साझा की गई एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत से आईफोन का एक्सपोर्ट साल 2025 में बढ़कर 2.03 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो 2024 में एप्पल के 1.1 लाख करोड़ रुपये के एक्सपोर्ट से करीब दोगुना है.

मोबाइल विनिर्माताओं के उद्योग संगठन इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक भारत में मोबाइल फोन का उत्पादन 75 अरब डॉलर (करीब 6.76 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच जाएगा. इसमें से करीब 30 अरब डॉलर यानी लगभग 2.7 लाख करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट होगा. फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में देश में 5.5 लाख करोड़ रुपये के मोबाइल फोन का उत्पादन हुआ था, जबकि इस क्षेत्र से निर्यात करीब दो लाख करोड़ रुपये का रहा.

एपल का जबरदस्त विस्तार

मार्केट रिसर्च फर्म काउंटरपॉइंट के सह-संस्थापक और रिसर्च वाइस चीफ नील शाह का कहना है कि चीन पर अमेरिकी टैरिफ लगाए जाने के बाद एप्पल ने भारत में अपने विनिर्माण का तेजी से विस्तार किया है और रिकॉर्ड स्तर पर निर्यात किया है, जिससे वह भारत की विनिर्माण सफलता का एक अहम प्रतीक बन गया है. उन्होंने कहा कि भारत में मोबाइल फोन का उत्पादन करीब 30 करोड़ इकाई तक पहुंच जाएगा और 2025 में यहां बने हर चार स्मार्टफोन में से एक का निर्यात किया जाएगा.

इंटरनेशनल डेटा कॉर्पोरेशन (IDC) की 2025 की तीसरी तिमाही की ‘वर्ल्डवाइड क्वार्टरली मोबाइल फोन ट्रैकर’ रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल ने इस अवधि में घरेलू बाजार के लिए 50 लाख आईफोन की अब तक की सबसे ज्यादा आपूर्ति दर्ज की. जुलाई-सितंबर तिमाही में प्रीमियम और सुपर-प्रीमियम सेगमेंट में एप्पल की मजबूत पकड़ ने भारत के स्मार्टफोन बाजार की वृद्धि को नई गति दी.

मुर्गी पालन से बेरोजगारी को दी मात, ग्रामीण युवक बना स्वरोजगार का प्रेरक उदाहरण

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राजनांदगांव। कोरोना महामारी के दौरान नौकरी छोड़कर मुर्गी पालन में कदम रखने वाले धनेश्वर वर्मा आज ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के एक सफल उदाहरण बन गए हैं। राजनांदगांव जिले के ग्राम विष्णुपुर, गातापार कला के निवासी धनेश्वर वर्मा ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से मुर्गी पालन व्यवसाय में सफलता प्राप्त की और अब वे न केवल खुद आत्मनिर्भर हैं, बल्कि गांव के अन्य युवाओं को भी स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

पढ़ाई छोड़ कर मुर्गी पालन की ओर रुख किया
धनेश्वर वर्मा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई बी.ए. और आई.टी.आई. तक की और रायपुर में एक प्राइवेट कंपनी में सर्विस इंजीनियर के रूप में काम किया। लेकिन जब कोरोना महामारी ने जॉब बाजार को प्रभावित किया, तो उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और अपने गांव लौटकर मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू किया। शुरुआत में उनके पास सिर्फ 40 सोनाली मुर्गियां थीं, लेकिन आज उनकी मुर्गी फार्म की संख्या बढ़कर 3000 हो गई है।

मुसीबतों का सामना, फिर भी नहीं हारे
वर्मा बताते हैं कि जब फार्म में बीमारी फैली और मुर्गियां मरने लगीं, तो उन्होंने हार नहीं मानी। मरी हुई मुर्गियों का पोस्टमॉर्टम कराकर डॉक्टर से इलाज करवाया और बीमारी पर काबू पाया। डॉ. तरुण रामटेके के मार्गदर्शन से उन्होंने अपने फार्म की संख्या को धीरे-धीरे बढ़ाया और आज वह सफल मुर्गी पालनकर्ता बन गए हैं।

वर्मा के फार्म में तीन माह में एक किलोग्राम वजनी मुर्गियां तैयार हो जाती हैं। इसके बदले में उन्हें तीन माह में 2.5 लाख रुपये का मुनाफा होता है। और प्रतिमाह 70-80 हजार रुपये की शुद्ध आय होती है।

पशु चिकित्सकों का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण
जिला पशु चिकित्सालय के डॉ. तरुण रामटेके कहते हैं, “गांव में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन सही मार्गदर्शन का अभाव होता है। धनेश्वर वर्मा ने मुर्गी पालन में सफलता पाने के लिए जो मेहनत की है, वह दूसरों के लिए एक प्रेरणा है। जो भी मुर्गी पालन व्यवसाय शुरू करना चाहता है, उसे पहले कम संख्या में मुर्गियों से शुरुआत करनी चाहिए, फिर धीरे-धीरे बर्ड की संख्या बढ़ानी चाहिए। साथ ही समय-समय पर टीकाकरण और पशु चिकित्सक से मार्गदर्शन लेना जरूरी है।”

स्वरोजगार की ओर एक नई दिशा
धनेश्वर वर्मा की सफलता से न सिर्फ वे स्वयं आत्मनिर्भर हुए हैं, बल्कि उन्होंने अपने गांव और आसपास के इलाकों में स्वरोजगार की एक नई राह दिखाई है। आज वह लगभग आधे एकड़ में फार्म बनाकर मुर्गी पालन कर रहे हैं और अपने अनुभवों को अन्य युवाओं के साथ साझा कर उन्हें भी इस क्षेत्र में कदम रखने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

धनेश्वर वर्मा का यह कदम यह साबित करता है कि अगर मेहनत और सही दिशा में काम किया जाए, तो किसी भी व्यवसाय में सफलता मिल सकती है। वह अपने क्षेत्र के युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन चुके हैं।

महाराष्ट्र में हिंसक हुआ चुनाव! एकनाथ शिंदे गुट और बीजेपी कार्यकर्ता

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महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है. इस बीच राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता आक्रामक रूप से सक्रिय हैं. इस बीच कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में महायुति के दो सहयोगी दल ही आपस में भिड़ गए.

ध्यान देने वाली बात है कि ये सरकार में तो ये दोनों दल सहयोगी हैं, लेकिन मनपा चुनाव में आमने-सामने लड़ रहे हैं.

ये दो दल हैं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और एकनाथ शिंदे की शिवसेना. दरअसल, कल्याण-डोंबिवली महानरपालिका चुनाव में शिवसैनिकों ने बीजेपी पर पैसा बांटने का आरोप लगाया और इसी के साथ प्रतिद्वंद्वी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया.

हमले में बीजेपी के दो और शिवसेना के दो पदाधिकारी घायल हो गए हैं. शिंदे गुट ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर रात के अंधेरे में पैसे बांटने का आरोप लगाया है.

दोनों दलों के दो-दो पदाधिकारी घायल

बताया जा रहा है कि कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका चुनाव के प्रचार के अंतिम चरण में डोंबिवली के तुकाराम नगर इलाके में बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई. पैनल नंबर 29 में मतदाताओं को पैसे बांटने के आरोप को लेकर दो रातों तक तनाव रहा. इस घटना में बीजेपी के 2 और शिवसेना के 2 पदाधिकारी घायल हुए हैं.

बीजेपी और शिवसेना पदाधिकारी अस्पताल में भर्ती

बीजेपी उम्मीदवार आर्या नाटेकर के पति ओमकार नाटेकर और शिवसेना उम्मीदवार नितिन पाटील को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

‘भावनात्मक नाटक अब नहीं चलेगा’, उद्धव और राज ठाकरे पर एकनाथ शिंदे”

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मुंबई के शिवाजी पार्क में सोमवार (12 जनवरी) महायुति की एक भव्य जनसभा का आयोजन किया गया. इस सभा में महायुति के सभी प्रमुख नेता मंच पर मौजूद रहे और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तथा नागरिक उपस्थित थे.

सभा को संबोधित करते हुए शिवसेना के मुख्य नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि शिवतीर्थ और शिवसेना का अटूट नाता है और अब उसी तरह महायुति का भी शिवतीर्थ से अटूट रिश्ता बन गया है. उन्होंने कहा कि यह सभा केवल प्रचार नहीं, बल्कि बदलाव की लहर है.

एकनाथ शिंदे ने कहा कि विरोधी आते हैं, आरोप लगाते हैं और चले जाते हैं. अब हमें इसकी आदत हो गई है. मैं अब आरोपों का जवाब शब्दों से नहीं, हमारे काम से देता हूं. उन्होंने कहा कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और उसे उसी स्तर पर दिखना चाहिए, यही महायुति का संकल्प है. उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों को चुनाव आते ही मराठी आदमी याद आता है. पांच साल तक घर में बैठने वाले लोग चुनाव आते ही कहते हैं कि मुंबई खतरे में है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मुंबई खतरे में नहीं है और महायुति के रहते कभी नहीं होगी.

मुंबई का महापौर महायुति का होगा और वह मराठी होगा- एकनाथ शिंदे

उबाठा से सवाल करते हुए शिंदे ने कहा कि सत्ता में रहते हुए उन्होंने मराठी आदमी के लिए क्या किया, यह जनता को बताना चाहिए. उन्होंने कहा कि हर चुनाव को मराठी आदमी की आखिरी लड़ाई बताकर भावनात्मक मुद्दे खड़े किए जाते हैं, लेकिन अब मुंबई की जनता ऐसे बयानों को नजर अंदाज कर रही है. एकनाथ शिंदे ने साफ शब्दों में कहा कि मुंबई का महापौर महायुति का होगा और वह मराठी होगा. उन्होंने कहा कि मराठी आदमी मुंबई से बाहर क्यों गया, इस पर भी उबाठा को जवाब देना चाहिए. आज महायुति उसी मराठी आदमी को वापस मुंबई लाने का संकल्प ले रही है. हम केवल बोलते नहीं, करके दिखाते हैं. हमारे लिए मुंबई सबसे पहले है.

अपने कार्यकाल का एक भी बड़ा काम बताएं उबाठा- शिंदे

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने २० हजार इमारतों को ओसी दिया, पगड़ी प्रथा खत्म की, गड्ढा मुक्त और झोपड़ी मुक्त मुंबई का संकल्प लिया. इसके साथ ही क्लस्टर योजना लागू की, गृहिणी कामगारों को घर दिए और आगे एक लाख गृहिणी कामगारों को घर देने का लक्ष्य रखा है. उबाठा से सवाल करते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने कार्यकाल का एक भी बड़ा काम बताएं. उल्टे उन्होंने देवेंद्र फडणवीस के कामों को रोकने का काम किया. उन्हीं कामों को हमारी सरकार ने दोबारा शुरू किया. शिंदे ने दावा किया कि उबाठा के कारण महाराष्ट्र को करीब १० हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि उबाठा बंगले पर बंगले बनाते रहे और गरीब नाले के किनारे रहने को मजबूर रहा. उन्होंने कहा, हम जमीन से जुड़े कार्यकर्ता हैं और आप घर में बैठने वाले नेता हैं.

बालासाहेब ठाकरे के विचारों पर चलते हैं हम- शिंदे

पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए शिंदे ने कहा कि इस हमले में हमारे हिंदू भाई-बहन मारे गए. प्रधानमंत्री ने अपना विदेश दौरा छोड़कर देश वापसी की, लेकिन कुछ नेता लंदन से लौटकर नहीं आए. उन्होंने सवाल किया कि क्या उनका लगाव लंदन से इतना ज्यादा है. राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए शिंदे ने कहा कि दोनों एक-दूसरे के खिलाफ क्या-क्या बोलते थे, यह महाराष्ट्र की जनता जानती है. आज दोनों स्वार्थ के लिए साथ आए हैं. उन्होंने कहा कि हम बालासाहेब ठाकरे के विचारों पर चलते हैं, लेकिन जब आपने अपने ही भाई के नगरसेवकों को तोड़ा था. वह क्या था, यह भी जनता को बताना चाहिए.

उबाठा ने मराठी आदमी की पीठ में छुरा घोंपने का किया काम- शिंदे

शिंदे ने कहा कि उबाठा ने मराठी आदमी और महाराष्ट्र की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि उबाठा के लोगों ने केवल पैसे खाने का काम किया, खिचड़ी में, कोविड में और उन्होंने मराठी ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने का काम किया है. पोस्टरों पर तंज कसते हुए शिंदे ने कहा कि ‘करून दाखवले’ की जगह ‘खाऊन टाकले’ लिखना चाहिए. उन्होंने कहा कि महायुति सरकार ने मुंबई के विकास के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी भी ली और धन भी लाया, जबकि विरोधियों ने कुछ नहीं किया. हमने मुंबई के कई प्रोजेक्ट्स को गति दी है. हम जोड़ने वाले लोग हैं, तोड़ने वाले नहीं.

बालासाहेब ठाकरे के सपने को पीएम मोदी ने किया पूरा- शिंदे

शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई को १० लाख करोड़ रुपये दिए. विरोधियों के अहंकार की वजह से मुंबई का नुकसान हुआ. पीएम मोदी ने बालासाहेब ठाकरे का सपना पूरा करते हुए राम मंदिर बनाया और अनुच्छेद ३७० हटाया. उन्होंने कहा कि महाविकास आघाडी के कार्यकाल में महाराष्ट्र में कोई बड़ा निवेश नहीं आया. महायुति सरकार ने अपने वचननामे में लाड़ली बहनों के लिए कई योजनाएं लाने का संकल्प किया है, जबकि विरोधियों ने हमेशा इन योजनाओं का विरोध किया है. अब महाराष्ट्र की बहनें उन्हें जवाब देंगी.

उबाठा से सवाल करते हुए शिंदे ने पूछा कि जब नवी मुंबई एयरपोर्ट अडानी को दिया गया तब मुख्यमंत्री कौन था और धारावी प्रोजेक्ट किसने दिया. राज ठाकरे पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन उद्योगपतियों के नाम लेते हो, उन्हें घर बुलाकर खाना खिलाते हो. उनके बच्चे उनके घर नाचते है. अंत में एकनाथ शिंदे ने विश्वास जताया कि मुंबई की जनता विकास के लिए महायुति को समर्थन देकर बड़ी जीत दिलाएगी.

‘कोई भी ताकत मुंबई को…’, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने दे दी चुनौती

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार (12 जनवरी) को शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि 15 जनवरी को होने वाला बीएमसी चुनाव मराठी लोगों की नहीं, बल्कि ठाकरे भाइयों के अस्तित्व की लड़ाई है.

सीएम फडणवीस ने साफ कहा कि इस चुनाव में मुंबई या मराठी अस्मिता खतरे में नहीं है, बल्कि उन नेताओं का भविष्य दांव पर लगा है जो अब एकजुट हुए हैं.

महानगरपालिका चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में शिवाजी पार्क में आयोजित महायुति की रैली को संबोधित करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मुंबई महाराष्ट्र का अभिन्न हिस्सा है और कोई भी ताकत इसे अलग नहीं कर सकती. उन्होंने मंच से उद्धव और राज ठाकरे के पुराने वीडियो भी दिखाए, जिनमें दोनों एक-दूसरे के खिलाफ बयान देते नजर आ रहे थे. इस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि आज दोनों भाई स्वार्थ के लिए साथ आए हैं.

ठाकरे भाइयों का दांव पर है अस्तित्व- देवेंद्र फडणवीस

राज ठाकरे के ‘मराठी मानुष का आखिरी चुनाव’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए फडणवीस ने कहा कि यहां मराठी नहीं, बल्कि ठाकरे भाइयों का अस्तित्व दांव पर है. उन्होंने कहा कि 74 हजार करोड़ रुपये के बजट वाली देश की सबसे अमीर महानगरपालिका पर कब्जे के लिए यह लड़ाई लड़ी जा रही है.

मुंबई में महायुति का ही बनेगा महापौर- फडणवीस

फडणवीस ने दावा किया कि मुंबई में महायुति का ही महापौर बनेगा और पारदर्शी शासन दिया जाएगा. उन्होंने महाविकास आघाड़ी पर आरोप लगाया कि उसी सरकार ने हिंदी को अनिवार्य करने का फैसला लिया था और धारावी पुनर्विकास परियोजना को रोका था. अब यह परियोजना राज्य सरकार और अदाणी समूह मिलकर आगे बढ़ा रहे हैं.

बीएमसी चुनाव में महायुति की होगी बड़ी जीत- फडणवीस

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में केवल मराठी ही अनिवार्य भाषा है. साथ ही नवी मुंबई एयरपोर्ट के बाद तीसरे एयरपोर्ट और मुंबई एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने की घोषणा भी की. फडणवीस ने भरोसा जताया कि बीएमसी चुनाव में महायुति की बड़ी जीत होगी.

Exclusive: शरद पवार को रिटायर हो जाना चाहिए? अजित पवार ने पकड़ लिए कान

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महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख अजित पवार ने एबीपी न्यूज से खास बातचीत की. इस दौरान अजित पवार ने कई ऐसे सवालों का जवाब दिया, जिसका इंतजार महाराष्ट्र की जनता लंबे समय से कर रही थी.

महानगरपालिका चुनाव के बीच एनसीपी प्रमुख ने चाचा शरद पवार से गठबंधन, बहन सुप्रिया सुले और राज-उद्धव ठाकरे को लेकर बड़ी टिप्पणियां कीं.

जब अजित पवार से सवाल किया गया कि महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव के लिए उन्होंने चाचा शरद पवार के साथ गठबंधन कैसे किया? तो जवाब में अजित पवार ने बताया, “स्थानीय कार्यकर्ताओं का निर्णय है. मैंने सुप्रिया सुले को खुद फोन किया और बातचीत की. उसके बाद यह फैसला हुआ कि यह बातचीत खत्म होने के बाद एकनाथ शिंदे और उदय सामंत ने गठबंधन के लिए हाथ बढ़ाया था लेकिन देर हो चुकी थी. कई जगह पर हम शिवसेना के साथ फ्रेंडली मैच खेल रहे हैं.”

क्या सुप्रिया सुले केंद्र में मंत्री बनेंगी?

अजित पवार ने जवाब दिया, “हमारा परिवार एक है. सुप्रिया के बारे मे अभी कोई चर्चा नहीं है. यह बातें बाहर हो रही हैं. हमारे नेता के साथ बातचीत होगी.”

क्या शरद पवार को रिटायर हो जाना चाहिए?

जब अजित पवार से सवाल किया गया कि उनके चाचा और प्रतिद्वंद्वी पार्टी एनसीपी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार को राजनीति में सक्रिय रहना चाहिए या अब रिटायरमेंट ले लेना चाहिए? तो जवाब में अजित पवार ने अपने कान पकड़ लिए. उन्होंने अपने कान पकड़कर तौबा करते हुए कहा, “मैं उन्हें कोई सलाह नहीं दूंगा. उनका जनसंपर्क बड़ा है. उनकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है. दिल्ली में उनके जन्मदिन के अवसर पर मैंने उनकी ताकत देखी है. मैंने जो भी बोला वह मेरा मेरा पुराना बयान था.”

ठाकरे बंधुओं के बारे में क्या सोचते हैं अजित पवार?

एनसीपी प्रमुख अजित पवार का कहना है कि दोनों भाई, राज और उद्धव ठाकरे भविष्य मे साथ रहेंगे. दोनों के कार्यकर्ता यही चाहते थे, लेकिन बालासाहेब ठाकरे जैसी ताकत इन दोनों भाइयों में नहीं है.

बीजेपी और एनसीपी के बीच तनातनी पर बोले

अजित पवार

अजित पवार ने कहा कि पुणे और पिंपरी चिंचवड़ में बीजेपी ने ताकत लगाई है. खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस प्रचार के आखरी दिन पुणे में हैं. यह सुनकर मुझे आश्चर्य हुआ है. मेरे पास सत्ता थी तो मैंने काम करके दिखाया है. मैं काम करने वाला नेता हूं.

अजित पवार बदले बदले क्यों लग रहे हैं?

अजित पवार ने हंसते-हंसते इस बात का जवाब दिया. उन्होंने कहा, “पहले मेरे पर जिम्मेदारी नहीं थी. पहले शरद पवार अंतिम फैसला लेते थे. अभी जिम्मेदारी मेरे उपर है. इसलिए किसी को नाराज करना अच्छा नहीं लगता. पहले कोई टेंशन नहीं होती थी, अब हंसते-खेलते रहना पड़ता है. सबको संभालकर आगे लेकर जाना पड़ता है.

राज ठाकरे ने महायुति पर निशाना साधा, कहा- उम्मीदवारों को पैसे देकर हटा

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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने सोमवार (12 जनवरी) को महायुति गठबंधन पर कड़ा हमला किया. ठाकरे ने आरोप लगाया कि महायुति के नेता विकास कार्य करने का दावा तो करते हैं, लेकिन निकाय चुनावों में वोट हासिल करने के लिए पैसों की पेशकश की जा रही है.

उन्होंने कहा कि 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों में कई तरह की अनियमितताएं हो रही हैं. जबकि पुलिस और चुनाव तंत्र इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं.

चुनाव से हटने के लिए उम्मीदवारों को पेश की जा रही भारी रकम- राज ठाकरे

राज ठाकरे ने सोलापुर में विद्यार्थी सेना के एक नेता की हत्या का भी जिक्र किया और बताया कि उम्मीदवारों को चुनाव से रोकने के लिए ‘एबी फॉर्म निगलने’ जैसी अजीबोगरीब घटनाएं हो रही हैं. उन्होंने मंच पर अपनी पार्टी के कुछ उम्मीदवारों का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें चुनाव से हटने के लिए भारी रकम की पेशकश की गई. ठाकरे ने बताया कि कल्याण डोम्बिवली के उम्मीदवार शैलेश, मनीषा और पूजा धत्रक को 15 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी, जबकि सुशील अवते ने एक करोड़ रुपये की रिश्वत ठुकरा दी. राजश्री नाइक को पांच करोड़ रुपये की पेशकश हुई, जिसे उन्होंने भी स्वीकार नहीं किया.

प्रत्येक घर को रुपये बांटकर खरीदी जा रही वोट- ठाकरे

ठाकरे ने कहा कि इन सभी उम्मीदवारों ने प्रस्ताव को ठुकराकर मैदान में बने रहकर महाराष्ट्र के ‘स्वाभिमानी खून’ को साबित किया. उन्होंने महायुति पर आरोप लगाया कि एक तरफ विकास का दावा किया जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ प्रति घर 5,000 रुपये बांटकर वोट खरीदे जा रहे हैं. ठाकरे ने इसे चुनाव को बाजार बनाने की कोशिश बताया.

महाराष्ट्र में 29 नगर निकायों के लिए मतदान 15 जनवरी को होगा और मतगणना अगले दिन होगी. इस दौरान मनसे का जोर है कि जनता को ऐसी अनियमितताओं से सावधान रहना चाहिए.

Lohri 2026: लोहड़ी कब जलेगी, जानें अग्नि पूजन का शुभ मुहूर्त;

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Lohri 2026 Jalane Ka Samay: लोहड़ी पंजाबी और सिख समुदाय के लोगों का विशेष त्योहार है, जोकि हर साल मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2026) से एक रात पहले मनाई जाती है. आज 13 जनवरी 2026 को देशभर में लोहड़ी की धूम देखने को मिल रही है.

लोहड़ी के पावन दिन पर लोग इकट्ठा होकर घर के बाहर पवित्र अग्नि जलाते हैं. अग्नि में मूंगफली, पॉपकॉर्न आदि जैसी चीजें अर्पित की जाती है और फिर सभी लोग भंगड़ा-गिद्दा करते हुए ढोलक की धुन पर अग्नि के चारों और घूमते हैं और नाचते-गाते हैं. आइए जानते हैं शाम के समय कितने बजे जलाई जाएगी लोहड़ी की अग्नि और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा.

आज कितने बजे जलेगी लोहड़ी (Lohri Bonfire Timing)

ज्योतिषियाचार्य अनीष व्यास के अनुसार, आज लोहड़ी के दिन विशाखा नक्षत्र और शूल योग बना है. इसके अलावा शुक्र भी आज 13 जनवरी 2026 को सुबह 03:40 पर मकर राशि में प्रवेश कर चुके हैं. लोहड़ी जलाने के लिए आज 13 जनवरी को शाम 05:43 से शुभ मुहूर्त की शुरुआत हो जाएगी और यह महूर्त 07:15 तक रहेगा. इस मुहूर्त में आप लोहड़ी की पवित्र अग्नि (अलाव) जला सकते हैं. इसके बाद सभी लोग अग्नि की 7 या 11 बार परिक्रमा करें.

लोहड़ी पूजा विधि (Lohri 2026 Puja Vidhi)

जिस स्थान पर लोहड़ी जलानी हो, सबसे पहले उस स्थान की साफ-सफाई कर लें. इसके बाद लकड़ियों का ढ़ेर बनाकर उसमें आग जलाएं. सभी लोग एक साथ बैठकर दुल्ला-भाटी और लोहड़ी की लोककथाएं सुनें. लोहड़ी की अग्नि में तिल-गुड़, रेवड़ी, मक्का, गजक और मूंगफली जैसी चीजें अर्पित करें और अग्नि के चारों ओर 7 या 11 बार परिक्रमा करें. मक्का को नई फसल का प्रतीक मानकर लोग लोहड़ी की अग्नि मे इसे डालते हैं और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. इस दिन घरों में मकके की रोटी और सरसों का साग भी बनाया जाता है.