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यहां के लोगों के जज्बे को करता हूं सलाम, मणिपुर के चूड़ाचांदपुर में बोले पीएम मोदी…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में मणिपुर हिंसा के बाद पहली बार राज्य का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने चूड़ाचांदपुर में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और हिंसा से प्रभावित विस्थापित परिवारों से मुलाकात की।

चूड़ाचांदपुर, मणिपुर हिंसा के दौरान सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक रहा है।

मणिपुर के लोगों को पीएम का नमन अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “मणिपुर के लोगों के जज्बे को सलाम करता हूं और सिर झुकाकर नमन करता हूं। मणिपुर की संस्कृति में अपार सामर्थ्य है। मणिपुर के नाम में ही ‘मणि’ है।” उन्होंने 8,500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी और कहा कि ये परियोजनाएं मणिपुर के लोगों, विशेष रूप से पहाड़ी और जनजातीय समुदायों के जीवन को बेहतर बनाएंगी।

पारंपरिक स्वागत और शांति की पहल मणिपुर पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने पारंपरिक नृत्य के साथ पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया। पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस दौरे को शांति और स्थायी प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। पीएम ने हिंसा से प्रभावित विस्थापित परिवारों से मुलाकात की और शांति स्थापना के लिए संवाद व आपसी समझ को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने सभी संगठनों से शांति के रास्ते पर आगे बढ़ने की अपील की और कहा, “मैं आपके साथ हूं, भारत सरकार मणिपुर के लोगों के साथ है।”

विकास परियोजनाओं को गति पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार मणिपुर की विकास यात्रा को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। हाल ही में शुरू की गई 7,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि सैकड़ों गांवों में सड़क कनेक्टिविटी पहुंचाई गई है, जिसका सबसे अधिक लाभ पहाड़ी और जनजातीय क्षेत्रों को हुआ है। इसके अलावा, जीरीबाम-इम्फाल रेलवे लाइन जल्द ही इम्फाल को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।

भारत की प्रगति और मणिपुर का योगदान प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से विकास कर रहा है और जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। उन्होंने बताया कि देशभर में गरीबों के लिए पक्के घर बनाने की योजना से मणिपुर के हजारों परिवारों को लाभ हुआ है। साथ ही, जल जीवन मिशन के तहत मणिपुर में 7-8 साल पहले केवल 25-30 हजार घरों में नल से पानी उपलब्ध था, जो अब बढ़कर 3.5 लाख से अधिक घरों तक पहुंच गया है।

शांति के लिए केंद्र सरकार के प्रयास पीएम मोदी ने हाल ही में हिल्स और वैली के विभिन्न समूहों के साथ हुए समझौतों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये प्रयास संवाद, सम्मान और आपसी समझ के आधार पर शांति स्थापित करने की दिशा में भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उन्होंने मणिपुर के सभी संगठनों से शांति के रास्ते पर आगे बढ़कर अपने सपनों को साकार करने का आह्वान किया।

यूएसए के संस्थापक चार्ली किर्क की हत्या के मामले में 22 वर्षीय टायलर रॉबिन्सन को गिरफ्तार…

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अमेरिकी कंजर्वेटिव कार्यकर्ता और टर्निंग पॉइंट यूएसए के संस्थापक चार्ली किर्क की हत्या के मामले में 22 वर्षीय टायलर रॉबिन्सन को गिरफ्तार किया गया है। रॉबिन्सन कथित तौर पर किर्क के विचारों से गहरी नाराजगी रखता था और हाल के वर्षों में वह अधिक राजनीतिक रूप से सक्रिय हो गया था।

हत्या के 33 घंटे बाद एजेंसियों ने उसे पकड़ लिया। इस मैनहंट के दौरान उसके परिवार ने ही उसे सरेंडर कराने में मदद की। जांचकर्ताओं को गोली के खोलों पर उकेरे गए संदेशों से उसके दिमाग की झलक मिली है, जो एंटी-फासीवादी नारों से लेकर मीम रेफरेंस तक फैले हुए हैं।

चार्ली किर्क की हत्या 11 सितंबर को यूटा वैली यूनिवर्सिटी (युवीयू) के एक कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां वह कंजर्वेटिव विचारों पर बोल रहे थे। काफी दूर एक छत से चलाई गई गोली ने किर्क को सीधे निशाना बनाया। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यूटा गवर्नर स्पेंसर कॉक्स ने बताया कि यह एक सुनियोजित हत्या थी और रॉबिन्सन ने अकेले ही यह वारदात को अंजाम दिया।

गोली के खोलों पर उकेरे गए रहस्यमयी संदेश जांच के दौरान राइफल के चैंबर में मिले तीन अनफायर खोलों और एक फायर खोले पर विभिन्न संदेश उकेरे मिले, जो रॉबिन्सन के राजनीतिक और सांस्कृतिक झुकाव को दर्शाते हैं। यूटा गवर्नर स्पेंसर कॉक्स ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन संदेशों का खुलासा किया।

एक खोले पर लिखा था: “हे फासिस्ट! कैच!” (Hey fascist! Catch!) के साथ एक ऊपर की तीर (↑), एक दाईं ओर की तीर (→) और तीन नीचे की तीरें (↓ ↓ ↓)। यह संदेश एंटी-फासीवादी भावना को दर्शाता है, लेकिन तीन तिरों का प्रतीक एंटीफा समूहों के तीन विकर्ण नीचे की तीरों से अलग है।

दूसरे पर लिखा था: “ओह बेला चाव, बेला चाव, बेला चाव चाव चाव”। यह द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इटली के एंटी-फासीवादी प्रतिरोध गीत का संदर्भ है। यह गीत मुसोलिनी शासन और नाजी कब्जे के खिलाफ पार्टिसन्स द्वारा गाया जाता था। इसका शाब्दिक अर्थ है “अलविदा, सुंदर”, लेकिन आज यह विद्रोह का वैश्विक प्रतीक बन चुका है।

तीसरे अनफायर खोले पर लिखा था: “अगर आप यह पढ़ रहे हैं, तो आप गे हैं LMAO”, जो एक व्यंग्यात्मक मीम-स्टाइल संदेश है।

फायर खोले पर लिखा था: “नोटिसेस, बल्जेस, ओडब्ल्यूओ, व्हाट्स दिस?” यह संदेश फर्री और रोलप्ले कम्युनिटीज से जुड़ा है, जो ऑनलाइन फ्लर्टिंग या अजीबोगरीब व्यवहार का वर्णन करता है।

तीन नीचे की तीरें (↓ ↓ ↓) के साथ ऊपर और दाईं तीर (↑ →) का संयोजन गेम “हेलडाइवर्स 2” के स्ट्रेटेजम इनपुट की ओर इशारा करता है, जो ईगल 500 किलो बम बुलाने के लिए इस्तेमाल होता है। यह एंटीफा के प्रतीक से असंबंधित है। इन संदेशों से पता चलता है कि रॉबिन्सन राजनीतिक असहिष्णुता के साथ-साथ इंटरनेट कल्चर और गेमिंग से प्रभावित था।

बता दें कि एंटीफा (Antifa) का पूरा नाम “एंटी-फासिस्ट” (Anti-Fascist) है, जो एक ढीला-ढाला, गैर-केंद्रित आंदोलन है, जिसमें विभिन्न समूह और व्यक्ति शामिल हैं जो फासीवाद, नस्लवाद, श्वेत वर्चस्ववाद और अन्य दक्षिणपंथी चरमपंथी विचारधाराओं का विरोध करते हैं। यह कोई औपचारिक संगठन नहीं है, बल्कि एक विचारधारा और कार्यप्रणाली है, जो आमतौर पर बाएं-झुकाव वाली राजनीति से जुड़ी है।

संदिग्ध का पारिवारिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि टायलर रॉबिन्सन यूटा के वाशिंगटन शहर का निवासी है, जो राज्य के दक्षिण-पश्चिमी कोने में स्थित है। उसके माता-पिता एंबर जोन्स रॉबिन्सन और मैट रॉबिन्सन हैं, जो लंबे समय से इस क्षेत्र के निवासी हैं। परिवार के पास उपनगरीय इलाके में एक छह बेडरूम वाला घर है, जिसकी कीमत लगभग 6,34,400 डॉलर है। मैट रॉबिन्सन वाशिंगटन काउंटी शेरिफ डिपार्टमेंट के 27 वर्षीय वेटरन हैं।

रॉबिन्सन के दो भाई हैं। उसने अपने पिता और एक पादरी के सामने कथित तौर पर किर्क की हत्या की बात कबूली। शुरू में उसने कहा कि वह आत्महत्या करना पसंद करेगा बजाय सरेंडर के, लेकिन उसके माता-पिता ने उसे मनाया। पिता मैट ने खुद अधिकारियों से संपर्क किया और बेटे को सुरक्षित रूप से ओरेम ले जाकर सरेंडर कराया, इससे पहले कि वह गिरफ्तार होता।

शिक्षा के मामले में, रॉबिन्सन ने यूटा वैली यूनिवर्सिटी (युवीयू) में दाखिला नहीं लिया था। यूटा स्टेट यूनिवर्सिटी ने एक बयान जारी कर पुष्टि की। उन्होंने कहा, “यूटा स्टेट यूनिवर्सिटी पुष्टि करती है कि चार्ली किर्क की हत्या के आरोपी टायलर रॉबिन्सन ने 2021 में केवल एक सेमेस्टर के लिए यूटा स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की थी।” वह वर्तमान में सेंट जॉर्ज, यूटा के डिक्सी टेक्निकल कॉलेज में इलेक्ट्रिकल अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम का तीसरा वर्ष का छात्र है, और हाई स्कूल के दौरान 2019-2021 में यूटा टेक यूनिवर्सिटी से कॉलेज क्रेडिट अर्जित किए थे।

वोटिंग रिकॉर्ड्स के अनुसार, रॉबिन्सन पंजीकृत वोटर था लेकिन किसी भी चुनाव में कभी वोट नहीं डाला। वह किसी राजनीतिक पार्टी से संबद्ध नहीं था। चर्च ऑफ जीसस क्राइस्ट ऑफ लैटर-डे सेंट्स का एक प्रवक्ता ने कहा कि वह कम उम्र में चर्च का सदस्य बना था, लेकिन हाल के वर्षों में उसकी सक्रियता स्पष्ट नहीं है।

जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं रॉबिन्सन को यूटा काउंटी जेल में बिना जमानत के रखा गया है। प्रोबेबल कॉज एफिडेविट में उसे एग्रावेटेड मर्डर, फेलोनी डिस्चार्ज ऑफ फायरआर्म (गंभीर चोट पहुंचाने वाला), और ऑब्स्ट्रक्शन ऑफ जस्टिस के आरोपों की सिफारिश की गई है। जस्टिस डिपार्टमेंट फेडरल चार्ज पर विचार कर रहा है, जिसमें डेथ पेनल्टी का विकल्प शामिल है। एफबीआई डायरेक्टर कश पटेल ने कहा, “चार्ली अब आराम करो, भाई। हम नजर रखे हुए हैं।”

गवर्नर कॉक्स ने राजनीतिक हिंसा की निंदा की और कहा कि रॉबिन्सन “काफी कम समय में कट्टरपंथी” हो गया था। चार्ली की पत्नी एरिका किर्क ने कहा कि वह टर्निंग पॉइंट यूएसए के कार्यक्रम जारी रखेंगी। इस घटना ने अमेरिका में ध्रुवीकरण को नई बहस छेड़ दी है, जहां सैकड़ों नेता दोनों पक्षों से शोक व्यक्त कर चुके हैं। रॉबिन्सन के एक रूममेट ने डिस्कॉर्ड ऐप पर मैसेज शेयर किए, जिसमें राइफल को तौलिए में लपेटने, बुलेट्स और स्कोप का जिक्र था। घटना स्थल के पास एक मॉजर .30-कैलिबर बोल्ट-एक्शन राइफल मिली, जो तौलिए में लिपटी हुई थी।

मणिपुर हिंसा के 2 साल बाद राहत शिविर पहुंचे PM मोदी, कांग्रेस ने बताया ‘नाटक’

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मणिपुर में दो साल पहले भड़की जातीय हिंसा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को पहली बार चुराचांदपुर पहुंचे और वहां राहत शिविरों में विस्थापित लोगों से मुलाकात की। यह इलाका हिंसा का केंद्र रहा था, जहां मई 2023 में मेइती और कुकी समुदायों के बीच झड़पें हुई थीं।

पीएम मोदी भारी बारिश के कारण हवाई मार्ग से नहीं जा सके और 65 किमी का सफर सड़क मार्ग से तय कर चुराचांदपुर पहुंचे। उन्होंने यहां बुजुर्गों और बच्चों से बातचीत की। उनके साथ राज्यपाल अजय कुमार भल्ला भी मौजूद रहे।

इसी दौरान प्रधानमंत्री ने 14 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जिनकी कुल लागत 7,300 करोड़ रुपये है। इनमें ड्रेनेज सिस्टम, महिला छात्रावास, स्कूल और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

आपको बता दें कि मणिपुर में 3 मई 2023 को चुराचांदपुर में एक रैली के दौरान हिंसा भड़की थी। अब तक 260 लोगों की मौत हो चुकी है और 60,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। हिंसा की पुनरावृत्ति और अस्थिरता के चलते मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था और 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू है। यहां कुकी समुदाय हिल जिलों को अलग केंद्रशासित प्रदेश बनाने की मांग कर रहा है, जबकि मेइती समुदाय इंफाल घाटी में बहुसंख्यक है।

प्रधानमंत्री इसके बाद इंफाल भी जाएंगे, जहां वे मेइती समुदाय से विस्थापित लोगों से मुलाकात करेंगे। यहां 1,200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और ऐतिहासिक कांगला किले से जनसभा को संबोधित करेंगे।

कांग्रेस ने पीएम मोदी की इस यात्रा को दिखावा करार दिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, “मणिपुर लंबे समय से जल रहा है, अब जाकर प्रधानमंत्री का दौरा कोई बड़ी बात नहीं।” जयराम रमेश ने आरोप लगाया, “लोग 29 महीने से इंतजार कर रहे थे, लेकिन प्रधानमंत्री सिर्फ तीन घंटे रुकेंगे। यह शांति का प्रयास नहीं बल्कि एक नाटक है।”

भारतीय की हत्या पर भड़के अमेरिकी सांसद…

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यूएस में भारतीय मूल के शख्स की बेरहमी से की गई हत्या को लेकर अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने कहा है कि हत्यारे को अमेरिका में नहीं रहने देना चाहिए। बता दें कि 50 साल के भारतीय अमेरिकी चंद्र मौली बॉब नागमल्लैया को उनके ही एक सहकर्मी योर्डानिस कोबोस मार्टनेज ने मार डाला था।

आरोपी ने चाकू से उनकी गर्दन पर तबतक वार किया जब तक कि सिर धड़ से अलग नहीं हो गया। इसके बाद सिर पर लात मारी और कूड़ेदान में फेंक दिया। घटना के वक्त मृतक की पत्नी और बच्चा भी वहीं मौजूद था।

खन्ना ने कहा, कड़ी मेहनत करने वाले एक भारतीय मूल के अमेरिकी की उसकी पत्नी और बच्चे के सामने नृशंस हत्या बेहद खौफनाक है। उन्होंने कहा कि आरोपी को पहले भी चोरी और अन्य अपराध के चलते गिरफ्तार किया गया था। उसे अमेरिकी की गलियों में यूं घूमने के लिए छोड़ना ही नहीं चाहिए था।

नागमलैय्या पर हमले की गवाह उनकी पत्नी निशा और 18 वर्षीय बेटे गौरव की मदद के लिए शुरू किए गए चंदा अभियान के तहत करीब दो लाख अमेरिकी डॉलर की धनराशि एकत्र हो चुकी है। इस धनराशि का उपयोग नागमलैय्या के अंतिम संस्कार और गौरव की कॉलेज की पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए किया जाएगा।

नागमलैय्या (50) डाउनटाउन सुइट्स नामक होटल में काम कर करते थे। हिंसक आपराधिक इतिहास वाले क्यूबा के नागरिक और नागमलैय्या के सहकर्मी योरडानिस कोबोस-मार्टिनेज (37) ने सिर कलम करके उनकी हत्या कर दी थी।

ह्यूस्टन स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास मामले पर नजर रखे हुए है और ‘कांसुलर’ सहायता प्रदान कर रहा है। महावाणिज्य दूत डी सी मंजूनाथ ने कहा कि वाणिज्य दूतावास “परिवार और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रहा है।”

भारत में अमेरिका के राजदूत बनने योग्य नहीं हैं सर्जियो गोर, ट्रंप के पूर्व साथी ने ही उठाए सवाल…

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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जॉन बोल्टन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सर्जियो गोर को भारत में अमेरिका का अगला राजदूत और दक्षिण व मध्य एशिया मामलों के लिए विशेष दूत नियुक्त करने के फैसले पर कड़ा सवाल उठाया है।

बोल्टन ने साफ कहा कि वह गोर को इस जिम्मेदारी के लिए “योग्य नहीं” मानते। बोल्टन ने कहा, “मैं नहीं मानता कि सर्जियो गोर भारत में अमेरिका के राजदूत बनने के योग्य हैं।” बोल्टन की यह टिप्पणी भारत-अमेरिका संबंधों में पिछले दो दशकों के संभवतः सबसे खराब दौर की पृष्ठभूमि में आई है, जिसमें ट्रंप की टैरिफ नीति और उनके प्रशासन द्वारा भारत की लगातार आलोचना के कारण तनाव और बढ़ गया है।

38 वर्षीय सर्जियो गोर ट्रंप के करीबी सलाहकार हैं और वाइट हाउस में सीधे राष्ट्रपति तक पहुंच रखते हैं। हालांकि एएनआई को दिए इंटरव्यू में बोल्टन ने उनकी अंतरराष्ट्रीय अनुभव और जटिल वैश्विक मुद्दों की समझ पर चिंता जताई। पूर्व एनएसए ने कहा कि गोर की नियुक्ति ट्रंप की “व्यवहारिक” विदेश नीति का हिस्सा लगती है, जो रणनीतिक नहीं बल्कि व्यक्तिगत वफादारी पर आधारित है।

ट्रंप ने अगस्त में ट्रूथ सोशल पर घोषणा की थी कि वे सर्जियो गोर को भारत के लिए अमेरिकी राजदूत और दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के लिए विशेष दूत के पद पर पदोन्नत कर रहे हैं। ट्रंप ने गोर को “मेरा शानदार दोस्त” बताते हुए उनकी सराहना की थी। उन्होंने लिखा, “राष्ट्रपति कार्मिक निदेशक के रूप में, सर्जियो और उनकी टीम ने रिकॉर्ड समय में लगभग 4,000 अमेरिका फर्स्ट पैट्रियट्स को केंद्र सरकार के हर विभाग में भर्ती किया है- हमारे विभाग और एजेंसियां 95 प्रतिशत से अधिक भरी हुई हैं! सर्जियो अपनी वर्तमान भूमिका में तब तक बने रहेंगे जब तक उनकी (संसद द्वारा) पुष्टि नहीं हो जाती।

रूसी तेल खरीद पर बोल्टन की टिप्पणी: प्रतिबंधों में ‘असंगति’ ट्रंप के पिछले कार्यकाल में एनएसए रहे बोल्टन ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि कई देशों ने रूस से कच्चा तेल खरीदकर प्रतिबंधों की “कमजोरी” का फायदा उठाया। उनके अनुसार, प्रतिबंधों का मकसद रूस की आय को कम करना था ताकि उसका युद्ध तंत्र कमजोर हो सके, लेकिन तेल बिक्री को पूरी तरह रोकना नहीं था, क्योंकि ऐसा करने से यूरोप और अमेरिका में तेल की कीमतें बढ़ सकती थीं।

बोल्टन ने कहा, “यहां तक कि तकनीकी रूप से कई देशों ने प्रतिबंधों का उल्लंघन भी नहीं किया, बल्कि रूस से कैप प्राइस से नीचे तेल खरीदकर उसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंचे दाम पर बेचा। मूल उद्देश्य यही होना चाहिए कि रूस के युद्ध तंत्र को फंडिंग न मिले।

भारत को दी सलाह – “ट्रंप को वन-टाइम डील मानें” पूर्व NSA बोल्टन ने भारत को सलाह देते हुए कहा कि नई दिल्ली को ट्रंप को “एक बार की घटना” मानना चाहिए और अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखकर फैसले करने चाहिए। उन्होंने कहा, “भारत सरकार को चाहिए कि ट्रंप को एक ‘वन-टाइम प्रपोजिशन’ की तरह देखें और अपने हितों के अनुसार कदम उठाएं। ट्रंप की नीतियां अमेरिकी राजनीति के बड़े दृष्टिकोण को नहीं दर्शातीं।”

ट्रंप की विदेश नीति शैली पर तीखी आलोचना बोल्टन ने ट्रंप की विदेश नीति को “अनिश्चित और लेन-देन आधारित” बताते हुए कहा कि भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव की बड़ी वजह ट्रंप का “अनियमित और अस्थिर” तरीका रहा है। ट्रंप ने भारत से आयातित वस्तुओं पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाते हुए कुल दंडात्मक टैरिफ 50% तक बढ़ा दिया है। यह दबाव इसलिए बनाया गया ताकि भारत रूस से सस्ते कच्चे तेल की खरीद बंद करे। इस कदम से दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच व्यापार वार्ता पर नकारात्मक असर पड़ा है।

भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच सैनिकों का अपमान, उद्धव ठाकरे ने किया सड़क पर उतरने का ऐलान…

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एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच 14 सितंबर को होने वाले क्रिकेट मैच को लेकर शिवसेना (UBT) चीफ उद्धव ठाकरे ने सड़क पर उतरने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि एक आतंकवादी देश के साथ मैच खेलने राष्ट्रीय भावना का अपमान है।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना के कार्यकर्ता पूरे महाराष्ट्र में सड़कों पर उतरेंगे और मैच का विरोध करेंगे।

उद्धव ठाकरे ने कहा, हमारे सैनिक सीमा पर अपनी जान कुर्बान कर रहे हैं, इस स्थिति में क्या हमें पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, ‘मेरे पिता (बालासाहेब ठाकरे) ने जावेद मियांदाद से कहा था कि जब तक पाकिस्तान से भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियां जारी रहेंगी, तब तक क्रिकेट नहीं खेला जाएगा।’

एक दिन पहले ही आदित्य ठाकरे ने कहा था कि बीजेपी ने अपनी विचारधारा बदल दी है। उन्होंने कहा कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकता लेकिन क्रिकेट मैच कैसे हो सकता है। कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने इसे पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों और कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए सैनिकों का अपमान बताया। वहीं, शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (एसपी) ने कहा कि मैच की अनुमति देने से सरकार का दोहरा चरित्र उजागर हो गया है।

आलोचना का जवाब देते हुए, महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को द्विपक्षीय राजनीतिक गतिरोधों से प्रभावित नहीं किया जा सकता। महाराष्ट्र कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि इस क्रिकेट मैच की अनुमति देना एक कूटनीतिक विफलता है और पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों और कर्तव्य निभाते हुए शहीद हुए सैनिकों का अपमान है।

एनसीपी प्रवक्ता जितेंद्र आव्हाड ने कहा, ”इस क्रिकेट मैच ने सरकार और सत्तारूढ़ पार्टी के दोहरे मानदंडों को उजागर कर दिया है, जिनकी राजनीति भारत-पाकिस्तान के इर्द-गिर्द घूमती है।” इस बीच, भाजपा मंत्री शेलार, जो एशिया क्रिकेट परिषद बोर्ड में बीसीसीआई के प्रतिनिधि भी हैं, ने शिवसेना (उबाठा) सांसद संजय राउत पर इस मुद्दे पर ”भारत विरोधी” रुख अपनाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ”हमारा रुख हमेशा से स्पष्ट रहा है कि भारतीय क्रिकेट टीम पाकिस्तान का दौरा नहीं करेगी और पाकिस्तान की टीम भी भारत नहीं आएगी। हालांकि, हम अपनी टीम को किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में खेलने या भाग लेने से नहीं रोक सकते। यह कैसा रुख है? यह उचित रुख नहीं है?” शेलार ने कहा, ”जो लोग अब भारत के मैच खेलने का विरोध कर रहे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि (दिवंगत शिवसेना संस्थापक) बालासाहेब ठाकरे ने अपने आवास पर मियांदाद की मेजबानी की थी।”

ASIA CUP 2025 ; “INDIA vs PAKISTAN मैच में कैसा रहेगा मौसम का हाल, क्या बारिश बिगाड़ेगी खेल?”

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एशिया कप (ASIA CUP 2025) में टीम इंडिया का अगला मुकाबलापाकिस्तान IND vs PAK) के खिलाफ होगा. इस मुकाबले का क्रिकेट फैंस को बड़ी बेसब्री से इंतज़ार है.

सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया इस टूर्नामेंट का अपना पहला मैच जीत चुकी है. वहीं, दूसरी तरफ पाकिस्तान की टीम ने ओमान को मात देकर एशिया कप 2025 का आगाज़ जीत के साथ किया है. लेकिन अब इस टूर्नामेंट का सबसे बड़ा मुकाबला होने वाला है. इस मैच पर सभी की नज़रें टिकी हुई है. लेकिन इस महामुकाबले में कैसा रहेगा मौसम का मिज़ाज, चलिए जानते हैं.

क्या बारिश डालेगी मैच में खलल? भारत और पाकिस्तान IND vs PAK के बीच होने वाला सुपरहिट मुकाबला 14 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा. ये मैच भारतीय समय के अनुसार रात 8:00 बजे से शुरू होगा. 14 सितंबर को दुबई में काफी गर्मी रहेगी. दिन में तापमान तकरीबन 37 डिग्री सेल्सियस रहेगा तो शाम को तापमान गिरकर 30 डिग्री सेल्सियस के करीब आ सकता है।हवा में नमी की मात्रा 52.2% रहेगी. बारिश की बात करें तो14 सितंबर को दुबई में बारिश की आशंका ना के बराबर है. इसका मतलब साफ है कि इस मुकाबले में बारिश नहीं होगी और फैंस को पूरा मुकाबले देखने को मिलेगा.

कैसी रहेगी दुबई की पिच ? दुबई के मैदान की बात करें तो यहां की पिच दुनिया के बाकी मैदानों से थोड़ी अलग है. इस पिच पर बल्लेबाज़ी करना मुश्किल रहता है. ऐसा इसलिए भी होता है कि ये यहां की बाउंड्री थोड़ी ज़्यादा बड़ी है और यहां की पिच पर स्पिनर्स को थोड़ी ज़्यादा मदद मिलती है. मैदान की साइड बाउंड्री की बात करें तो ये तकरीबन 80 मीटर की है. वहीं सामने की बाउंड्री की बात करें तो इसकी लंबाई करीब 65 मीटर है.

दुबई में कैसा है IND vs PAK रिकॉर्ड दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम मेंभारत और पाकिस्तान (IND vs PAK) के मुकाबले पहले भी खेले जा चुके हैं.

दोनों टीमों के बीच अभी तक 3 मुकाबले खेले गए हैं. इन 3 में से 2 मैचों में भारत को जीत मिली है, तो वहीं 1 मैच में पाकिस्तान ने मैदान मारा है. ऐसे में इस मैदान पर टीम इंडिया का पलड़ा भारी जरुर है, लेकिन फिर भी भारतीय टीम पाकिस्तान को हल्के में लेने की गलती नहीं करेगी.

IND vs PAK मैच के लिए INDIA की टीम सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, जितेश शर्मा, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, संजू सैमसन, हर्षित राणा, रिंकू सिंह.

IND vs PAK मैच के लिए PAKISTAN की टीम सलमान अली आगा (कप्तान), अबरार अहमद, फहीम अशरफ, फखर जमान, हारिस रऊफ, हसन अली, हसन नवाज, हुसैन तलत, खुशदिल शाह, मोहम्मद हारिस, मोहम्मद नवाज, मोहम्मद वसीम जूनियर, साहिबजादा फरहान, सईम अयूब, सलमान मिर्जा, शाहीन अफरीदी, सुफयान मोकिम.

भाजपा के प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में प्रेसवार्ता में साय ने कहा’ कि जीएसटी अब वास्तव में एक ‘अच्छा और सरल कर’ बन गया है।

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णणुदेव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में जीएसटी में जो सुधार किए गए हैं, वह देश के 150 करोड़ लोगों के जीवन में खुशियों की सौगात लेकर आया है।

साय ने कहा, ‘‘101 वें संविधान संशोधन द्वारा एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने से पहले तक भारत में 17 प्रकार के टैक्स और 13 प्रकार के सेस लागू थे। प्रत्यक्ष कर की बातें करें तो आयकर की दर तो एक समय अधिकतम 97.5 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। पिछले वर्ष 12 लाख सालाना की आय को टैक्स फ्री किया गया। अब जीएसटी में चार स्लैब के बदले दो ही स्लैब रखने, सभी उपयोगी वस्तुओं पर कर शून्य करने और अनेक उत्पादों में कर 10 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है।’’

मुख्यमंत्री का कहना है कि नये सुधार से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योगों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। रोजमर्रा की अनेक वस्तुएं जैसे तेल, शैम्पू, टूथपेस्ट, मक्खन, पनीर, सिलाई मशीन से लेकर ट्रैक्टर एवं उसके कलपुर्जे तथा अन्य कृषि उपकरण और व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा, शैक्षणिक वस्तुओं के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक व ऑटोमोबाइल उत्पादों को किफायती बनाया गया है। जीएसटी कम होने का लाभ वस्त्र उद्योग को विशेष रूप से निर्यात के लिए होगा।

साय ने कहा कि सुधारों के कारण 90 प्रतिशत वस्तुएं सस्ती हो गई हैं।

बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में ‘जयपुर फुट’ (कृत्रिम अंग) बनाने वाली संस्था (बीएमवीएसएस) के 36वें स्थायी केंद्र का उद्घाटन…

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में ‘जयपुर फुट’ (कृत्रिम अंग) बनाने वाली संस्था भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति (बीएमवीएसएस) के 36वें स्थायी केंद्र का उद्घाटन किया। संस्था के मीडिया सलाहकार प्रकाश भंडारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

भंडारी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार को केंद्र का उद्घाटन किया और जयपुर फुट की निर्माण प्रक्रिया का निरीक्षण किया। ‘जयपुर फुट’ भारत के अलावा 44 देशों में मौजूद है।

भंडारी ने बताया कि संस्था ने अब तक भारत और विदेशों में 24 लाख लोगों का पुनर्वास किया है।

बीएमवीएसएस के संस्थापक और मुख्य संरक्षक डी आर मेहता ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर और अन्य नक्सल प्रभावित इलाकों में 12 जयपुर फुट शिविर आयोजित किए गए और दिव्यांगों को जयपुर फुट एवं अन्य सहायक उपकरण प्रदान किए गए।

मेहता ने बताया कि ऐसे अशांत इलाकों में शिविर लगाना एक चुनौती थी, लेकिन बीएमवीएसएस के तकनीशियनों और अधिकारियों ने जिला प्रशासन की मदद से दिव्यांगों के पुनर्वास का बीड़ा उठाया।

सुबह-शाम वॉक पर निकले 6 अलग-अलग लोगों से झटपटमारी और चाकूबाजी करने वाले 9 आरोपी गिरफ्तार…

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अगर आप भिलाई में रहते हैं और सुबह-शाम वॉकिंग पर निकलते हैं तो थोड़ा सतर्क हो जाइए, क्योंकि शहर में एक ऐसी भी गैंग है जो मॉर्निंग और इवनिंग वॉक पर जाने वाले लोगों को टारगेट करती है। गैंग के लोग उनसे लूट और छिनटाइ करने के बाद चाकू कटर से वार करने से भी नहीं चूकते। पिछले 3 दिनों मे शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्र में सुबह के वक्त लूट और चाकूबाजी की 6 और 20 दिन में कुल मिलाकर 14 घटना को अंजाम देने वाले 9 आरोपियों को दुर्ग पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

क्या है मामला?

दरअसल 9 से 11 सितंबर के बीच भिलाई नगर थाना क्षेत्र में सुबह-शाम वॉक पर निकले 6 अलग-अलग लोगों से झटपटमारी और चाकूबाजी की घटना के बाद भिलाई नगर थाना पुलिस और एसीसीयू की टीम ने कार्रवाई शुरू की। इस घटना में एक एएसआई को चाकू मारा गया था, जबकि शाम को वॉकिंग कर रहे डाक विभाग के प्रवर अधीक्षक के मोबाइल को छीन कर ले गए थे। इधर पुलिस ने मामला दर्ज कर बीच सीसीटीवी फुटेज खंगाले जिसमे कुछ लड़के सुबह सवेरे बाइक और एक्टिव में अलग-अलग घटनाओं को अंजाम देते नजर आए। इसके बाद पुलिस ने जब सीसीटीवी के आधार पर तीन नाबालिग संदिग्धों को हिरासत में लिया। तब उन्होंने पूरी गैंग का पता बताया।

6 नाबालिग समेत 9 आरोपी गिरफ्तार

इस दौरान नौ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया जिसमें 6 नाबालिग शामिल है। इन सभी ने मिलकर 20 दिन में अंदर 14 अलग-अलग घटनाओं को अंजाम दिया था। इसके साथ ही अधिकतर मामलों में यह आरोपी सुबह सवेरे घूमने निकलने वाले लोगों को टारगेट किया करते थे, और जिनके पास जो होता था उसे छीन कर चले जाते और अगर कोई ज्यादा विरोध करता तो उसे पर चाकू कटर भी चला देते थे।

आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में दर्ज है मामले

एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने बताया कि इन आरोपियों पर लूट, चोरी, झपटमारी, हत्या का प्रयास जैसे मामले दर्ज है। जिसमे थाना भिलाई नगर के 4 प्रकरण, मोहन नगर के 1 प्रकरण, चौकी स्मृति नगर 1 प्रकरण, वैशाली नगर 1 प्रकरण, खुर्सीपार 2 प्रकरण, जामुल 1 प्रकरण, और चौकी जेवरा सिरसा में 3 प्रकरण दर्ज है। और यह सभी मामले पिछले 20 दिन के भीतर के है। फिलहाल पुलिस ने इन्हें न्यायालय में पेश कर दिया है।