Home Blog Page 420

बैंक जाने वालों के लिए अलर्ट; 12 जनवरी को किन शहरों में बैंक बंद

0

Bank Holiday January 2026: जनवरी में बैंक से जुड़े काम करने वालो के लिए छुट्टियों की जानकारी लेना बहुत जरूरी है. क्योंकि इस महीने अलग-अलग कारणों से बैंक बंद रहने वाले हैं. जिससे बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहने वाली हैं.

आज 11 जनवरी को रविवार की साप्ताहिक छुट्टी है.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) पहले से बैंक हॉलिडे की पूरी लिस्ट जारी करता हैं. जिसमें यह साफ बताया जाता है कि किस दिन और किस शहर में बैंक बंद रहेंगे. लिस्ट के मुताबिक, कल यानी 12 जनवरी को भी छुट्टी की घोषणा की गई है. ऐसे में अगर आप बैंक ब्रांच जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले अपने शहर की छुट्टियों की जानकारी जरूर चेक कर लें…

12 जनवरी को कहां रहेंगे बैंक बंद?

आरबीआई की छुट्टियों की लिस्ट के मुताबिक, कल पश्चिम बंगाल में बैंक बंद करने का ऐलान किया गया है. ऐसे में राज्य के ग्राहकों को सलाह है कि वे बैंक से जुड़े जरूरी काम किसी और दिन निपटा सकते हैं. वहीं, पश्चिम बंगाल को छोड़कर देश के बाकी सभी राज्यों में 12 जनवरी को बैंक सामान्य रूप से खुले रहेंगे.

पश्चिम बंगाल में कल बैंकों में छुट्टी स्वामी विवेकानंद की जयंती को लेकर दी गई है. स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के तौर पर मनाया जाता है.

बैंकों की ऑनलाइन सेवाएं रहेगी चालू

बैंकों में भले ही कल छुट्टी की घोषणा की गई है. लेकिन ग्राहकों की ऑनलाइन सुविधाएं प्रभावित नहीं होंगी. नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, एटीएम और ऑनलाइन फंड ट्रांसफर जैसी सेवाएं पहले की तरह चालू रहेंगी. जिससे ग्राहक घर बैठे ही अपने काम आसानी से कर सकेंगे. हालांकि, जिन कामों के लिए बैंक ब्रांच जाने की आवश्यकता होती है, वैसे काम प्रभावित होंगे.

26 जनवरी की परेड में होना चाहते हैं शामिल, जानें कहां से मिलेगा टिकट!

0

गणतंत्र दिवस की मुख्य परेड 26 जनवरी को नई दिल्ली के राजपथ पर आयोजित होगी. इसके बाद 28 और 29 जनवरी को बीटिंग द रिट्रीट समारोह होगा. जो पूरे उत्सव का शानदार समापन माना जाता है. इन दोनों ही कार्यक्रमों के लिए टिकट लेना जरूरी होता है और इन्हें पहले से बुक करना सबसे बेहतर रहता है.

अगर आप घर बैठे टिकट लेना चाहते हैं. तो रक्षा मंत्रालय के आमंत्रण पोर्टल से ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं. यहां मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करके लॉगिन करना होता है. इसके बाद आपको परेड या बीटिंग द रिट्रीट में से इवेंट चुनना होता है और सीटिंग ऑप्शन सेलेक्ट करना होता है.

इवेंट चुनने के बाद टिकट की संख्या भरें. फिर अपनी जरूरी जानकारी डालें और वैलिड फोटो आईडी अपलोड करें, जैसे आधार या वोटर आईडी. इसके बाद ऑनलाइन पेमेंट करें. पेमेंट पूरा होते ही आप अपना ई टिकट डाउनलोड कर सकते हैं. चाहें तो उसका प्रिंट भी निकाल सकते हैं.

जो लोग ऑनलाइन टिकट नहीं लेना चाहते. उनके लिए दिल्ली में सरकारी ऑफलाइन काउंटर भी लगाए जाते हैं. यहां ओरिजनल फोटो आईडी दिखाकर सीधे टिकट खरीदे जा सकते हैं. सेना भवन, शास्त्री भवन, जंतर मंतर, संसद भवन, राजीव चौक मेट्रो स्टेशन और कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन पर काउंटर उपलब्ध रहते हैं.

कार्यक्रम में जाते समय वही फोटो आईडी साथ रखें, जो बुकिंग में दी गई थी. टिकट सिर्फ चुनी गई तारीख और इवेंट के लिए मान्य होता है. कम से कम 1 से 2 घंटे पहले पहुंचना बेहतर रहता है. सभी गेट्स पर सुरक्षा जांच होती है, इसलिए प्रतिबंधित सामान न लेकर जाएं.

गणतंत्र दिवस के दिन राजपथ और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक सीमित रहता है. ऐसे में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना सबसे सही विकल्प होता है. मोबाइल में ई टिकट सेव रखें या प्रिंट कॉपी साथ रखें. थोड़ी प्लानिंग के साथ आप इस ऐतिहासिक परेड का पूरा आनंद ले सकते हैं.

Somnath Temple: सोमनाथ मंदिर में पीएम की शिव पूजा, मंत्र जाप

0

Somnath Temple: 2026 गुजरात के सोमनाथ मंदिर के लिए 2 वजहों से खास है. साल 1026 में महमूद गजनवी ने मंदिर पर हमला कर ध्वस्त कर दिया था, जिसके 1000 साल पूरे हो रहे हैं. हाल में प्रधानमंत्री ने मंदिर को लेकर एक भावनात्मक लेख लिखा था.

अब इसके बाद पीएम ने सोमनाथ मंदिर में ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए और शिव साधना की.

दूसरा कारण ये है कि 11 मई 1951 को स्वतंत्र भारत में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष हो गए हैं, इस अवसर पर 8 जनवरी से 11 जनवरी तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है.

ड्रोन शो में दिखाई प्राचीन आस्था की झलक

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत सोमनाथ मंदिर परिसर में अरब सागर के तट पर भव्य ड्रोन शो का आयोजन किया गया. ड्रोन शो में सनातन की भव्यता दिखाई गई. करीब 3000 ड्रोन के जरिए आकाश में सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण का दृश्य, त्रिशूल, ओम, भगवान शिव का तांडव और पीएम की आकृति दिखाई.

पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें 1000 साल भी बाद सोमनाथ मंदिर की भव्यता और दिव्यता की झलक दिखाई गई. समुद्र की लहरों के सामने खड़ा सोमनाथ मंदिर सिर्फ एक स्थापत्य नहीं, बल्कि भारत की उस जीवंत परंपरा का प्रतीक है जो सदियों से अपनी अस्मिता को बचाए हुए है.

सोमनाथ मंदिर पर क्यों हुए हमले

सोमनाथ मंदिर पर हमले का सबसे बड़ा कारण इसकी संपत्ति थी. मंदिर को राजाओं, व्यापारियों, विदेशी यात्रियों से भारी दान मिलता था. सोमनाथ मंदिर का खजाना सदियों से भारत की समृद्धि का प्रतीक रहा है, जिसे महमूद गजनवी ने 1026 ईस्वी में लूटा था, जिसमें भारी मात्रा में सोना, चांदी और कीमती रत्न शामिल थे.

ऐतिहासिक प्रसिद्धि के लिए मुगलों ने मंदिर को निशाना बनाया. आक्रमणकारी जानते थे, मंदिर पर हमला इतिहास में दर्ज होगा. प्रसिद्ध स्थल पर हमला आक्रमणकारी की सत्ता और भय का संदेश देता था.

ईरान से क्या-क्या मंगवाता है भारत, यहां बदली सरकार तो किसे होगा ज्यादा

0

मध्य पूर्व का अहम देश ईरान एक बार फिर उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है. सड़कों पर विरोध, सत्ता को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक राजनीति की हलचल के बीच दुनिया की नजर ईरान पर टिकी है. ऐसे में भारत के लिए भी यह सवाल बेहद अहम हो जाता है कि ईरान से उसका रिश्ता सिर्फ कूटनीतिक है या आर्थिक भी है.

अगर ईरान में सत्ता बदलती है, तो क्या भारत को नुकसान होगा या फायदा? इस रिपोर्ट में आपको हर पहलू का जवाब साफ शब्दों में देते हैं.

ईरान में हालात क्यों बने चिंता का कारण

ईरान में हाल के समय में हिंसा और विरोध प्रदर्शनों की खबरें सामने आ रही हैं. इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने अंतरराष्ट्रीय माहौल को और गरमा दिया है. उन्होंने कहा है कि ईरान के लोग अब आजादी की ओर देख रहे हैं और इस बदलाव में अमेरिका उनके साथ है. ऐसे बयानों के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि अगर ईरान की सरकार में बड़ा बदलाव होता है, तो इसका असर सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसके व्यापारिक साझेदार भी प्रभावित होंगे.

भारत और ईरान का आर्थिक रिश्ता

भारत और ईरान के बीच संबंध केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत हैं. भारत दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है और अपनी 85 फीसदी से ज्यादा जरूरतें आयात से पूरी करता है. लंबे समय तक ईरान भारत के लिए कच्चे तेल का एक अहम स्रोत रहा है, क्योंकि वहां का तेल गुणवत्ता के साथ-साथ कीमत के लिहाज से भी अनुकूल माना जाता रहा है.

भारत ईरान से क्या-क्या मंगवाता है

ईरान से भारत का सबसे बड़ा आयात कच्चा तेल रहा है. इसके अलावा भारत ईरान से सूखे मेवे जैसे पिस्ता और खजूर, कुछ खास केमिकल्स, पेट्रोकेमिकल उत्पाद और कांच से बने बर्तन भी मंगवाता है. ये सभी सामान भारतीय बाजार में अपनी अलग पहचान रखते हैं. खासकर सूखे मेवों की मांग त्योहारों और शादियों के मौसम में काफी बढ़ जाती है.

भारत ईरान को क्या निर्यात करता है

भारत भी ईरान को कई जरूरी सामान भेजता है. इसमें सबसे प्रमुख है बासमती चावल, जिसका ईरान बड़ा खरीदार रहा है. इसके अलावा चाय, चीनी, दवाइयां, ऑटो पार्ट्स और कुछ इंजीनियरिंग के सामान भी भारत से ईरान जाते हैं. इन निर्यातों से भारत के कृषि और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को फायदा मिलता है.

ईरान की अर्थव्यवस्था किन पर टिकी है

ईरान की अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत आधार कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस है. ईरान दुनिया के सबसे बड़े तेल और गैस भंडार वाले देशों में गिना जाता है. सरकारी आय का बड़ा हिस्सा तेल निर्यात से आता है. इसके अलावा पेट्रोकेमिकल, उर्वरक और ऊर्जा से जुड़े उद्योग भी उसकी अर्थव्यवस्था को संभाले हुए हैं. हालांकि अमेरिकी और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के कारण ईरान को कई बार अपने तेल निर्यात में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है.

अगर ईरान में सरकार बदली तो नुकसान किसे

अगर ईरान में सत्ता परिवर्तन होता है और नीतियों में बड़ा बदलाव आता है, तो सबसे पहले असर तेल व्यापार पर पड़ सकता है. भारत जैसे देश, जो ऊर्जा के लिए आयात पर निर्भर हैं, उन्हें वैकल्पिक स्रोतों की ओर देखना पड़ सकता है. वहीं ईरान को भी नुकसान हो सकता है, क्योंकि भारत जैसे बड़े खरीदार के बिना उसके तेल निर्यात पर असर पड़ना तय है. इसके साथ ही सूखे मेवे और अन्य गैर-तेल व्यापार भी प्रभावित हो सकता है.

‘देश के 44 फीसदी शहर गंभीर…’, वायु प्रदूषण को लेकर जयराम रमेश

0

वायु प्रदूषण को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भारत में वायु प्रदूषण अब केवल कुछ महानगरों की समस्या नहीं, बल्कि यह एक देशव्यापी संकट बन चुका है, जिस पर सरकार की प्रतिक्रिया बेहद कमजोर और नाकाफी है.

जयराम रमेश ने सेंटर फ़ॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के ताज़ा सैटेलाइट आधारित रिसर्च का हवाला देते हुए बताया कि देश के करीब 44 प्रतिशत शहर लगातार गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में हैं. CREA की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के 4,041 नगरों में से 1,787 शहरों में पिछले 5 सालों (2019-2024, कोविड वर्ष 2020 को छोड़कर) के दौरान PM 2.5 का वार्षिक स्तर लगातार राष्ट्रीय मानकों से ऊपर रहा है. इसका मतलब है कि देश का लगभग आधा शहरी भारत जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर है.

NCAP केवल 130 शहरों तक ही सीमित

इतनी व्यापक समस्या के बावजूद सरकार का राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) केवल 130 शहरों तक ही सीमित है. इनमें से भी 28 शहरों में अब तक कंटीन्यूअस एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन (CAAQMS) तक नहीं लगाए गए हैं. जिन 102 शहरों में निगरानी की व्यवस्था है, उनमें से 100 शहरों में PM10 का स्तर 80 प्रतिशत या उससे अधिक दर्ज किया गया है. कुल मिलाकर, NCAP फिलहाल देश के केवल 4 प्रतिशत गंभीर रूप से प्रदूषित शहरों को ही कवर कर पा रहा है.

जयराम रमेश ने कसा तंज

जयराम रमेश ने तंज कसते हुए कहा कि जिसे सरकार नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम कहती है, वह अब ‘नोशनल क्लीन एयर प्रोग्राम’ बनकर रह गया है. उन्होंने NCAP की गहन समीक्षा, पुनर्गठन और बड़े पैमाने पर सुधार की मांग की. कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत के मौजूदा वायु गुणवत्ता मानक बेहद कमजोर हैं. WHO के मुताबिक 24 घंटे की सीमा 15 माइक्रोग्राम से कम और वार्षिक सीमा 5 माइक्रोग्राम से कम होनी चाहिए. यानी भारत के मानक अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों से कई गुना पीछे हैं.

कांग्रेस ने यह भी मांग की कि सभी कोयला आधारित बिजली संयंत्रों में 2026 के अंत तक FGD सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाए जाएं. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की स्वतंत्रता बहाल की जाए और पिछले 10 वर्षों में किए गए जन-विरोधी पर्यावरण संशोधनों को वापस लिया जाए.

बजट 2026 की रूपरेखा तय करने में जुटी सरकार; राज्यों से मांगे गए सुझाव

0

Union Budget 2026: यूनियन बजट 2026 को आने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है. ऐसे में आम लोगों से लेकर राज्यों तक को आगामी बजट से कई उम्मीदें हैं. केंद्र सरकार की ओर से भी इसकी तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं, ताकि सभी वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखा जा सके.

इसी कड़ी में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार, 10 जनवरी को नई दिल्ली में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों के साथ प्री-बजट परामर्श बैठक की है. जिसमें बजट 2026 से जुड़ी प्राथमिकताओं और सुझावों पर चर्चा की गई. आइए जानते हैं, बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा की गई….

इन मुद्दों पर हुई चर्चा

बैठक के दौरान कई राज्यों की ओर से पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना को जारी रखने की बात कही गई. साथ ही योजना के लिए अधिक आवंटन की जरूरतों पर भी जोर दिया गया. राज्य के प्रतिनिधियों ने कहा कि, यह योजना राज्यों और विधानमंडल वाले केंद्रशासित प्रदेशों में विकास कार्यों को तेज करने में मदद कर रही है.

इसके जरिए नई परिसंपत्तियां तैयार हो रही हैं और पूंजीगत निवेश को भी मजबूत समर्थन मिल रहा है. आंकड़ों की बात करें तो, वित्त वर्ष 2020-21 से अब तक केंद्र सरकार इस योजना के लिए 4.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक जारी कर चुकी है.

इन राज्यों ने लिया हिस्सा

इस बैठक में दिल्ली, गोवा, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, मेघालय और सिक्किम के मुख्यमंत्री मौजूद रहे. वहीं अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना के उपमुख्यमंत्रियों के साथ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्री और अन्य प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए. बैठक में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और मणिपुर के राज्यपाल ने हिस्सा लिया.

केंद्र सरकार की तरफ से वित्त मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक का हिस्सा बने. इनमें आर्थिक कार्य विभाग, व्यय विभाग और राजस्व विभाग के सचिवों के साथ-साथ केंद्र और राज्य सरकारों के अन्य अधिकारी शामिल थे.

“ईरान में कुछ बड़ा होने वाला है? डोनाल्ड ट्रंप की धमकी का तेहरान ने दिय”

0

ईरान में महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ शुरू हुआ आम लोगों का विरोध प्रदर्शन 14वें दिन में प्रवेश कर चुका है. एक-एक कर देश के हर कोने से खामेनेई सरकार के खिलाफ आवाज उठ रही है. इंटरनेट ब्लैकआउट के भी 60 घंटे हो चुके हैं.

इस बीच अमेरिका की चेतावनी से तेहरान का सियासी हलका काफी नाराज है. संसद के अध्यक्ष ने यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी का जवाब धमकी से दिया है.

ईरान के संसद अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका इस्लामी गणराज्य पर हमला करता है तो अमेरिकी सेना और इजरायल निशाने पर होंगे. कालीबाफ ने यह धमकी तब दी जब ईरानी संसद में सांसद मंच की ओर दौड़े और अमेरिका विरोधी नारे लगाए. ईरानी राज्य टेलीविजन ने संसद सत्र को लाइव प्रसारित किया.

कौन हैं कालीबाफ, जिन्होंने ट्रंप को दिया करारा जवाब?

कालीबाफ एक कट्टरपंथी नेता हैं और पहले राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ चुके हैं. उन्होंने पुलिस और ईरान की पैरामिलिट्री रिवॉल्यूशनरी गार्ड को प्रदर्शनों के दौरान दृढ़ रहने के लिए सराहा. उन्होंने कहा, ‘ईरान के लोगों को पता होना चाहिए कि हम उनके साथ सबसे कठोर तरीके से निपटेंगे और गिरफ्तार लोगों को सजा देंगे.’

ट्रंप की धमकी पर ईरान का जवाब

उन्होंने इजरायल को कब्जे वाला क्षेत्र कहते हुए सीधे धमकी दी. उन्होंने कहा, ‘ईरान पर हमले की स्थिति में कब्जे वाला क्षेत्र और क्षेत्र में सभी अमेरिकी सैन्य केंद्र, अड्डे और जहाज हमारे वैध निशाने होंगे.’

द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, ईरान में चल रहे सरकार-विरोधी आंदोलन में यूएस के दखल की संभावना को देखते हुए इजरायल हाई अलर्ट पर है. वहीं, इंटरनेट पाबंदी की मियाद भी बढ़ गई है. इंटरनेट मॉनिटर नेटब्लॉक्स का कहना है कि ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान देश भर में इंटरनेट बंद किया गया था, जो अब 60 घंटे से ज्यादा हो गया है.

हिंसक हो गया आंदोलन: IRGC

आईआरजीसी से जुड़े तस्नीम न्यूज के मुताबिक विरोध प्रदर्शन बेहद हिंसक हो गया है. प्रदर्शनकारी शनिवार रात को ईरान के फार्स प्रांत के ममासानी काउंटी में न्यायपालिका परिसर में घुस गए और एक गार्ड पोस्ट में आग लगा दी.

काउंटी के पब्लिक और रेवोल्यूशनरी प्रॉसिक्यूटर हसन इलाही ने बताया कि कोर्टहाउस के अंदर कई कमरों में आग लगा दी गई और सिक्योरिटी फोर्स के आने और भीड़ को हटाने से पहले आग ग्राउंड फ्लोर से पहली मंजिल तक फैल गई थी.

ट्रंप ने दी ईरान को धमकी!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई को धमकी देते हुए कहा कि अमेरिका ईरान की मदद को तैयार है. उन्होंने रविवार (11 जनवरी) को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा, ‘ईरान शायद आजादी की ओर देख रहा है और कहा कि अमेरिका मदद के लिए तैयार है.’

शिबू सोरेन को मरणोपरांत भारत रत्न देने की उठी मांग, JMM सांसद महुआ माज

0

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की सांसद महुआ माजी ने एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को मरणोपरांत भारत रत्न दिए जाने की मांग उठाई है. उन्होंने बताया कि एक सांसद के तौर पर उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह अनुरोध किया था.

इस पत्र का जवाब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से भी मिल गया है, जिसमें पुष्टि की गई है कि उनका पत्र वहां प्राप्त हो चुका है.

जयंती पर भावुक हुईं महुआ माजी

महुआ माजी ने कहा कि गुरुजी का आशीर्वाद हमेशा उनके साथ रहा है और इस बात पर उन्हें गर्व है. उन्होंने कहा, ‘हमें ऐसा लगता ही नहीं कि गुरुजी हमारे बीच नहीं हैं. आज हम उनके आवास पर जयंती मनाने आए हैं. हर साल वे खुद यहां विराजमान रहते थे और हम उनका आशीर्वाद लेते थे. वही यादें आज भी हमारे साथ हैं.’

सांसद ने बताया कि जयंती के मौके पर गुरुजी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए. इसके बाद वे एक छात्रावास में बनी उनकी आदमकद प्रतिमा के दर्शन के लिए जाएंगी. यह छात्रावास मेधावी छात्रों के लिए है, जहां चयनित बच्चों को मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई जा रही है. इस छात्रावास का शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री द्वारा किया गया है. इसके अलावा खेलगांव में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में भी शामिल होने का कार्यक्रम है.

आदिवासी समाज के ऐतिहासिक नेता

महुआ माजी ने कहा कि शिबू सोरेन एक ऐतिहासिक पुरुष थे और पूरे देश में उन्हें सबसे बड़े आदिवासी नेता के रूप में याद किया जाता है. उन्होंने कहा, ‘दिशोम गुरु शिबू सोरेन अमर रहें. गुरुजी आज भी हमारे बीच हैं.’

गुरुजी के नाम पर डायरी भी तैयार

सांसद ने यह भी बताया कि उन्होंने गुरुजी के नाम से एक विशेष डायरी अपने डिजाइन में छपवाई है, जिसे वे लोगों के बीच बांटेंगी. उन्होंने कहा कि आज के दिन उन्हें गुरुजी की बहुत याद आ रही है और पूरे सम्मान व धूमधाम से उनकी जयंती मनाई जा रही है.

‘व्यवस्था की नसों में मिला जहर’, इंदौर हादसे पर कांग्रेस सांसद दिग्विज

0

इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई लोगों की मौत को लेकर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने शहरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने इसे शहरी नियोजन की बड़ी और घातक विफलता बताया है.

दिग्विजय सिंह का कहना है कि जब तक सीवेज और पीने के पानी की लाइनें पूरी तरह अलग नहीं की जाएंगी, तब तक इस तरह की घटनाएं बार-बार होती रहेंगी.

हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण डायरिया फैल गया था. इस बीमारी की चपेट में आकर कई लोगों की जान चली गई. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक छह लोगों की मौत हुई है, जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि मृतकों की संख्या 17 से अधिक है. प्रशासन की ओर से 18 पीड़ित परिवारों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है.

स्वच्छ जल व्यवस्था में कैसे घुस गया भ्रष्टाचार- दिग्विजय सिंह

दिग्विजय सिंह ने एक समाचार पत्र में लिखे एक आलेख में कहा कि जिन लोगों की जान गई है, उन्हें कोई मुआवजा वापस नहीं ला सकता और न ही इससे परिवारों का दर्द कम हो सकता है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर लापरवाही और भ्रष्टाचार कैसे स्वच्छ जल व्यवस्था में घुस गया. उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.

उन्होंने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि देश का लगभग 70 प्रतिशत पानी दूषित हो चुका है. सिंह ने कहा कि अगर कई बार देश का सबसे स्वच्छ शहर चुने गए इंदौर में ऐसा हो सकता है, तो दूर-दराज और गरीब इलाकों में हालात और भी खराब होंगे.

हर दस साल में नया मास्टर प्लान बनाना जरूरी- दिग्विजय

दिग्विजय सिंह ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण, पलायन और घटते रोजगार के कारण स्वच्छ पेयजल एक बड़ी चुनौती बन गया है. उन्होंने सुझाव दिया कि अवैध बस्तियों पर नियंत्रण, सीवेज और पानी की अलग-अलग लाइनें तथा हर दस साल में नया मास्टर प्लान बनाना जरूरी है. उन्होंने इसे केवल राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नागरिक कर्तव्य बताया.

Weather: शीतलहर के साथ इन जिलों के तापमान में गिरावट, मौसम विभाग ने किया अलर्ट!

0
  • छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में ठंड में बढ़ोतरी की संभावना।
  • दुर्ग संभाग के कुछ जिलों में शीतलहर चल सकती है।
  • बिलासपुर का तापमान6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

छत्तीसगढ़ के मौसम ने धीरे-धीरे अपना सर्द रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम CG Weather Today के अनुसार, प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी और ठंड का स्तर बढ़ सकती है। विशेष रूप से दुर्ग संभाग के कुछ जिलों में शीतलहर चलने की संभावना जताई जा रही है।

Aaj Ka Mausam CG: रायपुर और नवा रायपुर में छाया रहेगा कोहरा

CG Weather Today  पर नजर डालें तो राजधानी रायपुर और नवा रायपुर में सुबह और देर रात के समय कोहरा छाया हुआ रहेगा। कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम हो सकती है, इसलिए सड़क पर धीमी गति से चलने की सलाह दी गई है।

Chhattisgarh Mein Aaj Ka Mausam: बिलासपुर का तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज

प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में तापमान भी गिरावट की ओर बढ़ रहा है। बिलासपुर में पिछले 24 घंटों में तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में अधिक ठंड के कारण तापमान महज 4.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अंबिकापुर के लिए यह तापमान इस सीजन का सबसे कम दर्ज तापमान माना जा रहा है।

CG Weather News: प्रदेश में आने वाले दिनों में बढ़ेगी ठंड

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में ठंड का स्तर और बढ़ सकता है, इसलिए लोगों को सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।

CG Weather Today: दुर्ग संभाग के कुछ जिलों में चलेगी शीतलहर

विशेष रूप से दुर्ग संभाग में ठंडी हवाओं के साथ शीतलहर चलने की संभावना है। यहां के ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह के समय तापमान काफी कम रह सकता है। वहीं, नदियों और पहाड़ी क्षेत्रों के आसपास ठंड और अधिक महसूस की जा सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस दौरान सुबह और देर रात के समय कई क्षेत्रों में कोहरा और घना धुंध देखने को मिल सकता है।