Home Blog Page 422

मंजूर नहीं पुरानी रिपोर्ट, नवरात्र में नई जातीय गणना के आदेश; सिद्धारमैया का महीने भर में ये तीसरा दांव…

0

कांग्रेस शासित कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को ऐलान किया कि राज्य में 22 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच दशहरा की छुट्टियों के दौरान एक नया सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक सर्वेक्षण कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि 2015 में की गई जाति जनगणना को सरकार ने नामंजूर कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली जनगणना के आंकड़े एक दशक पुराने हो चुके हैं, इसलिए समाज की मौजूदा स्थिति को समझने के लिए नई जाति जनगणना जरूरी हो गई है।

मुख्यमंत्री ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “समाज में कई धर्म और जातियाँ हैं। विविधता और असमानता भी है। संविधान कहता है कि सभी के साथ समान व्यवहार होने चाहिए और सामाजिक न्याय होना चाहिए।” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि नया सर्वेक्षण असमानताओं को दूर करने और लोकतंत्र की मज़बूत नींव रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

2 करोड़ परिवारों को किया जाएगा शामिल कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा किए जाने वाले इस सर्वे में राज्य के लगभग 2 करोड़ परिवारों के तहत आनेवाली करीब 7 करोड़ पूरी आबादी को शामिल किए जाने की उम्मीद है। इस सर्वे के दौरान हरेक परिवार को एक विशिष्ट घरेलू पहचान पत्र (UID) स्टिकर दिया जाएगा। इनमें से अब तक 1.55 करोड़ घरों पर ये स्टिकर चिपकाए जा चुके हैं। परिवारों की सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और शैक्षिक स्थिति का विवरण एकत्र करने के लिए 60 प्रश्नों वाली एक प्रश्नावली भी तैयार की गई है।

हरेक को 20,000 रुपये तक का मानदेय इंडिया टुडे की रिपोर्ट में कहा गया है कि सर्वेक्षण के लिए दशहरा की छुट्टियों के दौरान 1.85 लाख सरकारी शिक्षकों को तैनात किया जाएगा। इस काम के लिए हरेक को 20,000 रुपये तक का मानदेय मिलेगा, जिससे शिक्षकों के पारिश्रमिक के लिए कुल आवंटन 325 करोड़ रुपये हो जाएगा। राज्य ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए 420 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं, जो 2015 की जाति जनगणना के दौरान खर्च किए गए 165 करोड़ रुपये से ढाई गुना से भी ज़्यादा है।

बिजली मीटर के नंबरों की होगी जियो-टैगिंग रिपोर्ट में कहा गया है कि सर्वे के दौरान हरेक घर को बिजली मीटर के नंबरों से जियो-टैग किया जाएगा, और मोबाइ नंबों को राशन कार्ड और आधार से जोड़े जाएँगे। जो लोग सर्वे कर्मियों को अपनी जाति का विवरण नहीं देना चाहते, उनके लिए एक समर्पित हेल्पलाइन (8050770004) पर कॉल करके या ऑनलाइन जानकारी देने के विकल्प भी उपलब्ध कराए गए हैं।

दिसंबर 2025 तक आएगी रिपोर्ट मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने नागरिकों से पूर्ण सहयोग देने का आग्रह किया। मधुसूदन नाइक की अध्यक्षता वाले आयोग को वैज्ञानिक और समावेशी तरीके से सर्वेक्षण करने का काम सौंपा गया है। उम्मीद है कि आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट दिसंबर 2025 तक सौंप देगा। बता दें कि इससे पहले कर्नाटक पिछड़ा वर्ग आयोग ने सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक सर्वेक्षण 2015 रिपोर्ट तैयार की थी। इसे 17 अप्रैल को सिद्धारमैया कैबिनेट में पेश किया जाना था। लेकिन उससे पहले ही यह लीक हो गई थी, जिस पर विवाद मच गया था और रिपोर्ट पेश नहीं हो पाई।

पिछली जातीय गणना पर उठे थे सवाल राज्य के सबसे प्रभावशाली वोक्कालिगा और वीरशैव-लिंगायत समुदाय ने भी उस सर्वे पर सवाल उठाते हुए सिद्धारमैया सरकार को कठघरे में खड़ा किया था। आयोग ने बताया था कि उसने राज्य की 6.35 करोड़ आबादी में से 5.98 करोड़ लोगों के बीच सर्वे कर ये रिपोर्ट बनाई है। इन दोनों समुदायों ने आरोप लगाया था कि उनकी आबादी घटाकर बताई गई है।

कांग्रेस सरकार का महीने भर में तीसरा दांव दरअसल, कर्नाटक में अगले कुछ महीनों में स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं। उससे पहले इस सर्वे को सिद्धारमैया सरकार का एक दांव माना जा रहा है। एक तरफ इस सर्वे से वह वोक्कालिगा और वीरशैव-लिंगायत समुदाय की नाराजगी दूर करने जा रहे हैं तो दूसरी तरफ राज्य के अन्य ओबीसी, SC/ST वर्ग को भी साधने की कोशिशों में जुटे हैं।

इससे पहले वह इसी महीने अल्पसंख्यक महिलाओं के लैंगिक सर्वेक्षण का भी आदेश दे चुके हैं। इसी महीने वह स्थानीय चुनाव बैलेट पेपर से कराने की घोषणा कर चुके हैं, जिसे राज्य चुनाव आयोग ने माना लिया है। इस तरह महीने भर में यह उनका तीसरा दांव है। बड़ी बात यह है कि कांग्रेस शासित राज्य में ये कवायद बिहार चुनाव से पहले कराई जा रही है। कांग्रेस इसके जरिए बिहार चुनावों में भी सियासी संदेश देने की कोशिश कर रही है।

“मुंबई की ईओडब्ल्यू ने 1,000 करोड़ के कॉर्पोरेट घोटाले का किया भंडाफोड़, 2 निदेशक गिरफ्तार” 

0

मुंबई की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने एक बड़े कॉर्पोरेट घोटाले का पर्दाफाश करते हुए दो निदेशकों को गिरफ्तार किया है. यह घोटाला लगभग 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की कंपनी संपत्तियों के अवैध ट्रांसफर और नकली शेयर प्रमाण पत्र बनाने से जुड़ा है.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मंगेश कदम और ममता सिंह के रूप में हुई है. दोनों को गुरुवार को मुंबई कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 16 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.

ईओडब्ल्यू के मुताबिक, यह FIR बिजनेसमैन रजत झुनझुनवाला की शिकायत पर दर्ज की गई. आरोपियों ने शाहाजस डिवेलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनी जेएलएस रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड के फर्जी शेयर होल्डिंग सर्टिफिकेट और MGE-7 फॉर्म तैयार किए. इन दस्तावेजों के आधार पर झुनझुनवाला की हिस्सेदारी जबरन ट्रांसफर कर उन्हें कंपनियों से बाहर कर दिया गया.

39 लाख शेयरों को शेल कंपनियों में ट्रांसफर किया गया जांच से पता चला है कि ये जाली दस्तावेज रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज में भी फाइल किए गए थे. इसके बाद करीब 39 लाख शेयरों को अवैध रूप से डीमैट कर कई शेल कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया गया. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गवाहों के बयानों से यह भी सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी हस्ताक्षर और जाली मॉर्टगेज डीड्स के जरिए आईडीबीआई ट्रस्टीशिप सर्विसेज के साथ शेयरों को गिरवी रखा था. इससे अन्य संस्थाओं की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है.

सरकार को लगभग 40 करोड़ से अधिक का नुकसान ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने कहा कि इस धोखाधड़ी से न केवल शिकायतकर्ता को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, बल्कि सरकार को भी लगभग 40 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व नुकसान उठाना पड़ा, क्योंकि संपत्ति ट्रांसफर के दस्तावेजों का मूल्यांकन जानबूझकर कम दिखाया गया था. पुलिस को शक है कि इस पूरे घोटाले में और भी कई लोग शामिल हो सकते हैं. फिलहाल मामले में जांच जारी है.

India’s Real Estate Sector – भारत में तेजी से उभर रहा रियल एस्टेट मार्केट, 2047 तक 10 ट्रिलियन डॉलर पहुंचने का अनुमान; रिपोर्ट…

0

India’s Real Estate Sector: एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2047 तक मांग में वृद्धि, बढ़ते संस्थागतकरण और मजबूत आर्थिक विकास की संभावनाओं के चलते कुल ऑफिस स्टॉक 2 अरब वर्ग फुट से अधिक होने की संभावना है।

साथ ही, रियल एस्टेट सेक्टर बाजार के 2047 तक 10 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। कोलियर्स ने कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के सहयोग से एक रिपोर्ट में ये आंकड़े दिए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में ‘ग्रेड ए’ ऑफिस स्टॉक 2010 से तीन गुना बढ़कर वर्तमान में 80 करोड़ वर्ग फुट से अधिक हो गया है। यह वृद्धि टेक्नोलॉजी, बीएफएसआई, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) और घरेलू कंपनियों की बढ़ती मांग के कारण हुई है।

2047 तक दोगुनी होगी सालाना घर बिक्री औद्योगिक और वेयरहाउसिंग के क्षेत्र में, ग्रेड ए स्टॉक का स्तर 2025 में 250 मिलियन वर्ग फुट के आंकड़े को पार कर गया, जो मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, निजी क्षेत्र की भागीदारी और उपभोक्ता मांग के साथ-साथ वेयरहाउसिंग आवश्यकताओं में वृद्धि के कारण 2010 के स्तर की तुलना में कई गुना बढ़ गया। रिपोर्ट के मुताबिक, इनकम लेवल में अनुमानित वृद्धि और प्रगतिशील आवास नीतियों के समर्थन से, 2047 तक वार्षिक आवास बिक्री दोगुनी होकर 10 लाख यूनिट हो सकती है।

भारत में तेजी से हो रहा शहरीकरण भारतीय शहरों का तेजी से शहरीकरण हो रहा है। 2050 तक कुल जनसंख्या का 53 प्रतिशत हिस्सा शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग होंगे, जो कि वर्तमान में 37 प्रतिशत है। कोलियर्स इंडिया के नेशनल डायरेक्टर और रिसर्च हेड विमल नादर ने कहा, “भारत न केवल अपने इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर रहा है; बल्कि शहरी जीवन के भविष्य की पुनर्कल्पना भी कर रहा है।

भारत का रियल एस्टेट क्षेत्र सभी परिसंपत्ति वर्गों में तेज गति से बहुआयामी विकास के लिए तैयार है। निरंतर सरकारी प्रोत्साहन और कई निजी व सार्वजनिक हितधारकों से भारत 2030 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। इसके अलावा, भारतीय अर्थव्यवस्था 2047 तक 35-40 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है।

सकल घरेलू उत्पाद में योगदान लगातार बढ़ना है, जो कि 2000 के दशक की शुरुआत में 5 प्रतिशत से बढ़कर आज 6-8 प्रतिशत हो गया है और इसके 14-20 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। क्रेडाई के प्रेसिडेंट शेखर पटेल ने कहा, “2047 तक, भारतीय रियल एस्टेट को केवल वर्ग फुट या संपत्ति के मूल्य में नहीं मापा जाएगा बल्कि यह लाखों नागरिकों के लिए हमारे द्वारा निर्मित जीवन की गुणवत्ता से परिभाषित होगा।

घरेलू निवेशकों ने संभाला मोर्चा, FPI की बिकवाली रहा बेअसर; जीएसटी रिफॉर्म से बाजार को मजबूती…

0

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ से जुड़ी चिंताओं और 4 अरब डॉलर से अधिक की एफआईआई की बिकवाली के बीच भारतीय शेयर बाजार में कई कारकों की वजह से एक बड़ी गिरावट टल गई है।

इन कारकों में घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की खरीदारी, जीएसटी रेट्स को रेशनलाइज बनाने को लेकर आशावाद, पहली तिमाही के मजबूत जीडीपी आंकड़ों और ऑटोमोबाइल शेयरों में तेजी शामिल हैं। यह जानकारी शुक्रवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई।

एचएसबीसी म्यूचुअल फंड के अनुसार, डीआईआई ने 10.8 अरब डॉलर का निवेश किया, जिससे एफआईआई द्वारा की गई 4.3 अरब डॉलर की बिकवाली की भरपाई हो गई। इसकी वजह से अगस्त में बाजार मामलूी गिरावट तक सीमित रहा। सेंसेक्स और निफ्टी में क्रमशः 1.5 प्रतिशत और 1.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

जुलाई में गिरा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के जीडीपी आंकड़ों को मजबूत सेवाओं और विनिर्माण क्षेत्र का समर्थन प्राप्त था। जुलाई में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक घटकर 1.6 प्रतिशत रह गया, जो आठ वर्षों में सबसे कम है, जिससे बाजार में खरीदारी को बल मिला। ऑटो सेक्टर ने जीएसटी दरों में कटौती का लाभ उठाते हुए बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि ऑयल एंड गैस, बिजली और रियल एस्टेट क्षेत्र पिछड़ गया। एसएंडपी ने भारत की सॉवरेन रेटिंग को बीबीबी- से बढ़ाकर बीबीबी (स्टेबल) कर दिया, जो लगभग दो दशकों में पहली बार हुआ, जिससे इस महीने शेयर बाजार को भी बढ़ावा मिला।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के अमेरिकी फैसले का करेंसी, इक्विटी और बॉन्ड बाजारों पर असर पड़ा। राजकोषीय चिंताओं के कारण भारतीय मुद्रा कमजोर हुई। जीडीपी के 4.4 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य के पूरा होने की उम्मीद है, हालांकि कमजोर कर संग्रह और जीएसटी रेट्स को रेशनलाइज बनाने से कुछ जोखिम पैदा होंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि आरबीआई ने 2025 में ब्याज दरों में 100 आधार अंकों की कटौती की योजना बनाई है और अब इसमें कुछ समय लग सकता है।

इस बीच, लिक्विडिटी पर्याप्त बनी हुई है, जिससे डेट मार्केट में अल्पकालिक यील्ड को समर्थन मिल रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक व्यापार संबंधी चुनौतियों और टैरिफ दबावों के बावजूद भारत के मैक्रो फंडामेंटल बेहतरीन जीडीपी वृद्धि, सौम्य मुद्रास्फीति और एक सहायक नीतिगत पृष्ठभूमि के साथ मजबूत और बेहतर बने हुए हैं।

“मणिपुर समेत तीन पूर्वोत्तर राज्यों के दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी, 7300 करोड़ की विकास परियोजनाओं की की देंगे सौगात”

0

“मणिपुर समेत तीन पूर्वोत्तर राज्यों के दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी, 7300 करोड़ की विकास परियोजनाओं की की देंगे सौगात”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी असम समेत तीन पूर्वोत्तर राज्यों के दौरे पर जाएंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री 13 सितंबर को मणिपुर के चूड़चंदपुर के पीस ग्राउंड से 7,300 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।

चूड़चंदपुर में कुकी बहुसंख्ययक हैं। 2023 में राज्य में जातीय हिंसा भड़कने के बाद पीएम मोदी की यह पहली यात्रा होगी।

चूड़चंदपुर में कुकी बहुसंख्ययक हैं पीएम मोदी मैतेयी बहुल इंफाल से 1,200 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे। प्रधानमंत्री की यात्रा के मद्देनजर इंफाल और चूड़चंदपुर जिला मुख्यालय में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

2023 से हो रही मैतेयी और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा मणिपुर में मई 2023 से मैतेयी और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा में 260 लोग मारे गए और हजारों बेघर हुए हैं। पिछले कुछ दिनों से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि पीएम मोदी पड़ोसी राज्य मिजोरम की अपनी आधिकारिक यात्रा के साथ मणिपुर की यात्रा भी करेंगे, लेकिन सरकार या भाजपा की ओर से इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई।

हालांकि, इंफाल में गुरुवार शाम लगाए गए होर्डिंग में प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। मणिपुर के एकमात्र राज्यसभा सदस्य लीशेम्बा सनाजाओबा ने प्रधानमंत्री की यात्रा को लोगों और राज्य के लिए ”बहुत सौभाग्यशाली” बताया।

इस बीच राज्य और केंद्रीय बलों के कर्मियों को इंफाल के कांगला किले और चूड़चंदपुर में पीस ग्राउंड के चारों ओर बड़ी संख्या में तैनात किया गया है। कंगला किले में भव्य मंच बनाया जा रहा है। केंद्रीय सुरक्षा अधिकारियों की टीम भी चूड़चंदपुर पहुंच गई है।

पीएम मोदी की मणिपुर यात्रा से पहले शीर्ष सैन्य अधिकारी ने भारत-म्यांमार सीमा पर अग्रिम इलाकों समेत विभिन्न जिलों में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की है। रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि स्पीयर कोर के जनरल आफिसर कमां¨डग लेफ्टिनेंट जनरल अभिजीत एस. पेंढारकर ने सुरक्षा समीक्षा की।

चूड़चंदपुर में उपद्रवियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प मणिपुर के कुकी बहुल चूड़चंदपुर जिले में दो स्थानों पर गुरुवार शाम बदमाशों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हो गई। बदमाशों ने सड़कों पर लगे बैनर और कटआउट फाड़ दिए तथा पियर्सनमुन गांव और फिलियन बाजार में प्रधानमंत्री के दौरे के लिए लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ दिया। बदमाशों ने सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर भी फेंके।

आइजल से नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे पीएम मोदी रेलवे मिजोरम की राजधानी आइजल को राष्ट्रीय राजधानी, गुवाहाटी और कोलकाता से जोड़ने वाली तीन जोड़ी नई ट्रेन सेवाएं शुरू करने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को बैराबी-सैरांग नई रेलवे परियोजना के उद्घाटन करेंगे और तीन नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। पूर्वोत्तर राज्यों के दौरे में पीएम मोदी असम भी जाएंगे। असम में वह 18,000 करोड़ रुपये की कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मारीशस के प्रधामंत्री डा. नवीन चंद्र रामगुलाम के बीच द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों के बीच कई समझौते…

0

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मारीशस के प्रधामंत्री डा. नवीन चंद्र रामगुलाम के बीच द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए। इसमें बुनियादी सुविधा, तकनीक, स्वास्थ्य आदि शामिल रहा।

इस सब के बीच यह देखने में आया कि भारत-मारीशस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ बनाने का रास्ता धार्मिक जुड़ाव भी है। मारीशस के प्रधानमंत्री आठ दिन की भारत यात्रा पर हैं। इस दौरान उनके पड़ाव पर नजर डालें तो धार्मिक प्रगाढ़ता साफ दिखती है। काशी अपने आप में अपनी हिंदू धर्म संस्कृति के लिए जानी जाती है और यहीं पर द्विपक्षीय समझौते हुए। वह अपने तीन दिवसीय दौरे में विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती देखी। इतना ही नहीं वह स्वयं दीप लेकर आरती करते रहे।

उनकी यात्रा में श्री काशी विश्वनाथ का विधि विधान से दर्शन-पूजन भी शामिल है। यह उनकी सनातन के प्रति श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है। वैसे काशी में इस आयोजन के पीछे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यहां से सांसद होना और उनकी ऐसे आयोजनों को देश भर में करने को जाता है।

काशी में आयोजन के पीछे पूर्वांचल के इलाके का गिरमिटिया मजदूर के रूप में मारीशस जाना और उसे अपने खून-पसीने से सींचकर समृद्ध करने से भी है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी से भोजन पर चर्चा के दौरान डा. रामगुलाम ने उन्हें बताया कि वह इसके पूर्व अपने पिता शिवसागर रामगुलाम अस्थि विसर्जन गंगा में करने के लिए 2014 में काशी आए चुके हैं। ये उनकी हिंदू कर्मकांड में आस्था का प्रतीक है।

इस यात्रा की धार्मिक प्रगाढ़ता यहीं नहीं खत्म होती है। रामगुलाम काशी के बाद अयोध्या में भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर देखने जाएंगे। श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के प्रति पूरी दुनिया के हिंदुओं में उत्साह है। रामगुलाम भी अपने को श्रीराम के दरबार में जाने से नहीं रोक सके। वह इसके बाद तिरुपति भी जाएंगे। इस प्रकार उनकी आठ दिवसीय यात्रा का काफी बड़ा हिस्सा धार्मिक है।

“दिल्ली के बाद अब बॉम्बे HC को मिली बम से उड़ाने की धमकी, खाली कराया गया परिसर”

0

शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इस धमकी के बाद हड़कंप मच गया है। सुरक्षा के लिहाज से पूरे परिसर को खाली कराया गया है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट में भी बम होने की खबर सामने आई थी, जिसके बाद पूरे परिसर को खाली कर के सघन जांच की जा रही है।

बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के अनुसार, बम की खबर मिलने के तुरंत बाद एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं। न्यायालय के पूरे परिसर को खाली कराया जा रहा है। पुलिस जांच में जुट गई है।

नोट: इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए जागरण के साथ।

बिहार में सीट शेयरिंग को लेकर BJP ने तय किया ‘फॉर्मूला’, चिराग पासवान के लिए भी गुड न्यूज…

0

उपराष्ट्रपति चुनाव में एकजुटता दिखाने के बाद अब भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) बिहार की चुनावी तैयारी में जुट गया है। यहां अभी सीट बंटवारे को अंतिम रूप नहीं दिया गया।

हालांकि इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एनडीए के सभी घटक दलों की भूमिका को लेकर तस्वीर साफ कर दी है।

एनडीए के बीच सीट बंटवारे को लेकर इस माह के आखिर में फैसला होने की संभावना है। इस बीच भाजपा नेतृत्व ने सभी सहयोगी दलों के लिए एक फॉर्मूला तय कर दिया है। उन्हें आश्वस्त किया है कि उनको उनकी ताकत के अनुसार सीटें मिलेंगी, लेकिन वह किसी दल या नेता के दबाव में नहीं आएगी। यह भी साफ कर दिया गया है कि गठबंधन में कोई बड़ा भाई और छोटा भाई नहीं होगा, बल्कि सभी सहयोगी होंगे।

बिहार में एनडीए में पिछले विधानसभा चुनाव, बीते साल हुए लोकसभा चुनाव व मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार सीटों का बंटवारा होगा। भाजपा सूत्रों के अनुसार, भाजपा और जेडीयू के बाद सबसे ज्यादा सीटें लोजपा (रामविलास) को मिलेंगी। पिछले चुनाव में यह दल गठबंधन से बाहर था, लेकिन लोकसभा चुनाव साथ में मिलकर लड़ा था और उसका प्रदर्शन बेहतर रहा था। गठबंधन के अन्य प्रमुख सहयोगियों हम और रालोमो को भी उनकी ताकत तथा रणनीति के हिसाब से सीटें दी जाएंगी।

सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने साफ कर दिया है कि सीट बंटवारा जीत के आधाार पर होगा और किसी दल या नेता का दबाव स्वीकार नहीं होगा। इसके अलावा, गठबंधन में कोई बड़ा भाई या छोटा भाई नहीं होगा, सभी सहयोगी होंगे। जिसकी जितनी क्षमता व ताकत उसके अनुसार ही सीट बांटी जाएंगी। इसमें सामाजिक, राजनीतिक एवं क्षेत्रीय समीकरणों के साथ विपक्षी रणनीति को भी ध्यान में रखा जाएगा।

आपको बता दें कि बिहार की राजनीति में एनडीए में अभी तक जेडीयू ही सबसे अधिक सीटों पर लड़ती रही है। इस चुनाव में भी सीट शेयरिंग से पहले बिग ब्रदर की चर्चा होने लगी है। हालांकि अब सीट शेयरिंग की घोषणा के बाद ही तस्वीरें साफ होंगी।

नेपाल में भारतीयों की बस पर हमले के बाद लूटपाट, एयरलिफ्ट कर वापस लाए गए यात्री…

0

नेपाल में हालात अभी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। सरकार विरोधी प्रदर्शन के नाम पर उपद्रवियों को भी पूरा मौका मिल गया है। गुरुवार को काठमांडू के पास ही उपद्रवियों ने भारतीय यात्रियों से भरी बस पर हमला कर दिया और यात्रियों का सामान लूटकर ले गए।

हमले में कई यात्री जख्मी भी हो गए हैं। पुलिस के मुताबिक बस में ज्यादातर लोग आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे। वे काठमांडू में पशुपति नाथ में दर्शन करके भारत कीओर लौट रहे थे। बस का नंबर यूपी का था।

उपद्रवियों ने पहले बस पर पत्थरबाजी की और इसके बाद यात्रियों के मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामना लूटने लगे। बस में सवार कम से कम 8 यात्रियों को चोटें आई हैं। जानकारी के मुताबिक नेपाली सेना के जवानों ने यात्रियों की मदद की। इसके बाद भारतीय दूतावासस को सूचना दी गई। सभी यात्रियों को काठमांडू से एयरलिफ्ट करके दिल्ली लाया गया। बस के ड्राइवर ने बताया कि उनकी बस यूपी में महाराजगंज के करीब सोनौली बॉर्डर पर पहुंची थी, तभी हमला हो गया।

ड्राइवर राज ने कहा कि उपद्रवियों ने बस का कोई भी शीशा सही सलामत नहीं छोड़ा।बता दें कि नेपाल में बिगड़े हालात के बीच उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल बंगाल में भी अलर्ट है। तीनों ही राज्यो में नेपाल सीमा से सटे जिलों में काफी सावधानी बरती जा रही है। वहीं भारत में फंसे नेपाली नागरिकों को वेरिफइकेशन के बाद वापस भेजा जा रहा है। नेपाल में फंसे भारतीय नागरिक भी धीरे-धीरे वापस आ रहे हैं। काठमांडू में भारतीय दूतावास ने उनके लौटने के इंतजाम किए हैं।

नेपाल की जेलों से भागे कैदी पकड़े गए नेपाल की जेलों से फरार होकर भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे लगभग 60 संदिग्ध नेपाली कैदियों को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के सतर्क जवानों ने भारत-नेपाल सीमा पर पकड़ा। यह जानकारी सुत्रों ने गुरुवार को दी।

सूत्रों के अनुसार, इन संदिग्ध नेपाली कैदियों को एसएसबी कर्मियों ने उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में भारत-नेपाल सीमा पर पकड़ा। भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार एसएसबी इस स्थिति को देखते हुए हाई अलर्ट पर है और इसकी खुफिया शाखा भी सतर्क है तथा नेपाल सीमा से भारत में प्रवेश करने वाले प्रत्येक संदिग्धों पर नजर रख रही है।

भारत को चीन से दूर रखना चाहते हैं ट्रंप, QUAD को मजबूत करने के लिए जल्द आएंगे भारत..

0

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वार के कारण भारत के साथ खराब हुए रिश्तों को पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही है। दोनों ही देशों के नेतृत्व ने इसकी पहल की है। इस सबके बीच भारत के लिए नॉमिनेट किए गए नए राजदूत सर्जियो गोर ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप जल्द ही भारत का दौरा कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि क्वाड देशों की बैठक में शामिल होने के लिए ट्रंप भारत आएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल तारीख तय नहीं हुई है।

गोर ने कहा, “Quad बैठक को लेकर बातचीत हो चुकी है। बिना सटीक तारीख बताए मैं कह सकता हूं कि राष्ट्रपति ट्रंप क्वाड की निरंतरता और उसके सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

पिछले साल यह रिपोर्ट आई थी कि क्वाड में शामिल भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया इस साल भारत में शिखर सम्मेलन आयोजित करने पर विचार कर रहे थे। 2024 का क्वाड शिखर सम्मेलन भारत में होने वाला था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के विदेश यात्रा में असमर्थ रहने और चुनावी व्यस्तताओं के चलते इसे अमेरिका शिफ्ट किया गया था। इस साल की बैठक पिछले साल सितंबर में राष्ट्रपति बाइडेन द्वारा आयोजित बैठक से अलग होगी, क्योंकि अमेरिका और जापान में नए नेतृत्व हैं।

सर्जियो गोर ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप इस साल जापान की यात्रा कर चुके हैं और वहां के प्रधानमंत्री से मुलाकात की है। उन्होंने कहा, “वे भी क्वाड का हिस्सा हैं और उन्होंने भी इस रिश्ते की अहमियत पर जोर दिया है, जिस पर हमें आगे काम करना है।

भारत को चीन से दूर रखना चाहते हैं ट्रंप गोर ने बताया कि हाल ही में अलास्का में दोनों देशों के 500 सैनिकों के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास आयोजित किया गया। उन्होंने कहा, “टैरिफ पर कुछ मतभेद जरूर रहे हैं, लेकिन भारत-अमेरिका संबंध कहीं ज्यादा गहरे और लंबे समय के भरोसे पर टिके हैं।” गोर ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका भारत के साथ अपने रिश्तों को इतना मजबूत करना चाहता है कि भारत चीन से दूरी बनाए। उनके अनुसार, “भारत का रिश्ता अमेरिका के साथ कहीं ज्यादा गर्मजोशी भरा है, न कि बीजिंग के साथ।”

आपको बता दें कि गलवान घाटी में संघर्ष के बाद भारत-चीन के रिश्तों में दूरी आई थी। इसके बाद से पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी महीने चीन का दौरा किया था। उस दौरान उन्होंने शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठकें भी की। इस दौरान तीनों नेताओं के बीच अभूतपूर्व समीकरण देखने को मिले था।