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BJP के फर्जी वीडियो और गुरुओं की बेअदबी के खिलाफ AAP के प्रदर्शन

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दिल्ली मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो पोस्ट किए जाने और सिख गुरुओं की जान बूझकर बेअदबी करने के मामले में राजनीति गरमा गई है. इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने साफ कर दिया है कि गुरुओं की बेअदबी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

पंजाब में बीजेपी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा और अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल के घर का आप कार्यकर्ताओं ने घेराव किया. इन नेताओं ने फर्जी विडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था जिससे गुरुओं की बेअदबी के आरोप लग रहे हैं.

फर्जी वीडियो पोस्ट मामले में कार्यकर्ताओं के साथ राजघाट पहुंचे भारद्वाज

दिल्ली में भी आप के विधायकों और नेताओं को लेकर प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज राजघाट पहुंचे. उन्होंने महात्मा गांधी को नमन करते हुए कहा कि झूठ, नफरत और फर्जी वीडियो की राजनीति करने वालों को बापू सद्बुद्धि दें. आप का कहना है कि राजनीति सेवा और सत्य का माध्यम होनी चाहिए, न कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने का औजार.

इसी मुद्दे को लेकर पंजाब में शनिवार को आम आदमी पार्टी ने चार अलग-अलग जगहों पर एक साथ जोरदार विरोध प्रदर्शन किए. AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बीजेपी, कांग्रेस और अकाली दल के शीर्ष नेताओं के आवास का घेराव कर जन भावनाओं को आवाज दी. पंजाब में पहला प्रदर्शन बीजेपी के कार्यकारी प्रधान अश्विनी शर्मा के आवास के बाहर आप के हजारों कार्यकर्ता और नेता का बड़ा प्रदर्शन हुआ. इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई पार्टी के हल्का इंचार्ज अमित सिंह मंटो ने की. कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बीजेपी बार-बार सिख भावनाओं से खिलवाड़ कर समाज को बांटने की राजनीति कर रही है.

कार्यकर्ताओं ने की जबरदस्त नारेबाजी

दूसरा प्रदर्शन अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के घर के बाहर आप कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त नारेबाजी की. इस प्रदर्शन का जिला अध्यक्ष नेतृत्व जशन बराड़ ने किया. आप का कहना है कि जो दल खुद को पंथक बताता है, वही फर्जी वीडियो जैसे हथकंडों से गुरुओं के सम्मान को चोट पहुंचा रहा है. तीसरा प्रदर्शन कांग्रेस नेता परगट सिंह के खिलाफ किया गया. जहां पर कांग्रेस नेता परगट सिंह के आवास का घेराव किया गया. इस प्रदर्शन की अगुवाई पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी, दोनों ही समय-समय पर धर्म को राजनीति का हथियार बनाते रहे हैं. चौथा प्रदर्शन कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा के घर के बाहर भी आप कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. इस विरोध की कमान हल्का इंचार्ज सज्जन सिंह चीमा ने संभाली. कार्यकर्ताओं ने कहा कि फर्जी वीडियो और झूठे आरोपों से सिख गुरुओं की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई.

फर्जी वीडियो को लेकर जालंधर में दर्ज की गई एफआईआर

आप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्री गुरु साहिब का संदेश सत्य, समानता और भाईचारे का है. आप गुरुओं की उस विरासत पर गर्व करती है, जिसने समाज को जोड़ने का रास्ता दिखाया. इसके उलट, बीजेपी, कांग्रेस और अकाली दल बार-बार सस्ती राजनीति के लिए धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग करते रहे हैं. आप नेताओं ने यह भी याद दिलाया कि जालंधर पुलिस द्वारा फर्जी वीडियो के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, जो यह साबित करता है कि सच्चाई आप के साथ है.

आप का कहना है कि यह लड़ाई सत्ता या राजनीति की नहीं, बल्कि गुरुओं के सम्मान और पंजाब की आत्मा की रक्षा की लड़ाई है. पंजाब की जनता सब देख रही है और झूठ व फर्जीवाड़े की राजनीति का जवाब समय आने पर जरूर देगी.

Weather Update: देशभर में मौसम ने बदला रुख: दक्षिण भारत में बारिश-आंधी

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देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदलता नजर आ रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों को लेकर कई राज्यों के लिए चेतावनी जारी की है. जहां एक ओर दक्षिण भारत के राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश का पूर्वानुमान है, वहीं उत्तर भारत के बड़े हिस्से शीतलहर, घने कोहरे और कोल्ड डे की चपेट में रहेंगे.

IMD के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) के प्रभाव से तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में अगले 48 घंटों तक मौसम सक्रिय रहेगा. कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने तमिलनाडु के कई जिलों के लिए 11 से 13 जनवरी तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. चेन्नई, पुडुचेरी, नागपट्टिनम, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, तंजावुर समेत कई क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है.

उत्तर भारत में शीतलहर और कोहरे का कहर

उत्तर भारत में सर्दी ने एक बार फिर से जोर पकड़ लिया है. 11 से 15 जनवरी तक दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश में शीतलहर और घना से अति घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि कई राज्यों में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रहेगी, जिससे दिनभर ठंड का अहसास होगा. सुबह के समय पाला गिरने और दृश्यता बेहद कम रहने की आशंका है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है.

दिल्ली-एनसीआर में ठंड के साथ प्रदूषण की मार

दिल्ली-एनसीआर में सर्दी के साथ-साथ वायु प्रदूषण भी गंभीर स्तर पर बना हुआ है. हल्की बारिश के बावजूद एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में कोई खास सुधार नहीं दिखा. सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, आनंद विहार, नेहरू नगर, चांदनी चौक, आरके पुरम और पंजाबी बाग जैसे इलाकों में AQI 400 के पार दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है. आईएमडी के मुताबिक, आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है.

बिहार, यूपी और राजस्थान में कोल्ड डे अलर्ट

बिहार में करीब 15 जिलों में येलो और 16 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, मधुबनी समेत कई जिलों में दिनभर शीतलहर चलने से जनजीवन प्रभावित रहेगा. उत्तर प्रदेश के लगभग 30 जिलों में घने कोहरे और कड़ाके की ठंड का अलर्ट है. राजस्थान के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.

पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी से बढ़ी ठंड

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी से तापमान शून्य से नीचे चला गया है. श्रीनगर, गुलमर्ग, पहलगाम और लाहौल-स्पीति जैसे क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. कई इलाकों में पाला गिरने और सड़कों पर फिसलन बढ़ने की आशंका है.

यातायात पर पड़ेगा असर

घने कोहरे और खराब मौसम के चलते कई ट्रेनों के देरी से चलने और कुछ के रद्द होने की संभावना है. हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है. मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है.

तो ये हैं दुनिया के 10 सबसे ताकतवर देश… भारत को क्यों रखा गया लिस्ट

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Top 10 Powerful Countries: वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू (World Population Review) ने दुनिया के 10 सबसे शक्तिशाली देशों की लिस्ट जारी कर दी है. हर बार की तरह इस दफा भी अमेरिका पहले पायदान पर है.जबकि दूसरे और तीसरे स्थान पर क्रमश: रूस और चीन है.

आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी भारत इस लिस्ट से बाहर है. 2026 के लिए वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू की इस लिस्ट में भारत 12वें स्थान पर है, जबकि भारत सिर्फ इकोनॉमी के मामले में ही नहीं, बल्कि दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर सैन्य शक्ति भी भारत की ही है. भारत दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है.

किन चीजों पर तय होती है रैंकिंग?

वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू का दावा है कि उसने यह रैंकिंग इकोनॉमिक कैपेसिटी, मिलिट्री रिसोर्स, टेक्नोलॉजिकल एडवांस्डमेंट, डेमोग्राफिक स्ट्रेंथ, गवर्नेंस स्टेबिलिटी और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में प्रभावी ढंग से भाग लेने की क्षमता के आधार पर तय की है. लिस्ट में शामिल किए गए देशों को सैन्य गठबंधन, अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन, राजनीतिक प्रभाव, आर्थिक प्रभाव और नेतृत्व जैसी पांच विशेषताओं पर परखा गया है. इन क्षेत्रों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहने वाले देशों की रैकिंग सबसे हाई है, जिससे दुनिया के मंच पर उनकी पहचान और प्रतिष्ठा बढ़ती है.

दुनिया के 10 सबसे पावरफुल देशों की लिस्ट

संयुक्त राज्य अमेरिका

  • चीन
  • रूस
  • यूनाइटेड किंगडम
  • जर्मनी
  • दक्षिण कोरिया
  • फ्रांस
  • जापान
  • सऊदी अरब
  • इजराइल

लिस्ट बनाना काफी मुश्किल

रिपोर्ट में कहा गया, ”दुनिया के सबसे ताकतवर देशों को तय करना जितना हम सोचते हैं, उससे कहीं ज्यादा मुश्किल काम है. ताकत कई तरह की होती है- मिलिट्री ताकत से लेकर आर्थिक ताकत, राजनीतिक असर और सांस्कृतिक प्रभाव तक. दुनिया के सबसे ताकतवर देशों का एक ग्लोबल इकोनॉमिक पैटर्न होता है, जिसमें एक मजबूत मिलिट्री के साथ ऐसी विदेश नीतियां शामिल हैं, जिनका असर पूरी दुनिया में महसूस होता है.”

सर्वे के आधार पर तय होती रैंकिंग

इसमें बताया गया है U.S. News and World Report, BAV Group और पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी के व्हार्टन स्कूल के साथ मिलकर अपनी सालाना बेस्ट कंट्रीज की रैंकिंग में दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों की रैंकिंग जारी करता है. इस रैंकिंग को जारी करने के लिए दुनियाभर में सर्वे किया जाता है, जिसमें कुछ निश्चित बिंदुओं पर लोगों से प्रतिक्रियाएं मांगी जाती है.

‘ईडी और CBI क्यों खामोश’, कोडीन कफ सिरप मामले में पूर्व CM अखिलेश यादव

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समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य में कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है.

शनिवार (10 जनवरी) को लखनऊ में उन्होंने सवाल किया कि इस रैकेट में शामिल लोगों की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से क्यों नहीं कराई जा रही है.

अखिलेश यादव ने कहा कि कोडीन युक्त कफ सिरप रैकेट में शामिल लोगों ने करीब 800 करोड़ रुपये की संपत्ति जमा कर ली है, इसके बावजूद ईडी या सीबीआई जैसी एजेंसियां उनकी जांच नहीं कर रहीं. उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि ईडी सिर्फ उन्हीं राज्यों में क्यों सक्रिय हो जाती है, जहां चुनाव हो रहे होते हैं. उन्होंने कहा कि अगर एजेंसियां निष्पक्ष हैं, तो फिर इस बड़े कफ सिरप मामले की जांच क्यों नहीं हो रही.

भाजपा और सपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज

कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी के बीच लंबे समय से आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है. हाल ही में विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठा था. सपा के विधायकों ने सदन के अंदर और बाहर इस मामले को लेकर प्रदर्शन और हंगामा किया था.

योगी सरकार का जवाब और जांच का दावा

विधानसभा सत्र के पहले दिन 19 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि इस मामले की जांच के लिए एक राज्य स्तरीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) काम कर रही है. इस एसआईटी में उत्तर प्रदेश पुलिस और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) से जुड़े अधिकारी शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने कहा था कि अवैध कारोबार का पैसा किन-किन लोगों तक पहुंचा है, यह सब जांच में सामने आएगा.

अखिलेश के आरोपों पर योगी का तंज

अखिलेश यादव के बयानों पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था, ‘उनके बारे में बस यही कहूंगा, यही कसूर मैं बार-बार करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा.’ उन्होंने यह भी कहा था कि माफियाओं के साथ अखिलेश यादव की तस्वीरें मौजूद हैं और जांच होने दीजिए, दूध का दूध और पानी का पानी सामने आ जाएगा.

सरकारी आंकड़े भी रखे गए सामने

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में कार्रवाई का विवरण देते हुए बताया था कि सरकार ने इस मामले में 79 केस दर्ज किए हैं, 225 लोगों को नामजद किया गया है और 78 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा था कि 134 कंपनियों पर छापे मारे गए हैं और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े लेन-देन की जांच एसटीएफ कर रही है. मुख्यमंत्री का दावा था कि गहराई से जांच करने पर समाजवादी पार्टी के नेताओं या पदाधिकारियों से इसके संबंध सामने आते हैं.

अयोध्या में राम मंदिर परिसर में हिरासत में लिए गए कश्मीरी व्यक्ति को लेकर उसके परिवार ने बड़ा दावा

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अयोध्या में राम मंदिर परिसर में हिरासत में लिए गए कश्मीरी व्यक्ति को लेकर उसके परिवार ने बड़ा दावा किया है. परिवार का कहना है कि वह व्यक्ति मानसिक रूप से कमजोर है और अक्सर बिना बताए घर से निकल जाता है.

यह घटना शनिवार (10 जनवरी) सुबह की है. जब जम्मू-कश्मीर के शोपिया जिले के गडापोरा गांव के रहने वाले 55 वर्षीय अब्दुल अहद शेख को राम मंदिर परिसर में कथित तौर पर नमाज अदा करने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिया गया.

उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के अनुसार, अब्दुल अहद शेख सुबह राम मंदिर पहुंचे थे और सीता रसोई के पास बैठकर नमाज की तैयारी कर रहे थे. इस दौरान वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोका और बाद में पुलिस को सूचना दी गई. सुरक्षा कारणों से पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.

पिता की ठीक नहीं है मानसिक स्थिति- इमरान

इस मामले पर शेख के बेटे इमरान ने शोपिया स्थित अपने घर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि परिवार को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उनके पिता अयोध्या गए हैं. उन्होंने बताया कि उनके पिता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और वह लंबे समय से मानसिक बीमारी से जूझ रहे हैं. इमरान के अनुसार, उनके पिता अक्सर घर पर नहीं रहते और बिना किसी को बताए कहीं भी चले जाते हैं.

पड़ोसियों ने किया पीड़ित परिवार का समर्थन

इमरान ने बताया कि कुछ दिन पहले उनके पिता अपने ससुराल गए थे, लेकिन इसके बाद वह कहां गए. इसकी जानकारी परिवार को नहीं थी. उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता मस्जिदों में जाते रहते हैं और कई बार उन्हें यह भी समझ नहीं होता कि वह कहां हैं और क्या कर रहे हैं. पड़ोसियों ने भी परिवार के दावे का समर्थन किया है. एक पड़ोसी ने कहा कि अगर वह मानसिक रूप से स्वस्थ होते, तो मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने की कोशिश नहीं करते. पड़ोसी के अनुसार, वह दवाइयां लेते हैं और अपनी जिम्मेदारियों को भी ठीक से नहीं समझ पाते.

अयोध्या पुलिस ने बताया कि कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि नमाज से रोके जाने पर शेख ने नारे लगाए, हालांकि इस दावे की जांच की जा रही है. वहीं, अयोध्या जिला प्रशासन और राम मंदिर ट्रस्ट ने अभी तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.

दुनिया के कोने-कोने में पकाए जा रहे भारत के उगाए चावल, एक्सपोर्ट बढ़ा

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एक्सपोर्ट पर सरकार की लगाई गई पाबंदिया हटने के बाद दुनियाभर के देशों के लिए भारत के चावलों के निर्यात में गजब का उछाल आया है. 2025 में भारत का चावल एक्सपोर्ट 19.4 परसेंट बढ़कर अब तक के दूसरे सबसे हाई लेवल पर पहुंच गया.

दुनिया के सबसे बड़े एक्सपोर्टर भारत से चावल की बढ़ी हुई सप्लाई ने थाईलैंड और वियतनाम जैसे प्रतिद्वंद्वियों के शिपमेंट को कम कर दिया.

क्यों लगाई गई थी एक्सपोर्ट पर पाबंदी?

भारत से एक्सपोर्ट बढ़ने के बाद एशिया में चावलों की कीमत में कमी आई है, जो बीते दस सालों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. इससे अफ्रीका जैसे कई और क्षेत्रों में चावल किफायती हो गए हैं, जहां उपभोक्ताओं की आय कम है. बताया जा रहा है कि मार्च में सरकार द्वारा एक्सपोर्ट पर लगाया गया प्रतिबंध हटने के बाद भारत से शिपमेंट में तेजी आई है.

बता दें कि केंद्र सरकार ने देश में चावलों की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने और कीमत को काबू में रखने के लिए गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था. हालांकि, बाद में भारी मानसूनी बारिश से रिकॉर्ड प्रोडक्शन के चलते सप्लाई में सुधार होने के बाद भारत ने 2022 और 2023 में लगाए गए एक्सपोर्ट पर आखिरी पाबंदियां हटा दीं.

बेधड़क बढ़ा चावलों का प्रोडक्शन

इस क्रम में 2025 में एक्सपोर्ट बढ़कर 21.55 मिलियन मीट्रिक टन हो गया, जो 2024 में 18.05 मिलियन था और 2022 के 22.3 मिलियन टन के रिकॉर्ड के करीब पहुंच गया. नॉन-बासमती चावल की शिपमेंट 25 परसेंट बढ़कर 15.15 मिलियन टन हो गई, जबकि बासमती चावल का एक्सपोर्ट 8 परसेंट उछलकर रिकॉर्ड 6.4 मिलियन टन हो गया.

नॉन-बासमती चावल का एक्सपोर्ट बांग्लादेश, बेनिन, कैमरून, आइवरी कोस्ट और जिबूती के लिए तेजी से बढ़ा. रॉयटर्स को एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि इस बीच, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और ब्रिटेन ने इस साल प्रीमियम बासमती चावल की खरीद बढ़ा दी. भारत आमतौर पर चावल के तीन सबसे बड़े एक्सपोर्टर – थाईलैंड, वियतनाम और पाकिस्तान – के टोटल एक्सपोर्ट के मुकाबले कहीं ज्यादा चावल एक्सपोर्ट करता है.

महापौर मधुसूदन यादव का वार्ड दौरा, पानी और सफाई समस्याओं पर किया त्वरित निरीक्षण

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राजनांदगांव। शहर की पानी और सफाई संबंधी समस्याओं का समाधान खोजने महापौर श्री मधुसूदन यादव ने आज सुबह निगम अधिकारियों के साथ कौरिनभाठा, आर्शीवाद कॉलोनी और बर्फानी आश्रम क्षेत्र का पैदल निरीक्षण किया। इस दौरान महापौर ने वार्डवासियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना।

महापौर श्री यादव ने निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, अध्यक्ष श्री टोपेन्द्र सिंह पारस वर्मा, स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी सदस्य श्री शैंकी बग्गा, राजस्व विभाग के प्रभारी सदस्य श्री राजा माखिजा, पार्षद श्री डुरेन्द्र साहू, श्री सेवक उइके, पार्षद प्रतिनिधि श्री पंकज कुरंजेकर और अन्य अधिकारियों के साथ आर्शीवाद कॉलोनी में साफ-सफाई का निरीक्षण किया। उन्होंने पानी की निकासी की समस्या को गंभीरता से लिया और आर्शीवाद कॉलोनी एवं गांधी नगर के बीच नाली निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

स्वच्छता निरीक्षक श्री दीपक श्रीवास्तव को महापौर ने कच्ची नालियों की सफाई कराने और जलभराव की समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने को कहा। बर्फानी आश्रम में बने शौचालय की स्थिति का जायजा लेते हुए महापौर ने शौचालय की साफ-सफाई और मरम्मत के निर्देश दिए।

निलगिरी पार्क में सफाई कार्य की निगरानी करते हुए महापौर ने रोड किनारे से कचरा उठाने और डिवाइडर के दोनों ओर सफाई करने के आदेश दिए। इसके अलावा, कौरिनभाठा तालाब के आसपास की सफाई पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तालाब के आस-पास सफाई सुनिश्चित करें और कचरा तालाब में न डालने के लिए लोगों को जागरूक करें। इसके साथ ही तालाब के खाली पड़े क्षेत्र को विकसित करने के लिए आयुक्त को योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

महापौर ने अधिकारियों से कहा, “शहर को साफ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा। हम सभी को मिलकर इस दिशा में प्रयास करना होगा।”

स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी में सुधार पर जोर

निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा ने इस दौरान स्वास्थ्य विभाग से आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए सफाई व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई पर ध्यान देने की बात की और सफाई कर्मियों को अपने कार्यक्षेत्र के बाद सार्वजनिक स्थलों की सफाई करने को कहा।

निरीक्षण के दौरान निगम के तकनीकी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे। महापौर का यह दौरा शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।

प्रतिबंधित प्लास्टिक पर निगम की सख्ती, 9 हजार रुपये जुर्माना और 12.5 किलो प्लास्टिक जब्त

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राजनांदगांव। सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध को लेकर नगर निगम की कार्रवाई अब और तेज हो गई है। निगम प्रशासन ने आज फिर से शहर में अभियान चलाकर 3 थोक विक्रेताओं और 12 दुकानों पर कार्रवाई की। इस दौरान 9 हजार रुपये का जुर्माना वसूलने के साथ ही 12.5 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया गया।

शासन द्वारा प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती से लगाए गए प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित करने के लिए निगम प्रतिदिन अभियान चला रहा है। आज की कार्रवाई में पुराना गंज चौक और कामठी लाइन क्षेत्र के थोक प्लास्टिक विक्रेताओं सहित अन्य दुकानदारों को निशाना बनाया गया। जिन विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई, उनमें कांकरिया, बजाज और साई प्लास्टिक शामिल हैं।

नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा ने इस संबंध में कहा कि प्लास्टिक के कारण पर्यावरण और जीव-जंतुओं पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न केवल पर्यावरण के लिए, बल्कि मानव जीवन और अन्य जीव-जंतुओं के लिए भी खतरनाक है। इसलिए निगम प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है और लोगों को इसके दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक कर रहा है।”

उन्होंने बताया कि निगम का स्वास्थ्य विभाग प्रतिदिन दुकानदारों और नागरिकों को समझाईश दे रहा है, ताकि वे प्लास्टिक का उपयोग न करें। इसके बावजूद यदि किसी ने प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग किया या बेचा तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आयुक्त श्री विश्वकर्मा ने व्यापारियों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई बनाए रखें और सिंगल यूज प्लास्टिक का विक्रय या उपयोग न करें। साथ ही उन्होंने नागरिकों से भी आग्रह किया कि वे घर से निकलते समय कपड़े के थैले का उपयोग करें और दूसरों को भी इस दिशा में जागरूक करें, ताकि प्लास्टिक के दुष्प्रभावों से बचा जा सके।

नीलू शर्मा फैंस क्लब द्वारा आयोजित राजनांदगांव प्रिमियर लीग सीजन–2 का भव्य फाइनल संपन्न

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राजनांदगांव। नीलू शर्मा फैंस क्लब के तत्वावधान में आयोजित सीजे राजनांदगांव प्रिमियर लीग (RPL) सीजन–2 का फाइनल मुकाबला बड़े उत्साह और खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। फाइनल मैच में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

इस रोमांचक फाइनल मुकाबले में सी आर एस सोनकर राजनांदगांव की टीम ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए विजेता बनने का गौरव हासिल किया, वहीं न्यू स्टार सिंघोला राजनांदगांव की टीम उपविजेता रही।

फाइनल मैच के अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री नीलू शर्मा जी (अध्यक्ष पर्यटन मंडल, कैबिनेट मंत्री दर्जा) के द्वारा किया गया में कार्यक्रम मुख्यअतिथि के रूप महापौर श्री मधुसूदन यादव रहे।

कार्यकम मे जिला भाजपा राजनांदगांव अध्यक्ष श्री कोमल सिंह राजपूत, मोहला – मानपुर -चौकी भाजपा अध्यक्ष श्री दिलीप वर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री सुरेश एच. लाल, श्री रमेश पटेल, श्री राजेन्द्र गोलछा, डोंगरगांव नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती अंजु त्रिपाठी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री रोहित गुप्ता उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त भाजपा नेता श्री मनीष साहू, श्री राजेश श्यामकर, श्री डिकेश साहू, श्री प्रकाश सिंह ठाकुर, श्री ऋषिदेव चौधरी, श्री अंशु बग्गा, श्री राजू डागा , महाकाल भक्त श्री पवन डागा श्री एवं पार्षद श्रीमती वर्षा शरद सिन्हा की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई।

अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए इस तरह के आयोजनों को युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताया और नीलू शर्मा फैंस क्लब को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। आयोजन समिति के श्री दीपक चौहान° श्री नरेंद्र हंसा , श्री संजू बघेल (पार्षद ), श्री धीरज हंसा , श्री रमेश सगरवंशी ,रवि रानसुरे , श्री युवराज सिन्हा, श्री दीपक सिन्हा , श्री प्रहलाद सिन्हा ने भविष्य में भी ऐसे खेल आयोजनों के निरंतर आयोजन का संकल्प व्यक्त किया।

सड़क सुरक्षा माह : नुक्कड़ नाटक से दिया यातायात नियमों का संदेश

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राजनांदगांव। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत यातायात नियमों के प्रति आमजन को जागरूक करने लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में दसवें दिन शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को सुरक्षित यातायात का संदेश दिया गया।

पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र नायक के मार्गदर्शन में, यातायात प्रभारी निरीक्षक नवरतन कश्यप के नेतृत्व में दिग्विजय कॉलेज राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के युवा कलाकारों द्वारा गंज चौक और जय स्तंभ चौक पर नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से शराब सेवन कर वाहन न चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करने, नाबालिगों को वाहन न देने तथा यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई।

11 और 12 जनवरी को लर्निंग लाइसेंस शिविर
सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत परिवहन एवं यातायात विभाग द्वारा संयुक्त रूप से 11 एवं 12 जनवरी 2026 को दो दिवसीय लर्निंग लाइसेंस शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर यातायात शाखा परिसर में प्रातः 10.30 बजे से आयोजित होगा। नागरिक अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शिविर का लाभ ले सकते हैं।

शिविर के लिए आवश्यक दस्तावेजों में 10वीं या 8वीं की अंकसूची अथवा पेन कार्ड (जन्म तिथि सहित), स्थानीय पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड या राशन कार्ड तथा एक पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं।

यातायात पुलिस की अपील
राजनांदगांव यातायात पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए दोपहिया वाहन बिना हेलमेट न चलाएं, तीन सवारी न बैठाएं, वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात न करें, तेज गति से वाहन न चलाएं तथा चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। नशे की हालत में वाहन चलाने से बचें और निर्धारित गति सीमा का पालन करें।

यातायात पुलिस ने बताया कि यातायात रथ एवं अन्य विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेगा।