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छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत APAAR ID बनाने में बड़े राज्यों में अग्रणी स्थान प्राप्त, राज्य में 50.60 लाख से अधिक विद्यार्थ…

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छत्तीसगढ़ ने अपार आईडी बनाने में रचा इतिहास

  1. छत्तीसगढ़ ने APAAR ID जनरेशन में बड़े राज्यों में अग्रणी स्थान पाया।
  2. 60 लाख से अधिक छात्रों की अपार-आईडी सफलतापूर्वक जनरेट हुई।
  3. बेमेतरा, राजनांदगांव जिलों ने 96% से अधिक आईडी बनाई।

रायपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भारत सरकार द्वारा लागू की गई APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) व्यवस्था में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज करते हुए देश के बड़े राज्यों में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। विद्यार्थियों को स्थायी और सुरक्षित डिजिटल शैक्षणिक पहचान प्रदान करने की दिशा में राज्य ने तेज और प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण प्रस्तुत किया है।

दिनांक 7 जनवरी 2026 तक राज्य के 57,045 विद्यालयों में अध्ययनरत कुल 57,10,207 विद्यार्थियों में से 50,60,941 विद्यार्थियों की अपार-आईडी सफलतापूर्वक जनरेट की जा चुकी है। यह कुल का 88.63 प्रतिशत है, जो बड़े राज्यों में प्रतिशत के आधार पर सर्वाधिक है। यह उपलब्धि राज्य की डिजिटल शैक्षणिक संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

जिला स्तर पर प्रदर्शन की बात करें तो छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में 96.40 प्रतिशत तथा राजनांदगांव जिले में 96.38 प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार-आईडी तैयार की जा चुकी है, जो राज्य में सर्वाधिक है। इसके अतिरिक्त रायगढ़, कोरिया, रायपुर, कोरबा, धमतरी, दुर्ग एवं बलौदाबाजार जैसे जिलों में 93 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों के अपार-आईडी निर्माण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा, बलरामपुर तथा दंतेवाड़ा जिलों को छोड़कर शेष सभी जिलों में 80 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों की अपार-आईडी सफलतापूर्वक तैयार की जा चुकी है।

सभी जिलों में शेष विद्यार्थियों की अपार-आईडी निर्माण की प्रक्रिया निरंतर प्रगति पर है। राज्य शासन के निर्देशानुसार शिक्षकगण एवं संबंधित अधिकारी इस कार्य को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रहे हैं, ताकि कोई भी विद्यार्थी इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल से वंचित न रह जाए।

भारत सरकार द्वारा यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि 31 जनवरी 2026 तक सभी विद्यार्थियों की अपार-आईडी तैयार की जाए। इस दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा समयबद्ध एवं समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे निर्धारित समय-सीमा के भीतर लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित की जा सके।

उल्लेखनीय है कि अपार-आईडी प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी को एक स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचान प्राप्त होगी, जिसमें उनकी शैक्षणिक उपलब्धियाँ, प्रमाण-पत्र एवं क्रेडिट्स सुरक्षित डिजिटल रूप में संग्रहीत रहेंगे। यह व्यवस्था विद्यार्थियों की शैक्षणिक निरंतरता, पारदर्शिता तथा राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक मोबिलिटी को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

8 से 10 जनवरी तक उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में शीतलहर का अलर्ट…

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रायपुर राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में शीतलहर जैसे हालात बन गए हैं। मौसम विभाग ने 8 से 10 जनवरी तक उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है।

रायपुर में गुरुवार सुबह न्यूनतम तापमान 10.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है। पिछले करीब 15 दिनों से तापमान 11 से 13 डिग्री के बीच बना हुआ था, लेकिन अब ठंड और तीखी हो गई है।

इसका असर यह है कि सुबह और रात के समय सड़कों पर आवाजाही कम दिख रही है।

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर, मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री तक ऊपर-नीचे हुआ है, लेकिन ठंड का असर बना हुआ है। आने वाले तीन दिनों में तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट की संभावना जताई गई है।

रायपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, दुर्ग, बालोद, कबीरधाम, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और बेमेतरा जिलों में शीतलहर की आशंका जताई गई है। वहीं सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों में ठंडी हवाओं के कारण हालात और सख्त हो सकते हैं।

घने कोहरे के चलते सुबह के समय दृश्यता कम हो रही है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है। वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग ठंड से ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए गर्म कपड़े पहनें, सुबह-शाम बाहर निकलने से बचें और गर्म भोजन लें।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड से राहत के आसार नहीं हैं।

23 जनवरी से पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था, पुलिस कमिश्नर के पद को लेकर गृह विभाग में तैयारी…

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रायपुर। रायपुर में 23 जनवरी से पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने वाली है, जिससे पहले पुलिस कमिश्नर के पद को लेकर गृह विभाग में तैयारी तेज हो गई है। बिलासपुर के आइजी संजीव शुक्ला, वरिष्ठ आइपीएस बद्री नारायण मीणा और दीपक कुमार झा पहले पुलिस कमिश्नर बनने के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।

बद्री नारायण मीणा पहले रायपुर एसएसपी रह चुके हैं और उन्हें कड़ा कानून-व्यवस्था नियंत्रण करने वाला अधिकारी माना जाता है। वहीं दीपक कुमार झा भी फील्ड पोस्टिंग और अनुशासनात्मक कार्यशैली के लिए पहचाने जाते हैं। सरकार ऐसे अधिकारी को कमिश्नर बनाना चाहती है, जो नई व्यवस्था को शुरुआती दौर में मजबूती से स्थापित कर सके।

नई व्यवस्था में कमिश्नर का अधिकार केवल शहरी क्षेत्र के 22 थानों तक सीमित रहेगा, जबकि ग्रामीण क्षेत्र के 11 थानों के लिए एसएसपी अलग होंगे।

एडिशनल पुलिस कमिश्नर के लिए रायपुर एसएसपी डा. लाल उम्मेद सिंह शासन की पहली पसंद हैं। उनके नेतृत्व में कमिश्नरेट की टीम मजबूत और अनुभवी होने की संभावना है।

पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था के लागू होने से पहले कई जिलों में एसपी-एसएसपी के तबादलों की भी तैयारियां चल रही हैं। कवर्धा के एसपी धर्मेंद्र सिंह चवाई को जशपुर, रायगढ़ में शशि मोहन सिंह, दुर्ग से कोरबा में विजय अग्रवाल, बेमेतरा में भावना पांडेय और सूरजपुर में रामकृष्ण साहू जैसी तैनाती की संभावनाएं हैं। इसके अलावा, प्रशांत ठाकुर और सिद्धार्थ तिवारी को पुलिस मुख्यालय में अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है।

कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण परियोजनाओं का किया गहन निरीक्षण

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राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मिशन जल रक्षा के तहत निर्मित जल संरचनाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम बरगा और फरहद में परकोलेशन टैंक, इंजेक्शन वेल, बोरवेल सह रिचार्ज सॉफ्ट सैंड फिल्टर संरचना का अवलोकन किया। इसके साथ ही ग्राम भंवरमरा में ऑक्सीजोन संरचना का भी निरीक्षण किया।

कलेक्टर ने भू-जल संवर्धन और तकनीकी विशेषताओं पर अधिकारियों के साथ चर्चा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पास में बने बोरवेल सह रिचार्ज सॉफ्ट सैंड फिल्टर के निर्माण कार्य का भी जायजा लिया और कहा कि यह तकनीक असफल बोरवेल को पुनर्भरण कर भू-जल स्तर को बेहतर बनाने में कारगर साबित हो रही है।

कलेक्टर ने जिले में जल संरक्षण के लिए नवीन तकनीकों को और विस्तार देने के निर्देश दिए और स्थानीय लोगों से चर्चा कर उनके सुझाव भी लिए। उन्होंने विकास से जुड़े कार्यों की जानकारी लेकर सुनिश्चित किया कि परियोजनाएं समयबद्ध और प्रभावी ढंग से संचालित हो रही हैं।

इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, आयुक्त नगर निगम श्री अतुल विश्वकर्ता, डिप्टी कलेक्टर श्री विश्वास कुमार, सीईओ जनपद पंचायत श्री मनीष साहू, श्री फैज मेमन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कलेक्टर का यह निरीक्षण जल संरक्षण और भू-जल संवर्धन में जिले की तैयारियों और नवीन तकनीक के उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

विशेष जांच अभियान में 26 यात्री स्लीपर बसों की जांच, सुरक्षा मानकों में कमी पर 46 हजार रूपए का जुर्माना

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राजनांदगांव। परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष जांच अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत, परिवहन जांच चौकी पाटेकोहरा में रात्रि में अंतर्राज्यीय और राज्य के भीतर संचालित 26 यात्री स्लीपर बसों की सुरक्षा जांच की गई।

जांच में फायर एक्सटिंग्विशर, फस्र्ट-एड बॉक्स, इमरजेंसी एग्जिट, रिफ्लेक्टर, स्पीड गवर्नर और अन्य आवश्यक सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता और कार्यशीलता की जांच की गई। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर संबंधित बसों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 46 हजार रूपए का अर्थदण्ड लगाया गया।

परिवहन विभाग ने वाहन चालकों और बस संचालकों को निर्देशित किया कि वे सभी सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करें, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि विशेष जांच अभियान निरंतर जारी रहेगा, ताकि सड़क परिवहन में सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कार्रवाई की जा सके।

यह अभियान यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

कलेक्टर ने आरसेटी बरगा पहुंचकर आपदा मित्र प्रशिक्षणार्थियों से की मुलाकात

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राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव क्षेत्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रशिक्षण केन्द्र बरगा पहुंचे और वहां प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे आपदा मित्र युवाओं से मुलाकात की। कलेक्टर ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से अपने कौशल का विकास करें और आपदाओं के समय स्वयंसेवक के रूप में आगे बढ़कर समाज की मदद करें। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ज्यादा से ज्यादा नागरिकों तक आपदा से बचाव के उपाय पहुंचाएं।

कलेक्टर ने इस अवसर पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और जिला सेनानी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पाठ्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण प्रभावी ढंग से दें। इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार जिले में कुल 800 युवा (एनएसएस, एनवायकेएस, एनसीसी, बीएसजी) आपदा मित्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहले और दूसरे चरण में 200 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। तृतीय चरण का प्रशिक्षण 6 जनवरी से 12 जनवरी 2026 तक क्षेत्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रशिक्षण केन्द्र बरगा में 125 युवाओं को दिया जा रहा है।

यह पहल जिले में आपदा प्रबंधन और तत्काल प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

जिले में 9 लोक सेवा केन्द्रों का संचालन, 76 प्रकार की सेवाएं मिल रही हैं नागरिकों को

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राजनांदगांव। राज्य शासन द्वारा नागरिकों को शासकीय दस्तावेजों की उपलब्धता और दस्तावेजों में आवश्यक सुधार कार्य करवाने के लिए छत्तीसगढ़ ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल (लोक सेवा केन्द्र) की स्थापना की गई है। जिले में इस समय 9 लोक सेवा केन्द्र संचालित हो रहे हैं, जो नागरिकों को 76 प्रकार की सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

इन 9 केन्द्रों का संचालन जिला कार्यालय (कलेक्टोरेट), नगर निगम राजनांदगांव, तहसील कार्यालय राजनांदगांव, तहसील कार्यालय डोंगरगांव, जनपद पंचायत डोंगरगांव, तहसील कार्यालय छुरिया, तहसील कार्यालय डोंगरगढ़, तहसील कार्यालय घुमका और तहसील कार्यालय लाल बहादुर नगर में किया जा रहा है।

लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से नागरिकों को जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, दुकान एवं स्थापना पंजीयन, व्यापार लाइसेंस, पेंशन सेवाएं, संपत्ति नामांतरण (नगरीय क्षेत्र), नल कनेक्शन, सूचना का अधिकार, भूमि उपयोग की जानकारी सहित कुल 76 प्रकार की सेवाएं दी जा रही हैं। इन सभी सेवाओं के लिए समय सीमा भी निर्धारित की गई है, जिससे नागरिकों को शीघ्र सेवाएं मिल सकें।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, 1 अप्रैल 2025 से अब तक इन केन्द्रों के माध्यम से कुल 1,37,080 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 1,23,064 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। इनमें डोंगरगांव से 21,053, डोंगरगढ़ से 18,419, कुमरदा से 12,456, घुमका से 9,790, लाल बहादुर नगर से 9,826 और राजनांदगांव से 30,422 नागरिकों को लाभ हुआ है।

लोक सेवा केन्द्रों का यह प्रयास शासन की सेवाओं को नागरिकों तक सरल और सुविधाजनक तरीके से पहुंचाने का है, जिससे शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही को भी बढ़ावा मिल रहा है।

शीतलहर और ठंड से बचाव के लिए सुरक्षा उपाय, स्वास्थ्य अधिकारी ने दी सलाह

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राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले में तापमान दिन के समय 26 डिग्री सेल्सियस से कम और रात में 9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। इस सर्दी और ठंडी हवाओं का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है, जिससे विशेष रूप से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों, दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों और उच्च रक्तचाप वाले मरीजों को अधिक खतरा हो सकता है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि ठंड के कारण रक्त वाहिकाओं का संकुचन होता है, जिससे हृदय पर दबाव बनता है। इस वजह से हृदयघात, ब्रेन स्ट्रोक और अनियमित धड़कन जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

उन्होंने नागरिकों को ठंड से बचाव के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों की सलाह दी। डॉ. नवरतन ने कहा, “अगर किसी व्यक्ति में अत्यधिक ठिठुरन, शरीर अकड़ना, उंगलियों का पीला या सफेद होना, या सुन्नपन जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करें।” इसके अलावा, उन्होंने ठंड से बचने के लिए स्वेटर, मोजे, दस्ताने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी।

इसके साथ ही, मौसम के अनुसार वस्त्र पहनने, अनावश्यक रूप से ठंड में बाहर नहीं निकलने और किसी भी स्वास्थ्य समस्या के मामले में तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या टोल-फ्री नंबर 104 पर संपर्क करने की भी सलाह दी है।

शरीर को गर्म रखने के लिए गर्म तरल पदार्थों का सेवन करने की बात भी डॉ. नवरतन ने की। उन्होंने ठंड से बचाव के दौरान आग तापते समय सावधानी बरतने की भी अपील की। “बंद कमरे में कोयला और लकड़ी का उपयोग न करें, क्योंकि इससे निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस जानलेवा हो सकती है,” डॉ. नवरतन ने चेतावनी दी।

डॉ. नवरतन ने यह भी बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में ठंड से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए विशेष बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। इस सर्दी में स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर यह कदम बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

ग्राम कोलिहापुरी में आयुष चिकित्सा शिविर का हुआ आयोजन, 518 रोगी हुए लाभान्वित

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राजनांदगांव। आयुष विभाग द्वारा डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम कोलिहापुरी में विकासखंड स्तरीय नि:शुल्क आयुष चिकित्सा शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को आयुर्वेद, होम्योपैथी और राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना था।

शिविर में कुल 518 रोगियों ने लाभ उठाया, जिसमें 62 रोगियों की ब्लड प्रेशर और मधुमेह की जांच कर उन्हें आहार-विहार और आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया। शिविर में गैर-संक्रामक रोगों के लक्षण, कारण और बचाव के उपायों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अलावा, योग, प्राणायाम, दिनचर्या, ऋतुचर्या तथा स्वर्णप्राशन के महत्व पर भी चर्चा की गई।

चिकित्सा शिविर में नि:शुल्क औषधियों का वितरण किया गया और 128 बच्चों का स्वर्णप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया गया। यह संस्कार बच्चों के लिए स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है।

इस अवसर पर ग्राम पंचायत सरपंच श्री मदन देवांगन भी उपस्थित रहे। शिविर में आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. हर्ष साहू, डॉ. शोबी खान, डॉ. वंदना डकहा, होम्योपैथी चिकित्साधिकारी डॉ. आलोक कल्चुरी, आयुष चिकित्सक डॉ. अनमोल गुप्ता, योग चिकित्सक डॉ. स्नेहा देशमुख सहित अन्य कई विशेषज्ञ चिकित्सकों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।

शिविर में ग्रामीणों का उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोगों ने इस शिविर का लाभ लिया। ग्राम कोलिहापुरी में आयोजित यह आयुष चिकित्सा शिविर स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है।

कलेक्टर ने कम परिणाम वाले स्कूलों का किया दौरा, बच्चों को दी पढ़ाई में सफलता की सलाह

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राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने राजनांदगांव विकासखंड के हायर सेकेण्ड्री स्कूल बोरी और भेड़ीकला का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां के छात्रों से मिलकर उनके अध्ययन की गुणवत्ता का आकलन किया और कम परिणाम वाले स्कूलों में सुधार के उपायों पर चर्चा की।

कलेक्टर ने बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि “पढ़ाई कोई कठिन कार्य नहीं है, यह एक आसान प्रक्रिया है जिसे आप दृढ़ निश्चय और सही दिशा में मेहनत करके सरल बना सकते हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अगर आप पढ़ाई पर ध्यान देंगे और नियमित अभ्यास करेंगे, तो किसी भी कठिन विषय को आसानी से समझ सकते हैं।

कलेक्टर ने विशेष रूप से गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे विषयों पर ज्यादा ध्यान देने की सलाह दी। “पाठ्यक्रम के अंतर्गत आने वाले सभी प्रश्नों का नियमित रूप से अभ्यास करें, इससे आपकी सफलता सुनिश्चित होगी,” उन्होंने बच्चों को समझाया।

इसके अलावा, कलेक्टर ने छात्रों से यह भी कहा कि वे अपनी समस्याओं को अपने शिक्षकों और ऑनलाइन माध्यम से हल कर सकते हैं। “सकारात्मक सोच और निरंतर अभ्यास से ही सफलता प्राप्त होती है,” कलेक्टर ने विद्यार्थियों से यह आग्रह किया।

उन्होंने शिक्षकों को भी कड़ी मेहनत करने और विद्यार्थियों को नियमित रूप से पूर्व वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास करवाने का निर्देश दिया।

इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने बच्चों से आग्रह किया कि वे बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में पूरी मेहनत लगाएं और पुराने प्रश्नों का अभ्यास करें। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी सलाह दी कि वे मोबाइल फोन से दूर रहें और पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखें।

इस कार्यक्रम में डीएमसी श्री सतीष ब्यौहारे, सीईओ जनपद पंचायत श्री मनीष साहू और श्री फैज मेमन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।