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“भारत का अगला उपराष्ट्रपति कौन? सदन में NDA या I.N.D.I.A कौन किस पर पड़ेगा भारी, जानिए संख्याबल का पूरा गणित”

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“भारत का अगला उपराष्ट्रपति कौन? सदन में NDA या I.N.D.I.A कौन किस पर पड़ेगा भारी, जानिए संख्याबल का पूरा गणित”

भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए 9 सितंबर 2025 को होने वाले चुनाव पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। इस बार मुकाबला सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन और विपक्षी इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच है।

विशेषज्ञों का मानना है कि संख्याबल के आधार पर NDA के सीपी राधाकृष्णन की जीत की संभावना अधिक है, लेकिन विपक्ष की एकजुटता और क्रॉस वोटिंग की संभावना के कारण यह मुकाबला रोमांचक हो सकता है।

क्यों हो रहा है यह चुनाव? यह मध्यावधि चुनाव पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों से अचानक इस्तीफा देने के बाद जरूरी हो गया है। धनखड़ वराहगिरि वेंकट गिरि और रामास्वामी वेंकटरमन के बाद मध्यावधि में इस्तीफा देने वाले तीसरे उपराष्ट्रपति हैं। उनके इस्तीफे के बाद नए उपराष्ट्रपति के चयन के लिए यह चुनाव आयोजित किया जा रहा है, जिसके नतीजे 9 सितंबर को ही घोषित हो जाएंगे।

उम्मीदवारों का लेखा जोखा सीपी राधाकृष्णन (NDA): तमिलनाडु के वरिष्ठ भाजपा नेता और वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल। वे झारखंड और तेलंगाना के राज्यपाल भी रह चुके हैं। राधाकृष्णन ने 1998 और 1999 में तमिलनाडु के कोयंबटूर लोकसभा क्षेत्र से सांसद के रूप में प्रतिनिधित्व किया।

बी. सुदर्शन रेड्डी (INDIA): तेलंगाना से सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश, जिन्होंने 2007 से 2011 तक सर्वोच्च न्यायालय में सेवा दी। वे 2005 से 2007 तक गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और 2013 में गोवा के पहले लोकायुक्त रहे। इस चुनाव में इतिहास में पहली बार दोनों प्रमुख उम्मीदवार दक्षिण भारत से हैं, जिससे दक्षिण भारतीय राजनीति राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गई है।

संख्याबल का गणित उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के कुल 781 सांसद मतदान करेंगे। जीत के लिए 392 वोटों का बहुमत आवश्यक है। दोनों गठबंधनों की स्थिति इस प्रकार है: लोकसभा: कुल 542 सांसद (अध्यक्ष को छोड़कर)NDA: 299 सांसद INDIA: 236 सांसद अन्य: 10 सांसद राज्यसभा: कुल 239 सांसद (245 में से 6 सीटें रिक्त) NDA: 140 सांसद INDIA: 91 सांसद अन्य: 30 सांसद कुल संख्याबल: NDA: 439 सांसद, INDIA: 327 सांसद NDA के पास बहुमत से 47 वोट अधिक हैं, जिसके कारण सीपी राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि जीत का अंतर 2022 के चुनाव जैसा बड़ा नहीं होगा, जब जगदीप धनखड़ ने विपक्ष की मार्गरेट अल्वा को 346 वोटों से हराया था।

क्रॉस वोटिंग की संभावना उपराष्ट्रपति चुनाव में गुप्त मतदान होता है, और इसमें पार्टी व्हिप लागू नहीं होता। सांसद अपनी इच्छा से वोट दे सकते हैं, जिससे क्रॉस वोटिंग का खतरा रहता है। 2022 में जगदीप धनखड़ को वाईएसआर कांग्रेस और बीजू जनता दल (BJD) जैसे गैर-NDA दलों के वोट मिले थे। इस बार भी कुछ दल, जैसे BJD (7 सांसद), BRS (4 सांसद), और अन्य निर्दलीय सांसद, अभी तक अपना रुख स्पष्ट नहीं कर पाए हैं। वहीं, वाईएसआर कांग्रेस (11 सांसद) ने NDA उम्मीदवार राधाकृष्णन को समर्थन देने का ऐलान किया है। विपक्ष को उम्मीद है कि कुछ सांसद उनकी ओर क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं, खासकर दक्षिण भारत से जुड़े दलों जैसे TDP और YSRCP के।

वैचारिक जंग और रणनीति विपक्ष ने इस चुनाव को ‘संविधान बनाम RSS-BJP’ की लड़ाई के रूप में पेश किया है। इंडिया गठबंधन के नेता, जैसे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, इसे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई बता रहे हैं। दूसरी ओर, NDA ने सांसदों को मतदान प्रक्रिया समझाने के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए हैं, ताकि उनके वोट रद्द न हों। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रविवार को छह घंटे की कार्यशाला में हिस्सा लिया, जिसमें सांसदों को रणनीति समझाई गई।

क्या हो सकता है परिणाम? संख्याबल के आधार पर NDA का पलड़ा भारी है, लेकिन विपक्ष की एकजुटता और क्रॉस वोटिंग की संभावना इस चुनाव को रोमांचक बना रही है। 9 सितंबर को होने वाला मतदान यह तय करेगा कि देश का अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा। परिणाम उसी दिन देर शाम तक घोषित होने की उम्मीद है।

“मणिपुर को मिलने वाली है नई सरकार? पीएम मोदी के दौरे से पहले हाई लेवल बैठक”

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“मणिपुर को मिलने वाली है नई सरकार? पीएम मोदी के दौरे से पहले हाई लेवल बैठक”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर दौरे से पहले पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और बीजेपी के कई विधायकों ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। ऐसे में मणिपुर में नई सरकार के गठन के भी कयास लगने लगे हैं।

बता दें कि मणिपुर में लंबे समय तक चली हिंसा के बाद यहां राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस महीने के दूसरे सप्ताह में मणिपुर के संभावित दौरे से पहले यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि प्रधानमंत्री का मणिपुर का यह दौरा यदि होता है तो यह मई 2023 में राज्य में जातीय हिंसा भड़कने के बाद उनका राज्य का पहला दौरा होगा।

ऐसे अधिकारियों ने बताया कि बैठक में मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल, सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह और पुलिस महानिदेशक राजीव सिंह भी शामिल हुए। हालांकि बैठक के एजेंडे का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया गया लेकिन भाजपा के एक नेता ने बताया, “बैठक में हमारी पार्टी की राज्य इकाई की अध्यक्ष ए शारदा देवी भी शामिल हुईं और कई मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संभावित दौरे से संबंधित मामला भी शामिल था।”

प्रधानमंत्री 13 सितंबर को नए बैराबी-सैरंग रेलवे का उद्घाटन करने के लिए मिजोरम जा सकते हैं, जिसके बाद वह वहां से इंफाल के लिए उड़ान भर सकते हैं। हालांकि उनकी यात्रा की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मई 2023 से मेइती और कुकी-जो समूहों के बीच जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए जबकि हजारों बेघर हो गए।

मणिपुर में जल्द शांति की उम्मीद- आरएसएस आरएसएस ने मणिपुर में गृह मंत्रालय और कुकी संगठनों के बीच हुए हालिया समझौते का स्वागत करते हुए रविवार को उम्मीद जताई कि इस पूर्वोत्तर राज्य में शीघ्र ही पूरी तरह शांति और सौहार्द कायम होगा। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने यहां आयोजित तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही।

उन्होंने कहा, ‘हम देख रहे हैं कि पूर्वोत्तर में अलगाववाद और हिंसा कम हुई है। काफी सारे क्षेत्र में प्रगति व विकास का माहौल बना हुआ है। लोग भी उस दृष्टि से आगे बढ़ रहे हैं। अलग-अलग जनजातियों व लोगों में सौहार्द बना रहे इस दृष्टि से जो प्रयास कई वर्षों से चल रहे थे उसके भी कई सारे परिणाम दिख रहे हैं।’

आंबेकर ने कहा, “मणिपुर में विशेषकर मेइती और कुकी समुदाय में एक विवाद उत्पन्न हो गया था जिसके परिणामस्वरूप काफी हिंसा हुई। संघ लगातार उसके लिए चिंता कर रहा था। उस दृष्टि से दोनों समुदाय की आपस में बातचीत होकर सौहार्द बने इसके लिए संघ और उसके विविध संगठनों द्वारा लगातार इस दिशा में प्रयास किए जा रहे थे।’

उन्होंने कहा, ‘यह बहुत अच्छी बात है कि अभी गृह मंत्रालय द्वारा जो विशेष समझौता वहां के कुकी संस्थाओं के साथ हुआ है। उसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग (02) मेइती समुदाय के लोगों के लिए भी आने-जाने के लिए खुल गया है। शांति की दृष्टि से यह अच्छा संकेत है। स्वागत योग्य है। और हम आशा कर रहे हैं कि शीघ्र ही वहां पूरी तरह शांति व सौहार्द आए।’

“इजरायल में आतंकी हमले से एक और जंग के आसार, वेस्ट बैंक पहुंचने लगे सैनिक; नेतन्याहू की मीटिंग”

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“इजरायल में आतंकी हमले से एक और जंग के आसार, वेस्ट बैंक पहुंचने लगे सैनिक; नेतन्याहू की मीटिंग”

7 अक्तूबर, 2023। इस तारीख को हमास ने इजरायल के अंदर घुसकर भीषण हमला किया था, जिसमें करीब 1200 इजरायली और विदेशी नागरिक मारे गए थे। इसके अलावा बड़ी संख्या में इजरायली नागरिकों को हमास ने बंधक बना लिया था।

इनमें से कुछ लोग अब भी उसकी कैद में हैं। तब से अब तक इजरायल की ओर से गाजा में भीषण हमले जारी हैं। इस बीच एक और हमला आज येरूशलम में हुआ है। इस आतंकी हमले में 5 इजरायली मारे गए हैं, जबकि 11 लोगों का इलाज चल रहा है। येरूशलम के रमोत जंक्शन में यह हमला हुआ है, जिसके बाद एजेंसियां अलर्ट पर हैं। पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एक मीटिंग बुलाई है और स्थिति का जायजा लिया है।

खबर मिली है कि ये आतंकी फिलिस्तीन के वेस्ट बैंक इलाके के रहने वाले हैं। यह इलाका अब तक जंग से अछूता रहा है और इस हमले के बाद इजरायली सेना इसे भी जद में ले सकती है। वेस्ट बैंक के दो गांवों अल-कुबेबा और कतन्ना के ये रहने वाले हैं। ये इलाके वेस्ट बैंक में ही पड़ते हैं। इस हमले ने एक नई जंग का माहौल बना दिया है। इजरायली सेना ने वेस्ट बैंक के गांवों को घेरना शुरू कर दिया है। दरअसल पिछले दिनों बेंजामिन नेतन्याहू सरकार ने वेस्ट बैंक पर भी हमले करने की बात कही थी और इजरायल में विलय का प्लान पेश किया था।

ऐसे में अब वेस्ट बैंक के जंग का नया मैदान बनने की संभावना प्रबल है। इजरायल के डिप्टी विदेश मंत्री का कहना है कि नागरिकों को हथियारों से लैस करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हथियार लेकर चलने वाले इजरायलियों की संख्या बढ़ेगी तो ऐसे हमलों को रोकने में मदद मिलेगी। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन दोनों हमलावरों को सैनिकों ने मार डाला है। वहीं हमास ने इस हमले की तारीफ की है और इसे हीरोइज्म करार दिया है। हमास ने इस हमले में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है, लेकिन वेस्ट बैंक के फिलिस्तीनियों से आह्वान किया है कि वे इजरायल के खिलाफ जंग जारी रखें।

इजरायली सांसद बोलीं- वे हमें बर्बाद और खत्म करना चाहते हैं इसके अलावा इजरायल की सांसद ओजमा येहुदित एमके लिमोर सोन ने कहा कि गाजा और वेस्ट बैंक में कोई अंतर नहीं है। खान युनूस और रमल्लाह में कोई अंतर नहीं है। हर जगह वे लोग हमें मारने की फिराक में बैठे हैं। हमें मारना चाहते हैं। इसलिए हमें भी उनको मारकर खत्म करना होगा। इजरायल की नेता ने कहा कि नाजी तो नाजी ही रहेंगे। वे हमें मारना और बर्बाद करना चाहते हैं।

“नेपाल की संसद में घुसे प्रदर्शनकारी; पुलिस फायरिंग में 16 की मौत और 80 घायल, लगा कर्फ्यू”

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“नेपाल की संसद में घुसे प्रदर्शनकारी; पुलिस फायरिंग में 16 की मौत और 80 घायल, लगा कर्फ्यू”

नेपाल की राजधानी काठमांडू में सोमवार को युवा प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। कुछ प्रदर्शनकारी संसद परिसर में घुस गए, जिन्हें हटाने के लिए सुरक्षा बलों को हवाई फायरिंग करनी पड़ी।

गोली लगने 16 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। सिविल अस्पताल के कार्यकारी निदेशक मोहन चंद्र रेग्मी ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा दर्जनों लोग घायल हैं। इनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है।

काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पों के बाद कर्फ्यू लगा दिया है। यह कर्फ्यू पहले बनेश्वर के कुछ हिस्सों में लगाया गया था, जब प्रदर्शनकारी प्रतिबंधित क्षेत्र में घुस गए थे। लेकिन, अब इसे कई क्षेत्रों में लागू कर दिया गया है। इसमें राष्ट्रपति का निवास, शीतल निवास क्षेत्र, महाराजगंज, लैंचौर में उपराष्ट्रपति का निवास, सिंह दरबार के इलाके, प्रधानमंत्री का निवास और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि इसका मकसद संवेदनशील सरकारी स्थानों पर आगे की अशांति को रोकना और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मुख्य जिला अधिकारी छबिलाल रिजाल की ओर से लागू यह कर्फ्यू दोपहर 12:30 बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी है। इन क्षेत्रों के भीतर आवाजाही, सभाएं, प्रदर्शन या घेराव सख्त वर्जित है।

किस बात पर भड़के हैं युवा प्रदर्शनकारी युवाओं का मकसद सरकार की ओर से लगाए गए सोशल मीडिया बैन को हटाना है। साथ ही, वे देश में फैले भ्रष्टाचार को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। नेपाल की सरकार ने पिछले शुक्रवार से फेसबुक, यूट्यूब और एक्स जैसे 26 बिना रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म्स पर रोक लगा दी है, जिसके बाद से ही यूजर्स इन साइट्स तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस कदम से लोग हैरान और गुस्से में हैं। इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के नेपाल में लाखों यूजर्स हैं जो मनोरंजन, खबरें और व्यापार के लिए इन पर निर्भर हैं।

जेन-Z का विरोध प्रदर्शन राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए ‘जनरेशन जेड’ के इन प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रगान गाकर अपना विरोध शुरू किया और फिर सोशल मीडिया पर प्रतिबंध व भ्रष्टाचार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। 24 साल के छात्र युजन राजभंडारी ने कहा, ‘हम सोशल मीडिया बैन से तुरंत आगबबूला हो गए, लेकिन यही एकमात्र वजह नहीं है। हम नेपाल में व्याप्त संस्थागत भ्रष्टाचार के खिलाफ भी आवाज उठा रहे हैं।’ वहीं, 20 साल की एक अन्य छात्रा इक्षमा तुमरोक ने सरकार के सत्तावादी रवैये के खिलाफ प्रदर्शन करने की बात कही। उन्होंने कहा, ‘हम बदलाव चाहते हैं। पिछली पीढ़ियों ने इसे सहा है, लेकिन यह हमारी पीढ़ी के साथ खत्म होना चाहिए।’

“बाढ़ग्रस्त पंजाब-हिमाचल जाएंगे PM मोदी, 9 सितंबर को हवाई सर्वेक्षण कर करेंगे स्थिति की समीक्षा”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 सितंबर को पंजाब का दौरा करेंगे और हवाई सर्वेक्षण के ज़रिए राज्य में बाढ़ की स्थिति का जायज़ा लेंगे। वह पड़ोसी पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश का भी दौरा करेंगे।

इस बीच, पंजाब सरकार ने राज्य में आई बाढ़ से 13,289 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। सूत्रों ने बताया कि मोदी सीमावर्ती ज़िलों सहित बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। आधिकारिक कार्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया गया है और राज्य सरकार के साथ साझा कर दिया गया है।

पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री पंजाब में बाढ़ की स्थिति को लेकर बेहद चिंतित हैं और इस पर कड़ी नज़र रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह स्थानीय परिस्थितियों का व्यक्तिगत रूप से आकलन करने और ज़मीनी हकीकत को समझने के लिए 9 सितंबर को पंजाब का दौरा कर रहे हैं ताकि राज्य के लोगों को अधिकतम सहायता प्रदान की जा सके। जाखड़ ने आगे बताया कि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए पंजाब का दौरा करने वाली केंद्र सरकार की दो टीमें अपनी रिपोर्ट केंद्र को सौंपने वाली हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पहले ही स्थिति का आकलन करने के लिए भेजा जा चुका है।

प्रधानमंत्री बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और पठानकोट पहुंचेंगे, जहां उनके राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक करने की संभावना है। राज्य भाजपा के एक नेता ने कहा, “वह कांगड़ा पहुँचेंगे और अगर मौसम ठीक रहा तो स्थिति का जायज़ा लेने के लिए चंबा ज़िले के भरमौर जाएँगे, अन्यथा सड़क मार्ग से यात्रा करके कांगड़ा लौट सकते हैं।” उन्होंने आगे बताया कि मणिमहेश यात्रा में कई तीर्थयात्रियों की मृत्यु हो गई थी। सूत्रों के अनुसार, मोदी सतलुज, ब्यास, रावी और घग्गर नदियों के तटबंधों को मज़बूत करने की तत्काल आवश्यकता पर भी ज़ोर दे सकते हैं, जो अवैध खनन और रखरखाव की कमी के कारण पिछले कुछ वर्षों में कमज़ोर हो गए हैं।

AAP मंत्री चीमा बोले- राहत पैकेज की घोषणा क्यों नहीं की अब तक बाढ़ की स्थिति का आकलन करने के लिए शनिवार को दो केंद्रीय टीमों ने पंजाब का दौरा किया। एक टीम का नेतृत्व गृह मंत्रालय के राजेश गुप्ता और दूसरी का ग्रामीण विकास मंत्रालय के संतोष कुमार तिवारी कर रहे थे। उन्होंने मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा के नेतृत्व में एक राज्य प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की, जिसमें अन्य प्रशासनिक सचिव भी शामिल थे।

उपराष्ट्रपति चुनाव में बड़ा खेल, मोदी ने लिया सबसे बड़ा रिस्क”

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उपराष्ट्रपति चुनाव में बड़ा खेल, मोदी ने लिया सबसे बड़ा रिस्क”

24 घंटे बाद दिल्ली में मोदी का असली नंबर गेम देखने को मिलेगा। कल ये पता चलेगा कि मोदी 400 से कितना आगे पहुंचते हैं या फिर ये पता चलेगा कि मोदी में अब भी कितना दम है और राहुल गांधी का चैलेंज कितना कम है।

कल दिल्ली में उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग होगी और नरेंद्र मोदी कल दिनभर चुनाव की तैयारी करते रहे और राहुल गांधी दिखे ही नहीं। उपराष्ट्रपति चुनाव का रिजल्ट किस ओर करवट बैठेगा ये तो सबको पता है। इंतजार तो इस बात का है कि मोदी विरोधी खेमे के कितने नंबर टूटते हैं और कितने सांसद अंतरआत्मा की आवाज सुनते हैं। अब कल के बाद बिहार चुनाव की असली तैयारी भी शुरू होगी।

पिछले कुछ उपराष्ट्रपति चुनाव पर नजर: पिछले दो दशकों में उपराष्ट्रपति चुनाव में जीत का मार्जिन लगातार बढ़ा है। वर्ष 2002 में भैरों सिंह शेखावत ने 149 वोट से जीत दर्ज की थी। वहीं, 2022 में धनखड़ ने विपक्ष की मार्गरेट अल्वा को 346 वोट से हराया था। केंद्र में सत्तारूढ़ एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन और विपक्षी गठबंधन इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस (रिटायर्ड) बी. सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया है। आंकड़ों में एनडीए को स्पष्ट बढ़त है। हालांकि संसद में विपक्ष की मजबूती से पिछले दो दशक में पहली बार मुकाबला करीबी हो सकता है। खास बात यह है कि इस बार एनडीए ने तमिल प्रत्याशी देकर इंडिया गठबंधन के दल डीएमके सामने धर्मसंकट पैदा करने की कोशिश की तो इंडिया ने तेलुगु प्रत्याशी देकर एनडीए के घटक दल दोनों दलों ने कहा है कि वे अपने अपने गठनबंधन को वोट देंगे।

भाजपा सांसदों को वोटिंग ट्रेनिंग, विपक्ष का मॉक पोल : दिल्ली में भाजपा सांसदों की वर्कशॉप शुरू हुई। भाजपा सांसदों को उपराष्ट्रपति पद के लिए वोटिंग की जानकारी दी जाएगी। दूसरी ओर, इंडिया गठबंधन भी अपने सांसदों को मतदान प्रक्रिया समझाने के लिए सोमवार को मॉक पोल करेगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहयोगी दलों को डिनर देने की खबर आई थी। लेकिन शाम होते होते पता चला कि एनडीए के बाद अब इंडिया गठबंधन ने भी अपने सांसदों के लिए डिनर का आयोजन रद्द कर दिया है।

अंतिम कतार में बैठकर मोदी ने गिनती कर ली : बीजेपी ने उपराष्ट्रपति चुनाव की रणनीति और तैयारी के लिए दिल्ली में सांसदों की एक विशेष कार्यशाला आयोजित की थी। इस कार्यक्रम की कार्यवाही आज सुबह से शुरू हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसमें शुरुआत से ही हिस्सा लिया। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी जब वहां पहुंचे, तो उन्होंने आगे की सीट पर बैठने की बजाय पीछे की पंक्ति चुन ली। वह एक सामान्य कार्यकर्ता या सांसद की तरह बैठक में शामिल हुए और सभी चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया।

लोकसभा व राज्यसभा के सदस्य देते हैं वोट, पर व्हिप जारी नहीं हो सकती : उपराष्ट्रपति पद के लिए लोकसभा व राज्यसभा के सदस्य वोट देते हैं। हालांकि इसके लिए व्हिप नहीं जारी हो सकती। सभी सांसद पार्टी लाइन पर वोट करें तो एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन के 439 और विपक्ष के रेड्डी के 324 वोट माने जा रहे हैं। हालांकि गुप्त मतदान में क्रॉस वोटिंग दोनों तरफ से समीकरण बिगाड़ सकती है। इसलिए दोनों ओर से पूरी तैयारी की जा रही है।

कितने बजे क्या-क्या होगा : सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संसद भवन में वोटिंग, 6 बजे नतीजे मतदान 9 सितंबर, सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संसद भवन में होगा। वोटों की गिनती शाम 6 बजे से और तुरंत परिणाम घोषित होंगे। हर सांसद को विशेष पेन से बैलेट पर पहली वरीयता दर्ज करनी होगी। ऐसा न करने पर वोट अमान्य होगा। हर वोट का मूल्य एक समान होगा। 2017 में 11 और 2022 में 15 वोट अमान्य हुए थे।

“उपराष्ट्रपति चुनाव में होगा कोई खेला? संजय राउत ने दिया बड़ा बयान”

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“उपराष्ट्रपति चुनाव में होगा कोई खेला? संजय राउत ने दिया बड़ा बयान”

उपराष्ट्रपति चुनाव से एक दिन पहले, शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने सोमवार को सांसदों से आग्रह किया कि वे सोच-समझकर, अपनी अंतरात्मा और राष्ट्रहित में मतदान करें। एएनआई से बात करते हुए, राउत ने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की सार्वजनिक रूप से अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए।

राउत ने कहा कि देश के सांसद उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान करते हैं, चाहे वह लोकसभा हो या राज्यसभा। कल प्रधानमंत्री मॉक सेशन में मौजूद थे। आज हमारे लोग मॉक सेशन में बैठेंगे। उपराष्ट्रपति पद के लिए यह चुनाव देश के संविधान की रक्षा, लोकतंत्र और राष्ट्रहित के लिए हो रहा है।

उपराष्ट्रपति चुनाव में बड़ा खेल, मोदी ने लिया सबसे बड़ा रिस्क संजय राउत ने आगे कहा कि हमारे पूर्व उपराष्ट्रपति कहाँ हैं, मुझे नहीं पता। जब तक धनखड़ सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आते या सामने नहीं आते, हम यह सवाल पूछते रहेंगे। हमारे पूर्व उपराष्ट्रपति कहाँ हैं?” लोकतंत्र की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए राउत ने कहा कि इस बात को ध्यान में रखते हुए देश के सभी सांसदों को मतदान करना चाहिए। अगर लोकतंत्र की बात करने वाले को इस तरह गायब कर दिया जाए, तो मेरा मानना ​​है कि देश का लोकतंत्र खतरे में है। यह ध्यान में रखते हुए कि आज भाजपा के पास बहुमत नहीं है, सभी सांसदों को यह सोचकर मतदान करना चाहिए कि देश की आत्मा क्या चाहती है और उनकी अपनी अंतरात्मा क्या चाहती है।

हालांकि, शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ पर राउत के बयान की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह सिर्फ़ खबरों में बने रहने के लिए ऐसे बयान देते हैं। म्हस्के ने कहा, “संजय राउत सिर्फ़ ख़बरों में बने रहने के लिए ऐसे बयान देते हैं… शिवसेना (यूबीटी) के पास संख्याबल नहीं है… उन्होंने कभी जनता के हित के लिए काम नहीं किया…” 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव में इंडिया ब्लॉक समर्थित न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बी सुदर्शन रेड्डी और एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के बीच सीधा मुकाबला होगा।

CM के पति सरकारी मीटिंग में, AAP का हमला- दिल्ली बनी ‘फुलेरा पंचायत’, सुपर CM चला रहे राज! BJP का पलटवार भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को एक ‘संसद कार्यालय’ का आयोजन किया था और सोमवार को अपने सांसदों को मतदान प्रक्रिया के बारे में मार्गदर्शन देने के लिए एक अभ्यास सत्र के रूप में आज भी इसका आयोजन किया जाएगा। इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान से एक दिन पहले, सोमवार शाम को संसदीय सौध में इंडिया ब्लॉक के सांसदों के लिए रात्रिभोज का आयोजन करेंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया ”वोट चोरी के लिए भाजपा का बैक-ऑफिस” बन गया है।

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह (आयोग) ”वोट चोरी के लिए भाजपा का बैक-ऑफिस” बन गया है।

खरगे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”कालक्रम को समझें। मई 2023 के कर्नाटक चुनाव से पहले, कांग्रेस ने अलंद निर्वाचन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाने का खुलासा किया था। प्रपत्र संख्या-सात में फर्जीवाड़ा कर हजारों मतदाताओं के मताधिकार छीन लिये गये।”

उन्होंने कहा, ”फरवरी 2023 में एक मामला दर्ज किया गया। जांच में 5,994 जाली आवेदनों का खुलासा हुआ। यह मतदाता धोखाधड़ी के बड़े पैमाने पर प्रयास का एक स्पष्ट प्रमाण है। इसके बाद कांग्रेस सरकार ने दोषियों को पकड़ने के लिए सीआईडी ​​जांच का आदेश दिया।”

खरगे ने कहा, ”लेकिन यहां पेंच यह है कि जहां निर्वाचन आयोग ने पहले जालसाजी का पता लगाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों का कुछ हिस्सा साझा किया था तो वहीं अब उसने महत्वपूर्ण जानकारी को छुपा लिया है और (आयोग) वोट चोरी के पीछे के लोगों को प्रभावी ढंग से बचा रहा है!”

उन्होंने पूछा, ”निर्वाचन आयोग ने अचानक महत्वपूर्ण सबूतों को क्यों रोक दिया है? यह किसे बचा रहा है? भाजपा के वोट चोरी विभाग को? क्या निर्वाचन आयोग भाजपा के दबाव में सीआईडी ​​जांच को पटरी से उतार रहा है।” लोकतांत्रिक अधिकारों के महत्व को दोहराते हुए, खरगे ने कहा, ”हर व्यक्ति के मतदान के अधिकार की रक्षा होनी चाहिए। भारतीय लोकतंत्र की रक्षा होनी चाहिए।

“भारतीयों को बड़ा झटका: टैरिफ के बाद अमेरिका ने वीजा नियमों में किया बड़ा बदलाव, जानें क्या है नया नियम”

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“भारतीयों को बड़ा झटका: टैरिफ के बाद अमेरिका ने वीजा नियमों में किया बड़ा बदलाव, जानें क्या है नया नियम”

अमेरिका ने भारतीयों को एक बड़ा झटका दिया है। अब अमेरिका के नॉन-इमिग्रेंट वीजा (NIV) के लिए इंटरव्यू अपने ही देश या कानूनी निवास स्थान पर देना होगा। यानी, अगर आप भारतीय नागरिक हैं और जल्द अमेरिका जाना चाहते हैं, तो आप पहले की तरह थाईलैंड, सिंगापुर, या जर्मनी जैसे देशों में जाकर टूरिस्ट (B1) या बिजनेस (B2) वीजा के लिए इंटरव्यू नहीं दे पाएंगे।

यह नया नियम 2 सितंबर से लागू हो गया है। क्यों मिली थी यह छूट?

कोरोना महामारी के दौरान भारत में अमेरिकी वीजा इंटरव्यू के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, जो कई बार तीन साल तक का होता था। उस समय, कई भारतीय नागरिक जल्दी वीजा पाने के लिए दूसरे देशों जैसे बैंकॉक, सिंगापुर, या फ्रैंकफर्ट जाकर इंटरव्यू देते थे और काम होने के बाद वापस लौट आते थे। अब यह सुविधा खत्म कर दी गई है।

नए नियम का क्या होगा असर?

यह बदलाव उन सभी लोगों पर लागू होगा जो टूरिस्ट, बिजनेस, स्टूडेंट, या अस्थायी वर्कर वीजा के लिए आवेदन कर रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में वीजा नियमों को लगातार कड़ा किया जा रहा है, और यह फैसला उसी का हिस्सा माना जा रहा है।

भारत में अभी कितना है इंतजार?

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, भारत में अभी वीजा इंटरव्यू के लिए इंतजार का समय अलग-अलग शहरों में अलग-अलग है: ➤ हैदराबाद और मुंबई: 3.5 महीने ➤ दिल्ली: 4.5 महीने ➤ कोलकाता: 5 महीने ➤ चेन्नई: 9 महीने

किसे मिलेगी छूट?

कुछ मामलों में इंटरव्यू से छूट अभी भी मिलेगी। अगर आपका B1, B2 या B1/B2 वीजा पिछले 12 महीनों में एक्सपायर हुआ है और आपकी उम्र 18 साल या उससे ज्यादा है, तो कुछ मामलों में आपको इंटरव्यू देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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“MP के इस शहर में ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ यात्रा का होगा समापन, राहुल समेत मंच पर दिखेंगे कई दिग्गज”

मध्य प्रदेश के उज्जैन में 12 सितंबर को कांग्रेस एक बड़ा राजनीतिक आयोजन करने जा रही है। इस दिन ‘किसान न्याय यात्रा’ और ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ रैली का आयोजन होगा। इसी दिन कांग्रेस के इस अभियान का समापन भी किया जाएगा।

कार्यक्रम में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता शामिल होंगे। जानकारी के अनुसार, सचिन पायलट, केसी वेणुगोपाल, कमलनाथ समेत प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। संभावना जताई जा रही है कि इस रैली के समापन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल हो सकते हैं।

MP के कई जिलों में निकली यात्रा दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर वोट चोरी का गंभीर आरोप लगाते हुए इस अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ यात्रा कई जिलों में निकाली गई। इन सभाओं और रैलियों को कई जगह समर्थन मिला, तो कुछ स्थानों पर विरोध का भी सामना करना पड़ा।

राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से गरमाई राजनीति गौरतलब है कि राहुल गांधी ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वोट चोरी के आरोप लगाए थे। इसी बयानबाजी के बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने बड़े पैमाने पर यह अभियान शुरू किया, जो अब उज्जैन में समापन की ओर बढ़ रहा है।