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बुखार, खांसी और फिर… केरल में ‘दिमाग खाने वाले अमीबा’ का खौफ, मस्तिष्क संक्रमण से एक और मौत, अब तक 7 की गई जान

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केरल में शनिवार सुबह मस्तिष्क संक्रमण से जुड़ी बीमारी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस से पीड़ित एक और मरीज की मौत हो गई. इस साल इस बीमारी से राज्य में मरने वालों की संख्या सात हो गई है. अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस से पीड़ित रतीश (45) वायनाड जिले के बाथेरी का रहने वाला था, जिसका एक सप्ताह से अधिक समय से कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल (केएमसीएच) में इलाज चल रहा था.
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि शनिवार तड़के मरीज की मौत की सूचना मिली. रतीश को तेज बुखार और खांसी की शिकायत के बाद घर के पास एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालत बिगड़ने पर उसे केएमसीएच रेफर कर दिया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया. केएमसीएच में भर्ती कासरगोड जिले के एक और मरीज की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि ग्यारह अन्य का इलाज चल रहा है. शुक्रवार को एक मरीज को छुट्टी दे दी गई.
केरल में इस साल अब तक अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस के 42 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से ज्यादातर मामले कोझीकोड और मलप्पुरम जिलों से सामने आए हैं. इस साल इस बीमारी से अकेले कोझीकोड में चार मौतें हुई हैं, जिनमें पिछले महीने एक तीन महीने का शिशु और एक नौ साल की बच्ची भी शामिल है.

अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस एक दुर्लभ, लेकिन बेहद खतरनाक मस्तिष्क संक्रमण है, जो नेग्लेरिया फाउलेरी नाम के अमीबा के कारण होता है. इसे आम भाषा में ‘दिमाग खाने वाला अमीबा’ भी कहते हैं. दूषित पानी में तैरने या नहाने के दौरान ये अमीबा नाक के रास्ते शरीर में प्रवेश करता है. नेग्लेरिया फाउलेरी गर्म और मीठे पानी में खासकर गर्मियों और मानसून के महीनों में जीवित रहता है.

मस्तिष्क संक्रमण के मामलों में वृद्धि के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने कोझीकोड और मलप्पुरम जिलों में तालाबों, कुओं और अन्य जल स्रोतों के पानी की जांच बढ़ा दी है. अगस्त में राज्य में ‘अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस’ से तीन लोगों की मौत हो गई थी.
केएमसीएच ने बीमारी का पता लगाने के लिए नैदानिक ​​सुविधाओं का विस्तार किया है. केरल के वन मंत्री ए.के. ससीन्द्रन के आवंटित धन का उपयोग अतिरिक्त परीक्षण उपकरण खरीदने के लिए किया जाएगा. केरल सरकार पूरे राज्य में कुओं, पानी की टंकियों और सार्वजनिक जल निकायों की सफाई का अभियान चला रही है.

गुजरात-उत्तराखंड में जिनके पास 2 से अधिक बच्चे हैं… ‘हम दो, हमारे तीन’ को लेकर कांग्रेस ने मोहन भागवत पर कसा तंज

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कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के तीन बच्चों से संबंधित हालिया बयान को लेकर शनिवार को कटाक्ष करते हुए कहा कि क्या ‘हम दो, हमारे दो’ केवल मोदी सरकार पर लागू होगा. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने इस बात का उल्लेख किया कि कुछ भाजपा शासित राज्यों में दो से अधिक बच्चे होने पर स्थानीय चुनाव लड़ने और सरकारी पद पर नियुक्ति से रोक जैसे कदम उठाए गए हैं.
रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “गुजरात में जिन व्यक्तियों के दो से अधिक बच्चे हैं, उन्हें स्थानीय निकायों (पंचायत, नगरपालिका और नगर निगम) के चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिया जाता है. असम में जिन व्यक्तियों के दो से अधिक बच्चे हैं, वे राज्य सरकार की किसी भी सेवा या पद पर नियुक्ति के लिए पात्र नहीं हैं.”
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड में जिन व्यक्तियों के दो से अधिक बच्चे हैं, उन्हें पंचायत चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया है. रमेश का कहना है, “आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पांच दिन में 75 वर्ष के होने वाले है. उन्होंने प्रत्येक भारतीय दंपति से ‘हम दो, हमारे तीन’ की नीति अपनाने की अपील की है.”

उन्होंने तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या ‘हम दो हमारे दो’ केवल मोदी सरकार पर लागू होगा? भागवत ने बीते 28 अगस्त को कहा था कि जनसंख्या को पर्याप्त और नियंत्रण में रखने के लिए प्रत्येक भारतीय परिवार में तीन बच्चे होने चाहिए.

“किसी सभ्यता को जीवित रखने के लिए, भारत की जनसंख्या नीति 2.1 (औसत बच्चों की संख्या) का सुझाव देती है, जिसका मूलतः अर्थ तीन बच्चे हैं. लेकिन संसाधनों का प्रबंधन भी करना होगा, इसलिए हमें इसे तीन तक सीमित रखना होगा.”

अशोक चिह्न पर गरमाया कश्मीर, उमर-महबूबा के खिलाफ FIR की मांग, NC का पलटवार

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जम्मू-कश्मीर की राजनीति एक बार फिर अशोक चिह्न विवाद से गरमा गई है. दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल ने राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. उनका आरोप है कि दोनों नेताओं ने अशोक चिह्न तोड़ने को सही ठहराने वाले बयान दिए. दरअसल श्रीनगर में हजरतबल दरगाह में अशोक चिह्न को लेकर कट्टरपंथियों ने खूब बवाल काटा. कट्टरपंथियों की भीड़ ने दरगाह की उद्घाटन पट्टिका में लगे अशोक चिह्न को पत्थर मार मार कर तोड़ डाला. इसके बाद कश्मीर में इस मामले पर सियासी तूफान खड़ा हो गया है.
जिंदल ने यह शिकायत जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और डीजीपी को सौंपी है. उन्होंने मांग की है कि दोनों नेताओं पर स्टेट एम्ब्लेम एक्ट 2005 और बीएनएस 2023 की कई धाराओं (111, 152, 153, 297, 324 और 351) के तहत मामला दर्ज किया जाए. इस शिकायत के सामने आते ही राज्य की राजनीति में नया बवाल खड़ा हो गया है.

नेशनल कॉन्फ्रेंस का पलटवार
इस बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) ने भी मोर्चा खोल दिया. पार्टी प्रवक्ता तनवीर सादिक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि औकाफ चेयरपर्सन दरख्शां अंद्राबी को तुरंत पद से हटाया जाना चाहिए. उन्होंने औकाफ द्वारा दिए गए टेंडर और कॉन्ट्रैक्ट की जांच की भी मांग की. NC विधायक सलाम सागर ने इसे एक सोची-समझी साजिश करार देते हुए आरोप लगाया कि यह सब आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल बिगाड़ने के लिए किया जा रहा है.

शहीद सिखों की संस्था की मांग
चट्टीसिंहपोरा के 35 शहीद सिखों की वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन का एक प्रतिनिधिमंडल जम्मू-कश्मीर के एलजी से मिला. उन्होंने 2000 में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकियों द्वारा अनंतनाग में हुए नरसंहार की दोबारा जांच की मांग की. साथ ही उन्होंने अपील की कि जिस मामले में अशोक चिह्न का अपमान हुआ है, उस पर दर्ज FIR में तुरंत कार्रवाई हो.
विपक्ष के निशाने पर सरकार
NC नेताओं ने कहा कि कश्मीर के धार्मिक स्थलों पर नियंत्रण को लेकर बीजेपी की भूमिका संदिग्ध है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य में निर्वाचित सरकार है तो औकाफ चेयरपर्सन का फैसला बीजेपी क्यों करती है? पार्टी नेताओं का कहना है कि यहां धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है.

सरकार पर ‘साजिश’ का आरोप
NC ने आरोप लगाया कि चुनावी माहौल को देखते हुए जानबूझकर गड़बड़ी फैलाई जा रही है. पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा, “हमें शक है कि यह सब एक सोची-समझी शरारत है. देशभर में चुनाव हो रहे हैं और इसका फायदा उठाने की कोशिश की जा रही है.”
शिकायत और सियासी बवाल
वकील विनीत जिंदल की शिकायत ने जहां उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को कानूनी संकट में डाल दिया है. वहीं NC की मांगों ने औकाफ चेयरपर्सन की कुर्सी को भी विवादों में ला खड़ा किया है.
अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि उपराज्यपाल और पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाते हैं.

सीट, CM और संख्या… वोटर अधिकार यात्रा खत्म, लेकिन अब भी महागठबंधन में फंसा है 3 मुद्दों पर पेंच

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बिहार की सियासत में विपक्षी महागठबंधन ने वोटर अधिकार यात्रा के जरिए माहौल बनाने की कोशिश तो पूरी कर ली, लेकिन अभी भी असली इम्तिहान सामने है. यात्रा के समापन के बाद सभी दल लगातार बैठकें कर रहे हैं, फिर भी तीन अहम मुद्दों पर पेंच बरकरार है. यह मुद्दे हैं सीएम का चेहरा, सीटों की संख्या और किसे कौन सी सीट मिले. यही तीन सवाल तय करेंगे कि महागठबंधन NDA को कितनी टक्कर देगा.
डेड सीट नहीं चाहिए
बड़ा झगड़ा सीटों को लेकर है. कांग्रेस का मानना है कि पिछली बार उनके खाते में ज्यादातर वैसी सीटें आई जिन्हें पिछले कई चुनावों से न तो कांग्रेस और न ही आरजेडी जीत पाई. ऐसे में कांग्रेस की रणनीति है कि इस बार उन्हें केवल “जिताऊ सीटें” मिलनी चाहिए. यानी उन इलाकों में टिकट जहां उनकी पकड़ और संभावनाएं मजबूत हों.
क्‍या हो सकता है सीटों का समीकरण?
वहीं सीटों की कुल संख्या का समीकरण भी मुश्किल पैदा कर रहा है. सीपीआई-एमएल ने 40 सीटों की मांग कर दी है. दूसरी तरफ मुकेश सहनी की वीआईपी पार्टी की एंट्री से तालमेल और पेचीदा हो गया है. फिलहाल अनुमानित फार्मूले के हिसाब से आरजेडी को 135-140, कांग्रेस को 50-60, सीपीआईएमएल को 20-25, वीआईपी को 18-20, जबकि सीपीएम और सीपीआई को 2-2 सीटें मिल सकती हैं. लेकिन अभी तक अंतिम सहमति नहीं बन पाई है.पिछली बार 2020 विधानसभा चुनाव में आरजेडी 144 सीटों पर, कांग्रेस 70 पर, सीपीआईएमएल 19 पर, सीपीएम 4 पर और सीपीआई 6 सीटों पर लड़ी थी. इस बार के समीकरण बदलने तय हैं और कांग्रेस इसे लेकर खुलकर दबाव बना रही है.
सीएम चेहरे पर राहुल-तेजस्वी में अनकही दूरी
महागठबंधन के भीतर यह बात मान ली गई है कि सबसे बड़ी पार्टी आरजेडी है और ऐसे में चेहरा तेजस्वी यादव ही होंगे. लेकिन वोटर अधिकार यात्रा के दौरान राहुल गांधी का सीएम चेहरे पर सवाल टाल जाना और तेजस्वी का राहुल की मौजूदगी में खुद को मुख्यमंत्री बताना, दोनों पार्टियों की सोच में फर्क दिखाता है. कांग्रेस यह दोहराती रही है कि “चेहरे का सवाल मीडिया का है”, लेकिन असलियत यह है कि पार्टी चाहती है कि राहुल की मौजूदगी में तेजस्वी का प्रोजेक्शन हल्का रखा जाए. यह बारीक खींचतान आगे चलकर बड़ा विवाद भी बन सकती है.

छोटे दल मांग रहे ज्‍यादा सीट
सीटों का बंटवारा और सीएम चेहरा ही नहीं, संख्या का गणित भी महागठबंधन को मुश्किल में डाल रहा है. जितनी पार्टियां बढ़ेंगी, उतना तालमेल मुश्किल होगा. वीआईपी की एंट्री के बाद अन्य छोटे दल भी अपने-अपने हिस्से की दावेदारी बढ़ा रहे हैं. आरजेडी हालांकि इस स्थिति में है कि बड़े हिस्से पर दावा करे, लेकिन उसे सहयोगियों को साधना भी जरूरी है.

NDA से मुकाबले के लिए जरूरी ‘एकता’
महागठबंधन वोटर अधिकार यात्रा के बाद जरूर उत्साहित है. लेकिन दबी जुबान में सभी मान रहे हैं कि अगर सीटों का बंटवारा, संख्या का तालमेल और सीएम चेहरे पर समय रहते सहमति नहीं बनी, तो NDA से टक्कर मुश्किल हो जाएगी. वहीं अगर तीनों मुद्दों पर स्पष्ट सहमति बन गई, तो महागठबंधन सत्ता की राह काफी आसान कर सकता है. यानी बिहार में महागठबंधन की अगली लड़ाई अब जनता के बीच नहीं, बल्कि आपस में बैठकों और समीकरणों की टेबल पर तय होगी.
तेजस्‍वी के घर अहम बैठक
सीट शेयरिंग को लेकर इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक आज तेजस्वी यादव के सरकारी आवास एक फूल रोड में संपन्न हुई. इस बैठक में कांग्रेस और वीआईपी के नेताओं ने तेजस्वी यादव के साथ गहन मंथन किया. आज की बैठक में यह फैसला हो गया है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा और लोकजनशक्ति पार्टी पारस गुट इंडिया गठबंधन से ही चुनाव लड़ेगी बैठक के बाद बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्ण लवरु और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने बैठक को कई महीनो में महत्वपूर्ण बताया और कहा कि आज की बैठक कई महीनो में सार्थक रही.

लाल किला के बाहर से हीरे जड़ा सोने का कलश ले उड़ा शातिर, लाखों रुपये है इसकी कीमत, फूले हाथ-पांव

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देश की राजधानी दिल्‍ली में स्थित ऐतिहासिक लाल किला के बाहर बड़ा कांड हुआ है. परिसर में स्थित पार्क से लाखों रुपये मूल्‍य का हीरा जड़ित सोने का कलश चोरी हो गया है. घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस के हाथ-पांव फूल गए हैं. बताया जा रहा है कि लाल किला परिसर में जैन धर्म का कोई कार्यक्रम चल रहा था. उसी में करोड़ों रुपये का कलश भी था. मौका देखकर शातिरों ने इसे उड़ा लिया. मामले की जानकारी मिलने के बाद अब इसकी छानबीन शुरू कर दी गई है. बता दें कि यह पूरा इलाका सुरक्षा के लिहाज से काफी संवेदनशील है.
जानकारी के अनुसार, ऐतिहासिक लाल किला परिसर में जैन धर्म का कार्यक्रम आयोजित किया गया था. उसी में हीरा जड़ित 760 ग्राम के सोने के कलश को भी शामिल किया गया था. आशंका जताई जा रही है कि चोरों की पहले से ही इस बेशकीमती सोने के कलश पर नजर रही होगी. भीड़-भाड़ में मौका मिलते ही चोरों ने इसपर हाथ साफ कर दिया. बता दें कि यह पूरा इलाका हाई-सिक्‍योरिटी जोन है. सुरक्षा के लिहाज से यहां सीसीटीवी कैमरे भी लगे रहते हैं, ऐसे में सुरक्षा के पुख्‍ता इंतजाम के बावजूद चोरों ने चोरी के बड़े कांड को अंजाम दे दिया.
तकरीबन 1 करोड़ रुपये कीमत
घटनास्‍थल पर जैन धर्म के एक धार्मिक कार्यक्रम से लगभग 1 करोड़ रुपये कीमत का सोने और कीमती पत्थरों से जड़ा कलश चोरी हुआ है. 760 ग्राम सोने के इस कलश में 150 ग्राम हीरा, माणिक और पन्ने जड़े थे. यह कलश मंगलवार को हुए कार्यक्रम के दौरान भीड़-भाड़ के समय गायब हो गया. इस कार्यक्रम में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भी शामिल हुए थे.

CCTV कैमरे में कैद हुआ संदिग्‍ध
दिल्ली के लाल किला के बाहर स्थित पार्क में जैन धर्म के अनुयायियों की ओर से धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया था. इसी में लाखों रुपये के कलश को भी रखा गया था. कारोबारी सुधीर जैन रोजाना पूजा के लिए कलश लेकर आते थे. बीते मंगलवार को कार्यक्रम में कई गणमान्य राजनेता भी पहुंचे थे. स्वागत की अफरातफरी के बीच कलश मंच से गायब हो गया. दिल्ली पुलिस के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध की गतिविधियां कैद हुई हैं. पुलिस ने संदिग्ध की पहचान कर ली है और जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई गई है. परिसर में जैन समुदाय का यह अनुष्ठान 15 अगस्त पार्क में चल रहा है और 9 सितंबर तक जारी रहेगा.

सैनिक स्कूल अंबिकापुर में शिक्षक दिवस समारोह श्रद्धा, उत्साह और सौहार्द्र के साथ सम्पन्न

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सैनिक स्कूल अंबिकापुर में शिक्षक दिवस 2025 का आयोजन अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ, यह दिन उन शिक्षकों को समर्पित रहा, जो राष्ट्र के भावी कर्णधारों को दिशा देने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय प्रांगण में किया गया ।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना सभा में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी को पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके पश्चात दो कैडेटों दृ कैडेट सक्षम राणा और कैडेट प्रत्यूष दीक्षित ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन और शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला द्य विद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी स्क्वाड्रन लीडर जेम्स नायर ने अपने वक्तव्य में सभी को शिक्षक दिवस की को बधाई दी । उन्होंने गुरु की महत्ता और गुरु-शिष्य संबंधों की सांस्कृतिक एवं नैतिक गहराई पर प्रकाश डाला द्य पूरे दिन विद्यालय परिसर में उत्सव का वातावरण बना रहा। छात्रों ने शिक्षकों के रूप में अध्यापन कार्य संभालते हुए उनकी भूमिका को आत्मसात किया। इसके साथ ही शिक्षकों के लिए विविध मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की गईं,उन्होंने छात्र-शिक्षक संबंधों में एक नई ऊर्जा और आत्मीयता का संचार किया ।

कार्यक्रम के मुख्य अवसर पर प्राचार्य कर्नल रीमा सोबती ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं। उन्होंने शिक्षकों के अथक परिश्रम, अनुशासन प्रियता और ज्ञानवृत्ति के प्रति गहन कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि कैडेट्स की सफलता और उज्ज्वल भविष्य का श्रेय शिक्षकों की निस्वार्थ सेवाओं को जाता है, जो सदैव अपने शिष्यों के उज्जवल कल के लिए समर्पित रहते हैं।

शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक व भौतिकी अध्यापक श्री राजपुरोहित मदनलाल को सरगुजा शिक्षक सम्मान समिति द्वारा विशेष सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान उनके उत्कृष्ट शिक्षण कार्य, वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने, और छात्रों के जीवन में सकारात्मक प्रभाव के लिए दिया गया। प्राचार्य कर्नल रीमा सोबती ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि श्री राजपुरोहित मदनलाल की यह उपलब्धि विद्यालय के लिए गर्व का विषय है ।

शाम को प्राचार्य कर्नल रीमा सोबती,उप प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल(डॉ)पी श्रीनिवास तथा प्रशासनिक अधिकारी स्क्वाड्रन लीडर जेम्स नायर की उपस्थिति में कैडेट्स और शिक्षकों के बीच एक मैत्री वॉलीबॉल मैच का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिस्पर्धा से अधिक सौहार्द्र और सहयोग की भावना देखने को मिली।

शिक्षक दिवस का यह आयोजन न केवल श्रद्धा का प्रतीक रहा, बल्कि विद्यालय की आत्मा को और अधिक सशक्त करने वाला एक प्रेरणादायक अवसर भी सिद्ध हुआ।

“उपराष्ट्रपति चुनाव पर गरमा रहा सियासी माहौल, NDA बनाम INDIA ब्लॉक, कौन बाजी मारेगा? होने वाली है बड़ी बैठक”

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“उपराष्ट्रपति चुनाव पर गरमा रहा सियासी माहौल, NDA बनाम INDIA ब्लॉक, कौन बाजी मारेगा? होने वाली है बड़ी बैठक”

Vice President Election 2025: उपराष्ट्रपति पद की लड़ाई ने दिल्ली की राजनीति में गर्मी बढ़ा दी है। 9 सितंबर को होने वाले चुनाव से पहले सत्ता पक्ष NDA और विपक्ष INDIA ब्लॉक दोनों ने अपनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है।

आज शनिवार की शाम NDA और INDIA ब्लॉक दोनों की अहम बैठक होने वाली है। एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को मैदान में उतारा है। तो वहीं इंडिया ब्लॉक ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी. सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया है।

उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर इंडिया ब्लॉक ने आज (06 सितंबर) रात 8 बजे वर्चुअल मीटिंग बुलाई है, जिसमें विपक्ष के लगभग सभी सांसद शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में विपक्षी दल अपनी संयुक्त रणनीति पर चर्चा करेंगे और रेड्डी के समर्थन को मजबूती देने की कोशिश करेंगे।

इसके बाद विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के सांसदों को 8 सितंबर को प्रक्रिया समझाई जाएगी और उसी दिन एक मॉक पोल (प्रैक्टिस वोटिंग) भी कराई जाएगी।

क्या चंद्रबाबू नायडू उपराष्ट्रपति चुनाव में कर सकते खेला? सुदर्शन रेड्डी के बयान से मची हलचल, क्या है माजरा

▶️ उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए भाजपा का मैराथन प्रोग्राम भाजपा ने अपने सांसदों को साफ निर्देश दिए हैं कि आने वाले तीन दिनों तक वे पूरी तरह चुनावी तैयारियों में जुटे रहें। शनिवार शाम यानी आज भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सांसदों को डिनर पर बुलाया। रविवार (07 सितंबर) को सांसद संसद भवन स्थित जीएमसी बालयोगी सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल होंगे।

सोमवार (08 सितंबर) को तीन घंटे की वर्कशॉप के बाद शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद एनडीए सांसदों को रात्रिभोज देंगे। इसके अगले दिन यानी मंगलवार (09 सितंबर) को वोटिंग होगी।

भाजपा ने तमिलनाडु के विपक्षी दलों से भी अपील की है कि वे इस बार राधाकृष्णन के समर्थन में वोट देकर “डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को दूसरा कार्यकाल न दिलाने की ऐतिहासिक भूल” को सुधारें।

‘अगर ऐसा न किया गया होता तो’, विपक्षी उपराष्ट्रपति उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी को लेकर अमित शाह का बड़ा खुलासा

▶️ संसद का नंबर गेम किसके पक्ष में? उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए कुल 782 सांसद पात्र हैं (लोकसभा और राज्यसभा मिलाकर)। लोकसभा और राज्यसभा में इस समय 6 सीटें खाली हैं, इसलिए 788 की बजाय 782 सांसद मतदान करेंगे।

लोकसभा में इस वक्त 542 और राज्यसभा में 240 सांसद हैं। भाजपा के पास अकेले ही लोकसभा में 293 और राज्यसभा में 134 सांसद हैं। सहयोगी दलों को जोड़कर एनडीए की ताकत 427 तक पहुंचती है।

इंडिया ब्लॉक के पास लोकसभा और राज्यसभा मिलाकर 312 सांसद हैं। अगर आम आदमी पार्टी (11 सांसद) का समर्थन भी मिल जाए तो संख्या 323 हो जाएगी। लेकिन वाईएसआरसीपी (11 सांसद) पहले ही एनडीए का समर्थन घोषित कर चुकी है। इस तरह एनडीए का आंकड़ा 433 हो जाता है, जो विपक्ष पर साफ बढ़त दिखाता है।

▶️ किसे कितना वोट मिलेगा अनुमानित संख्या जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी (INDIA ब्लॉक उम्मीदवार) को लगभग 323 वोट मिलने तय माने जा रहे हैं।

एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन को कम से कम 438 वोट मिलने की संभावना है (जिसमें YSR कांग्रेस के सांसद भी शामिल हैं)।

करीब 21 सांसदों की प्राथमिकता अभी स्पष्ट नहीं है। आंकड़े साफ दिखाते हैं कि एनडीए का पलड़ा भारी है, लेकिन विपक्ष भी आखिरी वक्त तक पूरा दमखम लगाकर चुनाव को दिलचस्प बनाने की कोशिश कर रहा है।

▶️ उपराष्ट्रपति चुनाव:

कैसे होता है वोटिंग का प्रोसेस? भारतीय संविधान के अनुच्छेद 66(1) के तहत उपराष्ट्रपति का चुनाव अनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (Proportional Representation System) और सिंगल ट्रांसफरेबल वोट (Single Transferable Vote) पद्धति से कराया जाता है।

हर सांसद (मतदाता) को उम्मीदवारों के नाम के सामने प्राथमिकताएं (Preferences) देनी होती हैं।

प्राथमिकता संख्या (figures) में ही लिखनी होती है- जैसे 1, 2, 3… इसे अंतर्राष्ट्रीय अंकों (1,2,3) में, रोमन अंकों (I, II, III) में या किसी मान्यता प्राप्त भारतीय भाषा के अंकों में लिखा जा सकता है।

पहली प्राथमिकता (First Preference) देना अनिवार्य है। अगर पहली प्राथमिकता नहीं दी गई तो बैलेट पेपर अमान्य (invalid) हो जाएगा।

दूसरी, तीसरी या आगे की प्राथमिकताएं देना वैकल्पिक है।

▶️ बैलेट पेपर और पेन का नियम चुनाव आयोग (Election Commission) विशेष पेन उपलब्ध कराएगा। वही पेन इस्तेमाल करना होगा, जो मतदान अधिकारी द्वारा मतदाता (सांसद) को बैलेट पेपर के साथ दिया जाएगा।

यदि कोई सांसद अपने निजी पेन से निशान लगाता है, तो उसकी वोटिंग गिनती के समय अमान्य कर दी जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से मनेंद्रगढ़ के लोगों की बड़ी मांग पूरी होने की कगार पर

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स्वास्थ्य मंत्री और स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल का प्रयास जिले में यात्री सुविधाओं और रेल परियोजनाओं के विस्तार के लिए रंग ला रहा है। उनकी कोशिशों से रेल मंत्रालय ने चिरमिरी नागपुर हॉल्ट रेल परियोजना के लिए दावा आपत्ति के बाद भू अर्जन की प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। रेल मंत्रालय ने इसके लिए एक अधिसूचना जारी की है।

केंद्रीय सरकार ने रेल अधिनियम 1989 के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में चिरमिरी नागपुर रोड हाल्ट रेल परियोजना (17 किलोमीटर) के लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना के अंतर्गत 36.392 हेक्टेयर रकबे की कुल 198 भूमि खंडों को परियोजना के लिए अधिग्रहित करने का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ ही अब शीघ्र ही प्रभावितों को मुआवजा वितरण का कार्य शुरू किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने सक्षम प्राधिकारी की रिपोर्ट पर सहमति प्रदान करते हुए अंतिम रूप से भूमि अधिग्रहण की घोषणा की है। अधिसूचना के अनुसार, यह भूमि अब भारत सरकार (रेल मंत्रालय) के नाम दर्ज होगी और परियोजना कार्यों के लिए उपयोग की जाएगी।

रेल मंत्रालय (दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस परियोजना को वर्ष 2018-19 में मंजूरी दी गई थी। भूमि अर्जन की प्रक्रिया के दौरान निर्धारित समयावधि में कुल 32 आपत्तियां प्राप्त हुई थीं, जिनमें से 5 आपत्तियां सही पाई गईं। सक्षम प्राधिकारी द्वारा शेष आपत्तियों का निराकरण कर रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी गई।

आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत मास्टर ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण हुई सम्पन्न

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जिले के जनपद पंचायत सभाकक्ष मनेंद्रगढ़ में आयोजित आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह प्रशिक्षण 02 सितम्बर 2025 को प्रारंभ हुआ था, जिसका समापन 04 सितम्बर 2025 को हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य आदिवासी बहुल ग्रामों तक शासन की सभी योजनाओं को प्रभावी रूप से पहुँचाना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना रहा। तीन दिवसीय प्रशिक्षण में ग्राम स्तर पर आदि साथी, सरकारी सेवक जैसे डॉक्टर और शिक्षक आदि सहयोगी तथा मास्टर ट्रेनर्स यानी आदि कर्मयोगी की जिम्मेदारियों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान आदिवासी ग्रामों में सड़क, आवास, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा, महिलाओं और बच्चों से जुड़ी सेवाओं तथा वन विभाग संबंधी विकास योजनाओं के लिए मांग प्रपत्र तैयार करने और ग्रामों को आदर्श ग्राम बनाने की दिशा में कार्ययोजना बनाई गई। सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग द्वारा आगामी विकासखंड स्तरीय और ग्राम स्तरीय प्रशिक्षण 2 अक्टूबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, साथ ही प्रत्येक ग्राम में 20 सदस्यीय आदि साथी दल के गठन पर बल दिया गया। समापन अवसर पर सभी प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में सहायक आयुक्त अंकिता मरकाम, जनपद सीईओ वैशाली सिंह और मंडल संयोजक संजय श्रीवास्तव विशेष रूप से उपस्थित रहे।

चिरमिरी-नागपुर रेल परियोजना के अंतर्गत छह ग्रामों की भूमि अधिग्रहण सर्वेक्षण 8 सितम्बर से होगी प्रारंभ

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कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (रा०) मनेंद्रगढ़ द्वारा सर्वसाधारण आमजनता, ग्रामीणजन और कृषकजनों को सूचित किया गया है कि चिरमिरी-नागपुर रोड हाल्ट रेल परियोजना (17 किलोमीटर) हेतु प्रस्तावित ग्राम बंजी, चिरईपानी, चित्ताझोर (तहसील चिरमिरी), खैरबना, सरोला और सरभोका में भूमि अधिग्रहण के संबंध में धारा 20E का प्रकाशन किया जा चुका है। अधिसूचना के उपरांत रेल अधिनियम 1989 की धारा 20(च) अंतर्गत मुआवजा निर्धारण हेतु आवश्यक सर्वेक्षण कार्य संपन्न किया जाएगा। इस सर्वेक्षण में प्रस्तावित भूमि पर स्थित संरचनाओं, भूमि उपयोग प्रवर्ग, पेड़, कुआं, नलकूप आदि का पंचनामा, फोटोग्राफ और अक्षांश-देशांतर सहित प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा।
संयुक्त सर्वे टीम द्वारा यह सर्वेक्षण 08 सितम्बर 2025, सोमवार को प्रातः 11 बजे ग्राम बंजी से प्रारंभ किया जाएगा। सर्वेक्षण में लगने वाला समय प्रत्येक ग्राम में प्रभावित खसरों और उनमें निर्मित संरचनाओं की संख्या पर निर्भर करेगा। ग्राम बंजी की 56 प्रभावित खसरा और सरोला की 11 प्रभावित खसरा का सर्वेक्षण 08 से 12 सितम्बर 2025 तक होगा। इसके साथ ग्राम चिरई पानी की 45 प्रभावित खसरा एवं सरभोका की 14 प्रभावित खसरा का सर्वेक्षण 15 से 20 सितम्बर 2025 तक होगा। वहीं ग्राम खैरबना की 57 प्रभावित खसरा एवं चित्ताझोर की 23 प्रभावित खसरा का सर्वेक्षण 22 से 26 सितम्बर 2025 तक किया जाएगा। कुल मिलाकर इन छह ग्रामों में 206 खसरे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में प्रभावित होंगे।
इस संबंध में सभी भूमि स्वामी, सह-स्वामी और कृषकगण को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने भूमि संबंधी दस्तावेज जैसे खसरा, बी-1, ऋण पुस्तिका, विक्रय पत्र, नामांतरण, डायवर्जन, न्यायालयीन प्रकरणों से संबंधित जानकारी एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों सहित स्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर सहयोग प्रदान करें। यदि कोई भूमिस्वामी सर्वेक्षण के समय अनुपस्थित रहता है और आवश्यक तथ्य प्रस्तुत नहीं करता तो भविष्य में वादबहुल्यता की स्थिति में उसकी स्वयं की जिम्मेदारी होगी। ऐसे मामलों में आगे की कार्यवाही स्थल जांच और उपलब्ध राजस्व अभिलेखों सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर ही की जाएगी।