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“चीन के तियाजिन पहुंचे PM मोदी, रेड कॉरपेट पर एंट्री के साथ हुआ भव्य स्वागत”

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“चीन के तियाजिन पहुंचे PM मोदी, रेड कॉरपेट पर एंट्री के साथ हुआ भव्य स्वागत”

पीएम मोदी सात सालों में पहली बार चीन की यात्रा पर गए हैं। चीन पहुंचने पर पीएम का तियानजिन एयरपोर्ट पर रेड कार्पेट बिछाकर भव्य स्वागत किया गया। वे यहाँ शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी करेंगे मुलाकात-इस बैठक के दौरान उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात होगी। यह मुलाकातें द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। पीएम मोदी इस सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मिलेंगे। यह मुलाकात भी काफी अहम है, क्योंकि रूस से तेल खरीदने के कारण अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है। इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच इस मुद्दे पर भी बात हो सकती है।

SCO शिखर सम्मेलन क्या है? शंघाई सहयोग संगठन (SCO) एक प्रभावशाली आर्थिक और सुरक्षा संगठन है। इसकी स्थापना 2001 में रूस, चीन, किर्गिस्तान, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान द्वारा की गई थी।

सदस्य: 2017 में भारत और पाकिस्तान इसके स्थायी सदस्य बने, और 2023 में ईरान भी इसमें शामिल हुआ।

वैश्विक पहुंच: SCO देशों में दुनिया की लगभग 40 प्रतिशत आबादी रहती है, और वैश्विक अर्थव्यवस्था में इनका योगदान करीब 20 प्रतिशत है।

“तेजस्वी ने राहुल के सामने खुद को CM उम्मीदवार घोषित किया, अखिलेश बोले- हम पूरा सहयोग करेंगे”

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“तेजस्वी ने राहुल के सामने खुद को CM उम्मीदवार घोषित किया, अखिलेश बोले- हम पूरा सहयोग करेंगे”

बिहार में महागठबंधन की तरफ से वोटर अधिकार यात्रा निकाली जा रही है. इस यात्रा में यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी आज शामिल हुए. यात्रा के दौरान ही तेजस्वी यादव ने राहुल गांधी के सामने खुद की सीएम उम्मीदवार घोषित कर दिया है.

उन्होंने कहा कि ये सरकार नकलची सरकार है, तेजस्वी आगे है सरकार पीछे है. आप ही बताओ आपको डुप्लीकेट सीएम चाहिए या ओरिजिनल सीएम चाहिए?

जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बिहार के चुनाव पर देश की निगाहे हैं. बीजेपी और सहयोगी दलों को बाहर करना है. ये जोश बीजेपी की हार लिखेगा. हमने मिलकर अवध में हराया था इस बार मगध में आपकी जिम्मेदारी है. अखिलेश ने कहा कि संविधान बचेगा तो हमारा लोकतंत्र बचेगा.

उन्होंने कहा कि अबकी बार बीजेपी बिहार से बाहर जाने वाली है. बीजेपी इस्तेमाल पार्टी है, लोगों का इस्तेमाल करती है और बर्बाद करने का काम करती है. चुनाव आयोग बीजेपी से मिलकर काम करता है. चुनाव आयोग अब जुगाड़ आयोग है. बीजेपी का SIR का फैसला सरफिरा है. पलायन करने वालों को तेजस्वी ने नौकरी दी है. इस बार बीजेपी का पलायन होने जा रहा है.

वोटर अधिकार यात्रा में शामिल हुए अखिलेश यादव हमें डराने वाले ट्रंप से डर रहे- अखिलेश यादव अखिलेश यादव ने कहा कि तीन तिगाड़े को रोकने का काम इंडिया गठबंधन करेगा. पहले एक बार बिहार के लोग जानते होंगे बीजेपी का रथ बिहार ने रोका था. हम तेजस्वी का पूरा सहयोग करेंगे. किसान बर्बाद हो गया है. जो हमे डरा रहे हैं वो ट्रंप से डर रहे हैं. अमेरिका ने बीजेपी के मुंह पर भी टैरिफ लगाने का काम किया है.

सबको साथ लेकर चलेंगे- तेजस्वी तेजस्वी यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम सबको साथ लेकर चलेंगे वो किसी भी वर्ग के हो छोड़ेंगे नहीं. ये सरकार नकलची है इसको बदलना है. उन्होंने जनता से पूछा कि आपको ओरिजनल सीएम चाहिए या डुप्लीकेट?

बिहार में अगले कुछ महीनों के भीतर विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इस चुनाव से पहले महागठबंधन की तरफ से एसआईआर के खिलाफ में ये वोटर अधिकार यात्रा निकाली गई है. इस यात्रा में इंडिया गठबंधन के कई नेता शामिल हुए हैं. इसके अलावा राहुल गांधी शुरुआत से ही यात्रा में साथ रहे. 30 अगस्त यानी आज इस यात्रा का अंतिम दिन है, जिसकी शुरुआत 17 अगस्त को सासाराम से हुई थी.

निर्माण घोटाले में ED का एक्शन, मुंबई से सटे वसई-विरार इलाके में हुए निर्माण घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई..

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निर्माण घोटाले में ED का एक्शन, मुंबई से सटे वसई-विरार इलाके में हुए निर्माण घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई..

मुंबई से सटे वसई-विरार इलाके में हुए निर्माण घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है. इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. सूत्रों के अनुसार, इस घोटाले में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल 75 से 80 लोगों को ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया है.

मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला 2009 से चल रहा है. इस मामले में खुलासा हुआ है कि वसई-विरार इलाके में अधिकतर निर्माण अवैध और सरकरी जमीन पर किए गए हैं.

जानकारी के अनुसार, वसई-विरार इलाके के कई नामी बिल्डर, आर्किटेक्ट, पूर्व नगर निगम अधिकारी और वर्तमान नगर निगम अधिकारी इसमें शामिल हैं. सभी संबंधित लोगों को शनिवार और रविवार को पूछताछ के लिए पेश होने का आदेश दिया गया है.

क्या है मामला? वसई-विरार नगर निगम (वीवीएमसी) के अधिकार क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में हुए अवैध निर्माणों का मामला अब एक नया मोड़ ले रहा है. मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला 2009 से चल रहा है और इस मामले में खुलासा हुआ है कि 41 आवासीय और व्यावसायिक इमारतें अवैध रूप से बनाई गई हैं. ये निर्माण अधिकतर सरकारी और निजी जमीन पर किए गए हैं, और यह भी पता चला है कि इसमें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और डंपिंग ग्राउंड के लिए आरक्षित 60 एकड़ जमीन का भी इस्तेमाल किया गया है.

ईडी को आरोप मिले थे कि कुछ बिल्डरों और आर्किटेक्ट्स ने नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से लाखों-करोड़ों के लेन-देन किए हैं. इसी के चलते अब इस मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और सीधी पूछताछ के दौर में पहुंच गई है.

जांच से सामने आएगी सच्चाई इस कार्रवाई ने नागरिकों में उत्सुकता पैदा कर दी है. नागरिक यह सवाल पूछने लगे हैं कि क्या अवैध निर्माण की अनुमति देने वाले अधिकारियों के खिलाफ आखिरकार कड़ी कार्रवाई की जाएगी? पिछले कुछ सालों में वसई-विरार क्षेत्र में अनधिकृत निर्माणों में तेजी से हुई वृद्धि ने बुनियादी सुविधाओं, सड़कों, जलापूर्ति और परिवहन व्यवस्था पर भारी दबाव डाला है. इसलिए आम लोगों को उम्मीद है कि इस जांच से असली सच्चाई सामने आएगी. सूत्रों के अनुसार, इस सप्ताह के अंत तक होने वाली जांच से कई चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है. यदि आरोपी दोषी पाया जाता है, तो न केवल वित्तीय लेन-देन, बल्कि भविष्य में निर्माण परमिट देने की पूरी प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ सकती है.

“चीन में मोदी-जिनपिंग की मुलाकात पर क्यों होगी ट्रंप की नजर, SCO समिट का एजेंडा क्या है?”

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“चीन में मोदी-जिनपिंग की मुलाकात पर क्यों होगी ट्रंप की नजर, SCO समिट का एजेंडा क्या है?”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान दौरे के बाद अब चीन रवाना हो चुके है. वे रविवार को तियानजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में हिस्सा लेंगे. इस दौरान PM मोदी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति पुतिन और अन्य नेताओं से भी मुलाकात करेंगे.

PM मोदी ने कहा कि उनकी यात्रा भारत के राष्ट्रीय हितों के साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक शांति, सुरक्षा और विकास को मजबूत करेगी.

मोदी 2018 के बाद पहली बार चीन की यात्रा करेंगे. SCO समिट पर अमेरिका की भी नजर रहेगी. ट्रंप की ओर से भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ लगाने के बाद भारत, चीन और यूरेशिया के अन्य देशों के साथ यहां मजबूत पार्टनरशिप तलाश कर सकता है.

एक्सपर्ट्स का मानना है कि दुनियाभर में ट्रंप की टैरिफ धमकी के बीच SCO समिट चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए एक मंच के तौर पर काम करेगा. इससे वह चीन को ऐसे देश के तौर पर पेश कर सकेंगे जो ग्लोब साउथ को एकजुट करने के लिए काम करेगा. SCO के सदस्य देशों में दुनिया की 43% जनसंख्या रहती है. वैश्विक अर्थव्यवस्था में इनका हिस्सा 23% है.

समिट में कितने देश शामिल हो रहे समिट 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीनी शहर तियानजिन में होगी, जिसमें 20 से अधिक विदेशी नेता और 10 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख शामिल होंगे. भारत के मोदी के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोयेव, क्रिगिज राष्ट्रपति सदिर जापारोव और ताजिक राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन.

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोआन, म्यांमार के सैन्य प्रमुख मिन आंग हलिंग, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो , मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू सहित अन्य नेताओं के शामिल होने की संभावना है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (ASEAN) के महासचिव काओ किम होर्न भी समिट में शामिल होंगे.

SCO की स्थापना कब और क्यों हुई थी SCO की शुरुआत 1996 में एक सुरक्षा समूह के रूप में हुई थी , जिसे शंघाई फाइव कहा जाता था. कोल्ड वॉर खत्म होने और और सोवियत यूनियन के टूटने के बाद अपने सीमा विवादों को सुलझाने के लिए चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान ने इसका गठन किया था. 2017 में संगठन का विस्तार हुआ और इसमें भारत और पाकिस्तान शामिल हुए.

2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस को भी मेंबरशिप मिली. इसके अलावा संगठन के 14 प्रमुख डायलॉग पार्टनर्स हैं, जिनमें सऊदी अरब, मिस्र, तुर्की, म्यांमार, श्रीलंका और कंबोडिया शामिल हैं.

समिट अहम क्यों है समिट ऐसे समय हो रही है जब रूस-यूक्रेन और इजराइल-हमास जंग जारी है. दक्षिण एशिया और एशिया प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा तनाव बना हुआ है और ट्रंप ने ग्लोबल ट्रेड वॉर छेड़ दी है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका लगभग हर देश के साथ अपने संबंध खराब कर रहा है. ऐसे में चीनी राष्ट्रपति के लिए खुद को ग्लोबल पावर के तौर पर स्थापित करने का एक अच्छा समय है.

SCO समिट खत्म होने के बाद 3 सितंबर को बीजिंग में विशाल सैन्य परेड होनी है. PM मोदी इसमें शामिल नहीं होंगे. लेकिन SCO समिट में आ रहे पुतिन, लुकाशेंको और सुबियांटो परेड के लिए वहीं रुकेंगे, किम उन जोंग भी इसमें शामिल होने चीन आ सकते हैं.

अहम मुद्दों पर SCO का क्या स्टैंड है यह ग्रुप अहम जियो-पॉलिटिकल मुद्दों पर एक राय नहीं बना पाता. देखा जाए तो यूक्रेन में चल रहे युद्ध को लेकर रूस अधिकांश SCO मेंबर्स को अपने हितों के साथ जोड़ने में सफल रहा है. हालांकि भारत ने हमेशा इस मुद्दे पर संतुलित रूख अपनाया है. भारत ने जंग खत्म करने की मांग करते हुए रूस से बड़ी मात्रा में तेल भी खरीदा है, जो अभी भी जारी है.

यूक्रेनी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को मांग की कि SCO के सदस्य देश जंग के मुद्दे अपनी स्थिति स्पष्ट करें. यूक्रेन ने पूछा है कि क्या SCO देश अंतर्राष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों का सम्मान करते हैं. यही नहीं गाजा में इजराइल के युद्ध और लेबनान और ईरान में सैन्य हमलों पर भी SCO के देश बंटे हुए हैं.

SCO ने पिछले साल ईरान पर इजराइली हमले की निंदा की थी, लेकिन भारत ने SCO के जॉइंट स्टेटमेंट का समर्थन करने से इनकार कर दिया था. भारत का SCO के सदस्य पाकिस्तान के साथ भी तनाव बना हुआ है. भारत ने पहलगाम हमले के पीछे इस्लामाबाद का हाथ होने का आरोप लगाया है, जिसे पाकिस्तान ने खारिज कर दिया है.

SCO समिट को अमेरिका कैसे देखेगा ट्रंप ग्लोबल साउथ के संगठनों के आलोचक रहे हैं. वे पहले ही ब्रिक्स पर टैरिफ लगाकर उसे कमजोर करने की धमकी दे चुके हैं. SCO पर अमेरिका की पैनी नजर रहेगी और यह इस साल के अंत में होने वाले क्वाड समिट के लिए भी माहौल तैयार कर सकता है. इस साल क्वाड समिट की मेजबानी भारत करने वाला है.

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते वैश्विक प्रभाव का मुकाबला करने के लिए भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका ने 2007 में क्वाड बनाया था. अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया है. एक्सपर्ट्स मानना है कि अमेरिका सोमवार को तियानजिन में होने वाली मोदी और शी की बैठक पर करीबी नजर रखेगा.

अमेरिका की नजर भारत और चीन के बीच बातचीत पर होगी, जो द्विपक्षीय तनाव को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं. हालांकि इससे इस नतीजे पर भी नहीं पहुंचा जा सकता कि टैरिफ को लेकर तनाव की वजह से भारत-अमेरिका के संबंध टूट चुके हैं.

“आज की ताजा खबर LIVE: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज चीन पहुंचेंगे”

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“आज की ताजा खबर LIVE: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज चीन पहुंचेंगे”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज चीन पहुंचेंगे. जहां वो 31 अगस्त से शुरू हो रहे SCO समिट में शामिल होंगे. सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी शनिवार शाम को जापान से तियानजिन पहुंचेंगे, जहां वह रविवार दोपहर के आसपास राष्ट्रपति जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे और फिर एससीओ शिखर सम्मेलन के आधिकारिक भोज में शामिल होने से पहले दोनों नेताओं की संभवतः एक और मुलाकात भी हो सकती है.

मुंबई पुलिस ने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे को शनिवार को आजाद मैदान में आंदोलन जारी रखने की अनुमति दे दी है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मुंबई दौरे पर हैं. आज वो गणेशोत्सव में शामिल होंगे. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मुंबई में रहेंगे. उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भारी बारिश को देखते हुए आज सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं.

”पीएम मोदी के दौरे से मजबूत हुई भारत-जापान की दोस्ती की गांठ”

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”पीएम मोदी के दौरे से मजबूत हुई भारत-जापान की दोस्ती की गांठ”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जापान की यात्रा के लिए रवाना हुए थे. जापान की दो दिन की यात्रा पूरी करने के बाद शनिवार को वह चीन के लिए रवाना हो गए हैं, जहां वह SCO की बैठक में हिस्से लेंगे.

इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. दोनों देशों के प्रधानमंत्री आर्थिक सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से भारत-जापान आर्थिक मंच में एक साथ आए.

जापान के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी का बड़ी ही धूमधाम से स्वागत किया. साथ ही जापान के पीएम ने मोदी के सम्मान में रात के खाने का आयोजन भी किया था. दूसरे दिन पीएम मोदी ने पीएम के साथ टोक्यो से सेंडाइ तक शिंकानसेन बुलेट ट्रेन में एक साथ यात्रा की, खाना खाया, और एक इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री का दौरा भी किया. जापान के प्रधानमंत्री ज्यादा से ज्यादा समय पीएम मोदी के साथ ही रहे.

कई एतिहासिक समझौतों पर किए गए हस्ताक्षर पीएम मोदी की इस यात्रा के बाद भारत और जापान के रिश्तों में और अधिक मजबूती आएगी. जापान ने भारत में अगले 10 सालों में 10 ट्रिलियन जापानी येन के निवेश करने की घोषणा की है. इसका केंद्र इंडियाजापान जॉइंट विजन फॉर द नेक्स्ट डिकेड है, जिसमें आर्थिक विकास, सुरक्षा, तकनीक, नवाचार, स्वास्थ्य, स्थिरता, मोबिलिटी और लोगों के बीच आपसी संबंध जैसे अहम क्षेत्रों को शामिल किया गया है.

इसके अलावा रक्षा और मानव संसाधन आदान-प्रदान से लेकर डिजिटल नवाचार, जरूरी खनिजों, स्वच्छ ऊर्जा, अंतरिक्ष अनुसंधान और सांस्कृतिक सहयोग तक, कई अहम समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए.

सभी दलों का मिला समर्थन प्रधानमंत्री की इस यात्रा की सबसे खास बात थी कि जापान में सभी दल के नेताओं का समर्थन मिला. पीएम मोदी ने जापान के दो पूर्व प्रधानमंत्रियों, योशीहिदे सुगा और फुमियो किशिदा से भी मुलाकात की. उन्होंने सांसदों के एक समूह के साथ-साथ संसद के स्पीकर से भी मुलाकात की.

इसके अलावा 16 प्रांतों के राज्यपाल प्रधानमंत्री मोदी से मिलने टोक्यों आए और उन्होंने मोदी से मुलाकात की. यह राज्य स्तरीय सहभागिता जापान और भारत के मजबूत होते रिश्तों का एक अनूठा उदाहरण है.

“1 सितंबर से नियम में बदलाव – जीएसटी, एलपीजी की कीमतें और चांदी के नियम बदलेंगे”

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“1 सितंबर से नियम में बदलाव – जीएसटी, एलपीजी की कीमतें और चांदी के नियम बदलेंगे”

1 सितंबर 2025 नियम परिवर्तन: हर महीने की पहली तारीख को विभिन्न सरकारी नियमों में बदलाव किए जाते हैं । सितंबर 2025 की शुरुआत आम जनता के लिए कई नए बदलाव लेकर आ सकती है। 1 सितंबर से आपके खर्चों और दैनिक जीवन से जुड़े कई बदलाव देखने को मिलेंगे।

गैस सिलेंडर से लेकर चांदी, क्रेडिट कार्ड और टैक्स तक, हर बदलाव के बारे में आपको जानकारी होनी चाहिए। इसके अलावा, सितंबर की पहली तारीख से कुछ बड़े बदलाव भी लागू होने वाले हैं। चाहे आप चांदी खरीदने की सोच रहे हों या एसबीआई क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हों, इन बदलावों का आपकी जेब पर सीधा असर पड़ेगा।

जीएसटी में बदलाव सितंबर में जीएसटी सुधार के संदर्भ में महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं। जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक 3 और 4 सितंबर, 2025 को नई दिल्ली में होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टैक्स स्लैब में बदलाव हो सकता है। मौजूदा चार टैक्स स्लैब की जगह अब 5 प्रतिशत और 12 प्रतिशत के केवल दो स्लैब हो सकते हैं। इससे रोज़मर्रा की कई चीज़ें और सस्ती भी हो सकती हैं।

एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बदलाव हर महीने की पहली तारीख को रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव होता है। महीने की पहली तारीख को या तो गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ जाती है या सस्ती हो जाती है। 1 सितंबर को घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडर की कीमतें तेल कंपनियां तय करेंगी। अगर कीमतें बढ़ती हैं, तो रसोई का बजट भी थोड़ा बढ़ जाएगा। अगर कीमतें घटती हैं, तो आम जनता को काफी राहत मिलेगी।

एसबीआई कार्ड के नियम बदलेंगे अगर आपके पास लाइफस्टाइल होम सेंटर एसबीआई कार्ड या उसका सेलेक्ट वर्जन है, तो 1 सितंबर से आपको डिजिटल गेमिंग और सरकारी पोर्टल्स पर किए गए भुगतान पर रिवॉर्ड पॉइंट नहीं मिलेंगे। इसके अलावा, बिल भुगतान, ईंधन खरीद या ऑनलाइन शॉपिंग पर भी शुल्क बढ़ सकता है।

एटीएम से नकदी निकालना महंगा होगा कई बैंकों ने एटीएम से कैश निकालने पर नए नियम लागू करने की घोषणा की है। ग्राहकों को तय सीमा से ज़्यादा कैश निकालने पर ज़्यादा चार्ज देना होगा।

चांदी के नियमों में बदलाव एक सितंबर से चांदी पर हॉलमार्किंग लागू हो सकती है। यानी ग्राहक आसानी से चांदी की शुद्धता और गुणवत्ता की पहचान कर सकेंगे।

“Google Warning to Gmail Users:! Google का अलर्ट, 2.5 अरब Gmail यूज़र्स खतरे में, अभी करें ये काम नहीं तो होगा बड़ा नुकसान”

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“Google Warning to Gmail Users:! Google का अलर्ट, 2.5 अरब Gmail यूज़र्स खतरे में, अभी करें ये काम नहीं तो होगा बड़ा नुकसान”

गूगल ने दुनियाभर के 2.5 अरब Gmail उपयोगकर्ताओं को साइबर हमलों से जुड़ी एक गंभीर चेतावनी जारी की है. कंपनी ने यूज़र्स से तुरंत पासवर्ड अपडेट करने और टू-स्टेप वेरिफिकेशन (2SV) ऑन करने की अपील की है.

हाल ही में हैकिंग के मामलों में तेज़ी आई है जिसके चलते गूगल ने सुरक्षा उपायों को मज़बूत करने पर जोर दिया है.

ShinyHunters ग्रुप के साइबर हमले मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,

ShinyHunters नामक हैकिंग ग्रुप जो Pokémon फ्रेंचाइज़ से प्रेरित है, साल 2020 से सक्रिय है. यह ग्रुप AT&T, Microsoft, Santander और Ticketmaster जैसी बड़ी कंपनियों पर हुए डेटा ब्रीच से जुड़ा हुआ है. इन हैकर्स का सबसे आम तरीका है फिशिंग ईमेल्स भेजना जिनके जरिए वे यूज़र्स को नकली लॉगिन पेज पर ले जाकर पासवर्ड या 2SV कोड जैसी संवेदनशील जानकारी चुरा लेते हैं.

”डेटा लीक का बढ़ता खतरा हालांकि इस घटना में लीक हुए डेटा का बड़ा हिस्सा पहले से पब्लिक में मौजूद था लेकिन गूगल ने चेतावनी दी है कि ऐसे हमले भविष्य में और खतरनाक हो सकते हैं. गूगल ने जून में अपने ब्लॉग पर लिखा था कि ShinyHunters अब अपने “डेटा लीक साइट (DLS)” लॉन्च करने की तैयारी में है जिससे एक्सटॉर्शन (ब्लैकमेलिंग) के मामले और बढ़ सकते हैं.”

”गूगल की यूज़र्स को सलाह 8 अगस्त को गूगल ने संभावित प्रभावित यूज़र्स को ईमेल भेजकर अकाउंट सिक्योरिटी मज़बूत करने की सलाह दी. गूगल का कहना है कि टू-स्टेप वेरिफिकेशन (2SV) ऑन करने से अकाउंट सुरक्षा कई गुना बढ़ जाती है. इसमें पासवर्ड डालने के बाद एक और स्टेप पर कोड डालना पड़ता है जो आपके रजिस्टर्ड डिवाइस पर आता है. इस तरह, अगर पासवर्ड हैक भी हो जाए, तो हैकर अकाउंट में घुस नहीं पाएंगे.”

क्यों ज़रूरी है 2SV Mirror US और Action Fraud ने भी 2SV के महत्व पर जोर दिया है. उनका कहना है कि ईमेल अकाउंट को सुरक्षित रखने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका यही है. Stop Think Fraud वेबसाइट का कहना है 2SV से आपके अकाउंट में एक अतिरिक्त सुरक्षा परत जुड़ जाती है. इसे ऑन करने में सिर्फ कुछ मिनट लगते हैं लेकिन यह लंबे समय तक फ्रॉड से बचाव करता है. इसे आप अकाउंट की सिक्योरिटी सेटिंग्स में जाकर ऑन कर सकते हैं. यह फीचर सिर्फ Gmail ही नहीं, बल्कि बैंकिंग, सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन सेवाओं में भी उपलब्ध है.

CG: प्रधानमंत्री मोदी के लिए अभद्र भाषा के इस्तेमाल का मामला भाजपा की साजिश, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल…

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CG: प्रधानमंत्री मोदी के लिए अभद्र भाषा के इस्तेमाल का मामला भाजपा की साजिश, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल…

बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर उठे विवाद के बीच छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा षड्यंत्रों में विश्वास रखती है और यह घटना भी संभवतः एक साजिश हो सकती है।

बघेल ने यहां संवाददाताओं से कहा कि राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ को मिली जनता की प्रतिक्रिया से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बौखला गई है और इसका सीधा जवाब देने में असमर्थ होने के कारण अब वह दूसरे हथकंडे अपना रही है।

बघेल ने कहा, ”किसी के द्वारा भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है और हम इसका समर्थन नहीं करते। राहुल जी की यात्रा (बिहार में) को मिली प्रतिक्रिया से भाजपा बौखलाई हुई है। जिस मंच पर कथित टिप्पणी की गई, वहां न तो राहुल जी और न ही राजद नेता तेजस्वी यादव जी मौजूद थे। यहां तक कि हमारे गठबंधन के नेता भी वहां मौजूद नहीं थे। ऐसे में किसी ने अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया।”

उन्होंने कहा, ”सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही खबरों से पता चलता है कि इस मामले में गिरफ्तार किया गया व्यक्ति भाजपा का सदस्य है और एक तस्वीर में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ भी देखा गया है।”

बघेल ने कहा, ”वे (भाजपा) बौखलाए हुए हैं। अब तक राहुल जी की यात्रा को मिली प्रतिक्रिया देखकर वे सदमे में थे और अब दूसरे हथकंडे अपना रहे हैं। वैसे, वे षड्यंत्रकारी हैं। वे गोडसे के अनुयायी और प्रशंसक हैं और षड्यंत्रों में विश्वास रखते हैं। इसलिए यह भी एक षड्यंत्र का हिस्सा हो सकता है।”

बघेल ने कहा, ”प्रधानमंत्री मोदी के पुराने भाषण रिकॉर्ड में हैं, जिनमें ’50 लाख रुपये की गर्लफ्रेंड’, ‘जर्सी गाय’ और ‘कांग्रेस की विधवा’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। यहां तक कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी पर भी मध्यप्रदेश के एक मंत्री ने टिप्पणी की थी, लेकिन भाजपा तब चुप रही। भाजपा नेताओं में अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने की परंपरा रही है। अगर भाजपा, कांग्रेस पर एक उंगली उठाती है, तो तीन उंगलियां उसकी ओर मुड़ जाती हैं।”

उन्होंने कहा कि मंच पर मौजूद न होने पर किसी के द्वारा कहे गए शब्दों के लिए राहुल गांधी से माफ़ी मांगने की मांग करना शर्मनाक है।

सियासी वार-पलटवार का दौर जारी बिहार में पीएम के अपमान पर उठा सियासी तूफान, ओबीसी के अपमान से जोड़ते हुए कांग्रेस और राहुल पर तीखे हमले..

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सियासी वार-पलटवार का दौर जारी बिहार में पीएम के अपमान पर उठा सियासी तूफान, ओबीसी के अपमान से जोड़ते हुए कांग्रेस और राहुल पर तीखे हमले..

‘सियासत में सब कुछ जायज है’ नेता अक्सर अपनी गलत बात को जायज ठहराने के लिए इसी जुमले का इस्तेमाल करते है, पर ये जुमला आज की सियासत की सबसे कड़वी सच्चाई बन चुका है, नेता अपने विरोधी पर निशाना साधने के लिए भाषा की मर्यादा को तार-तार करने पर तुले है, बीते कुछ घंटों के भीतर आए आपको ऐसे तीन बयान सुनाते है, जो ये बताने के लिए काफी है कि देश की राजनीति में बदजुबानी कैसे हावी होती जा रही है… शुरुआत करते है बिहार से जहां.. जहां राहुल गांधी के मंच से एक कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी की मां को लेकर अपशब्द कहे… जिसके खिलाफ देशभर में बीजेपी ने कांग्रेस को आड़े हाथ लिया.. दूसरी तरफ कांग्रेस खुद के बचाव में सफाई पेश करती नजर आई.. लेकिन बिहार में पीएम के अपमान पर जो सियासी तूफान उठा.. उससे राजनीति भी अछूती नहीं रही..

पीएम मोदी की मां को का कांग्रेस नेता की ओर से गाली दिए जाने के बाद जहां पटना में जमकर बवाल मचा… तो सियासी वार-पलटवार का दौर भी जारी रहा… कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने X पोस्ट कर लिखा-

“सत्य औऱ अहिंसा के आगे, असत्य और हिंसा टिक नहीं सकते…मारो-तोड़ो, जितना मारना-तोड़ना है.. हम सत्य और संविधान की रक्षा करते रहेंगे..

”इधर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी में एक सभा के दौरान कांग्रेस पर जमकर बरसे.. और कहा कि कांग्रेस और राहुल को अगर थोड़ी भी शर्म होगी तो मोदीजी और उनकी मां से माफी मांगे…”

”पीएम मोदी के अपमान पर केवल अमित शाह ही आक्रोशित नजर नहीं आए.. दरभंगा में दिए गए बयान के विरोध में बीजेपी ने भी मोर्चा संभाला.. और पूरी कांग्रेस को ही कठघरे में खड़ा कर दिया..”

गालीबाजी को ओबीसी के अपमान से जोड़ते हुए कांग्रेस और राहुल पर तीखे हमले

बीजेपी ने जहां कांग्रेस नेता की गालीबाजी को ओबीसी के अपमान से जोड़ते हुए कांग्रेस और राहुल पर तीखे हमले किए.. तो कांग्रेस खुद का बचाव करती नजर आई…

<< इनकी चोरी पकड़ी गई है इसलिए यह लोग बौखलाए हुए हैं। वह व्यक्ति कौन है जो गिरफ्तार हुआ, वह किसका आदमी है, आप पता लगाइए… जनता सब देख रही है और पूरा देश भाजपा की गुंडागर्दी देख रही है”>>

<<“यह बयान किसने दिया या किसका यह बयान है, इसकी जांच होनी चाहिए। कांग्रेस का कोई व्यक्ति नहीं चाहेगा कि प्रधानमंत्री या उनके निजी परिवार पर अपशब्द कहे जाएं। यह कांग्रेस की संस्कृति नहीं है… कार्रवाई कीजिए>>

कुल मिलाकर बिहार से लेकर देशभर में जिस तरह से पीएम मोदी के अपमान को लेकर बीजेपी आक्रामक है.. और इसे ओबीसी के अपमान से जोड़ रही है.. उससे साफ है कि- बीजेपी इस बार आर-पार के मूड में है.. तो कांग्रेस अपने नेता की गाली के कारण बैकफुट पर आ गई है..