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बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनाने की महती जिम्मेदारी शिक्षा विभाग पर – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय…

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छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग की रणनीति पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

अंजोर विजन के लघु, मध्यम और दीर्घकालीन लक्ष्यों पर व्यापक एवं गहन विमर्श

मुख्यमंत्री ने कहालक्ष्य बड़े हैं, इसलिए कार्ययोजना ठोस हो और क्रियान्वयन पूरी ईमानदारी से हो

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग के लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने वर्ष 2030 तक के लघु अवधि, 2035 तक के मध्य अवधि तथा दीर्घकालीन लक्ष्यों पर विस्तृत चर्चा की और अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना तैयार कर त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, और इसी क्रम में ‘अंजोर विजन’ के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति का सबसे सशक्त आधार शिक्षा है, क्योंकि दक्ष, कुशल और स्मार्ट बच्चे ही भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में शिक्षकों की संख्या राष्ट्रीय औसत से बेहतर है और सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समस्त जानकारी मुख्यमंत्री के साथ साझा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यदि एक शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को दृढ़ता से निभा ले, तो बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने शिक्षकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने, प्रतिभाशाली शिक्षकों को नेतृत्व के अवसर प्रदान करने और बेहतर अकादमिक माहौल विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी एवं बालवाड़ी के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अंजोर विजन 2047 के अंतर्गत 1000 मॉडल स्कूलों की स्थापना, स्कूल कॉम्प्लेक्स प्रणाली, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्कूलों की शुरुआत, एआई-आधारित मूल्यांकन प्रणाली, डिजिटल ऐप के माध्यम से व्यक्तिगत पाठ योजनाएं, शिक्षक प्रशिक्षण के उन्नयन तथा STEM शिक्षा के विस्तार जैसे प्रमुख लक्ष्यों की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने STEM शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु साइंस सिटी की स्थापना, विज्ञान मेलों के आयोजन और एआई एवं रोबोटिक्स लैब प्रारंभ करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में वर्ष 2035 तक ड्रॉपआउट दर को शून्य करने, राज्य स्तरीय ECCE समिति के गठन, शिक्षकों की भर्ती, मूल्यांकन केंद्रों को सुदृढ़ करने और आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों को निर्धारित कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने संबंधी विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कार्यप्रणाली — परीक्षार्थियों के डेटा संकलन, प्रश्नपत्र निर्माण, परीक्षा संचालन एवं मूल्यांकन — की समीक्षा की तथा हायर सेकेंडरी स्तर पर अतिरिक्त विषयों के विकल्प, प्रतियोगी परीक्षाओं पर आधारित प्रश्न बैंक, त्रुटिरहित मूल्यांकन व्यवस्था और गोपनीय प्रश्नपत्रों के परिवहन हेतु ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए।

बैठक में एनईपी 2020 के तहत नामांकन दर में हुई उल्लेखनीय वृद्धि, बालवाड़ी को स्कूली शिक्षा से जोड़ने, मातृभाषा-आधारित शिक्षण, ‘जादुई पिटारा’ एवं संवाद कार्यक्रम, इको क्लब की गतिविधियाँ, पीएम ई-विद्या के अंतर्गत डिजिटल प्रसारण तथा व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार जैसी उपलब्धियाँ भी प्रस्तुत की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंजोर विजन 2047 के लक्ष्य छत्तीसगढ़ की आने वाली पीढ़ी को सशक्त, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, मुख्य सचिव श्री विकास शील, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु पिल्लै, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार सहित स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

“भारत संतुलित व्यापार समझौते के लिए अमेरिका, इजरायल, कनाडा समेत 50 देश से कर रहा बातचीत : पीयूष गोयल”

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वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत संतुलित व्यापार समझौते के लिए 14 देशों और समूहों से बात कर रहा है, जिसमें अमेरिका, यूरोपीय संघ, जीसीसी देश, न्यूजीलैंड, इजरायल, यूरेशिया, कनाड, दक्षिण अफ्रीका और लैटिन अमेरिकी देशों का समूह मर्कोसुर समेत 50 देश शामिल हैं.

राष्ट्रीय राजधानी में भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) की वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, मॉरीशस, यूनाइटेड किंगडम और चार देशों के ईएफटीए ब्लॉक के साथ संतुलित और न्यायसंगत व्यापार समझौते पहले ही पूर्ण हो चुके हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हाल में आई भू-राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों के कारण दुनिया में भरोसेमंद साझेदारों और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं की जरूरत महसूस हुई है। इसी दृष्टिकोण के तहत भारत अपने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट नेटवर्क और आर्थिक साझोदारियों का विस्तार कर रहा है। इसके जरिए देश की कोशिश न्यायसंगत, पारदर्शी और आपसी लाभकारी व्यापारिक साझेदारी का निर्माण करना है।

गोयल ने भगवद्-गीता और महात्मा गांधी के स्वदेशी वस्तुओं के अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता ने ऐतिहासिक रूप से भारत की प्रगति का मार्गदर्शन किया है और यह देश की आर्थिक रणनीति का केंद्रबिंदु बनी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत पर ध्यान केंद्रित करने से यह दृष्टिकोण और भी मजबूत हुआ है।

हाल ही में हुए यूरोपीयन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (ईएफटीए) समझौते का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस समूह ने भारत में इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में 100 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने रिसर्च और इनोवेश में भारत की लागत प्रतिस्पर्धात्मकता का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में किए जाने वाले उच्च-गुणवत्ता वाले इनोवेशन यूरोप या अमेरिका की तुलना में बहुत कम लागत पर हासिल किए जा सकते हैं।

मंत्री ने फिक्की से इनोवेश को बढ़ावा देने, रिसर्च और विकास को गहरा करने, उद्योग-अकादमिक संबंधों को मजबूत करने और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में भारत की यात्रा का समर्थन करने के लिए एक मिशन-संचालित दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया।

“श्रीलंका में प्राकृतिक आपदा का कहर: भयंकर बाढ़ ने ली 56 लोगों की जान, दर्जनों लोग अभी भी लापता”

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श्रीलंका इस समय बहुत मुश्किल समय से गुज़र रहा है। कई दिनों से हो रही भारी बारिश ने देश के बड़े हिस्से को पानी में डुबो दिया है। बाढ़ और लैंडस्लाइड ने रोज़मर्रा की ज़िंदगी को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है।

ताज़ा सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 56 लोगों की मौत हो चुकी है, और 600 से ज़्यादा घरों को बहुत नुकसान हुआ है। श्रीलंका में बाढ़ की वजह से 60 लोग लापता हैं। अल जज़ीरा के मुताबिक, श्रीलंका के बीच के पहाड़ी इलाकों में हालात सबसे ज़्यादा खराब बताए जा रहे हैं। चाय उगाने वाले इलाकों जैसे बादुल्ला और नुवारा एलिया में लगातार लैंडस्लाइड हो रहे हैं, जिससे वहां रहने वाले परिवारों को बहुत मुश्किल हो रही है। कई घर मिट्टी में दब गए हैं, और कई गांव कट गए हैं। बाढ़ की वजह से इन दो ज़िलों में सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है।

सरकार ने पूरे देश में लॉकडाउन लगाया

लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए, एडमिनिस्ट्रेशन ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने ऐलान किया है कि सभी सरकारी ऑफिस और स्कूल फिलहाल बंद रहेंगे। नदियों और तालाबों में पानी का लेवल खतरनाक रूप से बढ़ गया है, इसलिए लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। सड़कें खराब, रेलवे बाधित

लैंडस्लाइड और बाढ़ की वजह से कई मेन सड़कें बंद हो गई हैं। कुछ जगहों पर रेलवे ट्रैक पर मलबा जमा हो गया है, जिससे कई ट्रेनों को रोकना पड़ा है। राजधानी कोलंबो और दूर-दराज के जिलों के बीच ट्रैफिक लगभग रुक गया है।

एयर फोर्स और नेवी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हैं

छतों पर फंसे लोगों को हेलीकॉप्टर से निकाला जा रहा है। नेवी की टीमें बाढ़ के पानी में फंसे परिवारों को नावों से सुरक्षित जगहों पर पहुंचा रही हैं। कई गांव अभी भी पानी में डूबे हुए हैं, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखना पड़ रहा है।

कार बहने से तीन लोगों की मौत

पूर्वी जिले अम्पारा में एक कार तेज बहाव की वजह से नदी में गिर गई। रेस्क्यू करने वाले पहुंचे, लेकिन अंदर मौजूद तीन लोगों को नहीं बचाया जा सका। इस घटना से बाढ़ की गंभीरता को लेकर लोगों का डर और बढ़ गया है।

अगले दो दिन बहुत अहम हैं

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश रुकने की उम्मीद नहीं है और अगले 48 घंटों में हालात और खराब हो सकते हैं। नए इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ऊंची जगहों पर रहें और पूरी सावधानी बरतें।

“भाषण के बाद स्लोगन से बचें. शीतकालीन सत्र से पहले राज्यसभा के नए नियम देख विपक्ष ने किया बवाल”

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संसद का विंटर सेशन 1 दिसंबर से शुरू हो रहा है। इस सेशन से पहले राज्यसभा की तरफ से MPs के बर्ताव को लेकर जारी बुलेटिन से एक नया विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) और कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों ने बुलेटिन पर बहुत नाराज़गी जताई है।

बुलेटिन में MPs को कई नई हिदायतें दी गई हैं। बुलेटिन के मुताबिक, MPs को “आबार,” “आबार,” “जय ​​हिंद,” और “वंदे मातरम” जैसे शब्दों के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी गई है। पार्लियामेंट की परंपराओं के मुताबिक, भाषण के आखिर में ऐसे नारे लगाने की मनाही है, इसलिए इनसे बचना चाहिए।

बुलेटिन में एक और ज़रूरी हिदायत यह है कि अगर कोई MP किसी मिनिस्टर की बुराई करता है, तो उसे मिनिस्टर के जवाब के दौरान हाउस में मौजूद रहना चाहिए। बुलेटिन में यह भी साफ़ किया गया है कि MPs हाउस के वेल में कुछ भी नहीं दिखा सकते। इसके अलावा, इसमें ऐसे किसी भी बर्ताव से बचने की सलाह दी गई है जिससे पार्लियामेंट की गरिमा कम हो या उसकी कार्यवाही में रुकावट आए।

इन हिदायतों के बाद, विपक्ष ने राज्यसभा के इस कदम का कड़ा विरोध किया है। बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जय हिंद और वंदे मातरम के नारे लगाने से मना करने को बंगाली पहचान से जोड़ते हुए अपने हमले तेज़ कर दिए हैं। इस बीच, BJP ने इस विवाद पर सावधानी से जवाब दिया है। पार्टी का कहना है कि राज्यसभा के निर्देश कोई नई बात नहीं है और संसदीय परंपराओं के मुताबिक हैं।

स्पीकर के फैसलों की आलोचना न करें

BJP का तर्क है कि शपथ ग्रहण के दौरान जय हिंद और वंदे मातरम के नारे लगाना पारंपरिक है, लेकिन भाषण के आखिर में ऐसी घोषणाओं से अक्सर कार्यवाही में रुकावट आती है। इसलिए, बुलेटिन में दिए गए सुझाव पूरी तरह से सही हैं। राज्यसभा बुलेटिन में यह भी कहा गया है कि सांसदों को सदन के अंदर या बाहर स्पीकर के फैसलों की आलोचना नहीं करनी चाहिए।

अगर आप आलोचना करते हैं, तो जवाब सुनने के लिए मौजूद रहें<br> उन्हें यह भी याद दिलाया जाता है कि वे सदन में कोई सबूत पेश करने से बचें। अगर कोई सदस्य किसी दूसरे सदस्य की आलोचना करता है, तो जवाब सुनने के लिए सदन में मौजूद रहना उनकी संसदीय ज़िम्मेदारी है। जवाब के दौरान गैरहाज़िरी को संसदीय शिष्टाचार का उल्लंघन माना जाएगा। इस बार शीतकालीन सत्र में पहली बार उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन उच्च सदन की अध्यक्षता करेंगे।

भारत में कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन से युवा पीढ़ी को मिलेगी प्रेरणा…

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भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी करने जा रहा है। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने इसे लेकर खुशी जताई है। उनका मानना है कि इससे खिलाड़ियों को अधिक मौके मिलते हैं।

2030 में आयोजित होने जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स पिछले कुछ वर्षों में देश में स्पोर्ट्स कल्चर काफी डेवलप हुआ है। भारत में कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन से देश को मिलने वाले मेडल की संख्या में इजाफा होगा। इसके साथ ही देश को आर्थिक रूप से भी लाभ मिलेगा। उनका मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के कारण यह संभव हो सका है।

ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने आईएएनएस से कहा, ” जब छोटे बच्चे देखते हैं कि भारत में इस तरह के खेल हो रहे हैं, तो इससे उन्हें बहुत प्रेरणा मिलती है। जब मैं 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स देखती थी तो सोचती थी कि मैं भी भारत का प्रतिनिधित्व करूंगी। अब जब यह भारत में हो रहा है तो इसकी बहुत खुशी है। जब कॉमनवेल्थ गेम्स दूसरे देशों में हो रहा हो, तो बहुत सारे लोग वहां जाकर इसे नहीं देख पाते, लेकिन जब यह भारत में हो रहा है, तो बहुत सारे छोटे बच्चे इसे देख सकते हैं। यह बहुत बड़ी बात है। इसका आयोजन गुजरात में हो रहा है, जो यहां के खिलाड़ियों के लिए बहुत बड़ी बात है। हमें लगता है कि यह एक बड़ा मौका है।”

ओलंपिक पदक विजेता ने कहा, “पहले क्रिकेट को बहुत महत्व दिया जाता था, लेकिन पीएम मोदी ने दूसरे खेलों को लेकर लोगों में दिलचस्पी पैदा की है। वह दूसरे खेलों के लिए बहुत कुछ कर रहे हैं। यह बहुत बड़ी बात है। सरकार अच्छा काम कर रही है।”

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी अहमदाबाद शहर को मिली है। इसकी मेजबानी के लिए भारत का मुकाबला नाइजीरिया के अबुजा से था, लेकिन कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने अफ्रीकी देश को 2034 के एडिशन के लिए विचार में रखने का फैसला किया।

“कांग्रेस का सबसे बड़ा किला डगमगाएगा? सिद्धारमैया-शिवकुमार की अंदरूनी लड़ाई से जाने BJP को कितना फायदा ?”

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कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच चल रही लड़ाई से कांग्रेस का सबसे बड़ा गढ़ गिरने का खतरा है। कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के अंदर संकट गहराता जा रहा है।

न तो शिवकुमार और न ही सिद्धारमैया पीछे हटने को तैयार हैं, और अब यह फैसला बेंगलुरु में नहीं, बल्कि दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान करेगा।

कर्नाटक कांग्रेस डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच बंटी हुई है। शिवकुमार का समर्थन करने वाले MLA और नेताओं ने खुले तौर पर मुख्यमंत्री बदलने की मांग की है। इस बीच, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपनी पॉलिटिकल लॉबिंग तेज कर दी है और अपनी कुर्सी बचाने के लिए दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान से मिलेंगे।

क्या कांग्रेस का कर्नाटक का गढ़ ढह जाएगा?

कांग्रेस तीन राज्यों: कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में अपने दम पर सत्ता में है। कर्नाटक इसका सबसे बड़ा गढ़ है, लेकिन राज्य में कुछ समय से पॉलिटिकल खींचतान चल रही है। मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच सत्ता की लड़ाई चल रही है, जिससे पार्टी की इमेज पर बुरा असर पड़ रहा है।

डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया दोनों ही एक-दूसरे के खिलाफ पब्लिक में बयान दे रहे हैं। इससे राज्य में गवर्नेंस पर असर पड़ रहा है और सरकार के कामकाज में रुकावट आ रही है। कांग्रेस दो धड़ों में बंटी हुई दिख रही है। एक खेमा शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश कर रहा है, जबकि दूसरा सिद्धारमैया को सपोर्ट कर रहा है। अगर यह खींचतान जारी रही, तो यह कांग्रेस के लिए पॉलिटिकल नुकसान साबित हो सकता है। इस तरह, कांग्रेस का एकमात्र असरदार गढ़ कर्नाटक भी टूटने के संकेत दे रहा है।

ढाई साल के फॉर्मूले पर लड़ाई

सिद्धारमैया सरकार के ढाई साल पूरे होने के साथ ही कर्नाटक में यह उथल-पुथल और तेज हो गई है। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही खींचतान के बाद सरकार बनने के दौरान ढाई साल के फॉर्मूले पर सहमति बनी थी। बताया जा रहा है कि 2023 में कांग्रेस की अचानक जीत के बाद यह तय हुआ था कि मुख्यमंत्री पद ढाई-ढाई साल के लिए बांटा जाएगा। इस फ़ॉर्मूले के तहत, पहले ढाई साल सिद्धारमैया CM रहेंगे, उसके बाद डीके शिवकुमार CM बनेंगे।

दरअसल, सिद्धारमैया का ढाई साल का टर्म पूरा हो गया है, और तब से डीके शिवकुमार के कैंप के MLA उन्हें CM बनाने की मांग कर रहे हैं। ऐसी खबरें हैं कि डीके शिवकुमार भी गांधी परिवार से मिलने दिल्ली आ रहे हैं। इस बीच, सिद्धारमैया कह रहे हैं कि उनकी पावर बढ़ी है, कम नहीं हुई है। उन्होंने कहा, “MLAs का दिल्ली जाना ठीक है। आखिरी फ़ैसला हाईकमान का है।” उन्होंने यह भी कहा कि 2023 में मिला मैंडेट पांच साल के लिए था।

BJP इंतज़ार करने के मूड में

कर्नाटक में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच चल रही लड़ाई में BJP इंतज़ार करने की स्ट्रैटेजी अपना रही है। ऐसा नहीं लगता कि वह अपनी तरफ़ से कोई पहल कर रही है। BJP नेता इसे कांग्रेस पार्टी का अंदरूनी झगड़ा बता रहे हैं। कर्नाटक से केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना ने कहा है कि BJP को डीके शिवकुमार की ज़रूरत नहीं है। BJP ने कहा कि अगर कांग्रेस में हिम्मत है तो वह विधानसभा भंग करके राज्य में चुनाव कराए। उन्होंने आगे कहा कि PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में BJP बहुत मजबूत है और उसे DK की जरूरत नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि कर्नाटक की हालत खराब है। सड़कों की हालत बहुत खराब है, और कांग्रेस पार्टी सत्ता के बंटवारे के नाटक में उलझी हुई है। कर्नाटक के लोगों ने इससे ज्यादा भ्रष्ट सरकार कभी नहीं देखी।

BJP के लिए कितना फायदेमंद?

BJP फिलहाल सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच चल रही खींचतान में नहीं पड़ना चाहती, क्योंकि उसे पता है कि दोनों कांग्रेस के अनुभवी नेता हैं। BJP की रणनीति है कि यह मुद्दा जितना लंबा खिंचेगा, उसे कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाने का उतना ही ज्यादा मौका मिलेगा। BJP का मानना ​​है कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद उसने जो वापसी की है और कर्नाटक में चल रहा सत्ता परिवर्तन उसके लिए फायदेमंद है। कांग्रेस के लिए ऐसी ही लड़ाई राजस्थान में हुई थी, जहां गहलोत और सचिन पायलट एक-दूसरे के खिलाफ खड़े थे। राजस्थान में BJP ने इंतज़ार करो और देखो वाला तरीका अपनाया, जिसका 2023 के चुनाव में उसे राजनीतिक फ़ायदा हुआ। छत्तीसगढ़ में भी BJP ने भूपेश बघेल और टी.एस. सिंहदेव के मामले में कोई जल्दबाज़ी नहीं दिखाई और 2023 में ज़बरदस्त बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की।

गेंद कांग्रेस हाईकमान के पाले में

कांग्रेस हाईकमान जल्द ही इस मुद्दे पर विचार करने वाला है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की मीटिंग होगी। इस मीटिंग में पार्टी के अंदर के राजनीतिक संकट को सुलझाने की कोशिश की जाएगी, लेकिन मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच चल रही बयानबाज़ी पार्टी को काफ़ी नुकसान पहुंचा रही है।

“Petrol-Diesel Rate Today: पेट्रोल-डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी! जानें क्या है आपके शहर का रेट?”

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जिन चीजों की कीमतें सीधे आपकी जेब को प्रभावित करती हैं उनमें पेट्रोल और डीजल का दाम सबसे ऊपर है। भारतीय तेल विपणन कंपनियों (Oil Marketing Companies) ने आज के लिए ईंधन की नई दरें जारी कर दी हैं।

आइए जानते हैं कि आज आपके शहर में पेट्रोल और डीजल किस कीमत पर मिल रहा है।

प्रमुख शहरों में स्थिरता लेकिन कुछ जगह बदलाव

राहत की बात यह है कि देश के कई प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल और डीजल के भाव में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। इनमें दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, चेन्नई, गुरुग्राम, बेंगलुरु, हैदराबाद, चंडीगढ़ और लखनऊ जैसे महानगर शामिल हैं। हालांकि कुछ शहरों में कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है जबकि पटना में आज दाम घटे हैं।

आज पेट्रोल की कीमतें (रुपये प्रति लीटर) शहर आज का दाम बदलाव (रुपये में)

  • नई दिल्ली 94.77 0.00 (स्थिर)
  • कोलकाता 105.41 0.00 (स्थिर)
  • मुंबई 103.50 0.00 (स्थिर)
  • चेन्नई 100.90 0.00 (स्थिर)
  • गुरुग्राम 95.36 0.00 (स्थिर)
  • बेंगलुरु 102.92 0.00 (स्थिर)
  • चंडीगढ़ 94.30 0.00 (स्थिर)
  • हैदराबाद 107.46 0.00 (स्थिर)
  • लखनऊ 94.69 0.00 (स्थिर)
  • नोएडा 95.12 +0.35 (बढ़ा)
  • भुवनेश्वर 101.03 +0.06 (बढ़ा)
  • जयपुर 104.72 +0.36 (बढ़ा)
  • तिरुवनंतपुरम 107.48 +0.08 (बढ़ा)
  • पटना 105.58 -0.02 (घटा)

आज डीजल की कीमतें (रुपये प्रति लीटर) शहर आज का दाम बदलाव (रुपये में)

  • नई दिल्ली 87.67 0.00 (स्थिर)
  • कोलकाता 92.02 0.00 (स्थिर)
  • मुंबई 90.03 0.00 (स्थिर)
  • गुरुग्राम 87.82 0.00 (स्थिर)
  • बेंगलुरु 90.99 0.00 (स्थिर)
  • चंडीगढ़ 82.45 0.00 (स्थिर)
  • हैदराबाद 95.70 0.00 (स्थिर)
  • लखनऊ 87.81 0.00 (स्थिर)
  • चेन्नई 92.48 -0.01 (घटा)
  • पटना 91.82 -0.01 (घटा)
  • नोएडा 88.29 +0.40 (बढ़ा)
  • भुवनेश्वर 92.60+0.05 (बढ़ा)
  • जयपुर 90.21 +0.33 (बढ़ा)
  • तिरुवनंतपुरम 96.48 +0.20 (बढ़ा)

“Post Office Scheme: Wife के साथ मिलकर कर दें बस यह छोटा निवेश, हर 3 महीने अकाउंट में आएंगे पूरे 45,100”

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सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद नियमित आय (Regular Income) बंद हो जाने से अक्सर लोगों को अपने खर्चों को पूरा करने की चिंता सताती है लेकिन अब भारतीय डाक विभाग (Post Office) की एक बेहतरीन योजना इस चिंता को दूर कर सकती है।

यह स्कीम डाकघर की योजनाओं में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाली मानी जाती है जिससे आप रिटायरमेंट के बाद भी एक निश्चित मासिक आय कमा सकते हैं। हम बात कर रहे हैं सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) की। यह योजना विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। यदि पति और पत्नी दोनों मिलकर ₹22 लाख (प्रत्येक ₹11 लाख) का एकमुश्त निवेश करते हैं तो उन्हें हर तीन महीने में ₹45,100 का ब्याज मिलेगा

SCSS की मुख्य विशेषताएं (Key Features)

विवरण जानकारी वर्तमान ब्याज दर 8.2% सालाना (सबसे ज्यादा) आय का प्रकार तिमाही (हर 3 महीने में) ब्याज का भुगतान निवेश का तरीका एकमुश्त (Lumpsum) जमा न्यूनतम निवेश 1,000, अधिकतम निवेश सीमा 30 लाख टैक्स लाभ आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत छूट मैच्योरिटी अवधि 5 साल (3 साल तक बढ़ाने का विकल्प)

कौन खोल सकता है यह खाता?

यह योजना विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए है लेकिन कुछ वर्गों को उम्र में छूट दी गई है: सामान्य वरिष्ठ नागरिक: 60 साल या उससे अधिक उम्र के व्यक्ति।

वीआरएस (VRS) लेने वाले सिविलियन कर्मचारी: 55 साल से अधिक और 60 साल से कम उम्र के रिटायर कर्मचारी जो रिटायरमेंट लाभ मिलने के एक महीने के अंदर खाता खोल सकते हैं।

रक्षा क्षेत्र (Defence Sector) के कर्मचारी: 50 साल से अधिक और 60 साल से कम उम्र के रिटायर कर्मचारी।

संयुक्त खाता (Joint Account): पति और पत्नी दोनों मिलकर भी यह खाता खुलवा सकते हैं।

बड़ा रिटर्न: ₹22 लाख निवेश पर हर माह ₹15,000

यह स्कीम रिटायरमेंट के बाद छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए एक शानदार विकल्प है। यदि पति और पत्नी मिलकर इस योजना में निवेश करते हैं तो लाभ और बढ़ जाता है।

उदाहरण के लिए:

यदि पति और पत्नी दोनों मिलकर ₹22 लाख (प्रत्येक ₹11 लाख) का एकमुश्त निवेश करते हैं तो उन्हें हर तीन महीने में ₹45,100 का ब्याज मिलेगा। इसका मतलब है कि उन्हें औसतन हर महीने लगभग ₹15,000 की आय प्राप्त होगी। इस तरह 5 साल की मैच्योरिटी अवधि में दंपति कुल ₹9,02,000 का ब्याज कमा लेंगे। 5 साल पूरे होने पर उनके निवेश किए गए ₹22 लाख उन्हें वापस मिल जाएंगे। इस मूलधन को वे फिर से निवेश करके आय का सिलसिला जारी रख सकते हैं।

प्री-मैच्योरिटी और क्लोजर नियम

खाताधारक इसे मैच्योरिटी से पहले भी बंद करा सकते हैं लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें हैं:

1 साल से पहले बंद करने पर: कोई ब्याज नहीं मिलेगा। अगर ब्याज मिल चुका है तो वह मूलधन से काट लिया जाएगा।

1 साल बाद पर 2 साल से पहले बंद करने पर: मूलधन का 1.5% काट लिया जाएगा।

2 साल बाद पर 5 साल से पहले बंद करने पर: मूलधन का 1% काट लिया जाएगा।

अवधि बढ़ाने (Extended Account) के बाद: एक्सटेंडेड अकाउंट को 1 साल के बाद बंद करने पर कोई पैसा नहीं काटा जाएगा।

22 लाख में कोई छोटा मोटा धंधा हो जाएगा आराम से, क्या फायदा 22 लाख का 1% से 22000 होता हैं 3 महीने का 66000

दिसंबर में 18 दिन बंद रहेंगे बैंक! अगले महीने अलग-अलग शहरों में छुट्टियां, जाने से पहले देखें पूरी लिस्ट…

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दिसंबर 2025 में अलग-अलग राज्यों में बैंकों की कुल 18 दिन छुट्टी रहने वाली है। ऐसे में अगर आपको किसी जरूरी काम के लिए बैंक जाना है, तो पहले ही तारीखें चेक कर लें ताकि समस्या न हो।

अब ज्यादातर बैंकिंग काम ऑनलाइन हो जाते हैं, लेकिन चेक जमा करना, डिमांड ड्राफ्ट बनवाना या लॉकर एक्सेस जैसे कई कामों के लिए शाखा में जाना जरूरी होता है। आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार हर रविवार और महीने के दूसरे व चौथे शनिवार को देशभर में बैंक बंद रहते हैं। इसके अलावा कई राज्यों में स्थानीय त्योहारों और विशेष अवसरों पर भी बैंक की छुट्टियां रहती हैं।

दिसंबर 2025 में इन तारीखों पर बंद रहेंगे बैंक

1 दिसंबर 2025 को राज्य उद्घाटन दिवस और स्वदेशी आस्था दिवस के चलते इटानगर और कोहिमा जोन में बैंकों की छुट्टी होगी। 3 दिसंबर 2025 को सेंट फ्रांसिस जेवियर के पर्व पर पणजी जोन में बैंकों की छुट्टी रहेगी।

7 दिसंबर 2025 को रविवार के चलते सभी बैंक बंद रहेंगे। 12 दिसंबर 2025 को पा तोगन नेंगमिंजा संगमा की पुण्यतिथि पर शिलांग जोन में बैंक बंद रहेंगे। 13 दिसंबर 2025 को दूसरे शनिवार के चलते बैंकों की छुट्टी रहेगी। 14 दिसंबर 2025 को रविवार के चलते बैंकों की छुट्टी रहेगी।18 दिसंबर 2025 को यू सोसो थाम की पुण्यतिथि पर शिलांग जोन में बैंक बंद रहेंगे।

19 दिसंबर 2025 को गोवा मुक्ति दिवस पर पणजी जोन में बैंकों की छुट्टी रहेगी। 20 दिसंबर 2025 को लॉसूंग/नामसूंग पर गैंगटोक जोन में बैंकों की छुट्टी रहेगी। 21 दिसंबर 2025 को रविवार के चलते बैंकों की छुट्टी रहेगी। 22 दिसंबर 2025 को लॉसूंग/नामसूंग पर गैंगटोक जोन में बैंकों की छुट्टी रहेगी।

24 दिसंबर 2025 को ​क्रिसमस ईव पर आइजोल, कोहिमा, शिलांग में बैंक बंद रहेंगे। 25 दिसंबर 2025 को क्रिसमस पर पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे। 26 दिसंबर 2025 को क्रिसमस सेलिब्रेशन के चलते आइजोल, कोहिमा, शिलांग में बैंक बंद रहेंगे। 27 दिसंबर 2025 को क्रिसमस पर कोहिमा और चौ​थे शनिवार के चलते पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे। 28 दिसंबर 2025 को रविवार की छुट्टी रहेगी। 30 दिसंबर 2025 को यू कियांग नांगबाह की पुण्यतिथि पर शिलांग में बैंक बंद रहेंगे। 31 दिसंबर 2025 को न्यू इयर ईव/इमोइनू इरत्पा पर आइजोल और इम्फाल में बैंक बंद रहेंगे।

“क्या प्रधानमंत्री यह सुनिश्चित करेंगे कि दक्षिण अफ्रीका G20 सम्मेलन में शामिल हो: कांग्रेस”

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कांग्रेस ने अमेरिका में अगले साल होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन के लिए दक्षिण अफ्रीका को आमंत्रित नहीं किए जाने संबंधी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर शुक्रवार को कहा कि क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने “मित्र” ट्रंप के साथ यह मुद्दा उठाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि दक्षिण अफ्रीका इस आयोजन में शामिल हो?

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि दक्षिण अफ्रीका और भारत एक विशेष संबंध साझा करते हैं तथा वे मूल ब्रिक्स समूह का हिस्सा हैं जिसमें ब्राजील, रूस और चीन भी शामिल हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि दक्षिण अफ्रीका को अगले वर्ष फ्लोरिडा में उनके देश की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण नहीं दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा है कि दक्षिण अफ्रीका कहीं भी सदस्यता के लिए ”योग्य” नहीं है। अमेरिका ने दक्षिण अफ्रीका से जी-20 की अध्यक्षता ग्रहण की है और वह एक दिसंबर, 2025 से 30 नवंबर, 2026 तक इस समूह का नेतृत्व करेगा।<br><br> रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की है कि दक्षिण अफ्रीका अमेरिका में आयोजित होने वाले अगले जी20 शिखर सम्मेलन का हिस्सा नहीं होगा।

दक्षिण अफ़्रीका शुरू से ही जी20 में रहा है क्योंकि यह अफ़्रीकी महाद्वीप में सकल घरेलू उत्पाद के आकार के आधार पर मापी जाने वाली सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।” उनका कहना है, ऐसा इसलिए नहीं है क्योंकि अमेरिका उस पर कोई एहसान कर रहा है। वह वाशिंगटन डीसी में आयोजित पहले जी20 शिखर सम्मेलन में मौजूद था, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू. बुश ने की थी और बाद के सभी जी20 शिखर सम्मेलनों में उसकी महत्वपूर्ण उपस्थिति रही है।

रमेश के मुताबिक, अक्सर यह टिप्पणी की जाती है कि एक भारतीय वकील (महात्मा गांधी) 19वीं सदी के अंत में दक्षिण अफ्रीका गया और 20वीं सदी के शुरुआती वर्षों में भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए एक क्रांतिकारी के रूप में घर लौटा। कांग्रेस महासचिव ने कहा, “भारत दशकों तक दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ वैश्विक अभियान में सबसे आगे रहा और इसके उपनिवेशवाद को खत्म करने के लिए उसने कड़ा संघर्ष किया। नेल्सन मंडेला भारतीयों के लिए भी एक प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं।” रमेश ने कहा, “प्रधानमंत्री अफ्रीका और ग्लोबल साउथ दोनों के स्व-घोषित चैंपियन हैं। क्या वह अपने अच्छे दोस्त (ट्रंप) के साथ दक्षिण अफ्रीका के मुद्दे को उठाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उसे अगले जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने का मौका मिले क्योंकि वह इसका पूरी तरह से हकदार है?”