Home Blog Page 49

‘BJP बताए 18 बड़ा या जीरो…?’, अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ भारत की ट्रेड डील पर उठाए सवाल…

0

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर ज़ोरदार हमला बोला है. उन्होंने सवाल किया कि सरकार को ये बताना चाहिए कि 18 बड़ा है या जीरो..

भाजपा के लोगों को लगता है कि 18 और शून्य बराबर हैं. हम चाहते हैं कि इस बात पर सदन में चर्चा होनी चाहिए. वहीं चीन के मुद्दे को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा है.

सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ख़ुद ही सदन नहीं चलाना चाहती है. खेत में काम करने वाले पीडीए के लोग बीजेपी के लोग नहीं है. दूध का काम तो पिछडे, आदिवासी और मुसलमान लोग करते हैं. आपने पूरा बाजार अमेरिका को दे दिया और अब सरकार बहस को बदलना चाहती है. आज विपक्ष की बैठक में तय किया जाएगा कि बीजेपी झूठ के अलावा कुछ नहीं बोलती है.

अमेरिका के साथ डील पर साधा निशाना

अखिलेश यादव ने अमेरिका से डील को लेकर सरकार पर हमला किया और कहा कि “इनकी गिनती क्या है 18 बड़ा कि शून्य..? बीजेपी ये समझती है 18 शून्य के बराबर है. अमेरिका से समझौता करके आए और फिर बजट का जो हलवा बना वो खाया किसने पहले? मैं समझ नहीं पा रहा कि बजट का हलवा किसने खाया? वो यहां बना या उनके लिए बनाया गया था. बीजेपी को ये समझाना चाहिए कि 18 बड़ा है या जीरो.

इसी तरह प्रधानमंत्री और बीजेपी के लोगों ने जो सात बार का सांसद था और केंद्रीय मंत्री उन्हें बनाया यूपी का अध्यक्ष और जो राज्य का विधायक था और जूनियर..उसे बनाया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष तो बताईए सात बड़ा कि पाँच.? हम चाहते है कि सदन में 18 जीरो के बराबर कैसे है इस पर चर्चा होनी चाहिए.

सीएम योगी को लेकर भी कसा तंज

अखिलेश यादव ने इस दौरान पीएम मोदी और सीएम योगी को लेकर भी तंज कसा और कहा कि इनके यूपी के नेता दिल्ली वालों को सलाम भी नहीं करते. न नमस्ते करते हैं. इनके अंदर ही इतना झगड़ा चल रहा है कि आप कल्पना नहीं कर सकते.

चीन पर विपक्ष की बात सुने सरकार

अगर चीन का सवाल है तो बीजेपी ये बताए कि 2014 से अभी तक भारत का क्षेत्रफल क्या है और 2014 से पहले क्या था? वो बहुत संवेदनशील बॉर्डर है. अगर विपक्ष कोई बात रखना चाहता है तो सरकार को उसे सुनना चाहिए और उस पर काम करना चाहिए. सपा ने ग्वालियर से लिपु लेख तक छह लेन की सड़क बनाने का सुझाव दिया था, मंजूरी मिली फोरलेन की और अब दो लेन का रोड बना रहे हैं. चीन इंफ्रास्ट्रक्चर क्या है और हमारा क्या है?

इसी तरह बुलेट ट्रेन जब मंजूर हुई तो एक लाख करोड़ की स्वीकृत हुई, फिर दो लाख का बजट हो गया और फिर उत्तर प्रदेश को बुलेट ट्रेन कब मिलेगी. जब यूपी ने पीएम को बनाया है तो यूपी को बुलेट ट्रेन कब मिलेगी? सुनने में आया है कि बुलेट ट्रेन गोरखपुर से होकर निकलेगी, जहां ये मेट्रो नहीं बना पाए. आज भी पानी परस जाए तो वहां नाव चलेगी. वाराणसी में यूपी के मुख्यमंत्री ने मेट्रो नहीं बनने दी.

तेज प्रताप के वैवाहिक रिश्तों वाले बयान पर JDU का पहला रिएक्शन, निशाने पर तेजस्वी यादव क्यों?

0

सियासी गलियारे में एक बार फिर लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की चर्चा है. बीते रविवार (08 फरवरी, 2026) को सोशल मीडिया पर यह चर्चा शुरू हो गई थी कि तेज प्रताप यादव को बेटी हुई है.

अनुष्का यादव ने एक बच्ची को जन्म दिया है. केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सार्वजनिक रूप से बधाई भी दे दी थी. इसके बाद तेज प्रताप ने रात में 8:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इन दावों को उन्होंने खारिज कर दिया. साफ कहा कि अनुष्का से उनका कोई संबंध नहीं है. बेटी होने की बात को भी अफवाह बताया. कोर्ट जाने की बात कही. इन सबके बीच जेडीयू का रिएक्शन आया है. निशाने पर तेजस्वी यादव रहे.

सोमवार (09 फरवरी, 2026) को जेडीयू के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, “देखिए उन्होंने अपनी ओर से वैवाहिक संबंधों को लेकर सफाई दे दी है. जहां तक राष्ट्रीय जनता दल के अंदर तेजस्वी यादव के खिलाफ जो असंतोष… तेज प्रताप यादव या रोहिणी आचार्य, या परिवार के अन्य सदस्यों के अंदर है, या जो पार्टी के अंदर रमीज या संजय यादव जैसे लोगों के खिलाफ जिस कदर नाराजगी बढ़ी है उससे बिल्कुल साफ है कि परिवार और पार्टी दोनों तेजस्वी यादव के व्यवहार से असहज है.”

आरजेडी के नेताओं-कार्यकर्ताओं को दी सलाह

राजीव रंजन ने कहा, “कहीं न कहीं जो पार्टी का निराशाजनक प्रदर्शन हुआ है आरजेडी बहुत मुश्किल से 25 सीटें जीत पाई है. दरअसल दो अंकों में भी पहुंच पाना यह सिलसिला जारी रहेगा तो आने वाले वर्षों में उनके लिए और मुश्किल हो जाएगी. इसलिए जरूर आरजेडी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को सोचना होगा कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आरजेडी कैसे गुमनामी के अंधेरे में जाने से बच सके.”

तेज प्रताप यादव के बयान के बाद भले सियासत शुरू हो गई है लेकिन अब देखना होगा कि इस पर आगे क्या कुछ होता है. बता दें कि अनुष्का का ही मामला जब सामने आया था तो तेज प्रताप यादव को पार्टी से उनके पिता लालू यादव ने निष्कासित कर दिया था. परिवार से तेज प्रताप को अलग होना पड़ा. इसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाई. महुआ से 2025 में चुनाव लड़े लेकिन हार गए.

India-US Trade Deal: ‘विदेश नीति कंट्रोल करने के लिए हथियार…’, टैरिफ को एक्सपर्ट ने बताया US-इंडिया ट्रेड डील में ट्रंप की चाल…

0

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए फ्री ट्रेड डील (FTA) को जहां दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद माना गया, वहीं अमेरिका के साथ भारत के हुए अंतरिम ट्रेड डील को लेकर अभी भी कई तरह से विवाद जारी हैं.

दोनों देशों के बीच हुए इस व्यापार समझौते को एक्सपर्ट्स अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत की विदेश नीति कंट्रोल करने के लिए हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की चाल करार दे रहे हैं.

यूएस-इंडिया ट्रेड डील में नहीं है बराबरी- चेलानी

रणनीतिक एक्सपर्ट्स डॉ. ब्रह्मा चेलानी ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने यूएस-इंडिया ट्रेड डील में कई एकतरफा कदमों के जरिए इस व्यवस्था को बराबरी की साझेदारी के बजाए पैट्रन-क्लाइंट नैरेटिव के रूप में पेश किया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, ‘इसकी शुरुआत सोमवार (2 फरवरी, 2026) को डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर भारतीय समय के मुताबिक रात करीब 10:42 बजे की गई एकतरफा घोषणा से की. जिसमें उन्होंने इस समझौते को मोदी के अनुरोध पर दिया गया एक एहसान बताया और कहा कि यह दोस्ती और सम्मान के तहत किया गया है.’

उन्होंने कहा कि ट्रंप की घोषणा के करीब 40 मिनट बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर प्रतिक्रिया देते हुए टैरिफ में कटौती के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद दिया, लेकिन उन्होंने जानबूझकर इस दौरान ट्रेड डील शब्द का इस्तेमाल नहीं किया और ट्रंप की ओर से बताए गए किसी भी शर्त की पुष्टि नहीं की

US ने भारत को अधीन दिखाने की कोशिश की- चेलानी

चेलानी ने कहा कि इसके कुछ दिन बाद शनिवार (7 फरवरी, 2026) को भारतीय समयानुसार सुबह 5 बजे अमेरिका के व्हाइट हाउस ने एक संयुक्त बयान जारी किया, जो कूटनीतिक प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन माना गया. इसमें समय, कई टर्म्स और डील के प्रमुख बिंदुओं, जिसमें विशेष रूप से भारत की ओर से 500 अरब डॉलर की खरीद की प्रतिबद्धता और रूस से तेल खरीद बंद करने के कथित तौर पर वादे, को एकतरफा तरीके से पेश कर भारत को अपने अधीन दिखाने के तौर पर पेश किया गया.

उन्होंने कहा कि संयुक्त बयान जारी करने के एक घंटे के बाद व्हाइट हाउस ने इस डील में सबसे ज्यादा दबाव बनाने वाली बात का खुलासा किया, जो राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकारी आदेश में शामिल स्नैपबैक मैकेनिज्म था. इसके तहत रूस से सीधे या किसी तीसरे देश के जरिए कच्चा तेल खरीद को बंद करने की शर्त पर ही भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत टैरिफ हटाया गया है. इसी तरह अमेरिका ने भारत की विदेश नीति को कंट्रोल करने के लिए ट्रेड को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया है.

यह ट्रेड डील शर्त पर बनाई हुई व्यवस्था है- चेलानी

चेलानी ने कहा, ‘हालांकि, भारत सरकार ने टैरिफ में कमी को एक आर्थिक उपलब्धि के तौर पर पेश किया है, लेकिन यह समझौता एक स्थायी तौर पर संवेदनशीलता की स्थिति भी पैदा करता है. इसमें अमेरिका को भारत की शर्त पालन की निगरानी करने का भी अधिकार मिलता है, जबकि भारत अगर अपनी स्ट्रैटेजिक ऑटोनोमी पर जोर देता है तो उस पर तुरंत 50 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ दोबारार से लगाए जा सकते हैं.’

उन्होंने कहा कि इस तरह से जिसे ट्रेड डील की तरह से पेश किया जा रहा है, वह असल में एक शर्त के आधार पर बनाई हुए व्यवस्था बन जाती है, जिसमें भारत की आर्थिक स्थिरता और एनर्जी सिक्योरिटी वाशिंगटन की जियो-पॉलिटिकल प्राथमिकताओं के अनुरूप रहने पर निर्भर दिखाई देती है.

निवेशकों के लिए जैकपॉट! इस स्मॉल-कैप शेयर ने दिया 27,775% रिटर्न, 1 लाख बने 2.79 करोड़…

0

भारतीय शेयर बाजार में निवेशक अक्सर मल्टीबैगर रिटर्न देने वाले शेयरों की तलाश में रहते हैं. ऐसे में निवेशकों की नजर इन दिनों एक स्मॉल-कैप शेयर पर टिकी है. शिवालिक बायमेटल कंट्रोल्स लिमिटेड ने पिछले 15 साल से भी कम समय में अपने शेयरधारकों को लगभग 27,775 फीसदी का जबरदस्त रिटर्न दिया है.

जिससे निवेशकों को तगड़ा मुनाफा कमाने का अवसर मिला है. कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप करीब 2,899 करोड़ रुपये है. आइए जानते हैं, इस मल्टीबैगर स्टॉक के बारे में…..

एक लाख के निवेश पर करोड़ों का रिटर्न

शिवालिक बायमेटल कंट्रोल्स लिमिटेड के शेयरों ने अपने निवेशकों को तूफानी रिटर्न देते हुए आश्चर्य में डाल दिया है. आंकड़ों की बात करें तो, अगर कोई निवेशक अगस्त 2013 में शिवालिक बायमेटल कंट्रोल्स लिमिटेड के शेयर में सिर्फ 1 लाख रुपये लगाता तो आज वही निवेश लगभग 2.79 करोड़ रुपये में बदल चुका होता.

उस समय शेयर की कीमत 1.72 रुपये थी. वहीं आज के ताजा भाव के अनुसार कंपनी शेयर करीब 503 रुपये पर ट्रेड कर रहे हैं. इतनी जबरदस्त बढ़त और रिटर्न की वजह से यह मल्टीबैगर स्टॉक फिर से निवेशकों की नजरों में छा गया है.

मैनेजमेंट ने FY26 के ग्रोथ अनुमान में किया बदलाव

कंपनी ने अपने FY26 के ग्रोथ आउटलुक में हाल ही में थोड़े बदलाव किए हैं. पहले जहां 12-15 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद थी, अब उसे घटाकर करीब 10 प्रतिशत कर दिया गया है.

कंपनी का कहना है कि बाजार की मौजूदा स्थिति और कुछ सेगमेंट में धीमी गति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. इसके बावजूद, मैनेजमेंट को भरोसा है कि लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ की कहानी मजबूत बनी रहेगी.

बीएसई पर कंपनी शेयर का हाल

बीएसई पर सोमवार, 9 फरवरी को कंपनी शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है. सुबह करीब 11 बजे कंपनी शेयर 3.86 प्रतिशत या 18.70 रुपये की तेजी के साथ 503.40 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे. दिन का इंट्रा डे हाई 506 रुपये था.

कंपनी शेयरों के 52 सप्ताह के हाई लेवल की बात करें तो इस दौरान शेयरों ने 604 रुपये का आंकड़ा छूआ था. वहीं 52 सप्ताह का लो लेवल 378 रुपये है. कंपनी का मार्केट कैप करीब 2,899 करोड़ रुपये है.

क्या अंधेरे में डूब जाएगा बांग्लादेश? अडानी ग्रुप ने दे दी बिजली की सप्लाई रोकने की चेतावनी…

0

बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं. इस बीच, अडानी ग्रुप ने बिजली के बकाए का भुगतान करने के लिए एक लेटर भेजा है. बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (PDB) को बकाए बिल का भुगतान करने के साथ ही साथ अडानी ग्रुप ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर बकाया पेमेंट नहीं किया गया, तो बिजली की सप्लाई खतरे में पड़ सकती है.

लेटर में किन बातों का हुआ जिक्र?

बांग्लादेश के मशहूर अखबार प्रथम आलो की रिपोर्ट के मुताबिक, 29 जनवरी को अडानी पावर लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट अविनाश अनुराग ने बकाए पेमेंट के भुगतान को लेकर PDB चेयरमैन को एक लेटर भेजा था.

इसमें कहा गया था कि पावर प्लांट के लगातार रेगुलर ऑपरेशन को सुनिश्चित करने के लिए तुरंत 112.7 मिलियन डॉलर (लगभग 1,000 करोड़ रुपये) का पेमेंट करना जरूरी है. इस टोटल अमाउंट में पिछले साल जून तक का 53.2 मिलियन डॉलर का बकाया भी शामिल है. इसके अलावा, अक्टूबर में पावर सप्लाई के लिए 59.6 मिलियन डॉलर का बकाया भी शामिल है. इस रकम के लिए बार-बार रिक्वेस्ट करने के बावजूद बांग्लादेश इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड अभी तक इसका पेमेंट करने में नाकाम रहा है.

बिजली की सप्लाई रूकने पर आ गई बात

बांग्लादेश बिजली विभाग को लिखे पत्र में अडानी ग्रुप ने चेतावनी दी है कि बढ़ते बकाए रकम के चलते बिजली के उत्पादन पर बहुत ज्यादा दबाव है इसलिए अगर बकाया पेमेंट नहीं किया जाता है, तो पावर सप्लाई, मेंटेनेंस, और पावर प्लांट से जुड़े पार्टनर्स को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

बता दें कि बांग्लादेश झारखंड के गोड्डा में अडानी पावर (Adani Power) के प्लांट से बड़े पैमाने पर बिजली खरीदता है. बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड के बकाए का ही नतीजा है कि पिछले साल 1600 मेगावाट की टोटल सप्लाई में से सिर्फ 8.2 परसेंट बिजली की ही आपूर्ति की गई, जो 8.63 अरब यूनिट थी. अडानी ग्रुप और बांग्लादेश बिजली विभाग के बीच भुगतान में देरी होने के लेकर खटास है, लेकिन सप्लाई फिर भी जैसे-तैसे जारी है.

पहले भी दी गई चेतावनी

पिछले साल, अडानी ग्रुप ने बकाया पेमेंट की मांग करते हुए एक ऐसा ही लेटर भेजा था, जिसमें PDB को 10 नवंबर की डेडलाइन दी गई थी. लेटर में साफ कहा गया था कि अगर पैसे नहीं मिले, तो 11 नवंबर से बिजली की सप्लाई बंद कर दी जाएगी. नतीजतन, बांग्लादेश ने उस महीने अडानी को 100 मिलियन डॉलर का भुगतान किया, लेकिन दिसंबर से बकाया रकम फिर से बढ़ने लगी.

भारतीय टीम ने तोड़ा ऑस्ट्रेलिया का घमंड, आईसीसी टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली बनी टीम…

0

आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपने अभियान का आगाज टीम इंडिया ने जीत के साथ किया है. इस टूर्नामेंट के पहले मैच में भारत ने यूएसए के खिलाफ 29 रनों से जीत दर्जकर कई रिकॉर्ड्स बनाए.

आईसीसी वर्ल्ड कप में 100 जीत दर्ज करने वाला भारत दूसरा देश बन गया है, जबकि ओलओवर आईसीसी टूर्नामेंट की बात करें तो टीम इंडिया ने इतिहास रच दिया है. वनडे वर्ल्ड कप, टी20 वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी और WTC फाइनल मिलाकर टीम इंडिया आईसीसी टूर्नामेंट्स में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टीम बन गई है. इस मामले में भारत ने ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड तोड़ा है.

आईसीसी टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टीम बनी भारत

क्रिकेट के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया के नाम सबसे ज्यादा 10 आईसीसी ट्रॉफी जीतने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है. उन्होंने अभी तक 6 वनडे वर्ल्ड कप, 1 टी20 वर्ल्ड कप, 2 चैंपियंस ट्रॉफी और 1 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का खिताब जीता है. ये 10 ट्रॉफी उन्होंने आईसीसी टूर्नामेंट में कुल 122 मैच जीतकर अपने नाम की है, जबकि 7 आईसीसी ट्रॉफी अपने नाम करने वाली टीम इंडिया अब आईसीसी टूर्नामेंट में सबसे अधिक 123 मैच जीतने वाली टीम बन गई है. भारत ने 2 वनडे वर्ल्ड कप, 2 टी20 वर्ल्ड कप और 3 चैंपियंस ट्रॉफी जीतने का कारनामा किया है.

आईसीसी टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टीमें; ODIWC + CT + T20WC + WTC फाइनल)

  • भारत – 123 जीत
  • ऑस्ट्रेलिया – 122 जीत
  • न्यूजीलैंड – 101 जीत
  • इंग्लैंड – 95 जीत
  • साउथ अफ्रीका – 92 जीत
  • पाकिस्तान – 91 जीत
  • श्रीलंका – 87 जीत
  • वेस्टइंडीज – 82 जीत
  • बांग्लादेश – 30 जीत
  • जिम्बाब्वे – 19 जीत
  • अफगानिस्तान – 18 जीत

नामीबिया से टीम इंडिया का अगला मैच

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया का अगला मैच नामीबिया के खिलाफ 12 फरवरी को होगा. इस टूर्नामेंट का सबसे हाईवोल्टेज मुकाबला भारत बनाम पाकिस्तान 15 फरवरी को खेला जाएगा. हालांकि, इस मुकाबले पर अभी भी काले बादल छाए हुए हैं, क्योंकि पाकिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ मैच खेलने से इनकार कर दिया है. हालांकि अभी तक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) अधिकारिक तौर पर आईसीसी को लिखित रूप में नहीं दिया है. इसलिए उम्मीद है कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान अपने इस फैसले से पलट जाएगा.

आपके कंप्यूटर की स्पीड स्लो कर रही है यह चीज, आज ही हटा दें, चुटकियों में होगा काम…

0

नया कंप्यूटर या लैपटॉप लेते ही अधिकतर लोग एंटीवायरस इंस्टॉल करते हैं. कोई नहीं चाहता कि मालवेयर या वायरस के कारण उनके डेटा की चोरी हो. ज्यादातर मौकों पर एंटीवायरस काम भी करते हैं और ये डेटा चोरी और मालवेयर अटैक से बचा सकते हैं, लेकिन अब एंटीवायरस सुइट में VPN, पैरेंटल कंट्रोल और ब्राउजर एड-ऑन्स जैसी चीजें आने लगी हैं, जिससे ये कंप्यूटर के ज्यादातर रिसोर्सेस यूज कर लेते हैं और आपको ऐप्स और फाइल्स खोलने में ज्यादा समय लगने लगता है.

सिस्टम को स्लो कर देते हैं एंटीवायरस

एंटीवायरस सॉफ्टवेयर खुद को साइलेंट प्रोटेक्टर के तौर पर दिखाते हैं और बैकग्राउंड में काम करते हैं, लेकिन इसका असर पूरे सिस्टम पर दिखता है. जैसे ही आप सिस्टम पर कोई फाइल ओपन, डाउनलोड, कॉपी या मॉडिफाई करते हैं, एंटीवायरस उसे स्कैन करता है. इसी तरह शेड्यूल्ड स्कैनिंग भी होती है. इस कारण कई बार सिस्टम की स्पीड स्लो हो जाती है और आपको काम करने में अधिक टाइम लगने लगता है. रुटीन स्कैन में यह फिर भी परफॉर्मेंस को कम प्रभावित करता है, लेकिन फुल स्कैन में इससे कंप्यूटर की परफॉर्मेंस पर काफी असर पड़ता है. साधारण यूज के दौरान इसका ज्यादा पता नहीं चलता, लेकिन वीडियो एडिटिंग, गेमिंग और दूसरे हाई-एंड टास्क करते समय यह काफी परेशान करता है.

इससे बचाव का तरीका क्या है?

अगर एंटीवायरस के कारण आपका सिस्टम भी स्लो हो गया है तो इस अनइंस्टॉल करने के अलावा भी एक तरीका है. आप इसे अपनी जरूरतों के हिसाब से फाइन-ट्यून कर सके हैं, जिससे यह कम रिसोर्सेस में काम करेगा. इससे आपके कंप्यूटर की परफॉर्मेंस पर भी असर नहीं पड़ेगा और प्रोटेक्शन भी मिलती रहेगी. अगर आप इससे बिल्कुल ही परेशान हो गए हैं तो इसे अनइंस्टॉल भी कर सकते हैं. घबराने की जरूरत नहीं है. माइक्रोसॉफ्ट डिफेंडर से आपको बिना एंटीवायरस भी फुल प्रोटेक्शन मिलती रहती है.

Google Gemini और ChatGPT को टक्कर देने आ गया भारत का Sarvam AI! दुनिया रह गई हैरान, जानिए कैसे है सबसे अलग…

0

Sarvam AI: अब तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में अमेरिका और चीन का ही दबदबा माना जाता था. भारत को अक्सर सिर्फ टैलेंट का बाजार समझा गया न कि कोर AI डेवलपमेंट का केंद्र. लेकिन बेंगलुरु की स्टार्टअप Sarvam AI इस सोच को तेजी से बदल रही है.

कंपनी भारत में ही शुरू से तैयार किए गए अपने सॉवरेन AI मॉडल के दम पर अब ग्लोबल टेक दिग्गजों को सीधी चुनौती दे रही है.

Sarvam Vision ने बड़े AI मॉडल्स को छोड़ा पीछे

Sarvam AI के दो टूल इन दिनों खास चर्चा में हैं Sarvam Vision और Bulbul. Sarvam Vision एक OCR (ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन) आधारित AI मॉडल है जिसने कुछ चुनिंदा बेंचमार्क्स पर ChatGPT, Google Gemini और Anthropic Claude जैसे बड़े नामों को पीछे छोड़ दिया है. इसकी सटीकता इतनी बेहतर बताई जा रही है कि यूजर्स और AI एक्सपर्ट्स खुलकर इसकी तारीफ कर रहे हैं.

बेंचमार्क स्कोर ने बढ़ाई दुनिया की दिलचस्पी

Sarvam AI के को-फाउंडर प्रत्युष कुमार ने X पर पोस्ट्स के जरिए इन उपलब्धियों की जानकारी दी. कंपनी के मुताबिक Sarvam Vision ने olmOCR-Bench पर 84.3 प्रतिशत की एक्यूरेसी हासिल की है जो Gemini 3 Pro और DeepSeek OCR v2 जैसे मॉडलों से ज्यादा है. वहीं ChatGPT का स्कोर इससे काफी नीचे रहा.

इतना ही नहीं, OmniDocBench v1.5 पर भी Sarvam Vision ने 93.28 प्रतिशत का शानदार स्कोर किया. खास बात यह रही कि जटिल लेआउट, टेक्निकल टेबल्स और गणितीय फॉर्मूले जैसे मुश्किल हिस्सों में भी इसका प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा जहां पारंपरिक OCR सिस्टम अक्सर फेल हो जाते हैं.

आलोचना से तारीफ तक का सफर

Sarvam AI को पहले सिर्फ इंडिक लैंग्वेज मॉडल्स पर फोकस करने को लेकर संदेह की नजर से देखा गया था. लेकिन अब वही शक सराहना में बदल रहा है. टेक कमेंटेटर Deedy Das ने भी माना कि उन्होंने Sarvam को कम आंका था. उनके मुताबिक Sarvam के OCR और स्पीच मॉडल भारतीय भाषाओं के लिए बेहद मजबूत हैं और उस खाली जगह को भरते हैं, जिसे बड़े ग्लोबल AI लैब्स ने नजरअंदाज कर दिया था. यूजर्स की प्रतिक्रियाएं भी कुछ ऐसी ही हैं. कई लोगों ने Sarvam के टूल्स को इस्तेमाल करने के बाद हैरानी और उत्साह दोनों जताया है.

OCR के साथ-साथ Sarvam AI ने अपना नया टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल Bulbul V3 भी लॉन्च किया है. यह AI वॉयस टूल भारतीय भाषाओं में नेचुरल और एक्सप्रेसिव आवाजें तैयार करने पर फोकस करता है. इसका कॉन्सेप्ट ElevenLabs जैसे इंटरनेशनल AI वॉयस प्लेटफॉर्म से मिलता-जुलता है लेकिन भारत-केंद्रित जरूरतों के हिसाब से इसे खास तौर पर डिजाइन किया गया है. फिलहाल Bulbul V3 में 11 भारतीय भाषाओं में 35 से ज्यादा आवाजें उपलब्ध हैं और कंपनी जल्द ही इसे 22 भाषाओं तक विस्तार देने की योजना में है.

“Sunday Box Office: संडे को ‘बॉर्डर 2’ का फिर दिखा भौकाल, ‘मर्दानी 3’ ने भी मारी बाजी, जानें- ‘वध 2’ सहित बाकी फिल्मों का हाल”

0

रविवार को बॉक्स ऑफिस पर नई रिलीज फिल्मों से लेकर कुछ हफ्ते पुरानी मूवीज ने धमाल मचा दिया. जहां नीना गुप्ता और संजय मिश्रा स्टारर ‘वध 2’ और हिट टीवी शो ‘भाभीजी घर पर हैं’ पर बनी फिल्म की कमाई में तेजी नजर आई. इस बीच, रानी मुखर्जी की ‘मर्दानी 3’ और सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ जैसी बड़े बैनर की फिल्में ने तो वीकेंड पर खूब नोट छाप डाले.चलिए यहां जानते हैं बाकी फिल्मों ने संडे को टिकट खिड़की पर कितना कलेक्शन किया?

‘वध 2’ ने संडे को कितनी की कमाई?

साल 2022 की क्राइम थ्रिलर ‘वध’ की दूसरी किस्त, ‘वध 2’, में नीना गुप्ता, संजय मिश्रा और अमित के सिंह ने काम किया है. 6 फरवरी, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई इस फिल्म ने पहले दिन 0.5 करोड़ रुपये और दूसरे दिन 0.71 करोड़ रुपये कमाए. इंडस्ट्री ट्रैकर सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने रविवार को भी 1 करोड़ रुपये कमाए. इसके साथ ही, फिल्म का कुल कलेक्शन 2.50 करोड़ रुपये हो गया है.जसपाल सिंह संधू द्वारा निर्देशित यह फिल्म एक जेल गार्ड और एक कैदी के बीच के रिश्ते की कहानी पर बेस्ड है.

भाभीजी घर पर हैं! फन ऑन द रन

ने संडे को कितनी कमाई की

टीवी शो भाभीजी घर पर हैं की सक्सेस के बाद, मेकर्स ने शो की कहानी को बड़े पर्दे पर पेश करने का फैसला किया. शशांक बाली द्वारा निर्देशित, फिल्म भाभीजी घर पर हैं! फन ऑन द रन इस हफ्ते रिलीज़ हुई लेकिन दर्शकों को आकर्षित करने में नाकाम रही. अपने पहले दिन फिल्म ने 0.2 करोड़ रुपये कमाए और दूसरे दिन 0.35 करोड़ रुपये कमाए. वहीं तीसरे दिन यानी संडे को फिल्म ने 0.32 करोड़ की कमाई की जिसके बाद इसका का नेट इंडिया कलेक्शन 0.87 करोड़ रुपये हो पाया है. फिल् ममें रोहिताश गौड़, शुभांगी अत्रे, रवि किशन, आसिफ शेख मुख्य भूमिकाओं में हैंय

मर्दानी 3 ने दूसरे संडे कितना किया कलेक्शन

रानी मुखर्जी की क्राइम थ्रिलर मर्दानी 3 बॉक्स ऑफिस पर ठीक परफॉर्म कर रही है. पहले हफ्ते में इस फिल्म ने 26.3 करोड़ का कलेक्शन किया था. इसके बाद 8वें दिन फिल्म ने 1.85 करोड़ और 9वें दिन 3.5 करोड़ कमाए. वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक मर्दानी 3 ने रिलीज के 10वें दिन यानी दूसरे सोमवार को 4 करोड़ का कलेक्शन किया है. इसी के साथ मर्दानी 3 की 10 दिनों की भारत में नेट कमाई 35.65 करोड़ रुपये हो गई है. रानी के अलावा, फिल्म में मल्लिका प्रसाद और जानकी बोडीवाला भी मुख्य भूमिकाओं में हैं.

बॉर्डर 2 ने तीसरे संडे कितनी की कमाई

सनी देओल और वरुण धवन की बॉर्डर 2 भारतीय बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा रही है. फिल्म ने अपनी थिएट्रिकल रिलीज़ के 17 दिनों के अंदर भारत में 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है. इंडस्ट्री ट्रैकर सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म के कलेक्शन में तीसरे संडे को कलेक्शन में तेजी दिखाई और 6.90 करोड़ का कलेक्शन कर डाला, वहीं तीसरे शनिवार इस फिल्म की कमाई 5.25 करोड़ रुपये रही थी. इसी के साथ भारत में इसका कुल नेट कलेक्शन अब 309.4 करोड़ रुपये हो गया है.

मना शंकरा वारा प्रसाद गारू ने चौथे संडे कितनी की कमाई

चिरंजीवी की फिल्म मना शंकरा वारा प्रसाद गारू ने बॉक्स ऑफिस पर बेहद शानदार परफॉर्म किया है. रिलीज के 28वें दिन यानी चौथे संडे को भी इस फिल्म ने कमाई में तेजी दिखाई और सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक 1 करोड़ की कमाई कर डाली. इसी के साथ मना शंकरा वारा प्रसाद गारू की 28 दिनों की कुल कमाई अब 212.45 करोड़ रुपये हो गई है.

सावधान! लोकल चार्जर इस्तेमाल करने के ये हैं 3 बड़े खतरे, कीमती फोन हो जाएगा डैमेज…

0

फोन के बिना कुछ पल भी रह पाना मुश्किल हो गया है क्योंकि छोटे से लेकर बड़े सभी काम, अब स्मार्टफोन की मदद से पूरे हो जाते हैं. मोबाइल खरीदने के लिए तो लोग हजारों-लाखों रुपए खर्च कर देते हैं लेकिन जब बात आती है चार्जर की, तो अक्सर देखा गया कि लोग कुछ पैसे बचाने के चक्कर में मार्केट जाकर लोकल चार्जर खरीद लाते हैं.

शुरुआत में तो लगता है कि हमने सस्ता चार्जर खरीदकर पैसे बचा लिए लेकिन एक गलत चार्जर आपके कीमती फोन को डैमेज भी कर सकता है, हम आज आप लोगों को लोकल चार्जर इस्तेमाल करने के कुछ खतरों के बारे में बताने वाले हैं जो आपके फोन को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

फोन और आपके लिए खतरा

ऑरिजनल के बजाय लोकल चार्जर का इस्तेमाल करने से न सिर्फ फोन को बल्कि आपको भी नुकसान हो सकता है. चौंक गए कि वो कैसे? लोकल चार्जर की वजह से फोन में ओवरहीटिंग की दिक्कत हो सकती है जिससे फोन का टेंपरेचर बढ़ सकता है. अगर ये टेंपरेचर ओवर हो गया तो फोन फटने की भी नौबत आ सकती है, अब ऐसे में मान लीजिए कि फोन जेब में पड़ा है तो आपको भी चोट पहुंच सकती है.

बैटरी हेल्थ को नुकसान

स्मार्टफोन में लिथियम-आयन (Li-ion) बैटरी का इस्तेमाल होता है. असली उर्फ ऑरिजनल चार्जर एक स्थिर वोल्टेज और करंट फोन में सप्लाई करता है. वहीं, लोकल चार्जर में खराब क्वालिटी के कैपेसिटर का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे करंट बार-बार फ्लकचुएट (ऊपर-नीचे) होता है. इससे बैटरी डैमेज होती है और बैटरी का लाइफस्पैन भी कम होने लगता है.

सेफ्टी रिस्क का खतरा

ऑरिजनल चार्जर को बनाते वक्त और बनाने के बाद कई टेस्ट किए जाते हैं, ये चार्जर शॉर्ट सर्किट प्रोटेक्शन जैसी खूबियों से पैक्ड होते हैं. वहीं, दूसरी ओर लोकल चार्जर में इन चीजों को नजरअंदाज कर दिया जाता है जिस वजह से शॉर्ट सर्किट जैसा खतरा बना रहता है.