दुनियाभर में तेल और गैस के संकट के बीच ईरान की तरफ से गुड न्यूज आई है. उसने समुद्री रूट स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जहाजों की आवाजाही को आसान बनाने का ऐलान किया है. भारत के 20 जहाज अब भी होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की वजह से वेस्ट एशिया में अटके हैं.
इस बीच ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सिक्योरिटी काउंसिल को संदेश भेजकर बताया है कि वह इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही को आसान करेगा. हालांकि, ईरान ने इसे लेकर कुछ शर्तें भी लगाई हैं. वहीं, भारत सरकार ने मिडिल ईस्ट में फंसे गैस और तेल के 20 जहाजों पर भी बड़ा अपडेट दिया है.
रॉयटर्स की खबर के अनुसार संदेश में ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने का प्लान शेयर किया है. ईरान ने होर्मुज को खोलने के साथ कुछ शर्तें भी लगाई हैं, जिनके तहत जिन जहाजों को गैर-शत्रुतापूर्ण (Non-Hostile) माना जाता है, उन्हें यहां से गुजरने की अनुमति दी जा सकती है और वो भी ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल बैठाने और तय किए गए सेफ्टी प्रोटोकॉल करने के बाद, जबकि अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों पर प्रतिबंध लागू रहेगा.
ईरानी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी संदेश में होर्मुज में फंसे जहाजों को लेकर स्पष्ट किया गया है कि अमेरिका, इजरायल के साथ ही उन देशों के तेल-गैस से भरे जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट पार करने की अनुमति दी नहीं जाएगी, जो किसी भी तरह से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं.
ईरान की ओर से रविवार (22 मार्च, 2026) को संयुक्त राष्ट्र सिक्योरिटी काउंसिल और यूएन के महासचिव एंटोनियो गुतेरस को संदेश भेजा गया था, जो मंगलवार को लंदन स्थित 176 सदस्यों के अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन को भेजा गया. इस एजेंसी का काम इंटरनेशनल शिपिंग की सेफ्टी और सिक्योरिटी को सुनिश्चित करना है. ईरान ने कहा कि उसने उन देशों के जहाजों को होर्मुज का इस्तेमाल करने से रोकने के लिए जरूरी और उचित उपाय किए हैं, जिन्हें वह हमलावर मानता है.
मंगलवार को भारत सरकार की ओर से होर्मुज के रास्ते तेल और गैस की सप्लाई पर बड़ा अपडेट दिया गया है. शिपिंग, वॉटरवेज और पोर्ट्स मिनिस्ट्री के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश सिन्हा ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के वेस्ट साइड 20 भारतीय जहाज हैं, जो चेकपॉइंट को पार करने के लिए तैयार हैं. हालांकि, कब तक ये जहाज भारत पहुंचेंगे, इसे लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है.



