Home Blog Page 5

UP Final Voter List: फाइनल वोटर लिस्ट में भी जिनका नहीं नाम, उनका क्या होगा, क्या छोड़ना पड़ेगा यूपी? जानें नियम

0

उत्तर प्रदेश की नई वोटर लिस्ट जारी हो गई है. ऐसे में लाखों लोगों के मन में एक ही सवाल उठ रहा है कि अगर उनका नाम लिस्ट में नहीं है तो अब क्या होगा? क्या वोट देने का अधिकार खत्म हो जाएगा या राज्य छोड़ना पड़ेगा?

इन सवालों के बीच चुनाव आयोग ने साफ किया है कि नियम क्या कहते हैं और ऐसे लोगों के पास कौन-कौन से विकल्प मौजूद हैं. यहां पूरी प्रक्रिया समझना जरूरी है ताकि कोई अपना अधिकार न खोए और परेशान न हों.

फाइनल वोटर लिस्ट जारी

इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के तहत उत्तर प्रदेश में एसआईआर-2026 के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है. यह अभियान 27 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 166 दिन चला. इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद राज्य की नई वोटर लिस्ट सामने आई है, जिसमें बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिला है.

लिस्ट में कितने वोटर हुए कम

नई सूची के मुताबिक पहले जहां कुल मतदाता 15.44 करोड़ थे, अब यह घटकर 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 रह गए हैं. यानी करीब 2 करोड़ नाम सूची से हट गए हैं. हालांकि ड्राफ्ट लिस्ट (6 जनवरी 2026) में संख्या 12.55 करोड़ थी, जो सुधार और नए नाम जोड़ने के बाद बढ़ी है. नई सूची में 18-19 साल के 3.33 लाख से ज्यादा नए मतदाता जुड़े हैं. कुल मतदाताओं में पुरुषों की संख्या 7.30 करोड़ (54.54%) और महिलाओं की संख्या 6.09 करोड़ (45.46%) है. लिंगानुपात भी सुधरकर 1000 पुरुषों पर 834 महिलाएं हो गया है, जो पहले 824 था.

अगर लिस्ट में नाम नहीं है तो क्या होगा?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर किसी का नाम फाइनल वोटर लिस्ट में नहीं है तो क्या उसे यूपी छोड़ना पड़ेगा? जवाब साफ है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है. वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने का मतलब सिर्फ इतना है कि फिलहाल आप वोट नहीं डाल सकते हैं, लेकिन इससे आपकी नागरिकता या रहने के अधिकार पर कोई असर नहीं पड़ता है.

नाम जुड़वाने का क्या है तरीका?

अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम फाइनल वोटर लिस्ट में नहीं है, तो वह कभी भी फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकता है. यह प्रक्रिया लगातार चलती रहेगी, यह किसी खास समय तक सीमित नहीं है. इसके लिए आवेदन ऑनलाइन भी किया जा सकता है और मोबाइल नंबर के जरिए रजिस्ट्रेशन भी किया जा सकता है.

सिर्फ नाम जोड़ने ही नहीं, बल्कि गलत या अपात्र नाम हटाने की प्रक्रिया भी जारी रहती है. इसके लिए फॉर्म-7 का इस्तेमाल किया जाता है. अगर किसी मृत व्यक्ति या गलत तरीके से जुड़े नाम को हटाना हो, तो यह प्रक्रिया भी आसान है और ऑनलाइन उपलब्ध है.

अपील का अधिकार भी है मौजूद

अगर किसी को लगता है कि उसका नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो वह अपील कर सकता है. Representation of the People Act, 1950 की धारा 24 के तहत पंजीकरण अधिकारी (ERO) के फैसले के खिलाफ 15 दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के पास अपील की जा सकती है. इसके बाद भी असंतोष होने पर 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास दूसरी अपील का विकल्प मौजूद है.

ऑनलाइन चेक और आवेदन कैसे करें?

मतदाता अपना नाम आसानी से ऑनलाइन चेक कर सकते हैं. इसके लिए आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना नाम खोजा जा सकता है. वहीं से नया आवेदन, सुधार या हटाने की प्रक्रिया भी पूरी की जा सकती है. इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और आसान बन गई है.

राज्यसभा सांसद बनने के साथ नीतीश कुमार के नाम दर्ज हुआ रिकॉर्ड, ऐसा करने वाले बिहार के छठे नेता…

0

बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली है. इसके साथ ही नीतीश कुमार ने एक रिकॉर्ड भी कायम कर दिया है.

दरअसल नीतीश कुमार बिहार के छठे ऐसे नेता बन गए, जो चारों सदन के सदस्य बनने वाले सूची में शामिल हो गए. नीतीश कुमार से पहले बिहार से पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि, बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी के कद्दावर नेता रहे स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी, राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा तथा वर्तमान में बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने ये रिकॉर्ड अपने नाम किया है.

यह पहले पांच ऐसे नेता रह चुके हैं, जो विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य के रूप में अपनी राजनीतिक पारी को खेल चुके हैं. नीतीश कुमार सांसद रहते हुए मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हो रहे हैं, वह अब पार्टी को मार्गदर्शन देने का काम करेंगे. उन्हें बधाई देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने नीतीश कुमार को देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक बताया हैं और उनके सुशासन और प्रतिबद्धता की सराहना की है.

नागमणि का ये रहा था सफर

बिहार की राजनीति में अलग स्थान रखने वाले और बिहार के लेनिन के नाम से प्रसिद्ध जगदेव प्रसाद के पुत्र नागमणि सदन के सदस्य रह चुके हैं. सबसे ज्यादा पार्टी बदलने का रिकॉर्ड बनाने वाले नागमणि ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 70 के दशक में की थी. 1977 में नागमणि पहली बार कुर्था से विधायक बने थे. इसके बाद वो चतरा लोकसभा सीट से सांसद रह चुके हैं. नागमणि बिहार विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं. 2002-04 में नागमणि राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं. 2006 में नागमणि बिहार विधान परिषद के सदस्य बने थे हालांकि 2009 के लोकसभा चुनाव को लड़ने के लिए उन्होंने अपने सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. इनकी पत्नी सुचित्रा सिंह बिहार सरकार में मंत्री रह चुकी हैं.

लालू प्रसाद ने भी बनाया रिकॉर्ड

बिहार की राजनीति के दिग्गज और राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव भी उसे सूची में शामिल हैं, जिस सूची में बहुत कम लोग अपना स्थान बना पाए हैं. दरअसल लालू प्रसाद यादव भी बिहार विधानसभा बिहार विधान परिषद के सदस्य के साथ-साथ राज्यसभा सदस्य और लोकसभा सदस्य के रूप में अपनी राजनीतिक पारी को खेल चुके हैं. 1977 में लोकसभा के लिए चुने जाने के वक्त लालू प्रसाद यादव सबसे युवा सदस्य के रूप में थे. 1980 में लालू प्रसाद यादव पहली बार बिहार विधानसभा के लिए चुने गए थे तब उन्होंने कांग्रेस पार्टी को उम्मीदवार को हराया था. 1998 में लालू प्रसाद यादव फिर लोकसभा के लिए चुने गए. 2002 में वह राज्यसभा के सदस्य बने. 2004 में लालू प्रसाद यादव ने लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ ली और केंद्र में तत्कालीन यूपीए सरकार में रेल मंत्री भी बने.

सुशील मोदी के नाम भी अनूठा रिकॉर्ड

पटना यूनिवर्सिटी से अपने राजनीतिक पारी का आगाज करने वाले भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता रहे और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी भी उस सूची में शामिल है, जो बिहार विधानसभा, बिहार विधान परिषद, राज्यसभा और लोकसभा के सदस्य रह चुके हैं. सुशील कुमार मोदी ने 1990 में राजधानी के कुम्हरार सीट से जीत हासिल की थी. 2004 में वह भागलपुर लोकसभा सीट से लोकसभा के लिए चुने गए थे. इसके बाद वह बिहार विधान परिषद के सदस्य रहे साथ-साथ वह बिहार के डिप्टी सीएम भी रहे. 2020 से 2024 तक वह राज्यसभा के भी सदस्य रह चुके हैं.

कभी लालू के साथ अब बीजेपी के रामकृपाल भी रहे मेंबर

राजन सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के कभी करीबी माने जाने वाले रामकृपाल यादव भी उसे सूची में शामिल हैं, जिस सूची में बिहार से बहुत कम राजनेता पहुंचे हैं. 1985-86 में पटना के डिप्टी मेयर के रूप में अपनी राजनीतिक पारी का आगाज करने वाले राम कृपाल यादव 1992-93 तक बिहार विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं. 1996 में वे फिर विधान परिषद के लिए चुने गए. इसके बाद वह लोकसभा के लिए चुने गए थे. कालांतर में रामकृपाल यादव ने लालू प्रसाद यादव के साथ अपनी राजनीतिक दूरी बनाई और वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए नरेंद्र मोदी वन सरकार में वह केंद्रीय मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं.

हालांकि 2010 में वह राजद की तरफ से ही राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे. 2025 में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने उनको दानापुर विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारा था. इस सीट पर उन्होंने राजद के रीतलाल यादव को हराया और इसके साथ ही इस सूची में अपना नाम दर्ज कर लिया.

उपेंद्र कुशवाहा ने भी खेली पारी

बिहार के उन गिने चुने राजनेताओं में उपेंद्र कुशवाहा का भी नाम शामिल है, जो लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य के रूप में काम कर चुके हैं. भूपेंद्र कुशवाहा को बिहार की राजनीति में लव कुश समीकरण के प्रमुख नेता के रूप में देखा जाता है. कुशवाहा 2000 से 2005 तक बिहार विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं. जबकि 2014 से लेकर के 2019 तक वह काराकाट लोकसभा क्षेत्र से चुनाव जीत दर्ज कर चुके हैं.

उपेंद्र कुशवाहा नरेंद्र मोदी सरकार पार्ट वन में केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री भी रह चुके हैं. कुशवाहा 2021 से 2023 तक बिहार विधान परिषद के भी सदस्य के रूप में अपनी सेवा दे चुके हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा ने काराकाट लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था हालांकि उनका जीत नहीं मिल सकी थी. वह तीसरे नंबर पर चले गए थे, इसी साल अगस्त में वह राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए थे.

अब नीतीश कुमार का भी जुड़ा नाम

चारों सदनों के सदस्य की सूची में शामिल होने वाला सबसे नया नाम बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का है. 1985 में पहली बार विधायक बने नीतीश कुमार ने अपना सियासी सफर अपने गृह जिले नालंदा के हरनौत सीट से किया था. इस सीट पर नीतीश कुमार ने 1995 में दूसरी बार जीत दर्ज की थी. 1995 के बाद नीतीश कुमार केंद्र की राजनीति में सक्रिय हो गए. नीतीश 1989, 1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 में कुल 6 बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं.

1989 से 2000 तक उन्होंने केंद्र में कृषि मंत्री और रेल मंत्री के पद पर भी काम किया. नीतीश कुमार का विधान परिषद का कार्यकाल भी काफी लंबा रहा है. 2006 में नीतीश कुमार पहली बार बिहार विधान परिषद के सदस्य बने. जबकि 2012 में वह दूसरी बार सदस्य बने. 2018 में तीसरी बार और 2024 में वह चौथी बार बिहार विधान परिषद के लिए चुने गए. 2025 में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए ने बिहार में प्रचंड जनादेश हासिल किया था. अब चुनाव के बाद नीतीश कुमार ने 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली और नीतीश कुमार के शपथ लेने के साथ ही उनके नाम उस सूची में शामिल हो गया, जो चारों सदनों के सदस्य रह चुके हैं.

चाबहार भारत और ईरान की दोस्ती का गोल्डन ब्रिज: ईरानी दूतावास

0

भारत और ईरान के बीच मजबूत संबंध युद्ध के बीच भी खराब नहीं हुए हैं. भारत में ईरानी दूतावास ने गुरुवार को चाबहार पोर्ट की तस्वीरें साझा कीं और इसे ईरान-भारत दोस्ती का गोल्डन ब्रिज कहा.

यह संदेश ऐसे समय में आया है जब ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल युद्ध में युद्ध विराम के बाद तेहरान और वाशिंगटन के बीच बातचीत चल रही है.

एक्स पर एक पोस्ट में ईरान एंबेसी ने चाबहार पोर्ट की तस्वीरें शेयर कर इस पोर्ट को ‘ईरान-भारत मित्रता का स्वर्णिम पुल’ कहा. पोस्ट में बंदरगाह की भूमिका को सहयोग के प्रतीक के रूप में दिखाया गया है, भले ही भू-राजनीतिक तनाव क्षेत्रीय कूटनीति को आकार देना जारी रखे हुए है. यह आउटरीच अमेरिका और ईरान की ओर से हफ्तों के संघर्ष के बाद दो सप्ताह के अस्थायी युद्ध विराम पर सहमत होने के के बाद आई है, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता के तहत वार्ता जारी रहने की उम्मीद है.

भारत और ईरान के रिश्ते में क्यों गोल्डन ब्रिज है चाबहार?

भारत की चाबहार पोर्ट में भूमिका मुख्य रूप से रणनीतिक, आर्थिक और कनेक्टिविटी आधारित है. यह भारत की एक्ट ईस्ट, कनेक्ट सेंट्रल एशिया और INSTC (International North-South Transport Corridor) नीतियों का खास हिस्सा है. पाकिस्तान को बाईपास करके अफगानिस्तान, मध्य एशिया (तुर्कमेनिस्तान, उज्बेकिस्तान आदि), रूस और यूरोप तक पहुंच बनाने के लिए चाबहार भारत के लिए एक गोल्डन गेट की तरह काम करता है.

मई 2024 में भारत और ईरान के बीच 10 साल के लिए एक समझौता हुआ था. इसके तहत इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) को शहीद बहेश्ती टर्मिनल (Shahid Beheshti Terminal) का संचालन, उपकरण लगाने और विकास का अधिकार मिला. भारत इस पोर्ट पर अब 120 मिलियन डॉलर (लगभग 1000 करोड़ रुपये) का निवेश कर चुका है.

कल होगी संघर्ष विराम की वार्ता

पाकिस्तान की भागीदारी से मध्यस्थता किए गए इस संघर्ष विराम का उद्देश्य तनाव कम करना, महत्वपूर्ण शिपिंग मार्गों को फिर से खोलना और व्यापक बातचीत के लिए जगह बनाना है. लेबनान में चल रहे इज़राइली हमलों ने इस नाजुक बना दिया है. शनिवार को इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिकी डेलीगेशन के बीच सीजफायर को लेकर वार्ता होगी.

संघर्ष विराम की बातचीत से पहले चाबहार पर ज़ोर देकर ईरान यह संदेश दे रहा है कि आर्थिक पार्टनरशिप खासकर भारत के साथ, US के साथ बातचीत के दौरान भी जारी रहेगी. यह स्ट्रेटेजिक जगह पर मौजूद पोर्ट भारत की अफगानिस्तान और सेंट्रल एशिया से कनेक्टिविटी के लिए बहुत ज़रूरी है, जबकि यह पाकिस्तान को बायपास करता है, और दोनों देशों ने इसे बार-बार आपसी रिश्तों की नींव बताया है.

क्या ईरान भारतीय जहाजों से भी वसूल रहा पैसा? होर्मुज पार करने के लिए बाकी देश दे रहे 20 लाख डॉलर, विदेश मंत्रालय ने क्या बताया…

0

अमेरिका-ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर के बावजूद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाज के गुजरने को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है. ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले कुछ जहाजों से 20 लाख डॉलर वसूल रहा है.

भारत इस रास्ते से स्वतंत्र और सुरक्षित आवागमन का रुक अपनाया है. पाकिस्तान में होने वाली अमेरिका-ईरान वार्ता में यह विवाद का मुद्दा बना हुआ है.

होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से कितना वसूल रहा ईरान?

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य अलाएद्दीन बोरौजेर्दी ने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) को बताया कि होर्मुज पार करने वाले कुछ जहाजों से ट्रांजिट शुल्क के रूप में 2 मिलियन डॉलर वसूलना ईरान की ताकत को दर्शाता है. 28 फरवरी को ईरान पर शुरू हुए हमले के बाद से ये रास्ता तेल और गैस ले जाने वाले जहाजों के लिए बंद हो गया.

क्या भारत से भी पैसे वसूल रहा ईरान?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से अस्थायी सीजफायर की घोषणा के बाद भारत ने कहा कि वह ईरान से हताहतों की संख्या को लेकर बात नहीं किया है. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘होर्मुज स्ट्रेट पर टोल लगाए जाने की खबरें हमें भी मिली है. भारत इस रास्ते से जहाज के स्वतंत्र और सुरक्षित गुजरने की मांग जारी रखता है. हमने पहले भी यही बातें कही है.’

सीजफायर से पहले भी ईरान की ओर से शु्ल्क वसूलने की खबरें आई थी. वहीं ईरान ने भारत को मित्र देश के रूप में इस रास्ते से आवागमन की अनुमति दी है. ऐसे में सवाल है कि क्या भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अपने जहाज निकालने के लिए ईरान को ट्रांजिट शुल्क दिया था. केंद्र सरकार ने इस बात से इनकार किया है कि ईरान को ऐसा कोई भुगतान किया गया था.

भारत सुरक्षित शिपिंग की मांग जारी रखेगा: जायसवाल

रणधीर जायसवाल ने 9 अप्रैल को कहा, ‘होर्मुज स्ट्रेट से जहाज गुजरने के बदले पैसे को लेकर हमारे और ईरान के बीच कोई बात नहीं हुई है. भविष्य में अगर ऐसी स्थिति बनती है तो उस समय इस पर निर्णय लिया जाएगा. हम होर्मुज स्ट्रेट से बिना किसी रोक-टोक के और सुरक्षित शिपिंग की मांग जारी रखेंगे.’ इस रास्ते से भारतीय ध्वज वाले 8 एलपीजी टैंकर गुजरे हैं. भारत अपनी तेल और गैस आपूर्ति के लिए मिडिल ईस्ट पर अत्यधिक निर्भर है, जिसमें से 90 फीसदी तक आयात किया जाता है.

छत्तीसगढ़ में खुलेंगे 150 नए स्वामी विवेकानंद स्कूल, सरकार ने लगभग 100 करोड़ रुपये के बजट की स्वीकृति…

0

स्वामी विवेकानंद स्कूल खुलने से शिक्षा व्यवस्था और बेहतर होगी’

छत्तीसगढ़ में खुलेंगे 150 नए स्वामी विवेकानंद स्कूल, स्मार्ट लैब-लाइब्रेरी...

छत्तीसगढ़ में 150 नए स्वामी विवेकानंद स्कूल खुलेंगे. हर ब्लॉक में एक विवेकानंद स्कूल होगा. इन नए स्कूलों को अत्याधुनिक बनाया जाएगा. इसमें स्मार्ट भवन, लैब और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं होंगी.

वहीं कंप्यूटर के लिए भी विशेष सुविधाएं दी जाएंगी. इन स्कूलों के लिए करीब 100 करोड़ रुपये के बजट की स्वीकृति दी गई है. राज्य में वर्तमान में 751 आत्मानंद स्कूल और 343 पीएम श्री स्कूल हैं. ऐसे में स्वामी विवेकानंद स्कूल खुलने से शिक्षा व्यवस्था और बेहतर होगी.

इन स्कूलों को ग्रामीण ब्लॉक में विकसित करने की योजना है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गांवों के छात्रों को भी शहरों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके.

छत्तीसगढ़ विधानसभा में पिछले माह स्कूल शिक्षा विभाग का 22466 करोड़ रुपये का बजट पारित हुआ था, जिससे उम्मीद लगाई जा रही है कि जल्द राज्य में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे.

सरकार ने पहली क्लास से योग और वैदिक गणित को पढ़ाने का निर्णय लिया. इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित करने की घोषणा भी इस बजट का महत्वपूर्ण हिस्सा रही थी.

इन योजनाओं का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ सरकारी स्कूलों की छवि को मजबूत करना है. बजट के प्रावधानों से राज्य के नक्‍सल प्रभावित इलाकों में शिक्षा की शुरुआत होने जा रही है.

राजनीतिक दृष्टि से भी शिक्षा विभाग का बजट महत्वपूर्ण माना जा रहा है. शिक्षा क्षेत्र में बड़े निवेश के जरिए राज्य सरकार यह संदेश देना चाहती है कि प्रदेश में शिक्षा सुधार उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है.

ग्रामीण क्षेत्रों में उत्कृष्ट स्कूल खोलने का फैसला उन इलाकों के छात्रों को बेहतर शिक्षा देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जहां अब तक प्राइवेट स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूलों की सुविधाएं सीमित रही हैं.

डिजिटल मार्कशीट और ऑनलाइन ट्रांसफर सर्टिफिकेट जैसी व्यवस्थाएं भी प्रशासनिक पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने की कोशिश मानी जा रही हैं.

मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार, cg में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस…

0

बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में 12 अप्रैल के बाद गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है। इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज होने की संभावना जताई गई है।

छत्तीसगढ़ में एक बार फिर भीषण गर्मी का दौर लौटने वाला है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार, आने वाले चार दिनों में प्रदेश के तापमान में तेज उछाल देखने को मिलेगा। खासकर मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में गर्मी का असर ज्यादा रहेगा।

बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में 12 अप्रैल के बाद गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है। इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज होने की संभावना जताई गई है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है। प्रदेश में अभी मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। पिछले 24 घंटों में कहीं-कहीं बहुत हल्की बूंदाबांदी जरूर दर्ज की गई, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का असर नहीं रहा। मौसम के शुष्क बने रहने से तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, ओडिशा के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण और उससे जुड़ी उत्तर-दक्षिण ट्रफ लाइन मौसम को प्रभावित कर रही है। इसके चलते बादलों की गतिविधि सीमित है और गर्मी का असर बढ़ रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही कई जिलों में लू चलने की स्थिति बन सकती है। दोपहर के समय 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चलने की संभावना है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। राजधानी रायपुर में आसमान साफ रहेगा और धूप तेज रहेगी। यहां अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

Mahatari Vandana Yojana: महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के लिए जरूरी खबर…

0

Mahatari Vandana Yojana E-kyc: महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के लिए जरूरी खबर, जल्द ही करवा ले ये काम, फिर हर महीने खाते में आएंगे एक हजार रुपए’

Mahatari Vandana Yojana E-kyc राज्य शासन द्वारा समस्त हितग्राही मूलक योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने वाले हितग्राहियों का ई-केवायसी कराये जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत महिला एवं बाल विकास विभाग की महतारी वंदन योजना के तहत लाभान्वित समस्त महिलाओं का ई-केवायसी कराया जाना है।

Mahatari Vandana Yojana E-kyc kaise kare महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि जिले में महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 01 लाख 80 हजार महिलाओं को प्रतिमाह लाभान्वित किया जा रहा है, इनमें से लगभग 27 हजार महिलाओं का ई-केवायसी पूर्ण हो चुका है। इस प्रकार जिले में महतारी वंदन योजना से लाभान्वित लगभग 01 लाख 53 हजार हितग्राहियों का ई-केवायसी कराया जाना है। इन महिलाओं के नाम, सूची संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के महतारी वंदन एप के लॉगिन आईडी में उपलब्ध है। केवल इन्हीं महिलाओं का ई-केवायसी निकट के कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर निःशुल्क कराया जा सकता है।

Mahatari Vandana Yojana महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा राज्य स्तर से चिप्स को नोडल एजेंसी बनाते हुए उनके अधीनस्थ संचालित कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से उक्त कार्य निःशुल्क कराये जाने के निर्देश दिये गए हैं। साथ ही सभी परियोजनाओं में व्हीएलई एवं पर्यवेक्षकों का संयुक्त प्रशिक्षण भी आयोजित किया जा चुका है। महतारी वंदन योजना से लाभान्वित ऐसी समस्त महिलाएं जिनका ई-केवायसी नहीं हुआ है उन्हें आवश्यक अभिलेखों जैसे अद्यतन आधार कार्ड की मूलप्रति एवं आंगनबाडी कार्यकर्ता से महतारी वंदन योजना का हितग्राही पंजीयन क्रमांक प्राप्त कर निकट के कॉमन सर्विस सेंटर सीएससी में अपना ई-केवायसी कराने कहा गया है, ताकि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत निरन्तर लाभान्वित किया जा सके।

Mahatari Vandana Yojana उल्लेखनीय हैं कि महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिन महिलाओं का ई-केवायसी 2-3 माह पूर्व कराया जा चुका है उन्हें पुनः ई-केवायसी कराये जाने की आवश्यकता नहीं है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए निकट की आंगनबाडी कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षक से संपर्क किया जा सकता है।

CG Cabinet Meeting: साय कै​बिनेट की होगी बैठक, अहम मुद्दों पर हो सकती है चर्चा, कई परियोजनाओं को मिल सकती है मंजूरी’

0

CG Cabinet Meeting छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक बार फिर कैबिनेट की बैठक (Sai Cabinet Meeting) होने जा रही है। जानकारी के अनुसार, 15 अप्रैल को मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक पूर्वान्ह 11:30 बजे से मंत्रालय स्थित महानदी भवन के मंत्रिपरिषद कक्ष एम-5/20 में शुरू होगी।

Sai Cabinet Meeting 15 अप्रैल को होने वाले इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। वहीं सरकार विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों और योजनाओं की समीक्षा करते हुए नए निर्णय ले सकती है। इसके अलावा सरकार बस्तर विकास के लिए कोई बड़ा फैसला ले सकती है।

Sai Cabinet Meeting इतना ही नहीं औद्योगिक विकास और निवेश बढ़ाने पर भी फैसला हो सकती है और बस्तर रोडमैप 2.0 के तहत रोजगार पर फोकस हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में विकास योजनाओं की प्रगति, आगामी योजनाओं की रूपरेखा और प्रशासनिक निर्णयों पर विचार किया जा सकता है। यह बैठक राज्य के लिए कई महत्वपूर्ण फैसलों का आधार बन सकती है।

CG: राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, दीप मंत्र और सरस्वती मंत्र उच्चारण के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ…

0

राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, दीप मंत्र और सरस्वती मंत्र उच्चारण के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ’

विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाएंस्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव’

प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाए’

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाना सुनिश्चित करें। पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, साइंस कॉलेज ग्राउंड, रायपुर में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम विद्यालयों के प्राचार्यों की राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन आज स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। उन्होंने सभी प्राचार्यों से अपेक्षा की गई कि वे डॉ. भीमराव अंबेडकर के समान समता, शिक्षा एवं सामाजिक न्याय के मूल्यों को आत्मसात करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दें तथा राज्य के शिक्षा स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

बैठक का शुभारंभ राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, दीप मंत्र एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। साथ ही कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. भीमराव अंबेडकर की जीवनी के उल्लेख से करते हुए उनके संघर्षों एवं नागरिकों को समान अधिकार दिलाने में दिए गए योगदान को स्मरण किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्यभर के लगभग 751 विद्यालयों के प्राचार्यों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाना रहा। बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र हेतु बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए लक्ष्य निर्धारण, NEET एवं JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों की भागीदारी एवं सफलता बढ़ाने की रणनीति, पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया, अंग्रेजी भाषा दक्षता में सुधार, पीटीए बैठकों की समीक्षा तथा पालक-अधिकारियों की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

बैठक में सह-शैक्षणिक गतिविधियों की उपलब्धियां, स्मार्ट क्लास एवं पुस्तकालयों के प्रभावी उपयोग, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार तथा नवाचार आधारित गतिविधियों पर भी विचार- विमर्श किया गया। बैठक में सेजस के विजन मिशन को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसमें 4.22 लाख से अधिक अध्ययनरत विद्यार्थियों, स्मार्ट क्लासरूम, पुस्तकालय उपयोग, शिक्षकों की भर्ती, मॉनिटरिंग एवं विद्यार्थियों की उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई।

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने सभी प्राचार्यों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालयों का प्रदर्शन बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने शिक्षकों के मिलनसार व्यवहार, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों से मधुर संबंध तथा शिक्षण में ईमानदारी पर विशेष बल दिया। प्रत्येक छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान देने और प्राचार्यों द्वारा कम से कम एक कक्षा लेने का भी निर्देश दिया गया। उन्होंने निर्देशित किया कि विद्यालयों में प्रतिदिन राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान एवं दीप मंत्र तथा छुट्टी के समय गायत्री मंत्र एवं शांति पाठ का आयोजन किया जाए। शनिवार को गतिविधि दिवस के रूप में मनाने, विद्यार्थियों को योग अभ्यास कराने एवं गार्डनिंग व हाउसकीपिंग जैसे कौशल सिखाने हेतु दो समूह अनिवार्य रूप से बनाने की बात कही।

शिक्षा मंत्री ने कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के विद्यार्थियों पर विशेष फोकस रखते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु मार्गदर्शन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। प्रत्येक माह एक दिन निर्धारित कर “इंग्लिश स्पीकिंग डे” मनाने तथा विद्यालय परिसर में मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए। उन्होंने एआई आधारित शिक्षण प्रणाली को बढ़ावा देने एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। बैठक में समग्र शिक्षा आयुक्त श्रीमती किरण कौशल, संयुक्त सचिव श्रीमती फरिहा आलम सिद्दकी, एससीईआरटी के संयुक्त संचालक श्री के. कुमार, उपसंचालक श्री ए.एन. बंजारा, डीईओ श्री हिमांशु भारतीय सहित प्रदेशभर से आए प्राचार्यगण उपस्थित रहे।

TCS ने Q4FY26 में 2,356 नए कर्मचारियों की भर्ती की, लाभ में 12% की वृद्धि…

0

TCS की तिमाही रिपोर्ट और कर्मचारी वृद्धि

Tata Consultancy Services (TCS) ने जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही (Q4FY26) में 2,356 नए कर्मचारियों को जोड़ा है, जिससे कुल कर्मचारी संख्या 584,519 हो गई है।

यह पिछले तिमाही में 582,163 कर्मचारियों की तुलना में 0.40% की वृद्धि दर्शाता है। कंपनी ने एक नियामक फाइलिंग में यह जानकारी दी। Q3 FY26 के अंत में, कंपनी के कर्मचारियों में 149 राष्ट्रीयताओं के लोग शामिल थे, जिनमें महिलाओं की हिस्सेदारी 35.1% थी।

कंपनी की स्वैच्छिक छंटनी IT सेवाओं में पिछले बारह महीनों के आधार पर थोड़ा बढ़कर 13.7% हो गई है। TCS की छंटनी दर 13.5% से बढ़कर 13.7% हो गई है, जो QoQ में 20 बेसिस पॉइंट्स की वृद्धि है। TCS ने गुरुवार को अपनी तिमाही परिणामों की घोषणा की, जिसमें बोर्ड ने प्रति शेयर ₹31 का अंतिम लाभांश स्वीकृत किया।

TCS ने मार्च 2026 में समाप्त तिमाही के लिए अपने राजस्व में 9.6% की वृद्धि के साथ ₹70,698 करोड़ की कमाई की है, जबकि लाभ में 12% की वृद्धि के साथ ₹13,718 करोड़ हो गया है। TCS ने 1 अप्रैल से सभी ग्रेड में वार्षिक वेतन वृद्धि लागू करने की भी घोषणा की।

टीसीएस के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी, सुदीप कुननुमल ने कहा, “हम 1 अप्रैल से सभी ग्रेड में वार्षिक वेतन वृद्धि लागू करने के लिए प्रसन्न हैं। Q4 में, हमने भविष्य के लिए तैयार कार्यबल में निवेश जारी रखा, जिसमें अनुभवी प्रतिभा और कैंपस हायरिंग शामिल हैं। AI-प्रथम संस्कृति का निर्माण और हमारे लोगों को AI-तैयार कौशल से लैस करना FY26 में एक प्रमुख प्राथमिकता बनी रही और FY27 में भी जारी रहेगा।”

गुरुवार को, TCS के शेयर ₹2,589 पर बंद हुए, जो एक दिन में ₹29.80 या 1.16% की वृद्धि दर्शाता है।