Home Blog Page 5

छत्तीसगढ़ में नई श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन की हुई समीक्षा…

0

” भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने लिया तैयारियों का जायजा”

” श्रमिक हितों और सामाजिक सुरक्षा पर जोर “

छत्तीसगढ़ में नवीन श्रम संहिताओं (New Labour Codes) के प्रभावी क्रियान्वयन और श्रमिक कल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. महेन्द्र कुमार ने गुरुवार को राज्य में चल रही प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। नया रायपुर स्थित ‘छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल’ के सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में श्रम कानूनों को धरातल पर उतारने को लेकर गंभीर मंथन किया गया।

चारों प्रमुख श्रम संहिताओं पर हुई चर्चा 

बैठक के दौरान केंद्र सरकार द्वारा अधिनियमित चारों नवीन श्रम संहिताओं के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा अब तक जारी की गई अधिसूचनाओं और उनके अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई, वेतन संहिता, 2019 (Code on Wages, 2019)औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 (Industrial Relations Code, 2020)सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (Code on Social Security, 2020)व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य-परिस्थितियाँ संहिता, 2020 (OSH Code, 2020)।  बैठक में राज्य के अधिकारियों ने केंद्र सरकार को अवगत कराया कि इन नवीन संहिताओं को छत्तीसगढ़ में सुचारू रूप से लागू करने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है।

श्रमिक हितों और डिजिटल पहलों पर विशेष जोर 

समीक्षा बैठक में छत्तीसगढ़ के श्रम विभाग के अधिकारियों ने राज्य में श्रमिकों के हित में चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा के विस्तार की जानकारी दी। संयुक्त सचिव को विभाग द्वारा अपनाई गई आधुनिक डिजिटल पहलों और तकनीकी नवाचारों (Digital Initiatives) से भी रू-ब-रू कराया गया। बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि नई व्यवस्था के आने से श्रम प्रशासन अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनेगा, जिससे श्रमिकों के हितों का बेहतर संरक्षण हो सकेगा।

जल्द पूरे होंगे राज्य के नियमों के निर्माण कार्य

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार की संहिताओं के अनुरूप राज्य के स्तर पर नियमों (Rules) के निर्माण की प्रक्रिया को शीघ्र ही अंतिम रूप देकर इन्हें प्रभावी ढंग से लागू कर दिया जाएगा। इस पहल से छत्तीसगढ़ के लाखों श्रमिकों के साथ-साथ नियोजकों (Employers) को भी नई श्रम संहिताओं के प्रावधानों का लाभ समयबद्ध, सरल और सुगम तरीके से मिलना शुरू हो जाएगा।

इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग की ओर से श्री एस.एल. जांगड़े, श्रीमती सविता मिश्रा, श्री गिरीश रामेटेके, श्री अजीतेश पाण्डेय, श्री एस.एस. पैकरा, श्री डी.पी. तिवारी, श्री बी.एस. बरिहा, श्री मनीष श्रीवास्तव, श्री विवेक चेलकर, श्रीमती श्रद्धा केशरवानी एवं श्री देवेन्द्र देवांगन उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के प्रतिनिधि के रूप में श्री साकेत कुमार पाण्डेय, श्री भूपेन्द्र कुमार, श्री रोहित गुप्ता, श्री गौरव डोगरा, श्री अखिलेश राय, श्री सौरभ त्यागी, सुश्री जयंती सिंह सहित केंद्र व राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी सम्मिलित हुए।

cg” उप मुख्यमंत्री ने की लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा…”

0

लोक निर्माण विभाग राज्य का ‘ग्रोथ इंजन’, विभाग पर अधोसंरचना विकसित करने की अहम जिम्मेदारी – श्री अरुण साव”

निर्माण कार्यों की गहन मॉनिटरिंग और निरीक्षण के दिए निर्देश, ठेकेदारों से बेहतर समन्वय कर कार्यों में तेजी लाने कहा”

सितम्बर-अक्टूबर तक नए कार्यों के कार्यादेश जारी करने के निर्देश, अनुबंध अनुसार प्रगति सुनिश्चित कर समय-सीमा में काम पूरा कराने कहा”

उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विभागीय मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में प्रदेशभर में निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रत्येक कार्यों की प्रगति पर बारीक नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड पर जाकर निर्माण कार्यों का गहन निरीक्षण और मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से बेहतर समन्वय और संवाद रख कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल और प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि विभाग के अभियंताओं की दक्षता और क्षमता फील्ड पर दिखनी चाहिए। उन्होंने प्रभावी एवं परिणाममूलक कार्यों के लिए समयानुकूल नई कार्यप्रणाली और कार्य संस्कृति अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी आवश्यक प्रक्रियाएं तत्परता से पूर्ण कर आगामी सितम्बर-अक्टूबर तक नए कार्यों के कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए, जिससे कि बरसात के तत्काल बाद पूरी गति से काम शुरू हो सके। उन्होंने कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति के बाद सभी प्रक्रियाओं को तेजी से पूर्ण कर समय पर काम प्रारंभ कराने को कहा।

श्री साव ने बैठक में कहा कि लोक निर्माण विभाग राज्य का ‘ग्रोथ इंजन’ है। राज्य में सड़क, पुल-पुलिया और भवन निर्माण के साथ ही सभी तरह की अधोसंरचना विकसित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी विभाग पर है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विभाग को भी अहम भूमिका निभाना है। उन्होंने इसके लिए पूरी सक्रियता और गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को काम का पुराना ढर्रा बदलने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के समय पर बिल तैयार करने और उनका हर महीने भुगतान करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि फील्ड पर विभाग के काम और उनके परिणाम दिखने चाहिए। उन्होंने सड़कों और पुल-पुलियों सहित स्कूलों, कॉलेजों, ऑडिटोरियम, कार्यालयों, आवासगृहों एवं अन्य भवनों के निर्माण निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों के साथ अनुबंध में निर्धारित माइलस्टोन्स के अनुसार प्रगति सुनिश्चित कर समय-सीमा में काम पूरा कराने को कहा। उन्होंने सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं को भू-अर्जन के कार्यों में तेजी लाने इससे संबंधित कानूनों व नियमों की व्यापक एवं समग्र जानकारी के लिए राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यपालन अभियंताओं, अनुविभागीय अधिकारियों तथा उप अभियंताओं की कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए।

श्री साव ने पहुंचविहीन गांवों तक साल भर कनेक्टीविटी बनाए रखने के लिए सड़कों और पुलों के प्रस्ताव व प्राक्कलन प्राथमिकता से तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को पुराने लंबित कार्यों से जुड़ी समस्याओं का तत्परता से निराकरण कर काम आगे बढ़ाने को कहा। उन्होंने अनुबंध के अनुसार कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले ठेकेदारों को ब्लैक-लिस्ट करने और उनके अनुबंध टर्मिनेट करने की कार्यवाही के निर्देश दिए।

लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने बैठक में अधिकारियों को मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और मंत्रियों द्वारा अनुशंसित कार्यों के साथ ही द्रुतगामी सड़कों व पुलों, पहुंचविहीन गांवों के लिए पक्की सड़कों, जिले की जरूरतों और विधायकों द्वारा अनुशंसित कार्यों की प्राथमिकता तय कर आगामी 31 अगस्त तक नए कार्यों के प्राक्कलन भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न शहरों में निर्माणाधीन ऑडिटोरियम के काम पूरा होने के बाद तत्काल इन्हें संबंधित विभागों या नगरीय निकायों को हैंडओवर करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव, सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंता, सभी मंडलों के अधीक्षण अभियंता और सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता भी बैठक में मौजूद थे।

cg” मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय समोदा में लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में हुए शामिल…”

0

सुशासन, विकास और जनकल्याण ही हमारी सरकार की पहचान है – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय”

आरंग विधानसभा के विकास को मिली नई गति, 128 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात”

ग्राम रीवा में 4 करोड़ रुपये के स्टॉप डैम निर्माण की घोषणा”

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज आरंग विधानसभा क्षेत्र के नगर पंचायत समोदा में आयोजित कार्यक्रम में 128 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के विकास को नई गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम पंचायत रीवा में लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉप डैम निर्माण, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय समोदा में अहाता निर्माण, नगर पंचायत समोदा के पंचायत भवन में प्रथम तल निर्माण तथा ग्राम तुलसी के हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी विद्यालय में उन्नयन की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन, विकास और जनकल्याण ही हमारी सरकार की पहचान है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि “मोदी की गारंटी, यानी गारंटी पूरा होने की गारंटी” केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारी सरकार की कार्यशैली और जनविश्वास का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने 18 लाख गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए हैं, जिनमें से 10 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जा रहा है तथा महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 28 किश्तों में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच के साथ बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही आधारित प्रशासन स्थापित करने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार और अपराध के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ नागरिक सेवाओं को अधिक सरल और सुलभ बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद, बीज एवं कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। नागरिकों की सुविधा के लिए सेवा सेतु के माध्यम से 520 से अधिक शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के जरिए शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सहकारिता, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण सरकार की प्राथमिकताओं में हैं। उन्होंने नागरिकों से शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आग्रह करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ा दी गई है। पात्र उपभोक्ता “मोर बिजली” मोबाइल एप अथवा वेबसाइट के माध्यम से सितंबर तक पंजीयन कर योजना का लाभ ले सकते हैं।

कार्यक्रम में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आरंग विधानसभा क्षेत्र को अब तक 858 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में विकास और सुशासन की नई दिशा स्थापित हुई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ अभियान के अंतर्गत आंवला का पौधारोपण किया। उन्होंने सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा 9 की छात्राओं को साइकिल वितरित की तथा जिला प्रशासन के मिशन उत्कर्ष के अंतर्गत उत्कृष्ट विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार मिर्धा, छत्तीसगढ़ औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला,  कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

cg” दीदी के गोठ मासिक रेडियो कार्यक्रम का वार्षिकोत्सव संपन्न…”

0

राजनांदगांव” छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान (एनआरएलएम) के तहत स्वसहायता समूह की महिलाओं द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर साझा करने मासिक रेडियो कार्यक्रम दीदी के गोठ का प्रतिमाह के द्वितीय गुरूवार को दोपहर 2 बजे से राज्य के समस्त आकाशवाणी केन्द्रों से प्रसारित किया जाता है।

इस रेडियो कार्यक्रम का सफलतापूर्वक एक वर्ष पूर्ण होने पर 9 जुलाई 2026 को राज्य, संभाग, जिला स्तर पर दीदी के गोठ वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में दीदी के गोठ के 12वें एपिसोड का प्रसारण दोपहर 2 बजे से किया गया।

जिला स्तरीय दीदी के गोठ वार्षिकोत्सव कार्यक्रम अंतर्गत जिला पंचायत सभाकक्ष में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, अन्य जिला पंचायत सदस्य, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह सहित जनप्रतिनिधि, बिहान की लखपति दीदीयां, अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।

दीदी के गोठ मासिक रेडियो कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले के ग्राम खैरा से चयनित लखपति दीदी श्रीमती ज्ञानेश्वरी निषाद एवं ग्राम सुकुलदैहान से चयनित लखपति दीदी श्रीमती रूखमणी साहू ने अपनी सफलता की कहानी साझा किया।

श्रीमती ज्ञानेश्वरी निषाद ने अपने मध्यमवर्गीय परिवार में कृषि एवं मजदूरी से लेकर बिहान योजना के माध्यम से समूह में पुस्तक संचालन करने एवं कलेक्ट्रेट परिसर राजनांदगांव में राजबिहान रसोई संचालित करते हुए अपने लखपति बनने के सफर को बताया।

इसी प्रकार श्रीमती रूखमणी साहू ने बताया कि एक सामान्य गृहणी के रूप में कार्य करते हुए बिहान योजना के तहत समूह से जुड़कर एफएलसीआरपी व बीमा सखी का कार्य प्रारंभ किया तथा फैंसी स्टेशनरी जनरल स्टोर्स, ग्रामीण गैस वितरक एवं सीएससी सेंटर के रूप में 4 से 5 आजीविका गतिविधियों का संचालन कर रही हैं।

साथ ही उन्होंने दीदी के गोठ रेडियो कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए बताया कि इस कार्यक्रम के 10वें एपिसोड में प्रसारित कार्यक्रम में सायबर फ्रॉड से बचाव एवं अपना ओटीपी अन्य व्यक्ति को साझा नहीं करने से संबंधित जानकारी से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं में जागरूकता आयी है।

जिसके लिए श्रीमती रूखमणी साहू ने इस रेडियो कार्यक्रम के लिए शासन को धन्यवाद ज्ञापित किया। रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान ज्ञानेश्वरी निषाद एवं रूखमणी साहू को उनके उत्कृष्ट आजीविकामूलक कार्यों हेतु प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया गया।

इसी प्रकार संभाग स्तर पर दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राजनांदगांव जिले के ग्राम कुसमी की लखपति दीदी श्रीमती दिव्या निषाद ने मुख्यमंत्री से ऑनलाइन चर्चा करते हुए बिहान योजना के माध्यम से विभिन्न आजीविका  गतिविधियां करते हुए अपने लखपति बनने की कहानी साझा किया।

छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा ने वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय राजेन्द्र व्यास को दी श्रद्धांजलि…

0

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा आज राजनांदगांव के वरिष्ठ पत्रकार एवं दैनिक अमृत संदेश के जिला ब्यूरो प्रमुख स्वर्गीय श्री राजेन्द्र व्यास की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने लखोली स्थित मुक्तिधाम पहुंचकर स्वर्गीय श्री व्यास के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय श्री राजेन्द्र व्यास ने निष्पक्ष एवं जनहितकारी पत्रकारिता के माध्यम से समाज में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका निधन पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।

इस दौरान जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पत्रकारों, समाजसेवियों एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों ने भी स्वर्गीय श्री राजेन्द्र व्यास को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

cg” आपदा प्रभावितों को सहायता अनुदान राशि स्वीकृत…”

0

राजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने दैवीय विपत्तियों के संबंध में राहत मद अंतर्गत आपदा प्रभावितों एवं उनके आश्रितों को सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है।

राजनांदगांव तहसील अंतर्गत अतिवृष्टि व आंधी तुफान से 26 मकान आंशिक क्षति होने पर 1 लाख 5 हजार रूपए, अतिवृष्टि व आंधी तुफान से मकान पूर्णत: क्षति होने पर 1 लाख 20 हजार रूपए, तालाब के पानी में डूबने से एक जनहानि होने पर 4 लाख रूपए तथा डोंगरगढ़ तहसील अंतर्गत सर्पदंश से एक जनहानि होने पर 4 लाख रूपए की सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।

cg” विद्यार्थियों का चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण…”

0

”मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से प्रयास आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण”

शिविर में विद्यालय के विद्यार्थियों का चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

राजनांदगांव” कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशन में विद्यार्थियों के बेहतर स्वास्थ्य एवं समय पर उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजनांदगांव के गौरव पथ स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय में मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया।

इस दौरान विद्यार्थियों का रक्तचाप, वजन, लंबाई, नेत्र परीक्षण, दंत परीक्षण तथा अन्य आवश्यक स्वास्थ्य जांच की गई।

साथ ही मौसमी बीमारियों की पहचान कर आवश्यक परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया। ‘

जिन विद्यार्थियों को आगे की जांच या विशेष उपचार की आवश्यकता पाई गई, उन्हें संबंधित स्वास्थ्य संस्थान में रेफर करने की सलाह दी गई।’

चिकित्सकों ने विद्यार्थियों को संतुलित आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद तथा मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी।

‘विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल के उपयोग, हाथों की नियमित सफाई तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।’

‘स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि नियमित स्वास्थ्य परीक्षण से विद्यार्थियों में बीमारियों की समय पर पहचान हो सकेगी तथा उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।’

‘मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से जिले के विभिन्न विद्यालयों एवं दूरस्थ क्षेत्रों में भी नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।’

cg “जिले में अब तक 1739.7 मिमी वर्षा दर्ज”  “जिले में आज 29.4 मिमी बारिश हुई”

0

“जिले में अब तक 1739.7 मिमी वर्षा दर्ज”
 “जिले में आज 29.4 मिमी बारिश हुई”

“राजनांदगांव जिले में इस वर्ष चालू मानसून वर्ष में 1 जून 2026 से अब तक जिले के सभी 7 तहसीलों में 1739.7 मिमी बारिश एवं औसत 248.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है।”

“भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी अनुसार डोंगरगढ़ तहसील में 285.9 मिमी, लाल बहादुर नगर तहसील में 291 मिमी, राजनांदगांव तहसील में 337.3 मिमी, घुमका तहसील में 124 मिमी, छुरिया तहसील में 204.8 मिमी, कुमरदा तहसील में 265.7 मिमी, डोंगरगांव तहसील में 231 मिमी बारिश दर्ज की गई है।”

“अब तक सर्वाधिक वर्षा राजनांदगांव तहसील में 337.3 मिमी दर्ज की गई है। इसी तरह आज राजनांदगांव जिले के सभी 7 तहसीलों में 29.4 मिमी एवं औसत 4.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है।”

“डोंगरगढ़ तहसील में 10.5 मिमी, लाल बहादुर नगर तहसील में 1.5 मिमी, राजनांदगांव तहसील में 4.7 मिमी, घुमका तहसील में 2 मिमी, छुरिया तहसील में 4 मिमी, कुमरदा तहसील में 6.4 मिमी, डोंगरगांव तहसील में 0.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है। सर्वाधिक वर्षा डोंगरगढ़ तहसील में 10.5 मिमी दर्ज की गई है।”

आधुनिक कृषि तकनीकों से किसानों को मिल रहा लाभ, कम लागत में बढ़ रहा उत्पादन….

0

“समृद्ध कृषि और सशक्त कृषक का आधार बना नैनो उर्वरक” समय पर आदान सामग्री उपलब्धता, किसानों की खेती हुई और सुदृढ़”

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में प्रदेश में किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। खेती को अधिक लाभकारी, किफायती एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में नैनो उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त होने के साथ कृषि की उत्पादकता में भी सकारात्मक वृद्धि हो रही है।

कोरबा जिले के विकासखंड करतला अंतर्गत ग्राम रंगबेल के कृषक श्री गणेश सिंह आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर इसका लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

“लगभग पाँच एकड़ भूमि में धान की खेती करने वाले श्री सिंह ने पिछले वर्ष अपनी फसल में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया का उपयोग किया, जिसके उत्साहजनक परिणाम सामने आए।”

“बेहतर फसल वृद्धि, संतुलित पोषण तथा कम लागत में अच्छी पैदावार मिलने से उनकी खेती अधिक लाभकारी बनी है।”

“श्री सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में किसानों को बदलती कृषि तकनीकों के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है।”

“उनके अनुसार नैनो उर्वरकों के उपयोग से कम लागत एवं कम श्रम में बेहतर उत्पादन प्राप्त हो रहा है। साथ ही यह पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में भी सहायता मिलती है।”

‘उन्होंने बताया कि आगामी खरीफ सीजन के लिए आवश्यक आदान सामग्री उन्होंने सहकारी समिति कनबेरी से समय पर प्राप्त कर ली है।”

शासन द्वारा किसानों को समय पर उर्वरक एवं अन्य कृषि आदान उपलब्ध कराने की व्यवस्था से खेती की तैयारियाँ सुगमता से पूरी हो रही हैं।”

उन्होंने आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने तथा किसानों के हित में संचालित योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।”

 

 

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया में जारी सैन्य हालात के बीच भारत के लिए एक बड़ी आर्थिक खबर…

0

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया में जारी सैन्य हालात के बीच भारत के लिए एक बड़ी आर्थिक खबर सामने आई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा से ठीक पहले वहां के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भारत के साथ होने वाले प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बड़ा ऐलान किया है.

उन्होंने कहा कि समझौता लागू होते ही न्यूजीलैंड से भारत भेजे जाने वाले 57 फीसदी सामान पर पहले ही दिन से कोई टैरिफ नहीं लगेगा. इसे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में बड़ा कदम माना जा रहा है.

‘पहले दिन से 57% निर्यात होगा टैरिफ फ्री’
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि भारत के साथ होने वाला ट्रेड डील न्यूजीलैंड के कारोबार के लिए बड़ा अवसर साबित होगा. उन्होंने कहा कि भारत को भेजे जाने वाले न्यूजीलैंड के 57 फीसदी निर्यात पर पहले ही दिन से टैरिफ नहीं लगेगा, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार को नई रफ्तार मिलेगी.

10-11 जुलाई को न्यूजीलैंड दौरे पर रहेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 से 11 जुलाई तक दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर न्यूजीलैंड जाएंगे. यह करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली राजकीय न्यूजीलैंड यात्रा होगी. यह दौरा प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के निमंत्रण पर हो रहा है.

व्यापार, रक्षा और निवेश पर होगी बड़ी बातचीत
सरकारी जानकारी के मुताबिक, इस दौरे में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक और अन्य अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी. दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों की पूरी समीक्षा करेंगे और कई अहम समझौतों को आगे बढ़ाने पर भी बात करेंगे.

भारतीय समुदाय और उद्योग जगत से भी मिलेंगे मोदी
ऑकलैंड प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी प्रमुख उद्योगपतियों, खेल जगत की हस्तियों और भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे. उनका भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करने का भी कार्यक्रम है, जिससे दोनों देशों के बीच लोगों के आपसी संबंध और मजबूत होने की उम्मीद है.

तीन देशों के दौरे का आखिरी पड़ाव है न्यूजीलैंड
न्यूजीलैंड प्रधानमंत्री मोदी के तीन देशों के दौरे का अंतिम पड़ाव होगा. इस यात्रा की शुरुआत 6 जुलाई को इंडोनेशिया से हुई थी और फिलहाल वह ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हैं. इस पूरे दौरे का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रमुख देशों के साथ व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में भारत की साझेदारी को और मजबूत करना है.