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CG: पूर्व महापौर के भतीजे शोएब ढेबर पर केस दर्ज, कारोबारी मामले में कांप गए पुलिस के हाथ, जानें पूरा मामला…

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तेलीबांधा इलाके में हुए एक मामूली विवाद में पूर्व महापौर एजाज ढेबर के भतीजे शोएब ढेबर ने एक युवक से जमकर गाली-गलौज की। उसे धमकियां दी।

तेलीबांधा इलाके में हुए एक मामूली विवाद में पूर्व महापौर एजाज ढेबर के भतीजे शोएब ढेबर ने एक युवक से जमकर गाली-गलौज की। उसे धमकियां दी। इसका वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने शोएब के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है, लेकिन होटल कारोबारी दीपक टंडन की शहर के एक जमीन कारोबारी द्वारा अपने गुंडों से बुरी तरह पिटाई करवाते हुए वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है, फिर भी जमीन कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई करने में पुलिस के हाथ कांप रहे हैं।

जानें क्या है पूरा मामला

पुलिस के मुताबिक, विधायक कॉलोनी निवासी राजू मिश्रा की कार राममंदिर के पास खड़ी थी। इस दौरान शोएब ढेबर की कार से हल्की टक्कर हुई। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। जमकर गाली-गलौज हुई। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया, लेकिन शोएब का गाली-गलौज करते हुए किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। इसको पुलिस ने संज्ञान में लिया।

पिंटू मंडल पर पुलिस क्यों है मेहरबान: कुछ दिन पहले सोशल मीडिया में एक वीडियो जमकर वायरल हुआ था। इसमें होटल कारोबारी दीपक को जमीन कारोबारी पिंटू मंडल द्वारा अपने गुर्गों से पिटवाते हुए दिखाया गया। पिंटू ने भी उसकी पिटाई की थी। पिंटू के लोगों ने पूरी घटना का वीडियो भी बनाया और वायरल किया। ऐसी क्रूरता और गुंडागर्दी का वीडियो वायरल हुआ और रायपुर पुलिस की जानकारी में भी है, लेकिन अब तक कारोबारी और उसके गुर्गों के खिलाफ किसी तरह का एक्शन नहीं लिया है।

‘पहले की सरकारों ने माओवादी आतंक को संरक्षण दिया’, अमित शाह बोले- विकसित भारत का शुभंकर बनेगा छत्तीसगढ़….

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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रायपुर में रविवार को ऑर्गनाइजर के कॉनक्लेव में कहा, ‘मैं भूपेश बघेल के समय भी केंद्रीय गृह मंत्री रहा था. मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ यह कह सकता हूं कि बघेल की सरकार ने माओवादी आतंक को प्रश्रय दिया था. मैं समझ नहीं पाता हूं कि कैसे कोई शासन किसी हथियारबंद समूह को प्रश्रय दे सकती है.’

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित छत्तीसगढ़ @25 : शिफ्टिंग द लेंस कार्यक्रम में शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल स्वयं विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, बल्कि यह नए भारत के लिए शुभंकर सिद्ध होगा. छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर विकसित भारत @2047 की दिशा में एक मजबूत स्तंभ बनकर उभर रहा है.

विकसित छत्तीसगढ़केवल एक नारा नहीं, बल्कि विचार

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि “विकसित छत्तीसगढ़” केवल एक नारा नहीं, बल्कि विचार, विचारधारा और सुशासन से निकली हुई 25 वर्षों की यात्रा का परिणाम है. उन्होंने कहा कि छोटे राज्यों की अवधारणा को लेकर कभी शंका व्यक्त की जाती थी, लेकिन छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि शासन स्पष्ट विचारधारा से संचालित हो, तो छोटे राज्य भी विकास के बड़े मॉडल बन सकते हैं.

शाह ने कहा कि जब छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड के लिए आंदोलन चल रहे थे, तब लंबे समय तक देश में कांग्रेस की सरकार रही और कहा जाता था कि इतने छोटे राज्य कैसे टिकेंगे, इनके पास संसाधन कहां से आएंगे और क्या ये विकास कर पाएंगे. उस समय छत्तीसगढ़ भोपाल से 500 किलोमीटर से अधिक दूर था और संयुक्त मध्यप्रदेश की भौगोलिक व प्रशासनिक संरचना ऐसी थी कि इस क्षेत्र के साथ न्याय होना कठिन था. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी तत्कालीन मुख्यमंत्री की असफलता नहीं थी, बल्कि संरचना ही ऐसी थी कि एक ही प्रशासनिक इकाई से इसे संभालना संभव नहीं था.

अटल सरकार में ऐतिहासिक फैसले लिए गए

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री रहते हुए ऐतिहासिक निर्णय लिया और कहा कि छोटे राज्यों का निर्माण कोई प्रयोग नहीं, बल्कि जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति है. इसी निर्णय के तहत मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़, बिहार से झारखंड और उत्तरप्रदेश से उत्तराखंड का गठन हुआ. उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि विचारधारा आधारित निर्णय था.

शाह ने राज्य विभाजन के दो उदाहरण देते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में हुए विभाजन शांतिपूर्ण रहे और आज मध्यप्रदेश–छत्तीसगढ़, बिहार–झारखंड तथा उत्तरप्रदेश–उत्तराखंड एक-दूसरे के पूरक बनकर देश के विकास में योगदान दे रहे हैं. वहीं कांग्रेस शासन में हुए आंध्रप्रदेश–तेलंगाना विभाजन के दौरान लोकसभा में सांसदों को बाहर निकालकर कानून पारित करना पड़ा और दोनों राज्यों के बीच कटुता एक दशक से अधिक समय तक बनी रही, जिसके कई विवाद आज भी अनसुलझे हैं. उन्होंने कहा कि इससे सिद्ध होता है कि राजनीति में विचारधारा का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है.

‘MP और छत्तीसगढ़ विकसित राज्य बनने की कगार पर हैं

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज 25 वर्ष का हो चुका है और इस दौरान राज्य ने अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है. कभी ‘बीमारू’ राज्यों की श्रेणी में गिने जाने वाले क्षेत्रों में शामिल रहे मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ आज विकसित राज्य बनने की कगार पर हैं. उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों में से लगभग 18 वर्ष भारतीय जनता पार्टी की सरकार रही और 7 वर्ष कांग्रेस की सरकार रही. 25 वर्षों बाद यदि पीछे मुड़कर देखें तो छत्तीसगढ़ बीमारू राज्य से विकसित राज्य की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ चुका है.

शाह ने आर्थिक आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि राज्य के वार्षिक बजट में 25 वर्षों में 30 गुना वृद्धि हुई है, प्रति व्यक्ति आय 17 गुना बढ़ी है और सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 25 गुना वृद्धि दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति को मापने वाले 16 के 16 संकेतकों में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय सुधार किया है.

कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सिंचाई क्षमता दोगुनी हुई है. खरीफ फसलों के उत्पादन में तीन गुना और रबी फसलों के उत्पादन में लगभग छह गुना वृद्धि दर्ज की गई है. स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में हुए सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि जिला अस्पतालों की संख्या 7 से बढ़कर 30 हो गई है, मेडिकल कॉलेज 1 से बढ़कर 16 हो गए हैं और आंगनबाड़ी भवनों में 18 गुना वृद्धि हुई है. कुपोषण से होने वाली मृत्यु दर 61 से घटकर 15, मातृ मृत्यु दर 365 से घटकर 146 और शिशु मृत्यु दर 79 से घटकर 37 रह गई है.

छत्तीसगढ़ में साक्षरता दर 65 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हुई

आदिवासी कल्याण पर बोलते हुए शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में साक्षरता दर 65 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो गई है. एक भी एकलव्य आवासीय विद्यालय नहीं था, आज 75 संचालित हो रहे हैं और छात्रावासों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या तीन गुना बढ़ी है. उन्होंने कहा कि देश में यदि सबसे अच्छा आदिवासी कल्याण किसी राज्य ने किया है, तो वह छत्तीसगढ़ है.

माओवादी समस्या पर स्पष्ट शब्दों में बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यह न तो विकास की कमी का परिणाम है और न ही केवल कानून-व्यवस्था की समस्या, बल्कि पूरी तरह विचारधारा आधारित चुनौती है. उन्होंने कहा कि बंदूक से समस्या का समाधान भारतीय संविधान की आत्मा के विरुद्ध है.

उन्होंने दोहराया कि सरकार किसी पर गोली नहीं चलाना चाहती, हथियार डालने वालों के लिए रेड कारपेट बिछा है और आदिवासी युवाओं से अपील की कि वे आत्मसमर्पण करें और मुख्यधारा में लौटें.

शाह ने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर सहित माओवादी प्रभावित क्षेत्र तेजी से विकास की ओर बढ़ रहे हैं और केंद्र व राज्य सरकार मिलकर 31 मार्च 2026 से पहले देश को माओवादी समस्या से पूरी तरह मुक्त करने के लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं. उन्होंने कहा कि 25 वर्षों का ट्रैक रिकॉर्ड बताता है कि छत्तीसगढ़ ने जिस गति से विकास किया है, आने वाले 25 वर्षों में वह दोगुनी रफ्तार से आगे बढ़ेगा और देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा.

परीक्षा पे चर्चा 2026: तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के छात्रों से PM का संवाद; दिए नेतृत्व के गुरुमंत्र…

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परीक्षा पे चर्चा 2026 का दूसरा सत्र सोमवार 10 बजे आयोजित किया जा रहा है। यह वार्षिक कार्यक्रम प्रधानमंत्री के आधिकारिक यूट्यूब चैनल और दूरदर्शन पर लाइव देखा जा सकता है और इसे शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित किया जा रहा है, ताकि हर छात्र आसानी से इसमें शामिल हो सके।

इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कई राज्यों के छात्रों से अलग-अलग मुद्दों पर बातचीत की। खासबात ये रही कि पीएम मोदी ने छात्रों को कैसे नेतृत्व करना है इसके लिए गुरुमंत्री भी दिए। पीएम मोदी ने छात्रों से बातचीत के दौरान कहा कि खुद को प्रौद्योगिकी का गुलाम न बनने दें।

कितनी भी प्रेरणा हो, अनुशासन के बिना उसका कोई फायदा नहीं होगा। नेतृत्व का पहला और सबसे महत्वपूर्ण गुण यह है कि आप अपने विचारों को कम से कम 10 लोगों तक स्पष्ट रूप से पहुंचा सकें।

CG: पुलिस कमिश्नरी लागू… कलेक्ट्रेट परिसर में 30 करोड़ की बिल्डिंग निर्माण में देरी, डिजाइन पर पुनर्विचार…

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राजधानी में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू हो जाने के बाद कलेक्टे्रट परिसर में प्रस्तावित पांच मंजिला कंपोजिट बिल्डिंग की योजना में बदलाव की संभावना बन गई है।

राजधानी में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू हो जाने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में प्रस्तावित पांच मंजिला कंपोजिट बिल्डिंग की योजना में बदलाव की संभावना बन गई है। इसी कारण कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित एसपी भवन को अब तक नहीं तोड़ा गया है। जबकि बीते कई दिनों से आसपास तोड़फोड़ और खुदाई का कार्य लगातार जारी है, लेकिन एसपी भवन जस का तस बना हुआ है।

सूत्रों के अनुसार, पहले जिस कंपोजिट बिल्डिंग में एसपी कार्यालय को शामिल किया जाना था, वहां अब पुलिस कमिश्नर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था किए जाने पर शासन स्तर पर विचार चल रहा है। हालांकि कलेक्टोरेट परिसर में ही नई बिल्डिंग का निर्माण होना तय है, इसलिए एसपी भवन के चारों ओर खुदाई का कार्य शुरू करा दिया गया है।

दो साल में बननी है बिल्डिंग, अटका है पेंच

जानकारी के मुताबिक, कंपोजिट बिल्डिंग के निर्माण के लिए दो साल की समय-सीमा निर्धारित की गई है। ऐसे में एसपी भवन के चारों ओर खुदाई का कार्य तो चल रहा है, लेकिन भवन के नहीं टूटने से निर्माण कार्य में देरी की आशंका जताई जा रही है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि वर्क ऑर्डर में तय दो साल की समय-सीमा एसपी भवन के ध्वस्तीकरण के बाद ही प्रभावी मानी जाएगी।

डिजाइन में हो सकता है बदलाव

पांच मंजिला कंपोजिट बिल्डिंग के निर्माण पर शासन द्वारा लगभग 30 करोड़ रुपए की लागत तय की गई है। पीडब्ल्यूडी ने निर्माण एजेंसी को ठेका भी दे दिया है और भवन का डिजाइन तैयार है। हालांकि एसपी की जगह अब पुलिस कमिश्नर सहित अन्य अधिकारियों के बैठने की व्यवस्था किए जाने की स्थिति में निर्माण डिजाइन में बदलाव किया जा सकता है। इसके चलते परियोजना की लागत बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है।

राजनांदगांव में नो पार्किंग में खड़े वाहनों पर यातायात पुलिस की कार्रवाई

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राजनांदगांव। शहर में आम रोड और सर्विस रोड पर वाहनों की अवैध पार्किंग पर आज पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन और अति. पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन में यातायात प्रभारी निरीक्षक नवरतन कश्यप के नेतृत्व में यातायात पुलिस ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध रूप से खड़े वाहनों पर कार्रवाई की।
कार्यवाही के दौरान अग्रवाल ट्रांसपोर्ट तिराहा, पुराना बस स्टैंड चौक, पोस्ट ऑफिस चौक, रेलवे स्टेशन रोड, भगत सिंह चौक, महावीर चौक, गुरूद्वारा चौक, नया बस स्टैंड, अम्बेडकर चौक और मनोकामना से आरके नगर चौक तक के सर्विस रोड पर खड़े वाहनों पर लॉकिंग और मोटरयान अधिनियम के तहत जुर्माना लगाया गया। साथ ही नो पार्किंग एरिया में खड़ी दुपहिया वाहनों को क्रेन के माध्यम से उठाकर कार्रवाई की गई।
इस दौरान कुल 81 वाहनों पर कार्रवाई की गई। यातायात पुलिस ने कहा कि अवैध पार्किंग से आमजनों की आवाजाही बाधित होती है, इसलिए यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वाहन को सर्विस रोड या अन्य आम रोड पर न खड़ा करें, बल्कि निर्धारित पार्किंग स्थल या फ्लाईओवर के नीचे ही पार्किंग करें। साथ ही शहर के कारोबारियों से अनुरोध है कि मालवाहक वाहनों में लोडिंग-अनलोडिंग जिला दंडाधिकारी द्वारा निर्धारित समय अनुसार ही कराएं।
यातायात पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

शांति भंग करने वाले दो बदमाशों पर की कार्रवाई

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राजनांदगांव। शांति व्यवस्था बनाए रखने और कानून के शासन को मजबूत करने के लिए चौकी चिखली पुलिस ने 08 फरवरी 2026 को दो बदमाशों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की।
पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अभियान के तहत कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई में आरोपियों ने गाली-गलौज और वाद-विवाद कर शांति भंग करने की कोशिश की, साथ ही संज्ञेय अपराध घटित होने की संभावना भी जताई गई। गिरफ्तार आरोपियों में जागेश्वर यादव पिता स्व. भिखम यादव, उम्र 50 वर्ष, निवासी गठुला, ओपी चिखली, थाना कोतवाली एवं नितिन सोनटक्के, पिता स्व संजय सोनटक्के, उम्र 34 वर्ष, निवासी 16 खोली स्टेशनपारा, ओपी चिखली, थाना कोतवाली शामिल है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 170, 126, 135 (3) बीएनएसएस के तहत कार्यवाही की गई और उन्हें न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में अवैध गांजा और शराब बिक्री, असामाजिक तत्वों, गुंडा-गर्दी और सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
इस कार्यवाही में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक कैलाश चंद्र मरई, महिला प्रधान आरक्षक वंदना पटले, आरक्षक आदित्य सोलंकी, चंद्रकपूर आयाम, सौरभ बुराडे, गोपाल पैकरा, जयराम निषाद, तामेश्वर भुआर्य और चौकी चिखली स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका और सराहनीय योगदान रहा।

लालबाग पुलिस ने पेंड्री मारपीट केस का फरार आरोपी गिरफ्तार

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राजनांदगांव। ग्राम पेण्ड्री में प्रार्थी टुकेश उर्फ बाबू के घर घुसकर मारपीट और धारदार चाकूनुमा कटारी दिखाकर धमकी देने वाले फरार आरोपी करीम मुगल उर्फ बबलू (28) को लालबाग पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा।
मामले के अनुसार, प्रार्थी के मंगेतर को आरोपी देवीलाल साहू ने जन्मदिन पर बधाई दी थी, जिसके बाद आपसी विवाद हुआ था। विवाद के बावजूद समझौता हो गया। लेकिन 01 जनवरी 2026 की शाम 7 बजे प्रार्थी घर के बाहर आग ताप रहा था, तभी आरोपी सुनील मरकाम उर्फ टिर्रू देवीलाल साहू, कमरान और करीम मुगल उर्फ बबलू घर में घुस गए। उन्होंने गाली-गलौज की, डंडे से मारपीट की और धारदार चाकूनुमा कटारी दिखाकर जान से मारने की धमकी दी।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना लालबाग में धारा 296, 115 (2), 351 (2), 3 (5) व 333 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। गंभीरता को देखते हुए धारा 25 और 27 आर्म्स एक्ट भी जोड़ा गया। पहले सुनील मरकाम उर्फ टिर्रू और देवीलाल साहू को 02 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। घटना में शामिल अन्य दो आरोपी फरार थे।
मोबाइल लोकेशन के आधार पर फरार आरोपी करीम मुगल उर्फ बबलू को 07 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ पहले से एनडीपीएस और जुआ एक्ट के मामले दर्ज हैं।
पूरा कार्यवाही निरीक्षक राजेश कुमार साहू, सउनि अश्वनी यादव और आरक्षक राकेश धु्रव की सक्रिय भूमिका में संपन्न हुईए जिनकी सराहना की गई।

डोंगरगढ़ पुलिस ने गांजा नशेड़ियों पर कसा शिकंजा, 8 गिरफ्तार

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डोंगरगढ़। महावीर पारा स्थित महावीर मंदिर के पीछे गांजा पीते हुए 8 नशेड़ियों को डोंगरगढ़ पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कुल 100 ग्राम गांजा और गांजा पीने का सामान जब्त किया गया, जिसकी कीमत लगभग 4,000 रुपये बताई गई है। सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 27 एनडीपीएस एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की गई।
सूचना मिलने पर डोंगरगढ़ पुलिस ने 07 फरवरी 2026 की रात को त्वरित कार्रवाई करते हुए रेड की। आरोपी महावीर मंदिर के पीछे धूनी जमाए बैठकर गांजा पी रहे थे। पुलिस ने सभी 8 आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में जगन्नाथ पटेल पिता रघुराम पटेल, उम्र 28 वर्ष, ग्राम कोठार, थाना पिपरिया, जिला कबीरधाम, अमर तिवारी पिता मनोज तिवारी, उम्र 23 वर्ष, ग्राम पिपरिया, थाना पिपरिया, चेतन लारिया पिता चिंताराम लारिया, उम्र 32 वर्ष, टिकरापारा, राजू खान पिता महमूद खान, उम्र 44 वर्ष, भगत सिंह चौक, कादिर खान पिता लतीफ खान, उम्र 27 वर्ष,ख् गोलबाजार, अनिल वर्मा पिता राजकुमार वर्मा, उम्र 33 वर्ष, राजीवनगर क्लब चौक, बसंतपुर, सोमनाथ साहू पिता ऐनूराम साहू, उम्र 38 वर्ष, राजीवनगर क्लब चौक एवं दीपक सिन्हा पिता मोहन सिन्हा, उम्र 35 वर्ष, चिखली, थाना कोतवाली शामिल है।
पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर एवं एसडीओपी डोंगरगढ़ केशरी नंदन नायक के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी डोंगरगढ़ निरीक्षक संतोष जायसवाल ने अपनी टीम के साथ आरोपी समेत नशेड़ी और असामाजिक तत्वों पर लगातार निगरानी रखकर कार्रवाई को अंजाम दिया।
इस कार्यवाही में निरीक्षक संतोष जायसवाल, सहायक उप निरीक्षक कुरैशी, आरक्षक नरेंद्र प्रजापति, युगेंद्र देशमुख, किशन चंद्रा, लक्ष्मी शंकर कंवर, तिलक कंवर, हदयाल कंवर, मिलन वाल्टर, कमल केंवट, अविलेश डीहडी, संजय देवांगन, राम खिलावन सिन्हा, भूपेंद्र वर्मा, मिथलेश पटेल एवं इंद्रभान सिंह का योगदान सराहनीय रहा।

लालबाग पुलिस ने अवैध शराब कारोबार पर कसा शिकंजा, दो आरोपी जेल भेजे

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राजनांदगांव। अवैध शराब के परिवहन और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए लालबाग थाना पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। 7 फरवरी को कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 34 (2) आबकारी एक्ट के तहत न्यायालय में पेश किया गया, जहां उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 40 पौवा शोले देशी प्लेन और 30 पौवा स्पेशल गोवा व्हिस्की बरामद की। बरामद शराब की कीमत 6,800 रुपए बताई गई है। साथ ही घटना में प्रयुक्त स्कूटी हीरो डेस्टिनी (सीजी24-यू 0250) कीमती 50,000 रुपए जब्त की गई। कुल जप्त संपत्ति की कीमत 56,800 रुपए है।
गिरफ्तार आरोपियों में मनीष तेजवानी पिता निर्मल तेजवानी, निवासी नंदई चौक, न्यू आदर्श कॉलोनी, थाना बसंतपुर एवं भागवत प्रसाद तिवारी पिता स्व. चंद्रिका प्रसाद तिवारी, निवासी ग्राम कोहका, पो. टप्पा, चौकी तुमड़ीबोड़, थाना लालबाग शामिल है।
जानकारी के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि स्कूटी हीरो डेस्टिनी पर दो व्यक्ति भारी मात्रा में अवैध शराब लेकर बायपास रोड से रेवाडीह होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर चौक की ओर जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने नाकेबंदी कर आरोपियों को पकड़ लिया।
शराब रखने के संबंध में आरोपियों से वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई कागजात पेश नहीं कर सके। इसके बाद दोनों के खिलाफ धारा 34 (2) आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई में निरीक्षक राजेश साहू, सहायक उप निरीक्षक एपी शीला, आरक्षक कमलकिशोर यादव, आरक्षक संतोष श्रीवास्तव और तामेश्वर वर्मा की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध शराब के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

रामनाम की गूंज से भक्तिमय हुआ ग्राम रतनभाट – सम्मेलन में शामिल हुईं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण रविन्द्र वैष्णव

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छुरिया। विकासखंड अंतर्गत ग्राम रतनभाट में आयोजित रामचरितमानस सम्मेलन ने पूरे गांव को भक्ति और श्रद्धा के सागर में डुबो दिया। रामनाम की चौपाइयों और मानस पाठ से संपूर्ण ग्राम भक्तिमय हो उठा। इस भव्य आयोजन में जिला पंचायत राजनांदगांव की अध्यक्ष श्रीमती किरण रविन्द्र वैष्णव ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और भी महत्व दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत सभापति श्री गोपाल भुआर्य ने की, वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में पद्मभूषण साहू ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। मंचासीन अतिथियों का ग्रामवासियों ने हार्दिक स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया।

मुख्य अतिथि श्रीमती किरण रविन्द्र वैष्णव ने अपने संबोधन में कहा, “रामचरितमानस न केवल धार्मिक ग्रंथ है, बल्कि यह मानव जीवन को मर्यादा, सत्य, सेवा और करुणा का मार्ग दिखाने वाला अमूल्य रत्न है। इस तरह के सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी को हमारी सनातन संस्कृति से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।” उन्होंने आयोजन समिति और ग्रामवासियों को इस भव्य आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत सभापति श्री गोपाल भुआर्य ने कहा, “रामचरितमानस के संदेश आज के समय में और भी प्रासंगिक हो गए हैं। इस ग्रंथ से समाज में सद्भाव, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का प्रसार होता है।”

इस अवसर पर जिला भाजपा कार्यकारिणी सदस्य पद्मभूषण साहू, ग्राम उप सरपंच दिग्विजय मिश्रा, ग्राम प्रमुख रोहित भुआर्य, अलख धनकर, मजिद खान, रूपसिंह भुआर्य, बाबूराम धनकर, जीवधन देवांगन, मेहतर देवांगन समेत बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

सभी उपस्थित लोगों ने इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को एक नई ऊर्जा और श्रद्धा के साथ अनुभव किया। रामचरितमानस सम्मेलन ने न केवल ग्राम रतनभाट में भक्ति का माहौल बना दिया, बल्कि ग्रामीणों में सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को भी प्रगाढ़ किया।