Home Blog Page 51

cg” जैविक खेती, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार व्यवस्था से बढ़ेगी किसानों की आय : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय…”

0

कुनकुरी में जैविक किसान मेला एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय”

औषधीय एवं सुगंधित फसलों के विपणन हेतु हुआ महत्वपूर्ण अनुबंध, किसानों को मिलेगा बेहतर बाजार”

किसानों की समृद्धि ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला है। आधुनिक कृषि तकनीकों, बेहतर फसल चयन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती तथा सुदृढ़ बाजार व्यवस्था के माध्यम से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों को समृद्ध बनाए बिना विकास का लक्ष्य पूर्ण नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुनकुरी में आयोजित जैविक किसान मेला एवं खेत बचाओ अभियान अंतर्गत प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता तथा मानव स्वास्थ्य दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि पूर्व में गोबर खाद, ढैंचा एवं अन्य हरी खादों के उपयोग से खेती अधिक टिकाऊ और भूमि अधिक उपजाऊ रहती थी। आज आवश्यकता है कि परंपरागत ज्ञान और आधुनिक तकनीक का समन्वय कर कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और उर्वरकों के आयात पर निर्भरता को देखते हुए नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे विकल्प किसानों के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। इनके उपयोग से उत्पादन लागत कम होती है और मिट्टी की गुणवत्ता भी संरक्षित रहती है।

किसानों को मिला आधुनिक तकनीकों से जुड़ने का अवसर

कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि, आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रोन तकनीक, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न कृषि प्रदर्शनों का अवलोकन कर विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की तथा किसानों से संवाद भी किया।

कार्यक्रम में ड्रोन के माध्यम से खेतों में दवा छिड़काव का लाइव प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। किसानों ने आधुनिक कृषि तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और उनके उपयोग से होने वाले लाभों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही कृषि नवाचारों, जैविक खेती, पशुपालन एवं मत्स्य पालन से संबंधित जीवंत प्रदर्शनी भी आयोजित की गई।

उत्कृष्ट किसानों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम में आयोजित किसान प्रतियोगिता के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित किया। ग्राम खोंगा (मनोरा) के किसान श्री महेश सिंह को जैविक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। ग्राम लाखाझार के किसान श्री सुखराम को 33 किलोग्राम वजन के कटहल उत्पादन तथा ठेठेटांगर के किसान श्री विजय भूषण को ढाई किलोग्राम वजन के आम उत्पादन के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के तहत कृषक श्री गुप्तेश्वर को भूमि पट्टा भी प्रदान किया।

औषधीय एवं सुगंधित फसलों को मिलेगा बेहतर बाजार

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में जिला प्रशासन जशपुर एवं सेमिना एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के बीच औषधीय एवं सुगंधित फसलों के विपणन के लिए महत्वपूर्ण अनुबंध किया गया। इस पहल से जिले के किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा तथा मूल्य संवर्धन और विपणन की नई संभावनाएं विकसित होंगी। इससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

किसानों की खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की व्यवस्था लागू की गई है। सरकार बनने के तुरंत बाद किसानों को दो वर्षों का लंबित बोनस प्रदान किया गया तथा शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

बगिया दाबयुक्त सिंचाई योजना से बदलेगी खेती की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत चयनित देश की 100 प्रमुख परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ की एकमात्र बगिया दाबयुक्त सिंचाई योजना शामिल है। लगभग 119 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना से 14 गांवों के लगभग 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। पाइपलाइन के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने वाली इस योजना से भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता भी नहीं होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए देश के चयनित 100 जिलों में छत्तीसगढ़ के केवल तीन जिले—दंतेवाड़ा, कोरबा और जशपुर—शामिल किए गए हैं, जिससे जिले के कृषि विकास को नई गति मिलेगी।

सुशासन और डिजिटल सेवाओं से ग्रामीणों को मिल रही सुविधा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में सुशासन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए गुड गवर्नेंस एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। अधिकांश शासकीय कार्य अब ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से संचालित हो रहे हैं तथा भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से 400 से अधिक नागरिक सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनका लाभ लोग घर बैठे प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश की 6 हजार ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां ग्रामीणों को बैंकिंग एवं डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी देते हुए कहा कि अब नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे दर्ज करा सकते हैं। 24×7 संचालित इस व्यवस्था से 42 विभागों के 8 हजार से अधिक अधिकारी जुड़े हैं और प्रत्येक शिकायत के समयबद्ध निराकरण की निगरानी की जा रही है।

कार्यक्रम में पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार बेसरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव,  नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष श्री यशप्रतापसिंह जूदेव सहित बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

cg” प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जारी की पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त…”

0

छत्तीसगढ़ के 24 लाख से अधिक किसान परिवारों को मिली 490 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि”

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कुनकुरी से वर्चुअल कार्यक्रम में हुए शामिल”

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी करते हुए देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 18,880 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, सलियाटोली में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में शामिल हुए और किसानों के साथ प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश की समृद्धि का आधार किसान हैं और किसानों की उन्नति के बिना विकसित भारत की परिकल्पना साकार नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम बनी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए कृषि भूमि और धरती माता का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से देशभर में ‘खेत बचाओ अभियान’ संचालित किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से इस अभियान से जुड़ने तथा अन्य किसानों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त के तहत छत्तीसगढ़ के 24 लाख से अधिक किसान परिवारों के खातों में 490 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई। यह सहायता खरीफ सीजन की शुरुआत में किसानों के लिए महत्वपूर्ण संबल सिद्ध होगी, जिससे उन्हें खाद, बीज एवं अन्य कृषि आदान सामग्री की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अन्नदाता की समृद्धि ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में किसानों के जीवन में आर्थिक सुरक्षा, आत्मविश्वास और सम्मान का संचार हुआ है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना किसानों को खेती-किसानी के लिए आवश्यक आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने वाली देश की सबसे सफल योजनाओं में से एक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को अधिक लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की व्यवस्था लागू की गई है। इसके साथ ही किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, कृषक उन्नति योजना सहित अनेक किसान हितैषी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि खरीफ सीजन के प्रारंभ में मिली यह राशि खेती की तैयारी में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। किसानों ने बताया कि इस सहायता से खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री की खरीद में सुविधा मिलेगी तथा खेती के कार्यों को समय पर गति मिलेगी।

किसानों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की किसान हितैषी नीतियों से कृषि क्षेत्र को लगातार मजबूती मिल रही है और किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आ रहा है।

कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की खुशहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, बेहतर बाजार व्यवस्था और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा दे रही है। सरकार का उद्देश्य किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर उन्हें कृषि उद्यमिता और मूल्य आधारित कृषि से जोड़ना है, ताकि उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाएं किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं। किसानों की समृद्धि ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आधार है।

इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार बेसरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव सहित बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

cg” योग से स्वस्थ जीवन और सशक्त समाज का निर्माण संभव : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े…”

0

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर बलरामपुर में हजारों लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास

नियमित योग, नशामुक्त जीवन और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बलरामपुर जिले में “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम के साथ व्यापक स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय स्थित स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल के हाई स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिले की प्रभारी मंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सहभागिता करते हुए विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास किया तथा नागरिकों को नियमित योग अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है। आज विश्व के अनेक देशों में योग को स्वास्थ्य, संतुलन और मानव कल्याण के प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का विज्ञान है। योग और अध्यात्म एक-दूसरे के पूरक हैं तथा यह व्यक्ति को स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवन की दिशा प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जीवनशैली में शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। योग ऐसी प्राचीन भारतीय साधना है, जो तन, मन और आत्मा को संतुलित कर निरोग जीवन का मार्ग प्रशस्त करती है। योग व्यक्ति में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नई ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए उपस्थित लोगों को नियमित योग एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प दिलाया।

कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश जायसवाल, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा चेरवा, नगर पालिका अध्यक्ष श्री लोधीराम एक्का, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर प्रशिक्षकों द्वारा ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, भद्रासन, वज्रासन, मकरासन सहित विभिन्न योगासनों के साथ भ्रामरी प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने स्काउट-गाइड, रोवर एवं रेंजर के विद्यार्थियों से संवाद कर उनके अनुभव जाने तथा अनुशासन, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की। इसके पश्चात उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत हाई स्कूल मैदान परिसर में मौलश्री का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी पौधरोपण कर हरित बलरामपुर के संकल्प को मजबूत किया।

जिला स्तरीय कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने उपस्थित जनसमूह को नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में योग तथा नशामुक्त जीवनशैली की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर योग को जीवन का हिस्सा बनाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने की अपील की।

जिले के सभी विकासखंडों, नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों, वृद्धाश्रमों तथा विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों पर भी सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

cg” अपने आईएएस बनने का लक्ष्य दीवारों पर लिखें, जो आपको संकल्प याद दिलाएं :  विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह..”

0

– विधानसभा अध्यक्ष संघ लोक सेवा आयोग 2025 में चयनित अभ्यर्थियों द्वारा मार्गदर्शन कार्यक्रम में हुए शामिल”

– युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, क्षमता एवं संभावनाओं को सही दिशा प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा मार्गदर्शन कार्यक्रम का अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक आयोजन”

–  असफलता मिले तो उसे चुनौती मानकर जीत की तैयारी करें और आगे बढ़े”

– भारतीय लोक सेवा आयोग 2025 में चयनित अभ्यर्थियों ने अपने अनुभव किए साझा”

राजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज जिला प्रशासन द्वारा पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम राजनांदगांव में आयोजित संघ लोक सेवा आयोग 2025 में चयनित अभ्यर्थियों द्वारा मार्गदर्शन कार्यक्रम में शामिल हुए। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, क्षमता एवं संभावनाओं को सही दिशा प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा यूपीएससी 2025 में चयनित अभ्यर्थियों द्वारा मार्गदर्शन कार्यक्रम का अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक आयोजन किया गया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति, सोच एवं धैर्य की आवश्यकता होती है। उन्होंने युवाओं से कहा कि अपने अध्ययन कक्ष की दीवारों पर लिखें कि आईएएस अधिकारी बनना है, तो प्रतिदिन इसे देखकर मन में विश्वास जाग्रत होगा कि मन में जो संकल्प लिया है, वह पूरा करना है।

उन्होंने कार्यक्रम में आए यूपीएससी 2025 में चयनित अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सभी ने जीवन में इस ऊंचाई तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की है और धरातल से उपर उठकर रोल मॉडल बने हैं। उन्होंने यूपीएससी 2025 में चयनित श्री संजय संजय डहरिया का जिक्र  करते हुए कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से संघर्ष करते हुए यूपीएससी की परीक्षा में सफलता प्राप्त करना उनकी जीवटता एवं दृढ़ इच्छाशक्ति का अद्भूत उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि यहां उपस्थित सभी सफल अभ्यर्थियों ने अपनी मेहनत एवं इच्छाशक्ति से सफलता हासिल कर कीर्तिमान स्थापित किया है। यदि कभी असफलता मिले तो उसे चुनौती मानकर जीत की तैयारी करें और आगे बढ़े, तो सफलता जरूर हासिल होगी।

भारत रत्न, मिसाईल मैन एवं देश के पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि डॉ. कलाम पायलट बनना चाहते थे, लेकिन वे असफल रहे। बाद में वे वैज्ञानिक एवं मिसाईल मैन तथा देश के राष्ट्रपति बने और उनकी पायलट बनने की इच्छा भी पूरी हुई।

उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन, हैरी पॉटर किताब की लेखिका जेके रोलिंग्स एवं थॉमस एडिशन का उदाहरण देते हुए बताया कि असफलता के बावजूद उन्होंने बाद में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने सभी युवाओं से कहा कि अपनी ऊर्जा एवं क्षमता से परीक्षा की तैयारी करें, सफलता जरूर मिलेगी।

– एकाग्रचित होकर करें पढ़ाई : आईजी श्री बालाजी राव
– दृढ़ इच्छा शक्ति एवं संकल्प आपको मजबूत बनाते हैं

पुलिस महानिरीक्षक श्री बालाजी राव ने कहा कि यूपीएससी की कठिन परीक्षा में एकाग्रचित होकर पढ़ाई करें। आपकी सफलता के पीछे, अभिभावक, शिक्षक एवं मित्रों का योगदान होता है। तैयारी के दौरान अनिश्चिता भरे जीवन में दृढ़ इच्छा शक्ति एवं संकल्प आपको मजबूत बनाते हैं और इस प्रक्रिया से गुजरते हुए जिम्मेदार पदों पर पहुंचते हैं, जिससे दूरदर्शिता पूर्ण निर्णय लेने में सक्षम बनते हैं। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ पढऩे के लिए कहा।

– जुनून एवं जज्बे से अपने सपने को करें साकार : कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव
– यूपीएससी की परीक्षा खुबसूरत एवं विभिन्नता लिए हुए, युवा शिद्दत के साथ करें मेहनत

कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि भारतीय लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी के लिए युवाओं की जिज्ञासाओं के समाधान के लिए यह आयोजन किया गया है। यूपीएससी की तैयारी के लिए आज यहां ऐसे युवा अभ्यर्थी मौजूद है, जिन्होंने अपने जुनून एवं जज्बे से अपने सपने को साकार किया है तथा सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए है। उन्होंने कहा कि यूपीएससी की परीक्षा खुबसूरत एवं विभिन्नता लिए हुए है। युवा इस परीक्षा के लिए शिद्दत के साथ मेहनत करें। उन्होंने कहा कि जीवन में कभी हार नहीं मानना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश में होने के बावजूद, ऐसे  चयनित अभ्यर्थी भी हैं, जिन्हें सीमित संसाधन होने के बावजूद बेहतरीन परिणाम मिले हैं। केवल मेहनत करना पर्याप्त नहीं है, सही रणनीति के साथ अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि एक पंक्ति इंसान के जीवन को बदल सकती है। हमेशा सकारात्मक रहते हुए अच्छे विचारों से प्रेरित होकर अध्ययन करें।

– योद्धा वही है जो प्रतिकूलता में सफल होते हैं : एसपी सुश्री अंकिता शर्मा

पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा ने कहा कि अनुकुलता में सभी सफल होते हैं, योद्धा वही है जो प्रतिकूलता में सफल होते हैं। उन्होंने अपने पिता का स्मरण करते हुए कहा कि वह अपने पिताजी का नाम रौशन करना चाहती थी। तैयारी के दौरान जेहन में यह विचार था कि किसी भी कार्य के लिए कोई न कोई व्यक्ति पहला होता है, तो क्यों न आईपीएस ऑफिसर बनकर पहला मैं बनूं।

– कठिन परिश्रम महत्वपूर्ण रहा : डीएफओ श्री आयुष जैन

वनमंडाधिकारी श्री आयुष जैन ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वनमंडलाधिकारी वन के संरक्षक होते हैं। यह सौभाग्य की बात है कि मुझे प्रकृति के सानिध्य में कार्य करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने बताया कि पिताजी के प्रेरित करने पर आईएफएस की तैयारी की। अपनी इस यात्रा के दौरान कठिन परिश्रम महत्वपूर्ण रहा है।

– कठिन परिश्रम, अनुशासन, आत्मविश्वास से मिलती है सफलता : श्री अनुज अग्निहोत्री

यूपीएससी सीएसई 2025 में प्रथम रैंक प्राप्त करने वाले श्री अनुज अग्निहोत्री वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने बताया कि वे डॉक्टर है और सिविल सेवा के लिए उन्होंने लगातार तैयारी की और तीसरे प्रयास में सफल हुए और उपलब्धि हासिल की। उन्होंने युवाओं से कहा कि आप इस सेवा में क्यों और कैसे आना चाहते है, इसके लिए विचार स्पष्ट होना चाहिए। कठिन परिश्रम, अनुशासन, आत्मविश्वास से सफलता मिलती है। सत्यनिष्ठा एवं ईमानदारी से अध्ययन करेंगे तो भाग्य भी साथ देता है।

– अनुशासित एवं अपग्रेड रहकर करें तैयारी : श्री राघव झुनझुनवाला

यूपीएससी सीएसई 2025 में चौथा रैंक प्राप्त करने वाले श्री राघव झुनझुनवाला ने बताया कि कि वित्तीय समावेशन के लिए कार्य करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने कार्य से संतोष मिला और सिविल सेवा के प्रति उनका झुकाव बढ़ा। उन्होंने कहा कि अनुशासन का चयन करें प्रेरणा का नहीं क्योंकि प्रेरणा अस्थायी होती है। रियल टाईम में अपने आप को अपग्रेड करते हुए अनुशासन एवं प्रेरित होकर कार्य किया। उन्होंने कहा कि सिर्फ यूपीएससी ही नहीं विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दें सकते हैं। उन्होंने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, श्री रतन कर, श्री सुंदर पचाई जैसे विभिन्न हस्तियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अपने कैरियर चयन के लिए ईमानदार रहें।

– प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के पहले आपकी सोच स्पष्ट एवं विकसित होनी चाहिए : श्री दिशांत निसार
– अपनी ताकत एवं कमजोरी का चिन्हांकन करते हुए सही रणनीति से तैयारी करनी चाहिए

यूपीएससी सीएसई 2025 में 19वां रैंक प्राप्त करने वाले श्री दिशांत निसार ने बताया कि सिविल सेवा की तैयारी में अधिक प्रतियोगिता का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि गुजरात के कच्छ जिले से हैं और उन्होंने कौशल विकास तथा कृषि के क्षेत्र में जमीन से जुड़कर कार्य किया। जिससे उन्हें वास्तविक तौर पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में मदद मिली। इस दौरान उन्होंने बहुत कुछ सीखा एवं संभावनाओं की तलाश की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के पहले आपकी सोच स्पष्ट एवं विकसित होनी चाहिए। इसके साथ ही अपनी ताकत एवं कमजोरी का चिन्हांकन करते हुए पढ़ाई के लिए सही रणनीति से तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चैट जीपीटी में कंटेट बहुत अधिक होते हैं, जिससे भ्रम की स्थिति होती है तथा एआई के माध्यम से सभी विषय की तैयारी नहीं की जा सकती, इसलिए चयनित किताबों से अध्ययन करें।

– यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी के लिए डेली रूटीन महत्वपूर्ण : सुश्री वैभवी अग्रवाल
– परिणाममूलक तैयारी से मिलती है सफलता  

यूपीएससी सीएसई 2025 में 35वां रैंक प्राप्त करने वाले सुश्री वैभवी अग्रवाल ने कहा कि यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी के लिए डेली रूटीन महत्वपूर्ण है। जिसके माध्यम से प्रतिदिन की दिनचर्या में हम अपने विचारों को क्रियान्वित कर सकते हैं तथा पढ़ाई को अनुशासन से सही दिशा में ले जा सकते है। परीक्षाओं की परिणाममूलक तैयारी से सफलता मिलती है। उन्होंने युवाओं को अपने डेली रूटीन में अनुशासन का पालन करने, मानसिक तनाव को दूर करने के लिए मार्निंग वॉक करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि अपनी पढ़ाई का आनंद लीजिए तथा इसके लिए शत-प्रतिशत मेहनत कीजिए। उन्होंने कहा कि डरे नहीं डर के आगे जीत है। उन्होंने एनसीईआरटी की किताबें पढऩे कहा, विभिन्न विषयों के संबंध में जानकारी दी एवं स्वयं के नोट्स बनाने कहा।

– अपनी पढ़ाई का सतत विश्लेषण करें : सुश्री सुष्मिता सिंह

यूपीएससी सीएसई 2025 में 32वां रैंक प्राप्त करने वाले सुश्री सुष्मिता सिंह ने बताया कि उन्होंने कम्प्यूटर साईंस से इंजीनियरिंग किया है। उन्होंने बताया कि सही रणनीति एवं विचार के साथ सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि करेन्ट अफेयर्स के लिए उन्होंने सामाचार पत्र पढऩा जारी रखा। यूपीएससी के पहले के प्रश्र पत्र को हल करना तथा मॉक टेस्ट मददगार रहे। उन्होंने कहा कि लगातार अभ्यास से कुशलता प्राप्त होती है और अपनी पढ़ाई का सतत विश्लेषण करें। अध्ययन के दौरान पढ़ाई के प्रति वैसी ही तीव्रता एवं जूनून होना चाहिए, जैसे अपने शुरूआती दौर में रहा था।

– योजनाबद्ध तरीके से होनी चाहिए पढ़ाई : सुश्री दर्शना सिंह बघेल

यूपीएससी सीएसई 2025 में चयनित सुश्री दर्शना सिंह बघेल ने कहा कि उन्होंने आईआईटी कानपुर से बी-टेक किया है और वे ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी है। इस परीक्षा की तैयारी के लिए उन्हें अपने अभिभावकों, शिक्षकों, मित्रों एवं सभी का सहयोग मिला। उन्होंने युवाओं से कहा कि सही तरीके से पढ़ाई करने के लिए शार्ट टर्म एवं लंाग टर्म प्लान होना चाहिए। आगामी छह माह तक पढ़ाई एवं रिविजन के लिए योजना होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं को स्वस्थ एवं तनाव मुक्त रहने के लिए विभिन्न गतिविधियों तथा अपने जीवन में हॉबी को अपनाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि एक समय पर एक ही कार्य करें। तैयारी के दौरान यह याद रखें कि आप क्यों इस सेवा में आना चाहते है।

– कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित होने के बावजूद हुए सफल
– जब हम किसी समस्या को अंदर से जीत लेते हैं, तो बाहर भी जीत जाते : श्री संजय डहरिया

यूपीएससी सीएसई 2025 में 946 रैंक प्राप्त करने वाले श्री संजय डहरिया ने बताया कि वे महासमुंद ग्राम बेलटुकरी के रहने वाले है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से ग्रसित होने के बावजूद जीवन में कई उतार-चढ़ाव एवं चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी की और सफल हुए। एक समय मन में यह भी ख्याल आया की जिंदगी रहेगी कि नहीं। उन्होंने कहा कि नियत अच्छी रखें तो ईश्वर भी मदद करते है। जब हम किसी समस्या को अंदर से जीत लेते हैं, तो बाहर भी जीत जाते हैं। असफलता मिलने पर हताश न हो और अपने सपने को पूरा करने के लिए तैयारी जारी रखें। उन्होंने श्री अर्जुन सिसोदिया की पंक्तियों का स्मरण करते हुए कहा कि युद्ध नहीं जिनके जीवन में वे भी बहुत अभागे होंगे या तो प्रण को तोड़ा होगा या फिर रण से भागे होंगे।

– विश्लेषणात्मक क्षमता, तार्किक सोच, निर्णय लेने की योग्यता की भी होती है परीक्षा : श्री अजय गुप्ता

रायगढ़ के यूपीएससी 2025 में 452 रैंक में चयनित श्री अजय गुप्ता ने कि ग्रामीण परिवेश से निकलकर बड़े लक्ष्य हासिल करना संभव है, बशर्ते व्यक्ति में दृढ़ संकल्प, सही दिशा में मेहनत और निरंतर सीखने की इच्छा हो। उन्होंने बताया कि वे रायगढ़ जिले के हैं और ग्रामीण परिवेश  में पले बढ़े हैं। उच्च शिक्षा के दौरान मिले नए वातावरण और सफल लोगों के संपर्क ने उनके भीतर यह विश्वास जगाया और उन्हें महसूस हुआ कि अन्य लोग सफल हो सकते हैं तो वे भी अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपनी तैयारी को तथ्यों के आधार पर व्यवस्थित करें और समय का उपयोग प्राथमिकताओं के अनुसार करें। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं केवल ज्ञान की नहीं बल्कि विश्लेषणात्मक क्षमता, तार्किक सोच, निर्णय लेने की योग्यता और समस्या समाधान कौशल की भी परीक्षा होती हैं। इसलिए विद्यार्थियों को कॉलेज के आयोजनों में सक्रिय रहकर भाग लेना चाहिए, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।

– सफलता के लिए बड़ा सोचें, पूरे समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें : एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम. भार्गव

एसडीएम डोंगरगढ़ श्री एम. भार्गव ने कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए मेहनत के साथ-साथ एक्सपोजर और आत्मविश्वास बहुत जरूरी है। पहले प्रयास में साक्षात्कार तक पहुंचने के बावजूद उनका चयन नहीं हुआ और बाद के प्रयासों में भी उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन निरंतर प्रयास और धैर्य के बल पर उन्हें सफलता मिली। उन्होंने कहा कि असफलताएं सीखने का अवसर देती हैं और कभी भी हार नहीं माननी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने दायरे से बाहर निकलकर नए लोगों और नए परिवेश से जुडऩे का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जब तक हम व्यापक अनुभव प्राप्त नहीं करेंगे, तब तक हमारी सोच सीमित रहेगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली में देशभर के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के बीच रहकर उन्हें यह समझ आया कि आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत से कोई भी व्यक्ति आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए बड़ा सोचें, मानसिक बाधाओं को दूर करें और पूरे समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें।

कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी सत्र में विद्यार्थियों एवं युवाओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। इस अवसर पर महापौर श्री मधुसूदन यादव, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण साहू, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक श्री सचिन बघेल, अध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास श्रीमती पूर्णिमा साहू, जिला पंचायत सदस्य श्री प्रशांत कोडापे, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री भरत वर्मा, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, प्रशिक्षु आईपीएस श्रीमती वैशाली जैन, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा, विद्यार्थी व अभिभावक उपस्थित थे।

Bank Holiday: अगर आपको आने वाले हफ़्ते में बैंकिंग से जुड़ा कोई काम करना है, तो कृपया यह रिपोर्ट ध्यान से पढ़ें”

0

अगर आपको आने वाले हफ़्ते में बैंकिंग से जुड़ा कोई काम करना है, तो कृपया यह रिपोर्ट ध्यान से पढ़ें।

आप नहीं चाहेंगे कि चिलचिलाती गर्मी में बैंक जाएं और दरवाज़े बंद पाकर निराश होकर लौटें। RBI के कैलेंडर के अनुसार, इस हफ़्ते देश के अलग-अलग हिस्सों में बैंक तीन दिन बंद रहेंगे -”

खासकर 22 जून से 28 जून के बीच। इस हफ़्ते रथ यात्रा और मुहर्रम पड़ रहे हैं, जिसकी वजह से कई राज्यों में बैंक की छुट्टियां रहेंगी। इसके अलावा, इस हफ़्ते महीने का चौथा शनिवार भी है।”

यहां जानकारी दी गई है कि किन दिनों और कहां बैंक बंद रहेंगे।”

बैंक की छुट्टियों का पूरा शेड्यूल

22 जून (सोमवार): भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा शुरू हो रही है। इस दिन ओडिशा, गुजरात और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भव्य जुलूस निकाला जाता है; नतीजतन, बैंकिंग कामकाज बंद रहेगा।

26 जून (शुक्रवार): मुहर्रम। इस मौके पर देश भर के कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। दिल्ली, यूपी, महाराष्ट्र, बिहार, कर्नाटक, तेलंगाना, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत प्रमुख राज्यों में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।

27 जून (चौथा शनिवार): RBI के नियमों के अनुसार, देश भर के सभी बैंक, चाहे वे प्राइवेट हों या सरकारी, हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं। इसलिए, 27 जून को देश भर में बैंक बंद रहेंगे।

28 जून (रविवार): हमेशा की तरह, रविवार को देश भर के सभी बैंक बंद रहेंगे।

क्या बैंक लगातार तीन दिन बंद रहेंगे?

मुहर्रम के मौके पर कई बड़े राज्यों में बैंक की छुट्टियां हैं। इसके बाद चौथा शनिवार और फिर रविवार है। नतीजतन, बैंक लगातार तीन दिन तक नहीं खुलेंगे। इसलिए, चेक क्लियरेंस जैसे काम पहले ही निपटा लेना समझदारी होगी।

डिजिटल बैंकिंग हमेशा की तरह काम करती रहेगी

बैंक शाखाओं के बंद रहने का मतलब यह नहीं है कि आपकी बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से बंद हो जाएंगी। भले ही आप कैश जमा करने या निकालने के लिए बैंक न जा पाएं, फिर भी आप डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल कर पाएंगे।”

इसका मतलब है कि आप अपने मोबाइल फ़ोन या लैपटॉप के ज़रिए घर बैठे नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके ज़रिए आप किसी को भी पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं।”

इसके अलावा, कैश की ज़रूरतें पूरी करने के लिए देश भर में ATM हमेशा की तरह 24/7 खुले रहेंगे। आप Google Pay, Paytm और दूसरे UPI प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करके बिना किसी रुकावट के डिजिटल ट्रांज़ैक्शन भी कर पाएँगे।”

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शनिवार को हुए दोहरे बम विस्फोटों में सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल…

0

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शनिवार को हुए दोहरे बम विस्फोटों में सात लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। विस्फोटों की जांच शुरू कर दी गई है, और स्थानीय अधिकारियों ने घटना की कड़ी निंदा की है। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों को सहायता का आश्वासन दिया है। जानें इस घटना के बारे में और क्या जानकारी सामने आई है।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बम विस्फोट

शनिवार को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में दोहरे बम विस्फोटों में कम से कम सात लोगों की जान चली गई और तीन अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, अभी तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। विस्फोट बन्नू जिले के मार्का बेड़ा क्षेत्र में हुए। बन्नू जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) यासिर अफरीदी ने बताया कि पहला विस्फोट एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) द्वारा हुआ, जो सड़क के किनारे लगाया गया था, और इसने एक यात्री वैन को निशाना बनाया, जिससे मौके पर ही पांच लोगों की मौत हो गई।

उन्होंने कहा कि थोड़ी देर बाद उसी स्थान पर दूसरा विस्फोट हुआ, जो बचाव कार्य में लगे लोगों को लक्षित करता था। दूसरे विस्फोट में दो लोग मारे गए, जबकि एक वाहन को भी नुकसान पहुंचा। घायलों और मृतकों के शवों को नजदीकी अस्पताल में भेजा गया है, और इस घटना की जांच शुरू कर दी गई है।

अधिकारियों ने बताया कि यात्री वैन हठी खेेल गांव से बन्नू शहर की ओर जा रही थी जब यह विस्फोट का शिकार हुई। सुरक्षा बलों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने क्षेत्र को घेर लिया है और विस्फोट स्थल से सबूत इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने इस घटना की कड़ी निंदा की और पुलिस अधिकारियों को इस पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने विस्फोटों के संदर्भ में गहन जांच का आदेश भी दिया।

इसे “अत्यंत दुखद” और “दिल तोड़ने वाला” बताते हुए, उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और आश्वासन दिया कि प्रांतीय सरकार इस कठिन समय में सभी संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रांतीय सरकार इस दुख की घड़ी में प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ेगी।” खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने भी विस्फोटों की निंदा की।

भारत हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए नई रणनीतियाँ…

0

भारत हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए नई रणनीतियाँ अपना रहा है। ‘तीन काल’ की अवधारणा के तहत, भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने और समुद्री निगरानी को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीति न केवल सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि क्षेत्रीय शक्ति संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जानें इस विषय पर और क्या कहते हैं विशेषज्ञ और भारत की रणनीति के प्रमुख बिंदु।

भारत की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में कदम

भारत हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। नई रणनीतियों के तहत भारतीय नौसेना की ताकत को बढ़ाने और समुद्री निगरानी को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। कुछ रिपोर्टों में इसे ‘तीन काल’ के रूप में भी संदर्भित किया जा रहा है, जो देश की समुद्री सुरक्षा को नई दिशा देने का संकेत है।

हिंद महासागर में रणनीतिक गतिविधियों का बढ़ता प्रभाव

हिंद महासागर लंबे समय से वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग रहा है। हाल के वर्षों में इस क्षेत्र में चीन की बढ़ती नौसैनिक गतिविधियों और पाकिस्तान की समुद्री उपस्थिति को देखते हुए, भारत ने अपनी निगरानी और सुरक्षा तंत्र को और मजबूत किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का उद्देश्य इस क्षेत्र में किसी भी आक्रामक गतिविधि को रोकना और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

‘तीन काल’ का महत्व

रिपोर्टों में ‘तीन काल’ का उल्लेख भारत की उन्नत समुद्री क्षमताओं और प्लेटफार्मों के प्रतीक के रूप में किया जा रहा है, जिनका उद्देश्य समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और दुश्मन गतिविधियों पर नजर रखना है।

हालांकि रक्षा मंत्रालय ने किसी विशेष प्रणाली या तैनाती के बारे में आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत की मल्टी-लेयर डिफेंस स्ट्रैटेजी का हिस्सा हो सकता है।

भारत की समुद्री रणनीति के प्रमुख बिंदु

भारत की नौसैनिक रणनीति में निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है:

  • हिंद महासागर में निरंतर निगरानी
  • समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा
  • आधुनिक युद्धपोतों और पनडुब्बियों की तैनाती
  • मित्र देशों के साथ संयुक्त अभ्यास
  • तटीय सुरक्षा नेटवर्क का विस्तार

इन प्रयासों का उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना और संभावित खतरों का सामना करने के लिए तैयार रहना है।

पाकिस्तान और चीन की गतिविधियों पर नजर

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र में पाकिस्तान और चीन की बढ़ती गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए है। चीन की ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ रणनीति और पाकिस्तान की समुद्री उपस्थिति को लेकर भारत ने अपनी रणनीतिक तैयारियों को तेज किया है।

हालांकि भारत का रुख हमेशा से यह रहा है कि वह किसी भी देश के खिलाफ आक्रामक नीति नहीं अपनाता, लेकिन अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार रहता है।

विशेषज्ञों की राय

रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि हिंद महासागर में भारत की बढ़ती उपस्थिति न केवल सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि यह क्षेत्रीय शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है।

उनके अनुसार, भारत की यह रणनीति भविष्य में समुद्री सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करेगी।

निष्कर्ष

हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक तैयारियों पर चर्चा तेज हो गई है। ‘तीन काल’ जैसी अवधारणा को प्रतीकात्मक रूप से देखा जा रहा है, लेकिन यह स्पष्ट है कि भारत अपनी समुद्री सुरक्षा को लेकर पहले से कहीं अधिक सतर्क और मजबूत स्थिति में है। आने वाले समय में इस क्षेत्र में भारत की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होने की संभावना है।

चीन ने दुनिया की पहली कॉमर्शियल ब्रेन चिप ‘NEO’ को मंजूरी…

0

चीन ने दुनिया की पहली कॉमर्शियल ब्रेन चिप ‘NEO’ को मंजूरी दी है, जो मानव मस्तिष्क और कंप्यूटर के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने का दावा करती है। इसके सफल क्लिनिकल परीक्षणों के बाद, यह तकनीक चिकित्सा और तकनीकी उपयोगों में क्रांति ला सकती है। हालांकि, इसके नैतिक और सुरक्षा संबंधी सवाल भी उठाए जा रहे हैं। जानें इस नई तकनीक के संभावित उपयोग और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में इसके प्रभाव के बारे में।

चीन का नया तकनीकी दावा

ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) तकनीक के क्षेत्र में चीन ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, चीन ने दुनिया की पहली कॉमर्शियल ब्रेन चिप ‘NEO’ को मंजूरी दी है, जिसे सफल क्लिनिकल परीक्षणों के बाद अब व्यावसायिक उपयोग के लिए आगे बढ़ाया जा रहा है। इस विकास ने वैश्विक तकनीकी समुदाय में हलचल मचा दी है।

ब्रेन चिप ‘NEO’ की विशेषताएँ

‘NEO’ एक उन्नत ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस तकनीक पर आधारित चिप है, जिसे मानव मस्तिष्क और कंप्यूटर सिस्टम के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य मस्तिष्क के संकेतों को डिजिटल कमांड में परिवर्तित करना है, जिससे विभिन्न चिकित्सा और तकनीकी उपयोग संभव हो सकें।

क्लिनिकल परीक्षणों में सफलता

चीन के वैज्ञानिकों का कहना है कि ‘NEO’ चिप के क्लिनिकल परीक्षण सफल रहे हैं। प्रारंभिक परीक्षणों में इसे न्यूरोलॉजिकल रोगियों पर लागू किया गया, जिसमें कुछ मामलों में सकारात्मक परिणाम देखने का दावा किया गया है।

हालांकि, इस तकनीक से संबंधित विस्तृत वैज्ञानिक डेटा और स्वतंत्र सत्यापन की आवश्यकता पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी है।

न्यूरालिंक के साथ तुलना

इस घोषणा के बाद, इलॉन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक एक बार फिर चर्चा में आ गई है। न्यूरालिंक भी ब्रेन-चिप तकनीक पर काम कर रही है और मानव परीक्षणों के प्रारंभिक चरण में है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चीन का यह दावा सही साबित होता है, तो यह वैश्विक ब्रेन-टेक्नोलॉजी प्रतिस्पर्धा में एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है और न्यूरालिंक को कड़ी चुनौती मिल सकती है।

संभावित उपयोग

ब्रेन चिप ‘NEO’ के संभावित उपयोगों में शामिल हैं:

  • पैरालिसिस (लकवा) के मरीजों के लिए सहायता
  • न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का इलाज
  • कंप्यूटर और मशीनों को सीधे मस्तिष्क से नियंत्रित करना
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ इंटीग्रेशन

सुरक्षा और नैतिक सवाल

इस प्रकार की तकनीक के संबंध में विशेषज्ञों ने कई नैतिक और सुरक्षा संबंधी सवाल उठाए हैं, जिनमें डेटा प्राइवेसी, मस्तिष्क की सुरक्षा और मानव नियंत्रण जैसे मुद्दे शामिल हैं।

कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि इस तकनीक को व्यापक उपयोग में लाने से पहले और अधिक शोध और पारदर्शी परीक्षण की आवश्यकता है।

वैश्विक टेक रेस में नया अध्याय

चीन की इस घोषणा ने ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को और तेज कर दिया है। अमेरिका और चीन दोनों ही इस क्षेत्र में तेजी से निवेश कर रहे हैं और इसे भविष्य की सबसे क्रांतिकारी तकनीकों में से एक माना जा रहा है।

निष्कर्ष

‘NEO’ ब्रेन चिप को लेकर चीन का दावा तकनीकी दुनिया में नई बहस का केंद्र बन गया है। यदि यह तकनीक बड़े पैमाने पर सफल होती है, तो यह चिकित्सा और मानव-मशीन इंटरफेस के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव ला सकती है। हालांकि, विशेषज्ञ अभी भी इसके दीर्घकालिक प्रभावों और सुरक्षा मानकों को लेकर सतर्क हैं।

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू का ओडिशा दौरा.

0

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ओडिशा के मयूरभंज जिले में राष्ट्रपति के जन्मदिन के अवसर पर विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस यात्रा के दौरान, दोनों नेताओं ने स्थानीय आदिवासी समुदायों के साथ पूजा-अर्चना की और शिक्षा तथा कौशल विकास के महत्व पर जोर दिया। मोदी ने ओडिशा की भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने के जश्न में भाग लिया और राष्ट्रपति मुर्मू को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया।

ओडिशा में राष्ट्रपति मुर्मू का जन्मदिन मनाया गया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ओडिशा के मयूरभंज जिले के पहाड़पुर में राष्ट्रपति के 68वें जन्मदिन के अवसर पर पहुंचे। इस यात्रा के दौरान, दोनों नेताओं ने पवित्र संताली जाहेरा और हो जाहेरा स्थलों पर पूजा की और स्थानीय आदिवासी समुदायों द्वारा आयोजित पारंपरिक प्रकृति-पूजा में भाग लिया। यह यात्रा आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण के लिए एक बड़े अभियान का हिस्सा है, जिसमें शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से उनकी स्थिति को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान एक स्थानीय कौशल विकास केंद्र और स्कूल का दौरा भी किया गया।

विकास रा धारा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री का संबोधन

इसके बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने रायरंगपुर में ओडिशा सरकार के दो साल पूरे होने के जश्न के अवसर पर ‘विकास रा धारा, ओडिशा सारा’ कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मू और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और कहा कि ओडिशा उत्सवों के आनंद में डूबा हुआ है। उन्होंने गण पर्व रज और महाप्रभु जगन्नाथ जी की रथयात्रा की तैयारियों का भी जिक्र किया।

राष्ट्रपति मुर्मू को जन्मदिन की शुभकामनाएं

मोदी ने कहा कि ओडिशा की भाजपा सरकार ने अपने दो साल पूरे कर लिए हैं और इस अवसर पर मयूरभंज आकर उपस्थित होना उनके लिए विशेष है। उन्होंने राष्ट्रपति मुर्मू को जन्मदिन की बधाई दी और उनके स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति जी का व्यक्तित्व और सेवा भाव ओडिशा की पहचान को मजबूत करता है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बीच जिउ-जित्सु पर हुई मजेदार बातचीत….

0

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बीच जिउ-जित्सु पर हुई मजेदार बातचीत ने इस मार्शल आर्ट के स्वास्थ्य लाभों को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिउ-जित्सु न केवल एक मुकाबला

खेल है, बल्कि यह शारीरिक फिटनेस, मानसिक मजबूती और समग्र कल्याण में सुधार करता है। इस लेख में, हम जिउ-जित्सु के विभिन्न स्वास्थ्य लाभों, जैसे हृदय स्वास्थ्य में सुधार, वजन घटाने में सहायता, और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, शुरुआती लोगों के लिए प्रशिक्षण की सिफारिशें भी दी गई हैं।

खेल

जिउ-जित्सु पर राहुल गांधी और किरेन रिजिजू का मजेदार संवाद

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बीच एक हल्के-फुल्के सोशल मीडिया संवाद ने जिउ-जित्सु जैसे अप्रत्याशित विषय पर ध्यान आकर्षित किया है। रिजिजू द्वारा जन्मदिन की शुभकामनाओं के जवाब में, राहुल गांधी ने लिखा, “आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद, किरेन रिजिजू जी। हम कब जिउ-जित्सु सत्र कर रहे हैं?” इस ट्वीट ने राजनीतिक पर्यवेक्षकों का ध्यान खींचा है और साथ ही इस लोकप्रिय मार्शल आर्ट के स्वास्थ्य लाभों के बारे में जिज्ञासा भी बढ़ाई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्राज़ीलियन जिउ-जित्सु (BJJ) और पारंपरिक जिउ-जित्सु केवल मुकाबला खेल नहीं हैं, बल्कि ये एक समग्र कसरत प्रदान करते हैं जो शारीरिक फिटनेस, मानसिक मजबूती और समग्र कल्याण में सुधार करते हैं।

जिउ-जित्सु केवल आत्म-रक्षा से अधिक क्यों है?

जिउ-जित्सु, जो बल प्रयोग पर नहीं बल्कि संतुलन, ग्रैपलिंग और तकनीक पर केंद्रित है, विभिन्न फिटनेस स्तरों के लोगों के लिए उपयुक्त है। प्रशिक्षण में नियंत्रित स्पारिंग, शरीर के वजन की गतिविधियाँ और रणनीतिक समस्या समाधान शामिल होते हैं। फिटनेस विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित जिउ-जित्सु अभ्यास हृदय और मांसपेशियों की फिटनेस में सुधार करता है, साथ ही समन्वय और लचीलापन को भी बढ़ाता है।

जिउ-जित्सु के शीर्ष स्वास्थ्य लाभ क्या हैं?

हृदय स्वास्थ्य में सुधार

एक सामान्य जिउ-जित्सु सत्र उच्च-तीव्रता वाले अंतराल और मध्यम गतिविधियों के मिश्रण के साथ होता है, जो इसे एक उत्कृष्ट कार्डियोवैस्कुलर कसरत बनाता है। नियमित प्रशिक्षण सहनशक्ति, हृदय स्वास्थ्य और फेफड़ों की क्षमता में सुधार कर सकता है, जबकि एक सत्र में सैकड़ों कैलोरी जलाने में मदद करता है।

कार्यात्मक ताकत का निर्माण

जिउ-जित्सु एक साथ कई मांसपेशी समूहों को सक्रिय करता है, जिससे यह व्यक्तिगत मांसपेशियों को अलग करने के बजाय समग्र ताकत बढ़ाता है। यह कोर, पैरों, पीठ, कंधों और पकड़ को मजबूत करता है, साथ ही दैनिक गतिविधियों के लिए संतुलन और स्थिरता में सुधार करता है।

वजन घटाने में सहायता

जिउ-जित्सु एरोबिक और एनारोबिक व्यायाम को मिलाता है, जिससे यह कैलोरी जलाने की एक प्रभावी गतिविधि बन जाती है। प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागी 500 से 1,000 कैलोरी तक जला सकते हैं, जो संतुलित आहार के साथ मिलकर स्वस्थ वजन प्रबंधन में मदद करता है।

लचीलापन और गतिशीलता में सुधार

विभिन्न स्थितियों के माध्यम से लगातार गति करने से जोड़ों की गतिशीलता और लचीलापन बढ़ता है, जिससे कठोरता कम होती है और समग्र गति पैटर्न में सुधार होता है।

मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा

जिउ-जित्सु का एक कम ज्ञात लाभ इसका मानसिक कल्याण पर सकारात्मक प्रभाव है। प्रशिक्षण में ध्यान, धैर्य और त्वरित निर्णय लेने की आवश्यकता होती है, जो तनाव को कम कर सकता है और ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। शारीरिक व्यायाम एंडोर्फिन के रिलीज को उत्तेजित करता है, जो शरीर के प्राकृतिक “फील-गुड” रसायन हैं – जो चिंता को कम करने और मूड में सुधार करने में मदद करते हैं। कई अभ्यासकर्ता जिउ-जित्सु को “शारीरिक शतरंज” के रूप में वर्णित करते हैं क्योंकि हर कदम में रणनीतिक सोच और समस्या समाधान की आवश्यकता होती है।

क्या शुरुआती लोग जिउ-जित्सु आजमा सकते हैं?

अधिकांश प्रशिक्षण अकादमियाँ शुरुआती लोगों के लिए अनुकूल कक्षाएँ प्रदान करती हैं जहाँ नए लोग नियंत्रित वातावरण में बुनियादी तकनीकें सीखते हैं। विशेषज्ञों की सिफारिशें हैं:

  1. प्रमाणित प्रशिक्षकों के तहत प्रशिक्षण लें
  2. हर सत्र से पहले वार्म-अप करें
  3. सही गिरने की तकनीकें सीखें
  4. चोटों से बचने के लिए धीरे-धीरे प्रगति करें
  5. उचित सुरक्षा गियर पहनें

जो लोग पहले से ही चिकित्सा स्थितियों या जोड़ों की समस्याओं से ग्रस्त हैं, उन्हें किसी भी उच्च-तीव्रता वाले व्यायाम कार्यक्रम को शुरू करने से पहले स्वास्थ्य पेशेवर से परामर्श करना चाहिए।

राहुल का मजेदार ट्वीट अनायास ही दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती फिटनेस गतिविधियों में से एक को उजागर करता है।

चाहे आप कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस में सुधार करना चाहते हों, वजन घटाना चाहते हों, ताकत बनाना चाहते हों, या बस तनाव कम करना चाहते हों, जिउ-जित्सु एक संपूर्ण शरीर की कसरत प्रदान करता है जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद है।

जैसे-जैसे कार्यात्मक फिटनेस में रुचि बढ़ती है, जिउ-जित्सु जैसे मार्शल आर्ट को केवल आत्म-रक्षा कौशल के रूप में नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और लचीलापन बनाए रखने के लिए जीवनभर के उपकरणों के रूप में मान्यता दी जा रही है।