असम में विधानसभा चुनाव को लेकर नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया सोमवार को खत्म हो चुकी है. नामांकन प्रक्रिया के चलने तक राज्य में दलबदल का खेल चलता रहा और नई पार्टी में शामिल होते रहे.
इस बीच चुनाव अधिकारियों ने बताया कि असम चुनावों के लिए अलग-अलग राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों सहित 800 से अधिक उम्मीदवारों ने अपने नामांकन दाखिल किए हैं.
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के ऑफिस ने बताया कि 126 सदस्यों वाली विधानसभा के लिए कुल 818 उम्मीदवारों ने नाम जमा किए हैं. चूंकि कई निर्वाचन क्षेत्रों में, उम्मीदवारों ने एक से अधिक नामांकन दाखिल किए, जिसकी वजह से कुल 1,391 पर्चे दाखिल किए गए.”
गुरुवार तक नाम लिए जा सकते हैं वापस
नामांकन पत्रों की जांच आज मंगलवार को की जाएगी जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तारीख गुरुवार को है. यहां पर 9 अप्रैल को वोटिंग होगी, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी. CEO ऑफिस का कहना है कि दाखिल किए गए नामांकनों की अंतिम संख्या में बदलाव हो सकता है, क्योंकि अंतिम आंकड़े तय किए जा रहे हैं.
असम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाला NDA, जिसमें असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) शामिल हैं. NDA लगातार 10 साल से सत्ता में है और गठबंधन में लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रहा है. जबकि राज्य के मुख्य विपक्षी दल, कांग्रेस, 6 छोटे दलों के गठबंधन की अगुवाई कर रही है, जिसमें रायजोर दल, CPI(M), असम जातीय परिषद (AJP), CPI(ML) लिबरेशन और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (APHLC) शामिल हैं.
अंतिम दिन कई मंत्रियों ने किए नामांकन
इन दोनों गठबंधनों के अलावा तृणमूल कांग्रेस (TMC), आम आदमी पार्टी (AAP) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL) समेत अन्य दलों की ओर से अपने उम्मीदवार मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं.
वर्तमान एनडीए सरकार के जिन मंत्रियों ने कल अंतिम दिन अपने नामांकन दाखिल किए, उनमें AGP अध्यक्ष अतुल बोरा शामिल हैं जो बोकाखात निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं. उनके साथ मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी थे, जिन्होंने पिछले हफ्ते शुक्रवार को ही जालुकबारी सीट के लिए अपना नामांकन जमा कर दिया था.
BJP के कई मंत्रियों चंद्र मोहन पटवारी, रानोज पेगु, बिमल बोरा और जयंत मल्ला बरुआ ने भी अपनी-अपनी सीटों क्रमशः तिहू, धेमाजी, तिनखोंग और नलबाड़ी से नामांकन दाखिल किए. जोरहाट सीट से दोनों मुख्य दावेदारों कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई और मौजूदा 5 बार के विधायक हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने एक ही दिन अपना पेपर दाखिल किया.
पहली बार राज्य की राजनीति में उतर रहे गोगोई
वर्तमान एनडीए सरकार के जिन मंत्रियों ने कल अंतिम दिन अपने नामांकन दाखिल किए, उनमें AGP अध्यक्ष अतुल बोरा शामिल हैं जो बोकाखात निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं. उनके साथ मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी थे, जिन्होंने पिछले हफ्ते शुक्रवार को ही जालुकबारी सीट के लिए अपना नामांकन जमा कर दिया था.
गौरव गोगोई जो वर्तमान में लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता हैं और जोरहाट सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं, राज्य की चुनावी राजनीति में पहली बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. राज्य मंत्रिमंडल में AGP के नेता, केशव महंत ने भी कालियाबोर से फिर से चुनाव लड़ने के लिए अपना नामांकन दाखिल किया.
इसी तरह कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा, जो पिछले दिनों बीजेपी में शामिल हुए थे, ने भी बिहपुरिया सीट के लिए अपना नामांकन दाखिल किया. वहीं रविवार रात को कांग्रेस में शामिल होने के कुछ ही घंटों के अंदर, मौजूदा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहीं नंदिता गारलोसा ने भी हाफलोंग सीट से अपना नामांकन दाखिल कर दिया.
वहीं AIUDF प्रमुख और पूर्व सांसद बदरुद्दीन अजमल ने भी बिन्नाकांडी निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा में वापसी की उम्मीद के साथ अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया. जारी विधानसभा में, सत्ताधारी BJP की संख्या 64 है, जबकि उसके सहयोगी AGP के 9 विधायक, UPPL के 7 और BPF के 3 सदस्य हैं. वहीं विपक्षी खेमे में, कांग्रेस के 26 विधायक, AIUDF के 15 सदस्य और CPI(M) का एक विधायक है. इसके अलावा एक निर्दलीय विधायक भी है.



