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CG : सोहरई करमा महोत्सव में शामिल हुए सीएम साय, रौतिया समाज की सांस्कृतिक पहचान बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित…

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले में अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद, प्रांतीय शाखा छत्तीसगढ़ द्वारा ग्राम कण्डोरा में आयोजित महासम्मेलन (सोहरई करमा महोत्सव 2025) में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कुनकुरी में 20 लाख रुपए की लागत से निर्मित रौतिया समाज के सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया तथा ग्राम पंचायत कण्डोरा में 50 लाख रुपए की लागत से बनने वाले रौतिया भवन निर्माण का भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री साय ने समाज की मांग पर ग्राम कण्डोरा में करमा अखरा निर्माण के लिए 50 लाख रुपए तथा रायपुर में रौतिया भवन पहुँच मार्ग के लिए 25 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने मंच पर रौतिया समाज के वीर शहीद बख्तर साय और मुण्डल सिंह के छायाचित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि करमा महोत्सव हमारी प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है, जिसे सभी समाज मिलजुलकर मनाते हैं। यह पर्व हमें हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ प्रकृति के प्रति आदर और सम्मान का भाव भी सिखाता है। उन्होंने कहा कि एकादशी करमा, दशहरा करमा जैसी परंपराएँ हमारी संस्कृति में गहराई से रची-बसी हैं। ये उत्सव समाज को एक सूत्र में बाँधने का कार्य करते हैं।

⁠मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को तीव्र गति से लागू कर रही है। सरकार बनते ही पहली ही कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई। महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपए की सहायता दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार ने प्रति मानक बोरा दर को 5500 रुपए कर दिया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित भारत की तर्ज पर वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। उन्होंने लोगों से वोकल फॉर लोकल अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि स्वदेशी वस्तुओं की खरीद से न केवल देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नक्सल उन्मूलन की दिशा में तीव्रता से कार्य कर रही है। दो दिन पूर्व ही 210 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री साय ने माध्यमिक विद्यालय खेल मैदान स्थित आमा बगीचा के करमा पूजन स्थल पर करम वृक्ष की डाली की पारंपरिक रीति से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने करमा नर्तक दल के साथ गले में मांदर टाँगकर ताल मिलाते हुए करम वृक्ष की डाली के चारों ओर उत्साहपूर्वक नृत्य किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय तथा परिवारजन भी उपस्थित थे।

सोहरई करमा महोत्सव: रौतिया समाज की सांस्कृतिक पहचान

सोहरई करमा महोत्सव मूलतः रौतिया समाज द्वारा गोवर्धन पर्व के उपलक्ष्य में मनाया जाने वाला पारंपरिक पर्व है। इस दिन नए फसल को पूरे विधि-विधान से पूजा-पाठ कर घर लाया जाता है। ग्राम कण्डोरा में आयोजित इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के साथ-साथ झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से आए कुल 52 मंडलों के नर्तक दलों ने सहभागिता की। विविध लोक संस्कृतियों और पारंपरिक नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उल्लास और उत्सव की भावना से सराबोर कर दिया।

इस अवसर पर सांसद राधेश्याम राठिया, अखिल भारतीय रौतिया समाज विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओ. पी. साय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दामोदर सिंह, राष्ट्रीय महासचिव आजाद सिंह, केंद्रीय संगठन मंत्री भुनेश्वर केसर, केंद्रीय महिला सदस्य उमा देवी सहित समाज के अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे.

CG : भाजपा सरकार के सभी कैबिनेट मंत्रियों पर काम का दबाव, कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समय पर निराकरण करना होगा…

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गुजरात की भाजपा सरकार के तीन साल बाद सभी मंत्रियों में बदलाव के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी यहां के कैबिनेट मंत्रियों पर काम का दबाव बढ़ने वाला है। क्योंकि भाजपा शीर्ष नेतृत्व में गुजरात सरकार के मंत्रियों की रिपोर्ट ठीक नहीं होने पर चुनाव में जाने से दो साल पहले ही ही बदलाव करने का निर्णय लिया।

सभी मंत्रियों से इस्तीफा लेकर नए मंत्रिमंडल का गठन किया गया। भाजपा के इस फैसले से यहां के मंत्रियों पर अब जमीनी स्तर पर रिपोर्ट कार्ड बेहतर रखने का दबाव बढ़ गया है। साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करनी होगी। कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समय पर निराकरण करना होगा।

बता दें कि तीन नए मंत्रियों की नियुक्ति के दौरान तीन पुराने मंत्रियों को भी हटाने की चर्चा तेज थी। क्योंकि साय सरकार के तीन मंत्रियों की रिपोर्ट संगठन के पास ठीक नहीं थी। शीर्ष द्वारा मार्गदर्शन मिलने के बाद फिलहाल टाल दिया गया और जिन तीन मंत्रियों की रिपोर्ट ठीक नहीं थी। उन्हें नसीहत दी गई है कि सत्ता और संगठन के बीच सामंजस्य रखकर काम करें।

भाजपा कार्यकर्ताओं की शिकायतें नहीं आनी चाहिए। आम जनता की मांगें और समस्याओं का तत्काल निराकरण हो। लगातार फील्ड विजिट कर जनता की बातें सुने। साथ ही सरकार की योजनाओं का लाभ जनता को दिलाने के लिए विभागीय कसावट लाएं।

भाजपा सूत्रों के अनुसार, प्रदेश भाजपा संगठन और शीर्ष नेतृत्व खासकर कैबिनेट मंत्रियों के कामकाज का हर माह आकलन कर रहा है। साथ ही जिन मंत्रियों का परफारमेंस अच्छा नहीं आ रहा है, उन्हें समय रहते सुधारने की नसीहत भी दी जा रही है। इसी तरह विधानसभा के विधायकों की भी जनता के प्रति कैसा रवैया है, इसका फीडबैक लगातार वहां के पदाधिकारियों को कार्यकर्ताओं से ली जा रही है। विधायकों को भी प्रदेश संगठन द्वारा नसीहतें दी जा रही हैं।

CG: पूर्व CM और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा कि BJP वोट पाने के लिए नफ़रत की राजनीति करती है!

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छत्तीसगढ़ के पूर्व CM और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा कि आज हम पूनम पासवान के नॉमिनेशन के लिए कोरहा जा रहे हैं। उसके बाद, हम गया जाएंगे। और कन्हैया कुमार भी मेरे साथ हैं। भारतीय जनता पार्टी नफ़रत की पॉलिटिक्स करती है। उन्हें और कुछ नहीं आता। वे देश या राज्य नहीं चला सकते। वे वोट पाने के लिए नफ़रत फैलाते हैं। BJP वोट पाने के लिए मुसलमानों को गाली देती है, लेकिन उसके नेता मुसलमानों को अपना दामाद बनाते हैं। आप जितने भी बड़े नेता को देखते हैं, उनका एक मुस्लिम दामाद होता है। वे वोट पाने के लिए गाली देते हैं और अपनी बेटियों को दामाद बनाने के लिए दे देते हैं।

CG : अब ठंड का मौसम शुरू हो गया है, कोहरे और धुंध के असर से धूप कम रही, जिससे दिन के तापमान में तीन डिग्री की गिरावट…

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छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अब ठंड का मौसम शुरू हो गया है। शुक्रवार को सीजन का पहला घना कोहरा छाया रहा। कोहरा रात से सुबह 8 बजे तक छाया रहा। पूरी सड़क, गांव व शहर कोहरे के आगोश में समाए रहे। कुछ दूर में खड़े लोग भी दिखाई नहीं दे रहे थे। हालांकि धूप खिलने के बाद कोहरा छंट गया। धुंध का असर बना रहा और पूरे दिन हल्की धुंध छाई रही। कोहरे और धुंध के असर से धूप कम रही, जिससे दिन के तापमान में तीन डिग्री की गिरावट आई।

पहसड़क पर चलते हुए किसी को कहीं मुड़ना है तो इसके लिए पहले से ही इंडिकेटर देना शुरू कर देना चाहिए, जिससे पीछे चल रहे वाहन चालक सतर्क हो जाएं। मोड़ आने पर इंडिकेटर न दें और न ही बिना इंडिकेटर दिए बिना मुड़े। ऐसा करने से हादसे की आशंका बढ़ जाती है। शुक्रवार को जिले में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दो दिन पहले न्यूनतम तापमान 24 डिग्री दर्ज किया गया था। दिन का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

बदली छाने की वजह से ठंड कम लगी, लेकिन बदली छंटने के बाद जिले में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। ठंड को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने की सलाह दी है।

कोहरा घना हो तो सड़क के बाएं किनारे को देखकर वाहन चलाएं। इससे वाहन बिना किसी भटकाव के सीधी लाइन में चलता रहेगा। कोहरे के दौरान वाहन की हेडलाइट्स को हाईबीम की बजाय लो बीम रखना ठीक रहता है। इससे सड़क आसानी से दिखाई देती है। वाहन चालक सड़क के गड्ढों या ग्रिल से टकराने से बच जाते हैं।

कोहरे में दुर्घटना से बचने के लिए जरूरी है कि सामने वाले वाहन से निश्चित दूरी बनाकर रखी जाए। कोहरे में सड़कें गीली होती हैं। इससे ब्रेक लगने के बाद भी वाहन घिसटते हुए सामने वाले वाहन से टकरा सकता है।

कोहरे में वाहन की गति पर नियंत्रण रखें, जहां तक संभव हो धीमी गति से वाहन चलाएं। कोहरे में जहां तक संभव हो ओवरटेक करने से बचें। सड़कों पर वाहन चालकों की सुविधा के लिए पीली व सफेद पट्टियां या लाइट लगाई जाती है। कोहरे के दौरान ये बेहद मददगार साबित हो सकती हैं। इन्हें देखते हुए चालक आसानी से वाहन चला सकता है।

 

CG: सीएम साय का जशपुर दौरा आज, क्षेत्रवासियों के साथ दीपावली का त्योहार मनाएंगे।

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प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। सीएम साय अपने क्षेत्र में कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। सीएम साय सुबह 11:45 बजे जशपुर के लिए रवाना होंगे। इसके बाद जशपुर पहुँचने के बाद सीएम साय 1:15 बजे सोहरई करमा महोत्सव में शामिल होंगे। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सीएम साय अपने गृह ग्राम बगिया के लिए रवाना होंगे। सीएम विष्णुदेव साय क्षेत्रवासियों के साथ दीपावली का त्योहार मनाएंगे।

”विष्णुदेव साय बोले छग़ के समग्र विकास में डॉ. रमन का रहा महत्वपूर्ण योगदान”

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राजनांदगांव की सांस्कृतिक नगरी की रात संगीत और उत्सव के रंगों में सराबोर रही। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कैलाश खेर राग नांदगांव कार्यक्रम में शिरकत की। स्टेट हाई स्कूल प्रांगण में युवा वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस भव्य आयोजन में पद्मश्री कैलाश खेर ने अपने सुमधुर गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश की तीन करोड़ जनता की ओर से डॉ. रमन सिंह को जन्मदिन की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा आज का यह क्षण गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक है। डॉ. रमन सिंह ने अपने कार्यकाल में छत्तीसगढ़ के चहुंमुखी विकास की मजबूत नींव रखी। उनकी दूरदृष्टि और लोकहितकारी योजनाओं के कारण आज प्रदेश विकास के पथ पर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. सिंह ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू कर हर गरीब के थाली तक चावल पहुँचाया, जिससे वे ‘चाऊर वाले बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध हुए। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनके कार्य हमेशा याद किए जाएंगे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव की जनता ने उन्हें विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और अब विधानसभा अध्यक्ष बनने का अवसर दिया है। उन्होंने भावुक होकर कहा मेरा जन्म भले ही कबीरधाम जिले के रामपुर में हुआ हो लेकिन राजनीतिक दृष्टि से मेरा पुनर्जन्म राजनांदगांव में हुआ है। राजनांदगांव संस्कारधानी है, यह मेरा अभिमान, सम्मान और पहचान है। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों का प्रेम, आशीर्वाद और संस्कार ही उनकी असली पूंजी है। डॉ. सिंह ने राजनांदगांव की सांस्कृतिक विविधता और स्वादिष्ट व्यंजनों — पोहा-जलेबी, आलुगुंडा, रबड़ी, कचौरी, मुंगोड़ी, चाय और पान — का विशेष उल्लेख किया।

कार्यक्रम में पद्मश्री कैलाश खेर ने अपने लोकप्रिय गीत सांझ भई…तू जाने ना…पग पखारे…ढोलना… प्रस्तुत कर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

इस अवसर पर मंत्रीगण श्री रामविचार नेताम,  दयालदास बघेल, श्याम बिहारी जायसवाल, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, टंकराम वर्मा, विधायकगण धरमलाल कौशिक, किरण देव, राजेश मूणत, श्रीमती रेणुका सिंह सरूता, अनुज शर्मा, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, महापौर मधुसूदन यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, पर्यटन बोर्ड अध्यक्ष नीलू शर्मा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

”रमन सिंह के जन्मदिन पर राजनांदगांव में ‘राग नांदगांव’ कार्यक्रम”

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रमन सिंह के जन्मदिन पर राजनांदगांव में ‘राग नांदगांव’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस अवसर पर पद्मश्री गायक कैलाश खेर ने अपनी गानों की प्रस्तुति दी। कैलाश खेर ने भारतीय लोक संगीत और सूफी गायन की अपनी अनूठी शैली से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के जन्मदिन के अवसर पर स्टेट हाई स्कूल प्रांगण में युवा वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित कैलाश खेर राग नांदगांव कार्यक्रम में शिरकत की।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने देर रात्रि तक देश के प्रख्यात बॉलीवुड सिंगर पद्मश्री कैलाश खेर के सुमधुर गीतों का आनंद लिया। भारतीय लोक संगीत एवं सूफी गायन की अलहदा शैली से पद्मश्री कैलाश खेर ने महफिल में समां बांध दिया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को प्रदेश की तीन करोड़ जनता की ओर से जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

उन्होंने कहा कि आज का यह क्षण गौरवपूर्ण एवं ऐतिहासिक है। आज हम प्रदेश की संस्कारधानी राजनांदगांव की इस पवित्र भूमि में हम सब के लोकप्रिय जनप्रतिनिधि, छत्तीसगढ़ के तीन बारे के मुख्यमंत्री रहे, केन्द्रीय मंत्री रहे, वर्तमान में विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का जन्मदिन मनाने के लिए प्रदेश भर से यहां पहुंचे है।

उन्होंने कहा कि प्रभु से प्रार्थना है कि डॉ. रमन सिंह स्वस्थ एवं दीर्घायु रहे और आगे भी इसी तरह से देश एवं प्रदेश व जनसेवा करते रहे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 15 वर्षों तक छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश का चहुंमुखी विकास किया। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के समय यहां ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्यान्न की कमी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिनियम के माध्यम से जनसामान्य को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत चावल का वितरण किया। जिसके कारण वे चाऊर वाले बाबा के नाम से देश में विख्यात हुए।

उन्होंने छत्तीसगढ़ के समग्र विकास के लिए अधोसंरचना शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, विद्युत सहित अन्य सुविधा पर विशेष ध्यान देते हुए कार्य किया। उनके मुख्यमंत्री के कार्यकाल में सरगुजा, बस्तर जैसे जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में विकास के लिए विशेष तौर पर कार्य किया। उन्होंने जशपुर एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण का गठन किया तथा अभी वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष के रूप में प्रदेश का नेतृत्व कर रहे है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव के नागरिकों ने मुझे विधायक सांसद, केन्द्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष बनने का अवसर दिया है।

राजनांदगांव की जनता के प्रेम, आशीर्वाद, विश्वास, सम्मान के कारण मैं ऐसे महत्वपूर्ण पदों पर पहुंच सका हूं। उन्होंने बताया कि मेरा जन्म कबीरधाम जिले के रामपुर में हुआ है, लेकिन राजनीतिक दृष्टिकोण से मेरा दूसरा पुर्नजन्म राजनांदगांव में हुआ। इसके लिए उन्होंने राजनांदगांव की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया।

राजनांदगांव के नागरिक शांति और प्रेम के साथ मिलकर रहते है। राजनांदगांव की जनता के कारण देश में मेरी अलग पहचान बनी है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव संस्कारधानी है, राजनांदगांव मेरा अभिमान, स्वाभिमान है। राजनांदगांव कभी धरती तो आसमान है। राजनांदगांव मेरी इज्जत, साहस, सम्मान है और मेरी ताकत, मेरी पूंजी, मेरी पहचान है राजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि राजनांदगांव में जो आता है, वो यही का हो जाता है। राजनांदगांव संस्कारधानी नगरी है राजनांदगांव में जो प्रभाव है बाबा बर्फानी का संसार है, शीतला माता का दरबार है, गुरूद्वारे के संस्कार हैं। पार्रीनाला के मजार का आशीर्वाद है।

यहां उदयाचल भी है और अभिलाषा, आस्था और समता भी है। यहां की पोहा-जलेबी और आलुगुंडा नहीं खाऐ तो राजनांदगांव अधूरा रहेगा। यहां की रबड़ी, कचौरी, मुंगोड़ी, चाय, पान का जायका लिए बिना राजनांदगांव अधूरा है।

कैलाश खेर राग नांदगांव कार्यक्रम में देश के प्रख्यात बॉलीवुड सिंगर पद्मश्री कैलाश खेर ने सांझ भई.., तू जाने ना…, पग पखारे…, डोलना… गीतों ने श्रोताओं को मुग्ध किया।

इस अवसर पर आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मछलीपालन, पशुधन विकास मंत्री राम विचार नेताम, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास, उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक विल्हा धरमलाल कौशिक, विधायक जगदलपुर किरण देव, विधायक रायपुर नगर (पश्चिम) राजेश मूणत, विधायक भरतपुर-सोनहट मती रेणुका सिंह सरूता, विधायक धरसींवा अनुज शर्मा, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, महापौर मधुसूदन यादव, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित के अध्यक्ष श्री सचिन बघेल, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण साहू, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, पूर्व सांसद प्रदीप गांधी, पूर्व विधायक विनोद खाण्डेकर, कोमल सिंह राजपूत, रमेश पटेल, दिनेश गांधी, भरत वर्मा, संतोष अग्रवाल, सौरभ कोठारी, खूबचंद पारख, भावेश बैद, सुमीत उपाध्याय, सुरेश एच लाल, संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर, आईजी अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग, वनमंडलाधिकारी आयुष जैन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, एसडीएम डोंगरगढ़ एम भार्गव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

“Dhanteras 2025: धनतेरस पर सोना खरीदना रहेगा फायदमेंद, जारी रहेगी तेजी! एक्सपर्ट को बड़ी उम्मीद”

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Dhanteras 2025: सोना इस समय सातवें आसमान पर है। धनतेरस से एक दिन 17 अक्टूबर, दिन शुक्रवार को 24 कैरेट गोल्ड 13277 रुपये प्रति ग्राम के लेवल पर था। वहीं, 22 कैरेट गोल्ड 12170 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। 18 कैरेट गोल्ड 9958 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। आसमान छू रहीं गोल्ड की कीमतों में इस समय क्या दांव लगाना सही रहेगा? क्या इस धनतेरस पर सोना खरीदना फायदा देगा? आइए जानते हैं.

158% चढ़ा सोने का भाव

पिछली दिवाली से अबतक सोने की कीमतों में तूफानी तेजी देखने को मिली है। अकेले इस साल सोने का भाव 39 बार अपने आल-टाइम हाई पर पहुंचने में सफल रहा है। 1 नवंबर 2022 को गोल्ड का दाम 50,441 रुपये प्रति 10 ग्राम था। जोकि 17 अक्टूबर 2025 को 1,30,233 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। यानी इस दौरान सोने का भाव 158 प्रतिशत बढ़ा है।

क्या है एक्सपर्ट्स की राय?

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार मार्केट से जुड़े एक्सपर्ट आलोक जैन कहते हैं कि शुक्रवार को गोल्ड 4380 रुपये प्रति आउंस था। जबकि एक हफ्ते पहले यह 4000 डॉलर के नीचे ट्रेड कर रहा था। जिस तेजी के साथ कीमतों में बदलाव हो रहा है वो अच्छा तो है लेकिन चिंताजनक भी है। कोई भी एसेट जब इस तेजी के साथ आगे बढ़ता है को वह वित्तीय व्यवस्था में काफी गहरे दलदल के भी संकेत देता है।

तेजी की उम्मीद बरकरार

भले ही हाल के समय गोल्ड की कीमतों में बड़ी तेजी आई है। लेकिन फेस्टिव सीजन के बाद शादियों के सीजन के शुरू होने की वजह से घरेलू बाजार में गोल्ड डिमांड में रहेगा। वहीं, सेंट्रल बैंक भी गोल्ड पर जमकर दांव लगा रहे हैं। ऐसे में सोने का भाव आगे भी बढ़ता दिखाई दे सकता है।

बीते दो महीने में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी

महज दो महीने में ही सोने का भाव 1 लाख रुपये से बढ़कर 1.30 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है। वहीं, चांदी का भा 110 रुपये से 180 रुपये प्रति ग्राम हो गया है।

“आज धनतेरस पर सोना-चांदी, वाहन व अन्य सामान किस समय खरीदना शुभ? जानें क्या है पूजन का मुहूर्त”

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18 October 2025 Today: धनतेरस या धनत्रयोदशी का त्योहार आज 18 अक्टूबर 2025, शनिवार को है। यह पर्व हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है।

धनतेरस का त्योहार आयुर्वेद के देवता भगवान धन्वंतरि, धन की देवी मां लक्ष्मी और धन देवता भगवान कुबेर को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन सोना, चांदी, बर्तन और नई चीजों को खरीदना शुभ होता है, मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन में सुख-समृद्धि व खुशहाली आती है। यूं तो धनतेरस के पूरे दिन खरीदारी की जा सकती है, लेकिन कहा जाता है कि शुभ मुहूर्त में की जाने वाली खरीदारी का अक्षय फल मिलता है। जानें आज धनतेरस के शुभ मुहूर्त।

धनतेरस पूजा का मुहूर्त 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, त्रयोदशी तिथि 18 अक्टूबर 2025, को दोपहर 12 बजकर 18 मिनट पर प्रारंभ होगी और 19 अक्टूबर को दोपहर 01 बजकर 51 मिनट पर समाप्त होगी। धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 07 बजकर 16 मिनट से रात 08 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। पूजन की कुल अवधि 01 घंटा 04 मिनट की है।

धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त 2025: धनतेरस पर खरीदारी के लिए प्रदोष काल व वृषभ काल का समय अति उत्तम माना गया है। मान्यता है कि इस समय सोना-चांदी की खरीदारी करने से धन-संपदा में वृद्धि होती है। धनतेरस पर प्रदोष काल शाम 05:48 बजे से रात 08:20 बजे तक रहेगा, जबकि वृषभ काल शाम 07:16 बजे से रात 09:11 बजे तक रहेगा।

धनतेरस पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त 2025: धनतेरस पर अभिजित मुहूर्त के साथ अमृत काल व विजय मुहूर्त भी मिल रहे हैं। आप इन मुहूर्त में सोना-चांदी, वाहन समेत अन्य चीजों की खरीदारी भी कर सकते हैं।

यहां धनतेरस पर खरीदारी के शुभ मुहूर्त-अमृत काल- 08:50 ए एम से 10:33 ए एम अभिजित मुहूर्त- 11:43 ए एम से 12:29 पी एम विजय मुहूर्त- 02:00 पी एम से 02:46 पी एम गोधूलि मुहूर्त- 05:48 पी एम से 06:14 पी एम सायाह्न सन्ध्या 05:48 पी एम से 07:04 पी एम

धनतेरस पर सिटीवाइज देखें खरीदारी के मुहूर्त 2025:

07:46 पी एम से 08:38 पी एम – पुणे

07:16 पी एम से 08:20 पी एम – नई दिल्ली

07:28 पी एम से 08:15 पी एम – चेन्नई

07:24 पी एम से 08:26 पी एम – जयपुर

07:29 पी एम से 08:20 पी एम – हैदराबाद

07:17 पी एम से 08:20 पी एम – गुरुग्राम

07:14 पी एम से 08:20 पी एम – चंडीगढ़

06:41 पी एम से 07:38 पी एम – कोलकाता

07:49 पी एम से 08:41 पी एम – मुंबई

07:39 पी एम से 08:25 पी एम – बेंगलूरु

07:44 पी एम से 08:41 पी एम – अहमदाबाद

07:15 पी एम से 08:19 पी एम – नोएडा

Quad पर डोनाल्‍ड ट्रंप को भारत का जवाब, समंदर में नहीं चलेगी चीन की मनमानी, ऑस्‍ट्रेलिया के साथ 3 डिफेंस डील

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इन दिनों ऑस्‍ट्रेलिया के दौरे पर हैं, जहां तीन बड़े रक्षा समझौते किए गए हैं. भारत ने क्‍वाड (Quad) पर कैनबरा से अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप को करारा जवाब दिया है. ट्रंप ने क्‍वाड में अमेरिकी भागीदारी पर उदासीनता को कई बार स्‍पष्‍ट रूप से जताया है. वहीं, भारत क्‍वाड के अन्‍य सदस्‍य देशों (ऑस्‍ट्रेलिया और जापान) के साथ ही इस जोन के अन्‍य महत्‍वपूर्ण देशों (जैसे दक्षिण कोरिया) के साथ अपने रक्षा और रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई दे रहा है. बता दें कि हिन्‍द-प्रशांत क्षेत्र में चीन की आक्रामक गत‍िविधियों पर लगाम लगाने के लिए Quad का गठन किया गया था. इसमें भारत के साथ ही अमेरिका, ऑस्‍ट्रेलिया और जापान शामिल हैं. ट्रंड की नीतियों के चलते इसपर ग्रहण सा लगता दिख रहा था, जिसे भारत अब कूटनीतिक ईंधन देकर उसे एक सशक्‍त फोरम बनाने में जुटा है.
अमेरिका के पूर्व राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप प्रशासन की Indo-Pacific नीति और Quad के प्रति घटती रुचि के बीच भारत और ऑस्‍ट्रेलिया ने गुरुवार को अपने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को नई मजबूती देने की दिशा में तीन महत्‍वपूर्ण समझौते किए. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके ऑस्‍ट्रेलियाई समकक्ष रिचर्ड मार्ल्‍स के बीच कैनबरा में हुई प्रतिनिधिमंडल-स्तरीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने गोपनीय सूचनाओं के आदान-प्रदान, पनडुब्‍बी खोज एवं बचाव सहयोग, और ज्‍वाइंट स्‍टाफ डायलॉग मेकेनिज्‍म की स्‍थापना से जुड़े तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इसके अलावा दोनों देशों ने एक संयुक्त समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप तैयार करने और दीर्घकालिक रक्षा एवं सुरक्षा ढांचा समझौता पर भी जल्‍द हस्ताक्षर करने पर सहमति जताई. यह नया ढांचा वर्ष 2009 में हुए साझा सुरक्षा घोषणा पत्र की जगह लेगा.UYJHMN

राजनाथ सिंह की यह यात्रा 2014 में NDA सरकार के सत्ता में आने के बाद किसी भारतीय रक्षा मंत्री की पहली ऑस्‍ट्रेलिया यात्रा है. यह ऐसे समय में हुई है, जब भारत अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव और नीति असंतुलन के बीच जापान, ऑस्‍ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और फिलीपींस जैसे क्षेत्रीय साझेदारों के साथ अपने रक्षा संबंधों को सशक्‍त कर रहा है. मार्ल्‍स ने पहले कहा था कि चीन भारत और ऑस्‍ट्रेलिया दोनों के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा है. बैठक में दोनों मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि Indo-Pacific क्षेत्र में स्वतंत्र, खुले, स्थिर और समृद्ध माहौल को बनाए रखने के लिए क्षेत्रीय साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ाना जरूरी है. दोनों देशों ने समुद्री मार्गों की स्वतंत्र आवाजाही, उड़ान और निर्बाध व्यापार के महत्व को भी दोहराया.
भारत-जापान के हालिया सुरक्षा सहयोग समझौते के बाद यह बैठक Quad देशों (भारत, ऑस्‍ट्रेलिया, अमेरिका और जापान) के बीच बढ़ते रक्षा तालमेल की दिशा में एक और अहम कदम मानी जा रही है. आने वाले महीने में होने वाले मालाबार नौसैनिक अभ्यास से पहले दोनों देशों ने समुद्री निगरानी और डोमेन अवेयरनेस पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी जताई. राजनाथ सिंह ने कहा, ‘हमने भारत-ऑस्‍ट्रेलिया के रक्षा उद्योग, साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय चुनौतियों पर व्यापक चर्चा की. हमने अपने व्यापक रणनीतिक साझेदारी की महत्ता को दोहराया.’ उन्‍होंने आतंकवाद पर भारत की सख्‍त नीति दोहराते हुए कहा, ‘आतंक और वार्ता साथ नहीं चल सकते, आतंक और व्‍यापार साथ नहीं चल सकते, पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते.’ राजनाथ सिंह ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सभी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील की.