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“Bihar Election 2025: कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) 8 अक्टूबर को बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अहम बैठक, उम्मीदवारों के नाम तय करेगी पार्टी”

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कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) 8 अक्टूबर को बिहार विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों पर मुहर लगाएगी। इस अहम बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे करेंगे।

यह बैठक वर्चुअल तरीके से होगी, जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और चुनाव समिति के सदस्य शामिल होंगे। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी इस बैठक में ऑनलाइन जुड़ेंगे, जो इस समय दक्षिण अमेरिकी देशों की यात्रा पर हैं।

इस महत्वपूर्ण बैठक में सोनिया गांधी, अधीर रंजन चौधरी, केसी वेणुगोपाल, अमी याग्निक, उत्तम कुमार रेड्डी और टीएस सिंह देव जैसे प्रमुख नेता भी हिस्सा लेंगे। कांग्रेस बिहार में महागठबंधन के तहत राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अलावा सीपीआई (CPI), सीपीआई-एमएल (CPI-ML) जैसे वामपंथी दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। यह गठबंधन राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP), जनता दल यूनाइटेड (JDU), लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास (LJP-RV), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा-सेक्युलर (HAMS) और अन्य दलों के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को कड़ी टक्कर देने की तैयारी में है।

हालांकि, कांग्रेस ने अभी तक अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ सीटों के बंटवारे को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। हाल ही में राहुल गांधी और आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पार्टी ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ निकाली थी। इसके तहत राज्य के कई जिलों का दौरा किया गया था। इस यात्रा का उद्देश्य मतदाताओं को जागरूक करना और पार्टी के पक्ष में माहौल बनाना था। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कहा है कि बिहार आगामी विधानसभा चुनावों में पूरे देश को बदलाव का रास्ता दिखाने का इंतजार कर रहा है।

चुनाव आयोग ने बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है। राज्य की 243 विधानसभा सीटों पर मतदान दो चरणों में 6 नवंबर और 11 नवंबर को होगा। वोटों की गिनती 14 नवंबर को की जाएगी। चुनाव आयोग के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची में कुल 7.42 करोड़ मतदाता हैं। इससे पहले 24 जून को यह संख्या 7.89 करोड़ थी। चुनाव आयोग ने मसौदा सूची में 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए थे। एक अगस्त 2025 तक की मसौदा सूची में मतदाताओं की संख्या 7.24 करोड़ थी।

CG: प्रदेश के जिलों में भाजपा पदाधिकारियों की सूची जारी, जिला पदाधिकारियों के नामों का ऐलान कर दिया गया…

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छत्तीसगढ़ के रायपुर में जिला भाजपा पदाधिकारियों की घोषणा कर दी गई है.

पदाधिकारियों की सूची को जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर ने जारी कर दिया है.

आइए जानते हैं यहां किस नेता को क्या जिम्मेदारी मिली है?  

प्रदेश के जिलों में भाजपा पदाधिकारियों की सूची जारी की जा रही है…

अब रायपुर जिले में भी जिला पदाधिकारियों के नामों का ऐलान कर दिया गया है. रायपुर भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर ने पदाधिकारियों के नामों की सूची जारी की है. जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर ने जो सूची जारी की है उसके मुताबिक 6 उपाध्यक्ष, 2 महामंत्री, 6 जिला मंत्री बनाये गए हैं. रायपुर भाजपा जिले में सत्यम दुआ, ललित जयसिंह, अकबर अली को उपाध्यक्ष बनाया गया है. अमित मैशेरी और गुंजन प्रजापति को महामंत्री की जिम्मेदारी मिली है. तुषार चोपड़ा और संजय तिवारी को जिला मंत्री और पन्ना दुबे को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है.

कोयला खदान का ग्रामीणों ने किया विरोध, राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम से सौंपा ज्ञापन

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कोरबा. छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कोयला खदान खोले जाने के विरोध में ग्रामीणों ने मंगलवार को राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है. उनका कहना है कि कोयला खदान खुलने से आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर घने जंगल की कटाई होगी. इससे पर्यावरण पर बुरा असर पड़ेगा. वहीं जीव जन्तुओं के अस्तित्व को भी खतरा है, खासकर हाथी सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे.

दरअसल, ब्लॉक पश्चिम बंगाल की कंपनी रूंगटा संस प्राइवेट लिमिटेड को कमर्शियल माइनिंग के तहत विजय सेंट्रल कोल आवंटित किया गया है. सरकार ने इस कोल ब्लॉक के लिए 725 एकड़ निजी कंपनी क्षेत्र की जमीन आवंटित की है. इसी फैसले के विरोध में विकासखंड पोड़ी के ग्राम पंचायत पुटीपखना, जल्के, तनेरा और सेन्हा सहित आधा दर्जन से अधिक पंचायतों में विरोध तेज हो गया है.

ग्रामीणों का कहना है कि कोल ब्लॉक खुलने से आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर घने जंगलों की कटाई होगी, जिससे पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ेगा. वहीं ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि कंपनी के अधिकारी ग्राम सभाओं से खदान के पक्ष में प्रस्ताव पारित कराने के लिए दबाव बना रहे हैं.

छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिन तक बारिश का सिलसिला रहेगा जारी, मौसम विभाग ने जताई संभावना

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विदाई से पहले छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधि जारी है. ऐसे में लोगों को बारिश का सामना करना पड़ रहा है. राजधानी में भी आज फिर बादल बरस सकते हैं. मौसम विभाग ने बताया कि अगले दो दिन तक पूरे प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. इसके बाद 9 अक्टूबर को फिर से मिजाज बदलेगा.

मैं दरभंगा-मधुबनी कहीं से भी लड़ सकती हूं चुनाव, मैथिली ठाकुर का बड़ा ऐलान

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बिहार ही नहीं देश की जानी-मानी लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने न्यूज़18 के साथ बातचीत में चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. मैथिली ठाकुर ने न्यूज़ 18 के साथ खास बातचीत में कहा कि वह दरभंगा या मधुबनी कहीं से भी चुनाव लड़ सकती हैं. मैथिली ने कहा कि वह चुनाव के लिए बिलकुल तैयार हैं. वह अपने क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहती हैं. मैथिली ठाकुर ने कहा कि चुनाव के साथ-साथ संगीत भी साथ चलेगा. प्रभु सेवा और जनसेवा साथ-साथ होगी. उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने के कारण संगीत बिलकुल भी नहीं छूटेगा. वह अपने क्षेत्र के लोगों के लिए काम करना चाहती हूं.

मैथिली ठाकुर किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगी? इस सवाल के जवाब को लेकर मैथिली ने बीजेपी की ओर इशारा करते हुए कहा कि एक पार्टी के साथ उनकी विचारधार मिलती है, आपने तस्वीरें देखी होंगी. आपने मेरे गीतों को सुना होगा. सनातन से मेरा लगाव है. ऐसे में आप समझ सकते हैं. बस दो दिन में सारी घोषणा हो जाएगी. किस सीट से चुनाव लड़ूँगी यह सब क्लियर हो जाएगा. बस थोड़ा इंतजार कर लीजिये. वहीं मैथिली ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से काफी प्रभावित रही हैं. उनको देखकर ही राजनीति में आने का मन बनाया है.

बता दें, मैथिली ठाकुर बीजेपी के टिकट पर अलीनगर सीट से चुनाव लड़ सकती है. हालांकि वह किस सीट से चुनाव लड़ेंगी इसको लेकर अभी तक कुछ आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन, मैथिली ठाकुर दरभंगा या मधुबनी के किसी विधानसभा सीट से ही चुनाव लड़ेंगी. दरअसल देश की जानी-मानी लोकगायिका और बिहार की बेटी मैथिली ठाकुर ने बीजेपी के चुनाव प्रभारी विनोद तावड़े और केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय से मुलाकात की थी. इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिसके बाद मैथिली के बीजेपी टिकट पर चुनाव लड़ने की चर्चाएं जोर पकड़ रही थी. विशेषज्ञों का मानना है कि मैथिली का राजनीतिक सफर मिथिलांचल क्षेत्र में एनडीए के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है.

गोल्ड में क्यों दिख रही 2008 के दौर वाली तेजी? रुपये की गिरावट से क्या कनेक्शन

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जब भी दुनिया में अनिश्चितता बढ़ती है, सोने की कीमतें ऊपर जाती हैं, फिर चाहे 2008 की आर्थिक मंदी रही हो या 2020 की महामारी का दौर. इस बार भी ऐसा ही हो रहा है. भू-राजनीतिक तनाव, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और मौद्रिक नीतियों में बदलाव ने इस बार की तेजी को बल दिया है. ऐसे में सोना एक बार फिर चमक रहा है और 2025 में नए ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है.

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक में दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने अपने सोने के भंडार लगभग दोगुने कर लिए हैं. यह दिखाता है कि दुनिया भर के देश अब भी सोने को एक भरोसेमंद वैश्विक संपत्ति मानते हैं. भारत ने भी पिछले कुछ वर्षों में लगातार अपने गोल्ड रिज़र्व बढ़ाए हैं, खासकर तब जब वैश्विक बाजार अस्थिरता से गुजर रहा था.

इस साल 60% उछला सोना

मनीकंट्रोल ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि इस साल सोने की कीमतों में अब तक 60% से ज्यादा का उछाल आया है. अगर पुराने दौर की बात करें, तो जनवरी 2008 से अगस्त 2011 तक सोने की कीमतें लगभग 100% बढ़ी थीं, और जनवरी से अगस्त 2020 के बीच लगभग 53% की बढ़त दर्ज की गई थी. इस बार भी सोना लगभग $4,000 प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है. अमेरिकी सरकार के शटडाउन और फ्रांस में राजनीतिक संकट ने बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी, जिससे निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने की ओर भागे. सोमवार को सोने की कीमतों में 1.9% की बढ़त के बाद यह $3,977.44 प्रति औंस तक पहुंच गया.

CG: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बालोद के जामाड़ी पाठ आश्रम में मां कौशल्या मंदिर में दर्शन करेंगे और संतों के धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेंगे…

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बालोद के जामाड़ी पाठ आश्रम में दोपहर 3 बजे पहुंचकर मां कौशल्या मंदिर में दर्शन करेंगे और संतों के धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेंगे। विशेष रूप से महात्यागी संत रामकृष्ण दास की श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर वे आस्था के इस केंद्र को और समृद्ध करेंगे।

प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जिले के जामाड़ी पाठ आश्रम का दौरा करेंगे। दोपहर तीन बजे मुख्यमंत्री यहां पहुंचकर मां कौशल्या मंदिर में दर्शन करेंगे। संतों के साथ आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेंगे।

विशेष रूप से वे महात्यागी संत रामकृष्ण दास की श्रद्धांजलि सभा में भी उपस्थित रहेंगे। जामाड़ी पाठ धाम का संचालन महात्यागी बाबा बालक दास द्वारा किया जाता है, जहां लगातार भव्य मंदिरों का निर्माण कार्य जारी है।

श्रद्धालु एवं संत समाज इस आयोजन को लेकर उत्साहित हैं। प्रशासन ने सुरक्षा व व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री के दौरे के मद्देनजर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को भी बढ़ाया गया है। स्थानीय नागरिकों और संत समुदाय के लिए यह आयोजन विशेष महत्व रखता है।

आंख के इलाज में किडनी फेल, दवा देते ही मरीज बेहोश… 1986 की वो रात, जब अस्पताल में नाची थी मौत

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मध्य प्रदेश में कफ सिरप पीने से 15 मासूम बच्चों की जान जा जुकी है. बीती रात दो साल की एक और बच्ची की नागपुर में मौत हो गई. छिंदवाड़ा के गांवों में बच्चों के ताबूत उठते देख डॉक्टर ईश्वर गिलाड़ा की आंखों के सामने लगभग 40 साल पुरानी वो भयानक रातें ताजा हो गईं. जनवरी 1986 की ठंडी शाम थी, जब मुंबई के जेजे हॉस्पिटल की इमरजेंसी में अचानक फोन बज उठा. उधर से आवाज आई, ‘ऑपथैल्मोलॉजी वार्ड में मरीज बेहोश हो गया है.’ कुछ ही देर में न्यूरोलॉजी वार्ड से भी वैसी ही खबर आई. पता चला कि इन मरीजों का किडनी फेल हो गया है.

डॉक्टरों को समझ नहीं आया कि आंख के मरीजों का किडनी फेलियर कैसे हो रहा है. दो हफ्तों के भीतर 14 मरीज किडनी फेल होने से मर गए. बाद में जांच में सामने आया कि अस्पताल के न्यूरोसर्जरी और आंखों के वार्ड में जिस ग्लिसरॉल सिरप का इस्तेमाल किया जा रहा था, वह इंसानी इस्तेमाल के लिए नहीं था. उसमें 90% डाई-एथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) नाम का जहरीला पदार्थ मिला हुआ था. यह औद्योगिक ग्रेड का (Industrial Pure) ग्लिसरॉल था, जिसे दवा बनाने वाले इंडियन फार्माकोपिया ग्रेड के नाम पर सप्लाई किया गया था.

‘लापरवाही का स्मारक’

इन मौतों को लेकर तब खूब हल्ला मचा था. सरकार ने तत्कालीन जस्टिस बीएस लेंतिन की अध्यक्षता एक जांच आयोग गठित कर दी. इस आयोग ने हादसे को ‘लापरवाही का स्मारक’ कहा था. आयोग ने पाया कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही, दवा नियंत्रण विभाग (FDA) की नाकामी और एक छोटे से री-पैकेजिंग यूनिट के भ्रष्टाचार ने 14 जिंदगियां छीन लीं. आयोग ने सुझाव दिया था कि जेजे हॉस्पिटल जैसे बड़े संस्थान में प्रशासन और चिकित्सा के लिए अलग-अलग डीन होने चाहिए, लेकिन 2022 तक भी प्रशासनिक डीन की कुर्सी खाली रही.

पाकिस्तान में जाफर एक्सप्रेस में बम धमाका, क्वेटा में पटरी से उतरी ट्रेन, कई घायल

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पाकिस्तान में एक बार फिर क्वेटा जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर हमला किया गया है. यह हादसा सुल्तान कोट के पास उस वक्त हुआ, जब पटरी पर लगाया गया विस्फोटक उपकरण (IED) जोरदार धमाके से फट गया. धमाका इतना तेज था कि ट्रेन के पांच डिब्बे पटरी से उतर गए और आसपास अफरा-तफरी मच गई. कई यात्रियों के घायल होने की खबर है, वहीं चश्मदीदों के अनुसार धमाके के बाद फायरिंग की आवाजें भी सुनी गईं.

हमले के बाद राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे. घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. रेल सेवा फिलहाल उस रूट पर अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है. सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है और जांच शुरू कर दी है कि विस्फोटक कहां और कैसे लगाया गया. शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला पहले से प्लांट किए गए बम से किया गया था.

कल PM मोदी करेंगे उद्घाटन, पर क्‍या आपकी फ्लाइट होगी टेकऑफ? यहां है पूरी ऑपरेशन इंफॉर्मेशन

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मुंबईकरो का करीब दो दशक पुराना सपना कल यानी 8 अक्‍टूबर 2025 को साकार होने वाला है. जी हां, कल दोपहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने इंडिया वन एयरक्राफ्ट से नवी मुबई इंटरनेशनल एयरपोट पर लैंड होंगे और दोपहर करीब ढाई बजे इस नए नवेले एयरपोर्ट का उद्घाटन कर देश को भविष्‍य की उड़ान के लिए समर्पित कर देंगे. लेकिन, सवाल इसके आगे का है. क्‍या उद्घाटन के बाद आपकी फ्लाइट नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से टेकऑफ या लैंड होगी? तो इस सवाल का जवाब है- ना. उद्घाटन होने के बावजूद फिलहाल नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कामर्शियल फ्लाइट ऑपरेशन शुरू नहीं होंगे.

दरअसल, 8 अक्टूबर 2025 को उद्घाटन के बाद इस एयरपोर्ट को ‘ऑपरेशन रेडिनेस एण्‍ड एयरपोर्ट ट्रांसफर’ (Operational Readiness and Airport Transfer) के फेज से गुजरना होगा. इस फेज को एविएशन की सामान्‍य और संक्षिप्‍त भाषा में ओरैट (ORAT) भी कहा जाता है. अब सवाल यह है कि ओरैट क्‍या है और इसका फ्लाइट ऑपरेशन से क्‍या संबंध है? तो इसका जवाब यह है कि ओरैट एक तरह का रियल-वर्ल्ड सिमुलेशन है, जिसमें चेक-इन काउंटर्स, बैगेज सिस्टम्स और एयर-ट्रैफिक मैनेजमेंट को टेस्ट किया जाएगा. इसका मकसद ये सुनिश्चित करना है कि पहले दिन से ही ऑपरेशंस स्मूद, सेफ और सिक्योर हों.

इस फेज में कई तरह के ट्रायल्स होंते हैं. इन र्टायल्‍स में बैगेज हैंडलिंग, सिक्योरिटी चेक्स और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की टेस्टिंग भी शामिल है. साथ ही, एयरपोर्ट स्टाफ को ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वो हर सिचुएशन को हैंडल करने के लिए तैयार रहें इसके अलावा, ओरैट के दौरान क्‍या-क्‍या होगा, चलिए आपको विस्‍तार से बताते हैं.