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RTFGVBरायपुर और दुर्ग में ईडी का छापा, मोक्षित कॉर्पोरेशन के ठिकानों पर दबिश, दवा खरीदी घोटाले में कार्रवाई

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छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड में हुई गड़बड़ी मामले में ईडी की टीम फिर बड़ी कार्रवाई की है. अधिकारियों की टीम ने दुर्ग के गंजपारा में इलाके में दबिश दी. ईडी के अधिकारी गंजपारा इलाके में मोक्षित कॉर्पोरेशन में जांच के लिए पहुंचे. टीम की जांच जारी है. मोक्षित कॉरपोरेशन के दुर्ग स्थित 3 घर और ऑफिस में दबिश दी गई. बताया जा रहा है कि 2 दर्जन से ज्यादा अधिकारियों ने बुधवार सुबह रेड की.
ईडी की कार्रवाई के दौरान सीआरपीएफ के जवान भी बड़ी संख्या में मौजूद थे. पूरी कार्रवाई छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड में हुई गड़बड़ी से जुड़ी हुई बताई जा रही है. इसी मामले में 6 महीने पहले ईओडब्ल्यू और एसीबी ने एक साथ रेड किया था. अब मोक्षित कॉरपोरेशन केंद्रीय जांच एजेंसी के रडार पर है. 650 करोड़ से ज्यादा का ये घोटाला बताया जा रहा है.
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छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में खून की जांच और दवाओं की आपूर्ति के नाम पर CGMSC के अधिकारियों ने गरीब मरीजों की सेहत से खिलवाड़ किया था. सरकार इसमें ACB और EOW से जांच करा रही है. CGMSC के रिएजेंट किट, दवा खरीदी में 750 करोड़ के घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने 5 अधिकारियों को गिरफ्तार किया था. इसमें CGMSC के जीएम टेक्निकल कमल कांत पाटनवार, बायोमेडिकल इंजीनियर खिरौद रावतिया, पूर्व जीएम CGMSC बसंत कोशिक, स्वास्थय विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर अनिल परसाई और दीपर कुमार बांधे गिरफ्तार हुए थे.

5 अधिकारी गिरफ्तार, 3 IAS जांच के दायरे में
सभी को कोर्ट में पेश किया गया है और 15 दिन की पुलिस रिमांड के लिए आवेदन किया गया था. वहीं 3 IAS अधिकारी CGMSC की प्रबंध संचालक पद्मिनी भोई साहू, पूर्व प्रबंध संचालक चंद्रकांत वर्मा, पूर्व संचालक स्वास्थ्य सेवाएं भीम सिंह से भी पूछताछ की गई थी.

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मुख्यमंत्री साय ने किया ‘गौ विज्ञान परीक्षा अभियान 2025’ का शुभारंभ

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मुख्यमंत्री साय ने आज अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति

द्वारा आयोजित ‘गौ विज्ञान परीक्षा अभियान 2025’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अभियान के पोस्टर का अनावरण किया और समिति के सदस्यों को इस पुण्य कार्य के लिए शुभकामनाएँ एवं बधाई दी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति की आत्मा है, जो न केवल आध्यात्मिक लाभ प्रदान करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष समिति द्वारा चलाए जा रहे अभियान में गौसेवा के साथ-साथ घर-घर किचन गार्डन निर्माण पर विशेष बल दिया जा रहा है, जो जनस्वास्थ्य सुधार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सराहनीय पहल है।

इस अवसर पर समिति के प्रदेश अध्यक्ष श्री सुबोध राठी ने मुख्यमंत्री को अभियान की रूपरेखा से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा आगामी 4 नवम्बर 2025 को प्रदेशभर में गौ विज्ञान परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा का उद्देश्य जनसामान्य में गौवंश के महत्व, पारिस्थितिक तंत्र में उसकी भूमिका, ग्लोबल वार्मिंग की रोकथाम में योगदान तथा पंचगव्य के वैज्ञानिक पक्षों के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना है।

राठी ने बताया कि यह परीक्षा माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक एवं महाविद्यालय—इन तीन श्रेणियों में आयोजित की जाएगी। प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को ₹51,000 नगद, द्वितीय स्थान हेतु ₹31,000 तथा तृतीय स्थान हेतु ₹21,000 नगद पुरस्कार एवं गौमय उत्पादों का किट प्रदान किया जाएगा। इसी प्रकार जिला स्तरीय परीक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को क्रमशः ₹3,100, ₹2,100 एवं ₹1,100 नगद पुरस्कार के साथ गौ उत्पाद किट प्रदान किए जाएँगे।

परीक्षा में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को गौ विज्ञान ग्रंथ एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। इच्छुक विद्यार्थी अपनी संस्था के प्राचार्य अथवा गौ विज्ञान प्रभारी से संपर्क कर पंजीयन करा सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि गत वर्ष इस परीक्षा में प्रदेशभर से एक लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया था। इस वर्ष समिति ने एक लाख से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस अवसर पर प्रांत संयोजक श्री अन्ना सफारे, प्रांत उप प्रमुख श्री मनोज पांडेय, गौ ग्रंथ संपादक डॉ. अमित पांडेय सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में स्टील सेक्टर को विशेष प्रोत्साहन, ग्रीन स्टील उत्पादन पर विशेष अनुदान भी मिलेगा: मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री साय ने देश के विभिन्न स्टील उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में उत्पादन यूनिट स्थापित करने का आमंत्रण दिया है। उन्होंने आज स्थानीय होटल में आयोजित ग्रीन स्टील और माइनिंग समिट में सहभागिता कर उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में इस उद्योग की भरपूर संभावनाओं और इसके लिए विकसित अधोसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) की जानकारी दी। यह समिट कान्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज द्वारा पूर्वी क्षेत्र के सदस्यों के लिए आयोजित की गई थी।

समिट में उपस्थित उद्यमियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में स्टील सेक्टर को विशेष रूप से प्रोत्साहन दिया गया है। यदि कोई उद्यमी ग्रीन स्टील का उत्पादन कर रहा हो, तो उसे विशेष अनुदान देने का प्रावधान भी छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति में किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को स्टील हब बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उनके नेतृत्व में देश में स्टील उत्पादन 100 मिलियन टन से बढ़कर 200 मिलियन टन हो गया है, और वर्ष 2030 तक इसे बढ़ाकर 300 मिलियन टन तक पहुँचाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में भी स्टील की वर्तमान उत्पादन क्षमता 28 मिलियन टन से बढ़ाकर 45 मिलियन टन करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।

छत्तीसगढ़: खनिज संसाधनों से समृद्ध, औद्योगिक संभावनाओं से परिपूर्ण राज्य

मुख्यमंत्री8520/ RTFGVBसाय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने भरपूर खनिज संसाधनों के कारण समृद्ध है। इनके उचित दोहन से यहाँ औद्योगिक संभावनाओं में अत्यधिक विस्तार संभव है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अधिकतम लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु छत्तीसगढ़ सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार की रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना और राज्य सरकार की स्थानीय लोगों को रोजगार देने हेतु अनुदान योजनाओं से इस दिशा में सार्थक कार्य होगा।

‘अंजोर विज़न’ दस्तावेज़ में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रमुखता

मुख्यमंत्री ने उपस्थित उद्यमियों को बताया कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की परिकल्पना पर आधारित अंजोर विजन डाक्यूमेंट तैयार कर लिया गया है। इस दस्तावेज़ में चरणबद्ध रूप से विकास की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। उन्होंने बताया कि इस विज़न दस्तावेज़ में सर्वाधिक फोकस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर है, विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की कोर इंडस्ट्री – जैसे स्टील एवं पावर – को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

लक्ष्य प्राप्ति हेतु अधोसंरचना सहित सभी तैयारियाँ पूर्ण

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अधोसंरचना सहित सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। राज्य में रेलवे अधोसंरचना को सशक्त किया गया है। तेज़ी से रेल नेटवर्क और उससे संबंधित अधोसंरचना का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे स्टील सेक्टर को बूस्ट मिलेगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 47 हज़ार करोड़ रुपये की लागत से रेलवे के विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर कार्य हो रहा है। अब रावघाट से जगदलपुर रेलमार्ग पर भी कार्य आरंभ होगा। किरंदुल से तेलंगाना के कोठागुडेम तक नई रेललाइन बिछाई जाएगी, जिसमें 138 किलोमीटर का हिस्सा बस्तर से गुजरेगा। रायगढ़ के खरसिया से राजनांदगांव के परमालकसा तक नया रेल नेटवर्क बनाकर कई प्रमुख औद्योगिक केंद्रों तक कच्चे माल की आपूर्ति एवं तैयार माल की ढुलाई की प्रक्रिया आसान की जाएगी, जिससे उत्पादन लागत में भारी कमी आएगी।

इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए 350 से अधिक सुधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम और इज़ ऑफ डूइंग बिजनेस की प्रक्रिया को लागू किया गया है। साथ ही 350 से अधिक नीतिगत सुधार किए गए हैं, जिनका सीधा लाभ स्टील सेक्टर में किए गए निवेशकों को मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रीन एनर्जी को अपनाने वाले औद्योगिक संस्थानों को विशेष अनुदान दिया जाएगा। श्री साय ने राज्य में ग्रीन स्टील उत्पादन हेतु हाइड्रोजन जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग पर प्रसन्नता व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ माह पूर्व आयोजित एनर्जी समिट में छत्तीसगढ़ में लगभग साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 57 हज़ार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सौर ऊर्जा (सोलर एनर्जी) उत्पादन की दिशा में भी छत्तीसगढ़ तेज़ी से प्रगति कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में औद्योगिक कॉरिडोर के निर्माण पर तीव्र गति से कार्य हो रहा है, और नए औद्योगिक पार्क भी स्थापित किए जा रहे हैं। निजी क्षेत्र को औद्योगिक पार्क स्थापित करने हेतु विशेष अनुदान का प्रावधान किया गया है। उन्होंने समिट में उपस्थित उद्यमियों को छत्तीसगढ़ में निवेश करने और यूनिट स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया।

प्रशिक्षित जनशक्ति एवं लॉजिस्टिक नीति का लाभ उठाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के सभी विकासखंडों में स्किल इंडिया के सेंटर प्रारंभ कर दिए गए हैं, जिससे उद्योगों को प्रशिक्षित जनशक्ति की कोई कमी नहीं होगी। साथ ही उन्होंने बताया कि निवेशकों को नई लॉजिस्टिक नीति का भी लाभ मिलेगा। इस नीति के अंतर्गत ड्राय पोर्ट, इनलैंड कंटेनर डिपो आदि की स्थापना पर भी अनुदान प्रदान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की सेंट्रल इंडिया में स्थिति होने के कारण लॉजिस्टिक के क्षेत्र में असीम संभावनाएँ हैं। एक्सप्रेसवे, रेलवे और राजमार्गों के माध्यम से देश के चारों दिशाओं में बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ स्टील सेक्टर को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने रायपुर-दुर्ग-भिलाई जैसे शहरों को शामिल कर स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में एक बड़े स्टील क्लस्टर के विकास की योजना की जानकारी भी दी।

250 से अधिक औद्योगिक संस्थान हुए समिट में शामिल

कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित इस ग्रीन स्टील और माइनिंग समिट में पूर्वी भारत के पांच राज्यों – पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ – के 250 से अधिक स्टील और पावर सेक्टर से जुड़े औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। उन्होंने छत्तीसगढ़ में उद्योगों की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सीआईआई द्वारा आयोजित औद्योगिक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

समिट में सीआईआई छत्तीसगढ़ के चेयरमैन श्री संजय जैन, को-चेयरमैन श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, वाइस चेयरमैन श्री बजरंग गोयल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत एवं सचिव उद्योग श्री रजत कुमार उपस्थित थे।

मिशन कर्मयोगी: राष्ट्र निर्माण का संकल्प – मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री साय के समक्ष आज नवा रायपुर स्थित एक निजी होटल में भारत सरकार की क्षमता विकास आयोग एवं छत्तीसगढ़ शासन के मध्य एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत हुए इस एमओयू पर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से अपर मुख्य सचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक श्री सुब्रत साहू तथा क्षमता विकास आयोग की ओर से सदस्य सचिव श्रीमती वी. ललिता लक्ष्मी ने हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मिशन कर्मयोगी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के स्वप्नों को साकार करने वाला एक दूरदर्शी मिशन है। इस मिशन के माध्यम से देश के सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों में कर्मयोगी की भावना विकसित होगी और वे राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में चार लाख शासकीय सेवकों को सतत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अब तक लगभग 50 हजार अधिकारी-कर्मचारी इस प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते वैश्विक और राष्ट्रीय परिदृश्य के अनुरूप कौशल विकास आज की अनिवार्यता बन गया है। इस नए युग के साथ निरंतर कौशल उन्नयन तथा शासन-प्रशासन में उत्कृष्टता की संस्कृति को बढ़ावा देने में मिशन कर्मयोगी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में जिस सुशासन की स्थापना के उद्देश्य से कार्य किया जा रहा है, उसे नई ऊँचाई प्रदान करने में यह एमओयू एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। इस साझेदारी के माध्यम से राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नवीन प्रशिक्षण पद्धतियों को अपनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन कर्मयोगी को पूर्ण समर्पण के साथ लागू करने तथा इसके लाभ को प्रशासन के प्रत्येक स्तर तक पहुँचाने हेतु राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। सरकार निरंतर शासन एवं प्रशासनिक स्तर पर नवाचार और अभिनव पहलों के माध्यम से व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा नागरिकों को बेहतर सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि यह पहल लोक सेवकों को नागरिकों की आवश्यकताओं के प्रति अधिक संवेदनशील और उत्तरदायी बनाने में सहायक सिद्ध होगी, साथ ही जन-केंद्रित नीतियों और सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहयोग प्रदान करेगी। श्री साय ने कहा कि इन प्रयासों के माध्यम से हम सभी मिलकर कुशल और प्रेरित लोक सेवकों के सहयोग से विकसित छत्तीसगढ़ के स्वप्न को साकार कर पाएँगे।

इस अवसर पर आयोग की सदस्य डॉ. अल्का मित्तल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, मिशन कर्मयोगी योजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश वर्मा, प्रशासन अकादमी के संचालक P[;’/टी.सी. महावर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कोटागांव व्यपवर्तन योजना के कार्यों के लिए 2.57 करोड़ रूपए से अधिक राशि स्वीकृत

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छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा बालोद जिले के विकासखण्ड-डौण्डी की कोटागांव व्यपवर्तन योजना जीर्णोद्वार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 57 लाख 91 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत रूपांकित सिंचाई 280 हेक्टेयर में 135 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के कार्यों को पूरा करने के लिए जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई।741 EDC

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगेंगे 400 नए BSNL टावर, रायपुर पहुंचे राज्यमंत्री ने बताई ये बात

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केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित और दूरस्थ इलाकों में डिजिटल संचार को सशक्त बनाने के लिए 400 नए बीएसएनएल टावर लगाने की योजना पर कार्य कर रही है. यह जानकारी ग्रामीण विकास और दूरसंचार राज्यमंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने रायपुर में दी. रायपुर पहुंचने पर सीएम विष्णु देव साय ने उनका स्वागत किया.

अफसरों के साथ हुई बैठक में डॉ. शेखर ने कहा कि इन टावरों की स्थापना के लिए सुरक्षा बलों और वन विभाग से आवश्यक मंज़ूरी मिलने के बाद चरणबद्ध कार्यवाही की जाएगी. उन्होंने बताया, “बीएसएनएल आज देश में उच्च गुणवत्ता की 4जी सेवाएं दे रहा है, और इस विस्तार के साथ हम देश के अंतिम गांव तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाने के मिशन को साकार कर रहे हैं.”

योजनाओं के क्रियान्वयन पर संतोष

डॉ. शेखर ने रायपुर में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें ग्रामीण विकास विभाग, डाक विभाग, दूरसंचार विभाग और भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. बैठक के दौरान मंत्री ने राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY), प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) जैसी योजनाओं के तेज़ और प्रभावशाली क्रियान्वयन पर संतोष जताया. उन्होंने कहा कि ये योजनाएं ग्रामीण आधारभूत संरचना और आवास क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन ला रही हैं.

महिला सशक्तिकरण के लिए नवाचार

राज्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘पिंक ऑटो’ जैसे नवोन्मेषी प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके तहत महिलाओं को स्वामित्व वाले पिंक ऑटो प्रदान किए जा रहे हैं. यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण बन सकती है. उन्होंने कहा कि स्वसहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं से जोड़कर उन्हें वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और विपणन अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि हो रही है.963.*-

छत्तीसगढ़ में कैबिनेट विस्तार जल्द, 30 जुलाई को दिल्ली जाएंगे CM साय, गृह मंत्री से मुलाकात के बाद लगेगी मुहर

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छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार पिछले काफी समय सेअटका पड़ा है. छत्तीसगढ़ सीएम विष्णुदेव साय एक बार दिल्ली के दौरे पर जा रहे हैं और अटकलें हैं कि इस बार सीएम साय दिल्ली एक सूत्रीय एजेंडे यानी कैबिनेट मंत्रिंडल विस्तार को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे.

आगामी 30 जुलाई को सीएम विष्णुदेव साय दिल्ली रवाना होंगे. दो दिवसीय दिल्ली प्रवास के दौरान सीएम साय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात कर सकते हैं. छत्तीसगढ़ सीएम इस दौरा अन्य केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात कर सकते हैं.

दिल्ली दौरे में सीएम छत्तीसगढ़ सांसदों के साथ करेंगे रात्रि भोज

रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ सीएम विष्णुदेव साय दो दिवसीय दिल्ली दौरे पर छत्तीसगढ़ के सांसदों से मुलाकात कर सकते हैं. सीएम साय दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में सभी सांसदों के साथ रात्रि भोज में शामिल हो सकते हैं. छत्तीसगढ़ से जीतकर आए 10 बीजेपी सांसदों में एक सांसद तोखन साहू मोदी सरकार 3.0 में मंत्री हैं.

दिल्ली दौरे से छत्तीसगढ़ कैबिनेट विस्तार की अटकलें हुई तेज

छत्तीसगढ़ सीएम के दिल्ली दौरे से छत्तीसगढ़ में कैबिनेट विस्तार को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह करेंगे. माना जा रहा है कि सीएम साय दो दिवसीय दिल्ली दौरे में प्रधानमंत्री से भी सी मुलाकात कर सकते हैं.

माना जा रहा है दिल्ली के दो दिनों के प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ सीएम विष्णुदेव साय बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह के साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यकारिणी के गठन और संगठनात्मक नियुक्तियों पर भी चर्चा कर सकते हैं.

छत्तीसगढ़ बीजेपी संगठन में बदलाव पर चर्चा की है संभावना

राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माने जा रहे दिल्ली दौरे पर सीएम साय छत्तीसगढ़ बीजेपी संगठन में बदलाव को लेकर चर्चा किए जाने की संभावना है. इनमें बीजेपी नड्डा के साथ राज्य में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार,निगम-मंडलों और आयोगों में शेष पदों की नियुक्ति सहित प्रदेश संगठन में बदलाव को लेकर चर्चा अहम हैं.

प्रधानमंत्री के साथ भी हो सकती है सीएम साय की मुलाकात

मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे की अंतिम रूपरेखा अभी तय नहीं हुई है, लेकिन अटकलें हैं कि दो दिवसीय दिल्ली प्रवास के दौरान सीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर सकते हैं. सीएम साय प्रधानमंत्री मोदी से भेंट के दौरान छत्तीसगढ़ के विकास, केंद्र-राज्य समन्वय और नक्सल समस्या से निपटने के लिए रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं.

अब 100 करोड़ की फर्जी रजिस्ट्री के खुलासे से मचा हड़कंप, 20 संदिग्ध रजिस्ट्रियों की जांच शुरू

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मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की आर्थिक राजधानी इंदौर में करोड़ों की संपत्तियों की फर्जी रजिस्ट्री का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. कलेक्टर आशीष सिंह की पहल पर गठित जांच समिति ने करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 20 संदिग्ध रजिस्ट्रियों की जांच की, जिसमें गंभीर हेराफेरी और दस्तावेजों की छेड़छाड़ उजागर हुई.

जांच समिति की रिपोर्ट के बाद FIR दर्ज

मामले की जांच कर रही समिति की रिपोर्ट के बाद पंढरीनाथ थाना में 18 और खजराना में एक एफआईआर दर्ज कराई गई है. कलेक्टर आशीष सिंह की पहल पर गठित जांच समिति ने करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 20 संदिग्ध रजिस्ट्रियों की जांच कराई गई, जिसमें गंभीर हेराफेरी और दस्तावेजों की छेड़छाड़ उजागर हुई. इस मामले में कलेक्टर के निर्देश पर एक दर्जन से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें रजिस्ट्रार कार्यालय के अधिकारियों की भी लिप्तता नजर आ रही है.

ऐसे खुला मामला

मामला उस समय सामने आया, जब मुंबई निवासी हस्तीमल चौकसे ने शिकायत की कि उनके नाम से फर्जी तरीके से एक संपत्ति की रजिस्ट्री की गई है. इस पर कलेक्टर ने वरिष्ठ पंजीयक को जांच सौंपी, जहां पांच सदस्यीय दल ने जांच पड़ताल की, तो यह बड़ा घोटाला उजागर हुआ. जांच में सामने आया कि पंजीयन कार्यालय के रिकॉर्ड रूम में मौजूद असली दस्तावेजों को हटाकर फर्जी दस्तावेजों से रजिस्ट्री की गई.

विभागीय कर्मचारियों और बाहरी दलालों की मिलीभगत

आरोप है कि विभागीय कर्मचारियों और बाहरी दलालों की मिलीभगत से इस घोटाले को अंजाम दिया गया. इस पूरे मामले इंदौर के एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह ने बताया कि पंढरीनाथ थाना पुलिस ने एक दर्जन से ज्यादा एफआईआर दस्तावेजों में हेरफेर करने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई है. इसके साथ ही प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए एक रिकॉर्ड रूम प्रभारी को पहले ही निलंबित कर दिया गया है. बाकी दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है.
यह घोटाला न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि आम लोगों की जमीन-संपत्ति की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है. सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर लोगों में आक्रोश है और वे दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट, कैसे पहली बार हो सकते हैं 14 सदस्य?

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छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर फिर से सुगबुगाहट शुरू हो गई है. चर्चा है कि छत्तीसगढ़ में मंत्रियों की संख्या को लेकर हरियाणा का फार्मूला लागू किया जा सकता है. अगर ऐसा हुआ तो राज्य में मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत 13 नहीं बल्कि 14 सदस्य होंगे. ये चर्चा इसलिए भी तेज हो गई है क्योंकि सरकार के मुखिया विष्णुदेव साय का दिल्ली दौरा होने जा रहा है. चर्चा है कि सीएम इस बार मंत्रिमंडल विस्तार पर आलाकमान से चर्चा करने जा रहे हैं. हालांकि खुद मुख्यमंत्री ने ऐसी किसी बात से इनकार किया है. उनका कहना है कि वे हर महीने एक-दो बार दिल्ली जाते रहते हैं. जहां वो छत्तीसगढ़ की जरूरतों और विकास कार्यों की जानकारी प्रधानमंत्री को देते हैं, साथ ही विभागीय मंत्रियों से भी मुलाकात कर प्रदेश के लिए जरूरी मुद्दों पर चर्चा करते हैं.

दरअसल इस चर्चा को तब बल मिला जब राज्य के उप मुख्यमंत्री अरुण साव का बयान सामने आया. उन्होंने कहा- मंत्रिमंडल विस्तार मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है. जल्द ही इस पर निर्णय किया जा सकता है.

सभी की सहमति के आधार पर इस पर फैसला जल्द होने की संभावना है. अब आगे बढ़ने से पहले ये जान लेते हैं कि छत्तीसगढ़ में जिस हरियाणा फार्मूले की चर्चा हो रही है वो है क्या? 8520/

एक महीने में दें मुआवजा राशि, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरकार और रेलवे को दी कड़ी प्रतिक्रिया

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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एंबुलेंस सेवा की लापरवाही से हुई दो मौतों पर सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार और रेलवे की खासी खिंचाई की है. कोर्ट ने गरीब आदिवासी की मौत पर राज्य को दो लाख रुपये और ट्रेन में कैंसर पीड़िता की मौत पर रेलवे को एक लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है. हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि एंबुलेंस समय पर नहीं आना और शव वाहन के लिए घंटों इंतजार कराना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है.

रेलवे ने दी ये दलील

मामले को लेकर रेलवे ने दावा किया कि पीड़ित परिवार की जानकारी नहीं मिल रही, जिस पर कोर्ट ने सख्त निर्देश देते हुए एक महीने में परिवार को खोजकर राशि देने या शासकीय कैंसर अस्पताल में जमा करने का आदेश सुनाया. कोर्ट ने कहा कि हर व्यक्ति को मृत्यु के बाद सम्मानजनक विदाई का अधिकार है और अगर राज्य व रेलवे यह भी सुनिश्चित नहीं कर सकते तो आम जनता से और क्या उम्मीद की जा सकती है?

हलफनामे को बताया लापरवाही

हाईकोर्ट ने राज्य के हलफनामे को लापरवाह और जिम्मेदारी से बचने की कोशिश बताया. कोर्ट ने दो टूक कहा कि सिर्फ सेवा प्रदाता पर जुर्माना लगाना काफी नहीं, राज्य और रेलवे दोनों को अपनी असफलताओं की कीमत चुकानी होगी. बता दें कि अगली सुनवाई 28 अगस्त को होगी.