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न्यायिक कार्य केवल कानून के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें मानवीय संवेदना का समावेश भी आवश्यक है: न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा

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छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा रायपुर संभाग के न्यायिक अधिकारियों के लिए एक दिवसीय संभागीय न्यायिक सेमिनार का आयोजन रायपुर के सिविल लाइन स्थित न्यू-सर्किट हाउस में किया गया। इस सेमिनार में रायपुर संभाग के चार जिलों के 126 न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला में प्रकरणों के शीघ्र निराकरण किये जाने, गिरफ्तारी रिमाण्ड और जमानत से संबधित प्रावधान, अभियुक्त की परीक्षण का उद्देश्य एवं प्रक्रिया तथा हिन्दु उत्तराधिकार अधिकार एवं विरासत से संबंधित कानून का विश्लेशण एवं अध्ययन किया जाना है। न्याय और विधिक ज्ञान के प्रकाशन का प्रतीक सेमिनार का शुभारंभ मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के द्वारा किया गया। सेमिनार में न्यायमूर्ति श्री नरेश कुमार चंद्रवंशी, न्यायमूर्ति श्री दीपक कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति श्री राकेश मोहन पांडेय, न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर की गरिमामयी उपस्थिति रही।

न्यायिक सेमिनार में मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने रायपुर संभाग के न्यायिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में न्यायपालिका से अपेक्षाएं अत्यधिक बढ़ गई हैं। जनता हमसे निष्पक्षता, गति और संवेदनशीलता की अपेक्षा रखती है। सेमिनार में चर्चा के लिए निर्धारित विषय हमारे आपराधिक और दीवानी न्यायशास्त्र के मूल स्तंभ हैं। इन क्षेत्रों में दक्षता केवल प्रक्रियात्मक अनुपालन का विषय नहीं है, बल्कि निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करने, व्यक्तिगत स्वतंत्रताओं की रक्षा करने और न्यायिक प्रक्रिया में सार्वजनिक विश्वास को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण पहलू है।

मुख्य न्यायाधीश ने इस बात पर बल दिया कि हाल ही में अधिनियमित भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) एवं अन्य नए कानूनों के प्रकाश में, न्यायाधीशों के लिए इन प्रावधानों से भली-भांति परिचित होना अत्यंत आवश्यक है, विशेष रूप जमानत संबंधी प्रावधान से हैं, ताकि न्यायिक निर्णयों में एकरूपता एवं विधिक शुद्धता सुनिश्चित की जा सके। यदि आरोपी के अधिकारों के प्रतिकूल कोई संभावना हो, तो न्यायाधीशों को यह अत्यंत सावधानीपूर्वक देखना चाहिए कि क्या प्रस्तुत किया जा रहा है और क्या नहीं। किसी प्रकरण के तथ्यों और परिस्थितियों में न्यायाधीश की अपनी राय हो सकती है, परंतु वे कानून की सीमाओं तथा सर्वाेच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायिक निर्णयों से बंधे होते हैं। मजिस्ट्रेट को जमानत आवेदन पर आदेश करते समय सावधानी बरतनी चाहिए, यह सुनिश्चित करते हुए कि अपराध क्रमांक, जिन धाराओं के अंतर्गत आरोपी पर आरोप लगाया गया है, तथा आरोपी के संबंध में सही विवरण स्पष्ट रूप से उल्लेखित हो। उपर्युक्त में किसी भी प्रकार की चूक या त्रुटिपूर्ण विवरण उच्च न्यायालय द्वारा आवेदन के निस्तारण में विलंब का कारण बन सकता है, जिससे आरोपी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता बाधित हो सकती है।

मुख्य न्यायाधीश ने इस संभागीय कार्यशाला के उद्देश्य को न्यायिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और हमारे न्याय प्रदाता प्रणाली में सीखने, सहयोग और निरंतर सुधार की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका कानून के शासन को बनाए रखने और समाज के सभी वर्गों को न्याय सुनिश्चित करने में एक आधारभूत भूमिका निभाती है। संविधान के संरक्षक के रूप में, यह आवश्यक है कि हम न केवल कानूनी रूप से सुदृढ़ हों, बल्कि सामाजिक रूप से जागरूक, उत्तरदायी और नैतिक रूप से दृढ़ भी हों।

मुख्य न्यायाधीश ने अपने प्रभावशाली उद्बोधन में व्यक्त किया कि एक प्रशिक्षित और संसाधनयुक्त न्यायपालिका ही जन विश्वास की नींव है। यह कार्यशाला केवल एक शैक्षणिक अभ्यास नहीं है, अपितु यह आत्मनिरीक्षण, ज्ञान विनिमय और संस्थागत अखंडता को मजबूत करने का एक मंच है। मुख्य न्यायाधीश के द्वारा सभी न्यायिक अधिकारियों से इस कार्यशाला का पूर्ण लाभ उठाने एवं सेमिनार में आयोजित सत्रों में सक्रिय रूप से भाग लेने के साथ प्राप्त शिक्षा को अपने-अपने न्यायालयों में लागू करने हेतु कहा गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि न्यायिक कार्य केवल कानून के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें मानवीय संवेदना का समावेश भी आवश्यक है। प्रत्येक फाइल के पीछे एक मानवीय कहानी छिपी होती है, जिसमें दर्द, संघर्ष और आशा समाहित होती है। ‘जहाँ कानून हमारा साधन है, वहीं न्याय हमारा उद्देश्य है’। मुख्य न्यायाधीश ने कार्यशाला की सफलता की कामना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह कार्यशाला रचनात्मक अंतर्दृष्टि, क्रियाशील परिणाम और इस राष्ट्र की जनता की निष्पक्षता, विनम्रता और समर्पण के साथ सेवा करने की एक नई प्रतिबद्धता की ओर ले जाएगी।

इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी के अधिकारीगण, और रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार, महासमुंद जिलों के न्यायिक अधिकारी उपस्थित थे। स्वागत भाषण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायपुर द्वारा दिया गया। सेमिनार में परिचयात्मक भाषण छत्तीसगढ़ न्यायिक अकादमी के निदेशक द्वारा प्रस्तुत किया गया और धन्यवाद ज्ञापन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रायपुर द्वारा किया गया।

इस सेमिनार में कुल 126 न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें से प्रत्येक जिले के प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों जैसे – निष्पादन में तेजी लाना, गिरफ्तारी, रिमांड और जमानत से संबंधित प्रावधान, हिंदुओं में उत्तराधिकार और विरासत से संबंधित कानून का विश्लेषण, अभियुक्त की परीक्षा का उद्देश्य और प्रक्रिया पर अपनी-अपनी प्रस्तुतियां दीं।

सूदखोर तोमर बंधुओं के खिलाफ निगम ने की बड़ी कार्रवाई, भाटागांव कार्यालय को किया गया जमींदोज

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रायपुर नगर निगम ने सूदखोर तोमर बंधुओं के खिलाफ शनिवार को रायपुर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की. इसी कड़ी में भाटागांव स्थित कार्यालय को जमींदोज किया गया. निगम का अमला रविवार की सुबह बुलडोजर लेकर पहुंचा और तोमर बन्दुओं के हवेलीनुमा बंगले के बगल में अवैध कार्यालय को तोड़ दिया.

वीरेंद्र तोमर और रोहित तोमर पर 31 मई को प्रॉपर्टी डीलर दशमीत चावला की हत्या के प्रयास का मामला तेलीबांधा थाने में दर्ज होने के बाद दोनों भाई फरार हो गए थे. उसके बाद से तोमर बंधुओं की अवैध उगाही के शिकार कई लोग पुलिस में शिकायत करा चुके है, जिसके बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है.

तोमर बंधुओं पर किसने क्या कहा

दर्जनों अपराध के आरोपी तोमर भाइयों के ठिकानों पर बुलडोजर की कार्रवाई पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सोशल साइट एक्स पर लिखा “बुलडोजर तो चलेगा..” “विष्णु के सुशासन में अपराधियों पर कानून का बुलडोजर चलेगा”. हम विपक्ष में थे, तब भी स्पष्ट थे. आज जनसेवा के लिए शासन में हैं, तब भी स्पष्ट है. तब माइक से अपराधियों और आतताइयों को बोलते थे, आज हमारे नगर निगम का बुलडोजर बोलता है. उन्होंने आगे लिखा कि विष्णु के सुशासन में एक बात स्पष्ट है. कानून के ऊपर कोई नहीं है, चाहे जितना बड़ा तुर्रम खां हो. हालांकि, इस दौरान उन्होंने अपने मन में छिपी कुंठा को भी उजागर किया. उन्होंने आगे अपनी मुस्लिम विरोधी कुंठा उजागर करते हुए लिखा कि तोमर बंधु हों या जिहादी बंधु हों. आतंक का फन फैलाओगे, तो फन कुचलने का हुनर भी “सुशासन सरकार” को मालूम है.

विजय शर्मा ने लिखा

विष्णुदेव-सरकार में सुशासन है, तो चक्र सुदर्शन भी है. किसी मंत्री-मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाने से कोई क़ानून से बड़ा नहीं हो जाता. अपराधी तोमर ने अनेक लोगों को पीड़ा पहुंचाई है.

कौन है तोमर बंधु, क्या है आरोप?

वीरेंद्र सिंह तोमर और रोहित सिंह तोमर मूल रूप से उत्तर प्रदेश से करीब 20 साल पहले रायपुर आकर अंडे का ठेला लगाना शुरू किया. उसके बाद अपराध की दुनिया में घुस गए और सूदखोरी, ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली, मारपीट, धमकी, हत्या, अपहरण, गोलीबारी और अवैध हथियारों के कारोबार से करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली.

12 से अधिक दर्ज है मामले

तोमर बंधुओं के खिलाफ रायपुर के पुरानी बस्ती, तेलीबांधा, कोतवाली, गुढ़ियारी, राजेंद्र नगर में 12 से अधिक मामले दर्ज हैं. तोमर बंदु भारी ब्याज दरों पर कर्ज देकर लोगों को डराने-धमकाने, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और संपत्ति हड़पने जैसे हथकंडे अपनाते थे. पुलिस के सामने आए एक मामले में 5 लाख रुपये के कर्ज के बदले उन्होंने 30 लाख रुपये वसूले और जमीन भी हथिया ली.पुलिस ने उनके ठिकानों पर छापेमारी कर 37 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवर, अवैध हथियार (पिस्टल, रिवॉल्वर, तलवार), लग्जरी गाड़ियां (बीएमडब्ल्यू, थार, जगुआर) और संपत्ति के दस्तावेज जब्त किए थे. वीरेंद्र और रोहित जून 2025 से फरार हैं. पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए 5,000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा है.

कैट परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन जारी, इस दिन से रजिस्ट्रेशन शुरू

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कॉमन एडमिशन टेस्ट कैट 2025 परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. ये नोटिफिकेशन न्यूजपेपर में जारी किया गया है, ऑफिशियल वेबसाइट पर फिलहाल अपडेट नहीं है, मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट्स 21 आईआईएम सहित अलग-अलग कॉलेजों में एडमिशन के लिए होने वाले कैट परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है. जारी शेड्यूल के मुताबिक, आवेदन प्रक्रिया 1 अगस्त से शुरू होगी. कैट के लिए आवेदन करने की लास्ट डेट 13 सितंबर निर्धारित की गई है. जो उम्मीदवार इस परीक्षाणओ में शामिल होना चाहते हैं वे ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ऑफिशियल वेबसाइट iimcat.ac.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.

कैट 2025 की परीक्षा 30 नवंबर 2025 को होगी जो तीन सत्रों में कंप्यूटर आधारित होगी. एडमिट कार्ड 5 नवंबर से 30 नवंबर तक डाउनलोड कर सकेंगे. कैट का रिजल्ट जनवरी 2026 के पहले सप्ताह में जारी किया जाएगा. कैट एग्जाम के लिए देश भर के लगभग 170 शहरों में स्थित परीक्षा केंद्रों मं किया जाएगा. अभ्यर्थियों को उनकी प्राथमिकता के अनुसार किन्हीं पांच एग्जाम सेंटर का सलेक्शन करने का ऑप्शन दिया जाएगा.

किसान का सालाना आय केवल 3 रुपये! कोठी तहसीलदार ने बनाया अनोखा इनकम सर्टिफिकेट

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मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक किसान का आय प्रमाण पत्र तहसीलदार ने जारी किया है. इस प्रमाण पत्र के अनुसार, ये किसान दिन भर में एक पैसा भी नहीं कमा पाता है. दरअसल, किसान को 25 पैसे कमाने में एक महीने लग जाते हैं.

मध्य प्रदेश अजब-गजब है. इसका एक और प्रमाण सामने आया है, क्योंकि दुनिया का सबसे गरीब व्यक्ति मध्य प्रदेश में रहता है, जिसका सालाना आय महज 3 रुपये है. चौकिए नहीं… ये सच है और बकायदा इसके लिए सरकारी आय प्रमाण पत्र जारी किया गया है. इस पर तहसीलदार के हस्ताक्षर भी हैं.

दरअसल, सतना जिले के कोठी तहसील का एक गांव है नायगांव. यहां रहते हैं श्यामलाल के बेटे रामस्वरूप. उन्होंने आय प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था जो इसी साल 22 जुलाई को जारी हुआ है. जिसपर सालाना आमदनी केवल 3.00 रुपये है.

किसान की मासिक आय 25 पैसे
रामस्वरूप के मुताबिक, जब उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया था तो सालाना आय 30 हजार रुपये लिखवाई थी, लेकिन तहसील के बाबू ने गलती से इसे मात्र 3 रुपये अंकित कर दिया. यहां तक की तहसीलदार ने इस पर ध्यान नहीं दिया और उसकी तीन रुपये आय के प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर भी कर दिए. यानी इस व्यक्ति की अगर मासिक आय 25 पैसे है.

मामले के तूल पकड़ने के बाद अधिकारियों ने इसे ‘लिपिकीय त्रुटि’ करार दिया और नया आय प्रमाणपत्र जारी किया है, जिसमें किसान की आय 30 हजार रुपये सालाना बताया गया है.

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ये प्रमाण पत्र
जिले के कोठी तहसील स्थित नायगांव निवासी श्यामलाल के पुत्र रामस्वरूप के नाम और तहसीलदार सौरभ द्विवेदी के हस्ताक्षर से जारी यह प्रमाण पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. यूजर्स इस किसान को देश के ‘सबसे गरीब’ इंसान के रूप में पेश कर रहे हैं.

कांग्रेस ने मोहन सरकार पर कंसा तंजा
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर रामस्वरूप के तीन रुपये सालाना आय वाले प्रमाणपत्र को साझा करते हुए प्रशासन पर निशाना साधा. पार्टी ने कहा, ‘मोहन राज में ही मिला भारत का सबसे गरीब आदमी. सतना जिले में एक आय प्रमाणपत्र जारी हुआ. सालाना आमदनी केवल 3.00 रुपये बताई गई है.’

खुद कोठी के तहसीलदार ने साइन कर जारी किया प्रमाण पत्र
रामस्वरूप को यह प्रमाण पत्र 22 जुलाई 2025 को तहसीलदार सौरभ द्विवेदी के हस्ताक्षर से जारी हुआ था. इस दस्तावेज के मुताबिक, रामस्वरूप की मासिक आय मात्र 25 पैसे और रोजाना की औसतन आय एक पैसे से भी कम है. कोठी तहसीलदार द्विवेदी ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा, ‘यह एक लिपिकीय त्रुटि थी, जिसे सुधार लिया गया है. नया आय प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया है.’ उन्होंने कहा कि 25 जुलाई 2025 को रामस्वरूप को नया आय प्रमाणपत्र जारी किया गया, जिसमें उनकी सालाना आय 30,000 रुपये (यानी 2,500 रुपये प्रतिमाह) दर्ज की गई है.’

स्पेशल कोर्ट ने गांजा जब्त करने की कार्रवाई को बताया फर्जी, 4 पुलिसकर्मी जांच के दायरे में, मचा हड़कंप

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मध्य प्रदेश के बड़वानी विशेष न्यायालय के फैसले से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. विशेष न्यायाधीश रईस खान द्वारा आरोपित को दोषमुक्त करने ओर 4 पुलिसकर्मियों के विरुद्ध अपराधिक मुकदमा चलाने और विभागीय कार्यवाही करने का आदेश दिया है.

2023 का है मामला
यह पूरा मामला साल 2023 में दर्ज एक फर्जी गांजे के प्रकरण से संबंधित है, जिसमें पुलिसकर्मियों ने मिथ्या दस्तावेज पेश किए थे.न्यायालय ने 4 पुलिसकर्मियों श्रीराम मंडलोई, रविंद्र कन्नौजे, जगजोध सिंह और प्रशांत के खिलाफ अपराधिक मुकदमा चलाने का आदेश दिया है. वहीं न्यायालय ने विभागीय कार्यवाही करने का आदेश दिया है.

न्यायालय ने पाया है कि पुलिसकर्मियों ने अभियुक्त के खिलाफ झूठी रिपोर्ट तैयार की, फर्जी साक्ष्य गढ़े और न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास किया.

वहीं न्यायालय ने टिप्पणी कर कहा कि अगर ऐसे झूठे मामलों पर कानून मौन रहेगा, तो आम आदमी का सिस्टम से विश्वास समाप्त हो जाएगा.न्यायालय ने यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों ने अभियुक्त के खिलाफ झूठी साजिश रची थी, अधिवक्ता अरविंद उपाध्याय और मोसिन खान ने इस निर्णय का स्वागत किया है.

डीजल से भरा टैंकर पलटा, ड्रम-बाल्टी लेकर भागने लगे लोग, तेल लूटने के लिए मच गई होड़

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मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में डीजल लेकर जा रहा टैंकर अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे पलट गया. टैंकर पलटते ही उसमें से डीजल की धार बहने लगी. आसपास के लोगों ने देखा तो तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे और बर्तनों में डीजल भरना शुरू कर दिया. इसका वीडियो भी खूब वायरल हो रहा है.

इस जगह का है मामला
यह घटना रविवार की सुबह जयंत चौकी क्षेत्र के मुड़वानी डैम के पास जयंत मोरवा मुख्य मार्ग की है. यहां डीजल टैंकर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया था, जिसके बाद डीजल सड़क पर बहने लगा. गनीमत रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई. जैसे ही लोगों को इस बात की जानकारी मिली लूटने के लिए होड़ मच गई.

वीडियो वायरल
हादसे के बाद आसपास के गांव के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए और बोतल, ड्रम, बाल्टी आदि में डीजल भरने लगे. वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह लोग डीजल भरने में लगे हैं. टैंकर के आसपास सड़क पर डीजल लगातार फैलता हुआ नजर आ रहा है. ये मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.

भाजपा सत्ता में कौड़ियों के दाम बिक गई बेशकीमती जमीन’बीते 15-20 सालों में इंडस्ट्री एरिया की जमीनें तक बेच डाली गईं. सड़क, पानी की टंकी, यहां तक कि ग्रीन बेल्ट तक को नहीं छोड़ा

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जब सत्ता की कुर्सी बदलती है, तो उम्मीदें भी बदलती हैं. लेकिन, जब सत्ता में आने के बाद ही कोई नेता उसी सत्ता पर उंगली उठाए, तो सवाल छोटा नहीं रह जाता… मध्य प्रदेश के विदिशा से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए पूर्व विधायक शशांक भार्गव ने अपनी ही पार्टी की सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है. कभी कांग्रेस की ज़ुबान थे, अब भाजपा के नेता हैं, लेकिन बात वही पुरानी – सवाल सत्ता पर, कटाक्ष सरकार पर… पूर्व विधायक शशांक भार्गव ने विदिशा में जमीन घोटालों को लेकर बड़ा आरोप लगाया है.

क्या कहा पूर्व विधायक शशांक भार्गव ने?
विदिशा में जमीन घोटाले मामले को लेकर पूर्व विधायक शशांक भार्गव ने कहा, “सरकार की कृपा सिर्फ अधिकारियों पर है. बीते 15-20 सालों में इंडस्ट्री एरिया की जमीनें तक बेच डाली गईं. सड़क, पानी की टंकी, यहां तक कि ग्रीन बेल्ट तक को नहीं छोड़ा. जमीनें कौड़ियों के भाव बांटी गईं. सरकार में बैठे नुमाइंदे सब जानते थे, पर हटाया किसी को नहीं गया.”

अवैध निर्माण पर प्रशासन मौन
जिले के पीतलमील चौराहे के पास चिन्हित की गई 65 बीघा जमीन पर अब न उद्योग हैं, न अनुशासन… पेड़ काटकर अवैध कब्जे, टीन शेड के अस्थायी ढांचे और दुकानों का गैरकानूनी किराया कारोबार जारी है. औद्योगिक क्षेत्र की बाउंड्री तोड़ी जा चुकी है. सड़क किनारे पक्की दुकानें बना दी गई हैं और विभाग मौन तमाशबीन बना है. सवाल यह है कि यह सब बिना किसी ‘संरक्षण’ के कैसे संभव है?

मुठभेड़ में मारे गए चारों नक्सलियों की हुई पहचान, 17 लाख रुपये के इनामी थे ये खूंखार

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बीजापुर (Bijapur) जिले के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में बासागुड़ा और गंगलूर थाना के सरहदी जंगलों में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों के शवों को रविवार को पुलिस मुख्यालय लाया गया. जहां इन सभी नक्सलियों की पहचान की गई. दरअसल, दक्षिण सब जोनल ब्यूरो के 4 माओवादी मुठभेड़ में ढेर हुए थे. इसमें एसीएम स्तर के 3 और एक पार्टी सदस्य कमांडर था. इस में से तीन पर 5-5 लाख रुपये और एक पर 2 लाख रुपये का इनाम था.

मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने एक एसएलआर, एक इंसास, एक .303 राइफल, 1- 12 बोर की गोलियां, बीजीएल लांचर, सिंगल शॉट सहित भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और नक्सल संबंधी अन्य सामान भी बरामद किए हैं.

पुलिस ने दी ये जानकारी
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव ने बताया कि जिले के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में माओवादी कैडर की गतिविधियों की विश्वसनीय सूचना के आधार पर डीआरजी बीजापुर की टीम से सर्च ऑपरेशन चलाया गया. अभियान के दौरान दिनांक 26 जुलाई 2025 के शाम को पुलिस बल और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ होती रही. मुठभेड़ के बाद मुठभेड़ स्थल की तलाशी में एक एसएलआर, एक इंसास, एक .303 राइफल, बीजीएल लांचर, सिंगल शॉट सहित भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री एवं नक्सल संबंधी अन्य सामान भी बरामद किए गए.

मारे गए माओवादी की पहचान
1. हुंगा, एसीएम, प्लाटून नंबर 10 दक्षिण सब जोनल ब्यूरो, शासन द्वारा ₹5 लाख का इनाम घोषित2. लक्खे, एसीएम, प्लाटून नम्बर 30, दक्षिण सब जोनल ब्यूरो, शासन द्वारा ₹5 लाख का इनाम घोषित3. भीमे, एसीएम, दक्षिण सब जोनल ब्यूरो, शासन द्वारा ₹5 लाख का इनाम घोषित4. निहाल ऊर्फ राहुल, पार्टी सदस्य (संतोष, ब्यूरो कम्युनिकेशन टीम हेड का गार्ड) दक्षिण सब जोनल ब्यूरो, शासन द्वारा ₹2 लाख का इनाम घोषित
मुठभेड़ स्थल से बरामद सामग्रियों का विवरण
1. 01 एसएलआर, 03 मैग्जीन 15 जिंदा राउण्ड.2. 01 इंसास , 03 मैगजीन 40 जिंदा राउण्ड.3. 01 .303 रायफल 01 मैग्जीन, 16 जिंदा राउण्ड.4. 01 बीजीएल लांचर (सुरखा) 03 नग सेल.5. 01 नग सिंगल शॉट 315 बोर रायफल .6. 01 नग 12 बोर बंदूक, 12 नग जिंदा सेल.7. एके 47 के 8 जिंदा राउण्ड.8. बीजीएल सेल छोटा 3 नग, ग्रेनेड 1 नग, नक्सल सामग्री व अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद हुआ.
19 महीनों में 425 हार्डकोर माओवादी हुए ढेर
पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी. ने बताया कि वर्ष 2024 में मिली निर्णायक बढ़त को आगे बढ़ाते हुए, वर्ष 2025 में भी बस्तर संभाग में प्रतिबंधित और गैरकानूनी सीपीआई (माओवादी) संगठन के विरुद्ध सुरक्षा बलों द्वारा सघन और निरंतर अभियान संचालित किए जा रहे हैं. इन अभियानों के तहत पिछले 19 महीनों (जनवरी 2024 से जुलाई 2025) में 425 हार्डकोर माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं, जो सुरक्षा तंत्र की प्रभावी रणनीति, साहसिक कार्रवाई और जनसमर्थन का प्रतीक है.

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इस मौके पर पुलिस महानिरीक्षक ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि मानसून की कठिन परिस्थितियां लगातार वर्षा, दुर्गम जंगल-पहाड़ी इलाके और जोखिम भरे रास्ते भी सुरक्षाबलों के जोश और प्रतिबद्धता को डिगा नहीं पाई हैं. सभी बल कठिन भौगोलिक और मौसमीय चुनौतियों के बावजूद पूरे समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं.00

स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार, छापे के दौरान इस हाल में मिले, पकड़े जाने के बाद अब छिपा रहे चेहरा

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भिलाई के नेहरू नगर चौक में कोटक महिंद्रा बैंक के पास स्थित “ग्रीन डे स्पा सेंटर” में चल रहे अवैध देह व्यापार के रैकेट का दुर्ग पुलिस ने शनिवार को भंडाफोड़ किया. इस दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि मुख्य आरोपी स्पा सेंटर का मालिक अब भी फरार है. पुलिस ने मौके से कई आपत्तिजनक सामग्रियां भी बरामद की.

25 जुलाई को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि नेहरू नगर चौक के “ग्रीन डे स्पा” में अवैध कमाई के लिए लड़कियों से देह व्यापार कराया जा रहा है. मिली सूचना के आधार पर दुर्ग पुलिस ने स्पा सेंटर पर छापा मारा. छापेमारी के दौरान पुलिस ने पाया कि स्पा सेंटर की आड़ में अनैतिक देह व्यापार का बड़ा खेल चल रहा था.

पुलिस ने इन लोगों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने स्पा सेंटर की संचालिका संध्या कुमारी और ग्राहक अरविंद यादव, आदित्य सिंह और टेलीकॉलर जैनम और योगिता गंधर्व को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में पता चला कि जैनम और योगिता गंधर्व फोन के जरिए ग्राहकों को लालच देकर स्पा सेंटर बुलाती थीं. इस धंधे के लिए चार अलग-अलग मोबाइल नंबरों का उपयोग किया जाता था. हालांकि, इस पूरे रैकेट का मुख्य आरोपी स्पा सेंटर का मालिक अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है.

छापेमारी में ये सब हुआ बरामद
छापेमारी में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल फोन, 1 टैबलेट, कई आधार कार्ड, 8 डायरियां, 4 रजिस्टर, टाइप किए गए मोबाइल नंबरों का डेटा, 600 रुपये नकद और कई सारे आपत्तिजनक वस्तुएं जब्त की. आशंका है कि ये सामग्रियां इस धंधे को संचालित करने में इस्तेमाल की जा रही थीं.

इस अवैध देह व्यापार के कारोबार को बंद करने के लिए पुलिस ने “ग्रीन डे स्पा Centre” का गुमास्ता लाइसेंस रद्द करने के लिए नगर पालिका को प्रतिवेदन भी भेज दिया है.

नाले में फंसकर डेढ़ घंटे तक बहाव से लड़ता रहा मासूम, सिस्टम रहा नदारद! ऐसे बची जान

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एमपी और छत्तीसगढ़ में तेज बारिश और मॉनसून का कहर लगातार देखने को मिल रहा है. इसी क्रम में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से एक बेहद मार्मिक और चिंताजनक घटना सामने आई है. जिला मुख्यालय से लगे राजापारा घोघरा नाले में एक पांच वर्षीय मासूम बच्चा तेज बहाव में करीब डेढ़ घंटे तक फंसा रहा और पूरा सिस्टम सिर्फ मूकदर्शक बना रह गया. मासूम खुद को बचाने के लिए पेड़ की डाल पकड़ कर जिंदगी की लड़ाई लड़ता रहा. लेकिन, मौके पर न कोई आपदा प्रबंधन दल पहुंचा, न प्रशासनिक अधिकारी और न ही कोई जनप्रतिनिधि…

ऐसे बची मासूम की जान
स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले में हर साल तेज बहाव की स्थिति बनती है. लेकिन, इसके बावजूद आज तक कोई चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग नहीं लगाई गई है. हादसे के समय भी प्रशासन का कहीं अता-पता नहीं था, मानो जिम्मेदार छुट्टी पर चले गए हों या फिर संवेदनाएं ही मर चुकी हों. घटना का वीडियो बनाने वाले लोग तो दिखे, लेकिन शुक्र है कि कुछ स्थानीय युवाओं ने साहस दिखाते हुए बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला, वरना यह हादसा और बड़ा हो सकता था.

स्थानीय लोगों में आक्रोश
ग्रामीणों का गुस्सा भी साफ नजर आया. उन्होंने कहा कि हर साल मानसून में नाले का बहाव जानलेवा बन जाता है. लेकिन, आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया. यह घटना एक चेतावनी है कि अब नहीं चेते, तो आने वाले समय में ऐसा हादसा किसी और मासूम की जान ले सकता है.