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NIA ने दो नक्सलियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, विधानसभा चुनाव में IED विस्फोट से जुड़ा है मामला

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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान हुए विस्फोट मामले में संलिप्तता के लिए दो माओवादी कार्यकर्ताओं के खिलाफ राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने शनिवार को आरोपपत्र दाखिल किया. अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी है.

गरियाबंद में हुआ था विस्फोट
दरअसल नवंबर 2023 में विधानसभा चुनाव के दौरान गरियाबंद जिले के बड़ेगोबरा गांव में नक्सलियों ने विस्फोट कर दिया था. इस दौरान नक्सलियों ने चुनाव बहिष्कार का आह्वान किया था. इस आईईडी विस्फोट में भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के एक हेड कांस्टेबल की जान चली गई थी. इसी मामले में एनआईए ने नक्सल सहयोगियों को पकड़ा था.

अधिकारियों ने बताया कि धनेश राम ध्रुव और रामस्वरूप मरकाम पर छत्तीसगढ़ के रायपुर की एक अदालत में दायर पूरक आरोपपत्र में भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं.

इसके साथ ही इस मामले में 12 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है. 10 अन्य के खिलाफ दिसंबर 2024 में आरोपपत्र दाखिल किया गया था.एनआईए की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि नवंबर 2023 में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दौरान हुए एक आईईडी विस्फोट में भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के एक हेड कांस्टेबल की जान चली गई थी.

पेड़ के नीचे बैठकर महुआ शराब पीते रहे दरोगा, ग्रामीणों ने पकड़ा तो मुंह छुपाकर भागने लगे

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छत्तीसगढ़ के कोरिया वनमंडल के देवगढ़ वन परिक्षेत्र में वन सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे दो दरोगा खुद ही नियमों की धज्जियां उड़ाते कैमरे में कैद हो गए. मामला निग्नोहर बीट के हर्राडीह क्षेत्र का है, जहां ड्यूटी के दौरान वर्दी पहने दो दरोगा पेड़ की छांव में बैठकर महुआ शराब का सेवन करते नजर आए. ग्रामीणों ने यह दृश्य मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया और अब वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब ग्रामीण युवक वहां पहुंचे तो दरोगा आराम से बैठकर बोतल से शराब पी रहे थे. एक युवक ने महुआ शराब की बोतल सूंघ कर चिल्लाते हुए कहा दारू पी रहे हो यह सुनते ही दोनों दरोगा घबरा गए और तुरंत वहां से उठकर कार्य स्थल की ओर निकल पड़े. कैमरा ताने ग्रामीण उनका पीछा करते रहे लेकिन दोनों ने एक शब्द भी नहीं कहा जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वे आरोपों का खंडन नहीं कर पाए. अगर वे निर्दोष होते तो विरोध जरूर करते लेकिन उनकी चुप्पी ने सब कुछ बयां कर दिया.

जांच में सामने आया है कि इन दोनों दरोगाओं में से एक का नाम एस.एस. खान है जो निग्नोहर बीट में पदस्थ हैं जबकि दूसरा हर्राडीह बीट के दरोगा कुजूर हैं. दोनों ही देवगढ़ वन परिक्षेत्र के अंतर्गत कार्यरत हैं. मामले को गंभीरता से लेते हुए जब दोनों से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने न फोन उठाया और न ही व्हाट्सएप संदेशों का कोई जवाब दिया. उनकी यह चुप्पी भी सवाल खड़े कर रही है.

वर्दीधारी कर्मचारी खुलेआम ड्यूटी के दौरान शराब पीने लगें ग्रामीणों ने इस घटना को लेकर कड़ा विरोध जताया है और विभागीय कार्रवाई की मांग की है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि डीएफओ और विभागीय उच्चाधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं. क्या निलंबन होगा जांच समिति बैठेगी या फिर मामले को दबा दिया जाएगा. NDTV ने इस बारे में वन विभाग के अफसरों से भी संपर्क करने ेका प्रयास किया. लेकिन संपर्क नहीं हो सका.

विमान के उड़ान से पहले लगी आग, देखिए कैसे बची 173 यात्रियों की जान

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अमेरिकन एयरलाइंस के एक विमान को शनिवार को डेनवर हवाई अड्डे पर लैंडिंग गियर में खराबी के कारण रनवे पर आग और धुआँ फैलने के कारण उड़ान रद्द करनी पड़ी. घटना के तुरंत बाद सभी 173 यात्रियों को सुरक्षित विमान से निकाल लिया जाएगा.

इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है. इस वीडियो में दिख रहा है कि किस तरह से धुआं निकल रहा है. इस दौरान विमान की इमरजेंसी एग्जिट से स्लाइड करके बाहर भाग रहे हैं. कुछ यात्री अपने बच्चों को लेकर विमान से उतरते भी दिख रहे हैं. विमान का इंजन कैसे फेल हुआ इसकी फिलहाल जांच की जा रही है.

एयरपोर्ट की तरफ से एक अलग बयान में कहा गया है कि यह घटना उस समय हुई जब विमान रनवे पर था; एयरपोर्ट के अधिकारियों ने कहा है कि विमान से सभी लोगों को निकाल लिया गया है.

स्कूल का खाना खाने से तेलंगाना में 60 से ज्यादा बच्चों की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती

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तेलंगाना में महात्मा ज्योतिराव फुले गर्ल्स गुरुकुल स्कूल की 64 छात्राएं फ़ूड पॉइज़निंग के कारण बीमार पड़ गईं. ये मामला शनिवार रात का है. स्कूल स्टाफ ने शाम को छात्राओं को पकौड़े समेत नाश्ता दिया था. वहीं रात के खाने में पत्तागोभी की सब्जी परोसी गई थी. खाना खाने के कुछ समय बाद 9 छात्राओं को पेट दर्द और उल्टी की समस्या होने लगी. कर्मचारी उन्हें तुरंत इलाज के लिए जिला मुख्यालय स्थित एक अस्पताल ले गए.

इसके बाद,धीरे-धीरे बीमार छात्राओं की संख्या बढ़ती गई और देखते ही देखते 64 छात्राएं बीमार पड़ गईं. पेट दर्द और उल्टी से पीड़ित छात्राओं को 108 आपातकालीन वाहनों के ज़रिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. घटना की जानकारी मिलने पर, नगरकुरनूल के क्षेत्रीय विकास अधिकारी सुरेश ने अस्पताल का दौरा किया और छात्राओं से बात की. उन्होंने चिकित्सा कर्मचारियों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के निर्देश दिए.

बीईओ थप्पड़कांड BJP के मंडल अध्यक्ष के खिलाफ FIR दर्ज, घटना के 16 दिन बाद पुलिस ने लिया एक्शन

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मध्य प्रदेश के भिंड के मेहगांव ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) राजवीर शर्मा थप्पड़काण्ड के मामले में आखिरकार पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. पुलिस ने जाँच के बाद बीजेपी के मंडल अध्यक्ष नीरज शर्मा पर शासकीय कार्य मे बाधा डालने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है. पुलिस ने एफआईआर घटना के 16 दिन बाद कांग्रेस के आंदोलन की चेतावनी के एक दिन पहले की है.

ये है मामला
मामला 10 जुलाई का है, जब सीएम राइस स्कूल में गुरुपूर्णिमा कार्यक्रम चल रहा था. जिसमे मुख्य अतिथि के रूम में मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री राकेश शुक्ला के साथ बीजेपी के मण्डल अध्यक्ष नीरज शर्मा और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राजवीर शर्मा मौजूद थे. कार्यक्रम के दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष नीरज शर्मा ने अचानक ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राजवीर शर्मा को सार्वजनिक रूप से थप्पड़ जड़ दिया.

घटना के दूसरे दिन जब स्कूल के छात्र और स्टाफ बीईओ राजवीर शर्मा को भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीर भेंट कर रहे थे उसी दौरान बीईओ राजवीर अचानक फूट-फूटकर रो पड़े. उन्होंने छात्रों को पूरी आप बीती बताई. कार्यक्रम में सभी की मौजूदगी में उन्होंने रोते हुए कहा कि उनका बेटा होता तो बदला लेता. बीईओ के रोने का वीडियो तेजी से वायरल हुआ था.

BEO ने लगाए थे ये आरोप
इस घटना में बीईओ राजवीर शर्मा का कहना है कि स्कूल से सीसीटीवी फुटेज मांगे गए तो स्कूल प्राचार्य के द्वारा राजनीतिक दवाब के चलते घटना की फुटेज न देते हुए उसे डिलीट करवा दिया गया. बीईओ ने आरोप लगाया कि मंडल अध्यक्ष नीरज शर्मा पिछले कई महीनों से उनसे अनैतिक और नियम विरुद्ध कार्य करवाने के लिए दबाव बना रहे थे. साथ ही “टेरर टैक्स” के नाम पर हर महीने 20 हजार रुपए की मांग कर रहे थे, जिसे बीईओ ने कई बार ठुकरा दिया था.8520/€

बी.टेक (कृषि अभियांत्रिकी एवं फूड टेक्नोलॉजी) में द्वितीय चरण काउंसलिंग हेतु प्रवेश

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इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित बी.टेक (कृषि अभियांत्रिकी) एवं बी.टेक (फूड टेक्नोलॉजी) पाठ्यक्रमों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु प्रोविजनल मेरिट सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट
www.igkv.ac.in
पर प्रकाशित की जा चुकी है। चयनित अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथियों में दस्तावेज सत्यापन, सीट आवंटन एवं शुल्क जमा कर प्रवेश सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।

छत्तीसगढ़ राज्य के मूल निवासी, जिन्होंने PET-2025 के माध्यम से आवेदन किया है, उनके लिए प्रवेश प्रक्रिया दिनांक 28 जुलाई 2025 को आयोजित की जाएगी। इसके पश्चात छत्तीसगढ़ राज्य के उन मूल निवासियों के लिए, जिन्होंने JEE Mains-2025 अथवा 12वीं (गणित समूह) के आधार पर आवेदन किया है, उनके लिए प्रवेश प्रक्रिया 29 जुलाई 2025 को सम्पन्न होगी। अन्य राज्यों से 12वीं (गणित समूह) के आधार पर पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश प्रक्रिया 30 जुलाई 2025 को आयोजित की जाएगी। समस्त चरणों के लिए समय प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक रहेगा तथा स्थान स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, गेट नंबर-03, रायपुर रहेगा।
सभी चयनित अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि वे निर्धारित तिथि व समय पर मूल दस्तावेज एवं उनकी छायाप्रतियाँ सहित उपस्थित हों। विलंब अथवा अनुपस्थिति की स्थिति में प्रवेश का अवसर निरस्त किया जा सकता है। प्रत्येक चरण की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात यदि सीटें रिक्त रहती हैं, तो उन्हें PET-2025 के नियमानुसार पात्र प्रतीक्षारत अभ्यर्थियों को आवंटित किया जाएगा। प्रवेश से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं दिशा-निर्देश विश्वविद्यालय की वेबसाइट
www.igkv.ac.in
पर उपलब्ध हैं|8520/q

मुख्यमंत्री Qसाय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ टीबी उन्मूलन की दिशा में तेजी से अग्रसर: अब तक 4106 ग्राम पंचायतें हुईं टीबी मुक्त घोषित

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मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के दिशानिर्देशन में 7 दिसंबर 2024 को “निक्षय-निरामय छत्तीसगढ़ – 100 दिवसीय अभियान” की शुरुआत की गई। इस अभियान का उद्देश्य था – टीबी के विरुद्ध जमीनी स्तर पर निर्णायक लड़ाई छेड़ना। अभियान के अंतर्गत राज्य के सभी जिलों में घर-घर जाकर उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध करते हुए आधुनिक तकनीकों के माध्यम से जांच कराई गई। इस अभियान के तहत 36 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई, 4.5 लाख से अधिक एक्स-रे जांचें की गईं और 1.5 लाख से अधिक व्यक्तियों की जांच अत्याधुनिक ‘नॉट मशीन’ से की गई। यह व्यापक परीक्षण प्रक्रिया टीबी की शीघ्र पहचान और त्वरित उपचार के लिए अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई।

इस अभियान की सफलता में जनभागीदारी की भूमिका भी उल्लेखनीय रही। स्वयं राज्यपाल, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने टीबी मरीजों को गोद लेकर ‘निक्षय मित्र’ के रूप में पोषण आहार उपलब्ध कराने की पहल की। अब तक 15,000 से अधिक नए निक्षय मित्रों ने पंजीकरण कर 34,000 से अधिक मरीजों को पोषण सहायता प्रदान की है। राज्य के सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, महिलाएं, युवा वर्ग, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक इस अभियान में सक्रिय रूप से सहभागी बने हैं।

साय के निर्देश पर समाज के उन वर्गों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जो आमतौर पर स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रह जाते हैं – जैसे कि जेलों में बंद बंदी, वृद्धाश्रमों के बुजुर्ग, छात्रावासों में रह रहे छात्र तथा फैक्ट्रियों में कार्यरत श्रमिक। इनके लिए विशेष शिविरों का आयोजन कर जांच और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

इन समर्पित प्रयासों और सामूहिक भागीदारी का ही परिणाम है कि छत्तीसगढ़ राज्य को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्यक्रम के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। अब तक राज्य की 4106 ग्राम पंचायतों को “टीबी मुक्त” घोषित किया जा चुका है — जो एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।जब शासन की प्रतिबद्धता और जनसहयोग एक साथ मिलते हैं, तब बदलाव सिर्फ लक्ष्य नहीं, उपलब्धि बन जाते हैं – और छत्तीसगढ़ इसका जीवंत उदाहरण बनने जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने तीरंदाजी अकादमी के लिए 20 करोड़ 53 लाख की दी स्वीकृति

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मुख्यमंत्री साय ने ग्राम पंड्रापाथ, विकास खंड बगीचा, तहसील सन्ना में आरचेरी अकादमी बनाने के लिए 20 करोड़ 53 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। एन टी पी सी ने अपने सी एस आर फंड से यह राशि उपलब्ध कराई है। मुख्यमंत्री ने कहा खिलाड़ियों की खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। ग्राम पंड्रापाथ के आरचेरी अकादमी लगभग 10.27 एकड़ में विकसित किया जाएगा, जिसमें तीरंदाजी केन्द्र में अभ्यास के लिए एक खेल मैदान, छोटा पुस्तकालय, मेडिकल की सुविधा, बच्चों का कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्र, छोटा नर्सरी और हर्बल चाय की खेती की भी सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। तीरंदाजी अकादमी में दूरस्थ अंचलों के विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा बच्चों और अन्य आदिवासी बच्चों को खेल अभ्यास कराया जाएगा ताकि बच्चे अपनी प्रतिभा राज्य से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दिखा सके।

उल्लेखनीय है कि आरचेरी अकादमी बनाने के लिए गांव पंड्रापाथ, तहसील-सन्ना, उप-मंडल-बगीचा, जिला-जशपुर (छत्तीसगढ़) में लगभग 10.27 एकड़ (41565 वर्ग मीटर-लगभग) के आवश्यक क्षेत्रफल की राज्य सरकार के स्वामित्व वाली भूमि का चिन्हांकन किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय खिलाडियों को प्रोत्साहित कर रहे हैं, इसी कड़ी में उनके आग्रह पर तीरंदाजी अकादमी की स्थापना करने हेतु एनटीपीसी ने 20.53 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान करने की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। स्वीकृत लागत अनुमान के अनुसार समयबद्ध तरीके से कार्य के निष्पादन हेतु उपयुक्त राज्य सरकारी एजेंसी नियुक्त करने आग्रह किया है।

आरचेरी एक खेल और कला है जिसमें धनुष और बाण का उपयोग करके लक्ष्य पर निशाना लगाया जाता है। यह एक प्राचीन गतिविधि है । धनुष यह एक लचीली वस्तु होती है, जिससे बाण को छोड़ा जाता है। बाण नुकीला तीर जिसे लक्ष्य (निशाना) पर छोड़ा जाता है। लक्ष्य जिस पर निशाना लगाया जाता है, आमतौर पर एक गोल आकृति होती है, जिसमें अलग-अलग रंग और स्कोर क्षेत्र होते हैं। निशाना लगाने की तकनीक इसमें एकाग्रता, संतुलन और शरीर की स्थिरता बहुत ज़रूरी होती है। भारत में आरचेरी का गहरा इतिहास है। आधुनिक खेलों में भारत के खिलाड़ी जैसे दीपिका कुमारी और अतनु दास ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है

मुख्यमंत्री साय ने फरसाबहार में विश्राम गृह बनाने के लिए 1 करोड़ 72 लाख रुपए की दी प्रशासकीय स्वीकृति

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इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित बी.टेक (कृषि अभियांत्रिकी) एवं बी.टेक (फूड टेक्नोलॉजी) पाठ्यक्रमों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु प्रोविजनल मेरिट सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट
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पर प्रकाशित की जा चुकी है। चयनित अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथियों में दस्तावेज सत्यापन, सीट आवंटन एवं शुल्क जमा कर प्रवेश सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।

छत्तीसगढ़ राज्य के मूल निवासी, जिन्होंने PET-2025 के माध्यम से आवेदन किया है, उनके लिए प्रवेश प्रक्रिया दिनांक 28 जुलाई 2025 को आयोजित की जाएगी। इसके पश्चात छत्तीसगढ़ राज्य के उन मूल निवासियों के लिए, जिन्होंने JEE Mains-2025 अथवा 12वीं (गणित समूह) के आधार पर आवेदन किया है, उनके लिए प्रवेश प्रक्रिया 29 जुलाई 2025 को सम्पन्न होगी। अन्य राज्यों से 12वीं (गणित समूह) के आधार पर पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश प्रक्रिया 30 जुलाई 2025 को आयोजित की जाएगी। समस्त चरणों के लिए समय प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक रहेगा तथा स्थान स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, गेट नंबर-03, रायपुर रहेगा।
सभी चयनित अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि वे निर्धारित तिथि व समय पर मूल दस्तावेज एवं उनकी छायाप्रतियाँ सहित उपस्थित हों। विलंब अथवा अनुपस्थिति की स्थिति में प्रवेश का अवसर निरस्त किया जा सकता है। प्रत्येक चरण की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात यदि सीटें रिक्त रहती हैं, तो उन्हें PET-2025 के नियमानुसार पात्र प्रतीक्षारत अभ्यर्थियों को आवंटित किया जाएगा। प्रवेश से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं दिशा-निर्देश विश्वविद्यालय की वेबसाइट
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भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर: छत्तीसगढ़ के लिए नए अवसरों का द्वार

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मुख्यमंत्री साय ने भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच मुक्त व्यापार समझौते को भारत की विकास यात्रा का नया अध्याय बताया है और प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व के प्रति आभार जताया है। यह समझौता न केवल भारत के आर्थिक क्षितिज को विस्तार देगा, बल्कि विशेष रूप से ऐसे राज्य जो कृषि, शिल्प, लघु और कुटीर उद्योगों पर आधारित हैं – जैसे छत्तीसगढ़ – उन्हें वैश्विक व्यापार का हिस्सा बनने का ऐतिहासिक अवसर प्रदान करेगा। भारत-यूके एफटीए से भारत के 99% निर्यात उत्पादों को ब्रिटेन में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी। इससे किसानों, एमएसएमई, हस्तशिल्पियों, बुनकरों और पारंपरिक उत्पादों को सीधे लाभ मिलेगा। इस समझौते से अनुमानित $23 अरब डॉलर के नए व्यापार अवसर खुलेंगे।

ऐतिहासिक कदम छत्तीसगढ़ जैसे कृषि और श्रम प्रधान राज्यों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह समझौता छत्तीसगढ़ के लिए कृषि को बल, उद्योग को संबल और युवाओं को नए रोजगार के अवसर देगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय उत्पादकों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए विशेष प्रशिक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण, और निर्यात सहायता केंद्रों की स्थापना पर कार्य कर रही है।