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स्टेनोग्राफी एण्ड सेक्रेट्रियल असिस्टेंट हिन्दी ट्रेड परीक्षा में उमा देश में अव्वल

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महिला आईटीआई भिलाई की स्टेनोग्राफी एण्ड सेक्रेट्रियल असिस्टेंट हिन्दी ट्रेड की प्रशिक्षणार्थी सुश्री उमा, अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित परीक्षा में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। भारत के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय द्वारा 24 सितंबर 2025 को विभिन्न ट्रेड्स में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 35 प्रशिक्षणार्थियों की सूची जारी की है। सुश्री उमा छत्तीसगढ़ राज्य से इस सूची में स्थान बनाने वाली इकलौती प्रशिक्षणार्थी हैं और अपने ट्रेड में देश में सर्वाेच्च स्थान प्राप्त कर छत्तीसगढ़ राज्य को गौरवान्वित किया है। सुश्री उमा सहित इन 35 छात्रों को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आगामी 02 अक्टूबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित चौथे कौशल दीक्षांत समारोह में सम्मानित किया जाएगा। सुश्री उमा ने अपनी संपूर्ण सफलता का श्रेय कौशल विकास के प्रति समर्पण और उन्नत प्रशिक्षण को दिया है।

छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहा है। युवाओं में कौशल विकास प्रशिक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रयास किये जा रहे हैं। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में प्रशिक्षण की गुणवत्ता को सुधारने एवं प्रशिक्षण के साथ-साथ युवाओं को रोजगार दिलाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा गंभीरतापूर्वक महत्वपूर्ण कदम उठाये जा रहे हैं। रोजगार एवं प्रशिक्षण के संचालक श्री विजय दयाराम के विभाग का कार्यभार सम्हालते ही इस दिशा में कुशल मार्गदर्शन से सुश्री उमा की अखिल भारतीय स्तर पर सफलता साबित करती है कि बेहतर मागदर्शन का परिणाम मिलना प्रारंभ हो चुके हैं। दुर्ग संभाग के संयुक्त संचालक श्री आर.बी. तिवारी और संस्था के प्राचार्य श्री टी.के. सातपुते ने सुश्री उमा को बधाई देते हुये इस उपलब्धि का श्रेय विभाग के संचालक श्री विजय दयाराम से प्राप्त मार्गदर्शन को दिया है।

“आखिर क्या है आई लव मोहम्मद, देश के कई शहरों में इसके बैनर्स पर क्यों रहे प्रदर्शन?”

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उत्तर प्रदेश के कानपुर से शुरू हुए हुआ एक मामला देश के कई राज्यों तक फैल चुका है. दरअसल, बारावफात के मौके पर मुस्लिम समुदाय की ओर से लगाए गए आई लव मोहम्मद बैनर ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया.

कानपुर में इसे लेकर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली, इसके बाद मुस्लिम संगठनों और लोगों ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बता दिया. देखते ही देखते यह विवाद लखनऊ, बरेली, नागपुर, काशीपुर और हैदराबाद समेत देश के कई शहरों तक पहुंच गया. इस विवाद को लेकर कई जगह जुलूस निकाले गए. वहीं कई जगह तो इस विवाद को लेकर मुस्लिम महिलाएं सड़कों पर उतरी गई और पुलिस से झड़प की नौबत तक आ गई.

कानपुर से शुरू हुआ था आई लव मोहम्मद विवाद आई लव मोहम्मद का यह पूरा मामला कानपुर के रावतपुर इलाके से शुरू हुआ था.

सितंबर की शुरुआत में बारावफात के जुलूस के दौरान मुस्लिम युवाओं ने आई लव मोहम्मद लिखे पोस्टर और बैनर लगाए, इसके बाद स्थानीय हिंदू संगठनों ने इसे नई परंपरा बताते हुए आपत्ति जताई और माहौल गरमा गया. इसके बाद मामले में पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए बैनर हटवा दिए और 9 लोगों को नामजद तथा 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. इसमें सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक भावनाओं को भड़काने जैसी धाराएं लगाई गई.

पुलिस और मुस्लिम पक्ष के अलग-अलग दावे

इसको लेकर पुलिस का कहना है कि मामला सिर्फ बैनर का नहीं बल्कि तय जगह से अलग टेंट लगाने और जुलूस के दौरान दूसरे समुदाय के धार्मिक पोस्टर फाड़े जाने को लेकर एफआईआर हुई है. जबकि मुस्लिम समुदाय का आरोप है कि आई लव मोहम्मद नारे को अपराध की तरह पेश किया जा रहा है, उनका कहना है कि यह तो सिर्फ मोहम्मद पैगंबर के प्रति प्यार और सम्मान जताने का तरीका है. इसमें सांप्रदायिक तनाव भड़काने जैसी कोई बात नहीं है.

देशभर में फैला आंदोलन

कानपुर से शुरू हुआ यह विरोध धीरे-धीरे पूरे यूपी और फिर देश के अन्य राज्यों तक फैल गया. आई लव मोहम्मद को लेकर हुए विरोध में उन्नाव में जुलूस के बाद पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया, वहीं महाराजगंज और कौशांबी में भी कई मुकदमे दर्ज किए गए. इसके अलावा लखनऊ में इस विरोध को लेकर मुस्लिम महिलाएं विधानसभा के गेट नंबर 4 के सामने हाथों में बैनर लेकर बैठ गई और विरोध जताने लगीं. हालांकि पुलिस में विधानसभा के सामने से महिलाओं को हटाया, लेकिन पुलिस पर कई युवाओं को हिरासत में लेने का आरोप भी लगा. इसके अलावा महाराष्ट्र के नागपुर और बरेली में भी विरोध प्रदर्शन हुए, नागपुर में मस्जिदों पर आई लव मोहम्मद के पोस्टर लगाए गए और जुलूस निकाला गया. बरेली में तो एक मुस्लिम नेता का वीडियो वायरल हो गया, जिसमें उन्होंने पुलिस अधिकारी को धमकी दे डाली. इसके अलावा उत्तराखंड के काशीपुर में भी बिना अनुमति निकाले गए जुलूस में स्थिति बिगड़ गई, जुलूस के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई और पथराव की घटनाएं सामने आई. पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया और अतिक्रमण पर भी कार्रवाई की.

असदुद्दीन ओवैसी ने किया मुस्लिम संगठनों का समर्थन

देशभर में फैल चुका यह विवाद अब सियासी गलियारों में भी पहुंच चुका है. AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस विवाद को लेकर कहा कि आई लव मोहम्मद कहना कोई अपराध नहीं है, अगर है तो वह सजा भुगतने को तैयार हैं. इसके अलावा बरेली संगठन के मौलाना तकीर रजा और वर्ल्ड सूफी फोरम के अध्यक्ष हजरत सैयद मोहम्मद अशरफ ने भी पुलिस की कार्रवाई को गलत बताया. वि‍वाद के बाद सोशल मीडिया पर भी आई लव मोहम्मद ट्रेंड करने लगा और हजारों लोग इसे अपनी प्रोफाइल तस्वीर बना रहे हैं. वहीं इस विरोध के बाद भाजपा सरकार पर भेदभाव के आप भी लगाए गए हैं. हालांकि भाजपा ने सरकार पर लगाए गए भेदभाव के आरोपी को खारिज किया है. इस विरोध को लेकर बीजेपी के प्रवक्ताओं का कहना है की कार्रवाई धर्म देखकर नहीं बल्कि कानून तोड़ने वालों पर की जा रही है, उनका कहना है की पोस्टर और बैनर लगाने के लिए जगह तय है. अगर बिना अनुमति ऐसा किया जाता है तो कार्रवाई होगी.

“‘चुनाव के समय आपको शाहरुख खान दिखाई देता है’, कांग्रेस MLC ने नेशनल अवार्ड पर सरकार को घेरा”

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दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान को मंगलवार (23 सितंबर) को नेशनल अवार्ड दिया गया. ये उनके फिल्म करियर का पहला नेशनल अवार्ड था. इस पर महाराष्ट्र कांग्रेस के MLC भाई जगताप की प्रतिक्रिया सामने आई है.

उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ये बचे हुए हथकंडे इस्तेमाल किया जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव के समय सरकार को शाहरुख खान की याद आ रही है.

कांग्रेस नेता ने कहा, “एक तरफ मुसलमानों को लेकर बयानबाजी हो रही है, जातीय दंगों को सपोर्ट किया जा रहा है, जिस ढंग की स्थिति हमारे देश में है चाहे उत्तर प्रदेश हो, बिहार हो या चाहे जहां भी हो, जब चुनाव आता है तो आपको शाहरुख खान दिखाई दे देता है.”

मुस्लिम हैं इसलिए सम्मानित कर रहे हैं क्या- भाई जगताप भाई जगताप ने आगे कहा, “एक बात तो है, नेशनल अवार्ड बहुत बड़ा सम्मान होता है. लेकिन शाहरुख खान उस ऊंचाई को बहुत पहले छू चुके हैं. विश्व में शाहरुख खान को माना जाता है. आपके मानने, न मानने से कुछ नहीं होता. कांग्रेस के समय इस तरह से बहुत सारे कलाकारों को सम्मानित किया गया है. आप शाहरुख खान को कलाकार के तौर पर सम्मानित कर रहे हैं या मुस्लिम हैं इसलिए सम्मानित कर रहे हैं, ये बड़ा सवाल मेरे दिमाग में आता है.” बता दें कि 2023 में आई फिल्म जवान के लिए शाहरुख को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दिया गया.

कांग्रेस ने शाहरुख खान को नजरअंदाज किया- पूर्व बीजेपी विधायक वहीं पूर्व बीजेपी विधायक राज पुरोहित ने कहा है कि कांग्रेस सरकार ने शाहरुख खान को कोई पुरस्कार नहीं दिया लेकिन उनकी पार्टी अभिनेता का मूल्यांकन पूरी तरह से योग्यता के आधार पर करती है. उन्होंने कहा कि कई लोगों को लगता है कि कांग्रेस ने शाहरुख खान को नजरअंदाज किया.

राज पुरोहित ने कहा कि बीजेपी ने कभी भी अभिनेता को धर्म के आधार पर नहीं आंका बल्कि उनकी प्रतिभा और अभिनय क्षमता को मान्यता दी.उन्होंने कहा कि शाहरुख का पुरस्कार जीतना इस आरोप को खारिज करता है कि बीजेपी जाति या धार्मिक आधार पर भेदभाव करती है.राज पुरोहित ने कहा कि बीजेपी हमेशा एकता, योग्यता और क्षमता में विश्वास रखती है.

‘’अब किसी का इंतजार नहीं’, शिवपाल यादव के जेल में न मिलने जाने पर आजम खान का बयान”

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समाजवादी पार्टी के संस्थापक सदस्य आजम खान 23 महीने की कैद के बाद आखिरकार सीतापुर जेल से रिहा हो गए हैं. जेल से बाहर आने के बाद आजम अपने घर रामपुर पहुंचे जहां उनके समर्थकों और चाहने वालों ने जोरदार स्वागत किया है.

इस बीच रिहा होने के बाद आजम खान मीडिया से भी मुखातिब होते हुए नजर आए हैं वहीं उन्होंने एबीपी लाइव से बात करते हुए सपा के महासचिव शिवपाल यादव के उनसे जेल में मिलने के लिए न पहुंचने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

शिवपाल यादव के जेल में मिलने न जाने पर बोले सपा नेता सपा नेता शिवपाल यादव के सीतापुर जेल न पहुंचने पर आजम खान ने कहा ‘न कहे कि सजा जमाना पा रहा है, अगर कहेंगे तो न जाने कितनी सजा जमाना पायेगा.’ पार्टी के नेताओ के न आने पर कहा ‘अब किसी का इंतेजार ही नहीं, 5 साल छोटी सी कोठरी में रहा तो अहसास ही मर गया है.’

वहीं उन्होंने आगे बताया कि मुकदमों में दम होता तो मैं आपको बाहर नहीं मिलता छोटी अदलत से सुप्रीम कोर्ट तक मुझे इंसाफ मिलने की उम्मीद है. आप देखेंगे एक दिन मैं बिल्कुल बेदाग निकलूंगा, अखिलेश यादव के मुकदमे वापस लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी.’

सपा की सरकार बनने को लेकर क्या बोले सपा नेता?

2027 में सपा की सरकार बनेगी इस सवाल पर कहा मैं कोई भविष्यवाणी नहीं कर सकता. वहीं एसटी हसन का टिकिट आपने कटवाया वो नाराज है इस सवाल पर बोले ‘मैं अपने ही टिकट नहीं दिला पाया’. वहीं उनसे मिलने के सवाल पर कहा कि वो हमारे बड़े हैं, हमारे लीडर हैं.

आजम खान ने पार्टी छोड़ने के सवाल पर क्या कहा?

समाजवादी पार्टी छोड़ने के सवाल पर कहा हमारे पास चरित्र नाम की एक चीज है और उसका यह मतलब नही की हमारे पास पद हो ओहदा हो, लोग प्यार करें हमें इज्जत करे और हम बिकाऊ माल न हो ये हमने साबित कर दिया है.

समाजवादी पार्टी को नेताओं को लेकर बोले आजम खान इस बातचीत में पार्टी के बड़े नेताओं को लेकर कहा खुश रहें आबाद रहें. सैफई और आजम परिवार के अंदर क्या कुछ दूरियां है जो कोई शीर्ष नेता मिलने नहीं पहुंचा तो इस सवाल पर आजम खान बोले आग ना लगाओ. अखिलेश यादव का फोन आया या नही इस पर बोले मुझे सिर्फ अपनी बीबी का मोबाईल नंबर याद था वो भी भूल गया, मैं मोबाइल चलाना भी भूल गया. इस दौरान आजम खान ने कहा मैं बड़ा आदमी नहीं बड़ा खादिम (सेवक) हूं.

“जम्मू-कश्मीर राज्यसभा चुनाव: रेस में फारूक अब्दुल्ला, एक पर BJP की जीत तय, जानें अन्य सीटों का समीकरण”

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चुनाव आयोग (ECI) ने बुधवार (24 सितंबर) को जम्मू-कश्मीर में चार राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की घोषणा की. जम्मू-कश्मीर विधानसभा में संख्याबल के मुताबिक, नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC)-कांग्रेस गठबंधन को 3 सीटों पर जीत मिल सकती है.

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं, जिनमें से दो बडगाम और नगरोटा इस समय खाली है. ऐसे में सदन की वास्तविक संख्या 88 हो जाती है. इसमें आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक मेहराज मलिक भी शामिल हैं, जो इस समय पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) के तहत हिरासत में हैं.

क्या है सीटों का गणित?

एनसी, कांग्रेस, सीपीआई(एम) और गठबंधन को समर्थन देने वाले निर्दलीय विधायकों की संयुक्त संख्या 53 है. गठबंधन में 41 एनसी, 6 कांग्रेस, 5 निर्दलीय और 1 सीपीआई(एम) के विधायक शामिल हैं.

बीजेपी के पास 28 सीटें हैं. इसके अलावा 6 विधायक (कश्मीर की छोटी पार्टियों और निर्दलीयों से) न तो बीजेपी के साथ हैं और न ही गठबंधन के साथ. इस समूह में 3 पीडीपी, 1 पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और 2 निर्दलीय (शबीर कुले और शेख खुर्शीद) शामिल हैं. मेहराज मलिक को जोड़ने पर यह संख्या 7 हो जाती है.

वर्तमान संख्याबल के आधार पर, एनसी गठबंधन पहले दो सीटों पर आसानी से जीत दर्ज करेगा, क्योंकि उसके पास 53 विधायक हैं, जबकि बीजेपी के पास 28 हैं. यदि बीजेपी उम्मीदवार नहीं उतारती, तो ये दोनों सीटें नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन निर्विरोध जीतेगी.

तीसरी और चौथी सीट का फैसला संयुक्त चुनाव से होगा. एनसी गठबंधन तीसरी सीट के लिए 29 प्रथम वरीयता वोट हासिल करेगा, जिससे उसके पास चौथी सीट के लिए 24 द्वितीय वरीयता वोट बचेंगे. बीजेपी के पास 28 वोट होंगे, इसलिए वह चौथी सीट जीतने की स्थिति में है.

पीडीपी, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और निर्दलीय विधायकों का चुनावों में खास असर नहीं दिखेगा क्योंकि वे एनसी और बीजेपी दोनों के विरोध में रहते हैं. क्रॉस-वोटिंग की संभावना भी बनी हुई है.

कौन-कौन टिकट के दावेदार?

नेशनल कॉन्फ्रेंस के सूत्रों ने बताया कि डॉ. फारूक अब्दुल्ला और सज्जाद किचलू पार्टी टिकट की दौड़ में सबसे आगे हैं. कांग्रेस भी गठबंधन के हिस्से के तौर पर एक सीट चाहती है. पार्टी जम्मू क्षेत्र से किसी उम्मीदवार को उतार सकती है या फिर दक्षिण कश्मीर से किसी मौजूदा विधायक को राज्यसभा भेज सकती है.

अगर एनसी चौथी सीट पर भी उम्मीदवार उतारने का फैसला करती है, तो वह दक्षिण कश्मीर से किसी युवा चेहरे को उतार सकती है, ताकि वहां अपनी पकड़ बनाए रखे, जहां उसने पिछले चुनाव में 16 में से 10 सीटें जीती थीं.

बीजेपी अपनी रणनीति आखिरी समय तक गुप्त रख सकती है. पार्टी किसी पूर्व विधायक या नए चेहरे को उतार सकती है. चेनाब घाटी में बीजेपी की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले सुनील कुमार शर्मा पार्टी की चुनावी रणनीति बनाने में प्रमुख भूमिका निभाएंगे.

2021 से खाली है सीटें जम्मू-कश्मीर से राज्यसभा की चार सीट के लिए द्विवार्षिक चुनाव 24 अक्टूबर को होंगे. ये सीट 2021 से खाली हैं. जम्मू-कश्मीर की चार सीट के लिए राज्यसभा चुनाव केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने के लगभग एक साल बाद हो रहे हैं. विधायक अपने-अपने राज्यों के राज्यसभा सदस्यों का चुनाव करते हैं.

पंद्रह फरवरी, 2021 से केंद्र शासित प्रदेश का संसद के ऊपरी सदन में प्रतिनिधित्व नहीं है, जिस दिन गुलाम नबी आजाद और नजीर अहमद लावे ने अपना कार्यकाल पूरा किया था. दो अन्य सदस्यों, फैयाज अहमद मीर और शमशेर सिंह मन्हास ने उसी साल 10 फरवरी को अपना कार्यकाल पूरा कर लिया था.

कार्यक्रम की घोषणा करते हुए, निर्वाचन आयोग ने कहा कि पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य को जम्मू-कश्मीर (विधानसभा सहित) और लद्दाख (विधानसभा रहित) केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया है. जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार, मौजूदा जम्मू और कश्मीर राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले राज्यसभा के चार वर्तमान सदस्यों को जम्मू और कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र को आवंटित सीटों को भरने के लिए निर्वाचित माना जाएगा.

सभी चार सीट मौजूदा सदस्यों के कार्यकाल की समाप्ति के बाद से रिक्त पड़ी थीं, क्योंकि रिक्तियों के समय चुनाव कराने के लिए आवश्यक निर्वाचक मंडल उपलब्ध नहीं था. आयोग ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की राज्य विधानसभा के गठन के बाद, द्विवार्षिक चुनाव कराने के लिए एक निर्वाचक मंडल की आवश्यकता है. मतगणना 24 अक्टूबर की शाम को मतदान समाप्त होने के एक घंटे बाद होगी.

“सरकारी ठेकों में 50% और नगर निकायों में 30% आरक्षण, बिहार में महागठबंधन ने खेला अति पिछड़ा कार्ड”

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बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन ने अति पिछड़ा समाज के लिए संकल्प पत्र जारी किया है . इसमें आरक्षण और जातीय जनगणना पर फोकस किया गया है . लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पटना में कहा कि वह आरक्षण की 50 फीसदी की दीवार तोड़ देंगे.

उन्होंने सरकारी ठेकों में 50 फीसदी आरक्षण देने की बात कही है . बिहार में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा , ‘ वोटर अधिकार यात्रा बहुत सफल रही . हमने लोगों को बताया कि कैसे संविधान खतरे में है और लेागों के अधिकार चुराए जा रहे हैं. अगर इंडिया गठबंधन सत्ता में आया तो वह आरक्षण की 50 फीसदी सीमा को खत्म कर देगा. इंडिया गठबंधन अति पिछड़ा वर्गों के लिए निजी संस्थानों और 25 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी ठेकों ( निविदाओं ) में आरक्षण सुनिश्चित करेगा. ‘

 कल्प पत्र में क्याक्या वादे?

  1. बिहार में एससी/एसटी समाज की तरह ईबीसी समाज के लिए भीअतिपिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियमबनाया जाएगा.
  2. अतिपिछड़ा वर्ग के लिए पंचायत और नगर निकाय में वर्तमान 20% आरक्षण को बढ़ाकर 30% किया जाएगा.
  3. आबादी के अनुपात में आरक्षण की 50% की सीमा को बढ़ाने हेतु, विधान मंडल पारित कानून को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा.
  4. नियुक्तियों की इयन प्रक्रिया में ” Not Found Suitable” (NFS) जैसी अवधारणा को अवैध घोषित किया जाएगा.
  5. अतिपिछड़ा वर्ग की सूची में अल्प या अति समावेशन ( under or over-inclusion) से संबंधित सभी मामलों को एक कमेटी बनाकर निष्पादित किया जाएगा .
  6. अतिपिछड़ा , अनुसूचित जाति , जनजाति और पिछड़ा वर्ग के सभी आवासीय भूमिहीनों को शहरी क्षेत्रों में 3 डेसिमल और ग्रामीण क्षेत्रों में 5 डेसिमल आवासीय भूमि उपलब्ध कराई जाएगी.
  7. UPA सरकार की ओर से पारितशिक्षा अधिकार अधिनियम‘ (2010) के तहत प्राइवेट स्कूलों में नामांकन हेतु आरक्षित सीटों का आधा हिस्सा अतिपिछड़ा , पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति और जनजाति के बच्चों हेतु निर्धारित किया जाएगा.
  8. 25 करोड़ रुपयों तक के सरकारी ठेकों/आपूर्ति कार्यों में अतिपिछड़ा , अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ी जाति के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा .
  9. संविधान की धारा 15(5) के अंतर्गत राज्य के सभी निजी शिक्षण संस्थानों के नामांकन हेतु आरक्षण लागू किया जाएगा.
  10. आरक्षण की देखरेख के लिए उच्च अधिकार प्राप्त आरक्षण नियामक प्राधिकरण का गठन किया जाएगा, और जातियों की आरक्षण सूची में कोई भी परिवर्तन केवल विधान मेडल की अनुमति से ही संभव होगा.

“धमतरी को CM साय का ‘महाउपहार’, 245 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास”

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज धमतरी जिला के मगरलोड विकासखंड के ग्राम करेली बड़ी में 245 करोड़ 80 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया. साय ने धमतरी जिले के कुरूद विधानसभा क्षेत्र में आयोजित राज्य स्तरीय महतारी सदन शुभारंभ कार्यक्रम में 51 महतारी सदनों का लोकार्पण किया और जिले को विकास का महा उपहार दिया.

उन्होंने कुरूद विधानसभा क्षेत्र में 77 कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया जाएगा. यह सभी विकास कार्य जिले में महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, सड़क, पेयजल, उद्योग, विज्ञान, पर्यटन और सामाजिक विकास जैसे विविध क्षेत्रों को नई दिशा देने वाले हैं.

साय ने महतारी सदन योजना के तहत 51 महतारी सदन भवनों का लोकार्पण किया. लगभग 2 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से निर्मित ये भवन महिलाओं के लिए सम्मान और आत्मनिर्भरता के नए केंद्र बनेंगे. यह महतारी सदन छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों की शक्ति और क्षमता को समाज में नई पहचान देंगे.

औद्योगिक विकास ग्राम करेली बड़ी और भालूझूलन में औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 16 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा मुख्यमंत्री ने इसके लिए भूमिपूजन भी किया. इसके अलावा जी-जामगांव औद्योगिक क्षेत्र में 6 करोड़ रुपये की राशि से निर्मित विभिन्न आधारभूत संरचनाओं का लोकार्पण भी किया. इन कार्यों से उद्योग और रोजगार की नई संभावनाएँ खुलेंगी.

शिक्षा एवं कौशल विकास मुख्यमंत्री साय ने शिक्षा और कौशल उन्नयन के लिए 27 करोड़ 67 लाख रुपये की लागत से आईटीआई भवन, शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज और लाइवलीहुड कॉलेज भवन के लिए शिलान्यास भी किया. साय ने 7 करोड़ 53 लाख रुपये से बने कृषि महाविद्यालय भवन एवं छात्रावास का लोकार्पण भी किया. ये संस्थान युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और कौशल विकास के प्रमुख केंद्र बनेंगे.

सड़क और अधोसंरचना

मुख्यमंत्री ने धमतरी जिले में 9 सड़कों के निर्माण और सुधार कार्यों का शिलान्यास भी किया. इन सड़कों पर 119 करोड़ 79 लाख रुपये खर्च किए जायेंगे. उन्होंने इसके साथ ही गौरव पथ योजना के तहत 1 करोड़ 70 लाख रुपये से बने गातापार और बकली मार्ग का भी किया. यह सभी नई सड़कें गाँवों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी.

स्वास्थ्य सुविधाएँ

मुख्यमंत्री साय ने मगरलोड विकासखंड के भेण्ड्री में 75 लाख रुपये की लागत से बनने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का लोकार्पण भी किया. इससे ग्रामीण अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाएँ और अधिक सुलभ होंगी.

पेयजल एवं सिंचाई

साय ने धमतरी जिले में जल जीवन मिशन के तहत लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत के 39 कार्य का लोकार्पण किया. जिससे जिले की हर बस्ती ‘हर घर जल’ प्रमाणित होगी. उन्होंने कोडेबोड़ में सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत 26 करोड़ 37 लाख रुपये से निर्मित योजना का लोकार्पण किया. और महानदी नहर पर 4 करोड़ 29 लाख रुपये से क्रॉस रेग्युलेटर निर्माण के लिए भूमिपूजन किया. इससे किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा और ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा.

विज्ञान एवं पर्यटन

मुख्यमंत्री ने गंगरेल में साइंस पार्क बनाने के लिए शिलान्यास किया. इस साइंस पार्क के बन जाने से बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ पर्यटन की नई संभावनाओं को भी बढ़ावा देगा.

सामाजिक विकास

आज के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने 50 लाख की लागत से बनने वाले कंवर समाज भवन (मधुबन धाम, राकांडीह) की आधारशिला भी रखी. यह भवन जिले में सामुदायिक विकास को नई ऊर्जा देगा.

इन सभी विकास कार्यों से धमतरी जिले के कुरूद क्षेत्र में न केवल आधारभूत संरचना मजबूत होगी, बल्कि सामाजिक, शैक्षणिक, औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में भी नए अवसर सृजित होंगे. मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक दिन जिले की प्रगति और जनकल्याण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.

“तोड़ेंगे 50 फीसदी आरक्षण की दीवार, बनाएंगे रेगुलेशन अथॉरिटी बिहार चुनाव से पहले राहुल गांधी का बड़ा ऐलान”

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कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को पटना में अति पिछड़ा न्याय संकल्प संगोष्ठी में ऐलान किया कि यदि इंडिया गठबंधन सत्ता में आया तो वह आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा खत्म कर देगा.

इस अवसर पर कांग्रेस की ओर से अति पिछड़ा संकल्प लॉन्च किया है. उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन अति पिछड़ा वर्गों के लिए निजी संस्थानों तथा 25 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी ठेकों (निविदाओं) में आरक्षण सुनिश्चित करेगा.

उन्होंने नीतीश कुमार सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि नीतीश कुमार सरकार ने अति पिछड़ा वर्गों की बेहतरी के लिए कुछ नहीं किया, उसने उसे बस वोटबैंक की तरह इस्तेमाल किया.

उन्होंने कहा कि आज अति पिछड़ा न्याय संकल्प संगोष्ठी में दस सूत्री प्रस्ताव पारित किया गया जिसे बिहार में इंडिया गठबंधन के सत्ता में आने पर लागू किया जायेगा. उन्होंने कहा कि ये संकल्प हमारे गठबन्धन का विजन है, जबकि बीजेपी यूपी में जाति आधारित प्रदर्शन करने पर रोक लगा रही है. हाड्रोजन बम जल्दी सामने आएगा, बीजेपी का सच सामने आएगा.

बीजेपी की चोरी चलने नहीं देंगे राहुल गांधी ने कहा कि गुजरात मॉडल स्पष्ट है – दलितों, पिछड़े वर्ग और गरीबों के लिए बुलडोज़र, जबकि अडानी के लिए हजारों एकड़ जमीन मुफ्त में या मात्र ₹1 की. गांधीनगर, गुजरात के पेथापुर बस्ती में 400 से अधिक परिवारों के घर ‘अवैध’ बता कर उजाड़ दिए गए, जबकि उनके पास बिजली के बिल, टैक्स रसीदें, राशन कार्ड, आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र जैसे वैध पहचान और रिकॉर्ड मौजूद थे.

राहुल गांधी ने कहा कि गुजरात ही नहीं, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की तोड़फोड़ की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं और कई मामलों में, जैसा कि गांधीनगर में था, लोगों के पास अदालतों द्वारा दिए गए स्टे आदेश भी मौजूद थे.

बीजेपी को साफ पता है कि वो असली जनादेश के जरिए सरकार नहीं बना सकते; उनकी सरकार चोरी से और संस्थाओं पर कब्ज़ा कर बनती है। इसलिए वो गरीबों के अधिकार छीन लेते हैं, और देश की संपत्ति को अपने कुछ अरबपति मित्रों को सौंप देते हैं. भारत का लोकतंत्र जनता के अधिकारों के लिए है, और उनके लिए ही चलेगा. BJP और उसके मित्रों की देश से चोरी हम चलने नहीं देंगे.

जानें क्या है अतिपिछड़ा न्याय संकल्प ‘अतिपिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम’ पारित किया जाएगा.

अतिपिछड़ा वर्ग के लिए पंचायत तथा नगर निकाय में वर्तमान 20% आरक्षण को बढ़ाकर 30% किया जाएगा.

आबादी के अनुपात में आरक्षण की 50% की सीमा को बढ़ाने हेतु, विधान मंडल पारित कानून को संविधान की नौवीं अनुसूची मे शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा.

नियुक्तियो की चयन प्रक्रिया में “Not Found Suitable” (NFS) जैसी अवधारणा को अवैध घोषित किया जाएगा.

अतिपिछड़ा वर्ग की सूची में अल्प या अति समावेशन (under or over-inclusion) से संबंधित सभी मामलों को एक कमेटी बनाकर निष्पादित किया जाएगा.

अतिपिछड़ा, अनुसूचित जाति, जन-जाति तथा पिछड़ा वर्ग के सभी आवासीय भूमिहीनों को शहरी क्षेत्रों मे 3 डेसिमल तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 5 डेसिमल आवासीय भूमि उपलब्ध करायी जाएगी.

UPA सरकार द्वारा पारित ‘शिक्षा अधिकार अधिनियम’ (2010) के तहत निजी विद्यालयो में नामांकन हेतु आरक्षित सीटो का आधा हिस्सा अतिपिछड़ा, पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति और जन-जाति के बच्चों हेतु निर्धारित किया जाएगा.

25 करोड़ रुपयों तक के सरकारी ठेकों/ आपूर्ति कार्यो में अतिपिछड़ा, अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ी जाति के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा.

संविधान की धारा 15 (5) के अंतर्गत राज्य के सभी निजी शिक्षण संस्थानो के नामांकन हेतु आरक्षण लागू किया जाएगा।

आरक्षण की देखरेख के लिए उच्च अधिकार प्राप्त आरक्षण नियामक प्राधिकरण का गठन किया जाएगा, और जातियो की आरक्षण सूची में कोई भी परिवर्तन केवल विधान मंडल की अनुमति से ही संभव होगा.

“जम्मू कश्मीर और पंजाब की राज्य सभा सीटों पर चुनाव की घोषणा, जानें क्या हैं राजनीतिक समीकरण”

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चुनाव आयोग ने जम्मू कश्मीर की चार और पंजाब की एक राज्य सभा सीट के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. आयोग के मुताबिक इन पांच सीटों के लिए 24 अक्तूबर को होगा चुनाव कराया जाएगा.

इस चुनाव की अधिसूचना 6 अक्तूबर को जारी होगी. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीफ 13 अक्तूबर है.

क्या है चुनाव का कार्यक्रम चुनाव आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक इस चुनाव की अधिसूचना छह अक्तूबर को जारी होगी. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर है. नामांकन पत्रों की जांच 14 अक्तूबर को की जाएगी. नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तारीख 16 अक्तूबर है. इस चुनाव के 24 अक्तूबर को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मतदान कराया जाएगा. मतणगना भी उसी दिन शाम पांच बजे कराई जाएगी.

जम्मू कश्मीर के चार राज्य सभा सदस्यों के 2021 में एक साथ रिटायर हो जाने की वजह से राज्य की सभी सीटें खाली हैं. इस समय संसद के ऊपरी सदन में जम्मू कश्मीर का कोई सदस्य नहीं है. राज्य सभा की सीटों पर चुनाव कराने की मांग वहां के राजनीतिक दल बहुत पहले से कर रहे हैं.

जम्मू कश्मीर और पंजाब के राजनीतिक हालात जम्मू कश्मीर की 90 सदस्यों वाली विधानसभा के लिए अक्तूबर 2024 में कराए गए चुनाव में जम्मू कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस को 42, कांग्रेस को छह, बीजेपी को 29, पीडीपी को 3 और अन्य को आठ सीटें मिली थीं. इस आधार पर नेशनल कॉन्फ्रेंस कांग्रेस और अन्य के सहयोग से राज्य सभा की तीन सीटें जीत सकती है. वहीं बीजेपी के हिस्से में एक सीट आ सकती है.

वहीं पंजाब में राज्य सभा की जिस सीट पर चुनाव कराया जा रहा है, वह संजीव अरोड़ा के इस्तीफे से खाली हुई है. राज्य सभा से इस्तीफा देने के बाद अरोड़ा ने पंजाब में लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ा था. इसमें उन्हें जीत हासिल हुई थी. वह इस समय वह पंजाब की भगवंत मान सरकार में ऊर्जा मंत्री हैं. उम्मीद की जा रही है कि आम आदमी पार्टी पंजाब से राज्य सभा के चुनाव में अपने राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उम्मीदवार बनाए. केजरीवाल को दिल्ली विधानसभा के चुनाव में नई दिल्ली सीट पर बीजेपी के प्रवेश साहिब सिंह वर्मा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था. पंजाब में आम आदमी पार्टी को राज्य सभा का यह चुनाव जीतने में कोई परेशानी नहीं होगी.

हालांकि अरविंद केजरीवाल राज्य सभा का चुनाव लड़ने से कुछ महीने पहले इनकार किया था. उन्होंने कहा था कि पंजाब से राज्य चुनाव में उम्मीदवार कौन होगा, इसका फैसला पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति करेगी.

छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट : स्वास्थ्य, वेलनेस और पर्यटन निवेश का नया युग, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हुए शामिल…

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छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में 3,119 करोड़ का निवेश प्रस्ताव, 7000 से अधिक रोजगार के अवसर होंगे सृजित

निवेश अनुकूल नई औद्योगिक नीति से छत्तीसगढ़ बन रहा है निवेशकों का पसंदीदा डेस्टिनेशन

पिछले 10 महीने में प्रदेश सरकार को मिला लगभग 7 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव

पर्यटन के लिए प्रदेश में अधोसंरचनाओं का तेजी से हो रहा विकास

हॉस्पिटैलिटी और हेल्थ सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट का आयोजन

छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में यह वेलनेस, हेल्थकेयर और पर्यटन के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज ओमाया गार्डन, रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन की शुरुआत शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाओं से की और कहा कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने अर्थव्यवस्था को सरलता, पारदर्शिता और तेजी की दिशा में आगे बढ़ाया है। इस सुधार ने निवेशकों और उद्यमियों के लिए अभूतपूर्व अवसर खोले हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विज़न के साथ कदमताल करते हुए प्रदेश सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को साकार करने के लिए पिछले डेढ़ वर्ष में 350 से अधिक सुधार लागू किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब हम इज ऑफ डूइंग बिज़नेस से आगे बढ़कर स्पीड आफ डूइंग बिज़नेस के युग में प्रवेश कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति छत्तीसगढ़ की प्रगति की आधारशिला है। इसी नीति ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और यही कारण है कि मात्र एक वर्ष के भीतर प्रदेश को लगभग 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों से लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और सेवा क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट में अस्पतालों और हेल्थकेयर क्षेत्र में 11 बड़े प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें रायपुर का गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल (500 बेड), नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (450 बेड), बॉम्बे हॉस्पिटल (300 बेड) और माँ पद्मावती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (750 बेड) जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कुल मिलाकर 2,466 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 6,000 नए रोजगार सृजित होंगे।

मेडिसिटी से बनेगा मेडिकल हब

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवा रायपुर में विकसित हो रहा मेडिसिटी छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर का बड़ा मेडिकल हब बनाएगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी यहां मरीज आते हैं। मेडिसिटी के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी और विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में  फार्मा सेक्टर में भी निवेश की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार फार्मा हब तैयार कर रही है, जहां एक ही स्थान पर अनेक फार्मा इंडस्ट्री अपना संचालन करेंगी। इससे प्रदेश में दवा उद्योग को नई दिशा मिलेगी और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के लिए आवश्यक दवाओं की आसान आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

होटल और पर्यटन क्षेत्र में निवेश

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और जैव विविधता पर्यटन उद्योग के लिए अपार अवसर प्रस्तुत करती है। कार्यक्रम में होटल और पर्यटन क्षेत्र से भी 652 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें वेस्टिन होटल रायपुर (212.7 करोड़ रुपये), होटल जिंजर, इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट, अम्यूजोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

पर्यटन को उद्योग का दर्जा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इससे निवेशकों को विशेष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि होटल, रिसॉर्ट, होम स्टे और मनोरंजन उद्योग से जुड़े उद्यमी प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और प्रकृति का लाभ उठाकर पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक ले जाएं।

निवेश प्रक्रिया की सरलता

मुख्यमंत्री श्री साय ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सिंगल विंडो ‘वन क्लिक’ सिस्टम लागू है, जिसके कारण किसी भी उद्यमी को एनओसी के लिए भटकना नहीं पड़ता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के बाद पालीमैटेक कंपनी को तीन माह से भी कम समय में भूमि आवंटन और सभी स्वीकृतियाँ प्रदान कर दी गईं और उन्होंने 1,100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया।

नई तकनीक और एआई सेक्टर

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ एआई क्रांति का भी स्वागत कर रहा है। नवा रायपुर में एआई डाटा सेंटर पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जो भविष्य में प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डाटा मैनेजमेंट का हब बनाएगा। यहां डाटा सेंटर से जुड़े उद्योगों के लिए निवेश की अपार संभावनाएं हैं।

पावर हब की ओर कदम

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में ऊर्जा सबसे आवश्यक तत्व है। छत्तीसगढ़ देश का पावर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कोयला, खनिज और ऊर्जा उत्पादन में छत्तीसगढ़ की भूमिका पहले से ही महत्वपूर्ण रही है और आने वाले वर्षों में यह योगदान और भी बढ़ेगा।

कनेक्टिविटी और लोकेशन का लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सेंट्रल इंडिया लोकेशन इसे विशेष बनाती है। कच्चे माल की प्रचुर उपलब्धता, रेल, सड़क और हवाई मार्ग की मजबूत कनेक्टिविटी तथा प्रशिक्षित मानव संसाधन इसे निवेश के लिए आदर्श गंतव्य बनाते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एयर कार्गो सेवा भी आरंभ हो चुकी है, जिससे व्यापार और तेज़ी से बढ़ेगा।

सेवा क्षेत्र की नई पहचान

मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि अब छत्तीसगढ़ केवल स्टील, सीमेंट, पावर और एल्युमिनियम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों की पहचान भी बनेगा। हेल्थकेयर, होटल, पर्यटन और एआई आधारित इंडस्ट्री आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नए आयाम देंगे।

कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि हेल्थ, पर्यटन के साथ सभी प्रकार के निवेश में सरकार सहूलियतें उपलब्ध कराएगी। नई उद्योग नीति से उद्योगपतियों का आकर्षण प्रदेश की ओर बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रदेशों के साथ ही विदेश जापान और दक्षिण कोरिया जैसे स्थानों पर भी इन्वेस्टर समिट में हिस्सा लिया है। प्रदेश में 5 से अधिक बार निवेशकों के साथ बैठक हुई है, इससे नए उद्योगों की स्थापना और रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। पिछले 10 महीनों में लगभग 7 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिल चुके है। हमने होटल एवं पर्यटन क्षेत्र को भी प्रोत्साहित करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में अच्छे से अच्छा काम हो सके हम यह प्रयास कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि राजधानी रायपुर के ओमाया गार्डन में आयोजित छत्तीसगढ़ केयर कनेक्ट कार्यक्रम में हेल्थकेयर और होटल क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों ने निवेश के बड़े प्रस्ताव पेश किए। कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 11 बड़े अस्पताल समूहों ने कुल 2,466.77 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए, जिनसे लगभग 6000 लोगों को रोजगार मिलेगा और प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई ऊँचाइयाँ स्थापित होंगी।

कार्यक्रम में मुंबई स्थित बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट ने 300 बेड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के लिए 680.37 करोड़ का निवेश प्रस्तावित किया है, जिससे 500 रोजगार उपलब्ध होंगे। माँ पद्मावती इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज रायपुर 750 बेड क्षमता वाला मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल 340 करोड़ निवेश और 1,500 रोजगार अवसर प्राप्त होंगे। आरोग्यमृत वेलनेस एलएलपी रायपुर द्वारा इंटरनल वेलनेस ग्रोथ, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना हेतु 300 करोड़ के निवेश और 1,000 रोजगार अवसरों के साथ प्रस्तावित किया गया है। फोर सीज़न हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर रायपुर 600 बेड क्षमता और 302 करोड़ के निवेश से 1,400 रोजगार सृजित करेगा। गिन्नी देवी गोयल मणिपाल हॉस्पिटल रायपुर में 500 बेड का 307 करोड़ का मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रस्तावित है, जिसमें 100 लोगों को रोजगार मिलेगा। नीरगंगा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर रायपुर (वंदना ग्रुप) द्वारा 450 बेड का मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल 205.23 करोड़ के निवेश और 302 रोजगार अवसरों के साथ प्रस्तावित किया गया है। मेमन हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड रायपुर 150 बेड क्षमता वाले संजीवनी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में 101 करोड़ निवेश और 400 रोजगार अवसर लेकर आया है। मॉडर्न मेडिकल इंस्टिट्यूट रायपुर 150 बेड सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के रूप में 91.8 करोड़ के निवेश से 555 रोजगार उत्पन्न करेगा। श्रीराम संजीवनी कैंसर हॉस्पिटल बिलासपुर 100 बेड 70 करोड़ निवेश और 200 लोगों को रोजगार  के साथ प्रस्तावित है।आरएस अरमानी हेल्थकेयर एलएलपी 50 बेड अस्पताल के लिए 59.37 करोड़ का निवेश और 76 रोजगार अवसर लेकर आया है। वृंदा चेस्ट एंड मेडिकल साइंस रायपुर 50 बेड की सुविधा 10 करोड़ के निवेश के साथ प्रस्तावित है।

होटल वेस्टिन रायपुर (सारदा ग्रुप नागपुर) ने 212.7 करोड़ का निवेश और 400 रोजगार का प्रस्ताव रखा है। पंचामृत एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड रायपुर (अम्यूज़ोरामा अम्यूज़मेंट पार्क एंड होटल) 80.91 करोड़ निवेश से 300 रोजगार सृजित करेगा। चौहान हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा इन्फेरियन होटल एंड रिसॉर्ट रायपुर 80 करोड़ निवेश के साथ प्रस्तावित है। होटल जिंजर रायपुर (डीएसएस ग्रुप) 78 करोड़ निवेश और 135 रोजगार अवसर लेकर आया है। एमएम होटल इन एंड रिसॉर्ट्स रायपुर 63 करोड़ निवेश से 110 रोजगार अवसर सृजित करेगा। प्रयास मॉल एंड मल्टीप्लेक्स धमतरी 41.82 करोड़ निवेश और 30 रोजगार अवसर लेकर आया है। इन्फेरियन लेक रिसॉर्ट बालोद और होटल राजनांदगांव के लिए 25-25 करोड़ निवेश और कुल 175 रोजगार अवसर प्रस्तावित हैं। गोदरीवाला और एमएम ग्रुप रायपुर द्वारा प्रस्तावित अम्यूज़मेंट पार्क 24.9 करोड़ निवेश और 70 रोजगार अवसर प्रदान करेगा। बाफना लॉन एंड होटल धमतरी (सरोवर पोर्टिको ग्रुप) द्वारा 20.97 करोड़ निवेश और 22 रोजगार अवसर प्रस्तावित किया गया है।

इस प्रकार कार्यक्रम में घोषित कुल निवेश प्रस्ताव 3,119.07 करोड़ रुपये के हैं। इनमें स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र से 2,466.77 करोड़ और होटल-पर्यटन क्षेत्र से 652.3 करोड़ रुपये शामिल हैं। प्रस्तावित परियोजनाओं से मिलकर 7 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे और प्रदेश को 2,800 से अधिक नए हॉस्पिटल बेड्स की सुविधा प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने निवेशकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निवेश छत्तीसगढ़ को हेल्थकेयर, वेलनेस और पर्यटन का नया केंद्र बनाएगा और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्पित विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश के असीमित अवसर उपलब्ध हैं। हमारी सरकार नई औद्योगिक नीति के तहत निवेशकों को हर संभव सुविधा और सहयोग प्रदान करेगी। मुझे विश्वास है कि राज्य के उद्योगों और निवेशकों के साथ मिलकर हम छत्तीसगढ़ में विकास का नया अध्याय लिखेंगे।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य, संचालक उद्योग श्री प्रभात मालिक, सीआईआई के चेयरमेन श्री संजय जैन भी उपस्थित रहे।