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“रूसी बाजार में भारत: अमेरिका के उड़ेंगे होश! तेजी से भारत और रूस के बीच व्यापारिक रिश्ते मजबूत…

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अमेरिका की ट्रैरिफ नीति और रूस-यूक्रेन युद्ध से अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में आए बदलावों ने भारत के लिए एक अभूतपूर्व अवसर तैयार कर दिया है। पश्चिमी देशों की कंपनियों के रूस से हटने के बाद जो खाली जगह बनी है, उसे भरने का मौका अब भारतीय कंपनियों, खासकर एमएसएमई सेक्टर के पास है।

जिस तेजी से भारत और रूस के बीच व्यापारिक रिश्ते मजबूत हो रहे हैं, उससे साफ है कि आने वाले वर्षों में भारतीय उत्पादों की मौजूदगी रूसी बाजार में बड़े स्तर पर बढ़ने वाली है।

क्यों रूस में है भारत के लिए सुनहरा मौका? हाल के वर्षों में पश्चिमी प्रतिबंधों और भू-राजनीतिक तनावों के चलते रूस को वैकल्पिक साझेदारों की तलाश है और भारत एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर रहा है। रूस को खाद्य सामग्री, दवाएं, इंजीनियरिंग सामान, तकनीकी उपकरण, टेक्सटाइल और मशीनरी जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर आपूर्ति की जरूरत है। और भारत इन सभी क्षेत्रों में न केवल उत्पादन करता है, बल्कि लागत और गुणवत्ता दोनों के मामले में प्रतिस्पर्धी भी है। MSME के लिए खुला दरवाज़ा भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) अब रूस में अपनी जड़ें जमाने की स्थिति में हैं। रूस की अग्रणी एग्जिबिशन कंपनी ITE Group के सीईओ दिमित्री जावगोरोडनी ने भी माना कि भारत के लिए यह मौका सिर्फ असाधारण नहीं, बल्कि ऐतिहासिक है।

ITE ग्रुप भारत में रोड शो आयोजित कर रहा है ताकि छोटे भारतीय उद्यमियों को रूसी बाजार की संभावनाओं से जोड़ा जा सके व्यापार में असंतुलन: भारत के लिए अवसर? भले ही भारत-रूस का द्विपक्षीय व्यापार 68.7 अरब डॉलर तक पहुंच गया हो, लेकिन यह संतुलित नहीं है। भारत रूस से बहुत ज्यादा आयात कर रहा है (मुख्यतः तेल और उर्वरक), जबकि भारतीय निर्यात मात्र 4.88 अरब डॉलर के आसपास है। यह अंतर दिखाता है कि भारत को अब निर्यात बढ़ाने के प्रयासों में तेजी लाने की जरूरत है। ITE ग्रुप और भारतीय दूतावास जैसे संस्थानों की कोशिश यही है की भारत के कारोबारियों को प्रोत्साहित किया जाए कि वे आगे आएं और रूसी बाजारों को समझें।

अमेरिका और पश्चिमी देशों की बढ़ेगी चिंता? बता दें की जैसे-जैसे भारत रूस के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत कर रहा है, यह अमेरिका और यूरोप की भूराजनीतिक रणनीति के लिए चुनौती बनता जा रहा है। भारत का यह रुख साफ संकेत देता है कि वह स्वतंत्र विदेश नीति और व्यापारिक संतुलन की ओर बढ़ रहा है, जिसमें पश्चिमी देशों पर निर्भरता घटाकर बहुपक्षीय साझेदारियों को बढ़ावा दिया जा सके।

“राहुल गांधी आज रहेंगे पंजाब दौरे पर, बाढ़ पीड़ित परिवारों से करेंगे मुलाकात”

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने रविवार को बताया कि एक दिवसीय दौरे के दौरान गांधी अमृतसर और गुरदासपुर जिलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी राज्य की अपनी यात्रा के दौरान बाढ़ प्रभावित परिवारों से भी मिलेंगे।

पंजाब 1988 के बाद से सबसे भीषण बाढ़ से जूझ रहा है। पंजाब को दशकों में अपनी सबसे भीषण बाढ़ आपदाओं में से एक का सामना करना पड़ा। यह बाढ़ सतलुज, व्यास और रावी नदियों के उफान के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण मौसमी नालों में उफान का नतीजा थी। इसके अलावा पंजाब में भारी बारिश के कारण भी बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है।

बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या वर्तमान में 56 है, जबकि 1.98 लाख हेक्टेयर में लगी फसलें बर्बाद हो गई हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नौ सितंबर को अपनी यात्रा के दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद पंजाब में बाढ़ की स्थिति और नुकसान की समीक्षा की थी।

“60,000 बेसिक सैलरी और 10 साल की सर्विस पर कितनी ग्रेच्युटी मिलेगी? देखें पूरी कैलकुलेशन”

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अगर आपने एक ही कंपनी में 10 साल तक नौकरी की है और आपकी मासिक बेसिक सैलरी 60,000 है, तो रिटायरमेंट या नौकरी छोड़ने पर मिलने वाली ग्रेच्युटी एक बड़ा फाइनेंशियल बेनिफिट हो सकता है।

यह रकम सिर्फ आपकी सेवाओं के सम्मान में नहीं, बल्कि एक कानूनी हक के तौर पर दी जाती है। पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट, 1972 के तहत इसकी गणना एक तय फॉर्मूले से की जाती है। आइए जानते हैं, 60,000 की बेसिक सैलरी और 10 साल की सर्विस पर आपको कितनी ग्रेच्युटी मिल सकती है – पूरी कैलकुलेशन के साथ।

ग्रेच्युटी क्या है? ग्रेच्युटी एक तरह का थैंक यू बोनस है जो कंपनी अपने उन कर्मचारियों को देती है जिन्होंने कंपनी में वर्षों तक सेवा दी हो। यह राशि कर्मचारी की अंतिम सैलरी और सेवा अवधि के आधार पर तय की जाती है। इसकी गणना एक निर्धारित फॉर्मूले से होती है जो पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट, 1972 के तहत आता है।

कौन होता है ग्रेच्युटी का हकदार? ग्रेच्युटी का फायदा उन्हीं कर्मचारियों को मिलता है जिन्होंने एक ही कंपनी में लगातार कम से कम 5 साल काम किया हो। कुछ परिस्थितियों में – जैसे मृत्यु या विकलांगता – यह 5 साल की न्यूनतम सीमा भी जरूरी नहीं होती। इसके अलावा, जिस कंपनी में 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हों, वहां ग्रेच्युटी नियमों का पालन अनिवार्य होता है। हालांकि, कुछ छोटी कंपनियां अपनी नीति के अनुसार स्वेच्छा से भी यह सुविधा दे सकती हैं।

ग्रेच्युटी का कैलकुलेशन कैसे होता है? ग्रेच्युटी निकालने का फॉर्मूला सरल है: ग्रेच्युटी = (बेसिक सैलरी + डीए) × 15/26 × कुल सेवा के साल यहां:15/26 का मतलब है 15 दिन की सैलरी प्रति साल के लिए (क्योंकि महीने में औसतन 26 कार्य दिवस माने जाते हैं), यानी महंगाई भत्ता (अगर अलग से दिया गया है, तो बेसिक में जोड़ना होगा),और कुल सेवा के साल का मतलब है पूरे किए गए साल (6 महीने से ज्यादा समय हो, तो अगला साल जोड़ा जाएगा)।

उदाहरण से समझिए – 10 साल की नौकरी पर कितना मिलेगा? मान लीजिए, किसी कर्मचारी की अंतिम बेसिक सैलरी 60,000 है और उसने कंपनी में 10 साल तक काम किया। तो ग्रेच्युटी की गणना होगी: 60,000 × 15/26 × 10 = 60,000 × 0.5769 × 10 = 34,614 × 10 = 3,46,140 यानि, 10 साल की सेवा पर लगभग  साढ़े तीन लाख रुपये की ग्रेच्युटी मिलेगी।

सेवा अवधि कैसे गिनी जाती है? अगर कोई कर्मचारी 7 साल और 8 महीने तक कंपनी में रहा, तो उसे 8 साल माना जाएगा। वहीं, अगर सेवा 7 साल और 3 महीने की रही, तो केवल  7 साल  ही गिने जाएंगे। यह नियम भी ग्रेच्युटी की राशि को प्रभावित करता है, इसलिए आपकी जॉइनिंग और रिलीविंग डेट्स पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है। यह बोनस नहीं, हक है ग्रेच्युटी को महज बोनस समझना गलत होगा। यह एक कानूनी अधिकार है जो कर्मचारी की सेवा अवधि के बदले दिया जाता है। यदि आपकी कंपनी एक्ट के दायरे में आती है और आपने 5 साल पूरे कर लिए हैं, तो ग्रेच्युटी मिलना तय है।

“PNB की दमदार FD स्कीम: सिर्फ ₹1 लाख जमा पर पाएं ₹23,872 का पक्का रिटर्न”

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अगर आप अपनी मेहनत की कमाई को बिना जोखिम कहीं निवेश करना चाहते हैं और चाहते हैं कि एक तय समय बाद एक निश्चित रकम गारंटी के साथ वापस मिले, तो पब्लिक सेक्टर की दिग्गज बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) स्कीम आपके लिए शानदार विकल्प हो सकती है।

जहां एक ओर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा इस साल रेपो रेट में 1.00% की कटौती की गई है, जिससे लोन की ब्याज दरों में राहत मिली है, वहीं एफडी पर मिलने वाला ब्याज भी कुछ घटा है। इसके बावजूद PNB अभी भी अपने ग्राहकों को आकर्षक ब्याज दरें दे रहा है, खासकर सीनियर और सुपर सीनियर सिटीजन के लिए।

PNB की FD स्कीम – ब्याज दरें और अवधि पंजाब नेशनल बैंक में आप केवल 7 दिन से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए एफडी कर सकते हैं।

ब्याज दरें उम्र और अवधि के आधार पर अलग-अलग निर्धारित हैं: सामान्य नागरिकों को ब्याज: 3.00% से 6.60% तक सीनियर सिटीजन (60+ वर्ष): 3.50% से 7.10% तक सुपर सीनियर सिटीजन (80+ वर्ष): अधिकतम 7.40% तक सबसे ज्यादा ब्याज दर PNB की 390 दिनों वाली विशेष एफडी योजना में देखने को मिल रही है, जहां: सामान्य नागरिकों को: 6.60% सीनियर सिटीजन को: 7.10% सुपर सीनियर सिटीजन को: 7.40% ब्याज दर दी जा रही है। 3 साल की एफडी पर क्या मिलेगा रिटर्न? मान लीजिए आप पंजाब नेशनल बैंक में ₹1 लाख की एफडी 3 साल के लिए करवाते हैं, तो आपकी उम्र के आधार पर रिटर्न कुछ इस प्रकार होगा: सामान्य नागरिक के लिए: ब्याज दर: 6.40% ब्याज राशि: ₹20,983 मैच्योरिटी अमाउंट: ₹1,20,983 सीनियर सिटीजन के लिए: ब्याज दर: 6.90% ब्याज राशि: ₹22,781 मैच्योरिटी अमाउंट: ₹1,22,781 सुपर सीनियर सिटीजन के लिए: ब्याज दर: 7.20% ब्याज राशि: ₹23,872 मैच्योरिटी अमाउंट: ₹1,23,872 यानी अगर आपकी उम्र 80 साल या उससे ज्यादा है और आप 3 साल के लिए 1 लाख रुपये एफडी में रखते हैं, तो आपको मैच्योरिटी पर ₹23,872 का पक्का ब्याज मिलेगा।

ब्याज दरें घटने के बाद भी क्यों फायदेमंद है ये स्कीम? हालांकि रेपो रेट में कमी के बाद कई बैंकों ने अपनी एफडी दरों में कटौती की है, लेकिन PNB अब भी मार्केट में एक मजबूत और सुरक्षित रिटर्न वाला विकल्प बना हुआ है। खासतौर पर सीनियर और सुपर सीनियर सिटीजन के लिए यह स्कीम टैक्स-बचत के साथ-साथ नियमित आय का बेहतरीन ज़रिया बन सकती है।

“ITR Filing: इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख को लेकर आयकर विभाग का बड़ा अपडेट”

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इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आज यानि 15 सितंबर 2025 आखिरी तारीख है। अब तक 6 करोड़ से ज्यादा रिटर्न दाखिल किए जा चुके हैं लेकिन अंतिम समय में रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या बढ़ने से आयकर विभाग के पोर्टल पर भारी दबाव है।

कई टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट सर्वर ओवरलोड और अन्य तकनीकी दिक्कतों की शिकायत कर रहे हैं।

सर्वर क्यों हो रहा है ओवरलोड?

दरअसल आखिरी दिनों में बड़ी संख्या में लोग एक साथ ITR फाइल करने की कोशिश कर रहे हैं। इसे आप एक 4-6 लेन के हाईवे की तरह समझ सकते हैं जहां ज्यादा ट्रैफिक होने पर गाड़ियां धीरे-धीरे चलती हैं। यही हाल आयकर विभाग के पोर्टल का भी है जहां हाई ट्रैफिक के चलते कई बार सर्वर धीमी गति से काम करने लगता है।

AIS डाउनलोड करने में आ रही है दिक्कत कई टैक्सपेयर्स को अपना एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) डाउनलोड करने में परेशानी हो रही है। आयकर विभाग ने हाल ही में घोषणा की थी कि AIS को अब किसी भी थर्ड-पार्टी सॉफ्टवेयर टूल से डाउनलोड नहीं किया जा सकता। इसे डाउनलोड करने का एकमात्र तरीका अब ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन करके AIS कंप्लायंस पोर्टल पर जाना है। हालाँकि कुछ यूजर्स का कहना है कि पोर्टल आसानी से काम कर रहा है जबकि कुछ को AIS डाउनलोड करने में 10 मिनट तक का समय लग रहा है।

अगर आप भी कर रहे हैं ITR फाइल तो ये टिप्स अपनाएं अगर आपको भी रिटर्न फाइल करते समय दिक्कत आ रही है तो इन बातों का ध्यान रखें: ब्राउजर अपडेट करें: माइक्रोसॉफ्ट एज (वर्जन 88+), गूगल क्रोम (88+), मोजिला फायरफॉक्स (86+) या ओपेरा (66+) जैसे अपडेटेड ब्राउजर का इस्तेमाल करें।

ऑपरेटिंग सिस्टम: विंडोज 7 या उसके बाद के वर्जन या लिनक्स या मैक ओएस जैसे लेटेस्ट वर्जन का इस्तेमाल करें।

इंटरनेट कनेक्शन: हो सके तो हाई स्पीड वाले ईथरनेट वायर्ड कनेक्शन का उपयोग करें।

कुकीज क्लियर करें: अपने ब्राउजर की कुकीज और साइट डेटा को क्लियर रखें।

“IMD ALERT: इन राज्यों के 7 जिलों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट, 40 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं”

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महाराष्ट्र में मॉनसून का कहर एक बार फिर लोगों की परेशानियां बढ़ा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 7 जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

इनमें मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पालघर, सिंधुदुर्ग, धुले और रत्नागिरी शामिल हैं। इन सभी जिलों में 15 सितंबर को बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।

15 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान, 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को इन जिलों में बिजली की गरज और तेज हवाओं के साथ मूसलधार बारिश होने की पूरी संभावना है। हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे समुद्र तटीय इलाकों में हालात और बिगड़ सकते हैं। हालांकि, 16 सितंबर से बारिश की तीव्रता थोड़ी कम हो सकती है और हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। लेकिन रायगढ़ और रत्नागिरी में 16 सितंबर को भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

मुंबई की रफ्तार पर बारिश ने फिर लगाया ब्रेक, मोनोरेल में तकनीकी खराबी मुंबई में रविवार रात से लगातार बारिश हो रही है, जिसकी वजह से शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। किंग्स सर्कल, वडाला, और अन्य क्षेत्रों में सड़कें पूरी तरह पानी में डूबी हुई हैं, जिससे यातायात बाधित हुआ है। बारिश के चलते मोनोरेल सेवा भी प्रभावित हुई। सोमवार सुबह वडाला स्टेशन के पास मोनोरेल में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके चलते ट्रेन बीच रास्ते में रुक गई। घटना सुबह 07:16 बजे की है और इसकी सूचना करीब 8 बजे सीपी कंट्रोल को दी गई। रिपोर्ट मिलते ही बचाव कार्य शुरू किया गया।

17 यात्री फंसे, सभी को सुरक्षित निकाला गया तकनीकी खराबी की वजह से 15 से 20 यात्री मोनोरेल में फंस गए थे। अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई में 17 यात्रियों को दूसरी मोनोरेल में ट्रांसफर किया गया और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि किसी को भी चोट नहीं पहुंची।

यह पहली बार नहीं है जब मुंबई की मोनोरेल बारिश में ठप पड़ी हो। इससे पहले भी बारिश के कारण मोनोरेल के बीच रास्ते रुकने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी और घुटन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा था।

जनता के लिए अलर्ट: अगले कुछ दिन सतर्क रहने की जरूरत मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले कुछ दिन खासकर तटीय इलाकों के लिए संवेदनशील होंगे। भारी बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावनाओं को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

“कोलकाता:  PM मोदी पहुंचे ईस्टर्न कमांड, कुछ ही देर में करेंगे संयुक्त कमांडर्स कॉन्फ्रेंस-2025 का उद्घाटन”

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पीएम नरेंद्र मोदी सोमवार को कोलकाता के ऐतिहासिक फोर्ट विलियम पहुंचे। यहां उन्होंने 16वीं संयुक्त कमांडर्स कॉन्फ्रेंस-2025 (CCC) का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम 15 से 17 सितंबर तक चलेगा।

 इसका आयोजन पूर्वी कमान मुख्यालय में किया जा रहा है।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य इस साल की कॉन्फ्रेंस का थीम है- ‘ईयर ऑफ रिफॉर्म्स: ट्रांसफॉर्मिंग फॉर द फ्यूचर’। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में देश के शीर्ष सैन्य अधिकारी और नागरिक नेतृत्व एक साथ मिलकर भारत की सुरक्षा चुनौतियों पर गहन चर्चा करेंगे। इसमें सशस्त्र बलों की तीनों शाखाओं- थल सेना, नौसेना और वायु सेना- के प्रमुख भी शामिल हैं।

रक्षा मंत्री और NSA भी मौजूद प्रधानमंत्री के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल भी इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में मौजूद हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार CCC सशस्त्र बलों का सबसे बड़ा विचार-मंथन मंच है, जहां रणनीतिक और वैचारिक स्तर पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं।

भविष्य की रक्षा रणनीति पर होगी चर्चा इस सम्मेलन में भविष्य की युद्ध तकनीक, साइबर सुरक्षा, और सीमाओं की सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श होने की संभावना है। यह मंच सेना, नौसेना और वायु सेना के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने और भारत की रक्षा क्षमताओं को और मजबूत बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। कोलकाता के बाद बिहार का करेंगे दौरा सम्मेलन में भाग लेने के बाद पीएम मोदी बिहार के लिए रवाना होंगे। उनका यह दौरा देश की सुरक्षा और विकास दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

“वक्फ संशोधन कानून पर  SC में सुनवाई खत्म, आज आएगा अंतरिम फैसला, जानें क्या हैं 3 बड़े मुद्दे”

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वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट आज एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश सुनाएगा। चीफ जस्टिस बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली बेंच इस मामले पर फैसला सुनाएगी, जिस पर कोर्ट ने 22 मई को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

इन 3 अहम मुद्दों पर हुई सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर याचिकाकर्ताओं ने तीन मुख्य मुद्दों पर आपत्ति जताई थी:  

संपत्तियों को वक्फ से हटाने का अधिकार: याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि संशोधित कानून में वक्फ संपत्तियों को हटाने का अधिकार बहुत व्यापक है।

वक्फ बोर्ड की संरचना: याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि राज्य वक्फ बोर्ड और केंद्रीय वक्फ परिषद में गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति नहीं होनी चाहिए, सिवाय पदेन (ex-officio) पदों के।

जिला कलेक्टर द्वारा संपत्ति का दर्जा बदलना:  नए कानून में यह प्रावधान है कि अगर जिला कलेक्टर यह तय कर देता है कि कोई वक्फ संपत्ति असल में सरकारी जमीन है, तो वह वक्फ की पहचान खो देगी। याचिकाकर्ताओं ने इस प्रावधान पर भी आपत्ति जताई है।

केंद्र और याचिकाकर्ताओं के तर्क केंद्र सरकार का पक्ष:  केंद्र सरकार ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के माध्यम से कहा कि वक्फ एक धर्मनिरपेक्ष (secular) अवधारणा है और संशोधित कानून पूरी तरह से संवैधानिक है। केंद्र ने यह भी कहा कि भले ही वक्फ की जड़ें इस्लामी परंपरा में हैं, लेकिन यह धर्म का अनिवार्य हिस्सा नहीं है।

याचिकाकर्ताओं का पक्ष: याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि यह कानून इतिहास और संविधान के सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका मकसद गैर-न्यायिक प्रक्रिया से वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करना है।

क्या है एआईएमपीएलबी की उम्मीद? ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के प्रवक्ता सैयद कासिम रसूल इलियास ने इस मामले पर अपनी उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि जिन चीजों पर उन्होंने अंतरिम राहत की मांग की है, वे आज उन्हें मिल जाएंगी।

कानून का इतिहास वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को 8 अप्रैल को अधिसूचित किया गया था, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 5 अप्रैल को मंजूरी दी थी। इससे पहले, लोकसभा और राज्यसभा दोनों ने इसे पारित किया था। संसद से मंजूरी मिलते ही इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

पिछले 24 घंटों में बारिश और तापमान, निम्न दबाव क्षेत्र का असर, 15 सितंबर का पूर्वानुमान, अलर्ट जारी – कहां कितना खतरा!

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छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों तक कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और मेघगर्जन के आसार हैं. कुछ इलाकों में भारी वर्षा, आकाशीय बिजली और 30-40 किमी/घंटा तक तेज हवाएं चलने की चेतावनी है. रायपुर में आंशिक मेघमय आसमान के बीच गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. मौसम विभाग ने 15 से अधिक जिलों में ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी किया है. छत्तीसगढ़ में मानसून का असर बरकरार है. राज्य के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक का दौर जारी है. मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है. वहीं, रायपुर समेत कई शहरों में आंशिक मेघमय आसमान और बौछारों के आसार हैं.

पिछले 24 घंटों में बारिश और तापमान

राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई. रायपुर में अधिकतम तापमान 34.8°C और दुर्ग में न्यूनतम तापमान 20.0°C दर्ज हुआ. तोंगपाल में 6 सेमी, दरभा और सामरी में 5-5 सेमी, भैरमगढ़ में 5 सेमी, भोपालपटनम, कुटरू, बीजापुर में 4-4 सेमी, पेंड्रा, दोरनापाल, बेलगहना, नानगुर, सन्ना में 2-2 सेमी सहित कई जगह बारिश दर्ज हुई. मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से वापस हो चुका है. 17 सितंबर को सामान्य वापसी होती है, लेकिन इस बार 14 सितंबर को ही इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई. अगले 2-3 दिनों में पंजाब, गुजरात और राजस्थान के अन्य हिस्सों से भी मानसून की वापसी की संभावना है.

निम्न दबाव क्षेत्र का असर

उत्तरी तेलंगाना और उससे सटे विदर्भ में बना निम्न दबाव क्षेत्र समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक सक्रिय है. इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश और मेघगर्जन का दौर जारी रहेगा.

15 सितंबर का पूर्वानुमान

आज प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं. रायपुर में आंशिक मेघमय आसमान के बीच गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. अधिकतम तापमान 34°C और न्यूनतम 25°C रहने की संभावना है.

अलर्ट जारीकहां कितना खतरा

छत्तीसगढ़ प्रदेश में आगामी घंटों के दौरान कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है जिसमें,ऑरेंज अलर्ट: उत्तर बस्तर कांकेर, बालोद, राजनांदगांव, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, जशपुर, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा जिलों में मेघगर्जन/आकाशीय बिजली/30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ मध्यम वर्षा की संभावना.

येलो अलर्ट: नारायणपुर, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर में हल्की वर्षा की संभावना.

 

छत्तीसगढ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा ने नेशनल लोक अदालत के तहत सुनवाई का लिया जायजा… 

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वर्चुअल माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायालयों में खण्डपीठों का किया निरीक्षण, नेशनल लोक अदालत में छत्तीसगढ राज्य को मिली ऐतिहासिक सफलता, रिकार्ड 47.02 लाख से अधिक प्रकरणों का हुआ निराकरण, 739 करोड़ रूपए से अधिक की राशि का अवार्ड पारित.

छत्तीसगढ़ राज्य में वर्ष 2025 की तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस अवसर पर माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय-सह-मुख्य संरक्षक छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उच्च न्यायालय बिलासपुर में गठित नेशनल लोक अदालत की दोनों खण्डपीठों के पीठासीन न्यायमूर्तिगण माननीय श्रीमती न्यायमूर्ति रजनी दूबे एवं माननीय श्री न्यायमूर्ति दीपक कुमार तिवारी से चर्चा करते हुए नेशनल लोक अदालतों की कार्यवाहियों का जायजा लिया गया एवं जिला एवं सत्र न्यायालय बिलासपुर में भौतिक निरीक्षण किया गया। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय द्वारा शेष समस्त जिला एवं सत्र न्यायालयों में आयोजित नेशनल लोक अदालत की कार्यवाहियों का वर्चुअल माध्यम से भी निरीक्षण किया गया। माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय समस्त जिलों के प्रधान जिला न्यायाधीशों के साथ संवाद व चर्चा की गई तथा नेषनल लोक अदालत की प्रगति का जायजा लेकर उन्हें अधिक से अधिक प्रकरणों के निराकरण हेतु मार्गदर्शन करते हुए प्रोत्साहित किया गया।

माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय के द्वारा की गई यह पहल लोक अदालत के पीठासीन अधिकारियों, सदस्यों व पक्षकारों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ पक्षकारों में विष्वास सृजित करेगा और लोक अदालत को और विष्वसनीयता और प्रमाणिकता प्रदान करेगा। यह उल्लेखनीय है कि “जनसामान्य को शीघ्र, सुलभ एवं सस्ता न्याय प्रदान करने के उद्देश्य से लोक अदालत का आयोजन तहसील, जिला एवं उच्च न्यायालय स्तर पर किया जाता है। इसमें विवादों का निपटारा आपसी समझौते व सौहार्दपूर्ण वार्ता के माध्यम से किया जाता है। लोक अदालत में आपसी सहमति से निराकृत मामलों में अपील का प्रावधान नहीं होता तथा वादियों को पूर्व में जमा किया गया संपूर्ण न्याय शुल्क वापस कर दिया जाता है।

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में दो खण्डपीठ का गठन किया गया था जिसमें क्रिमिनल 07, सिविल 64 व रिट 62 व अन्य सिविल मामले के कुल 01 प्रकृति के कुल 134 प्रकरण का निकराकरण किया गया और दो करोड़ सत्तर हजार का अवार्ड पारित किया गया है।

इसी प्रकार सम्पूर्ण राज्य में उच्च न्यायालय से लेकर तालुका स्तर न्यायालयों के साथ-साथ राजस्व न्यायालयों में 13 सितम्बर 2025 को आयोजित नेषनल लोक अदालत में प्राप्त आंकड़ों के अनुसार कुल 47 लाख 02 हजार 692 प्रकरणों का निराकरण करते हुए कुल 7 अरब 39 करोड़ 48 लाख 78 हजार 898 रूपए का अवार्ड पारित किया गया। इस नेशनल लोक अदालत में तकनीकी का उपयोग करते हुए जहां पक्षकार नहीं आ सके उन्हें वर्चुअल माध्यम से भी जोड़कर तथा मोबाईल वेन के माध्यम से लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण किया गया।

माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधिपति, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा माननीय श्री न्यायमूर्ति संजय के. अग्रवाल, कार्यपालक अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, माननीय श्री न्यायमूर्ति पार्थ प्रतीम साहू अध्यक्ष उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीषों, लोक अदालत की खण्डपीठों के पीठासीन अधिकारियों, अधिवक्तागण, पक्षकारगण एवं उन सभी हितधारकों को जिन्होंने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से इस नेशनल लोक अदालत को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है, को धन्यवाद ज्ञापित किया है।