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दोगुना मुनाफे का झांसा देकर 16 लोगों से 68 लाख की ठगी, शातिर ने ऐसे दिया वारदात को अंजाम

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बिलासपुर में वेस्टिज कंपनी के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। पीड़ितों ने थाना सिविल लाइन में शिकायत की है। उन्होंने बताया कि सिंधी कॉलोनी कस्तूरबा नगर निवासी हीरा भागवानी सिंधी ने निवेश पर दोगुना राशि लौटाने का झांसा देकर 68 लाख रुपये की ठगी कर ली है।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आरोपी ने कंपनी में पैसा लगाने पर मोटा मुनाफा और दोगुनी राशि लौटाने का आश्वासन दिया था। इस झांसे में आकर कई लोगों ने लाखों रुपए का निवेश किया। पीड़ितों की सूची में किरन साहू, मेवा यादव, शहजादा, संतोष साहू, बसंती साहू, पिंकी साहू, उषा साहू, पूनम, डॉली साहू समेत 16 से अधिक लोग शामिल हैं।

लाखों लेकर आरोपी हो गया फरार
पीड़ितों का कहना है कि आरोपी ने रकम लेने के बाद न तो वादे के अनुसार राशि लौटाई और न ही कोई जवाब दिया। अब सभी पीड़ितों ने थाना सिविल लाइन प्रभारी से आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध पंजीबद्ध कर रकम वसूलकर उन्हें लौटाने की मांग की है। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

ईडी की बड़ी कार्रवाई…..कृषि कारोबारियों के 18 ठिकानों पर छापेमारी, लेनदेन से जुड़े कागजात बरामद

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प्रर्वतन निदेशालय( ईडी) की टीम कृषि कारोबारियों के सभी 18 ठिकानों में छापेमारी करने के बाद गुरुवार देर रात लौटी। इस दौरान तलाशी में मिले लेनदेन के दस्तावेज, डीएमएफ घोटाले से जुड़े कई इलेक्ट्रॉनिक और टेंडर से संबंधित पेपर और डिवाइस को जांच के लिए जब्त किया गया है। साथ ही सभी को ईडी दफ्तर में पूछताछ के लिए उपस्थिति दर्ज कराने नोटिस जारी किया गया है।

CG News: तलाशी में हुआ ये बड़ा खुलासा
बताया जाता है कि तलाशी में कृषि उपकरण और अन्य सामानों के टेंडर के एवज में 42 फीसदी तक कृषि विभाग के अधिकारियों को कमीशन दिए जाने के इनपुट मिले। इस खेल में जेल भेजे गए मनोज कुमार द्विवेदी के सूत्रधार होने की जानकारी मिली है। उसके द्वारा अपने एनजीओ फर्म उद्गम सेवा सेवा समिति के नाम से डीएमएफ के कई ठेके हासिल किए थे। वहीं कमीशन देने वाले अपने करीबी लोगों को निविदाएं स्वीकृत की गई। इसका कमीशन डायरेक्टर, अफसरों और रसूखदार लोगों तक पहुंचाया गया था। बता दें कि 575 करोड़ रुपए का डीएमएफ घोटाला सिंडीकेट बनाकर किया गया।

इनके ठिकानों पर छापेमारी
ईडी ने रायपुर में शंकर नगर चौपाटी के पास रहने वाले विनय गर्ग, ला विस्टा अमलीडीह निवासी पवन पोद्दार, शांति नगर भिलाई के विवेकानंद कॉलोनी निवासी सीए आदित्य किशन दिनोदिया, भिलाई-3 वसुंधरा नगर निवासी शिवकुमार मोदी, राजिम के उगमराज कोठारी नामक कारोबारी के घर और ऑफिस के साथ ही उक्त सभी के फर्मो में छापेमारी कर तलाशी ली गई।

डीएमएफ के खेल में करोड़ों का कमीशन
CG News: जिला खनिज निधि (डीएमएफ) राशि से उपकरण सप्लाई बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदे गए। यह खेल निलंबित आईएएस रानू साहू (जमानत पर) के डॉयरेक्टर एग्रीकल्चर के एमडी के कार्यकाल के दौरान खरीदी सप्लाई के टेंडर नियमों में बदलाव करने की जानकारी मिली है। इतना ही नहीं फर्जी प्रोजेक्ट बनाने, मटेरियल सप्लाई, ट्रेनिंग, मेडिकल उपकरण खरीदी में नियमों को दरकिनार कर कमीशन वाले टेंडर पास कराए गए।

738 कैमरों की लोगों को परवाह नहीं… रोजाना 250 से ज्यादा ई-चालान, 8 माह में 6.86 करोड़ की वसूली

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छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर के चौक-चौराहों पर 500 से ज्यादा लोग रोज कैमरों के सामने ही ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं। कभी अधिक रफ्तार से चलते हैं तो कभी दोपहिया में तीन सवारी बैठाकर वाहन चलाते हैं। चौक-चौराहों में 700 से अधिक कैमरे लगे हैं, जिनसे ट्रैफिक नियम तोडऩे वालों पर नजर रखी जा रही है। इसके बावजूद ट्रैफिक नियम तोडऩे वालों को ई-चालान का डर नहीं है। रोज औसतन 250 से अधिक वाहन चालकों का ई-चालान कट रहा है। 8 माह में चालान के एवज में समन शुल्क 6 करोड़ से अधिक हो गया है।

कैमरों की लोगों को परवाह नहीं
आईटीएमएस के तहत प्रमुख चौक-चौराहों और मार्गों पर अलग-अलग तरह के 738 कैमरे लगाए गए हैं। इनके जरिए आने-जाने वाले वाहनों पर नजर रखी जाती है। जयस्तंभ चौक, फाफाडीह, घड़ी चौक, कलेक्टोरेट चौक, पचपेड़ीनाका चौक, तेलीबांधा चौक, शंकर नगर आदि चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर भी लगाए गए हैं।

आईटीएमएस के तहत पहले बिना हेलमेट वाले चालकों का ई-चालान नहीं होता था, लेकिन वर्ष 2020 से इसे भी शामिल कर लिया गया है। बिना हेलमेट के वाहन चलाने वालों के खिलाफ भी ई-चालान की कार्रवाई हो रही है। 8 माह में 58 हजार 610 ई-चालान जनवरी से अगस्त 2025 तक कुल 58 हजार 610 ई-चालान किया गया। इसके एवज में समन शुल्क के रूप में कुल 6 करोड़ 86 लाख 95 हजार 700 रुपए वसूले गए।

16000 NHM कर्मचारियों का सामूहिक इस्तीफा, 18 दिन से हड़ताल पर हैं, पूरे प्रदेश में हड़कंप

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छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के करीब 16,000 संविदा कर्मचारियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है. यह कदम 25 अधिकारियों और कर्मचारियों की बर्खास्तगी के विरोध में उठाया गया है. पिछले 18 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अड़े हुए हैं.
रायपुर में लगभग 1,600 NHM कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय का घेराव कर इस्तीफा सौंपा. CMHO डॉ. मिथिलेश चौधरी ने ज्ञापन तो लिया, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया. उधर, जगदालपुर में हड़ताल पर बैठे 900 में से 887 कर्मचारियों ने प्रभारी CMO को इस्तीफा सौंपा. संगठन के 10 पदाधिकारियों की बर्खास्तगी के विरोध में यह निर्णय लिया गया.
कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें, जिनमें नियमितीकरण और बेहतर कार्यस्थितियां शामिल हैं, लंबे समय से अनसुनी की जा रही हैं. हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे हड़ताल को और सख्त करेंगे.

जानकारों का कहना है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं पर इस हड़ताल का गहरा असर पड़ रहा है. सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत की कोई प्रगति नहीं होने से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.

छत्तीसगढ़ में बारिश का कहर! कच्चे मकान ने ली मासूम की जान, गांव में शोक की लहर

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बस्तर जिले के नानगुर तहसील के अलनार गांव में भारी बारिश ने एक परिवार की खुशियां छीन ली. बारिश के कहर के कारण एक कच्चे मकान की दीवार ढह गई, जिसके मलबे में दबकर 14 वर्षीय मासूम छात्र लोकेश नाग की दर्दनाक मौत हो गई. इस हादसे में लोकेश की दादी भी गंभीर रूप से घायल हो गईं. यह दुखद घटना नानगुर ब्लॉक के अलनार गांव में हुई, जिसने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया.
लोकेश नाग आठवीं कक्षा का छात्र था. वह अपने परिवार के साथ गांव में रहता था. उस दिन भारी बारिश के कारण कच्चे मकान की दीवार कमजोर हो गई थी. अचानक दीवार भरभराकर गिर पड़ी. उस समय लोकेश और उनकी दादी दीवार के पास थे. मलबे में दबने से लोकेश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी दादी को गंभीर चोटें आईं. घायल दादी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.
यह हादसा इतना दुखद था कि लोकेश के परिवार और पूरे गांव में मातम छा गया. लोकेश के माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. गांववाले भी इस घटना से सदमे में हैं. लोकेश एक होनहार और मेहनती छात्र था, जो अपने स्कूल में पढ़ाई में अच्छा था. उसकी अचानक मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया.

स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के मौसम में कच्चे मकानों की स्थिति और खराब हो जाती है. कई बार ये मकान कमजोर होकर गिरने की कगार पर पहुंच जाते हैं. इस घटना ने गांव में कच्चे मकानों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते मकानों की मरम्मत या पक्के मकान बनाने की व्यवस्था हो, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है.
स्थानीय प्रशासन ने घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. घायल दादी के इलाज के लिए सहायता प्रदान की जा रही है. साथ ही, परिवार को इस दुख की घड़ी में हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है. इस घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर पैदा कर दी है और लोग मासूम लोकेश को याद कर रहे हैं.

“Teacher’s Day पर शिक्षक को भेजें ये मैसेज, स्पेशल अंदाज में करें टीचर्स डे विश”

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“Teacher’s Day पर शिक्षक को भेजें ये मैसेज, स्पेशल अंदाज में करें टीचर्स डे विश”

टीचर्स डे हमें याद दिलाता है कि शिक्षक केवल किताबों के पन्नों तक सीमित नहीं होते, बल्कि हमारे जीवन के मार्गदर्शक भी होते हैं. टीचर्स के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए शिक्षक दिवस एक सुनहरा अवसर है.इस मौके पर आप अपने टीचर्स को खास मैसेज भेजकर स्पेशल फील करवा सकते हैं.

नहीं हैं शब्द कैसे करूं धन्यवाद, बस चाहिए हर पल आप सबका आशीर्वाद, हूं जहां आज मैं उसमें है बड़ा योगदान, आप सबका जिन्होंने दिया मुझे इतना ज्ञान शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!

-गुरु तेरे उपकार का कैसे चुकाऊं मैं मोल लाख कीमती धन भला गुरु हैं मेरे अनमोल !

Happy Teachers Day 2025 – आपने हमें सिर्फ पढ़ाना नहीं सिखाया, बल्कि जीवन की हर चुनौती का सामना करना भी सिखाया, मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद गुरु!

– जिसे देता है हर व्यक्ति सम्मान जो करता है वीरों का निर्माण जो बनाता है इंसान को इंसान ऐसे गुरु को हम करते हैं प्रणाम

Happy Teacher’s Day 2025 – जो बनाएं हमें इंसान, कराए सही-गलत की पहचान देश के उन निर्माताओं को, हम करते हैं शत-शत प्रणाम

Happy Teacher’s Day! – जीने की कला सिखाते शिक्षक ज्ञान की कीमत बताते शिक्षक पुस्तकों के होने से कुछ नहीं होता अगर मेहनत से नहीं पढ़ाते शिक्षक

Happy Teacher’s Day 2025 – गुरु का स्थान सबसे ऊंचा, गुरु बिन कोई ना दूजा गुरु करें सबकी नाव पार गुरु की महिमा सबसे अपार शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं!

हिमाचल के भुंतर में डरावना फ्लैश फ्लड…4 दिन से मलबे में दफ्न 8 लोग, कुल्लू शहर के आसपास 16 घंटे से ब्लैक ऑउट

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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू शहर में कुदरत ने ऐसा कहर ढाया है कि पांच दिन में दो लोगों की मौत, 8 लोग मलबे में दफ्न हैं. बीते 4 दिन से जहां दो लोग इनर अखाड़ा बाजार के घर के मलबे में दफ्न है. वहीं, 48 घंटे से छह लोगों की तलाश अखाड़ा बाजार की एक अन्य लोकेशन पर चल रही है. उधऱ, गुरुवार को जिले के भुंतर में भीषण फ्लेश फ्लैड देखने को मिला और पिपलागे नाले में पेड़, पत्थर और मलबा बहते हुए नजर आया.
साथ ही कुल्लू शहर में आसपास रात से ही ब्लेक आउट है. राहत की बात है कि आज मौसम कुछ हद तक खुला है और धूप खिली है. हालांकि, हल्के बादल भी मौजूद हैं. उधर, सीएम सुक्खू भी आज कुल्लू और मनाली के दौरे पर पहुंच रहे हैं और हालात का जायजा लेंगे. बता दें कि बिजली महादेव की पहाड़ियों से भी गुरुवार को लैंडस्लाइड हुआ और नाले में पत्थर गिरते नजर आए.
दरअसल, हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला में 2 और 4 सितंबर को इन अखाड़ा बाजार में दो लोकेशन पर पहाड़ी से भारी भूस्खलन हुआ. इसमें 2 सितंबर को एक घर में कश्मीर मजदूर के अलावा, एनडीआरएफ का जवान दबे हुए हैं. वहीं, 4 सितंबर को के कारण मलबे में दबे छह लोगों के लिए सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन 32 घंटे से चल रहा है. घटनास्थल पर पहाड़ी से बार-बार मलबा आने की वजह से गुरुवार शाम को सर्च ऑपरेशन रोका गया था औऱ अब सुबह 6:00 बजे शुरू हुआ है.

दो घरों पर हुए भूस्खलन में 1 युवक की मौत, तीन लोग घायल और छह लोग मलबे में दफ्न है. इसमें गुरुवार को महिला के शरीर सिर का कुछ हिस्सा बरामद हुआ है. लेकिन जम्मू एवं कश्मीर के पांच लोगों का अब तक कोई भी सुराग नहीं मिला है.एसपी कुल्लू डॉक्टर कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन ने कहा कि इनर अखाड़ा बाजार में गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे के आसपास भूस्खलन हुआ था और अब भी 6 लोगों के दबे होने की आशंका है. सर्च ऑपरेशन में एनडीआरएफ, होमगार्ड, अग्निशमन विभाग आईटीबीपी और पुलिस की टीम लगी हुई है. लोक निर्माण विभाग और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की मशीनरी भी इस्तेमाल की जा रही है. सर्च ऑपरेशन में शरीर का कुछ हिस्सा बरामद हुआ है.

एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडर संतोष ने कहा कि लगातार सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है औऱ बीच बीच में परेशानी हुई है. कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि लैंडस्लाइड का कारण सीरवेज और गलियां अवरूद्ध होने से हुआ है. काफी सेफ जोना इनर अखाड़ा बाजार माना जाता है. लेकिन इस बार नुकसान हुआ है. उन्होंने बताया कि चार लोग जख्मी हुए हैं और एक को रेफर किया गया है. उन्होंने बताया कि लापता लोगों में पांच कश्मीरी हैं.

कुल्लू के भुंतर में फ्लैश फ्लड
गुरुवार को कुल्लू के भुंतर के पिपलागे नाले में फ्लैश फ्लड देखने को मिला. यहां पर पत्थऱ, मलबा औऱ पेड़ बहते हुए नजर आए. कुछ लोग मौके पर मौजूद थे जो कि जान बचाकर भागे. इसी तरह कुल्लू के गांधीनगर में घर के साथ लैंडस्लाइड होने से गाड़ियां मलबे में दब गई और खासा नुकसान हुआ. बजौरा के 33 केबी सबस्टेशन की बिजली लाइन क्षतिग्रस्तहोने से कुल्लू और आसपात में 12 घंटे से बत्ती गुल है. जो कि शुक्रवार दोपहर तक बहाल होगी.

उधर चीन ने बीजिंग में किया शक्ति प्रदर्शन, इधर भारत ने दिखाया दम, दिल्‍ली में जुटे 53 देश, क्‍या है प्‍लानिंग

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चीन ने कुछ द‍िनों पहले ही मिलिट्री परेड का आयोजन किया था. इस शक्ति प्रदर्शन में दुनिया के कई देशों के राष्‍ट्राध्‍यक्षों ने शिरकत की थी. एक्‍सपर्ट की नजर में इसका सबसे बड़ा मकसद अमेरिका समेत तमाम पश्चिमी देशों को संदेश देना था कि चीन अब झुकने वाला नहीं है. वहीं, फाइटर जेट से लेकर अल्‍ट्रा मॉडर्न टेक्‍नोलॉजी से लैस मिसाइल को दुनिया के सामने पेश कर राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने यह संदेश भी दे दिया कि चीन अब डिफेंस तकनीक के क्षेत्र में भी पीछे नहीं है. इससे अमेरिका समेत तमाम वेस्‍टर्न पावर में खलबली मची हुई है. दूसरी तरफ, भारत की राजधानी दिल्‍ली में 53 देशों के 67 प्रतिनिधियों का महाजुटान हुआ है. इस महाकार्यक्रम में कई मसलों पर विचार-विमर्श हुआ. ऑपरेशन सिंदूर के बाद सुरक्षा से जुड़ी अपने तरह की यह पहली महाबैठक थी.
इंडियन आर्मी ने बुधवार को दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ सेंटर में विदेशों से भारत में तैनात रक्षा अताशे के लिए वार्षिक ब्रीफिंग आयोजित की. इस मौके पर समकालीन वैश्विक शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों तथा उन पर भारत के दृष्टिकोण को साझा किया गया. सेना ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि इस कार्यक्रम में 53 देशों से आए 67 रक्षा अताशे शामिल हुए. इस दौरान भारत की सुरक्षा नीतियों, रणनीतिक प्राथमिकताओं और वैश्विक चुनौतियों के प्रति दृष्टिकोण पर विस्तार से चर्चा हुई.

इंडियन आर्मी चीफ भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में भारत के सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी हिस्सा लिया और विदेशी अताशे के साथ बातचीत की. उन्होंने उभरते क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा परिदृश्यों, भारत की रणनीतिक सोच और भारतीय सेना की प्राथमिकताओं पर अपने विचार साझा किए. सेना ने बताया कि इन चर्चाओं से रक्षा सहयोग को बढ़ावा मिलेगा और वैश्विक शांति व स्थिरता की दिशा में साझा समझ विकसित होगी. भारतीय सेना ने ब्रीफिंग के दौरान आत्मनिर्भर भारत अभियान और स्वदेशी रक्षा उत्पादन की दिशा में हो रहे प्रयासों की जानकारी भी दी. अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य न केवल भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना है बल्कि मित्र देशों के साथ सहयोग के नए आयाम भी स्थापित करना है.

4 घंटे तक चली महाबैठक
सेना द्वारा साझा की गई तस्वीरों में विदेशी रक्षा अताशे और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को विभिन्न सत्रों में भाग लेते हुए देखा जा सकता है. कार्यक्रम ने भागीदार देशों के प्रतिनिधियों को भारत की सैन्य दृष्टि और दीर्घकालिक रणनीतिक दिशा को बेहतर ढंग से समझने का अवसर दिया. भारतीय सेना के मुताबिक, इस तरह के संवाद से आपसी विश्वास और सहयोग की भावना को बल मिलता है. साथ ही यह अवसर वैश्विक स्तर पर शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने वाली सामूहिक पहल को मजबूत करता है. करीब चार घंटे चले इस वार्षिक सत्र में रक्षा अताशे ने भारतीय सैन्य नेतृत्व के साथ कई मुद्दों पर विचार-विमर्श किया और भविष्य में रक्षा साझेदारी को गहरा करने पर सहमति जताई.

बंगाल में मचा दहशत, कागज लेकर सरकारी ऑफिस भाग रहे हैं लाखों लोग, SIR-NRC को लेकर मचा हड़कंप

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पश्चिम बंगाल में लोगों के बीच एक अलग प्रकार का हड़कंप मचा हुआ है. लोग राज्य के मूल निवासी के पक्के कागज के लिए सरकारी दफ्तरों का चक्कर काट रहे हैं. हाल में बिहार में चुनाव आयोग के एसआईआर (विशेष गहन संशोधन) को देखते हुए पड़ोसी राज्य में भी दहशत का माहौल है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के कई जिलों में लोग एसआईआर और एनआरसी को लेकर लोगों के बीच भय का माहौल है.
दरअसल, मुर्शिदाबाद जिले में SIR (विशेष गहन संशोधन) और NRC (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) की आने की आशंका के बीच लोग डरे हुए हैं. जनता अपनी कागजात को मजबूत करने में जुटी हुई है. लोगों ने अपना पीड़ा मीडिया को बताया है. बहरमपुर नगरपालिका ऑफिस के बाहर अपने 11 साल के बेटे आसिफ के साथ खड़ी मॉयना खातून ने अपना कष्ट सुनाया है. उन्होंने बताया कि जन्म प्रमाणपत्र के पक्के कागज के लिए लंबी कतार में खड़ी हैं.

बंगाल में अफवाह फैलाया जा रहा है कि अगर आपके पास कागजात है, मगर इसका डिजिटलाइजेशन नहीं हुआ तो दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है. मॉयना खातून के पड़ोसियों ने बताया कि डिजिटल रिकॉर्ड भी “अपडेट” कराने होंगे. हालांकि, अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही वह घर लौटीं.
अल्पसंख्यकों में समाया डर

पिछले दो हफ्तों से मुर्शिदाबाद और आसपास के गांवों में लोग सुबह तड़के से देर रात तक मैनुअल जन्म प्रमाणपत्रों को डिजिटल कराने के लिए जुट रहे हैं. यह दहशत 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले बिहार जैसी मतदाता सूची संशोधन की आशंका और NRC से नागरिकता छिनने के डर से उपजी है. बिहार में लाखों नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जिसका डर अब बंगाल के अल्पसंख्यक समुदायों में फैल रहा है.
बंग्लादेशी घोषित होने की डर
सोशल मीडिया और अफवाहों ने लोगों के बीच डर को और बढ़ाया है. प्रवासी मजदूरों को ‘बांग्लादेशी‘ बताकर निकाले जाने की खबरें और दस्तावेजों के बिना बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता ने लोगों को परेशान कर रखा है. आंकड़े बताते हैं कि मध्य अगस्त तक बहरमपुर में रोज 50-60 डिजिटल प्रमाणपत्र जारी होते थे, लेकिन अब मांग 10-20 गुना बढ़कर 2 सितंबर को 1,000 तक पहुंच गई. नगरपालिका अध्यक्ष नरु गोपाल मुखर्जी ने बताया कि भीड़ को संभालने के लिए 20 अतिरिक्त कर्मचारी और विशेष कैंप लगाए गए हैं, फिर भी भीड़ कम नहीं हो रही. लगभग 98% आवेदक अल्पसंख्यक समुदाय से और 99% ग्रामीण क्षेत्रों से हैं.
नाम में गड़बड़ी से लोग परेशान
दुर्लवपुर के साहबुद्दीन बिस्वास सुबह 3:30 बजे घर से निकले और 5:30 बजे काउंटर पर पहुंचे. वे अपनी छोटी बेटी तुहीना के मैनुअल प्रमाणपत्र को लेकर चिंतित हैं. बसंतपुर के शिक्षक सफीकुल इस्लाम ने कहा, ‘ड्राइविंग लाइसेंस भी अब डिजिटल हैं, इसलिए मैंने बच्चों के प्रमाणपत्र अपडेट कराए.’ दादपुर की ज्योत्स्ना बीबी को उपनामों में अंतर की चिंता है, क्योंकि उनके बच्चों के प्रमाणपत्र में पिता का उपनाम “अली” है, जबकि उनके दस्तावेजों में “शेख”.

भीड़ बढ़ने परेशान अधिकारी
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले अधिकारी पार्थसारथी रॉय ने बताया कि कर्मचारी इस भीड़ को संभालने में असमर्थ हैं. उन्होंने कहा, ‘हम लोगों को समझा रहे हैं कि बिना गलती वाले मैनुअल प्रमाणपत्र भी मान्य हैं, डिजिटल कराना अनिवार्य नहीं है.’ लालबाग नगरपालिका अध्यक्ष इंद्रजीत धर ने बताया कि डिजिटल प्रमाणपत्रों के लिए आवेदनों में 30% की वृद्धि हुई है. जिला मजिस्ट्रेट राजर्षि मित्रा ने आश्वासन दिया कि मैनुअल प्रमाणपत्र मान्य हैं और अफवाहों से घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन अफवाहें आश्वासनों से तेजी से फैल रही हैं.

ईवीएम नहीं बैलेट पेपर से होगा चुनाव, कांग्रेस ने चली ऐसी चाल कि सकते में आ गया चुनाव आयोग

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पूरे देश में ईवीएम मशीन से चुनाव और ‘वोट चोरी‘ को लेकर विपक्ष का विरोध चल रहा है. सरकार से वैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग चल रही है. विपक्ष का कहना है कि ईवीएम से चुनाव में गड़बड़ी हो रही है. हालांकि, चुनाव आयोग ने विपक्ष के दावों को कई मौकों पर नाकार दिया है. बकौल, आयोग ईवीएम को हैक करना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है. मगर, इन सबके बीच कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने वैलेट पेपर से चुनाव कराने का फैसला लिया है. कर्नाटक कैबिनेट ने गुरुवार को राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) को राज्य में आगामी पंचायत और शहरी स्थानीय निकाय चुनाव ‘ईवीएम के बजाय वैलेट पेपर’ से कराने की सिफारिश करने के अपने फैसले की घोषणा की.
कर्नाटक के कानून और संसदीय कार्य मंत्री एचके. पाटिल ने कैबिनेट बैठक के बाद इसकी घोषणा की. उन्होंने मीडिया से बताया, ‘ऐसा इसलिए है क्योंकि लोगों में ईवीएम को लेकर विश्वास और विश्वसनीयता कम हो रही है.’ पाटिल ने वोटर लिस्ट में सुधार को लेकर भी सरकार के फैसले की जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) द्वारा वोटर लिस्ट में संशोधन को आसान बनाने के लिए आवश्यक कानूनी उपाय करने और मौजूदा नियमों में संशोधन करने का फैसला किया है.