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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर सेक्टर-24 में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के संयुक्त मुख्यालय भवन का शिलान्यास किया।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर सेक्टर-24 में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के संयुक्त मुख्यालय भवन का शिलान्यास किया।

रजत जयंती वर्ष और गणेश चतुर्थी जैसे पावन अवसर पर सम्पन्न इस समारोह में उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की और भवन का थ्री-डी मॉडल अनावृत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता को नई ऊँचाई देगा, तीनों पावर कंपनियों के बीच समन्वय को मजबूत करेगा और उपभोक्ताओं को एक ही छत के नीचे सभी सेवाएँ उपलब्ध कराएगा।
उन्होंने इस अवसर पर एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत मौलश्री  पौधरोपण किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षीय यात्रा यह प्रमाण है कि जब संकल्प और संवेदनशीलता साथ चलें तो परिणाम ऐतिहासिक होते हैं। वर्ष 2000 में प्रदेश केवल 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन करता था, आज यह क्षमता बढ़कर 30 हजार मेगावाट हो गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में 1320 मेगावाट क्षमता के नए संयंत्र का शुभारंभ इस उपलब्धि को और सुदृढ़ करने वाला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह प्रगति हर नागरिक के विश्वास, मेहनत और भागीदारी का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में सम्पन्न उनकी जापान और दक्षिण कोरिया यात्रा ने यह अनुभव कराया कि छत्तीसगढ़ अब वैश्विक स्तर की अधोसंरचना और कार्यसंस्कृति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। संयुक्त मुख्यालय भवन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भवन का निर्माण गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए, ताकि यह ऊर्जा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बने।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नई उद्योग नीति के अंतर्गत पावर सेक्टर में हाल ही में लगभग तीन लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं। इसके परिणामस्वरूप आने वाले वर्षों में 30 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन संभव होगा। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल प्रदेशवासियों को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराएगी बल्कि पड़ोसी राज्यों की ज़रूरतें भी पूरी करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने छत्तीसगढ़ को मुफ्त बिजली की ओर तेजी से अग्रसर कर दिया है और अब दूरस्थ अंचलों तक इस योजना का लाभ पहुँच रहा है।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी को राज्य निर्माण में उनके योगदान के लिए नमन किया। उन्होंने कहा कि लगभग 270 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन ग्रीन एनर्जी आधारित होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा।

कार्यक्रम में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि संयुक्त मुख्यालय भवन 10,017 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में नौ मंजिला स्वरूप में निर्मित होगा। इसमें  छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड और पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लिए तीन अलग-अलग टॉवर होंगे। 1300 कर्मचारियों की क्षमता वाले इस भवन में 210 सीटों का प्रेक्षागृह, कर्मचारियों के लिए जिम, दो मंजिला बेसमेंट पार्किंग, मैकेनिकल स्टैक पार्किंग और ई-व्हीकल चार्जिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। यह भवन बीईई की पाँच सितारा और गृहा की फाइव स्टार ग्रीन रेटिंग मानकों के अनुरूप निर्मित होगा तथा भवन प्रबंधन प्रणाली से इसका संपूर्ण संचालन होगा।

नवा रायपुर में बन रहा यह अत्याधुनिक भवन मंत्रालय, संचालनालय और पुलिस मुख्यालय के समीप होने से अंतर्विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ करेगा तथा प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र को नई ऊँचाई प्रदान करेगा।

“‘अनंत चतुर्दशी’ को गणेश जी के विसर्जन से पहले जान लें ये जरूरी बातें, कहीं कोई गलती न हो जाए”

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“‘अनंत चतुर्दशी’ को गणेश जी के विसर्जन से पहले जान लें ये जरूरी बातें, कहीं कोई गलती न हो जाए”

Ganesh Visarjan 2025: रिद्धि-सिद्धि का दाता भगवान श्री गणेश जी का गणेशोत्सव का समापन होने का वक्त आ गया है और पूरे देशभर में विसर्जन की तैयारियां जोरों पर हैं। जैसा कि आप जानते है कि अनंत चतुर्दशी का पर्व हर गणेशोत्सव का अंतिम दिन भी होता है, जब भक्त गणपति बप्पा को धूमधाम से विदा करते हैं।

इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा करने के साथ-साथ गणपति विसर्जन का भी विशेष महत्व होता हैं। लेकिन इस दौरान कुछ गलतियों को करने से बचना चाहिए। ऐसे में आइए जानते है गणपति विसर्जन के दौरान किन गलतियों को करने से बचना चाहिए?

गणपति विसर्जन के दौरान किन गलतियों को करने से बचना चाहिए नदी- तालाबों को गंदा न करें ज्योतिषयों के अनुसार,गणपति विसर्जन के दौरान गणपति की मूर्तियों को सीधे नदियों या तालाबों में न विसर्जित करें। आजकल पर्यावरण की रक्षा के लिए कृत्रिम टैंक या घर में ही विसर्जन की परंपरा अपनाई जाती है। इससे जल प्रदूषण नहीं होता हैं।

नशा करके विसर्जन गणपति विसर्जन के दिन नशे का सेवन बिलकुल भी नहीं करना चाहिए। इस दिन पूरी तरह से सात्विक रहना चाहिए और शुद्ध मन से भगवान की विदाई करनी चाहिए।

अखंडित मूर्ति गणपति विसर्जन के दौरान एक बात का विशेष ध्यान रखें कि विसर्जन के लिए ले जाने से पहले मूर्ति खंडित न हो। खंडित मूर्ति का विसर्जन करना अशुभ माना जाता है।

सीधा पानी में विसर्जन न करें गणपति विसर्जन के दौरान मूर्ति को सीधे पानी में फेंकने या डालने की बजाय, उसे धीरे-धीरे और सम्मानपूर्वक जल में प्रवाहित करें। ऐसा करने से यह एक सम्मानजनक विदाई होगी।

गणपति विसर्जन के दौरान पूजा सामग्री यानी फुल-माला, कपड़े, नारियल या मिठाई जैसी चीजों को पानी में न बहाएं। इन्हें साफ जगह या किसी पवित्र वृक्ष की जड़ में रखें।

जानिए क्या है गणपति विसर्जन का महत्व हिन्दू धर्म में जिस प्रकार गणेशोत्सव का पर्व पूरे धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है ठीक उसी प्रकार गणपति विसर्जन भी होता हैं। अनंत चतुर्दशी का दिन, गणेश चतुर्थी के दस दिवसीय उत्सव का समापन होता हैं।

इस दिन किया गया विसर्जन सिर्फ एक मूर्ति का विसर्जन नहीं, बल्कि अपने सभी दुखों और परेशानियों को भगवान के साथ विसर्जित करने का प्रतीक भी माना जाता हैं। इसलिए, इस विदाई को पूरी श्रद्धा, सम्मान और सही विधि-विधान के साथ करा जाता है, ताकि बप्पा अगले साल फिर से हमारे घर आ सकें।

भारत को रिझाने के लिए रूस ने घटाए तेल के दाम…

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भारत को रिझाने के लिए रूस ने घटाए तेल के दाम…

डोनाल्ड ट्रंप भारत पर लगातार दबाव बना रहे हैं। रूस से तेल खरीदने पर वे नैतिकता का हवाला देते हुए भारत को चेतावनी दे रहे हैं और टैरिफ़ का हथियार दिखा रहे हैं। लेकिन पुतिन का रवैया बिल्कुल उल्टा है—मानो उन्होंने ट्रंप को चिढ़ाने की ठान ली हो।

तियानजिन (चीन) में मोदी और पुतिन की मुलाकात के बाद रूस ने भारत के लिए ऐसा ऑफर रखा है, जिसे देखकर अमेरिका असहज हो उठा। रूस ने कच्चे तेल की कीमत में 3 से 4 डॉलर प्रति बैरल तक की अतिरिक्त छूट देने का ऐलान कर दिया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 50% तक भारी-भरकम टैरिफ़ थोप दिया है।

रूस की नई पेशकश ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट बताती है कि रूस का यूराल क्रूड सितंबर-अक्टूबर की डिलीवरी के लिए और सस्ता किया गया है। जुलाई तक यह छूट सिर्फ 1 डॉलर थी, जो पिछले हफ़्ते बढ़ाकर करीब 2.50 डॉलर और अब 3-4 डॉलर तक पहुँच गई है।

अमेरिकी टैरिफ़ का झटका अमेरिका ने शुरुआत में 25% टैरिफ़ लगाया, जिसे बाद में दोगुना कर 50% कर दिया गया। उनका तर्क है कि भारत रूस से तेल खरीदकर अप्रत्यक्ष रूप से यूक्रेन युद्ध को बढ़ावा दे रहा है। भारत ने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए साफ कहा कि यह ‘दोहरा मानदंड’ है, क्योंकि यूरोप और अमेरिका खुद भी रूस से सामान आयात करते हैं। रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने दो टूक कहा कि भारत अपनी ज़रूरत और राष्ट्रीय हितों के मुताबिक वहीं से तेल खरीदेगा, जहाँ बेहतर सौदा मिलेगा।

मोदी-पुतिन मुलाकात और कार डिप्लोमेसी SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की खास बातचीत हुई। शिखर सम्मेलन खत्म होने के बाद दोनों एक ही कार से द्विपक्षीय बैठक स्थल तक पहुँचे। सूत्रों के मुताबिक, पुतिन ने मोदी का इंतज़ार तक किया ताकि वे उनकी कार में शामिल हो सकें। रास्ते में दोनों नेताओं ने करीब 50 मिनट तक गहन चर्चा की और फिर बैठक स्थल पहुंचे। मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पुतिन के साथ हर बातचीत उपयोगी और ज्ञानवर्धक होती है।

“घुसपैठियों की अब खैर नहीं, हर राज्य में बनेंगे डिटेंशन सेंटर, Immigration and Foreigners Act के सख्त प्रावधान देश में लागू”

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“घुसपैठियों की अब खैर नहीं, हर राज्य में बनेंगे डिटेंशन सेंटर, Immigration and Foreigners Act के सख्त प्रावधान देश में लागू”

भारत सरकार ने हाल ही में इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 लागू किया है, जिसके तहत देश में विदेशियों के प्रवेश और उनके ठहराव से जुड़े नियम और कड़े कर दिए गए हैं। यह कानून राष्ट्रीय सुरक्षा, संवेदनशील सीमा क्षेत्रों और सामाजिक व्यवस्था को मज़बूत करने के उद्देश्य से बनाया गया है।

संदेश साफ है—भारत अब अपनी सुरक्षा नीति में किसी भी तरह का जोखिम उठाने को तैयार नहीं है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि जिन विदेशियों पर राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों, जासूसी, आतंकवाद, हत्या, बलात्कार, बाल तस्करी या किसी प्रतिबंधित संगठन से जुड़ाव जैसे गंभीर अपराध साबित होते हैं, उन्हें भारत में आने या रहने की इजाज़त नहीं दी जाएगी।

निरुद्ध केंद्र और बायोमेट्रिक प्रक्रिया कानून के तहत सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को ऐसे विदेशियों को रखने के लिए निरुद्ध केंद्र (डिटेंशन कैंप) स्थापित करने का आदेश दिया गया है, जब तक कि उन्हें देश से बाहर न भेज दिया जाए। इसके अलावा, किसी भी वीज़ा आवेदक—चाहे वह प्रवासी भारतीय नागरिक (OCI) कार्डधारक ही क्यों न हो—को वीज़ा जारी करने या पंजीकरण से पहले अपनी बायोमेट्रिक जानकारी देना अनिवार्य होगा।

यदि कोई विदेशी अवैध रूप से भारत में पाया जाता है, तो उसे निर्वासन की प्रक्रिया पूरी होने तक होल्डिंग सेंटर में ही रखा जाएगा और उसकी आवाजाही सीमित कर दी जाएगी। सीमा सुरक्षा बल और तटरक्षक बल को भी अवैध प्रवेश रोकने और उनकी पहचान केंद्र सरकार के पोर्टल पर दर्ज करने का दायित्व सौंपा गया है।

किन गतिविधियों पर लगेगी रोक? गृह मंत्रालय के अनुसार, किसी विदेशी को भारत में प्रवेश या ठहराव से इन कारणों से रोका जा सकता है:

आतंकवादी या विध्वंसक गतिविधियों में शामिल होना या आर्थिक मदद करना मादक पदार्थों और मन:प्रभावी ड्रग्स की तस्करी मानव तस्करी और बाल शोषण साइबर अपराध, नकली दस्तावेज़ों या क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी धोखाधड़ी नकली मुद्रा का लेन-देन साथ ही, रोजगार वीज़ा वाले विदेशी बिना अनुमति बिजली, जल आपूर्ति या पेट्रोलियम क्षेत्र से जुड़े निजी उपक्रमों में काम नहीं कर पाएंगे।

मीडिया और पर्वतारोहण पर नई शर्तें कोई भी विदेशी भारत में फिल्म, डॉक्यूमेंट्री, टीवी शो, वेब सीरीज़ या किसी भी सार्वजनिक प्रदर्शन हेतु कंटेंट तभी बना सकेगा, जब उसके पास केंद्र सरकार की लिखित अनुमति होगी। इसी तरह, भारत में किसी भी पर्वत शिखर पर चढ़ाई करने के लिए पहले से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। चढ़ाई करने वालों को मार्ग का विवरण, एक संपर्क अधिकारी की नियुक्ति और संचार उपकरणों की जानकारी भी सरकार को देनी होगी।

प्रतिबंधित क्षेत्र और विशेष नियम हर विदेशी नागरिक को किसी संरक्षित या प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने के लिए परमिट लेना होगा। हालाँकि, अफगानिस्तान, चीन और पाकिस्तान मूल के व्यक्तियों को इन क्षेत्रों में प्रवेश की इजाज़त बिल्कुल नहीं दी जाएगी। इन क्षेत्रों में पूरा अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिज़ोरम, नागालैंड और सिक्किम शामिल हैं, साथ ही जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान के कुछ हिस्से भी इसमें आते हैं।

नई नीति का संदेश यह कानून दर्शाता है कि भारत अब विदेशियों की गतिविधियों को लेकर ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपना रहा है। बढ़ते आतंकी नेटवर्क, साइबर अपराध और अवैध आव्रजन जैसी चुनौतियों ने सरकार को और सतर्क कर दिया है। हालांकि, चिंता यह भी है कि इतने कड़े प्रावधानों का असर कहीं भारत की ‘सॉफ्ट पावर’—शिक्षा, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान—पर न पड़े। इसलिए सरकार के सामने असली चुनौती यही होगी कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मज़बूत करते हुए वैध और निर्दोष विदेशियों के साथ न्याय सुनिश्चित किया जाए।

Zomato- ज़ोमैटो / स्विगी प्रेमियों के लिए बड़ी खबर। त्योहारी सीज़न से पहले प्लेटफ़ॉर्म शुल्क में बढ़ोतरी।

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Zomato- ज़ोमैटो / स्विगी प्रेमियों के लिए बड़ी खबर। त्योहारी सीज़न से पहले प्लेटफ़ॉर्म शुल्क में बढ़ोतरी।

Zomato- Zomato प्रेमियों के लिए बड़ी खबर। त्योहारी सीज़न से पहले, फ़ूड डिलीवरी एग्रीगेटर कंपनी Zomato ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। Zomato ने मंगलवार को अपने प्लेटफ़ॉर्म शुल्क में 20 प्रतिशत की भारी-भरकम बढ़ोतरी की है।

Eternal Ltd के स्वामित्व वाली कंपनी ने प्लेटफ़ॉर्म शुल्क को पहले के 10 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये प्रति ऑर्डर कर दिया है।

ग्राहकों के लिए शुल्क में यह बढ़ोतरी उन सभी शहरों में की गई है जहाँ ज़ोमैटो खाने की डिलीवरी करता है। ज़ोमैटो द्वारा यह बढ़ोतरी पिछले महीने प्रतिद्वंद्वी कंपनी स्विगी द्वारा बढ़ती मांग को देखते हुए चुनिंदा जगहों पर प्लेटफॉर्म शुल्क बढ़ाकर 14 रुपये करने के बाद की गई है। ज़ोमैटो ने पिछले साल त्योहारी सीजन से पहले भी प्लेटफॉर्म शुल्क में बढ़ोतरी की थी। पिछले साल कंपनी ने शुल्क को 6 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये प्रति ऑर्डर कर दिया था। यह बढ़ोतरी गुरुग्राम स्थित कंपनी द्वारा अपने प्लेटफॉर्म शुल्क को 5 रुपये प्रति ऑर्डर से बढ़ाकर 6 रुपये करने के महज 3 महीने बाद की गई थी।

जून 2025 को समाप्त तिमाही में, ज़ोमैटो की मूल कंपनी इटरनल लिमिटेड ने शुद्ध लाभ में 36% क्रमिक गिरावट दर्ज की है। जबकि इससे पहले कंपनी का शुद्ध लाभ मार्च तिमाही के 39 करोड़ रुपये की तुलना में 25 करोड़ रुपये रहा था।

स्विगी ने 2 साल में अपनी फीस में 600% की बढ़ोतरी की है.

ज़ोमैटो से पहले, एक और फ़ूड डिलीवरी दिग्गज स्विगी ने पिछले महीने फ़ूड डिलीवरी ऑर्डर के लिए अपने प्लेटफ़ॉर्म शुल्क में 2 रुपये की बढ़ोतरी की थी। कंपनी ने त्योहारी सीज़न में ग्राहकों के ऑर्डर में बढ़ोतरी का हवाला दिया था। त्योहारी मांग का फायदा उठाने के लिए कंपनी ने अपना शुल्क 12 रुपये से बढ़ाकर 14 रुपये कर दिया था।

फ़ूड डिलीवरी कंपनियाँ लगातार अपनी फीस बढ़ा रही हैं। स्विगी की बात करें तो अप्रैल 2023 में इसकी फीस 2 रुपये थी, जो जुलाई 2024 में बढ़कर 6 रुपये हो गई, फिर अक्टूबर 2024 में यह 10 रुपये हो गई। अब इसकी फीस 14 रुपये हो गई है। इस तरह पिछले 2 सालों में स्विगी ने अपनी फीस में 600 प्रतिशत की आश्चर्यजनक वृद्धि की है। स्विगी का दावा है कि वह रोज़ाना 20 लाख से ज़्यादा ऑर्डर प्रोसेस करता है और मौजूदा प्लेटफ़ॉर्म फीस के हिसाब से इससे रोज़ाना करोड़ों रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होता है।

“Post Office- पोस्ट ऑफिस की सुपरहिट स्कीम, हर महीने 15,000 रुपये तक कमाएं”

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“Post Office- पोस्ट ऑफिस की सुपरहिट स्कीम, हर महीने 15,000 रुपये तक कमाएं”

डाकघर योजना- भारतीय डाकघर ने 2025 के लिए एक नई मासिक आय योजना (MIS) शुरू की है, जो हर महीने आपके पैसे पर एक निश्चित रिटर्न का आश्वासन देती है। इस योजना में निवेशक को एकमुश्त राशि जमा करनी होती है और बदले में उसे 7.4 प्रतिशत की ब्याज दर पर मासिक आय प्राप्त होती है।

यह योजना खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो अपने रोज़मर्रा के खर्चों के लिए नियमित आय चाहते हैं। चाहे आप अकेले निवेश करें या ज्वाइंट अकाउंट के ज़रिए, डाकघर इस योजना में पूरी निवेश व्यवस्था के साथ आपके लिए आय का एक विश्वसनीय ज़रिया लेकर आया है। आइए जानते हैं इस योजना के फ़ायदे और निवेश की पूरी प्रक्रिया।

कौन निवेश कर सकता है? इस योजना में निवेश करने के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष है। अगर आप किसी नाबालिग के नाम पर निवेश करना चाहते हैं, तो आप संयुक्त खाता खोलकर ऐसा कर सकते हैं, जिसमें अधिकतम तीन वयस्क शामिल हो सकते हैं। मान लीजिए आप एकमुश्त 9 लाख रुपये का निवेश करते हैं, तो आपको हर महीने लगभग 5,550 रुपये की गारंटीड आय प्राप्त होगी। तिमाही आधार पर यह राशि 16,650 रुपये हो जाती है, जो आपके मासिक खर्चों में काफी मदद कर सकती है।

निवेश अवधि 5 वर्ष इस डाकघर मासिक आय योजना में निवेश की अवधि 5 वर्ष है। 5 वर्ष पूरे होने पर, आपकी निवेश राशि ब्याज सहित आपके हाथों में होगी। इस अवधि के दौरान, आपको हर महीने नियमित मासिक आय प्राप्त होने की गारंटी होती है, जो आपकी वित्तीय योजनाओं को स्थिरता प्रदान करती है। यह योजना उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो जोखिम से बचते हैं और एक स्थिर आय चाहते हैं। सरकारी गारंटी और विश्वसनीय सेवा के कारण, इसे एक सुरक्षित विकल्प माना जाता है।

“GST : कारों पर जीएसटी घटने की संभावना: आपकी कार की कीमतों पर इसका क्या असर होगा – पूरी जानकारी अंदर”

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“GST : कारों पर जीएसटी घटने की संभावना: आपकी कार की कीमतों पर इसका क्या असर होगा – पूरी जानकारी अंदर”

केंद्र सरकार जीएसटी में बड़े बदलाव की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य कर प्रणाली को सरल बनाना और आम वस्तुओं पर कर कम करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में इस बारे में बात की थी।

उन्होंने मौजूदा चार-स्तरीय जीएसटी प्रणाली को दो-स्तरीय प्रणाली में बदलने का सुझाव दिया था। इस बदलाव का असर कारों सहित लगभग 175 उत्पादों पर पड़ेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई वाली और सभी राज्यों के मंत्रियों वाली जीएसटी परिषद 3-4 सितंबर को नई जीएसटी प्रणाली को अंतिम रूप देने के लिए बैठक करेगी। आइए देखें कि अगर वाहनों पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया जाता है, तो कारों की कीमतों में क्या बदलाव आ सकता है।

छोटी कारें सस्ती हो सकती हैं कारों पर अलग-अलग टैक्स दरें हो सकती हैं। एंट्री-लेवल कारों पर 18% टैक्स लग सकता है, जबकि एसयूवी और लग्ज़री कारों पर 40% टैक्स लग सकता है। इन कारों पर 1-3% का अतिरिक्त सेस भी हटाया जा सकता है। इससे छोटी पेट्रोल और डीज़ल कारों पर कुल टैक्स 11-13% कम हो सकता है। हाइब्रिड कारों पर 10% टैक्स में छूट मिल सकती है क्योंकि अभी उन पर कोई सेस नहीं है।

इलेक्ट्रिक कारों पर कर जीएसटी परिषद इलेक्ट्रिक कारों (ईवी) पर करों पर भी चर्चा करेगी। कुछ राज्य मंत्री 40 लाख रुपये तक की लागत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर 18% जीएसटी चाहते हैं। केंद्र सरकार लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु 5% कर चाहती है।

लग्जरी कारें और महंगी हो सकती हैं 40 लाख रुपये से ज़्यादा कीमत वाली कारों पर GST ज़्यादा लग सकता है। मर्सिडीज़, बीएमडब्ल्यू और टेस्ला जैसी लग्ज़री इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ और महंगी हो सकती हैं। ये कारें ज़्यादातर अमीर लोगों के लिए हैं और ज़्यादातर आयातित होती हैं। अपेक्षित बदलावों के चलते, खरीदार कम कीमतों का इंतज़ार कर रहे हैं और बिक्री धीमी पड़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि नए नियमों के आने पर, सस्ती छोटी कारों से माँग बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को मदद मिलेगी।

“अपने CIBIL स्कोर से खुश नहीं हैं? जानें शिकायत कहाँ दर्ज करें”

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“अपने CIBIL स्कोर से खुश नहीं हैं? जानें शिकायत कहाँ दर्ज करें”

सिबिल स्कोर- सिबिल स्कोर एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्कोर है, जो किसी व्यक्ति की क्रेडिट हिस्ट्री को दर्शाता है। सिबिल स्कोर से पता चलता है कि किसी व्यक्ति ने अपने पिछले लोन का भुगतान कैसे किया है।

ऐसे में सिबिल स्कोर यह बताता है कि आप किसी भी तरह के भुगतान या ईएमआई का भुगतान करने में कितने सक्षम हैं। जब भी आप किसी बैंक में क्रेडिट कार्ड या लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो बैंक सबसे पहले आपका सिबिल स्कोर देखता है। अच्छा सिबिल स्कोर होने से आपको कम ब्याज दर पर आसानी से लोन मिल सकता है।

कई बार लोगों का सिबिल स्कोर बिना किसी वजह के गिर जाता है, यानी अगर आप अपने सभी बिल और ईएमआई समय पर चुका रहे हैं, तब भी आपका सिबिल स्कोर कम हो जाता है। इसके अलावा, अगर आपकी सिबिल रिपोर्ट में गलत जानकारी दिखाई दे रही है, तो इसका कारण सिबिल स्कोर में कोई गलती या त्रुटि हो सकती है। ऐसे में आपको इसकी शिकायत कहाँ और कैसे करनी चाहिए? आज हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।

सिबिल स्कोर में विसंगतियों की शिकायत कैसे करें?

अपने सिबिल स्कोर में किसी भी तरह की गड़बड़ी की शिकायत करने के लिए, आप सिबिल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले वेबसाइट पर जाकर अपने अकाउंट में लॉग इन करें।

क्रेडिट रिपोर्ट अनुभाग पर जाएं और विवाद केंद्र विकल्प पर क्लिक करें।

आइटम विवाद विकल्प पर क्लिक करें और ऑनलाइन फॉर्म भरें और उसे जमा करें।

फॉर्म जमा करने के बाद आपको एक विवाद आईडी मिलेगी, जिसका उपयोग आप अपनी शिकायत को ट्रैक करने के लिए कर सकते हैं।

आप चाहें तो +91-22-6140 4300 पर कॉल करके या CIBIL की आधिकारिक मेल आईडी पर मेल करके भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

“GST- टीवी-एसी से लेकर कार-बाइक, दूध, चिप्स तक होंगे सस्ते, आज से बैठक शुरू, हो सकते हैं बड़े ऐलान”

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“GST- टीवी-एसी से लेकर कार-बाइक, दूध, चिप्स तक होंगे सस्ते, आज से बैठक शुरू, हो सकते हैं बड़े ऐलान”

जी एसटी- 15 अगस्त को लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई घोषणा के बाद से ही देश में जीएसटी यानी वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में सुधार की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं। अब आज से जीएसटी परिषद की बैठक शुरू हो रही है और इस दो दिवसीय बैठक में जीएसटी दरों में बदलाव और चार की जगह दो टैक्स स्लैब पर अंतिम मुहर लगेगी।

जीएसटी सुधार के ज़रिए सरकार का लक्ष्य कर ढांचे को सरल बनाना और उपभोक्ताओं को सीधा लाभ पहुँचाना है। उम्मीद है कि नए बदलावों के बाद दूध-पनीर से लेकर टीवी-एसी और कार-बाइक जैसी रोज़मर्रा की चीज़ों की कीमतों में कमी आ सकती है।

जीएसटी सुधारों पर वित्त मंत्री ने क्या कहा? आपको बता दें कि देश में तमाम अलग-अलग टैक्स को खत्म करके 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू किया गया था। हालाँकि विपक्ष हमेशा से इस गुड्स एंड सर्विस टैक्स को ‘गब्बर सिंह टैक्स’ कहकर सरकार पर निशाना साधता रहा है, लेकिन केंद्र सरकार इसे आर्थिक सुधार की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम बताती है।

अब इसे और आसान बनाने की तैयारी में इसमें शामिल टैक्स स्लैब की संख्या कम करने और सभी दरों को तर्कसंगत बनाने के लिए विभिन्न प्रस्तावों पर आज से मंथन शुरू हो रहा है। मंगलवार को बैठक शुरू होने से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी सुधारों को लेकर बड़ा बयान दिया था और कहा था कि इसका लक्ष्य अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से खोलना और पारदर्शिता लाना है, जिससे छोटे और सीमांत किसानों को काफी मदद मिलेगी।

केंद्र सरकार ने जीएसटी के तहत चार टैक्स स्लैब (5%, 12%, 18% और 28%) को कम करने और 12% और 28% टैक्स हटाने की तैयारी कर ली है। इसका मतलब है कि केवल 5% और 18% जीएसटी स्लैब रहेंगे। पीएम नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद हुई ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) की बैठक में 12% और 28% स्लैब को खत्म करने के प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी गई है। प्रधानमंत्री ने इस जीएसटी सुधार को देशवासियों के लिए दिवाली का तोहफा बताया है। हालांकि, सरकार द्वारा जीएसटी दरों में किए गए इन बदलावों से लगभग 40,000 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया गया है, लेकिन ये सुधार देश के आम आदमी के लिए बड़ी राहत साबित होंगे।

कौन सी चीजें सस्ती हो सकती हैं? अगर जीएसटी सुधार से जुड़े प्रस्ताव लागू होते हैं, तो रोज़मर्रा की ज़िंदगी में इस्तेमाल होने वाली सभी चीज़ें सस्ती हो जाएँगी, जिनमें दूध-पनीर, नमकीन, साबुन, तेल, कपड़े शामिल हैं। इसके साथ ही, अगर स्लैब में बदलाव होता है, तो जूते, टीवी, एसी, मोबाइल और कार-बाइक की कीमतों में भी बड़ी कमी देखने को मिल सकती है।

प्रस्ताव के तहत जिन वस्तुओं पर जीएसटी स्लैब को 12% से घटाकर 5% करने की योजना है, यानी उन्हें सस्ता करने की योजना है, उनमें पैकेज्ड खाद्य पदार्थ जैसे: नमकीन (भुजिया), चिप्स, पास्ता, नूडल्स, जैम, केचप, पैकेज्ड जूस, कंडेंस्ड मिल्क, घी, मक्खन, पनीर और दूध से बने पेय पदार्थ शामिल हैं।

जीएसटी बैठक में सरकार द्वारा जीरो जीएसटी स्लैब का दायरा बढ़ाए जाने की भी उम्मीद है और ऐसे में रोजमर्रा के इस्तेमाल की कई जरूरी चीजें इस लिस्ट में शामिल हो सकती हैं, जो फिलहाल 5% और 18% जीएसटी के दायरे में आती हैं। हाल ही में आई बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन चीजों में खासतौर पर खाने-पीने के उत्पाद शामिल होंगे, जिनमें यूएचटी दूध, प्री-पैकेज्ड चीज, पिज्जा ब्रेड और रोटी को जीरो जीएसटी स्लैब में लाया जा सकता है। इसके अलावा पराठा भी शामिल हो सकता है, जिस पर 18% जीएसटी लागू है। कोको बेस्ड चॉकलेट, फ्लेक्स, पेस्ट्री से लेकर आइसक्रीम तक पर लागू जीएसटी स्लैब में बदलाव हो सकता है और इसे 18% से घटाकर 5% किया जा सकता है।

शैक्षिक वस्तुएं भी जीएसटी मुक्त हो सकती हैं सरकार का प्रस्ताव है कि सभी शैक्षणिक वस्तुओं को जीएसटी मुक्त किया जाए। परिषद की बैठक में मानचित्र, जल सर्वेक्षण चार्ट, एटलस, दीवार मानचित्र, ग्लोब, मुद्रित शैक्षिक चार्ट, पेंसिल शार्पनर के साथ-साथ अभ्यास पुस्तकें, ग्राफ बुक और प्रयोगशाला नोटबुक को जीएसटी से मुक्त किया जा सकता है, जिन पर वर्तमान में 12% कर लागू है।

इसके साथ ही हैंडलूम उत्पाद, 1000 रुपये से कम के जूते, सीमेंट, रेडी मिक्स कंक्रीट पर लागू दरों को कम करने का प्रस्ताव है, तो बड़े आइटम इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरण जो अब तक 28% से 18% स्लैब में आ गए हैं, उनकी दरों में बदलाव हो सकता है, जिससे एसी, टेलीविजन, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, मोबाइल फोन की कीमतों में कमी आ सकती है। छोटी कारों, दोपहिया वाहनों पर ड्यूटी करीब 10% (28% से 18%) घटाने पर फैसला हो सकता है।

“आज सोने की कीमत – शहर में 24K, 22K और 18K प्रति ग्राम के नवीनतम भाव देखें – वाइज और MCX अपडेट”

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“आज सोने की कीमत – शहर में 24K, 22K और 18K प्रति ग्राम के नवीनतम भाव देखें – वाइज और MCX अपडेट”

सोने की आज की कीमत:- सोने और चांदी की कीमतों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। सोने के रेट काफी तेजी से बदल रहे हैं। बुधवार को सोने की कीमतों में फिर तेजी आई। हालांकि, चांदी की कीमत में मामूली गिरावट आई।

शुरुआती कारोबार में सोने का भाव करीब आधा फीसदी बढ़कर 1,06,199 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। एमसीएक्स गोल्ड का 3 अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट सुबह 9:15 बजे के आसपास 0.19 फीसदी की तेजी के साथ 1,05,992 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने की कीमतों में अच्छी-खासी तेजी देखने को मिली है।

अमेरिकी सोने का अनुबंध 3,616.70 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर पहुंच गया है। सुबह 9:56 बजे, एमसीएक्स गोल्ड 3 अक्टूबर अनुबंध 0.21 फीसदी या 217 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़कर 106009 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इंडियन बुलियन एसोसिएशन (आईबीए) के आंकड़ों के अनुसार, 3 सितंबर को सुबह 9:57 बजे के आसपास 24 कैरेट सोने की कीमत 1,06,390 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 97,524 रुपये प्रति 10 ग्राम थी।

दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 10,712 रुपये प्रति ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 9,820 रुपये प्रति ग्राम है। वहीं, 18 कैरेट सोने की कीमत 8,035 रुपये प्रति ग्राम है।

मुंबई में 24 कैरेट सोने की कीमत 10,697 रुपये प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने की कीमत 9,805 रुपये प्रति ग्राम, 18 कैरेट सोने की कीमत 8,023 रुपये प्रति ग्राम है।

कोलकाता में 24 कैरेट सोने की कीमत 10,697 रुपये प्रति ग्राम है। 22 कैरेट सोने की कीमत 9,805 रुपये प्रति ग्राम है। वहीं, 18 कैरेट सोने की कीमत 8,023 रुपये प्रति ग्राम है।

चेन्नई में 24 कैरेट सोने की कीमत 10,697 रुपये प्रति ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 9,805 रुपये प्रति ग्राम है। वहीं, 18 कैरेट सोने की कीमत 8,115 रुपये प्रति ग्राम है।