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“भारत को कोई नहीं रोक सकता, अमेरिका भी नहीं!”

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“भारत को कोई नहीं रोक सकता, अमेरिका भी नहीं!”

नई दिल्ली। “भारत को कोई नहीं रोक सकता” ये बात अब सिर्फ एक जज्बा नहीं, बल्कि सच्चाई बनती जा रही है। मशहूर अमेरिकी रेटिंग एजेंसी फिच (Fitch Ratings) ने एक बार फिर भारत की आर्थिक सेहत पर मुहर लगाई है।

वैश्विक अनिश्चितताओं, व्यापारिक तनाव और टैरिफ वॉर जैसे माहौल में भी भारत मजबूती से खड़ा है। भारत की ग्रोथ स्टोरी कायम फिच ने भारत की रेटिंग BBB- पर बरकरार रखते हुए कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था 2025-26 में भी 6.5% की दर से बढ़ेगी। यह दर दुनिया की ज्यादातर विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं से बेहतर है। इस ग्रोथ की बुनियाद है, सरकारी निवेश, मजबूत घरेलू मांग और स्थिर आर्थिक नीतियां।

अमेरिका का टैरिफ वार – असर ना के बराबर हालांकि अमेरिका ने 27 अगस्त से भारतीय सामानों पर 50% तक का टैरिफ लगा दिया है, लेकिन फिच का मानना है कि इसका भारत की अर्थव्यवस्था पर बहुत मामूली असर होगा। कारण साफ है की भारत का अमेरिका को निर्यात, देश की कुल GDP का सिर्फ 2% है। यानी यह झटका उतना बड़ा नहीं जितना दिखता है। हाँ, कारोबारी माहौल में थोड़ी अनिश्चितता जरूर आ सकती है और निवेशकों के निर्णय थोड़े सतर्क हो सकते हैं, लेकिन जीएसटी के बेहतर क्रियान्वयन और घरेलू मांग में मजबूती इस असर को लगभग खत्म कर सकते हैं।

भारत में फिलहाल महंगाई काबू में, कर्ज हुआ सस्ता जुलाई 2025 में भारत की महंगाई दर गिरकर 1.6% पर आ गई है, जो कि एक बड़ी राहत है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट और बेहतर आपूर्ति व्यवस्था इसके मुख्य कारण रहे हैं। इसके जवाब में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने इस साल 1% की ब्याज दर में कटौती की है, जिससे लोन सस्ते हुए हैं, और इससे उपभोग व निवेश को बढ़ावा मिलेगा। फिच को उम्मीद है कि आगे एक और हल्की कटौती हो सकती है।

विदेशी मुद्रा भंडार बना भारत की ढाल, आर्थिक ताकत दरअसल, भारत के पास आज 695 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है, जिससे भारत आठ महीने तक अपने सभी विदेशी खर्च खुद उठा सकता है। यही नहीं, भारत का विदेशी कर्ज भी केवल 3% है, जो भारत को वैश्विक झटकों से बचाता है। चालू खाता घाटा भी 1% से कम है, जो भारत की आर्थिक स्थिरता का बड़ा संकेतक है।

“आतंक के आकाओं को स्पष्ट संदेश… ऑपरेशन महादेव में शामिल जवानों को अमित शाह ने किया सम्मानित”

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“आतंक के आकाओं को स्पष्ट संदेश… ऑपरेशन महादेव में शामिल जवानों को अमित शाह ने किया सम्मानित”

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव ने आतंक के आकाओं को स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय नागरिकों की जान से खेलने का क्या परिणाम होता है।

शाह ने साथ ही कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से लोगों को तसल्ली मिली और ऑपरेशन महादेव ने इस तसल्ली को आत्मविश्वास में बदला। शाह ने भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) के उन जवानों को सम्मानित करते हुए यह बात कही जिन्होंने ऑपरेशन महादेव को सफलतापूर्वक अंजाम दिया और पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों को मार गिराया।

पहलगाम हमले में 26 लोगों की हुई थी मौत सशस्त्र बलों ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में मई में ऑपरेशन सिंदूर चलाया था जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों एवं सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया था। पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे। ऑपरेशन महादेव के जरिए सुरक्षा बलों ने पहलगाम नरसंहार में शामिल आतंकवादियों को जुलाई में मार गिराया।

शाह ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव ने आतंक के आकाओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि भारतीय नागरिकों की जान से खेलने का क्या परिणाम होता है।

गृह मंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों ने दुनिया को दिखा दिया है कि आतंकवादी चाहे कोई भी रणनीति अपना लें, वे अब भारत को नुकसान पहुंचाकर बच नहीं सकते। उन्होंने कहा कि जब कश्मीर में पर्यटन अपने चरम पर था, तब पहलगाम हमला ‘कश्मीर मिशन’ को पटरी से उतारने का एक असफल प्रयास था।

आतंकवाद के खिलाफ सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस निभा रही अहम भूमिका शाह ने कहा कि सेना और अर्धसैनिक बलों के साथ-साथ, जम्मू-कश्मीर पुलिस भी अब आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रही है। गृह मंत्री ने कहा, ”चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, सभी ने ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव को लेकर खुशी एवं उत्साह महसूस किया और सुरक्षा बलों के प्रति आभार व्यक्त किया।”

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति यही विश्वास हर क्षेत्र में दुनिया में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने की भारत की आकांक्षा का आधार है।

शाह ने कहा कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की फोरेंसिक प्रयोगशाला ने साबित कर दिया कि ऑपरेशन महादेव के दौरान मारे गए आतंकवादी वही थे जिन्होंने पहलगाम में नरसंहार को अंजाम दिया था। गृह मंत्री ने कहा, भारतीय नागरिकों के दिलों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने के लिए मैं प्रधानमंत्री (नरेन्द्र) मोदी और पूरे देश की ओर से सुरक्षा बलों को बधाई देता हूं।

“ट्रंप को टक्कर देगा भारत-चीन का गठजोड़! अमेरिका की AI पावर को चुनौती देने के ल‍िए होने जा रहा कुछ बड़ा”

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“ट्रंप को टक्कर देगा भारत-चीन का गठजोड़! अमेरिका की AI पावर को चुनौती देने के ल‍िए होने जा रहा कुछ बड़ा”

India China AI Plan: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति ने भारत और चीन की टेंशन बढ़ा दी है। ट्रंप ने तकनीक के मामले में चीन को पछाड़ने के लिए और अमेरिका को ग्लोबल लीडर बनाने के लिए AI एक्शन प्लान की घोषणा भी की थी

अब चीन को ऐसे टाइम पर भारत के समर्थन की जरूरत है। चीन चाहता है कि इस टेक वॉर में भारत उसका साथ दे। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत AI के सेक्टर में चीन का बाहर से समर्थन कर सकता है, भले ही भारत चीन द्वारा बनाए जाने वाले वैश्विक संगठन का हिस्सा ना हो।

भारत समर्थन देगा, लेकिन बाहर रहकर रिपोर्ट में बताया गया है कि मुमकिन है कि भारत चीन के उस प्रस्ताव को सावधानीपूर्वक समर्थन दे, जिसमें एक वैश्विक संगठन बनाकर AI पर सहयोग और कंट्रोल की बात कही गई है। भारत इस संगठन में औपचारिक तौर पर शामिल नहीं होगा, लेकिन बातचीत में हिस्सा ले सकता है।

भारत इस प्रस्ताव पर पूरी तरह से सहमति जताए बगैर AI पर वैश्विक चर्चा को बढ़ावा दे सकता है। यह खबर ऐसे समय पर आई है, जब Shanghai Cooperation Organisation (SCO) के शिखर सम्मेलन में AI नियंत्रण पर चर्चा होने की उम्मीद है। इस सम्मेलन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात होगी।

अधिकारी ने बताई अंदर की बात एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, हमारा लक्ष्य ऐसी व्यवस्था बनाना है जो टिकाऊ और सभी के लिए एक जैसी हो। इसके लिए हमें मानक तय करने होंगे। भले ही हम WICO में शामिल न हों, हम AI पर खुली बातचीत को बढ़ावा दे सकते हैं।

अगले साल फरवरी में भारत की राजधानी नई दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट होने जा रहा है। इसमें भारत AI के सेक्टर में अपनी नेतृत्व क्षमता को दुनिया के सामने रखेगा।

अमेरिका की AI नीति का विकल्प चीन ने जुलाई 2025 में अपनी सबसे बड़ी AI कॉन्फ्रेंस में WICO की शुरुआत की। इस संगठन का लक्ष्य ओपन-सोर्स AI को बढ़ावा देना, तकनीक को साझा करना और चिप की कमी को दूर करना है। भारत का मानना है कि WICO जैसे मंचों के जरिए अमेरिका के मुकाबले AI नीतियों पर दूसरा विकल्प बनाया जा सकता है। भारत और चीन ने 58 देशों के साथ मिलकर पेरिस में हुए समिट में एक घोषणापत्र भी साइन किया था। इसमें डिजिटल विभाजन को कम करने और AI के विकास की बात थी। अमेरिका और ब्रिटेन ने इस समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।

छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्र में वृद्धि, वृक्षारोपण और मृदा संरक्षण के लिए हो रहा प्रयास, चरणबद्ध तरीके से की जाती है पेड़ों की कटाई ..

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छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्र में वृद्धि, वृक्षारोपण और मृदा संरक्षण के लिए हो रहा प्रयास, चरणबद्ध तरीके से की जाती है पेड़ों की कटाई ..
भारतीय वन स्थिति रिपोर्ट भारतीय वन सर्वेक्षण द्वारा हर दो साल में प्रकाशित की जाती है, जो देश भर के विभिन्न राज्यों में वनों की स्थिति बताती है। वर्ष 2021 की रिपोर्ट के अनुसार- छत्तीसगढ़ का कुल वन क्षेत्र 2019 में 55611 वर्ग किमी से बढ़कर 2021 में 55717 वर्ग किमी हो गया है। इस प्रकार, वन क्षेत्र में 106 वर्ग किमी की वृद्धि हुई है। वृक्षारोपण में वृद्धि (अभिलिखित वन क्षेत्र के बाहर 1.0 हेक्टेयर और उससे अधिक के सभी वृक्ष क्षेत्र)- दो वर्षों में 1107 वर्ग किमी हुई है। वहीं वर्ष 2023 की रिपोर्ट के अनुसार- छत्तीसगढ़ का कुल वन क्षेत्र 2021 में 55717 वर्ग किमी से बढ़कर 2023 में 55811.75 वर्ग किमी हो गया है। इस प्रकार, वन क्षेत्र में वृद्धि हुई है। 94.75 वर्ग किमी वृक्षावरण में वृद्धि (अभिलिखित वन क्षेत्र के बाहर 1.0 हेक्टेयर और उससे अधिक क्षेत्रफल वाले सभी वृक्ष क्षेत्र)- दो वर्षों में 702.75 वर्ग किमी है।

प्रतिपूरक वनरोपण के अलावा, कैम्पा कोष में प्रति हेक्टेयर 11 से 16 लाख रुपये जमा किए जाते हैं। इसका उपयोग वन क्षेत्रों में विभिन्न कार्यों, जैसे कि क्षरित वनों में वृक्षारोपण और मृदा संरक्षण प्रयासों के लिए किया जाता है। खनन क्षेत्र के आसपास वन्यजीव प्रबंधन योजना (परियोजना लागत का औसतन 2%) के लिए भी धनराशि आवंटित की जाती है, और मृदा नमी संरक्षण योजना का क्रियान्वयन किया जाता है। प्रभावी रूप से, प्रति हेक्टेयर 40-50 लाख रुपये जमा किए जाते हैं।

किसी भी खनन मामले में एफसीए की मंजूरी के अनुसार, पेड़ों की कटाई हमेशा चरणबद्ध तरीके से की जाती है। उदाहरण के लिए, आरवीवीएनएल के मामले में, पीईकेबी खदान ने 1,900 हेक्टेयर क्षेत्र को डायवर्ट किया, और औसतन 80 से 90 हेक्टेयर प्रति वर्ष पेड़ों की कटाई की जाती है। चूँकि खनन 40 से 50 वर्षों तक चलता है, इसलिए खनन क्षेत्र में प्रभावित कुल पेड़ों में से केवल 5 से 6% पेड़ ही हर साल काटे जाते हैं।

CG: संसाधनों के समुचित सदुपयोग से विकास को नई रफ्तार, खनिज प्रबंधन में डिजिटल युग की नई शुरुआत ..

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CG: संसाधनों के समुचित सदुपयोग से विकास को नई रफ्तार, खनिज प्रबंधन में डिजिटल युग की नई शुरुआत ..

राज्य में प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता उनके आर्थिक विकास को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। संसाधन संपन्न राज्यों के पास अन्य राज्यों की तुलना में तेजी से तरक्की के अवसर होते हैं। छत्तीसगढ़ देश के सर्वाधिक खनिज और वन संसाधन संपन्न राज्यों में से एक है, लेकिन पूर्वकालिक परिस्थितियों में संसाधनों का समुचित सदुपयोग ना हो पाने के चलते आर्थिक और सामाजिक तरक्की के रास्ते प्रभावित हुए। यहां कोयला, लौह अयस्क, चूना पत्थर, बॉक्साइट, सोना, निकल, क्रोमियम आदि कुल 28 खनिजों के भंडार मौजूद हैं। वहीं दूसरी तरफ लगभग 50% वन क्षेत्र वाले छत्तीसगढ़ के पास हरियाली का अथाह भंडार है।

राज्य के खनिज राजस्व में राज्य के गठन के बाद 30 गुना वृद्धि हुई है, जो कि वित्त वर्ष 2023‑24 में ₹13,000 करोड़ और अप्रैल 2024‑फरवरी 2025 के दौरान ₹11,581 करोड़ रहा। खनिज राजस्व ने राज्य की कुल आय में लगभग 23% का योगदान दिया, जीएसडीपी में लगभग 11% योगदान प्रदान किया। खनिज राजस्व में बढ़ोतरी से जनकल्याणकारी योजनाओं पर राज्य सरकार ज्यादा से ज्यादा खर्च कर सकेगी और आम जनता का जीवन स्तर बेहतर होगा। इस दृष्टिकोण से खनन आम जनता, जंगलों और प्रदेश की समृद्धि के लिए जरूरी है।

अब तक 44 खनिज ब्लॉक की ई‑नीलामी हो चुकी है, जिनमें चूना पत्थर, लौह अयस्क, बॉक्साइट, सोना, निकल‑क्रोमियम, ग्रेफाइट, ग्लूकोनाइट और लिथियम शामिल हैं। भारत का पहला लिथियम ब्लॉक (कोरबा, कटघोरा) छत्तीसगढ़ में नीलामी के माध्यम से सफलतापूर्वक आवंटित हुआ। 2025 में लौह अयस्क के नए ब्लॉकों की नीलामी की प्रक्रिया तेज़ है, खासकर बैलाडीला क्षेत्र में।

वित्त वर्ष 2018-19 में ओडिशा का खनन राजस्व 10,499 करोड़ रुपये था, जबकि इसी अवधि में छत्तीसगढ़ का राजस्व 6110 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2024-25 में, ओडिशा का खनन राजस्व लगभग 45,000 करोड़ रुपये हो गया, जबकि छत्तीसगढ़ का खनन राजस्व लगभग 14,000 करोड़ रुपये था। ओडिशा राज्य में उल्लेखनीय राजस्व वृद्धि मुख्य रूप से नीलाम या आवंटित खनिज ब्लॉकों के संचालन के कारण है। छत्तीसगढ़ में समान राजस्व वृद्धि हासिल करने के लिए, आवंटित या नीलाम किए गए खनिज ब्लॉकों के संचालन में तेजी लाना महत्वपूर्ण है, जो ओडिशा में मिली सफलता को दर्शाता है।

“Ganesh Chaturthi 2025: घर की चौखट से दिल तक. बप्पा के स्वागत के लिए अनोखे रंगोली डिज़ाइन”

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“Ganesh Chaturthi 2025: घर की चौखट से दिल तक. बप्पा के स्वागत के लिए अनोखे रंगोली डिज़ाइन”

Ganesh Chaturthi 2025: घर की चौखट से दिल तक. बप्पा के स्वागत के लिए अनोखे रंगोली डिज़ाइन

गणेश चतुर्थी का त्योहार आते ही हर घर में खुशियों का माहौल छा जाता है। ढोल-ताशों की गूंज, सजावट की रौनक और बप्पा की प्रतिमा का आगमन इस पर्व को और भी खास बना देता है। ऐसे में घर के आंगन और दरवाजे पर बनाई गई रंगोली न सिर्फ सजावट का हिस्सा होती है, बल्कि यह शुभता और सकारात्मकता का प्रतीक भी मानी जाती है।

भारतीय परंपरा में रंगोली को शुभ संकेत माना जाता है। कहते हैं कि भगवान गणेश को रंग और कला बेहद प्रिय हैं। इसीलिए जब भी बप्पा घर आते हैं, तो रंगोली उनके स्वागत का सबसे प्यारा और पारंपरिक तरीका बन जाती है। खासकर महिलाएं और बच्चे इस मौके पर रंग-बिरंगे पाउडर, फूलों और अलग-अलग डिजाइन से आंगन सजाते हैं।

रंगोली बनाकर करें बप्पा का स्वागत 1. सिंपल और आसान डिजाइन अगर आप पहली बार रंगोली बना रही हैं, तो आपको ज्यादा मुश्किल पैटर्न की जरूरत नहीं है। आप गोल आकार में डॉट्स डालकर उन्हें जोड़ते हुए सुंदर डिजाइन बना सकती हैं। इसके बीच में “ॐ” या “श्री गणेश” का चिन्ह भी बना सकती हैं। ऐसे सिंपल डिजाइन कम समय में तैयार हो जाते हैं और बेहद आकर्षक दिखते हैं।

2. फूलों से बनी रंगोली फूलों की खुशबू और उनके रंग हर किसी को पसंद आते हैं। इस गणेश चतुर्थी आप चाहें तो रंगोली पाउडर की जगह गेंदा, गुलाब और पत्तियों का इस्तेमाल करके खूबसूरत रंगोली बना सकती हैं। फूलों की रंगोली न सिर्फ देखने में सुंदर लगती है, बल्कि घर में प्राकृतिक खुशबू और पॉजिटिव एनर्जी भी फैलाती है।

3. गणपति थीम रंगोली अगर आप थोड़ा क्रिएटिव हैं तो इस बार बप्पा के लिए खास (Ganesh Chaturthi Rangoli Designs) बनाएं। इसमें आप भगवान गणेश की आकृति, उनकी सूंड या फिर मोदक और मूषक का चित्र रंगोली में शामिल कर सकती हैं। इससे आपके डिजाइन में पर्सनल टच आएगा और घर आने वाले मेहमान भी प्रभावित होंगे।

क्यों जरूरी है रंगोली बनाना? गणेश चतुर्थी पर रंगोली बनाना सिर्फ सजावट नहीं है, बल्कि यह घर में लक्ष्मी और गणेश जी के स्वागत का तरीका है। माना जाता है कि रंगोली घर की नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करके सकारात्मकता का माहौल बनाती है। इसके अलावा यह कला भारतीय संस्कृति और परंपरा से जोड़ने का भी एक सुंदर माध्यम है।

“एशिया कप 2025 से अधिकारिकतौर पर बाहर हुईं पाकिस्तान समेत दो टीमें, अब इन देशों को मिलेगा मौका”

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“एशिया कप 2025 से अधिकारिकतौर पर बाहर हुईं पाकिस्तान समेत दो टीमें, अब इन देशों को मिलेगा मौका”

एशिया कप 2025 (Asia Cup 2025) इस बार भारत की मेजबानी में खेला जाना है. हालांकि एशिया कप की शुरुआत से पहले ही 2 टीमें अब इस टूर्नामेंट से अधिकारिकतौर पर बाहर हो गई हैं. इन टीमों में पहला नाम पाकिस्तान का है, तो वहीं दूसरा नाम ओमान की टीम का है.

पाकिस्तान की टीम (Pakistan Team) ने सुरक्षा कारणों से भारत आने से मना कर दिया था.

वहीं अब ओमान की टीम ने भी एशिया कप 2025 (Asia Cup 2025) से अपना नाम वापस ले लिया है. अब इन दोनों टीमों की जगह बांग्लादेश और कजाकिस्तान की टीम को एशिया कप 2025 में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा. गौरतलब है कि इस टूर्नामेंट की शुरुआत इसी महीने 29 अगस्त से होने वाली है.

पाकिस्तान और ओमान ने आज ही नाम लिया वापस एशिया कप 2025 (Asia Cup 2025) की शुरुआत 29 अगस्त से होने वाली है. इसके लिए सभी टीमों को भारत आना था, भारतीय सरकार ने सभी टीमों को वीजा भी मुहैया करा दिया था. हालांकि पाकिस्तान की टीम ने आज सुबह ही अपना नाम वापस ले लिया और अपनी टीम को भारत भेजने से इनकार कर दिया.

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने सुरक्षा कारणों की वजह से भारत आने से मना कर दिया है. पाकिस्तान के इस कदम के बाद ओमान ने भी भारत आने से मना कर दिया है और अब इसी कारण इन दोनों टीमों को एशिया कप 2025 से बाहर होना पड़ा है और इसी वजह से बांग्लादेश और कजाकिस्तान की टीम को ड्रॉ में शामिल किया गया है.

क्रिकेट के लिए यूएई में खेला जाएगा Asia Cup 2025 एशिया कप 2025 (Asia Cup 2025) में अगर क्रिकेट की बात करें तो ये टूर्नामेंट भी भारत की मेजबानी में ही खेला जाना था, लेकिन पाकिस्तान की टीम की वजह से इस टूर्नामेंट को भारत से बाहर यूएई में कराया जा रहा है. इस टूर्नामेंट में कुल 8 टीमें हिस्सा लेने वाली हैं, इन टीमों को 2 ग्रुप में बांटा गया है. पहले ग्रुप में भारत के साथ पाकिस्तान, यूएई और ओमान को शामिल किया गया है.

वहीं ग्रुप बी में श्रीलंका, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अलावा हांगकांग की टीम को शामिल किया गया है. इस टूर्नामेंट की शुरुआत 9 सितंबर से हो रही है, वहीं भारतीय टीम अपना पहला मुकाबला 10 सितंबर को यूएई और 14 सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ खेलने वाली है.

“दिल्ली, यूपी, राजस्थान, मुंबई में सोने के दामों में बड़ा बदलाव, यह हो गई है 22, 24 कैरेट सोने की कीमत”

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“दिल्ली, यूपी, राजस्थान, मुंबई में सोने के दामों में बड़ा बदलाव, यह हो गई है 22, 24 कैरेट सोने की कीमत”

दिल्ली, यूपी, राजस्थान, मुंबई सहित देश भर में सोने-चांदी की कीमतों में उथल-पुथल का दौर जारी है। अब कुछ ही दिनों में दिवाली का बड़ा त्योहार आने वाला है। ऐसे में अगर आप भी सोने में निवेश करने का प्लान कर रहे हैं तो बता दें कि आज 27 अगस्त को सर्राफा बाजार खुलने के साथ ही सोने की कीमतों में जोरदार उछाल आया है।

आइए खबर में जानते हैं कि दिल्ली-मुंबई में सोने के रेट क्या चल रहे हैं। अगस्त का माह बीतने के साथ ही सोने की कीमत में भी बदलाव देखा जा रहा है। बीते दिनों की गिरावट के बाद अब एक बार फिर सोने की कीमतों में तेजी देखी जा रही है।

सोने की कीमतों में ताबड़तोड़ बढ़ौतरी ने सोना खरीददारो के लिए एक बार फिर टेंशन बढ़ा दी है। आइए खबर में जानते हैं कि दिल्ली समेत अन्य राज्यों में गोल्ड के रेट (Sone Ke Bhav) क्या चल रहे हैं।

देश भर में गोल्ड के रेट देशभर में आज 24 कैरेट सोने के भाव (24 carat gold rate)में तकरीबन 550 रुपये की बढ़त हुई है और इसके बढ़ौतरी के बाद इसका भाव 1,02,210 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया है।

वहीं, 22 कैरेट की बात करें तो 22 कैरेट सोने (22 carat Gold Rate) की कीमत 93,700 रुपये प्रति दस ग्राम पर बनी हुई है। इसकी कीमतों में 500 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, 18 कैरेट सोने में 410 रुपये की बढ़ोतरी के बाद इसकी कीमत 76,670 रुपये हो गई है।

दिल्ली में गोल्ड के रेट राजधानी दिल्ली में गोल्ड के रेट (Delhi me gold rate )बात करें तो यहां आज 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 1,02,210 रुपये पर ट्रेड कर रही है और आज इसमे 550 रुपये तक का इजाफा देखा गया है।

वहीं, 22 कैरेट सोना 93,700 रुपये प्रति दस ग्राम पर ट्रेड कर रहा है। अगर बात करें 18 कैरेट सोने की तो आज इसकी कीमत में 410 रुपये का इजाफा हुआ है, जिसके बाद इसकी कीमतें 76,670 रुपये तक पहुंच गई है।

मुंबई-लखनऊ में गोल्ड के रेट लखनऊ (Lucknow Gold Prices) की बात करें तो लखनऊ में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,02,210 रुपये प्रति दस ग्राम हो गई है। 22 कैरेट सोने का भाव 93,700 रुपये प्रति दस ग्राम पर कारोबार कर रहा है और 18 कैरेट सोना 76,670 रुपये प्रति दस ग्राम पर बना हुआ है।

वहीं, आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai Gold Rate) की बात करें तो मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,02,060 रुपये और 22 कैरेट सोना 93,550 रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच गया है। वहीं, 18 कैरेट सोना 76,550 रुपये प्रति दस ग्राम पर कारोबार कर रहा है।

पटना में गोल्ड के रेट बिहार के पटना में गोल्ड के रेट (Patna Gold Rate) में कमी देखी जा रही है। पटना में 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम 1,02,110 रुपये पर बिक रहा है, इसमे 550 रुपये की कमी देखी जा रही है। वहीं, 22 कैरेट सोने की कीमत 500 रुपये की उछाल के साथ 93,600 रुपये पर मिल रही है। वहीं, 18 कैरेट सोना 76,590 रुपये प्रति दस ग्राम पर कारोबार कर रहा है।

“NCR के इस शहर में बुर्ज खलीफा से भी महंगे बिक रहे फ्लैट, जानिए 2BHK और 3BHK फ्लैट के रेट”

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“NCR के इस शहर में बुर्ज खलीफा से भी महंगे बिक रहे फ्लैट, जानिए 2BHK और 3BHK फ्लैट के रेट”

NCR – एनसीआर का प्रॉपर्टी बाज़ार आज नई ऊंचाइयों पर है। यहां के लग्ज़री अपार्टमेंट्स (luxuary apartments) की कीमतें सुनकर लोग हैरान हैं। आपको जानकार हैरानी होगी कि एनसीआर के इस शहर में फ्लैट बुर्ज खलीफा से भी महंगे बिक रहे हैं… आइए नीचे खबर में जान लेते है 2BHK और 3BHK फ्लैट के रेट क्या चल रहे है-

गुरुग्राम का प्रॉपर्टी बाज़ार आज नई ऊंचाइयों पर है। यहां के लग्ज़री अपार्टमेंट्स (luxuary apartments) की कीमतें सुनकर लोग हैरान हैं। एक समय था जब यहां घर लेना आसान था, पर अब हालात बदल चुके हैं। आज गुरुग्राम में एक आलीशान फ्लैट खरीदना उतना ही मुश्किल हो गया है, जितना दुबई के बुर्ज ख़लीफ़ा में घर लेना। यह दर्शाता है कि गुरुग्राम की प्रॉपर्टी का मूल्य आसमान छू रहा है।

उदाहरण के लिए, गुरुग्राम के प्रीमियम प्रोजेक्ट्स जैसे DLF Camellias और द डहलियास में फ्लैट्स की शुरुआती कीमत 75-80 करोड़ रुपये तक जा चुकी है, यानी करीब 1,80,000 रुपये प्रति वर्ग फुट। ये दाम दुबई के फेमस स्पॉट्स,जैसे पाम जुमेराह या बुर्ज खलीफा के मुकाबले भी कहीं-कहीं ज्यादा है।

टेबल से समझिए- फ्लैट टाइप – गुरुग्राम (करोड़ ₹) – बुर्ज खलीफा, दुबई (करोड़ ₹) 1BHK – 75-80 – 2.5-4.3 3BHK/Ultra-luxury -150-190 -12-14 Penthouse -(सुपर-लक्ज़री) – – 200 

क्यों आसमान छू रहे दाम? एक्सपर्ट्स बताते हैं कि NRI निवेश, सीमित प्रीमियम यूनिट्स, ऑफिस हब्स की बढ़ती डिमांड और लोकेशन की वजह से गुरुग्राम के प्रॉपर्टी दाम (gurugram property price) स्काईरॉकेट कर गए हैं। बीते पांच साल में यहां प्रॉपर्टी की औसत कीमत 80% से ज्यादा बढ़ी है। 2020 में जहां कई इलाकों में 7,000 रुपये प्रति वर्ग फुट रेट था, अब कई प्रोजेक्ट्स 1,80,000 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच चुके हैं।

एनआरआई (NRI) निवेश, लिमिटेड प्रीमियम यूनिट्स और ऑफिस हब्स की बढ़ती डिमांड (demand) के कारण गुरुग्राम में प्रॉपर्टी की कीमतें आसमान छू रही हैं। पिछले पांच सालों में, यहां प्रॉपर्टी (property price hike) की औसत कीमत में 80% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। 2020 में जहां कई इलाकों में कीमत 7,000 रुपये प्रति वर्ग फुट थी, वहीं अब कई प्रोजेक्ट्स में यह बढ़कर 1,80,000 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गई है।

ऐसे में अब अगर आप बुर्ज खलीफा में एक लग्जरी अपार्टमेंट (luxuary apartments) लें तो उसकी कीमत करीब 50-60 करोड़ रुपये (भारतीय मुद्रा में) पड़ती है। लेकिन गुरुग्राम के Camellias या Magnolias में इसी स्पेस या उससे छोटे साइज का घर 80 करोड़ भी पार कर जाता है। गुरुग्राम में तो रिकॉर्ड 150-190 करोड़ रुपये तक के फ्लैट बिक चुके हैं।

गुड़गांव के प्रीमियम प्रॉपर्टी मार्केट (Gurgaon’s premium property market) में जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि यह चलन आगे भी जारी रहेगा, क्योंकि करोड़पति और एनआरआई निवेशक लग्जरी प्रॉपर्टी में रुचि ले रहे हैं। कोविड के बाद, बड़े, खुले और खास जगहों की मांग बहुत बढ़ गई है, जिससे गुड़गांव में प्रीमियम प्रॉपर्टी की मांग आसमान छू रही है। यह बाजार भविष्य में और भी मजबूत होने की उम्मीद है।

“Bigg Boss 19 Highest Paid Contestant: ये बंदा ले रहा है सबसे ज्यादा फीस, रिएलिटी शो में बना रहा करोड़ों का बैंक बैलेंस”

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“Bigg Boss 19 Highest Paid Contestant: ये बंदा ले रहा है सबसे ज्यादा फीस, रिएलिटी शो में बना रहा करोड़ों का बैंक बैलेंस”

Bigg Boss 19 Highest Paid Contestant: ये बंदा ले रहा है सबसे ज्यादा फीस, रिएलिटी शो में बना रहा करोड़ों का बैंक बैलेंस

Bigg Boss 19 शॉ की शुरुवात हो चुकी है, जैसे ही टीवी के सुपरस्टार गौरव खन्ना ने एंट्री की है। तब से उनका नाम काफी चर्चा में आ गया है कि इस बार शॉ में ये ही सबसे अधिक फीस लेने वाले कंटेस्टेंट रहेंगे।

Bigg Boss 19 Highest Paid Contestant: बिग बॉस 19 का प्रीमियर इस बार काफी धमाकेदार रहा है। बता दें इस बार शॉ में जाने माने टीवी कलाकार, सिंगर्स और सोशल मीडिया के स्टार मनोरंजन करने वाले हैं। शॉ के होस्ट सलमान खान ने 16 नए कंटेंस्टेंट्स को घर में भेज दिया है। लेकिन वहीं इस शॉ में टीवी के अनुपमा शॉ के कलाकार गौरव खन्ना काफी चर्चा में चल रहे हैं, लोगों का मानना है कि ये कंटेस्टेंट सबसे अधिक फीस ले सकते हैं।

गौरव खन्ना का क्या कहना है? गौरव खन्ना को यह सवाल बिग बॉस में आने से पहले एक इंटरव्यू के पूछा गया था। कि वे इस बार सबसे अधिक फीस लेने वाले कंटेस्टेंट हैं इस बात पर मुस्कराते हुए वे जवाब देते हैं कि :यह सिर्फ एक अफवाह हो सकती है या नहीं भी। लोग कई तरह की बातें बनाते हैं और कई तरह की अफवाहें, लेकिन इन बातों पर मैं बिलकुल भी ध्यान नहीं देता हूँ और न ही दूसरे कंटेस्टेंट को उसकी फीस की तुलना करता हूँ। पैसों की बात हम नहीं करते हैं और अभी मुझे मालूम भी नहीं है कि अन्य सेलिब्रिटी कौन हैं। मेरा पूरा फोकस यह है कि शॉ में जाकर अपना बढ़िया अभनिय कर सकूँ।

पत्नी आकांक्षा की सलाह गौरव से उनकी पत्नी आकांक्षा के बारे में भी कुछ सवाल पूछा गया। आकांक्षा ने आपको शॉ में जाने के लिए क्या सलाह बताई है तो इस पर उन्होंने कहा कि उन्होंने कुछ ख़ास सलाह नहीं दी है। उन्होंने ख़ुशी के साथ कहा कि तुम शॉ में जाकर अपनी असली पर्स्नालिटी दिखाओ ताकि उन्हें जनता से ज्यादा से ज्यादा प्यार मिल सके। तुम टीवी शॉ में तो कुछ ही मिनट के लिए परफॉर्म करते हो लेकिन बिग बॉस में तुम 24 घंटे देखे जाओगे।

गौरव खन्ना कौन हैं? गौरव खन्ना कानपुर के रहने वाले मध्यम परिवार से आते थे। इनके पिता एक एक्सपोर्टर हैं एवं माँ हॉउस वाइफ। इन्होने करियर को शुरुआत करने से पहले एमबीए की पढाई की इसके बाद आईटी कम्पनी में जॉब करते थे। फिर इन्होंने एक्टिंग और मॉडलिंग करना शुरू किया और अपना करियर बनाया।

इनकी सबसे ज्यादा प्रसिद्धि तब हुई जब इन्होने सीआईडी में सीनियर इंस्पेक्टर क्वीन और अनुपमा में अनुज कपाड़िया का रोल किया। इसके अतिरिक्त कुछ समय पहले इन्होने सेलिब्रिटी मास्टरशेफ को भी जीता है जिससे ये काफी प्रसिद्ध हो गए हैं।

गौरव की कुल संपत्ति की बात करें जो कि लगभग 8 करोड़ रूपए है और ये मुंबई में एक लग्जरी अपार्टमेंट में रहते हैं। इनके पास A6 और एक रॉयल एनफील्ड की बाइक भी हैं।