Home Blog Page 67

अजीत जोगी युवा मोर्चा एवं छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच ने आबकारी विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

0

राजनांदगांव। आज दुर्ग जिले में अजीत जोगी युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष शमसुल आलम और संभाग अध्यक्ष अनुरुध वर्मा, साथ ही छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरण लाल साहू के नेतृत्व में एक बार फिर आबकारी विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। इस दौरान उन्होंने आबकारी आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि आबकारी विभाग लापरवाह है और विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए गए। शमसुल आलम ने कहा कि हमने कई बार ज्ञापन दिया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। विभाग केवल खाना-पूर्ति में लगा हुआ है और भ्रष्टाचार के आरोप भी लग रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि विभाग की मिली-भगत से दुर्ग जिले के आहता सेंटरों में प्रतिबंधित पानी पाउच और डिस्पोजल बेचे जा रहे हैं, जो आबकारी विभाग के नियमों का उल्लंघन है।
छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरण लाल साहू ने कहा, पानी पाउच और डिस्पोजल बैन हैं, लेकिन आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिली-भगत से इन सामानों का अवैध कारोबार धड़ल्ले से हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर 15 दिनों के भीतर इन नियमों का पालन नहीं किया गया तो वे आबकारी मंत्री के निवास का घेराव करेंगे।
प्रदर्शन में अजीत जोगी युवा मोर्चा के कार्यकर्ता शमसुल आलम, अनुरुध वर्मा, मनोज कुर्रे, नमन पटेल, अंकु पांडे, मनोज पटेल, आरिफ खान, योगेश भंडारी, टिकेश जोशी, कुणाल चतुर्वेदी और छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के अन्य पदाधिकारी धीरज टंडन, प्रकाश निर्मलकर, छोटे लाल चौधरी, दिलीप कश्यप, सोनुराम साहू, सुरेश धु्रव समेत कई लोग उपस्थित थे।
यह प्रदर्शन उन अधिकारियों के खिलाफ था, जो नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से पानी पाउच और डिस्पोजल बेचने के कारोबार में शामिल हैं।

बजट 2026-27 विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने वाला : उज्जवल कसेर

0

राजनांदगांव। भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला मंत्री उज्जवल कसेर ने केंद्रीय बजट 2026-27 को ऐतिहासिक और दूरदर्शी बताते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन लक्ष्य विकसित भारत का एक सशक्त रोडमैप है। वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया यह बजट भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा और रोजगार के लिए एक स्थायी समिति के गठन का स्वागत किया, जो 2047 तक सेवा क्षेत्र में भारत को 10 प्रतिशत वैश्विक हिस्सेदारी के साथ ग्लोबल लीडर बनाने में सहायक होगी।
कसेर ने युवाओं के भविष्य पर केंद्रित योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि 15,000 स्कूलों में कंटेंट लैब, औद्योगिक कॉरिडोर में 5 नई यूनिवर्सिटी टाउनशिप और हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल की सुविधा से युवाओं और छात्राओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। रक्षा बजट में 7.85 लाख करोड़ के रिकॉर्ड आवंटन और बुनियादी ढांचे के लिए 12.2 लाख करोड़ के निवेश को उन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा और प्रगति का मजबूत आधार बताया।
उन्होंने कहा कि 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और 20 नए जलमार्ग न केवल परिवहन को बदलेंगे, बल्कि व्यापार के आधुनिक द्वार भी खोलेंगे।
उज्जवल कसेर ने आगे कहा कि महिला उद्यमियों के लिए सी मॉर्ट किसानों के लिए भारत विस्तार एआई टूल और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं के दामों में भारी कमी जैसे फैसले समाज के हर वर्ग के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाते हैं।
उन्होंने अंत में कहा कि छोटे करदाताओं के लिए टैक्स दर 15 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत करना मध्यम वर्ग को बड़ी राहत है। यह बजट सबका साथ-सबका विकास के मंत्र को चरितार्थ करते हुए अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने वाला है, जो 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में विश्व पटल पर स्थापित करेगा।

जन्मदिन पर जनसेवा की मिसाल, तुमड़ीबोड़ में निःशुल्क परामर्श कैम्प आयोजित

0

राजनांदगांव। ग्राम पंचायत तुमड़ीबोर्ड में आज एक सराहनीय सामाजिक पहल देखने को मिली, जब यस पारख ने अपने जन्मदिन के अवसर पर निःशुल्क परामर्श कैम्प का आयोजन किया। इस कैम्प में क्षेत्रवासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श का लाभ उठाया।
कार्यक्रम में ग्रामीणों को स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विशेषज्ञों द्वारा उपयोगी सलाह दी गई। कैम्प में चिकित्सा के साथ-साथ अन्य आवश्यक जीवनशैली सुधार पर भी चर्चा की गई, जिसे लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा गया।
ग्रामवासियों ने यस पारख को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उन्हें स्नेह एवं आशीर्वाद प्रदान करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर यस पारख ने कहा कि उनका जीवन उद्देश्य केवल जनसेवा करना है और भविष्य में भी वे इस प्रकार के सामाजिक कार्यों के माध्यम से क्षेत्रवासियों की सेवा करते रहेंगे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए यस पारख ने सभी ग्रामवासियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज में जागरूकता फैलाना और स्वास्थ्य को लेकर लोगों को सही दिशा दिखाना उनका उद्देश्य है।
ग्रामीणों ने इस पहल को सराहा और कहा कि यह एक बेहतरीन उदाहरण है, जब किसी व्यक्ति ने अपने व्यक्तिगत जश्न को जनसेवा में बदल दिया।

वीर शहीदों के नाम महारक्तदान शिविर का आयोजन, 80 से अधिक रक्तवीरों ने किया रक्तदान

0

राजनांदगांव। शिव शक्ति धर्मार्थ सार्वजनिक सेवा समिति दीनदयाल चिखली एवं अखिल भारतीय हिंदू महासभा (भारत) के तत्वावधान में 1 फरवरी 2026 को वीर शहीदों के नाम एक महारक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर शिव शक्ति मंदिर परिसर, पं. दीनदयाल उपाध्याय कॉलोनी, चिखलीए राजनांदगांव में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. नीरज ए. पांडे (राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव), अंजनी शर्मा (संरक्षक), खरानंद मिश्रा (संरक्षक), धीरज शर्मा (प्रदेश उपाध्यक्ष) सहित अखिल भारतीय हिंदू महासभा के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथियों में महापौर मधुसूदन यादव, पार्षद शिव वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन, थाना प्रभारी मनोहर मरई (चिखली), टीआई अरुण नामदेव (सोमनी थाना) सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं बल मौजूद रहा। इसके अलावा संजीवनी हॉस्पिटल संचालक डॉ. राघव वर्मा, पूर्व सरपंच राजेश्वरी साहू, जिला उपाध्यक्ष महेश्वर साहू, समाजसेवी ललित नायडू व देवेश वैष्णव, पूर्व जनपद सदस्य भुनेश्वरी साहू महेश्वर साहू जिला उपाध्यक्ष डोंगरगांव, ललित नायडू समाजसेवी, देवेश वैष्णव समाजसेवी, श्रीमती भुनेश्वरी साहू पूर्व जनपद सदस्य, देवाशीष झा वरिष्ठ पत्रकार, सन्नी वर्मा वरिष्ठ पत्रकार, लोकेश रजक पत्रकार विजन न्यूज, श्री तुलसी पत्रकार सी न्यूज, राजेंद्र राजपूत हिन्दू सभा जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
शिविर में राजनांदगांव एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष रक्तदाताओं ने सहभागिता की। रक्तदाताओं के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई, वहीं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निःशुल्क हेलमेट वितरण भी किया गया। सभी रक्तवीरों को रक्तदान प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
कीर्ति क्लीनिक चिखली एवं डॉ. गिरीश साहू के संरक्षण में रक्तदाताओं की रक्तचाप, शुगर, वजन सहित स्वास्थ्य जांच निःशुल्क की गई। आयोजन में नांदगांव ब्लड बैंक की अहम भूमिका रही। मुख्य संयोजन में चंद्रहास शर्मा एवं उनकी पूरी टीम का विशेष योगदान रहा।
जिला अध्यक्ष अवितेश सोनी एवं जिला मीडिया प्रभारी शेखर ठाकुर ने रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रक्तदान महादान है, जिससे अनेक जरूरतमंदों की जान बचाई जा सकती है।
कार्यक्रम में 80 से अधिक महिला एवं पुरुषों ने रक्तदान कर आयोजन को सफल बनाया। सभी अतिथियों के उद्बोधन के पश्चात सामूहिक भोजन का आयोजन किया गया, जिसकी समाप्ति सायं 5 बजे हुई।
आयोजन के अंत में यह संकल्प लिया गया कि भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे। उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे उत्कृष्ट एवं सफल बताया।

सद्गुरू रविदास जी की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई, हिंदू जागरण मंच ने किया भव्य आयोजन

0

राजनांदगांव। संत शिरोमणि सद्गुरू रविदास जी की जयंती के अवसर पर हिंदू जागरण मंच द्वारा तिरंगा चौक, गंज लाइन में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक समरसता के भाव से सुसज्जित था।
कार्यक्रम की शुरुआत सद्गुरू रविदास जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्वलन से की गई। इस अवसर पर मंच पर उपस्थित वक्ताओं ने सद्गुरू रविदास जी के जीवन, उनके विचारों और समाज सुधार में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने बताया कि सद्गुरू रविदास जी ने समाज में समानता, समता और मानवता का संदेश देकर एक नई दिशा दी। उनके मार्गदर्शन में समाज के भेदभाव को समाप्त कर एक सशक्त और समरस राष्ट्र का निर्माण संभव है।
हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि सद्गुरू रविदास जी का जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और उनके विचारों को आत्मसात कर हम एक सशक्त समाज का निर्माण कर सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान तिरंगा चौक क्षेत्र में उल्लासपूर्ण माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, समाजसेवी और हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस भव्य आयोजन में शामिल सभी ने सद्गुरू रविदास जी के आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
समारोह के अंत में प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर हिंदू जागरण मंच के जिला एवं नगर पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिनमें सुशील लड्ढा, सविता बोस, प्रवीण शर्मा, प्रभात गुप्ता, राजू साओ, आनंद गुप्ता, महेंद्र जंघेल, हरीश भानुशाली, हितु व्यास, गोविंद साहू, मौसमी शर्मा, राज बहादुर सिंह, आशीष तिवारी, रोहित तिवारी, मनोज गोलछा, रूपचंद सोनी, मिट्ठू खाती, टिंकू सोनी, राकेश सेन, कालु भैया प्रमुख थे।
आयोजन की सफलता में सभी कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा।

संस्कार सिटी इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा ट्विंकल ने तीरंदाजी में जीता रजत पदक

0

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव स्थित संस्कार सिटी इंटरनेशनल स्कूल की प्रतिभाशाली छात्रा ट्विंकल ने तीरंदाजी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय तथा जिले का नाम गौरवान्वित किया है। 31 जनवरी 2026 को आयोजित एक दिवसीय ओपन सिटी एनटीपीसी खेलो इंडिया तीरंदाजी प्रतियोगिता में ट्विंकल ने 10 मीटर इंडियन राउंड (गर्ल्स कैटेगरी) में दूसरा स्थान प्राप्त कर रजत पदक अपने नाम किया।
यह प्रतियोगिता पूर्णतः ओपन सिटी स्तर की थी, जिसमें छत्तीसगढ़ के 10 विभिन्न शहरों से आए प्रतिभागियों ने भाग लिया। कड़े मुकाबलों के बीच ट्विंकल ने सटीक निशानेबाजी और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए यह उपलब्धि हासिल की।
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती रेखा तिवारी ने छात्रा की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि विद्यालय में संचालित निःशुल्क तीरंदाजी प्रशिक्षण कार्यक्रम की सकारात्मक दिशा को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में आधुनिक खेल संसाधनों और प्रशिक्षित कोचों के माध्यम से विद्यार्थियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसका परिणाम इतने कम समय में सामने आना गर्व का विषय है।
विद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि यह निःशुल्क तीरंदाजी प्रशिक्षण कार्यक्रम किसी एक विद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के किसी भी स्कूल के छात्र-छात्राए बिना किसी शुल्क के, इसमें भाग ले सकते हैं।
विद्यालय परिवार द्वारा ट्विंकल को सम्मानित किया गया तथा अन्य विद्यार्थियों को भी खेल गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया गया। संस्कार सिटी इंटरनेशनल स्कूल शिक्षा के साथ-साथ खेलों को भी समान महत्व देते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बढ़ते संघर्ष के बीच 200 से अधिक मौतें…

0

बलूचिस्तान में हिंसा का नया दौर

बलूचिस्तान की हवा में इस समय युद्ध की गंध फैली हुई है। शनिवार को बागी बलोचों के हमले ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया। इस हमले के बाद पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई शुरू की, जिसमें अब तक 200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।

पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने बलोचों के हमले के बाद 40 घंटे की जवाबी कार्रवाई में 250 लोगों की मौत का दावा किया है। सेना के अनुसार, इनमें से अकेले शनिवार को ही 100 से ज्यादा लोग मारे गए।

बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने क्वेटा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस आंकड़े में शुक्रवार और शनिवार की छापेमारी के दौरान मारे गए लोग भी शामिल हैं। यह पाकिस्तान के लिए आतंकवाद के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

हमले की जिम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ली थी, जिसने एक साथ कई जिलों जैसे क्वेटा, ग्वादर, मस्टुंग और नोश्की में हमले किए। इसके बाद सेना, पुलिस और आतंकवाद-रोधी इकाइयों ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की।

पाकिस्तान की सेना ने बिना सबूत के आरोप लगाया कि ये हमले भारत द्वारा प्रायोजित हैं। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि हमलावरों के भारत से संबंध हैं।

भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ये दावे पाकिस्तान की आंतरिक समस्याओं से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं।

BLA ने शनिवार को ‘ऑपरेशन हेरॉफ’ के दूसरे चरण की शुरुआत की, जिसमें सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाया जा रहा है। समूह के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने कहा कि उनके लड़ाकों ने नोश्की में काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट के मुख्यालय पर कब्जा कर लिया।

रविवार को सुरक्षाबलों ने प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी अभियान जारी रखा। लगभग एक दर्जन स्थानों को सील कर दिया गया है। पूरे प्रांत में मोबाइल इंटरनेट सेवा 24 घंटे से अधिक समय से बंद है। सड़क यातायात बाधित है और ट्रेन सेवाएं भी निलंबित कर दी गई हैं। आमतौर पर व्यस्त रहने वाला क्वेटा अब सुनसान नजर आ रहा है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: मुस्लिम मतदाताओं की भूमिका और राजनीतिक प्रभाव…

0

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारी

पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों के संकेत अब से ही दिखाई देने लगे हैं। वर्तमान में, मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) को लेकर राज्य की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया है और इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाया है। इस बीच, पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘मुस्लिम फैक्टर’ फिर से चर्चा का केंद्र बन गया है। मुस्लिम मतदाता, जिनकी संख्या कई निर्वाचन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है, को संभावित किंगमेकर के रूप में देखा जा रहा है। आइए, उनकी जनसांख्यिकीय ताकत और राजनीतिक प्रभाव पर एक नजर डालते हैं।

पश्चिम बंगाल में मुस्लिम जनसंख्या

राज्य की कुल जनसंख्या में मुसलमानों की हिस्सेदारी लगभग 30 प्रतिशत है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं, जिनमें से लगभग 40 से 50 निर्वाचन क्षेत्रों में मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण 24 परगना और बीरभूम जैसे जिलों में मुस्लिम जनसंख्या सबसे अधिक है। इन क्षेत्रों में, कई निर्वाचन क्षेत्रों में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 50 प्रतिशत से अधिक है, जिससे उनके वोट चुनावी परिणामों को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण बन जाते हैं।

2021 विधानसभा चुनावों के परिणाम

2021 के विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शानदार जीत हासिल की। 294 सीटों में से 292 पर मतदान हुआ, जिसमें टीएमसी ने 213 सीटें जीतकर बहुमत प्राप्त किया। पार्टी को लगभग 48 प्रतिशत वोट मिले। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रमुख विपक्षी दल के रूप में उभरते हुए 77 सीटें जीतीं। वाम मोर्चा और कांग्रेस, जो दशकों से बंगाल की राजनीति में प्रभावी थे, को ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा और वे एक भी सीट नहीं जीत सके। भारतीय धर्मनिरपेक्ष मोर्चा (आईएसएफ) को गठबंधन के तहत एक सीट मिली।

चुनाव में केवल 292 सीटों पर मतदान क्यों हुआ?

मुर्शिदाबाद जिले की दो विधानसभा सीटों – शमशेरगंज और जंगीपुर – पर मतदान नहीं हो सका क्योंकि मतदान से पहले ही उम्मीदवारों का निधन हो गया था। कांग्रेस के उम्मीदवार रेजाउल हक और आरएसपी के उम्मीदवार प्रदीप नंदी का कोविड-19 से संबंधित जटिलताओं के कारण निधन हो गया।

Dollar vs Rupee: भारतीय रुपये में आया भारी जोश, अमेरिकी डॉलर को दी करारी शिकस्त…

0

केन्द्रीय बजट पेश होने के एक दिन बाद शेयर बाजार में जहां रिकवरी देखने को मिली, वहीं रुपये में भी मजबूती दर्ज की गई. सोमवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 37 पैसे चढ़कर 91.56 प्रति डॉलर पर पहुंच गया.

कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट से घरेलू मुद्रा को सहारा मिला है. विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, बजट से रुपये को कोई तात्कालिक राहत नहीं मिली, लेकिन सरकार की नीतियों ने बाजार को एक तरह का आश्वासन जरूर दिया है. हालांकि, अगले वित्त वर्ष में सरकार की ऊंची उधारी योजना को लेकर निवेशकों की भावनाओं पर दबाव बने रहने की आशंका जताई जा रही है.

रुपये में मजबूती

सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में सकल घरेलू उत्पाद के 4.3 प्रतिशत के अनुमानित राजकोषीय घाटे को पूरा करने के लिए करीब 17.2 लाख करोड़ रुपये उधार लेने का अनुमान रखा है. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91.95 पर खुला और धीरे-धीरे मजबूत होकर 91.56 प्रति डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 37 पैसे की बढ़त दर्शाता है. इससे पहले शुक्रवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 92.02 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक फिसल गया था, हालांकि अंत में यह 91.93 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.

इस दौरान वैश्विक बाजार में डॉलर की स्थिति भी लगभग स्थिर रही. छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती दिखाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 97.08 पर रहा. वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई और ब्रेंट क्रूड 4.14 प्रतिशत टूटकर 66.45 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जिससे भारत जैसे आयातक देशों की मुद्राओं को राहत मिली.

विदेशी निवेशकों ने बढ़ाई चिंता

हालांकि, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों ने बाजार में थोड़ी चिंता भी बढ़ाई है. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) लंबे समय बाद बिकवाल नजर आए और उन्होंने करीब 588.34 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की. इससे साफ है कि बजट के बाद बाजार में स्थिरता लौटने के संकेत तो मिले हैं, लेकिन विदेशी निवेशकों की सतर्कता और सरकार की उधारी योजनाएं आने वाले दिनों में रुपये और बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी.

योगी सरकार का लक्ष्य: मार्च तक 62% होगा सीडी रेशियो, बैंकिंग व्यवसाय 32.79 लाख करोड़ के पार…

0

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक प्रदेश में कुल क्रेडिट डिपॉजिट (सीडी रेशियो) 62 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य रखा है. रविवार को राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी बैंक प्रतिनिधियों से उनके सीडी रेशियो के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए सीडी रेशियो बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास करने पर बल दिया.

बैठक में बताया गया कि दिसंबर 2025 तक उत्तर प्रदेश का कुल सीडी रेशियो 60.39 प्रतिशत हो गया है, जो पिछले लगभग दस वर्षों का सर्वाधिक स्तर है. जनपद-वार समीक्षा के अनुसार 40 प्रतिशत से कम सीडी रेशियो वाले जनपद घटकर केवल पाँच रह गए हैं, जबकि 40-50, 50-60 और 60-80 प्रतिशत की श्रेणी वाले जनपदों की संख्या में भी निरंतर सुधार हुआ है. मार्च 2018 में 40 प्रतिशत से कम सीडी रेशियो वाले 20 जनपद थे, जो अब घटकर 5 हो गए हैं. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मार्च 2026 तक सभी जनपदों के सीडी रेशियो में लक्षित सुधार सुनिश्चित किया जाए.

महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) की सफलता के बाद अब राज्य सरकार एक जिला-एक व्यंजन (ओडीओसी) के माध्यम से छोटे व्यापारियों, पारंपरिक पाक कला से जुड़े कारीगरों और गिग वर्कर्स को नई पहचान देने जा रही है. उन्होंने बैंकों से आह्वान किया कि जैसे ओडीओपी को वित्तीय सहयोग मिला, वैसे ही ओडीओसी को भी प्राथमिकता देते हुए अधिक से अधिक लोगों को ऋण उपलब्ध कराया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रशिक्षण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग में पूरा सहयोग दे रही है, और इस मिशन को गति देने में बैंकों की भूमिका निर्णायक होगी.

बैंकिंग प्रक्रिया में सहूलियत और समयबद्ध ऋण वितरण

राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का उदाहरण दिया और कहा कि इन योजनाओं की सफलता के केंद्र में बैंकों की सहयोगी भावना है.

उन्होंने साफ कहा कि अनावश्यक दस्तावेज़ों की मांग, बार-बार वेरिफिकेशन और प्रक्रिया में देरी जैसी स्थितियां लाभार्थियों को हतोत्साहित करती हैं. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बैंकिंग प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिससे आम नागरिक को वास्तविक सहूलियत मिले और पात्र लाभार्थी बिना किसी दिक्कत के योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें.

एमएसएमई, स्टार्टअप और महिला-युवा उद्यमियों को ऋण सुविधा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज आर्थिक गतिविधियों, औद्योगिक निवेश, उद्यमिता, कृषि और महिला-युवा स्वावलंबन के क्षेत्रों में तेज गति से आगे बढ़ रहा है. इस प्रगति में बैंकिंग तंत्र की सक्रिय साझेदारी अनिवार्य है. उन्होंने सभी बैंक प्रतिनिधियों से कहा कि किसान, सूक्ष्म,लघु, मध्यम उद्यम (एमएसएमई), स्टार्टअप, महिला स्वयं सहायता समूहों और नवउद्यमी युवाओं को ऋण उपलब्धता सरल, सम्मानजनक और समयबद्ध हो.

मुख्यमंत्री ने उन जनपदों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए जहां सीडी रेशियो 40 प्रतिशत से कम है, और कहा कि बैंकों को गांवों को लक्षित कर मेगा ऋण मेले आयोजित करने चाहिए. मुख्यमंत्री ने हर माह जिला स्तरीय बैकर्स कमेटी की बैठक सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव को निर्देशित किया. उन्होंने बैंकों से सीएसआर के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विकास में सहभागी बनने का भी आह्वान किया.

बैंकिंग तंत्र की ताकत और वित्तीय समावेशन

बैठक में बताया गया कि पिछले 08 वर्षों में प्रदेश का बैंकिंग तंत्र अत्यंत मजबूत हुआ है. मार्च 2017 में प्रदेश की कुल जमा राशि 8.92 लाख करोड़ रुपये थी, जो दिसंबर 2025 में बढ़कर 20.44 लाख करोड़ रुपये हो गई है. इसी अवधि में कुल ऋण वितरण 4.05 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 12.34 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. मार्च 2017 में प्रदेश का कुल बैंकिंग व्यवसाय 12.80 लाख करोड़ रुपये था, जो दिसंबर 2025 में बढ़कर 32.79 लाख करोड़ रुपये हो गया है.

अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 के दौरान अकेले जमा में 6.47 लाख करोड़ रुपये, ऋण में 5.03 लाख करोड़ रुपये और कुल बैंकिंग व्यवसाय में 11.50 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है. कृषि, एमएसएमई और प्राथमिकता क्षेत्रों में ऋण प्रवाह लगातार बेहतर हुआ है. दिसंबर 2024 से दिसंबर 2025 के बीच एमएसएमई क्षेत्र में 23 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई.

वित्तीय समावेशन अभियान (जुलाई-अक्टूबर 2025) की उपलब्धियों की जानकारी भी बैठक में प्रस्तुत की गई. इस अवधि में प्रदेश ने देशभर में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और आठ प्रमुख सूचकों में से सात पर प्रथम स्थान प्राप्त किया. प्रदेश में 57,699 वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित हुए, 22.24 लाख जनधन खाते खोले गए, 17.14 लाख लोगों का जीवन सुरक्षा बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) में और 43.35 लाख नागरिकों का दुर्घटना बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) में नामांकन हुआ. अटल पेंशन योजना (एपीवाई) में 6.90 लाख नए सब्सक्रिप्शन दर्ज किए गए. नामांकन, दावा निपटान, पुनः-केवाईसी और नामांकन अद्यतन जैसे क्षेत्रों में भी प्रदेश का प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष रहा.

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ऊर्जा, कृषि, बुनियादी ढांचा, उद्योग, एमएसएमई और एनबीएफसी सह-ऋण मॉडल सहित विभिन्न क्षेत्रों में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक के बड़े ऋण स्वीकृत किए गए हैं. यूपीपीसीएफ, यूपीसीयू, पावर ट्रांसमिशन और अन्य औद्योगिक परियोजनाओं को भी महत्वपूर्ण स्वीकृतियां मिली हैं. पिछले एक वर्ष में एमएसएमई दिवस, मुख्यमंत्री युवा कॉन्क्लेव, विश्वकर्मा जयंती, इंटरनेशनल ट्रेड शो और उत्तर प्रदेश दिवस जैसे कार्यक्रमों में बड़े पैमाने पर ऋण वितरण किया गया. अकेले विश्वकर्मा जयंती पर 1.32 लाख करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत हुए. 20 फ़रवरी और 16 मार्च 2026 को दो मेगा ऋण वितरण कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिनमें 2.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऋण वितरण का लक्ष्य है.

योजनाओं के तहत ऋण वितरण और बैंकिंग आउटलेट का विस्तार

योजनावार प्रगति प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में 4.66 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 2.32 लाख को स्वीकृति और 2.07 लाख को ऋण वितरण किया गया. प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में कुल 22.85 लाख आवेदनों के सापेक्ष 21.15 लाख को स्वीकृति और 20.72 लाख को ऋण वितरण किया गया है, जिसमें उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है. किसान क्रेडिट कार्ड योजना के अंतर्गत दिसंबर 2025 तक 50.82 लाख किसानों को 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सीमा स्वीकृत की गई. महिला स्व-सहायता समूहों के बैंक-लिंकिंग में 2.16 लाख समूहों को सहायता प्रदत्त की गई.

बैठक में साझा किया गया कि प्रदेश में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार भी उल्लेखनीय है. पिछले दस वर्षों में 3.89 लाख से अधिक बैंकिंग आउटलेट स्थापित किए गए हैं. दिसंबर 2025 तक प्रदेश में कुल 4,30,565 बैंकिंग आउटलेट सक्रिय हैं, जिनमें 20,913 शाखाएं, 19,191 एटीएम और 4.09 लाख बैंक मित्र तथा बीसी सखी शामिल हैं. प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 10 करोड़ 21 लाख से अधिक खाते खोले जा चुके हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं.

बैंकिंग प्रणाली और निवेश को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसे और सशक्त बनाने में बैंकिंग तंत्र की सक्रियता अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने अपेक्षा की कि सभी बैंक विकासोन्मुख क्षेत्रों में ऋण प्रवाह बढ़ाएं, नागरिकों को सरल और समयबद्ध सेवा प्रदान करें और वित्तीय समावेशन के लक्ष्य को जनपद-दर-जनपद पूरा करें. मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि बैंक और सरकार मिलकर उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित करेंगे.

बैठक में बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्यकारी निदेशक लाल सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की क्रेडिट गारंटी योजना ने बैंकों के लिए जोखिम कम किया है, जिससे ऋण वितरण की गति और बैंकिंग गतिविधियां दोनों बढ़ी हैं. उन्होंने सभी बैंकों से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, ओडीओपी तथा विश्वकर्मा श्रम सम्मान जैसी योजनाओं में अधिक से अधिक युवाओं और कारीगरों तक लाभ पहुंचाने की अपील की. उन्होंने कहा कि साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए कदमों में बैंक पूरी तरह सहयोग करेंगे.

भारतीय रिजर्व बैंक, लखनऊ के क्षेत्रीय निदेशक पंकज कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश का लगातार राजस्व अधिशेष में बने रहना बैंकिंग क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस में तेजी से हो रहे सुधारों ने निवेश, उद्योग और ऋण मांग को मजबूत दिशा दी है, और बैंकिंग तंत्र को इस गति का पूरा लाभ उठाना चाहिए.

नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक पंकज कुमार ने किसान क्रेडिट कार्ड वितरण को लेकर और तेजी की अपेक्षा जताई. उन्होंने बैंक शाखाओं के सापेक्ष गांवों की मैपिंग पर भी जोर दिया ताकि सरकारी योजनाओं के संतृप्तिकरण में और बेहतर प्रयास किए जा सकें.