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तैयार हुई होंडा की पहली इलेक्ट्रिक कार, भारत में शुरू हुई टेस्टिंग, जानें क्या है खासियत?

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होंडा ने अपनी आने वाली इलेक्ट्रिक SUV होडां 0 अल्फा की पूरे भारत में रोड टेस्टिंग शुरू कर दी है. यह कंपनी की भविष्य की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी योजना की तैयारी में एक अहम कदम माना जा रहा है.

इस प्रक्रिया के तहत गाड़ी को आम सड़कों पर चलाकर परखा जाएगा, ताकि बाजार में लॉन्च से पहले इसे भारतीय हालात में अच्छे से टेस्ट किया जा सके.

इस इलेक्ट्रिक SUV का प्रोटोटाइप पहली बार जापान मोबिलिटी शो 2025 में दिखाया गया था. भारत में चल रही टेस्टिंग का मकसद यह देखना है कि यह गाड़ी अलग-अलग परिस्थितियों में कैसी परफॉर्म करती है. इसमें हाईवे, व्यस्त शहर की सड़कें और मुश्किल रास्ते भी शामिल हैं.

कई स्तर पर चेक होगी कार

इस टेस्टिंग के दौरान होंडा गाड़ी की कई चीजों को चेक करेगी. इसमें मजबूती, हैंडलिंग, राइड कम्फर्ट और एनर्जी एफिशिएंसी जैसे पहलुओं पर नजर रखी जाएगी. इसके अलावा इस इलेक्ट्रिक SUV को बेहद गर्म मौसम और भारी मॉनसून बारिश जैसी परिस्थितियों में भी टेस्ट किया जाएगा. अलग-अलग तरह के चार्जिंग स्टेशन पर इसकी चार्जिंग क्षमता भी जांची जाएगी, ताकि यह रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए सही साबित हो सके.

EV सेगमेंट में बड़ा कदम

इस बारे में होंडा कार्ड इंडिया के प्रेसिडेंट और CEO ताकाशी नकाजिमा ने कहा कि पूरे भारत में पब्लिक रोड टेस्टिंग की शुरुआत कंपनी के इलेक्ट्रिफिकेशन सफर का एक बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि भारत में ड्राइविंग और मौसम की परिस्थितियां अलग हैं, इसलिए असली माहौल में इलेक्ट्रिक वाहन को अच्छी तरह परखना जरूरी है. यह कार्यक्रम होंडा की वैश्विक इंजीनियरिंग क्षमता और भारतीय ग्राहकों की जरूरतों पर ध्यान को दिखाता है. कंपनी ऐसा इलेक्ट्रिक SUV लाना चाहती है जो भरोसेमंद, आरामदायक और इस्तेमाल में आसान हो.

जानें क्या है कार का खासियत?

यह नई इलेक्ट्रिक SUV शहर में रोजाना आने-जाने और लाइफस्टाइल ड्राइविंग, दोनों जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है. कंपनी के मुताबिक यह मॉडल रोजमर्रा के कई तरह के इस्तेमाल के लिए उपयुक्त होगा और अलग-अलग ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करेगा. दुनिया भर में इस गाड़ी को 2026-27 के दौरान लॉन्च किए जाने की उम्मीद है, जिसमें भारत और जापान मुख्य बाजार होंगे. होंडा ने यह भी पुष्टि की है कि इस SUV का निर्माण भारत में किया जाएगा और यहां से कुछ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में निर्यात भी किया जाएगा.

बिहार राज्यसभा चुनाव: मतदान के बीच तेजस्वी यादव का दावा- 41 वोट पक्के, आंकड़े हमारे साथ…

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बिहार की पांच सीटों पर राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान जारी है। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव सोमवार को मतदान करने पहुंचे। उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि हम लोग निश्चिंत हैं।

आंकड़े हम लोगों के साथ हैं। एआईएमआईएम और बसपा के साथियों ने हमारा समर्थन किया है। हम 41 सीटों तक पहुंच चुके हैं। 41 सीटों पर जीत पक्की है।

आरजेडी प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि हमारा पूरा महागठबंधन और धर्मनिरपेक्ष ताकतें एक मंच पर एकजुट हैं। आरजेडी विधायक अनीता देवी ने कहा कि हम शाम को जश्न मनाएंगे, हम जीत रहे हैं।

आरजेडी विधायक गौतम कृष्ण ने कहा कि हम जीतेंगे, निश्चित रूप से हम जीत रहे हैं। आरजेडी विधायक चंद्रशेखर ने कहा कि मैं कह रहा हूं कि शाम को हम आरजेडी कार्यालय में जश्न मनाएंगे और मिठाई बांटेंगे।

कांग्रेस विधायक कमरुल होदा ने कहा कि हम एकजुट होकर जा रहे हैं। देखते रहिए, शाम छह बजे तक एडी सिंह राज्यसभा पहुंच जाएंगे।

आरजेडी विधायक रणविजय साहू ने कहा कि यह विचारों और सिद्धांतों की लड़ाई है और इस लड़ाई में महागठबंधन एकजुट हुआ है। हम चुनाव जीतने जा रहे हैं।

सीपीआई (एम) विधायक अजय कुमार ने कहा कि जो लोग पांचवीं सीट के बारे में जानना चाहते हैं, उसको हम जीतेंगे। हमने आपको परिणाम पहले ही बता दिया है। बस यह मत पूछिए कि वोट कहां से आएंगे। विपक्ष को 41 वोट मिले हैं और मतगणना के दौरान आपको 41 से अधिक वोट मिलेंगे, कम नहीं।

राज्यसभा चुनाव को लेकर जेडीयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडे ने कहा कि हम सभी पांचों सीटें जीतने जा रहे हैं। यह बिल्कुल 110 प्रतिशत निश्चित है। सभी पांचों सीटें हमारी होंगी।

बिहार सरकार में मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि जीत निश्चित है। परिणाम शाम को घोषित किए जाएंगे। जेडीयू विधायक भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि जीत निश्चित है। भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर ने कहा कि मैं मतदान करने पहुंच गई हूं। हम अपना वोट डालेंगे।

एलजेपी विधायक राजू तिवारी ने कहा कि अब बड़े-बड़े दावे करने का समय खत्म हो गया है। आज मतदान हो रहा है और देर शाम तक नतीजे भी आ जाएंगे। पांच की पांचों सीट पर एनडीए के प्रत्याशी जीत रहे हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के विधायक अपने नेता नेतृत्व में भविष्य नहीं देख रहे हैं।

मौसम अपडेट: IMD की बड़ी चेतावनी, यूपी-दिल्ली समेत 17 राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश के आसार…

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देश में बढ़ती गर्मी के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर अचानक बदलने वाला है। मौसम विभाग ने 16 मार्च से 19 मार्च के बीच देश के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान और मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

आईएमडी के मुताबिक यूपी, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा समेत करीब 17 राज्यों में 60 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कई जगहों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है। मौसम में इस बदलाव से तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।

उत्तर भारत में तेज आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में मौसम तेजी से बदलेगा। 16 मार्च को पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में गरज-चमक, बिजली गिरने और 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है।

इसके अलावा 16 और 19 मार्च को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में भी गरज, बिजली और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 16 से 20 मार्च के बीच हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में बारिश होने का अनुमान जताया है, जबकि 19 मार्च को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश हो सकती है।

पूर्वी और मध्य भारत में भी बारिश का असर

पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 16 से 19 मार्च के बीच हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

आईएमडी के अनुसार 16 मार्च को पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों, ओडिशा और झारखंड में आंधी, बिजली और 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं बिहार में भी आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। 21 मार्च को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

पश्चिम भारत में बारिश के साथ लू का खतरा

पश्चिमी भारत में भी मौसम का असर दिखाई देगा। गुजरात और महाराष्ट्र में 16 से 19 मार्च के दौरान छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि गुजरात में यह गतिविधि मुख्य रूप से 18 और 19 मार्च को देखने को मिल सकती है।

दूसरी ओर विदर्भ में 16 मार्च को हीटवेव यानी उष्ण लहर चलने की चेतावनी जारी की गई है। राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के कई जिलों में भीषण गर्मी और लू की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

तापमान में उतार-चढ़ाव का अनुमान

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है, जबकि उसके बाद तीन दिनों में तापमान फिर धीरे-धीरे बढ़ने की संभावना है। पूर्वी और मध्य भारत में भी अगले कुछ दिनों में तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कमी आ सकती है। बारिश और तेज हवाओं के कारण कई क्षेत्रों में गर्मी से अस्थायी राहत मिल सकती है, लेकिन कुछ इलाकों में लू की स्थिति भी बनी रह सकती है।

‘झूठे साबित हो रहे मोदी सरकार के दावे, देश में LPG की कालाबाजारी जारी’, खड़गे का केंद्र पर हमला..

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण देश में उत्पन्न एलपीजी संकट का मुद्दा उठाया। सोमवार को राज्यसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और संघर्ष ने पूरे देश में एलपीजी की आपूर्ति को प्रभावित किया है।

खड़गे के मुताबिक आज स्थिति यह है कि कई जगहों पर एलपीजी की कमी के कारण हाहाकार जैसी स्थिति बन गई है। इसका असर गरीब और कमजोर तबकों, मध्यम वर्गीय परिवारों, आम घरों, रेस्तरां, हॉस्टलों और व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं पर पड़ रहा है।

आयात पर निर्भरता और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज की अहमियत

उन्होंने कहा कि भारत अपनी कुल एलपीजी आवश्यकता का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है। इसमें भी लगभग 90 प्रतिशत आयात स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज के रास्ते होता है। इस लिहाज से मौजूदा हालात घरेलू उपलब्धता और कीमतों की स्थिरता, दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं। देश के लगभग हर हिस्से में इसका असर देखा जा रहा है। घरों में लोग परेशान हैं।

छोटे-छोटे ढाबे, रेस्तरां, हॉस्टल और सामुदायिक रसोई तक प्रभावित हो रहे हैं। कई जगहों पर सामुदायिक किचन से लेकर सामान्य रसोई तक बंद होने की स्थिति बन गई है। इसके साथ ही एमएसएमई और अन्य व्यावसायिक

कालाबाजारी और ऊंची कीमतों से बढ़ी परेशानी

उन्होंने आगे कहा कि यह चिंता का विषय है कि कई प्रतिष्ठानों को अपने संचालन सीमित करने पड़े हैं, जबकि कुछ लोग 5,000 रुपये से अधिक प्रति सिलेंडर की ऊंची कीमत पर एलपीजी खरीदने को मजबूर हैं। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यह दावा किया था कि एलपीजी की कोई कमी नहीं है और लोगों को अफवाहों से सावधान रहना चाहिए। लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों से अलग नजर आ रही है।

जब सरकार भारतीय नागरिकों को ईरान में स्थिति बिगड़ने की आशंका को लेकर सलाह जारी कर रही थी, उसी समय यह स्पष्ट हो गया था कि पश्चिम एशिया में तनाव का असर ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग

खड़गे ने कहा कि ऐसी स्थिति में सरकार से मेरा आग्रह है कि वह तुरंत देश में एलपीजी की आपूर्ति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे। आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित बनाने के लिए वैकल्पिक मार्गों और स्रोतों पर काम करे, और आम नागरिकों तथा छोटे व्यवसायों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए।

उन्होंने कहा कि सरकार को इस क्षेत्रीय तनाव और संभावित व्यवधान के संकेत अवश्य मिले होंगे। इसका अर्थ यह है कि सरकार को यह बात अच्छी तरह मालूम थी कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज के रास्ते आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा है। ऐसी स्थिति में यदि एलपीजी आयात को लेकर समय रहते अग्रिम योजना बनाई जाती, वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जातीं और आपूर्ति शृंखला को सुरक्षित किया जाता, तो आज देश को इतनी कठिन स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।

कीमतों में बढ़ोतरी और वेटिंग पीरियड पर सवाल

खड़गे ने आगे कहा कि संकट को समय रहते गंभीरता से नहीं लिया गया और इसके परिणामस्वरूप आम नागरिकों, छोटे व्यापारियों तथा व्यावसायिक उपभोक्ताओं को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह इस पूरे मामले पर स्पष्ट बयान दे, एलपीजी आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए त्वरित कदम उठाए और भविष्य में ऐसे संकट से बचने के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करे।

उन्होंने कहा कि सरकार ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़ा दिए हैं। वहीं सिलेंडर बुक करने के बाद प्रतीक्षा अवधि शहरों में 21 से बढ़ाकर 25 दिन और गांवों व दूरदराज के क्षेत्रों में 25 से बढ़ाकर 35 दिन तक कर दी गई है।

युद्ध के बीच बड़ा फैसला: CBSE ने पश्चिम एशिया के 7 देशों में 12वीं बोर्ड परीक्षा रद्द की…

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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजराइल तथा ईरान के बीच जारी संघर्ष का असर अब शिक्षा व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सुरक्षा हालात को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र में आयोजित होने वाली 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया है।

बोर्ड का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में छात्रों और परीक्षा से जुड़े स्टाफ की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए यह निर्णय लिया गया है। इस घोषणा के बाद पश्चिम एशिया के कई देशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच नई स्थिति को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

7 देशों के छात्रों की परीक्षाएं रद्द

CBSE के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में 16 मार्च से 10 अप्रैल के बीच होने वाली 12वीं कक्षा की सभी बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन परीक्षाओं को पहले स्थगित किया गया था, उन्हें भी अब पूरी तरह निरस्त माना जाएगा। इन देशों में परीक्षा आयोजित कराना मौजूदा हालात में संभव नहीं है, इसलिए छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

परिणाम को लेकर बाद में होगी घोषणा

CBSE ने कहा है कि इन देशों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया और उसके तरीके के बारे में जल्द ही अलग से सूचना जारी की जाएगी। बोर्ड इस बात पर विचार कर रहा है कि छात्रों के शैक्षणिक हितों को नुकसान न पहुंचे और उन्हें आगे की पढ़ाई में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

पहले 10वीं की परीक्षाएं भी हुई थीं रद्द

इससे पहले बोर्ड ने पश्चिम एशिया क्षेत्र में 10वीं कक्षा की परीक्षाएं भी रद्द करने की घोषणा की थी। क्षेत्र में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात और अनिश्चितता को देखते हुए यह फैसला लिया गया था। अब 12वीं की परीक्षाएं रद्द होने से साफ है कि बोर्ड स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आगे भी फैसले ले सकता है। माना जा रहा है कि संघर्ष की स्थिति सामान्य होने के बाद बोर्ड आगे की प्रक्रिया को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा, ताकि छात्रों के शैक्षणिक भविष्य पर किसी प्रकार का नकारात्मक असर न पड़े।

दिल्ली आबकारी नीति मामला: दिल्ली हाईकोर्ट का केजरीवाल और सिसोदिया को निर्देश, 5 अप्रैल तक जवाब दाखिल करें…

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दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित शराब घोटाला मामले से जुड़े सीबीआई केस में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पार्टी नेता मनीष सिसोदिया से 5 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने का समय दिया है।

मामले में अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी।

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच मामले में सुनवाई कर रही है। अरविंद केजरीवाल के वकील ने हाईकोर्ट में सीबीआई की याचिका का विरोध किया। वकील ने कहा कि उन्होंने हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। केजरीवाल की तरफ से सीनियर एडवोकेट एन. हरिहरन पेश हुए।

सीबीआई की तरफ से पेश एसजी तुषार मेहता ने कहा कि इस मामले में न्याय नहीं हुआ है। सारे रिकॉर्ड कोर्ट के सामने रखकर सुनवाई होनी चाहिए। निचली अदालत का आदेश न्यायपूर्ण नहीं था। एसजी ने आरोप लगाया कि केजरीवाल न्याय व्यवस्था (सुनवाई कर रही जज) के साथ ही सीबीआई के खिलाफ पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं।

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने कहा कि किसी ने भी जवाब दाखिल नहीं किया है? बेंच ने सुनवाई के दौरान पूछा कि क्या प्रतिवादियों को समय चाहिए। इस पर प्रतिवादियों ने कोर्ट से समय मांगा।

एसजी तुषार मेहता ने विरोध करते हुए कहा, “यह अब एक चलन बन गया है। वे आरोप लगाते हैं और फिर भाग जाते हैं। ऐसे मुकदमेबाजों को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। उन्होंने आरोपों को ही अपना पेशा बना लिया है।” केजरीवाल के वकील ने जवाब देते हुए कहा कि हम बस मौका मांग रहे हैं।

हाईकोर्ट ने कहा कि जवाब 5 अप्रैल तक हर हाल में दाखिल किया जाना चाहिए। अगली सुनवाई 6 अप्रैल को होगी।

जस्टिस शर्मा ने आदेश में दर्ज किया कि सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है। बेंच ने कहा, “मैंने यह दर्ज कर लिया है कि आपने याचिका दाखिल की है और यह भी कि आपने मुझे इस बारे में सूचित किया है।

मिडिल ईस्ट जंग: ईरान में फंसे भारतीयों को बड़ी चेतावनी, भारतीय दूतावास बोला- बिना संपर्क बॉर्डर पार न करें…

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तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सैन्य संघर्ष में फंसे अपने नागरिकों को साफ कहा है कि बिना दूतावास से कोआर्डिनेट किए सीमा पार न करें।

दूतावास ने एक्स पर एडवाइजरी पोस्ट की है, जिसमें स्पष्ट कहा है कि 9 मार्च की एडवाइजरी को जारी रखते हुए/दोहराते हुए, ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को सख्ती से सलाह दी जाती है कि वे आगे की यात्रा के लिए ईरान की किसी भी जमीनी सीमा के पास न जाएं और न ही उसे पार करने की कोशिश करें, जब तक कि उन्होंने तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के साथ पहले से और साफ तौर पर संपर्क न किया हो।

इसमें आगे लिखा है कि दूतावास भारतीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क में है, और जरूरत के मुताबिक इंतजाम किए जा रहे हैं। जमीनी सीमाओं की ओर बिना दूतावास के सहयोग के जाने से सख्ती से मना किया जाता है। अंदेशा जताया है कि जो भारतीय नागरिक दूतावास की जानकारी और मार्गदर्शन के बिना जमीनी सीमाओं के रास्ते ईरान छोड़ने की कोशिश करेंगे, उन्हें गंभीर लॉजिस्टिकल और इमिग्रेशन संबंधी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

एम्बेसी ने अपील करते हुए अपने निर्देशों को पालन करने की वजह और अपनी सीमा का जिक्र किया है। कहा है कि एक बार जब लोग बिना कोआर्डिनेशन के ईरानी सीमा से बाहर चले जाएंगे, तो दूतावास उनकी मदद करने की स्थिति में नहीं होगा। इसलिए, ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों से आग्रह किया जाता है कि वे दूतावास की एडवाइजरी का सख्ती से पालन करें, आधिकारिक माध्यमों से संपर्क में रहें, और कोई भी यात्रा शुरू करने से पहले उनसे सलाह लें।

इसके साथ ही आपात स्थितियों के लिए, कुछ नंबर भी सुझाए हैं। एम्बेसी ने हेल्पलाइन नंबर +98-9128109115, +98-9128109102, +98-9128109109 और +98-9932179359 शेयर किए हैं, साथ ही कॉन्सुलर सपोर्ट के लिए ईमेल एड्रेस सीओएनएसडॉटतेहरानएटएमईएडॉटजीओवीडॉटइन भी है।

ट्रंप ने होर्मुज की रक्षा के लिए मांगा 7 देशों का साथ, अपील पर नहीं मिला किसी का साथ…

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने 7 देशों से युद्धपोत भेजने की मांग की है, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखा जा सके। बहरहाल, ईरान युद्ध के बीच तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद उनकी अपील पर अभी तक किसी देश ने ठोस प्रतिबद्धता नहीं जतायी है।

ट्रंप ने उन देशों के नाम बताने से इनकार कर दिया, जो पश्चिम एशिया के कच्चे तेल पर काफी हद तक निर्भर हैं और जिनसे अमेरिकी प्रशासन इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए एक गठबंधन बनाने को लेकर बातचीत कर रहा है। इस जलमार्ग से दुनिया के लगभग 5वें हिस्से का व्यापारिक तेल गुजरता है।

मैं इन देशों से मांग कर रहा हूं कि वे आगे आएं

ट्रंप ने कहा, ”मैं इन देशों से मांग कर रहा हूं कि वे आगे आएं और अपने क्षेत्र की सुरक्षा करें क्योंकि यह उनका ही क्षेत्र है।” उन्होंने फ्लोरिडा से वाशिंगटन लौटते समय एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से बातचीत में यह भी दावा किया कि यह समुद्री मार्ग अमेरिका के लिए उतना जरूरी नहीं है, क्योंकि अमेरिका के पास तेल तक अपनी पहुंच है।

चीन को 90 प्रतिशत तेल इसी मार्ग से मिलता

ट्रंप ने कहा कि चीन को लगभग 90 प्रतिशत तेल इसी मार्ग से मिलता है, जबकि अमेरिका को वहां से बहुत कम तेल मिलता है। हालांकि उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि क्या चीन इस गठबंधन में शामिल होगा। इससे पहले ट्रंप चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन से इसमें शामिल होने की अपील कर चुके हैं।

इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ‘सीबीएस’ से कहा कि तेहरान से ”कई देशों ने अपने जहाजों को सुरक्षित गुजरने देने के लिए संपर्क किया है लेकिन इस बारे में फैसला हमारे सैन्य अधिकारियों को करना है।”

‘कई देशों’ के कुछ जहाजों को गुजरने की दी अनुमति

उन्होंने कहा कि ‘कई देशों’ के कुछ जहाजों को गुजरने की अनुमति दी गई है, हालांकि उन्होंने इसके बारे में अधिक जानकारी नहीं दी। ईरान ने कहा है कि यह जलडमरूमध्य सभी देशों के लिए खुला है, लेकिन अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए नहीं।

अराघची ने कहा कि युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका से बातचीत करने का उन्हें कोई कारण नजर नहीं आता, क्योंकि उनके अनुसार इजराइल और अमेरिका ने 28 फरवरी को समन्वित हमलों के साथ इस लड़ाई की शुरुआत की थी, जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका-ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता चल रही थी।

चीन के दूतावास के प्रवक्ता ने क्या कहा

अमेरिका में चीन के दूतावास के प्रवक्ता लियु पेंग्यू ने कहा कि ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर और निर्बाध बनाए रखना सभी पक्षों की जिम्मेदारी है और चीन तनाव कम करने के लिए संवाद बढ़ाएगा। इधर युद्ध का असर पूरे क्षेत्र में बढ़ता जा रहा है। ‘इंटरनेशनल कमिटी फॉर रेड क्रॉस’ के अनुसार, ईरान में 1,300 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें सैकड़ों महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इजराइल में भी ईरानी मिसाइल हमलों में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई है।

वहीं, लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्ला और इजराइल के बीच संघर्ष में 820 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। सोमवार तड़के ईरान ने फिर इजराइल की ओर मिसाइलें दागीं। इससे मध्य इजराइल और तेल अवीव क्षेत्र में कई जगह नुकसान हुआ। इजराइली सेना का कहना है कि ईरान क्लस्टर बमों का इस्तेमाल कर रहा है, जो हवाई रक्षा प्रणालियों को चकमा देकर कई स्थानों पर छोटे विस्फोटक गिराते हैं।

बड़ी खबर LIVE: EC बंगाल की चुनी हुई सरकार को नुकसान पहुंचाने के लिए अधिकार का गलत इस्तेमाल…

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ओडिशा- मयूरभंज में चक्रवाती तूफ़ान से भारी नुक़सान, अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने गिरे हुए पेड़ों को हटाया

भुवनेश्वर: ओडिशा में राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान के दौरान BJD और BJP के विधायकों के बीच झड़प हो गई

EC बंगाल की चुनी हुई सरकार को नुकसान पहुंचाने के लिए अधिकार का गलत इस्तेमाल कर रहा है- TMC सांसद सागरिका घोष

TMC सांसद सागरिका घोष ने पश्चिम बंगाल के DGP और गृह सचिव के तबादले पर कहा, “जिस तरह से चुनाव आयोग ने बंगाल के गृह सचिव और मुख्य सचिव का तबादला आधी रात को 4 बजे किया, वह बिल्कुल भी मंज़ूर नहीं है। बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व में एक चुनी हुई सरकार है। चुनाव आयोग के पास इस समय ये अधिकार हैं, लेकिन वह बंगाल की चुनी हुई सरकार को नुकसान पहुँचाने के लिए इनका गलत इस्तेमाल कर रहा है। हमने इस मामले को सदन में उठाया है। हमारे नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने भी इस मुद्दे को उठाया, और इसके विरोध में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस पूरे दिन के लिए संसद से वॉकआउट कर गई है।”

भारत में थोक महंगाई दर फरवरी में 2.13 प्रतिशत रही

थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित महंगाई दर फरवरी में बढ़कर 2.13 प्रतिशत हो गई है। इसके बढ़ने की वजह खाद्य और गैर-खाद्य उत्पादों की कीमतों में इजाफा होना है। यह जानकारी सरकार की ओर से सोमवार को दी गई।

थोक महंगाई दर जनवरी में 1.81 प्रतिशत और पिछले साल समान अवधि में यह आंकड़ा 2.45 प्रतिशत था।

EC ने चुनाव वाले पश्चिम बंगाल में DGP और कोलकाता CP को हटाया।

अबू धाबी के अधिकारियों ने अल बहिया इलाके में एक नागरिक वाहन पर मिसाइल गिरने की घटना पर प्रतिक्रिया दी है: रॉयटर्स

ड्रोन हमले से जोखिम उजागर होने के बाद दुबई हवाई अड्डे पर कुछ उड़ानें फिर से शुरू:

रॉयटर्स

पीएम पहले कहा करते थे कि रुपये के गिरने से देश की साख गिरती है, मुझे नहीं पता कि अब मोदी जी की गिर रही है की नहीं- प्रमोद तिवारी

प्रमोद तिवारी ने केंद्र सरकार पर आर्थिक नीतियों को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की लापरवाही और मिलीभगत के कारण 200 से अधिक वस्तुओं पर वस्तु एवं सेवा कर बढ़ा दिया गया है, जबकि पहले इसे कम करने का दिखावा किया गया था।

प्रमोद तिवारी ने कहा कि सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़ा दिए हैं, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है और इसकी कीमत कई महीनों से गिरावट की ओर है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। पीएम पहले कहा करते थे कि रुपये के गिरने से देश की साख गिरती है, मुझे नहीं पता कि अब मोदी जी की गिर रही है की नहीं।

चुनाव की तारीखें बीजेपी की सुविधा के हिसाब से हुईं तय: प्रियंका गांधी

कांग्रेस नेत्री प्रियंका गांधी ने चुनाव आयोग की तरफ से घोषित की गई चुनाव तारीखों पर सवाल खड़ा किया है. उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि यह तारीखें चुनाव आयोग ने नहीं बीजेपी ने तय की हों।

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी फिर से सत्ता में आएंगी- शिवसेना (UBT) के सांसद अरविंद सावंत

अगर स्थिति वास्तव में सामान्य होती, तो सरकार को गैस के दाम क्यों बढ़ाने पड़े- खड़गे

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में गैस संकट के बीच सरकार ने घरेलू सिलेंडर के दाम 60 रुपये और वाणिज्यिक सिलेंडर के दाम 115 रुपये बढ़ा दिए हैं।

खड़गे ने कहा कि अगर स्थिति वास्तव में सामान्य होती, तो सरकार को इस तरह की पाबंदियां लगाने और कीमतें बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हालात सामान्य होने का दावा कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों को गैस सिलेंडर के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

गैस की कमी के कारण कई जगहों पर सिलेंडर खुलेआम कालाबाजारी में बेचे जा रहे हैं- खड़गे

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने एलपीजी संकट को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में रसोई गैस की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है और इसका सबसे ज्यादा असर गरीब व कमजोर तबकों पर पड़ रहा है।

खड़गे ने कहा कि गैस की कमी के कारण कई जगहों पर सिलेंडर खुलेआम कालाबाजारी में बेचे जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लोग मजबूरी में पांच हजार रुपये तक में गैस सिलेंडर खरीदने को मजबूर हो रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार भले ही हालात सामान्य होने का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। उनके अनुसार देश के कई हिस्सों में लोगों को गैस सिलेंडर हासिल करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

देश में रसोई गैस की कमी के कारण हालात चिंताजनक हो गए हैं- मल्लिकार्जुन खड़गे

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने एलपीजी संकट को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में रसोई गैस की कमी के कारण हालात चिंताजनक हो गए हैं और इसका असर आम लोगों पर साफ दिखाई दे रहा है।

खड़गे ने कहा कि एलपीजी की कमी से पूरे देश में हाहाकार की स्थिति बन गई है। इसका सबसे अधिक प्रभाव गरीब और कमजोर वर्गों पर पड़ रहा है। इसके साथ ही होटल, पीजी और अन्य वाणिज्यिक संस्थानों पर भी इसका नकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।

उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर तुरंत ध्यान देने की मांग करते हुए कहा कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी विदेशों से आयात करता है, ऐसे में आपूर्ति और प्रबंधन को लेकर सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।

एअर इंडिया की न्यूयॉर्क-दिल्ली उड़ान की इमरजेंसी लैंडिंग, सभी यात्री सुरक्षित

एअर इंडिया की न्यू यॉर्क से दिल्ली आ रही एयर इंडिया उड़ान की हुई प्रेकॉशनरी लैंडिंग AI102 उड़ान को तकनीकी खरीबी के कारण इमरजेंसी लैंड कराया गया है। एअर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि स्थानीय समय अनुसार 4:30 बजे उड़ान को लैंड कराया गया फिलहाल उड़ान का निरीक्षण किया जा रहा है। सभी यात्री सुरक्षित हैं और जो भी मदद हो रही है वह एयरलाइंस कर रही है।

11 राज्यसभा सीटों के लिए वोटिंग जारी

देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए जारी चुनावी प्रक्रिया आज अपने अंतिम चरण में है। 37 में से 26 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। अब 11 सीटों पर वोटिंग हो रही है। वोटिंग सुबह 9 बजे से शुरू हो गई है और चार बजे नतीजे घोषित किए जाएंगे।

दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बंद होने के कारण एमिरेट्स की तिरुवनंतपुरम से दुबई जाने वाली फ़्लाइट बीच रास्ते से ही लौट आई

पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, मुख्य सचिव और गृह सचिव हटाये गये

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में जहाज नहीं भेजेगा ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने साफ कर दिया है कि वो स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में जहाज नहीं भेजेगी। ट्रांसपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर मंत्री कैथरीन किंग ने सोमवार को ABC न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘हम स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में कोई जहाज नहीं भेज रहे हैं। हम जानते हैं कि ये कितना महत्वपूर्ण है, लेकिन हमें ऐसा कोई अनुरोध नहीं मिला है और न ही हम इसमें हिस्सा ले रहे हैं।’ ये बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों से अपील की है कि वो मिलकर हॉर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा करें।

ट्रंप का कहना है कि ईरान के हमलों से ये महत्वपूर्ण जलमार्ग लगभग बंद हो गया है, जिससे दुनिया भर में तेल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। ट्रंप ने चीन, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया जैसे देशों से वॉरशिप्स भेजने की बात कही है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया।

आगजनी के बाद दुबई एयरपोर्ट बंद

दुबई मीडिया ऑफिस के मुताबिक, शहर के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास एक ईंधन टैंक के पास लगी आग लग गई। सिविल डिफेंस की टीमों ने सफलतापूर्वक इसपर काबू पा लिया है। मीडिया ऑफिस के अनुसार इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। वहीं दुबई सिविल एविएशन अथॉरिटी ने बताया कि यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर एयरपोर्ट पर उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने कटक स्थित SCB मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का दौरा किया, जहाँ ट्रॉमा केयर ICU में आग लगने से 10 लोगों की जान चली गई थी।

हम अन्य देशों के साथ जलडमरूमध्य की सुरक्षा और निगरानी के लिए मिलकर काम करने को लेकर बातचीत कर रहे हैं। – ट्रंप

हिमाचल के कई इलाकों में ताजा बर्फबारी

ओडिशा के SCB मेडिकल कॉलेज के ICU में भीषण आग, 10 मरीजों की मौत, 5 की हालत गंभीर

ओडिशा के कटक शहर में SCB मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के ट्रॉमा केयर ICU में देर रात बड़ी आग लग गई। यह हादसा सोमवार सुबह करीब 3 बजे हुआ। इस हादसे में 10 मरीजों की मौत हो गई।

CG: विधानसभा बजट सत्र के11वें दिन कई अहम मुद्दों पर चर्चा की संभावना…

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छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का सोमवार को 11वां दिन है। आज सदन की कार्यवाही के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है, जिसे लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिल सकती है।

सदन में प्रश्नकाल के दौरान खाद्य मंत्री दयालदास बघेल और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े अपने-अपने विभागों से संबंधित सदस्यों के सवालों का जवाब देंगे। इसके साथ ही राज्यपाल द्वारा पुनर्विचार के लिए लौटाए गए एक विधेयक की सूचना भी सदन में पढ़ी जाएगी।

छत्तीसगढ़ विधानसभा घेराव को लेकर कांग्रेस ने किया दावा, 30 हजार कार्यकर्ता होंगे शामिल ;

छत्तीसगढ़  प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मंगलवार को होने वाले विधानसभा घेराव कार्यक्रम की तैयारियों का दावा करते हुए कहा कि प्रदेश के कोने-कोने से 30 हजार से अधिक कार्यकर्ता इस आंदोलन में शामिल होंगे। .