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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात…

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भारत की विकास यात्रा में पश्चिम बंगाल के योगदान को बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास, उद्यमिता के विस्तार और रोजगार सृजन के लिए विभिन्न क्षेत्रों में राउंडटेबल बैठकों का आयोजन करने का निर्णय लिया है। इन बैठकों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, प्रमुख उद्योग संगठन और एमएसएमई एसोसिएशन शामिल होंगे, ताकि क्रेडिट (ऋण) की उपलब्धता को बढ़ाया जा सके।

भारत की विकास यात्रा में पश्चिम बंगाल के योगदान को बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास, उद्यमिता के विस्तार और रोजगार सृजन के लिए विभिन्न क्षेत्रों में राउंडटेबल बैठकों का आयोजन करने का निर्णय लिया है। इन बैठकों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, प्रमुख उद्योग संगठन और एमएसएमई एसोसिएशन शामिल होंगे, ताकि क्रेडिट (ऋण) की उपलब्धता को बढ़ाया जा सके।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की। इस दौरान राज्य के विकास, योजनाओं के विस्तार और आर्थिक गतिविधियों को तेज करने पर चर्चा हुई।

मंत्रालय के बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना और पीएम स्वनिधि जैसी प्रमुख योजनाओं के तहत हर पात्र लाभार्थी तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक नया ‘सैचुरेशन ड्राइव’ चलाया जाएगा।

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि पश्चिम बंगाल के विकास को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप आगे बढ़ाया जाए।

राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में क्रेडिट उपलब्धता और केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी विचार-विमर्श किया गया।

वित्त मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल ग्रामीण बैंक के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को मजबूत किया जा सके और औपचारिक ऋण की पहुंच बढ़ाई जा सके।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि पश्चिम बंगाल से जुड़े उन सभी प्रस्तावों को विशेष सहायता योजना के तहत आगे बढ़ाया जाएगा, जो राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद करेंगे।

साथ ही, वित्त मंत्री ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि विशेष सहायता योजना के सुधार आधारित हिस्से के तहत चिन्हित सुधारों को तेजी से लागू किया जाए।

इस बीच, पश्चिम बंगाल को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना से जोड़ दिया गया है। इसके लिए राज्य सरकार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

 भारत की जीडीपी वृद्धि दर को 6.4 प्रतिशत पर बरकरार…

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वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.4 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। एजेंसी का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी संकट और वैश्विक तेल बाजार की स्थिति आने वाली तिमाहियों में भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार को प्रभावित कर सकती है।

वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.4 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। एजेंसी का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी संकट और वैश्विक तेल बाजार की स्थिति आने वाली तिमाहियों में भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार को प्रभावित कर सकती है।

फिच ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “हम वित्त वर्ष 2027 में जीडीपी वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगा रहे हैं, जो मार्च में जारी अनुमान की तुलना में 0.3 प्रतिशत कम है।”

रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू मांग आर्थिक वृद्धि की मुख्य चालक बनी रहेगी। हालांकि, वास्तविक रूप से आयात में कमी आने से शुद्ध बाहरी मांग का भी वृद्धि में सकारात्मक योगदान रहने की उम्मीद है।

फिच का मानना है कि वित्त वर्ष 2028 में पश्चिम एशिया का संकट कम होने के बाद भारत की आर्थिक वृद्धि फिर से गति पकड़ सकती है। मजबूत उपभोक्ता खर्च और निवेश के चलते वित्त वर्ष 2028 में जीडीपी वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

इसके बाद वित्त वर्ष 2029 में वृद्धि दर धीरे-धीरे अपने सामान्य स्तर पर लौटते हुए 6.4 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है।

फिच के मुख्य अर्थशास्त्री ब्रायन कूल्टन ने कहा कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी वैश्विक आर्थिक विकास की संभावनाओं को प्रभावित कर रही है और इससे जोखिम भी बढ़े हैं।

हालांकि उन्होंने कहा कि दुनिया भर में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) पर खर्च में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जिससे आर्थिक गतिविधियों पर पड़ने वाले नकारात्मक असर को कुछ हद तक संतुलित किया जा रहा है, खासकर एशियाई देशों में।

फिच ने कहा कि भारत में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई अभी तक बहुत अधिक नहीं बढ़ी है, लेकिन आने वाले महीनों में इसमें लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

एजेंसी का अनुमान है कि वर्ष 2026 के अंत तक महंगाई बढ़कर 5.3 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इसके पीछे बेस इफेक्ट और ऊर्जा कीमतों में वृद्धि प्रमुख कारण होंगे।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सामान्य से कम मानसून और देश के कुछ हिस्सों में जारी भीषण गर्मी खाद्य कीमतों को और बढ़ा सकती है, जिससे महंगाई का दबाव और ज्यादा बढ़ सकता है।

भारतीय रुपए को लेकर फिच ने कहा कि उसे इस साल के बाकी समय में रुपए में किसी बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है।

एजेंसी के अनुसार, भारतीय मुद्रा में सीमित उतार-चढ़ाव रह सकता है, लेकिन बड़े स्तर पर मूल्यह्रास की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है।

गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पिछले सप्ताह वित्त वर्ष 2027 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.6 प्रतिशत रखा था।

आरबीआई के अनुसार, पहली तिमाही में वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 6.3 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 6.5 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

हालांकि, केंद्रीय बैंक ने भी चेतावनी दी है कि वैश्विक सप्लाई चेन में लंबे समय तक व्यवधान, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और मौसम से जुड़े झटके भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं।

”आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) खतरा नहीं, बल्कि एक बड़ा अवसर” टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन…”

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टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने मंगलवार को कहा कि टेक्नोलॉजी सर्विसेज इंडस्ट्री के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) खतरा नहीं, बल्कि एक बड़ा अवसर है। साथ ही कहा कि कंपनी की एआई से आय पिछली चार तिमाही से लगातार बढ़ रही है।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने मंगलवार को कहा कि टेक्नोलॉजी सर्विसेज इंडस्ट्री के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) खतरा नहीं, बल्कि एक बड़ा अवसर है। साथ ही कहा कि कंपनी की एआई से आय पिछली चार तिमाही से लगातार बढ़ रही है।

इस दौरान चक्रवृद्धि तिमाही वृद्धि दर (सीक्यूजीआर) में 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। पिछली तिमाही में सालाना आधार पर एआई से आय करीब 2.5 अरब डॉलर थी।

टीसीएस की 31वीं सालाना आम बैठक में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगले तीन सालों में कंपनी में एआई एजेंट की संख्या कर्मचारियों के बराबर हो सकती है, जो टीसीएस में काम करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव होगा।

चंद्रशेखरन ने कहा कि कंपनी अपने इतिहास का “सबसे अहम काम” कर रही है, क्योंकि एआई ग्लोबल टेक्नोलॉजी सर्विस इंडस्ट्री को बदल रहा है।

चंद्रशेखरन के मुताबिक, एआई को अपनाने के कारण तीन-चौथाई कंपनियों को लगता है कि अगले दो वर्षों में टेक्नोलॉजी पर खर्च बढ़ सकता है।

उन्होंने कहा कि निवेशकों की चिंताओं और हाल ही में पूरे आईटी सेक्टर पर बने दबाव के बावजूद, कंपनी के फंडामेंटल मजबूत बने हुए हैं; इसमें स्थिर मार्जिन, बढ़ती रेवेन्यू और मजबूत डील पाइपलाइन शामिल हैं।

उन्होंने समझाया, “आज एआई मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर और कंप्यूटर की दुनिया में मौजूद है, लेकिन जल्द ही यह असल दुनिया में भी अपनी जगह बना लेगा, जैसे स्टोर, फैक्ट्रियां, वेयरहाउस, एनर्जी नेटवर्क, गाड़ियां और सप्लाई चेन। इसके लिए ऐसे एक्सपर्ट्स की जरूरत होगी जो आईटी, एआई और फिजिकल इक्विपमेंट व इन्फ्रास्ट्रक्चर को आपस में जोड़ना जानते हों।”

आईटी सर्विस इंडस्ट्री में एआई के कारण नौकरियां जाने की चिंताओं पर बात करते हुए, उन्होंने माना कि एक अहम सवाल सामने आया है: अगर एआई ज्यादातर काम कर सकता है, तो उन सर्विस को देने के लिए बने सेक्टर का क्या होगा?

हालांकि, उन्होंने कहा कि यह डर इस गलतफहमी पर आधारित है कि एआई एंटरप्राइज सिस्टम के साथ कैसे काम करेगा।

 

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस 3,050 करोड़ रुपए में इंटेलीस्मार्ट में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी…

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ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) ने मंगलवार को स्मार्टमीटर कंपनी इंटेलीस्मार्ट में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए सिक्योरिटी परचेस एंड सब्सक्रिप्शन एग्रीमेंट (एसपीएसए) साइन किया। इस लेनदेन की वैल्यू 3,050 करोड़ रुपए है।

ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) ने मंगलवार को स्मार्टमीटर कंपनी इंटेलीस्मार्ट में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए सिक्योरिटी परचेस एंड सब्सक्रिप्शन एग्रीमेंट (एसपीएसए) साइन किया। इस लेनदेन की वैल्यू 3,050 करोड़ रुपए है।

कंपनी की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि यह प्रस्तावित अधिग्रहण एईएसएल की स्मार्ट मीटर सेंगमेंट में पॉजिशन को मजबूत करेगा और इससे कंपनी के कुल स्मार्ट मीटर पोर्टफोलियो का साइज बढ़कर 4.7 करोड़ मीटर्स से अधिक हो जाएगा।

एईएसएल ने कहा कि इस डील में इंटेलीस्मार्ट की पूरी इक्विटी शेयर कैपिटल को खरीदना और एनआईआईएफ के पास मौजूद ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर का रिडेम्पशन (भुगतान) शामिल है।

यह डील रेगुलेटरी मंजूरी और क्लोजिंग से जुड़ी अन्य सामान्य शर्तों के पूरा होने पर निर्भर करती है।

इंटेलीस्मार्ट, नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईएफ) और एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) के बीच स्मार्ट मीटरिंग का एक प्रमुख जॉइंट वेंचर है। यह उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और असम में 2.2 करोड़ से ज्यादा स्मार्ट मीटर का पोर्टफोलियो ओन और ऑपरेट करता है।

कंपनी ने कहा कि तेजी से बढ़ रहे कई कंज्यूमर मार्केट में इंटेलीस्मार्ट की मौजूदगी से भविष्य में विस्तार के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म मिलने की उम्मीद है।

एईएसएल के सीईओ कंदर्प पटेल ने कहा, “इंटेलीस्मार्ट के अधिग्रहण से हमारा दायरा और काम करने की क्षमता बढ़ती है, जिससे हम टेक्नोलॉजी-आधारित समाधानों के जरिए भारत के बिजली वितरण के आधुनिकीकरण में मदद कर सकते हैं।”

एईएसएल ने कहा कि यह अधिग्रहण ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक दोनों तरह के मौकों के जरिए वैल्यू बढ़ाने वाली ग्रोथ हासिल करने की उसकी रणनीति के अनुरूप है।

कंपनी को उम्मीद है कि इस सौदे से बड़े पैमाने पर काम करने के फायदे, ऑपरेशन और रखरखाव की लागत को बेहतर बनाने और अपने व्यापक एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म के साथ इंटीग्रेशन के जरिए ऑपरेशनल तालमेल बनेगा।

इंटेलीस्मार्ट के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ अनिल रावल ने कहा कि यह सौदा कंपनी के लिए एक अहम पड़ाव है और इससे भारत के बिजली वितरण सेक्टर में डिजिटलाइजेशन में तेजी आने की उम्मीद है।

एनआईआईएफ के मैनेजिंग पार्टनर विनोद गिरी ने कहा कि इंटेलीस्मार्ट का देश के प्रमुख स्मार्ट मीटरिंग प्लेटफॉर्म में से एक के तौर पर विकास, उभरते सेक्टर में इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस बनाने और उन्हें बड़े पैमाने पर ले जाने की फंड की क्षमता को दिखाता है।

उन्होंने आगे कहा कि यह सौदा एनआईआईएफ की इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश रणनीति में एक अहम पड़ाव है और यह उसे वैल्यू अनलॉक करने के साथ-साथ भारत के डिजिटल और एनर्जी ट्रांजिशन में मदद जारी रखने में सक्षम बनाता है।

ईईएसएल के सीईओ अखिलेश दीक्षित ने कहा कि कंपनी भारत के बिजली सेक्टर में एनर्जी दक्षता और डिजिटल बदलाव को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सौदा बड़े पैमाने पर बिजली वितरण कंपनियों और कंज्यूमर्स को सेवा देने की इंटेलीस्मार्ट की क्षमता को और मजबूत करेगा।

भारत का नया AI मिशन, नेटवेब टेक्नोलॉजीज का योगदान…

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भारत ने 10,372 करोड़ रुपये के ‘इंडिया एआई मिशन’ की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य स्वदेशी AI तकनीकों को बढ़ावा देना है। इस पहल से नेटवेब टेक्नोलॉजीज और E2E नेटवर्क्स जैसी कंपनियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। नेटवेब ने अपने AI कारोबार में 459.6 फीसदी की वृद्धि की है, जबकि E2E नेटवर्क्स ने अपने क्लाउड प्लेटफॉर्म के माध्यम से विदेशी सर्वरों पर निर्भरता कम करने की योजना बनाई है। जानें कैसे ये कंपनियां इस नई तकनीकी क्रांति का हिस्सा बन रही हैं।

भारत का नया AI मिशन

भारत अब केवल विदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीकों का उपभोक्ता नहीं रहना चाहता। सरकार ने देश में एक मजबूत डिजिटल ढांचे के निर्माण के लिए 10,372 करोड़ रुपये के ‘इंडिया एआई मिशन’ की शुरुआत की है। इस महत्वपूर्ण पहल के तहत स्वदेशी AI मॉडल, भारतीय भाषाओं के डेटा सेट और सुपरफास्ट कंप्यूटर नेटवर्क का विकास किया जा रहा है। अब तक देशभर में 38,000 से अधिक GPU स्थापित किए जा चुके हैं। इस ऐतिहासिक कदम ने शेयर बाजार में भी हलचल मचा दी है, और निवेशकों की नजर उन स्थानीय कंपनियों पर है जो इस नई तकनीकी क्रांति का आधार तैयार कर रही हैं।

नेटवेब टेक्नोलॉजीज का योगदान

नेटवेब टेक्नोलॉजीज भारत की उन कंपनियों में से एक है जो हाई-एंड कंप्यूटिंग के लिए पूरी तरह से स्वदेशी समाधान प्रदान कर रही है। इस कंपनी का मुख्य ध्यान प्राइवेट क्लाउड सिस्टम पर है। इंडिया एआई मिशन के तहत जब सरकार अपना ढांचा स्थापित कर रही है, तब नेटवेब एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभर रही है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी के AI कारोबार में 459.6 फीसदी की वृद्धि हुई है, जो अब इसकी कुल कमाई का 43.4 फीसदी हिस्सा बन चुका है। इसके अलावा, यह टीसीएस, विप्रो और इंफोसिस जैसी बड़ी IT कंपनियों को भी आवश्यक हार्डवेयर प्रदान कर रही है।

चिप निर्माताओं के साथ सहयोग

नेटवेब केवल बाहर से कंप्यूटर के पुर्जे जोड़ने तक सीमित नहीं है। इसने 15,000 वर्गफुट की एक आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री स्थापित की है, जहां हाईकैपेसिटी GPU सिस्टम का निर्माण किया जाता है। भविष्य की मांग को देखते हुए, यह कंपनी Nvidia, AMD और Intel जैसी प्रमुख चिप निर्माताओं के साथ अनुसंधान में जुटी है। शेयर बाजार में भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जहां पिछले एक वर्ष में निवेशकों को 136.85 फीसदी का रिटर्न मिला है। हालांकि, हाल ही में इसके शेयर में 5.44 फीसदी की गिरावट देखी गई।

E2E नेटवर्क्स की रणनीति

इस क्षेत्र में एक और प्रमुख कंपनी E2E नेटवर्क्स है, जिसने ‘सॉवरेन बाय डिजाइन’ रणनीति के तहत अपना विशेष क्लाउड प्लेटफॉर्म विकसित किया है। इसका अर्थ है कि भारत का महत्वपूर्ण डेटा अब विदेशी सर्वरों पर निर्भर नहीं रहेगा। वर्तमान में, यह कंपनी सरकारी एजेंसियों और एआई स्टार्टअप्स को अपनी सेवाएं प्रदान कर रही है। E2E नेटवर्क्स दिल्ली-एनसीआर और तमिलनाडु में लगभग 5,050 क्लाउड GPU का सफल संचालन कर रही है।

भविष्य के लिए निवेश योजनाएं

बाजार की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए E2E नेटवर्क्स ने 533.4 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश योजना बनाई है। कंपनी NVIDIA के 1,024 एडवांस Blackwell GPU का पहला क्लस्टर स्थापित कर रही है, और वित्त वर्ष 2027 तक इनकी संख्या दोगुनी होने की उम्मीद है। इसके साथ ही, ग्राहकों को एक ही स्थान पर सभी सेवाएं प्रदान करने के लिए ‘TIR’ नामक एक विशेष प्लेटफॉर्म भी विकसित किया गया है। हाल ही में, E2E नेटवर्क्स के शेयरों में 4.98 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 452.90 रुपये पर पहुंच गया। पिछले एक वर्ष में, इस शेयर ने निवेशकों को लगभग 65.78 फीसदी का लाभ दिया है।

इबोला वायरस के प्रति सतर्कता बढ़ाई गई, इबोला वायरस का खतरा…

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आंध्र प्रदेश सरकार ने इबोला वायरस के बढ़ते खतरे के मद्देनजर सुरक्षा उपायों को सख्त कर दिया है। राज्य में विदेश से आने वाले यात्रियों की विशेष निगरानी की जा रही है, और गन्नावरम हवाई अड्डे पर उनकी जांच की जा रही है। जानें कि कैसे यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है और इबोला वायरस के खिलाफ क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

इबोला वायरस के प्रति सतर्कता बढ़ाई गई

आंध्र प्रदेश सरकार ने इबोला वायरस के बढ़ते वैश्विक खतरे के मद्देनजर राज्य में सुरक्षा उपायों को सख्त कर दिया है। विजयवाड़ा के जीजीएच अस्पताल की डॉ. सुजाना ने जानकारी दी कि विदेश से लौटने वाले यात्रियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और गन्नावरम हवाई अड्डे पर उनकी स्वास्थ्य जांच की जा रही है। पिछले 20 दिनों से सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए स्क्रीनिंग प्रक्रिया लागू की गई है। विशेष रूप से, सिंगापुर से आने वाले यात्रियों की हर सप्ताह तीन बार, मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को जांच की जाती है।

यात्रियों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया

डॉ. सुजाना ने बताया कि आज सिंगापुर से आए 127 यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई। इसके अलावा, पिछले सप्ताह गन्नावरम हवाई अड्डे पर हज यात्रियों के लिए विशेष स्क्रीनिंग की गई, जिसमें दिन और रात दोनों समय की जांच शामिल थी। अब तक किसी भी यात्री में इबोला के लक्षण नहीं पाए गए हैं। यदि कोई संदिग्ध लक्षण दिखाता है, तो उन्हें अलग रखने के लिए संगरोध कक्ष तैयार किए गए हैं।

इबोला वायरस का खतरा

इबोला रोग बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के इबोला वायरस के संक्रमण से उत्पन्न होता है, जो एक गंभीर वायरल रक्तस्रावी बुखार है। इसकी मृत्यु दर बहुत अधिक है और वर्तमान में इस स्ट्रेन के खिलाफ कोई वैक्सीन या विशिष्ट उपचार उपलब्ध नहीं है। केंद्र सरकार ने नागरिकों को कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। कांगो और युगांडा में संक्रमण के मामलों की बढ़ती संख्या के कारण, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 17 मई, 2026 को इसे अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया।

अफ्रीका में इबोला का प्रकोप

अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (अफ्रीका सीडीसी) ने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के इबोला के प्रकोप को महाद्वीपीय सुरक्षा का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। 22 मई को, डब्ल्यूएचओ की आपातकालीन समिति ने निगरानी को मजबूत करने के लिए अस्थायी सिफारिशें जारी कीं, ताकि बुंडीबुग्यो वायरस से प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले अज्ञात बुखार से पीड़ित यात्रियों का पता लगाया जा सके और उनका उचित प्रबंधन किया जा सके।

शेयर बाजार का प्रदर्शन, बैंकिंग शेयरों का प्रमुख योगदान …

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मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने बैंकिंग शेयरों के नेतृत्व में मजबूती दिखाई। सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त के साथ, आरबीआई द्वारा विदेशी पूंजी प्रवाह को आकर्षित करने के लिए उठाए गए कदमों ने बाजार को समर्थन दिया। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों के स्पष्ट होने तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। जानें इस विषय में और क्या कहा गया है।

शेयर बाजार का प्रदर्शन

मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया, जिसमें बैंकिंग शेयरों का प्रमुख योगदान रहा। बाजार बंद होने पर, सेंसेक्स 394.50 अंक या 0.54% की वृद्धि के साथ 73,918.76 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 119.10 अंक या 0.52% बढ़कर 23,242.10 पर रहा। बैंक निफ्टी में लगभग 2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने प्रमुख भूमिका निभाई। यह वृद्धि तब हुई जब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने विदेशी पूंजी प्रवाह को आकर्षित करने के लिए अपने रियायती फॉरेक्स स्वैप सुविधाओं के संचालन विवरण जारी किए। प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में बैंक ऑफ बड़ौदा ने 5 प्रतिशत, केनरा बैंक ने 3.7 प्रतिशत, पंजाब नेशनल बैंक ने 3.6 प्रतिशत, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने 2.1 प्रतिशत और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने लगभग 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।

जियोजिट इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “घरेलू बाजार हाल की तेज गिरावट के बाद हल्की रिकवरी देख रहे हैं, जो ईरान-इजराइल तनाव में विराम और नरम कच्चे तेल की कीमतों से समर्थित है। हालांकि, भावना अभी भी नाजुक है, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के निरंतर निकासी और उच्च बांड यील्ड्स के साथ वैश्विक मैक्रो डायनामिक्स के विकास को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। अब ध्यान आगामी अमेरिकी मुद्रास्फीति डेटा पर है, जो फेड नीति और वैश्विक तरलता पर अपेक्षाओं को आकार देने में महत्वपूर्ण होगा, खासकर जब अमेरिकी आर्थिक डेटा मजबूत है।”

“निकट भविष्य में, बाजारों में उतार-चढ़ाव और सीमाबद्धता बनी रहने की संभावना है, निवेशक तब तक सतर्क रहेंगे जब तक स्पष्ट वैश्विक संकेत नहीं मिलते, जबकि Q4FY26 की आय थोड़ी बेहतर रही है, वहीं Q1FY27 का दृष्टिकोण कमजोर बना हुआ है।”

Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड राज्यसभा चुनाव. झारखंड में चुनाव दिलचस्प होने जा रहे हैं.’

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Jharkhand Rajya Sabha Election: बीजेपी का कहना है कि विधायकों की संख्या पूरी न पड़ने पर पार्टी ने निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को समर्थन दिया है. कांग्रेस का दावा है कि इससे फर्क नहीं पड़ेगा.

गुजरात के कारोबारी और आंध्र प्रदेश के सांसद की अब झारखंड की सियासत में एंट्री हो गई है. YSR कांग्रेस पार्टी से सांसद परिमल नाथवानी को BJP नीत गठबंधन NDA ने झारखंड राज्यसभा चुनावल के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर समर्थन दिया है. इसके बाद से झारखंड में चुनाव दिलचस्प होने जा रहे हैं.

झारखंड की दो सीटों पर अब तीन उम्मीदवार मैदान में हैं. हेमंत सोरेन ने अपनी पार्टी JMM की ओर से दलित चेहरे बैद्यनाथ राम को चुना है. वहीं, कांग्रेस के प्रणव झा भी चुनावी मैदान में हैं. इसी के साथ अब एनडीए ने निर्दलीय परिमल नाथवानी को समर्थन देकर यह चुनाव दिलचस्प बना दिया है. अब फोकस इस बात पर है कि क्या NDA समर्थित उम्मीदवार, विपक्षी गठबंधन की संख्या और जीत के लिए जरूरी वोटों के बीच के अंतर को पाट पाएंगे?

परिमल नाथवानी ने सभी पार्टियों से मांगा था समर्थन

झारखंड राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने के बाद निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने सभी पार्टियों से अपील की कि उन्हें समर्थन दें. इस दौरान परिमल ने कहा कि उनके सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ अच्छे संबंध हैं.

परिमल नाथवानी को समर्थन देने पर क्या बोली BJP?

राज्यसभा के लिए परिमल नाथवानी को समर्थन देने पर बीजेपी नेता प्रतुल शाहदेव ने कहा, “बीजेपी ने आखिरी पल तक झारखंड में अपनी पार्टी के ही किसी कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाने की कोशिश की, लेकिन हमारे पास जरूर संख्या नहीं थी. हमारे पास 21 विधायक हैं, जबकि 28 की जरूरत है. गठबंधन सहयोगियों को मिलाकर भी यह संख्या सिर्फ 24 तक ही पहुंचती. हमने पूरी कोशिश की, लेकिन जब हालात हमारे पक्ष में नहीं रहे तो परिमल नाथवानी का समर्थन करने का फैसला किया.”

बीजेपी नेता ने कहा कि परिमल एक निर्दलीय उम्मीदवार हैं, जो पहले भी दो बार राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं और उनके काम का रिकॉर्ड बहुत अच्छा रहा है. परिमल नाथवानी ने हमसे बीजेपी से समर्थन मांगा और पार्टी ने उन्हें समर्थन दिया.

परिमल नाथवानी पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया 

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड कांग्रेस के पर्यवेक्षक भूपेश बघेल ने राज्यसभा चुनाव और परिमल नाथवानी के नामांकन पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने काह कि झारखंड में राज्यसभा को लेकर कांग्रेस की रणनीति पक्की है. कांग्रेस-झामुमो का महागठबंधन एकजुट है. हम ही जीतेंगे.

वहीं, परिमल नाथवानी को लेकर भूपेश बघेल ने कहा, “बीजेपी ने धन पशु को समर्थन दिया है. झारखंड में हमारी सरकार है, वहां हॉर्स ट्रेडिंग नहीं होगी. विधायकों को शिफ्ट करने की जरूरत नहीं है.”

क्या भारत में दिखेगा चंद्र ग्रहण, रक्षाबंधन पर पड़ेगा प्रभाव?

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साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर लगने वाला है. क्या ये भारत में दिखाई देगा, क्या इसका सूतक काल मान्य होगा, राखी बांधने में क्या कोई अड़चन आएगी जानें.

इस साल रक्षाबंधन पर 28 अगस्त 2026 को चंद्र ग्रहण का साया मंडरा रहा है. चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा पर लगता है. रक्षाबंधन पर सावन पूर्णिमा पर लगने वाला आंशिक चंद्र ग्रहण होगा. ऐसे में राखी के त्योहार की खुशियों पर क्या ग्रहण लगेगा, क्या ये ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा, कैसे मनेगा रक्षाबंधन का त्योहार जान लें.

हिंदू धर्म में सूर्य और चंद्र ग्रहण को विशेष महत्व दिया जाता है. वहीं खगोलीय दृष्टि से भी ग्रहण ऐसी घटना मानी जाती है जिसे दुनियाभर के वैज्ञानिक ध्यान से देखते हैं. साथ ही ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से ये महत्वपूर्ण माना जाता है.

कब लगेगा चंद्र ग्रहण 2026?

भारतीय समयानुसार यह चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को सुबह 06:53 बजे शुरू होकर दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा. इसकी कुल अवधि लगभग 5 घंटे 39 मिनट मानी जा रही है. खगोलीय रूप से यह एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण माना जा रहा है, जिसमें चंद्रमा का बड़ा हिस्सा पृथ्वी की छाया में आ जाएगा. इस दौरान चंद्रमा तांबे या हल्के लाल रंग का दिखाई दे सकता है, इसी वजह से इसे कई बार ब्लड मून भी कहा जाता है.

किस राशि और नक्षत्र में लगेगा ग्रहण?

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह चंद्र ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र से जुड़ा माना जा रहा है. इसलिए इस राशि के जातकों के लिए इसे विशेष रूप से चर्चा का विषय माना जा रहा है. हालांकि व्यक्तिगत प्रभाव कुंडली की स्थिति पर भी निर्भर करता है.

क्या भारत में दिखेगा चंद्र ग्रहण, रक्षाबंधन पर पड़ेगा प्रभाव?

इस बार रक्षाबंधन और चंद्र ग्रहण एक ही दिन पड़ रहे हैं, लेकिन एस्ट्रोलॉजर अनीष व्यास के अनुसार भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा. ग्रहण वहीं प्रभावी माना जाता है जो किसी स्थान पर दृश्य हो. चूंकि यह ग्रहण भारत में दृश्य नहीं माना जा रहा है, इसलिए यहां सूतक काल लागू नहीं माना जाएगा.

इसी कारण भारत में रक्षाबंधन के पर्व पर ग्रहण का प्रभाव नहीं रहेगा. बहनें शुभ मुहूर्त के अनुसार सामान्य रूप से राखी बांध सकती हैं, हालांकि भद्रा काल जरुर देख लें.

कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण?

साल का आखिरी और दूसरा चंद्र ग्रहण दुनिया मुख्य रूप से अमेरिका के कुछ क्षेत्र, यूरोप, प्रशांत महासागर क्षेत्र, अटलांटिक महासागर के आसपास के क्षेत्र और अफ्रीका में दिखाई देगा. इन स्थानों पर लोगों को चंद्रमा का रंग सामान्य से अलग और अधिक लाल दिखाई दे सकता है.

पाकिस्तान उच्चायोग ने 737 भारतीय तीर्थयात्रियों को वीजा जारी…

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पाकिस्तान उच्चायोग ने 737 भारतीय तीर्थयात्रियों को वीजा जारी किए हैं. एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई. सालाना उत्सव 10 से 19 जून तक आयोजित किया जाएगा.

पाकिस्तान में पांचवें सिख गुरु अर्जुन देव के शहीदी दिवस को लेकर आयोजित होने वाले वार्षिक उत्सव में शामिल होने के इच्छुक भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए अच्छी खबर है. पाकिस्तान उच्चायोग ने 737 भारतीय तीर्थयात्रियों को वीजा जारी किए हैं. एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई. सालाना उत्सव 10 से 19 जून तक आयोजित किया जाएगा.

पवित्र तीर्थस्थलों में टेक सकेंगे मत्था

नयी दिल्ली स्थित पाक उच्चायोग ने सोमवार  (8 जून) को जारी बयान में यह घोषणा की. बयान के मुताबिक, पाकिस्तान उच्चायोग ने भारत से आने वाले 737 तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान में 10 से 19 जून तक आयोजित होने वाले वार्षिक उत्सव में भाग लेने के लिए वीजा जारी किए हैं.तीर्थयात्री इस यात्रा के दौरान गुरुद्वारा पंजा साहिब, गुरुद्वारा ननकाना साहिब और गुरुद्वारा करतारपुर साहिब सहित अन्य तीर्थस्थलों में मत्था टेकेंगे.

पाक उच्चायुक्त ने दीं शुभकामनाएं

भारत में पाकिस्तान के कार्यवाहक उच्चायुक्त साद अहमद वाराइच तीर्थयात्रियों को सफल यात्रा की शुभकामनाएं दीं. भारतीय श्रद्धालुओं को वीजा जारी करना 1974 के धार्मिक स्थलों की यात्रा संबंधी द्विपक्षीय प्रोटोकॉल को पूरी तरह से लागू करने की पाकिस्तान सरकार की जिम्मेदारी के अनुरूप है.

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को मिले 541 सिख तीर्थयात्रियों के वीजा

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को 541 सिख तीर्थयात्रियों के वीजा मिले हैं, जो पांचवें सिख गुरु अर्जन देव की शहादत की वर्षगांठ के मौके पर ऐतिहासिक सिख तीर्थस्थलों पर दर्शन करने के लिए पाकिस्तान की यात्रा करेंगे.

10 जून को रवाना होगा तीर्थयात्रियों का जत्था

एसजीपीसी की धर्म प्रचार समिति के सचिव गुरिंदर सिंह मथरेवाल ने सोमवार ( 8 जून) को यहां बताया कि सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था ने 561 तीर्थयात्रियों के पासपोर्ट नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास में जमा कर दिए हैं. तीर्थयात्रियों का जत्था बुधवार को एसजीपीसी मुख्यालय से रवाना होगा. मथरेवाल ने कहा कि जिन तीर्थयात्रियों के वीजा स्वीकृत हो गए हैं, उन्हें 9 जून को कार्यालयीन समय के दौरान एसजीपीसी कार्यालय से अपने पासपोर्ट प्राप्त कर लेने चाहिए.