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स्वच्छता में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने में स्वच्छता दीदियों का अमूल्य योगदान : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज ‘स्वच्छता संगम’ में शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने में अहम योगदान देने वाली स्वच्छता दीदियों के पैर पखारकर उनका सम्मान किया। बिलासपुर के बहतराई इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में 260 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। उन्होंने घोषणा की कि स्वच्छता में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले नगरीय निकाय को एक करोड़ रुपए, दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले को 50 लाख रुपए तथा तीसरा स्थान पाने वाले को 25 लाख रुपए की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर विधायकगण श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह, श्री दिलीप लहरिया और श्री सुशांत शुक्ला, बिलासपुर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पाण्डेय, क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेन्द्र सवन्नी तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी सहित अनेक जनप्रतिनिधि ‘स्वच्छता संगम-2025’ में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘स्वच्छता संगम’ के सफल आयोजन के लिए नगरीय प्रशासन विभाग को बधाई देते हुए कहा कि स्वच्छता के क्षेत्र में हमारी सफाई दीदियों का योगदान अतुलनीय है, और आज उनके पैर पखारकर हमने उन्हें सम्मानित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2014 में स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी। तब से हम निरंतर स्वच्छता के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए नई उपलब्धियां अर्जित कर रहे हैं और छत्तीसगढ़ ने इस दिशा में उल्लेखनीय सफलता पाई है। यह उपलब्धियां हमें और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए विभिन्न नवाचार लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर ‘हर घर तिरंगा’ लहराने और प्रदेश को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए जनसहभागिता का आह्वान किया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के इतिहास का गौरवशाली दिन है। प्रधानमंत्री ने 2014 में स्वच्छता का बीड़ा उठाया और आज यह जन आंदोलन का रूप ले चुका है। स्वच्छता में प्रगति करते हुए हमने राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाई है और राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री से पुरस्कार प्राप्त किए हैं। हमारे नगरीय निकायों को राष्ट्रीय स्तर पर छह पुरस्कार प्राप्त होना गर्व की बात है। रायपुर नगर निगम को गार्बेज-फ्री सिटी में सेवन-स्टार रेटिंग मिली है। 20 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों में अकेले छत्तीसगढ़ के 58 शहरों को थ्री-स्टार रेटिंग प्राप्त हुई है। सोर्स सेग्रीगेशन और अपशिष्ट प्रबंधन में भी हमारे शहरों ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हैं। स्वच्छता के सभी मापदंडों पर छत्तीसगढ़ में तेजी से कार्य हो रहा है। हमारा उद्देश्य है कि हमारे शहर स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनें तथा स्वच्छता छत्तीसगढ़ की पहचान बने।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25 में राज्य के 115 शहरों ने अपनी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किया है। स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सात नगरीय निकायों को नई दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के हाथों पुरस्कृत होने का गौरव प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में इन नगरीय निकायों के साथ ही संभाग स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 30 से अधिक नगरीय निकायों को भी सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने संपत्ति कर जमा करने का ऑनलाइन पोर्टल किया लॉन्च

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में तीन नगर निगम—बिरगांव, भिलाई-चरोदा और धमतरी—तथा 43 नगर पालिकाओं में ऑनलाइन संपत्ति कर जमा करने की सुविधा के लिए जीआईएस आधारित प्रॉपर्टी टैक्स लाइव पोर्टल का शुभारंभ किया। एक साथ 46 शहरों में ऑनलाइन संपत्ति कर भुगतान की यह सुविधा स्थानीय स्वशासन को आधुनिक बनाने और नागरिकों को घर बैठे सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे कर संग्रहण में भी तेजी आएगी।

‘स्वच्छता संगम’ में नगरीय निकायों में स्वच्छता और शहरी सौंदर्यीकरण के मानकों को ऊंचा उठाने के लिए राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ भी किया गया। मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25 पर आधारित वीडियो का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने 63.57 करोड़ के 24 कार्यों का किया लोकार्पण, 197 करोड़ से अधिक के 25 कार्यों का किया भूमिपूजन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘स्वच्छता संगम’ में 260 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने बिलासपुर जिले में विभिन्न विभागों के 63 करोड़ 57 लाख रुपए की लागत के 24 निर्माण एवं विकास कार्यों का लोकार्पण किया तथा 197 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के 25 कार्यों का भूमिपूजन भी किया।

इस अवसर पर संभागायुक्त श्री सुनील जैन, पुलिस महानिरीक्षक श्री संजीव शुक्ला, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, सभी नगरीय निकायों के महापौर, सभापति, नगर पालिका एवं नगर पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, निगम आयुक्त, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगरीय निकायों के वरिष्ठ अभियंता, स्वच्छता दीदियां एवं स्वच्छता कमांडोज़ बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय को बस्तर के ऐतिहासिक ‘गोंचा महापर्व’ का आमंत्रण : ‘तुपकी’ भेंट कर किया गया सम्मान

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मुख्यमंत्री साय पायनियर समूह के स्थापना दिवस एवं छत्तीसगढ़ राज्य के स्वप्नदृष्टा एवं निर्माता भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में आयोजित संगोष्ठी समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन राजधानी स्थित श्री बालाजी मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने की।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वासियों के लिए नए राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ का निर्माण भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की ही देन है। हम उनके सपनों के अनुरूप छत्तीसगढ़ के चहुंमुखी विकास पथ पर अग्रसर हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत गांवों का देश है और गांव-गांव में सड़कों का जाल बिछाने में भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का महत्वपूर्ण योगदान है। गांव तक आज विकास की जो धार पहुंची है, वह अटल जी का ही आशीर्वाद है। उनके शासनकाल में ही देश में स्वर्णिम चतुर्भुज योजना लागू हुई और टेलीकॉम इंडस्ट्री में भी महत्वपूर्ण कार्य हुए। श्री अटल जी ने ही देश में अनुसूचित जनजाति का अलग से विभाग गठित कर आदिवासी क्षेत्रों के विकास का मार्ग प्रशस्त किया।

कार्यक्रम में पायनियर समूह के 10 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री ने समूह को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज जिस निर्भीकता एवं निष्पक्षता के साथ पायनियर समूह ने छत्तीसगढ़ में 10 साल पूरे किए हैं, वह अत्यंत सराहनीय है। आगे भी इसी निर्भीकता और निष्पक्षता से बढ़ते हुए यह समूह आम जनता की आवाज बने। इसके साथ ही उन्होंने बालाजी ग्रुप द्वारा महिलाओं की नि:शुल्क डिलीवरी एवं उपचार करने के कार्य की सराहना करते हुए बधाई दी।

श्री अटल जी को याद करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्हें 2004 तक सांसद के रूप में उनके साथ कार्य करने का अवसर मिला। वे देश में तीन बार प्रधानमंत्री बने और वादे के अनुरूप सन 2000 में मध्यप्रदेश से अलग कर छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। वे न केवल कुशल राजनीतिज्ञ, बल्कि साहित्यकार और कवि भी थे। वे अपने भाषणों और बातों को बेहद सधी हुई और प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत करते थे। विपक्षी भी उनके भाषण के कायल होते थे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि पायनियर रायपुर संस्करण का शुभारंभ 2016 में हुआ था और आज यह 10वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस 10 साल की यात्रा आसान नहीं थी। उन्होंने समूह को इसके लिए बधाई दी। उन्होंने याद किया कि पायनियर के प्रथम संस्करण 2016 के शुभारंभ अवसर पर अरुण जेटली जी उपस्थित हुए थे और उन्होंने अपनी शुभकामनाएं दी थीं। आज 10 साल बाद पायनियर व बालाजी ग्रुप न केवल स्वास्थ्य के क्षेत्र में, बल्कि समाचार जगत में भी गौरवपूर्ण स्थान बना चुका है और पायनियर को गांव-गांव तक पहुंचाने का कार्य किया है। पायनियर ने 169 सालों से अलग-अलग शहरों में अपनी यात्रा जारी रखते हुए नाम कमाया है।

अटल जी को याद करते हुए डॉ. रमन सिंह ने कहा कि वे कई समाचार पत्रों के संपादक भी रहे। ग्रामीण सड़क योजना के माध्यम से गांवों को जोड़ने का काम श्रद्धेय अटल जी ने किया। सर्व शिक्षा अभियान के तहत उन्होंने बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के कार्य भी किए। विदेश के दबाव के बावजूद परमाणु परीक्षण हमारे अटल जी के नेतृत्व में ही पूरा हो पाया। इस दौरान उन्होंने अटल जी से जुड़े 45 साल पुराने कई संस्मरण भी साझा किए।

इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्थापना दिवस की बधाई दी। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, बसना विधायक श्री संपत अग्रवाल, डॉ. देवेंद्र नायक, डॉ. नीता नायक सहित पायनियर समूह और बालाजी ग्रुप के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

ड्रेसर ग्रेड-1 एवं ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (महिला) पदों पर भर्ती हेतु चयन सूची जारी

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जिले में फार्मासिस्ट ग्रेड-2, ड्रेसर ग्रेड-1, ड्रेसर ग्रेड-2, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (पुरुष), ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (महिला) एवं डार्करूम असिस्टेंट के कुल 90 पदों पर भर्ती हेतु 11 जुलाई 2025 तक विभागीय वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि पूर्व में चयनित अभ्यर्थियों द्वारा निर्धारित समय सीमा में कार्यभार ग्रहण नहीं किए जाने के कारण, ड्रेसर ग्रेड-1 एवं ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (महिला) पदों पर चयन सह प्रतीक्षा सूची से अभ्यर्थियों का चयन कर नियुक्ति आदेश जारी किया गया है। यह आदेश कार्यालयीन सूचना पटल पर चस्पा कर दिया गया है तथा जिले की वेबसाइट
www.raigarh.gov.in
एवं
https://cghealth.nic.in
in पर भी अपलोड कर दिया गया है। विस्तृत जानकारी के लिए उक्त वेबसाइट का अवलोकन कर सकते हैं।

आईटीआई खरसिया में प्रवेश हेतु पंजीयन प्रारंभ

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शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) खरसिया, जिला रायगढ़ में प्रवेश सत्र 2025-26 एवं 2025-27 हेतु एक वर्षीय एवं द्विवर्षीय व्यवसायों में रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। संचालनालय से प्राप्त पंचम एवं षष्ठम चरण के प्रवेश शेड्यूल के अनुसार 12 से 16 अगस्त 2025 तक अभ्यर्थी ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं।
प्रवेश सत्र 2025-26 के अंतर्गत निम्न एक वर्षीय व्यवसायों में प्रवेश हेतु वेल्डर, कोपा एवं सुइंग टेक्नालाजी एवं प्रवेश सत्र 2025-27 के अंतर्गत द्विवर्षीय व्यवसाय में फिटर तथा विद्युतकार के रिक्त सीटों पर प्रवेश प्रारंभ है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथि के भीतर पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। पात्रता संबंधी विवरण, आवश्यक दस्तावेज एवं अन्य जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध है।

छात्रा के रूह कंपा देने वाले खुलासे के बाद धरे गए तीनों हैवान, नाबालिग से बारी-बारी से किया था दुष्कर्म

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सूरजपुर जिले के एक स्कूल में ‘गुड टच-बैड टच’ जागरूकता को लेकर आयोजित एक कार्यक्रम में 8वीं क्लास की एक नाबालिग छात्रा द्वारा किए गए रूह कंपा देने वाले खुलासे के बाद सूरजपुर पुलिस ने एक विशेष टीम गठित कर उन तीन हैवानों को दबोच लिया, जिन्होंने छात्रा से बारी-बारी से दुष्कर्म किया था.

गुड टच-बैड टच जागरूकता कार्यक्रम में नाबालिग ने स्कूल की महिला शिक्षिका को बताया था कि एक साल पहले उसके साथ उसके गांव के ही 3 युवकों ने अलग-अलग समय पर दुष्कर्म किया था. पुलिस ने सभी तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उन्हें जेल भेज दिया है.

क्लास 8 नाबालिग छात्रा ने स्कूल की शिक्षिका को सुनाई थी आपबीती
रिपोर्ट के मुताबिक मामला चांदनी थाना क्षेत्र निवासी क्लास 8 में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा से जुड़ा है. छात्रा के बयान के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल की शिक्षिका ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया और अब पुलिस ने तीनों हैवानों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोर है कि तीनों आरोपियों ने अलग-अलग जगह पर पीड़िता से दुष्कर्म किया था.

नाबालिग पीड़िता के गांव के ही रहने वाले हैं दुष्कर्म आरोपी तीनों युवक
गुड टच-बैड टच जागरूकता कार्यक्रम में नाबालिग के कबूलनामे के बाद चांदनी थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. दुष्कर्म आरोपी तीनों युवक पीड़िता के गांव के ही रहने वाले हैं. तीनों लड़के नाबालिग के साथ पिछले एक साल से अलग-अलग जगह पर लगातार दुष्कर्म करते आ रहे थे.

पीड़िता के खुलासे के बाद एक विशेष टीम गठित कर तीनों आरोपियों को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार करने में सफलता पाई. गिरफ्तार तीनों दुष्कर्म आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने पॉस्को एक्ट सहित कई अन्य धारों में मामल दर्ज कर उन्हें जेल भिजवा दिया है.

पहली घटना, नाबालिग के साथ पहला दुष्कर्म अपने घर के पारिवारिक कार्यक्रम में तब हुआ जब पीड़िता के परिवार के सारे लोग नाचने-गाने में व्यस्त थे. वारदात की रात पीड़िता में अपने घर के बाहर खड़ी थी, तभी वहां पहुंचे गांव के रवि सिंह ने उसके साथ दुष्कर्म किया.

दूसरी घटना, पीड़िता के साथ दूसरी बार दुष्कर्म तब किया गया जब पीड़िता अपने घर पर ही मौजूद थी. रात में उसके घर पहुंचे आरोपी नवल सिंह ने जान से मारने की धमकी देकर नाबालिग को अपने साथ जबरन जंगल ले गया और फिर उसके साथ जंगल में दुष्कर्म किया.

तीसरी घटना, पीड़िता से तीसरी बार दुष्कर्म तब हुआ जब नाबालिग अपने घर के पास किसी सांस्कृतिक कार्यक्रम में गई हुई थी. आरोपी रघुवीर सिंह ने उससे झूठ बोला कि कोई उसे बाहर बुला रहा है. पीड़िता जैसे ही बाहर आई, आरोपी ने उसे दबोच लिया और दूर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया.

एएसपी सूरजपुर संतोष कुमार महतो ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि तीनों ही आरोपी जंगल में छुपे हुए हैं, जिसके बाद पुलिस ने अलग-अलग टीम के साथ छापा मारकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. सभी आरोपियों ने अपना गुनाह भी कबूल कर लिया है.
रेप की शिकायत करने पर दुष्कर्मियों ने दी थी जान से मारने की धमकी
गौरतलब है तीनों आरोपियों ने दुष्कर्म के बाद मामले की शिकायत करने पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी थी. एक के बाद एक दुष्कर्म की घटना से आहत नाबालिग की जुबान आरोपियों के खिलाफ गुड टच-बैड टच जागरूकता कार्यक्रम में एक साल बाद जाकर खुली और स्कूल टीचर आपबीती सुनाई, तब जाकर आरोपी सलाखों के भीतर पहुंचे.

जांच में बाल संरक्षण इकाई के पाया कि नाबालिग के साथ दुष्कर्म हुआ
पीड़िता की आपबीती पर घटना की जानकारी बाल संरक्षण इकाई को दी गई, बाल संरक्षण इकाई के जांच में पाया कि नाबालिग के साथ दुष्कर्म हुआ है, जिसके बाद सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने उनक तलाश के लिए जगह-जगह दबिश दी और तीनों आरोपियो को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है.

”CG: शराब घोटाला मामले में जेल में बंद चैतन्य बघेल की याचिका पर हाई कोर्ट ने ED को दिया नोटिस ..”

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शराब घोटाला मामले में जेल में बंद चैतन्य बघेल की याचिका पर हाई कोर्ट ने सुनवाई की है। हाई कोर्ट ने मामले में ईडी से 26 अगस्त तक अपना जवाब पेश करने के लिए कहा है। चैतन्य बघेल ने अपनी याचिका में कहा है कि ईडी ने गिरफ्तारी के दौरान कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया, जिससे उनकी हिरासत अवैध है।

चैतन्य बघेल की याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई, हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी को लेकर ईडी को दिया नोटिस, 25 अगस्त तक मांगा जवाब, जेल अधीक्षक को भी फटकार.

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घाटाला मामले में ईडी ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के खिलाफ चैतन्य बघेल ने हाई कोर्ट याचिका दायर की थी साथ ही बेल की भी अपील की थी। इस याचिका पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई की है। जिसमें कोर्ट ने ईडी से सवाल किया है।

बता दें कि याचिका पर मंगलवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने ईडी को नोटिस जारी कर 26 अगस्त तक जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। यह याचिका 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में मनी लांड्रिंग के आरोप में गिरफ्तारी को चुनौती देने के लिए दायर की गई है।

चैतन्य बघेल के वकील ने अदालत में तर्क प्रस्तुत किया कि ईडी ने उनकी गिरफ्तारी के दौरान कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया, जिससे उनकी हिरासत अवैध है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि जेल में चैतन्य बघेल को पीने के लिए साफ पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। अदालत ने इस पर संज्ञान लेते हुए जेल अधीक्षक को तुरंत साफ पानी उपलब्ध कराने और चिकित्सा जांच कराने का आदेश दिया है।

उल्लेखनीय है कि ईडी ने चैतन्य को पिछले महीने भिलाई स्थित उनके निवास से गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप है कि 3200 करोड़ के शराब घोटाले में 1000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्डरिंग में चैतन्य बघेल का हाथ है। बता दें कि शराब घोटाला मामलें में जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा जेल में हैं, होटल कारोबारी अनवर ढेबर और आईएएस अनिल टुटेजा पहले से जेल में बंद हैं।

जमीन घोटाला मामले में बड़ा एक्शन, दो पटवारी सस्पेंड, 7 से अधिक पटवारियों का तबादला

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छत्तीसगढ़ में एनडीटीवी की खबर का बड़ा असर हुआ है. छत्तीसगढ़ जमीन घोटाला मामले में दुर्ग जिले में पदस्थ दो पटवारी को निलंबित कर दिया गया है. सात से अधिक पटवारी का तबादला आदेश जारी हुआ है. एनडीटीवी पर 25 जुलाई को प्रमुखता से खबर प्रकाशित किए जाने के बाद यह बड़ा एक्शन हुआ है.

शासकीय जमीन की हेराफेरी
एनडीटीवी की पड़ताल में बताया गया था कि छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर शासकीय जमीनों को निजी लोगों के नाम दर्ज कर घोटाले किए जा रहे हैं. एनडीटीवी की टीम ने दुर्ग जिले के मुरमुंदा पटवारी हल्के के चार गांव में ही करीब 500 एकड़ जमीनों के घोटाले का पर्दाफाश किया था. प्रशासन की जांच में पता चला कि मुरमुंदा के अलावा पाटन पटवारी हल्के के भी दो गांव मोतीपुर और सकरा में इसी तरह की गड़बड़ी की गई है.

निजी लोगों के नाम जारी कर दिया खसरा नंबर
दोनों ही पटवारी हल्का में करीब 765 एकड़ शासकीय व निजी भू स्वामी जमीनों का बोगस खसरा नंबर जारी कर निजी लोगों के नाम पर चढ़ा दिया गया है. मुरमुंडा पटवारी हल्के के आछोटी गांव की शासकीय जमीनों पर दो व्यक्तियों के नाम लाखों रुपए लोन भी जारी कर दिए गए हैं.

एनडीटीवी ने अपनी पड़ताल में बताया था कि स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के नंदनी टाउनशिप ब्रांच से दीनू राम यादव (पिता सूरज यादव) को 45 लाख रुपये शाशकीय जमीन को बंधक रख लोन जारी किया गया है. एसबीआई की कुम्हारी ब्रांच ने शाशकीय जमीन को बंधक रख 36 लाख रुपये एसराम पिता बुधराम को लोन जारी कर दिया गया है. इस मामले में बैंक की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है.

दो पटवारी निलंबित
दुर्ग संभाग के आयुक्त एस एन राठौर ने बताया कि NIC की जांच में पता चला है कि मुरमुंदा पटवारी कृष्ण कुमार सिन्हा और पाटन पटवारी मनोज नायक की आईडी से गड़बड़ी हुई. इन दोनों को निलंबित कर दिया गया है. जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामले में FIR भी दर्ज करवाई जाएगी. इस मामले में 50 से ज्यादा लोगों की भूमिका संदिग्ध है.

30 फीट हवा में महिला की जान, झूले से डेढ़ घंटे तक लटकी रही और फिर

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बलौदा बाजार जिले के भाटापारा शहर स्थित रामलीला मैदान में इन दिनों मीना बाजार (मेला) लगा हुआ है. मीना बाजार में लगे हवाई झूले में रविवार की रात एक महिला की जान उस समय जोखिम में पड़ गई, जब वह हवाई झूला का आनंद लेने के लिए उस पर बैठी थी. महिला के परिजनों का आरोप है कि झूले के दौरान सुरक्षा के बुनियादी इंतज़ाम न होने और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण महिला झूले से लटक गई, जिसे कड़ी मेहनत के बाद नीचे उतरा गया.

पीड़ित महिला के परिजन त्रिलोक कुर्रे ने भाटापारा शहर थाना में लिखित शिकायत दी है. उनका कहना है कि झूले के कर्मचारी अत्यधिक शराब के नशे में थे और इस दौरान झूले में ब्रेक ही नहीं लगाया. नतीजतन महिला करीब एक से डेढ़ घंटे तक झूले में फंसी रही और बाहर नहीं निकल पाई.

मीना बाजार प्रबंधक पर लापरवाही के आरोप
शिकायत में आरोप लगाया है कि यह घटना मीना बाजार प्रबंधन और झूला संचालकों की गंभीर लापरवाही है. इस संबंध में पीड़ित पक्ष ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें घटना के बाद महिला के पिता ने मीना बाजार प्रबंधक पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. परिजनों ने मांग की है कि झूला संचालकों और मीना बाजार प्रबंधन के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों.

सेफ्टी बेल्ट हो गई ढीली
बताया जा रहा है कि झले पर सवार महिला की सेफ्टी बेल्ट ढीली हो गई और वह झूले के बॉक्स से गिर गई. इस दौरान उसने झूले की रॉड कसकर पकड़ ली. महिला करीब 30 फीट की ऊंचाई पर लटकी रही.
इसके बाद झूला रोक दिया. किसी तरह एक युवक झूले पर चढ़ा और महिला को बचाया. वहीं, अब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. इस तरह की घटना दोबारा न हो इसके लिए मेला संचालकों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखने की सख्त हिदायत दी गई है. साथ ही महिला के परिजनों की शिकायत पर जांच की जा रही है.

पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों पर नहीं लगेगी रोक, सुप्रीम कोर्ट ने दी बड़ी राहत

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दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने 10 वर्ष पुराने डीजल और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों पर बैन नहीं लगाया है. इससे वाहन मालिकों को दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी. CJI बीआर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने मंगलवार को यह अंतरिम आदेश दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर 4 हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है. तब तक के लिए 10 से 15 साल पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों के मालिकों पर कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. कोर्ट ने इस बात को स्पष्ट कर दिया है.

दिल्ली सरकार ने दायर की थी याचिका
26 जुलाई को दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में चल रहे 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों पर लगे प्रतिबंध की समीक्षा करने की मांग की थी. दिल्ली सरकार का तर्क है कि मौजूदा पॉलिसी से मध्यम वर्ग पर अनुचित दबाव पड़ रहा है.

दिल्ली सरकार ने 2018 के उस नियम पर पुनर्विचार करने की मांग की थी, जिसमें पुरानी गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया गया है. सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि वह केंद्र सरकार या वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) को एक व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन करने का निर्देश दे. यह अध्ययन वाहनों की उम्र के आधार पर लगाए गए प्रतिबंध के वास्तविक पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन करेगा और मूल्यांकन करेगा कि क्या यह कदम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु गुणवत्ता सुधार में महत्वपूर्ण योगदान देता है.

याचिका में कहा गया कि सभी वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध को लेकर पड़ने वाले असर और निष्पक्षता की दोबारा जांच की जाए. सरकार एक अधिक सटीक, उत्सर्जन-आधारित नियामक ढांचे की वकालत करती है, जो वाहन की उम्र के बजाय उससे होने वाले वायु प्रदूषण और गाड़ी की फिटनेस को ध्यान में रखे.

दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि बीएस-6 वाहन, बीएस-4 वाहनों की तुलना में काफी कम प्रदूषण फैलाते हैं.

”राजनांदगांव: गणेश उत्सव के उपलक्ष्य में झांकी समितियो व साउंड सिस्टम संचालको का पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव की उपस्थिति में ली गई बैठक ..”

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बैठक में झांकी निकलाने का रूट चार्ट व पांडाल व्यवस्था पर चर्चा कर बनाई गई सहमति, झांकी, व साउंड सिस्टम संचालन के लिये अनुविभागीय दण्डाधिकारी से परमिशन लेने दिये गये निर्देश।

सभी झांकी समितियो को विघुत लाईन को ध्यान में रखते हुये झांकी तैयार करने दिये गये निर्देश।

मानक तरीके से निर्धारित साउंड सिस्टम का संचालन एंव छोटी वाहनो का इस्तेमाल किये जाने हेतु दिये गये निर्देश।

समितियो को साउंड सिस्टम पर असभ्य गाने न बजाये जाने दिये गये निर्देश।

प्रति वर्ष की भाँति इस वर्ष भी नगरवासियो द्वारा चौक चौराहो में गणेश चतुर्थी के उपलक्ष्य में गणेश जी की प्रतिमा स्थापित किया गया है। समितियो द्वारा विभिन्न प्रकार के आकर्षक झांकिया निकाल कर शहर में घुमया जावेगा है। जिसमें काफी संख्या में क्षेत्रावासी एकत्रित होकर विसर्जन में सम्मिलित होकर झाकियो का आनंद लेते है। झांकी के दौरान शहर में काफी भीडभाड रहती है। गणेश उत्सव पर्व (झांकी) को शांतिपूर्वक सम्पन्न किये जाने हेतु पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग, अपर कलेक्टर सी एल मारकंडे, व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा, एस डी एम खेम लाल वर्मा नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन तथा थाना प्रभारीयों की उपस्थिति में जिला पंचायत कार्यालय के सभागृह में झांकी समितियो के सदस्यों की बैठक लिया गया। जिसमें झांकी समिति के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व पदाधिकारियो तथाशहर के गणमान्य नागरिक गण के समक्ष, रोड के बीचो-बीच पंडाल ना लगने व झांकी निकालने के दिन रूट निर्धारण तथा साउंड सिस्टम को लेकर चर्चा हुई, जिस पर सभी समितियां के सदस्यों द्वारा गुरुद्वारा से मानव मंदिर,आजाद चौक,भारत माता चौक, कामठी लाइन,सुरजन गली, रामाधीन मार्ग, तिरंगा चौक होते हुए गंज चौक में झांकी समाप्त करने की बात को लेकर सहमति प्रदान किया गया तथा साउंड सिस्टम के लिए शासन प्रशासन के दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए झांकी निकालने के बात पर सहमति दिए,सुरक्षा संबंधित तथ्यो पर विचार किया गया तथा समिति के सदस्यो को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये और उनके सुझाव भी सुने गये।