हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिला की जडेरा पंचायत के क्लयू गांव में बुधवार रात को बारिश की वजह से मकान पर लैंडस्लाइड हो गया. इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक घायल है. देर रात करीब रात एक बजे मूसलाधार बारिश हो रही थी. इस बीच सड़क से लैंडस्लाइड हुआ और नीचे मकान पर मलबा गिर गया.
मृतक की पहचान तिलक राज पुत्र चन्दू गांव कलियु जडेरा के रूप में हुई है. जबकि दोस्त राजेंद्र घायल है. उधऱ, घटना के बाद आसपास के गांव वाले आवाज सुन कर जब मौके पर पहुंचे. उन्होंने घायल को निकाला और इलाज के लिए अस्पताल भेजा. प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा भेजा और परिजनों को राहत राशि प्रदान की.
पंचायत प्रधान सद्दाम हुसैन ने बताया कि सड़क से पानी का रुख बदल गया. बाद में लोगों आवाज से पता चला तो सब मौके पर पहुंचे थे. प्रशासन के अधिकारी ने बताया कि रेवन्यू विभाग ने पीड़ित परिवार को राहत राशि दी है.
दो घंटे बाद मौके से निकाला
उप्रधान बलदेव ठाकुर ने बताया कि रात को सूचना मिली थी और ऊपर से फ्लड आया था. उन्होंने बताया कि तिलक की मौके पर ही मौत हो गई थी और राजेंद्र को चोट लगी है. वह कहते हैं कि लोक निर्माण विभाग सड़क पर नाली को सही तरीके से नाली बनाए तो ऐसी घटनाएं रुक सकती हैं. बॉबी ने बताया कि उन्हें सुबह सूचना मिली थी. एक लड़का मेरी पत्नी की मासी का बेटा है. वह बताते हैं कि दो घंटे लैंडस्लाइड में चपेट में आ गए थे. दोनों ही लोग खेतीबाड़ी और मजदूरी करते हैं.wSX
भारत सरकार ने देश विरोधी वीडियो और कंटेंट को रोकने के लिए कड़ा रुख अपनाया है. भारतीय हितों को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री, जो वेबसाइटों पर अपलोड होती है या सोशल मीडिया पर वायरल होती है उनपर नियंत्रण के लिए जल्द ही एक राष्ट्रीय नीति लागू की जाएगी. यह जानकारी खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने गृह मंत्रालय की संसदीय समिति को दी है. इस कदम का उद्देश्य भारत विरोधी तत्वों द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रचार और भ्रामक सामग्री पर अंकुश लगाना है, जो देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए खतरा बन रही है.
संसदीय समिति को दी गई जानकारी के अनुसार खालिस्तान समर्थक आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू जैसे भारत विरोधी तत्वों और अन्य अलगाववादी समूहों द्वारा सोशल मीडिया का दुरुपयोग चिंता का विषय है. इन तत्वों द्वारा फैलाए जा रहे कंटेंट को रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक विशेष निगरानी टीम गठित करने की योजना है. यह टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय भारत विरोधी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेगी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेगी. इस निगरानी टीम में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए), राज्य पुलिस और आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी अन्य एजेंसियां शामिल होंगी.
कंपनियों के साथ गृह मंत्रालय की चर्चा
गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया कंपनियों को भी इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया है. मंत्रालय ने इन कंपनियों के साथ चर्चा शुरू की है, ताकि वे अपने प्लेटफॉर्म्स पर भारत विरोधी सामग्री को अपलोड होने से रोकें. सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को पहले से ही गैर-कानूनी कंटेंट को 36 घंटे के भीतर हटाने और मूल स्रोत का पता लगाने का दायित्व सौंपा गया है. सरकार ने इन कंपनियों से अपेक्षा की है कि वे अपनी कंटेंट मॉडरेशन नीतियों को और सख्त करें, ताकि राष्ट्रविरोधी प्रचार को बढ़ावा देने वाली सामग्री पर तुरंत रोक लगाई जा सके.
खुफिया एजेंसियों ने संसदीय समिति को बताया कि भारत विरोधी तत्व सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक वीडियो, फर्जी समाचार और प्रचार सामग्री का उपयोग कर रहे हैं, जिससे सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो रहा है. उदाहरण के लिए हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत 40 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई की थी, जो राष्ट्र-विरोधी सामग्री फैला रहे थे. इसके अलावा गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान और नेपाल की सीमा से सटे राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे सोशल मीडिया पर राष्ट्रविरोधी प्रचार पर कड़ी निगरानी रखें.
इस रणनीति के तहत सीबीआई, एनआईए और राज्य पुलिस एक समन्वित दृष्टिकोण अपनाएगी. भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) जैसे मौजूदा ढांचे को और मजबूत किया जाएगा, ताकि साइबर अपराधों और डिजिटल प्रचार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके. यह नीति न केवल भारत विरोधी कंटेंट को रोकने में मदद करेगी, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और गोपनीयता के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास भी करेगी.
धोखाधड़ी कर कैसे धूम मचाते हुए मौज-मस्ती की जा सकती है, ललित मोदी और विजय माल्या की जोड़ी को देखकर इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है. दोनों भगोड़े फिलहाल लंदन में शरण लिए हुए हैं, लेकिन इनके चेहरे पर तनकि भी शिकन नहीं है. ललित मोदी ने लंदन वाले बंगले पर लेविश पार्टी का आयोजन किया. इस पार्टी में अन्य लोगों के साथ ही विजय माल्या भी नजर आए. दोनों दोस्त गलबहियां करते हुए अंग्रेजी गाना गाते और उसपर थिरकते हुए नजर आए. उनके साथ वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर क्रिस गेल भी नजर आए.
लंदन में पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी ने अपने आवास पर एक भव्य समर पार्टी आयोजित की, जिसमें 310 खास मेहमानों की मौजूदगी रही. इस पार्टी में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली मौजूदगी थी उनके ‘गुड फ्रेंड’ विजय माल्या की, जो खुद भी भारत से फरार घोषित आरोपी हैं. ललित मोदी ने इस पार्टी की एक झलक सोशल मीडिया पर साझा की और लिखा, ‘एक शानदार शाम रही मेरे 310 दोस्तों और परिवार के साथ, जो खासतौर पर इस इवेंट के लिए आए. इस रात को खास बनाने के लिए सभी का धन्यवाद.’ ललित मोदी की पार्टी का यह वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हो गया है.
इस पार्टी में मशहूर भारतीय गायक कार्लटन ब्रगांज़ा और वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर क्रिस गेल भी शामिल हुए. वीडियो में गेल को ललित मोदी के लिए बैट पर ऑटोग्राफ देते हुए देखा गया. वहीं, पार्टी का सबसे चर्चित पल तब आया जब ललित मोदी और विजय माल्या ने मिलकर कराओके पर फ्रैंक सिनात्रा का मशहूर गाना ‘I Did It My Way’ गाया. सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए ललित मोदी ने लिखा, ‘विवादास्पद तो जरूर है, लेकिन यही मैं सबसे अच्छा करता हूं.’ क्रिस गेल ने भी पार्टी की एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर शेयर की जिसमें वह ललित मोदी और विजय माल्या के साथ नजर आ रहे हैं. उन्होंने लिखा, ‘हम जिंदगी का लुत्फ उठा रहे हैं. इस शानदार शाम के लिए धन्यवाद.’ गौरतलब है कि ललित मोदी पर आईपीएल में ठेके की अनियमितता, मनी लॉन्ड्रिंग और फेमा उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप हैं. वह 2010 में देश छोड़कर लंदन चले गए थे, जब उन पर वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरू हुई थी.
विजय माल्या पर गंभीर आरोप
विजय माल्या पर बैंकों से लिए गए 9,000 करोड़ रुपये के कर्ज में गड़बड़ी का आरोप है. यह लोन उनकी बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस से जुड़ा है. माल्या साल 2016 में देश छोड़कर यूके चले गए थे और 2019 में उन्हें आधिकारिक रूप से भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया. दोनों विवादित हस्तियों की एक ही मंच पर मौजूदगी और खुलकर मस्ती करते हुए वीडियो साझा करना सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिससे यह सवाल फिर उठ रहे हैं कि क्या कानून से भागे लोग विदेश में कानून के दायरे से बाहर हैं?
आज शुक्रवार 4 जुलाई है. देश दुनिया में आज कई बड़ी सुर्खियां करने वाली है. पीएम नरेंद्र मोदी त्रिनिदाद और टोबैगो की यात्रा पर है. वहीं बिहार में चुनावी सरगर्मियां तेज हैं. आज लालू यादव की अध्यक्षता में राजद की कार्यकारिणी की बैठक है. ओवैसी की पार्टी AIMIM ने महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई है. ओवैसी ने लालू यादव को चिट्ठी लिखकर कहा है कि साथ लड़ने से सेक्युलर वोटों का बंटवारा रुकेगा. उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा को लेकर बवाल चल रहा है. उधर, पश्चिमी राज्य महाराष्ट्र में हिंदी भाषा को लेकर विवाद चल रहा है. कोलकाता में लॉ स्टूडेंट के साथ गैंगरेप की घटना पर बवाल चल रहा है. इधर दिल्ली में पुरानी गाड़ियों को लेकर बवाल चल रहा है.
भाजपा यानी भारतीय जनता पार्टी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा? यह सवाल सबके मन में है. नए पार्टी चीफ को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है. भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष कब और कौन होगा, इस पर सस्पेंस बरकरार है. इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. सूत्रों की मानें तो भाजपा किसी महिला को अपना अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त कर सकती है. अगर ऐसा होता है तो यह भाजपा के इतिहास में पहली बार होगा, जब पार्टी की कमान किसी महिला के हाथ में होगी. यानी भाजपा को पहली महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकती है. इसके लिए कई नाम चर्चा में भी हैं.
इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि भाजपा को पहली महिला अध्यक्ष मिल सकता है. इसके लिए पार्टी के कई सीनियर नेता विचार-विमर्श कर रहे हैं. जिन नामों पर चर्चा की जा रही है, उनमें निर्मला सीतारमण, डी पुरंदेश्वरी और वनथी श्रीनिवासन हैं. सबसे आगे चल रहे उम्मीदवारों में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण हैं, जिन्होंने हाल ही में पार्टी मुख्यालय में भाजपा के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और महासचिव बीएल संतोष के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की थी.
सूत्रों का कहना है कि निर्मला सीतारमण का नाम भाजपा चीफ के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा है. अभी भाजपा के नेशनल चीफ जेपी नड्डा हैं. मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में जेपी नड्डा का कार्यकाल जनवरी 2023 में समाप्त हो गया था, मगर पार्टी ने लोकसभा चुनावों तक पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए उनका कार्यकाल जून 2024 तक बढ़ा दिया था.
निर्मला सीतारमण से क्या फायदा?
सूत्रों का कहना है कि अगर उन्हें नियुक्त किया जाता है तो सीतारमण की पदोन्नति से भाजपा को दक्षिण भारत में अपना विस्तार करने में मदद मिल सकती है. उनका नेतृत्व लोकसभा में महिलाओं के लिए प्रस्तावित 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ पार्टी के तालमेल को भी दर्शाएगा, जिसे अगले परिसीमन अभ्यास के बाद लागू किए जाने की उम्मीद है. वह सरकार में एक सीनियर नेता हैं. सीतारमण पहले रक्षा मंत्री के रूप में काम कर चुकी हैं और पार्टी संगठन में उनकी गहरी पैठ है.
सूत्रों का दावा है कि आरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने महिला नेतृत्व के प्रतीकात्मक और रणनीतिक लाभों को देखते हुए पार्टी के शीर्ष पद पर एक महिला को नियुक्त करने के विचार का समर्थन किया है. हाल के चुनावों को देखें तो महिला मतदाताओं ने भाजपा की जीत सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, खासकर महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में. ऐसे में भाजपा यह दांव खेल सकती है.
हीराकुंड बांध से इस साल पहली बार अतिरिक्त पानी रविवार 6 जुलाई को छोड़ा जाएगा. बांध के अधिकारियों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है. मिली जानकारी के मुताबिक औपचारिक पूजा के बाद बांध के बाईं ओर गेट नंबर 7 के माध्यम से पानी छोड़ा जाएगा. यह निर्णय जलाशय में बढ़ते जलस्तर और मौसम विभाग की भारी बारिश की भविष्यवाणी को ध्यान में रखकर लिया गया है.
हीराकुंड बांध के मुख्य अभियंता सुशील कुमार बेहरा ने बताया कि कितने गेट खोले जाएंगे, इसका अंतिम फैसला 6 जुलाई को ही लिया जाएगा. यह निर्णय ऊपरी इलाकों से आने वाले पानी के प्रवाह की मात्रा पर निर्भर करेगा. उन्होंने कहा कि बांध के जलाशय में पानी का स्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है और वर्तमान में यह 603.02 फीट तक पहुंच गया है, जबकि बांध की अधिकतम भंडारण क्षमता 630 फीट है. जलाशय में पानी का प्रवाह 99,467 क्यूसेक प्रति सेकंड दर्ज किया गया है.
वहीं मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई है, जिसके कारण जलाशय में पानी का स्तर और बढ़ सकता है. इसे ध्यान में रखते हुए बांध से पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया है ताकि जलाशय की क्षमता को नियंत्रित किया जा सके और बाढ़ की स्थिति से बचा जा सके.
हीराकुंड बांध के अधिकारियों ने संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए ओडिशा के 13 जिलों के कलेक्टरों को अलर्ट जारी किया है. कलेक्टरों को निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां करने और स्थानीय लोगों को सूचित करने का निर्देश दिया गया है.
हर साल मॉनसून के दौरान हीराकुंड बांध से पानी छोड़ना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन इस बार भारी बारिश की चेतावनी के कारण प्रशासन विशेष रूप से सतर्क है. बांध से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी और उसकी सहायक नदियों में जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो सकता है.
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से नदी तटों से दूर रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए टीमें तैयार की गई हैं. हीराकुंड बांध ओडिशा के लिए जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इस बार भी प्रशासन इसे प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए प्रतिबद्ध नजर आ रही है.uyjhmn
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में सरकारी कार्यालयों की लापरवाही और कर्मचारियों की लेटलतीफी पर लगाम लगाने के लिए जिला कलेक्टर ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी समय पर उपस्थित नहीं मिले, जिसके चलते कलेक्टर ने उन्हें फटकार लगाई और कुछ से सार्वजनिक रूप से कान पकड़कर माफी मंगवाई। साथ ही, दर्जनभर कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
इस दौरान कलेक्टर वर्मा ने तय समय के बाद पहुंच रहे कर्मचारियों को कार्यालय के भीतर आने से रोकते हुए उनसे कारण पूछा। कुछ कर्मचारी शर्मिंदगी में मुंह छुपाते नजर आए, तो कुछ ने सार्वजनिक रूप से कान पकड़कर माफी मांगी और भविष्य में समय का पालन करने का वादा किया।
ऊर्जा क्रांति की दिशा में लिए गए दूरदर्शी निर्णय आज लोगों के जीवन में राहत, सुकून और स्थायित्व का नया उजास भर रहे हैं। भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन की ऐसी जनकल्याणकारी और महत्वाकांक्षी योजनाएं अब केवल विकास की कहानियाँ नहीं, बल्कि आम परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लाने वाली हकीकत बन चुकी हैं।
ये योजनाएं न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी कारगर साबित हो रही हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने देशभर में लाखों परिवारों को राहत दी है, खुशियां दी है। इसमें बिजली के साथ बचत भी है। यह योजना पर्यावरण के संरक्षण और स्थायी ऊर्जा के उपयोग की ओर सशक्त कदम भी है।
छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रीय है, जिसके चलते अधिकतर क्षेत्रों में बारिश की गतिविधि जारी है. इस बीच मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में अगले 24 घंटे के लिए भारी वर्षा से बाढ़ की संभावना जताई है. आज प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ अंधड़, व्रजपात की संभावना है. एक-दो क्षेत्रों में भारी वर्षा हो सकती है, जिसका मुख्य क्षेत्र उत्तर छत्तीसगढ़ और बस्तर संभाग के जिले रहने की संभावना है.
पिछले 24 घंटों में दक्षिण-पश्चिम मानसून गतिविधियां प्रदेश में सक्रिय रही. सक्ती, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, महासमुंद, जशपुर और सुकमा जिलों में अधिकांश स्थानों पर वर्षा हुई तथा कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई. इस दौरान सबसे ज्यादा तापमान अंबिकापुर में 29.2 डिग्री और सबसे कम तापमान 21.2 डिग्री दुर्ग में दर्ज किया गया है.
मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह तक प्रदेश में सक्रिय मानसून की स्थिति जारी रहने की संभावना जताई है. अगले 3 दिनों तक बिलासपुर और सरगुजा संभाग के जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है. वहीं 6 और 7 जुलाई को उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ में वर्षा की तीव्रता बढ़ने की संभावना है. इसके साथ ही एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है.
बाढ़ का अलर्ट
छत्तीसगढ़ के 7 जिलों में मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए बाढ़ (Flash Flood) का अलर्ट जारी है. छत्तीसगढ़ में कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, बिलासपुर, सरगुजा, कोरबा और जशपुर में कम से मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का खतरा बना हुआ है. लगातार हो रही बारिश के चलते इन जिलों के जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में मिट्टी पूरी तरह से भीग चुकी है, जिससे सतही जल बहाव या जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, खासकर निचले इलाकों में. नक्शे में दिखाए गए ‘Area of Concern’ (चिंता के क्षेत्र) में जलभराव की आशंका अधिक जताई गई है.
सिनेप्टिक सिस्टम
मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर बीकानेर, शिवपुरी, खजुराहो, डाल्टनगंज, दीघा और उसके बाद दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है. एक उपरि हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण उत्तर पूर्व मध्य प्रदेश और उससे लगे क्षेत्र के उपर 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है. वहीं एक उपरि हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण उत्तरी ओडीसा और उससे लगे गंगेटिक पश्चिम बंगाल के उपर 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला हुआ है. इसके अलावा एक द्रोणिका उत्तर-पूर्व अरब सागर से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक उत्तर छत्तीसगढ होते हुए 3.1 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है.
अगले 3 घंटों के लिए बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अलगे 3 घंटों के लिए राजनांदगांव, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया के लिए अलर्ट जारी किया है. यहां मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, अचानक तेज हवा (30-40 KMPH) के साथ मध्यम वर्षा की संभावना है.
रायपुर में मौसम का हाल
राजधानी रायपुर में आज बादल छाए रहने और गरज चमक साथ के साथ वर्षा होने की संभावना जताई गई है. इस दौरान तापमान 24 से 27 डिग्री के बीच रह सकता है.8520/
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्राइवेट स्कूलों में पाठ्यपुस्तक वितरण प्रक्रिया को लेकर बड़ा फैसला लिया है। तकनीकी कारणों से उत्पन्न समस्याओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी निजी विद्यालयों को बारकोड स्कैनिंग की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 7 दिनों की मोहलत दी है। यह निर्णय राज्य के छात्रों को समय पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है।
हर पुस्तक पर दो बारकोड, पारदर्शिता के लिए नई पहल
छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय ने जानकारी दी कि इस वर्ष पुस्तक वितरण प्रणाली को और पारदर्शी बनाने के लिए हर किताब पर दो बारकोड लगाए गए हैं, एक प्रिंटर की पहचान के लिए और दूसरा उस विद्यालय के लिए जहां किताब भेजी जानी है। पिछले वर्ष कुछ अनियमितताएं सामने आई थीं, जिससे सबक लेते हुए यह तकनीकी सुधार किया गया है।
करोड़ों किताबें छप चुकी हैं, 90% स्कूलों में स्कैनिंग पूरी
राजा पाण्डेय ने बताया कि कक्षा 1 से 10 तक की करीब 2.41 करोड़ किताबें इस वर्ष प्रिंट की गईं, जो 17–18 जून तक सभी डिपो में पहुंच चुकी हैं। शासकीय विद्यालयों में कक्षा 9वीं और 10वीं की किताबें पहले ही वितरित की जा चुकी हैं, और 90% स्कूलों में बारकोड स्कैनिंग का काम पूरा हो चुका है। आत्मानंद स्कूलों में भी तेजी से किताबों का वितरण हो रहा है, जहां 60% पुस्तकें पहुंच चुकी हैं।
निजी स्कूलों को बारकोड स्कैनिंग के बाद ही किताबें
इस बार प्राइवेट स्कूलों को डिपो से किताबें बारकोड स्कैनिंग पूरी होने के बाद ही दी जा रही हैं। पहले यह प्रक्रिया ज़िला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से होती थी, लेकिन अब इसे अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बदल दिया गया है। हालांकि बीते कुछ दिनों में डिपो में जगह की कमी और स्कैनिंग में तकनीकी दिक्कतों के कारण कुछ समस्याएं सामने आईं।
मुख्यमंत्री ने लिया त्वरित निर्णय
जब यह मामला मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संज्ञान में लाया गया और बताया गया कि 1100 से अधिक सरस्वती शिशु मंदिर सहित हजारों प्राइवेट स्कूलों को किताबें मिलनी हैं, तो उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए निर्देश दिया कि सभी निजी स्कूल अपनी ज़रूरत के मुताबिक किताबें डिपो से प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन स्कूल में स्कैनिंग का काम 7 दिनों के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा।
शिक्षा के प्रति संवेदनशीलता का उदाहरण
राजा पाण्डेय ने मुख्यमंत्री के इस फैसले की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह निर्णय शिक्षा के प्रति मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी छात्र किताबों के अभाव में पढ़ाई से वंचित न रह जाए। राज्य सरकार की यह पहल एक बार फिर यह साबित करती है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में दृढ़ नीयत और गंभीरता से काम कर रहा है।