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एयर इंडिया दुर्घटना मामले में तोड़फोड़ के पहलू की भी हो रही जांच : केंद्रीय मंत्री

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अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया विमान के क्रैश मामले की अभी जांच जारी है. नागरिक उड्डन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने इस मामले की जांच को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) पिछले महीने अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान दुर्घटना की सभी पहलुओं से जांच कर रहा है, जिसमें तोड़फोड़ भी शामिल है. इस दुर्घटना में विमान में सवार और घटनास्थल पर मौजूद कुल 274 लोग मारे गए थे. केंद्रीय मंत्री मोहोल ने यह भी कहा कि एयर इंडिया की उड़ान संख्या एआई 171 का ब्लैक बॉक्स एएआईबी के पास है और पूरी जांच के लिए इसे देश से बाहर नहीं ले जाया जाएगा. उन्होंने पुणे में इमर्जिंग बिजनेस कॉन्क्लेव में एनडीटीवी के जितेंद्र दीक्षित के साथ बातचीत के दौरान की.

यह (विमान दुर्घटना) एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी. AAIB ने इसकी पूरी जांच शुरू कर दी है. इसकी सभी कोणों से जांच की जा रही है, जिसमें किसी भी संभावित तोड़फोड़ की संभावना भी शामिल है. सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की जा रही है और सभी कोणों का आकलन किया जा रहा है. कई एजेंसियां ​​इस पर काम कर रही हैं.

आपको बता दें कि 12 जून को लंदन जाने वाला विमान AI 171, जो बोइंग ड्रीमलाइनर 787-8 बेड़े का था, सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ सेकंड बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान में सवार 242 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों में से केवल एक ही बच पाया.

अधिकारियों ने बताया कि दोपहर करीब 1.30 बजे उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान की ऊंचाई कम हो गई. यह मेघानीनगर इलाके में बीजे मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के आवासीय क्वार्टर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया और फिर उसमें आग लग गई, जिससे हवा में घने काले धुएं का गुबार उठने लगा. इस दुर्घटना में जमीन पर मारे गए लोगों में संस्थान के नौ छात्र और उनके रिश्तेदार भी शामिल थे.

मुरलीधर मोहोल ने दुर्घटना को “दुर्लभ मामला” बताया. उन्होंने कहा कि ऐसा कभी नहीं हुआ कि दोनों इंजन एक साथ बंद हो गए हों. साथ ही उन्होंने अनुभवी पायलटों और विशेषज्ञों के दावों का हवाला देते हुए कहा कि दोहरे इंजन की विफलता के कारण दुर्घटना हुई. एक बार (जांच) रिपोर्ट आने के बाद हम पता लगा पाएंगे कि यह इंजन की समस्या थी या ईंधन आपूर्ति का मुद्दा या फिर दोनों इंजन क्यों काम करना बंद कर दिए थे. ब्लैक बॉक्स में एक सीवीआर (कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) है जिसमें दोनों पायलटों के बीच की बातचीत को स्टोर किया गया है. अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी लेकिन जो भी होगा, वह सामने आएगा. रिपोर्ट तीन महीने में आएगी.

निजी स्कूलों के लिए गाइडलाइन, अब नहीं पढ़ा पाएंगे प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें

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छत्तीसगढ़ के रायपुर में जिला शिक्षा अधिकारी ने निजी स्कूलों के लिए गाइड लाइन जारी की है. वहीं निजी स्कूल अब प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें नहीं पढ़ाएंगे. जारी गाइड लाइन के मुताबिक, रायपुर के निजी स्कूल के पास जिस बोर्ड की मान्यता है उसी बोर्ड की किताबें पढ़ाना अनिवार्य कर दिया गया है.

स्टेट बोर्ड के लिए SCERT और सीबीएसई की किताबें अनिवार्य कर दी गई है, जबकि आईसीएसई बोर्ड के लिए एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य की गई है.
आदेश के मुताबिक, अब सीबीएसई (CBSE) से मान्यता प्राप्त स्कूलों को केवल एनसीईआरटी (NCERT) की किताबों से ही पढ़ाई करानी होगी, जबकि छत्तीसगढ़ बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों को पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा निर्धारित SCERT और सीबीएसई की किताबें पढ़ानी होंगी. बता दें कि 25 जून के आदेश में 8 बिन्दुओं के निर्देश जारी किए गए हैं. वहीं इस आदेश का उल्लंघन करने यानी आदेश का पालान नहीं करने पर शिक्षा के अधिकार 2009 के तहत कार्रवाई की जाएगी.

टाई-बेल्ट की बिक्री पर रोक
आदेश में ये भी कहा गया है कि निजी स्कूल यूनिफॉर्म से जुड़े किसी भी वस्तु जैसे मोजे, बैग, टाई, बेल्ट, नोटबुक आदि की बिक्री परिसर में नहीं कर सकेंगे और न ही किसी खास दुकान से खरीदने के लिए बाध्य किया जाएगा.

 

 

बता दें कि शिक्षा अधिकारी के इस आदेश पर अब सवाल खड़े हो गए हैं. दरअसल, 16 जून से सेशन शुरू हो चुका है और स्कूल के सेशन की शुरू होने के दस दिन बाद यह आदेश जारी किया गया है, जबकि सभी निजी स्कूल के छात्र किताबें कॉपी यूनिफार्म खरीद चुके हैं. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इस आदेश का लाभ किसे मिलेगा? क्या शिक्षा अधिकारी अपने आदेश का पालन करा पाएंगे? या सिर्फ औपचारिकता के लिए जारी किया गया आदेश?

एयरपोर्ट पर बदलने वाली हैं ये 5 चीजें, एयर ट्रैवल होगा आसान और सुरक्षित, CISF ने लिया बडा फैसलाEDC

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केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने एयर ट्रैवल को अधिक सुरक्षित, तेज और पैसेंजर फ्रेंडली बनाने का रोडमैप तैयार किया है. इसी मुद्दे पर 27 जून 2025 को सीआईएसएफ के एयरपोर्ट सेक्टर मुख्यालय में एक विशेष वर्कशॉप आयोजित की गई, जिसमें इस रोड मैप को लेकर लंबी चर्चा की गई.
सीआईएसएफ द्वारा आयोजित इस वर्कशॉप में सीआईएसएफ की सुरक्षा जद में आने वाले सभी 69 एयरपोर्ट के चीफ सिक्‍योरिटी ऑफिसर शामिल हुए. इसके अलावा, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, डीजीसीए, एयरपोर्ट एथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई), दिल्ली पुलिस, एसपीजी, एनएसजी, ब्‍यूरो ऑफ इमिग्रेशन के अधिकारियों ने भी हिस्‍सा लिया. इसके अलावा, दिल्‍ली एयरपोर्ट ऑपरेटर दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड, एयर इंडिया एक्‍सप्रेस और इंडिगो के अधिकारी भी इस वर्कशॉप में शामिल थे.

तकनीक से लैस पैसेंजर्स के लिए होगा नया अनुभव
अगर आप उन लोगों में से हैं जो समय बचाना चाहते हैं और तकनीक के साथ चलते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है! वर्कशॉप में बायोमेट्रिक एयरपोर्ट एंट्री पास (AEP), चेहरे की पहचान करने वाले सीसीटीवी और वाहनों के लिए ऑटेमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्नाइजर (ANPR) जैसी तकनीकों को अपनाने की बात हुई है. इसके अलावा, फास्ट टैग को भी एयरपोर्ट्स के सिक्‍योरिटी सिस्‍टम के साथ जोड़ा जाएगा. जल्‍द ही, एयरपोर्ट की इंट्री और सिक्‍योरिटी चेक में कम समय लगेगा. कतारें छोटी होंगी और आप जल्दी से अपने बोर्डिंग गेट तक पहुंच जाएंगे.

नियमित और नए यात्रियों के लिए सुगम यात्रा
चाहे आप हर हफ्ते एयर ट्रैवल करते हों या पहली बार एयरपोर्ट पर कदम रख रहे हों, आपके लिए अनुभव अब अधिक आसान होगा. वर्कशॉप में सिक्‍योरिटी स्‍टाफ, एयरलाइन स्‍टाफ और अन्य स्टाफ के लिए एक समान ट्रेनिंग की बात हुई. इसका मतलब है कि आपको हर एयरपोर्ट पर एक जैसा प्रोफेशनल एक्‍सपीरियंस मिलेगा. इस कवादय से पैसेंजर्स का भ्रम कम होगा और आपकी यात्रा सुगम होगी. छोटे शहरों में नए विमानन सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान (ASTI) खोलने की योजना भी बन रही है, ताकि देश के हर कोने में एकसमान सुरक्षा मानक हों.
वीआईपी की सुरक्षा में बढ़ोतरी
अगर आप कोई वीआईपी हैं या खास मेहमानों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, तो आपके लिए भी अच्छी खबर है. वर्कशॉप में उन्नत वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गहन चर्चा हुई. इसमें एंटी-ड्रोन तकनीक और अंदरूनी खतरों की जांच को और मजबूत करने की योजना है. इसके अलावा, अब एयरपोर्ट पर लेयर्ड प्रोटेक्शन की रणनीति अपनाई जाएगी, जिससे वीआईपी को सबसे ऊंचे स्तर की सुरक्षा मिले, लेकिन आम यात्रियों की सुविधा पर कोई असर न पड़े.

शिकायतों का होगा तुरंत समाधान
क्या आपको कभी एयरपोर्ट पर कोई परेशानी हुई और आपकी शिकायत का जवाब देर से मिला? अब ऐसा नहीं होगा! वर्कशॉप में पैसेंजर कंप्‍लेन रिड्रेसल सिस्‍टम को पूरी तरह से सुधारने की बात हुई. सभी स्‍टेक होल्‍डस्र ने सहमति जताई कि पैसेंजर्स की शिकायतों को तुरंत, संवेदनशीलता और सक्रियता के साथ निपटाया जाएगा. एयरसेवा जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग करके आपकी शिकायतों का त्वरित समाधान होगा, और कर्मचारियों का व्यवहार भी अधिक सहानुभूतिपूर्ण होगा.
सहयोग से बनेगा सुरक्षित भविष्य
सीआईएसएफ के विशेष महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा कि यह वर्कशॉप सही समय पर आयोजित हुई, क्योंकि हाल के हुए जियोपॉलिटिकल चेंजेज ने एविएशन सिक्‍योरिटी के लिए नई चुनौतियां खड़ी की हैं. उन्होंने सभी एजेंसियों के बीच निरंतर सहयोग और जानकारियों के आदान-प्रदान की जरूरत पर बल दिया. वहीं, एयरपोर्ट सेक्‍टर के आईजी विजय प्रकाश ने कहा कि निर्बाध समन्वय, खुफिया जानकारी और तकनीकी एकीकरण से हम हमेशा खतरों से एक कदम आगे रहेंगे.
वहीं, डीजीसीए फैज अहमद किदवई ने कहा कि सुरक्षा और यात्री सुविधा को एक साथ सुनिश्चित करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा. वर्कशॉप के अंत में एयरपोर्ट सेक्‍टर के आईजी जोस मोहन ने जोर देकर कहा कि विमानन सुरक्षा का मानकीकरण तभी संभव है, जब हम नवाचार, सहयोग, और निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध रहें.

आतंक के सौदागर का अंत… ISIS के इंडिया हेड साकिब ने ब्रेन हेमरेज के बाद दम तोड़ा

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आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के तथाकथित इंडिया हेड साकिब नाचन की मौत हो गई है. सादिक प्रतिबंधित संगठन सिमी का पदाधिकारी रह चुका था. उस पर 2002-03 में मुंबई में सीरियल ब्लास्ट करवाने का भी आरोप था. उसकी मौत की वजह ब्रेन हेमरेज बताई जा रही है. वह राजधानी दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती था.

साकिब अब्दुल हमीद नाचन महाराष्ट्र के ठाणे जिले के पधगा का रहने वाला था. वह प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) का पूर्व पदाधिकारी था. 2002-03 में मुंबई में सीरियल ब्लास्ट मामले में भी उसका नाम आया था. इस मामले में अदालत ने साकिब और उसके भाई को 10 साल की सजा सुनाई थी. 2017 में ही वो जेल से सजा काटकर बाहर आया था.

इसके बाद साकिब नाचन पर आतंकी संगठन ISIS से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोप लगे थे. साल 2023 में उसे NIA ने गिरफ्तार किया था. वह ISIS के दिल्ली-पधगा टेरर मॉड्यूल का मुख्य आरोपी था.

NIA के मुताबिक, साकिब भारत में खलीफा शासन स्थापित करने के लिए कट्टरपंथी युवाओं को प्रेरित करता था. उस पर युवाओं को कट्टरपंथी बनाने, ट्रेनिंग दिलवाने और आतंकी हमलों की साजिश रचने का भी आरोप था. उसे ISIS के लिए फंडिंग, रिक्रूटमेंट और हथियार ट्रेनिंग जैसी गतिविधियों में शामिल बताया गया था.

जांच एजेंसियों ने साकिब नाचन के खिलाफ देशद्रोह, UAPA और आतंकवाद से संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज किए थे. उसका नाम कई अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी मॉड्यूल से भी जुड़ा था.

57 साल का साकिब फिलहाल वह तिहाड़ जेल में कैद था. जेल में तबीयत बिगड़ने पर उसे मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जांच से पता चला कि उसे ब्रेन हेमरेज हुआ था. दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में साकिब ने शनिवार दोपहर दम तोड़ दिया. wSX

उड़ान में जलने की बदबू से हड़कंप, Air India की फ्लाइट बीच रास्ते से लौटी मुंबई, पैसेंजर्स सुरक्षित

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टाटा ग्रुप के मालिकाना हक वाले एयर इंडिया (Air India) की एक फ्लाइट को बीच रास्ते से मुंबई लौटाना पड़ा जब यात्रियों और क्रू मेंबर्स को केबिन में जलने की बदबू महसूस हुई. यह घटना AI 639 फ्लाइट में हुई जो मुंबई से चेन्नई जा रही थी. घटना शुक्रवार रात की है और फ्लाइट में सवार सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं. एयर इंडिया ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
एयर इंडिया ने कहा है कि यह कदम सावधानी के तौर पर उठाया गया. सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ. कंपनी ने यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से रवाना करने की व्यवस्था की और ग्राउंड स्टाफ ने यात्रियों को हर तरह की सहायता उपलब्ध कराई. फिलहाल, टेक्निकल टीम यह जांच कर रही है कि आखिर विमान में जलने की बदबू क्यों आई.
एयर इंडिया का बयान
इस मामले में एयर इंडिया ने बयान जारी किया है. कंपनी ने कहा कि मुंबई से चेन्नई जा रही फ्लाइट AI639 को 27 जून को एहतियातन मुंबई वापस लाया गया क्योंकि केबिन में जलने की गंध आ रही थी. फ्लाइट सुरक्षित लैंड हो गई और यात्रियों की मदद के लिए दूसरी फ्लाइट की व्यवस्था की गई. हमारी प्राथमिकता यात्रियों और क्रू की सुरक्षा है.”

एयर इंडिया की फ्लाइट AI454 में हुआ हंगामा
28 जून 2025 को अमृतसर से दिल्ली जा रही फ्लाइट में लैंडिंग की तैयारी के दौरान 2 यात्रियों के बीच झगड़ा हो गया. बताया जा रहा है कि एक यात्री आक्रामक व्यवहार कर रहा था और दूसरे यात्री से अभद्र भाषा में बात कर रहा था. एयर इंडिया के मुताबिक, केबिन क्रू ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए दूसरे यात्री को बिजनेस क्लास में शिफ्ट कर दिया और पायलट ने दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षा टीम को अलर्ट कर दिया. जैसे ही फ्लाइट दिल्ली पहुंची, उस बदसलूकी करने वाले यात्री को सुरक्षा कर्मियों के हवाले कर दिया गया.

अमेरिका की चेतावनी पर भारी खामेनेई की जिद, फोर्डो न्यूक्लियर साइट पर शुरू कराया मरम्मत का काम, क्‍या करेंगे ट्रंप

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हाल ही में इजरायल और ईरान के बीच भीषण जंग देखने को मिली. अमेरिका ने अपने बी2 बॉम्बर से ईरान की फोर्डो न्‍यूक्लियर साइट पर बम गिराए. दावा किया गया कि इन हमलों में यह न्‍यूक्लियर साइट पूरी तरह से बर्बाद हो गई है. अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने चेतावनी भी दी कि अगर ईरान ने फिर से अपने न्‍यूक्लियर प्रोग्राम पर काम किया तो बुरा अंजाम भुगतना होगा. हालांकि ट्रंप की ईरान को दी गई चेतावनी पर वहां के सर्वोच्‍च नेता खामेनेई की जिद भारी पड़ती नजर आ रही है. खामेनेई ने अमेरिका के आगे झुकने से साफ इनकार कर दिया है.
बी2 बॉम्‍बर ने मचाई तबाही!
सैटेलाइट तस्वीरो से खुलासा हुआ है कि ईरान फोर्डो न्यूक्लियर साइट के आस पास से मलबा हटाने का काम कर रहा है. इस साइट पर मरम्मत कराने का काम तेजी से किया जा रहा है. फोर्डो न्‍यूक्लियर साइट एक पहाड़ के नीचे बनाई गई है. ऐसे में इस साइट को निशाना बनाना बेहद मुश्किल काम माना जाता था. इजरायल ने ईरान में जमकर बमबारी की लेकिन वो इस साइट को चाह कर भी निशाना नहीं बना पाए. इसके बाद अमेरिका ने यहां बी2 बॉम्‍बर फाइटर जैट्स से बंकर बस्‍टर बम गिराए. दावा किया गया कि इस विमान से 13000 किलो वजन का बम गिराया गया, जो 60 फीट तक कंक्रीट या 200 फीट मिट्टी को भेदते हुए जमीन में वार करने में सक्षम है.

ताजा सेटेलाइट तस्‍वीरें बताती हैं कि ईरान हर कीमत पर परमाणु बम बनाने पर अमादा है. यही वजह है कि वो इस युद्ध के बावजूद दोबारा तेजी से अपने परमाणु कार्यक्रम पर काम कर रहा है. अमेरिका के एक्‍शन से कुछ दिन पहले फोर्डो न्‍यूक्लियर साइट से बड़ी संख्‍या में ट्रकों को वहां से निकलते हुए देखा गया था. ऐसे में कुछ रिपोर्ट में दावा किया गया कि ईरान ने समय रहते साइट पर मौजूद यूरेनियम सहित अन्‍य कीमती सामानों को हटा लिया था. दावा किया गया कि अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान का न्‍यूक्लियर प्रोग्राम महज छह महीने से साल भर तक पीछे खिसक गया है. इससे ज्‍यादा नुकसान ईरान को इन हमलों में नहीं हुआ है.

आपकी राजनीति की तरह न टूटे सड़क…जयपुर बारिश और टूटी सड़कों पर मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का बयान

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राजस्थान में बीते 10 दिनों से लगातार हो रही जोरदार बारिश ने जनजीवन को काफी प्रभावित किया है. कई शहरों में सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं और सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहे हैं. राजधानी जयपुर में झोटवाड़ा क्षेत्र का एक वीडियो भी खूब चर्चा में है, जिसमें एक सड़क पर पानी भरा हुआ दिख रहा है. यह वीडियो एक निजी एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल से पोस्ट किया गया, जिसमें सवाल उठाया गया कि जब आम लोग रोड टैक्स और हाउस टैक्स देते हैं, तो उन्हें अमेरिका जैसी सड़कें क्यों नहीं मिलतीं?
इस वीडियो पर झोटवाड़ा से विधायक और राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने प्रतिक्रिया दी है, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई हैय
झोटवाड़ा से विधायक और कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने इस पोस्ट को रि-ट्वीट करते हुए लिखा, “जहां लोग आज तक नाली और पानी की लाइन का सपना ही देखते थे, वहां अब खुदाई देखकर कुछ लोग ऐसे बौखलाए जैसे उनके सपनों की खुदाई हो गई हो. सड़क बनने से पहले सीवरेज, पानी और ड्रेनेज लाइन डाली जा रही है ताकि ये सड़क बार-बार आपकी राजनीति की तरह न टूटे. झोटवाड़ा की जनता समझदार है, आपके भड़काऊ ट्वीट से ज़्यादा यहां पे रहती जनता बोलती है. भाईसाहब, अगर “अचीवर्स” की लिस्ट में आना है, तो सिर्फ़ कीबोर्ड से नहीं, ज़मीन पर कुछ करके दिखाना पड़ेगा.

राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2023 में हुए थे, उस समय सांसद रहते हुए राठौड़ ने विधानसभा चुनाव लड़ा. विधानसभा की शपथ के साथ ही वे लोकसभा से इस्तीफा देकर पूरी तरह राज्य राजनीति में आ गए. भजनलाल शर्मा कैबिनेट में 30 दिसंबर 2023 को शपथ लेने के बाद राठौड़ को एक साथ पांच प्रमुख मंत्रालय सौंपे गए हैं. इसमें उद्योग मंत्रालय, सूचना प्रौद्योगिकी और संचार, युवा एवं खेल, कौशल योजना और उद्यमिता और सैनिक कल्याण विभाग का मंत्री बनाया गया है.

कदाचरण पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, रोजगार सहायक बर्खास्त

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कदाचरण और कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध बलौदाबाजार जिला प्रशासन द्वारा कठोर करवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियो से जिओ टैगिंग व मस्टऱ रोल प्रस्तुत करने के एवज में राशि लेने की शिकायत जांच में पुष्टि होने पर रोजगार सहायक क़ो बर्खास्त कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड कसडोल अंतर्गत ग्राम पंचायत बिलारी (क) में पदस्थ ग्राम रोजगार सहायक गौरीशंकर पैकरा के विरुद्ध प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से जिओ टैगिंग व मस्टऱ रोल प्रस्तुत करने के एवज में राशि लेने एवं अभद्र व्यवहार करने की शिकायत प्राप्त हुई थी। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कसडोल द्वारा शिकायत जांच कराई गई। जांच में रोजगार सहायक गौरीशंकर पैकरा के विरुद्ध शिकायत सही पाए जाने तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के अनुमोदन उपरांत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कसडोल द्वारा ग्राम पंचायत बिलारी (क ) के रोजगार सहायक गौरीशंकर पैकरा को संविदा पद से पृथक कर दिया गया है।

रासायनिक खादों की कालाबाजारी बर्दास्त नहीं, समितियों में खाद का हो पर्याप्त भण्डारण: मंत्री कश्यप

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सहकारिता मंत्री कश्यप ने कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में डीएपी खाद की कमी को देखते हुए प्रदेश में डीएपी खाद की पर्याप्त सप्लाई नहीं हो पा रही है तो डीएपी के वैकल्पिक खादों के प्रति किसानों को जागरूक करें और जो वैकल्पिक खाद उपलब्ध है किसानों को दिया जाए। उन्होंने बैठक में कहा कि किसानों को सहुलियतें प्रदान करना हमारी सरकार की पहली प्राथमिकता है। मंत्री श्री केदार कश्यप आज अपने नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में सहकारिता और उर्वरक कंपनियों के अधिकारियों की बैठक में किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित बनाए रखने के संबंध में समीक्षा कर रहे थे।

सहकारिता मंत्री कश्यप ने कहा कि रासायनिक खाद की कालाबाजारी बर्दास्त नहीं की जाएगी। ऐसे गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों व केन्द्र संचालकों के ऊपर कड़ी कार्यवाही की जाए। उन्होंने सहकारिता विभाग के अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में 2058 सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद का भण्डारण हो और किसानों की मांग के अनुरूप खाद मिले यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नैनो यूरिया, नैनी डीएपी के छिड़काव के प्रति भी किसानों को जागरूक करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

बैठक में सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डीएपी खाद की आपूर्ति के संबंध में कंपनी के प्रतिनिधियों से समन्वय कर खाद सप्लाई के लिए विभागीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले समय में डीएपी खाद सप्लाई की संभावना है। अधिकारियों ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025 के लिए किसानों के मांग के अनुरूप विभाग 10.73 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का लक्ष्य निर्धारित किया है। लक्ष्य के विरूद्ध 5.85 लाख मीट्रिक टन का भण्डारण किया जा चुका है तथा किसानों को 4.37 लाख मीट्रिक टन खाद वितरित किए जा चुके हैं। वर्तमान में समितियों में 1.18 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है।

अधिकारियों ने बताया कि डीएपी का लक्ष्य 78 हजार 331 मीट्रिक टन है। इसके विरूद्ध अब तक 75 हजार 428 मीट्रिक टन डीएपी का भण्डारण किया जाकर किसानों को 61 हजार 137 मीट्रिक टन खाद वितरण किया जा चुका है। समितियों में 14 हजार 291 मीट्रिक टन डीएपी खाद शेष है। डीएपी खाद की कमी के कारण एनपीके का लक्ष्य बढ़कर 3 लाख 16 हजार मीट्रिक टन हो गया है। लक्ष्य के विरूद्ध 93 हजार 467 मीट्रिक टन एनपीके का भण्डारण किया जाकर किसानों को 74 हजार 545 मीट्रिक टन एनपीके खाद का वितरण किया जा चुका है। समितियों में 18 हजार 922 मीट्रिक टन एनपीके शेष है। ज्यादा से ज्यादा एनपीके के सप्लाई के लिए कंपनियों के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि खरीफ सीजन 2025 के लिए मांग के अनुरूप यूरिया का लक्ष्य 4.54 लाख मीट्रिक टन है। लक्ष्य के विरूद्ध 2.88 लाख मीट्रिक टन का भण्डारण कर 1.91 लाख मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किसानों को किया जा चुका है, इसी प्रकार एमओपी का लक्ष्य 46 हजार 360 मीट्रिक टन है। लक्ष्य के विरूद्ध 55 हजार 611 मीट्रिक टन एमओपी का भण्डारण कर किसानों को 29 हजार 851 मीट्रिक टन एमओपी का वितरण किया जा चुका है। इसी प्रकार एसएसपी (समस्त) का लक्ष्य 1.76 लाख मीट्रिक टन निर्धारित है। लक्ष्य के विरूद्ध 1.28 लाख मीट्रिक भण्डारण कर किसानों को 65 हजार 878 मीट्रिक टन एसएसपी का वितरण किए जा चुके हैं।

बैठक में अपेक्स बैंक के चेयरमेन गुप्ता सहित रासायनिक खाद कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने सुझाव दिए। इस अवसर पर आयुक्त सहकारिता व पंजीयक सहकारी संस्थाएं कुलदीप शर्मा मार्कफेड की एमडी किरण कौशल, संचालक कृषि राहुल देव, अपेक्स बैंक के एमडीके.एन. काण्डे सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं खाद कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बिलासपुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी आधुनिक एजुकेशन सिटी – मुख्यमंत्री साय

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्रों के सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में बिलासपुर शहर को एक आधुनिक एजुकेशनल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशानिर्देश पर बिलासपुर में एजुकेशनल सिटी की अवधारणा विकसित की गई है। इस परियोजना के लिए बिलासपुर नगर पालिक निगम की लगभग 13 एकड़ भूमि का उपयोग प्रस्तावित है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बिलासपुर एजुकेशनल सिटी में नालंदा परिसर की स्थापना की जाएगी, जहां 500 छात्र-छात्राएं एक साथ बैठकर फिजिकल एवं डिजिटल लाइब्रेरी का लाभ ले सकेंगे। इसके साथ ही तीन बहुमंजिला इमारतों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें कुल 48 हॉल सेटअप ( 1 सेटअप में 1 हॉल, 2 कक्ष और 1 टॉयलेट) तैयार किए जाएंगे। इस व्यवस्था में एक साथ 4,800 विद्यार्थियों के कोचिंग क्लास अटेंड करने की सुविधा रहेगी।

छात्रों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास के लिए 700 सीटों वाले आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण भी किया जाएगा। वहीं, बाहर से आने वाले लगभग 1000 विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल फैसिलिटी भी निर्मित की जाएगी।

खेलकूद और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एजुकेशनल सिटी में एस्ट्रोटर्फ खेल मैदान तथा सुंदर गार्डन भी विकसित किए जाएंगे। साथ ही, वाहनों के लिए मल्टी लेवल पार्किंग की व्यवस्था होगी ताकि आने-जाने में कोई असुविधा न हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 100 करोड़ रुपये होगी और इसके निर्माण कार्य की कार्य योजना नगर पालिक निगम बिलासपुर द्वारा तैयार कर ली गई है। शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा, जिससे बिलासपुर एजुकेशनल सिटी प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेगी।

उल्लेखनीय है कि राज्य गठन के पश्चात बिलासपुर शहर ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। बिलासपुर में एसईसीएल का मुख्यालय और रेलवे का डीआरएम कार्यालय भी स्थित है, जिससे यह शहर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। यहां एक केंद्रीय विश्वविद्यालय, दो विश्वविद्यालय, आठ महाविद्यालय, लोक सेवा आयोग, व्यापम और आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी करवाने वाले करीब 100 से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनमें प्रदेश के 50,000 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।

“छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में स्थान देती है। हमारी यह अटल प्रतिबद्धता है कि प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी आधुनिक संसाधनों, उन्नत अधोसंरचना और प्रेरक वातावरण में अपनी क्षमताओं को संवार सके और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर सके।

बिलासपुर एजुकेशन सिटी का निर्माण इसी दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह न सिर्फ बिलासपुर को छत्तीसगढ़ का एजुकेशनल हब बनाएगा, बल्कि प्रदेश के हजारों युवाओं को उच्चस्तरीय सुविधाओं में अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देगा।

नालंदा परिसर, बहुमंजिला कोचिंग भवन, डिजिटल और फिजिकल लाइब्रेरी, हॉस्टल, ऑडिटोरियम, खेल मैदान और ग्रीन जोन – ये सभी सुविधाएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को समर्पित होंगी।

मुझे विश्वास है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक परिदृश्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी और हमारे युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करेगी।”