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विदेशों की तरह इंडिया में भी ड्राइविंग लाइसेंस पर लागू होगा नंबर सिस्टम, पॉइंट्स कटे तो रिजेक्ट हो जाएगा DL, समझ लें नया नियम

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सड़क परिवहन मंत्रालय ने ट्रैफिक नियम उल्लंघन पर निगेटिव नंबर सिस्टम शुरू करने का निर्णय लिया है. अधिक निगेटिव पॉइंट्स पर डीएल सस्पेंड या रिजेक्ट हो सकता है. नई सिस्टम अगले दो महीनों में लागू होगी.

नई दिल्ली. ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगाम लगाने के लिए, सड़क परिवहन मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) पर निगेटिव नंबर सिस्टम शुरू करने का निर्णय लिया है. इस नई सिस्टम के तहत, सिग्नल तोड़ने और तेज गति से गाड़ी चलाने जैसे उल्लंघनों पर निगरानी रखी जाएगी. यदि किसी डीएल पर ज्यादा निगेटिव पॉइंट्स जमा हो जाते हैं, तो उस डीएल को सस्पेंड या रिजेक्ट किया जा सकता है.

रिजेक्ट हो सकती डीएल
अधिकारियों ने दुर्घटनाओं और ट्रैफिक उल्लंघनों को कम करने के लिए कई तरीकों का प्रयास किया है, जिसमें भारी जुर्माने और दंड शामिल हैं. हालांकि, ये उपाय प्रभावी साबित नहीं हुए हैं और भारत में हर साल 1.7 लाख से अधिक दुर्घटनाएं होती हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकारियों ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है और इसी कारण अंक सिस्टम लाई जा रही है. यह सिस्टम उल्लंघनों के लिए दंड के साथ-साथ लागू की जाएगी.

विदेशों जैसा नंबर सिस्टम
मंत्रालय ने डीएल सिस्टम में सुधार के लिए आयोजित एक बैठक के दौरान इस विचार को साझा किया और ऑस्ट्रेलिया, यूके, जर्मनी, ब्राजील, फ्रांस और कनाडा जैसे देशों की अंक सिस्टम का अध्ययन किया. अधिकारियों का कहना है कि नई अंक सिस्टम अगले दो महीनों में कानून में संशोधन के साथ एकीकृत की जाएगी. अच्छी खबर यह है कि अच्छे ड्राइवरों को मेरिट अंक मिलेंगे और उल्लंघन करने वालों को डिमेरिट अंक मिलेंगे.

Rafale Pilot: भारत की एकमात्र महिला पायलट, जो उड़ाती हैं राफेल लड़ाकू विमान, 9 साल की उम्र में देखा था सपना

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हाइलाइट्स
  • शिवांगी सिंह भारत की पहली महिला राफेल पायलट हैं.
  • शिवांगी ने 9 साल की उम्र में पायलट बनने का सपना देखा था.
  • शिवांगी ने भारतीय वायुसेना में 2017 में कमीशन प्राप्त किया.
India’s first Woman Rafale Pilot, Shivangi Singh Story, Operation Sindoor: भारत ने पाकिस्‍तान में एयर स्‍ट्राइक की. जिसमें कई आतंकियों का खात्‍मा किया गया.भारत की ओर से पाकिस्‍तान में कुल 9 ठिकानों को निशाना बनाया गया. इस एयर स्‍ट्राइक में राफेल जेटस से पाकिस्‍तान के आतंकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं गईं .जिसके बाद राफेल विमान काफी चर्चा में है. आइए आपको बताते हैं भारत की पहली और एकमात्र महिला पायलट के बारे में, जो राफेल लड़ाकू विमान उड़ाती हैं. कौन हैं ये महिला पायलट और इस मुकाम तक कैसे पहुंची?

Shivangi Singh Story: राफेल लड़ाकू विमान उड़ाने वाली भारत की पहली और एकमात्र महिला पायलट का नाम है शिवांगी सिंह है. शिवांगी सिंह के यहां तक पहुंचने की कहानी भी काफी दिलचस्‍प है.करीब दो दशक पहले शिवानी ने पहली बार विमान को छूआ था और उनके लिए यह पल काफी रोमांचित करने वाला था. 29 वर्षीय लेफ्टिनेंट शिवांगी सिंह ने एक इंटरव्‍यू में बताया कि एयर फोर्स म्यूजियम,नई दिल्ली से उनकी यात्रा शुरू हुई थी. शिवांगी ने बताया कि जब वे पहली बार एक बच्चे के रूप में यहां आई थीं, तो विमानों को देखकर हैरान रह गईं और उसी समय तय कर लिया था कि उन्हें पायलट बनना है.

9 साल की उम्र में देखा सपना
शिवांगी सिंह का जन्म उत्‍तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ. भारत की पहली राफेल फाइटर पायलट शिवांगी सिंह ने 9 साल की उम्र में पायलट बनने का सपना देखा था. शिवांगी ने अपनी पढाई लिखाई बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU)से पूरी की. इसके बाद उन्होंने हैदराबाद स्थित भारतीय वायुसेना अकादमी से प्रशिक्षण प्राप्त किया.शिवांगी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि बचपन में जब वह एक बार नई दिल्ली स्थित एयरफोर्स म्यूजियम गई थीं, तब उन्होंने वहां रखे फाइटर जेट्स को देखा और उनकी ओर टकटकी लगाकर देखने लगीं.उसी समय उन्‍होंने मन में ठान लिया कि वह पायलट बनेंगी.आखिरकार शिवांगी सिंह ने 2017 में भारतीय वायुसेना (IAF) जॉइन की और महिला फाइटर पायलट्स के दूसरे बैच में कमीशन प्राप्त किया.2020 में कठिन सेलेक्‍शन प्रोसेस के बाद उन्हें राफेल पायलट के रूप में चुना गया और इसके साथ ही वे राफेल उड़ाने वाली भारत की पहली महिला फाइटर पायलट बन गईं. इससे पहले शिवांगी मिग-21 बाइसन एयरक्राफ्ट भी उड़ा चुकी थीं.बता दें कि भारत में राफेल की पहली खेप 29 जुलाई, 2020 को पहुंची थी,और फ्रांस से 36 राफेल फाइटर जेट्स की अंतिम खेप पिछले साल दिसंबर में आई थी.

अब शिवांगी सिंह राफेल उड़ाने वाली पायलट बन चुकी हैं. वह भारत की पहली ऐसी महिला पायलट हैं जो फ्रांस में बने राफेल लड़ाकू विमानों को उड़ाती हैं. शिवांगी ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार मिग-21 उड़ाया, तो शुरू में उन्हें घबराहट और चिंता होती थी, लेकिन जब उन्होंने पहली बार सोलो उड़ान भरी,तो वह बेहद रोमांचकारी था. शिवांगी ने फ्रांसीसी प्रशिक्षकों के साथ सिम्युलेटर प्रशिक्षण भी लिया है. शिवांगी ने एक इंटरव्‍यू में बताया था कि मेरी मां मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा थीं. वो चाहती थीं कि मैं केवल शिक्षित न रहूं,बल्कि आत्मनिर्भर बनूं. अब शिवांगी ने अंतरिक्ष यात्री बनने के लिए पायलट प्रशिक्षण के लिए आवेदन किया है, क्योंकि वे भारत के मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन का हिस्सा बनना चाहती हैं.

पाकिस्तान ने भारत के 15 शहरों पर दागीं मिसाइलें, ‘सुदर्शन चक्र’ S-400 ने हवा में ही कर दिया नेस्तनाबूद

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भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया. भारतीय सेना ने समय रहते पाकिस्तान के सारे हमलों को फेल कर दिया है. दरअसल, पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर वाले दिन भारत के 15 शहरों को टारगेट किया था. मगर, भारतीय सेना की मुश्तैदी से पाकिस्तान को इसमें भी हार का सामना करना पड़ा. दरअसल, भारतीय सेना ने रूस की एस-400 की मदद से उनके सभी मिसाइलों को नष्ट कर दिया.

बताया जा रहा है कि 7 मई की रात को पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइलों का उपयोग करके अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, भटिंडा, चंडीगढ़, फलोदी, उत्तरलाई और भुज सहित उत्तरी और पश्चिमी भारत में कई सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की. पर भारतीय सेना ने इन हमलों को इंटीग्रेटिड काउंटर यूएएस ग्रिड और एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से बेअसर कर दिया. इन हमलों के मलबे अब कई स्थानों से बरामद किए जा रहे हैं, जो पाकिस्तानी हमलों को साबित करते हैं.

रोहित शर्मा के बाद कौन? BCCI इन दो खिलाड़ियों में से किसे बना सकती है कैप्टेन

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भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए मंगलवार की रात किसी तूफान से कम नहीं रही। टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया। यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब टीम को जल्द ही इंग्लैंड दौरे पर पांच मैचों की कठिन टेस्ट सीरीज़ खेलनी है। रोहित के इस फैसले ने न केवल फैंस को हैरान किया, बल्कि टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं को भी एक बड़ी चुनौती में डाल दिया है – अब अगला टेस्ट कप्तान कौन?

क्यों लिया रोहित ने यह फैसला?
IPL 2025 के बाद थकान, उम्र, और भविष्य की योजनाओं को लेकर रोहित का यह फैसला समझा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने आधिकारिक बयान में केवल टेस्ट क्रिकेट छोड़ने की बात कही है, जिससे साफ है कि वह वनडे और टी20 प्रारूपों में अभी टीम का हिस्सा बने रहेंगे। मगर उनकी गैरमौजूदगी में अब टेस्ट टीम को एक नया नेता चाहिए – और वो भी एक ऐसा जो हर मैच के लिए उपलब्ध हो और दबाव में भी टीम को संभाल सके।

कौन हैं दावेदार?

1. शुभमन गिल – नई पीढ़ी का चेहरा
शुभमन गिल को इस रेस में सबसे आगे माना जा रहा है। युवा, प्रतिभाशाली और अनुशासित – गिल ने तीनों फॉर्मेट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है और फिलहाल वनडे टीम के उपकप्तान भी हैं। टेस्ट क्रिकेट में गिल ने अब तक 32 मैचों में 1893 रन बनाए हैं, जिसमें 5 शतक और 7 अर्धशतक शामिल हैं। साथ ही, उनकी उत्कृष्ट फिटनेस और निरंतरता उन्हें कप्तानी के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनाती है।

2. केएल राहुल – अनुभवी लेकिन अस्थिर
दूसरा नाम है केएल राहुल का, जो पहले भी टेस्ट टीम की कप्तानी कर चुके हैं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश दौरों पर टीम की अगुआई की थी। राहुल की कप्तानी में भारत ने 3 टेस्ट में से 2 जीते हैं, लेकिन उनका नेतृत्व अब तक खास प्रभावशाली नहीं रहा। हालांकि, उन्होंने हाल ही में टेस्ट में फॉर्म में वापसी की है और टीम मैनेजमेंट उन्हें एक स्थिर विकल्प के तौर पर देख सकता है। उनकी IPL कप्तानी का अनुभव भी उनके पक्ष में जा सकता है।

जसप्रीत बुमराह क्यों नहीं?
हालांकि उपकप्तान जसप्रीत बुमराह इस रेस में थे, लेकिन लगातार फिटनेस और वर्कलोड मैनेजमेंट के चलते चयनकर्ता उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी नहीं देना चाहते। BCCI चाहती है कि कप्तान वह खिलाड़ी हो जो पांचों टेस्ट मैचों में खेले, जबकि बुमराह को रोटेशन पॉलिसी के तहत कुछ मैचों में आराम दिया जा सकता है।

भारत नेपाल बॉर्डर पर 6 विदेशी नागरिक ,जांच में आया फर्जी दस्तावेज का मामला

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बिहार के किशनगंज में सुरक्षा बलों ने भारत-नेपाल सीमा पर पश्चिम बंगाल के पानी टंकी क्षेत्र से म्यांमार के 6 संदिग्ध नागरिकों को गिरफ्तार किया है. यह सभी नागरिक बिना पासपोर्ट और वीजा के 2022-23 में मिजोरम के रास्ते भारत में प्रवेश कर गए थे।

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है।विशेष रूप से एसएसबी और अन्य सुरक्षा बलों ने अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है।इसके तहत सीमा पर चौकसी और सख्त की गई है,ताकि इस तरह के घुसपैठियों को रोका जा सके और देश की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
यह घटना पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के पास पानी टंकी क्षेत्र में हुई ,सुरक्षा बलों ने भारत-नेपाल सीमा पर पश्चिम बंगाल में छह म्यांमार नागरिकों को गिरफ्तार किया है। ये लोग अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर गए थे और फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर रहे थे।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान माजी मेयो हटोइली, लांघ नगेह न्यांग, नव थांग, फ्रांसिस तावक लियन संग, वन जा लियन और रोलैंड नवल ट्लिंग लियन के रूप में हुई है। ये सभी म्यांमार के नागरिक हैं और नागालैंड के एक कॉलेज में धर्मशास्त्र की पढ़ाई कर रहे थे।
सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने इन लोगों को पकड़ने के बाद स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और इन लोगों को सिलीगुड़ी अदालत में पेश किया जाएगा।
सुरक्षा बलों ने भारत-नेपाल सीमा पर पश्चिम बंगाल के पानी टंकी क्षेत्र से म्यांमार के 6 संदिग्ध नागरिकों को गिरफ्तार किया है। यह सभी नागरिक बिना पासपोर्ट और वीजा के 2022-23 में मिजोरम के रास्ते भारत में प्रवेश कर गए थे।गिरफ्तार किए गए युवकों के पास से फर्जी आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, और एक युवक के पास पैन कार्ड भी बरामद हुआ है, जो दिल्ली में बनाए गए थे।
घटना पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को यह संकेत दिया है कि भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने का यह केवल एक उदाहरण हो सकता है, और इससे सुरक्षा चूक की गंभीरता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
जांच में फर्जी दस्तावेजों के मामले दिखे
इन युवकों के बारे में जानकारी सामने आई है कि वे नागालैंड के विटर थियोलॉजिकल कॉलेज, वांकहोसिंग, वोखा में धर्मशास्त्र की पढ़ाई कर रहे थे और 2023 से वहीं रह रहे थे। छुट्टियों के दौरान ये भारतीय और नेपाली छात्रों के साथ सिलीगुड़ी गए थे, जहां तीन अलग-अलग समूहों में बंटकर वे नेपाल के बिरतामोड़ स्थित हैप्पी लैंड एडवेंचर पार्क जाने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) ने इन्हें पकड़ लिया और गिरफ्तार कर लिया।

फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में रह रहे अन्य लोग भी हो सकते हैं।
चल रही सघन जांच
बंगाल पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को संदेह है कि इन 6 संदिग्ध नागरिकों की तरह कई और लोग भी फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में रह रहे हैं जांच जारी है, और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में विस्तार से जांच कर रही हैं। अब तक की जांच में एसएसबी और पुलिस ने यह भी पाया है कि संदिग्धों द्वारा इस्तेमाल किए गए फर्जी दस्तावेज काफी पेशेवर तरीके से तैयार किए गए थे। जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस तरह के फर्जी दस्तावेज तैयार करने के पीछे कौन लोग और संगठन जिम्मेदार हैं।

7 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए,

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पाकिस्तान। बलूच विद्रोहियों ने एक बार फिर पाकिस्तानी सेना पर हमला किया है. बीते 24 घंटे में पाक सेना पर बलूचों का यह दूसरा बड़ा हमला है, जिसमें 7 सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है.यह हमला बोलान के माछकुंड में किया गया. बलूच लिबरेशन आर्मी की स्पेशल टेक्टिकल ऑपरेशंस स्क्वैड ने पाकिस्तानी सेना के वाहन को निशाना बनाकर हमला किया. पाकिस्तानी सेना की गाड़ी को रिमोट से उड़ा दिया गया. यह हमला उस समय किया गया, जब पाकिस्तानी सेना मिलिट्री ऑपरेशन की तैयारी कर रही थी. इस हमले में 7 पाक सैनिकों की मौत की बात कही गई है. इससे पहले भी बीएलए ने पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाकर हमला किया गया था, जिसमें कई पाक सैनिकों की मौत हो गई थी. बीएलए लगातार अपने बयान में पाकिस्तानी सेना को किराए की फौज बताता रहा है

नर्सिंग कॉलेज में हंगामा, शिक्षक के फरमान से स्टूडेंट्स में रोष

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यूपी: सहारनपुर: में कस्बे के एक नर्सिंग कॉलेज में छात्रों ने हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ हंगामा किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज मे दाढ़ी कटवाने, तिलक हटवाने और कलवा खुलवाने पर ही कॉलेज आने का फरमान सुनाया गया है। उधर, आरोपों को नकारते हुए कॉलेज प्रबंधन ने कहाकि कॉलेज में दाढ़ी कटवाकर आने का नियम है जो छात्र दाढ़ी में आए थे उन्हें दो दिन पहले नोटिस जारी किया गया था। हंगामे के दौरान एक छात्रा के धार्मिक नारा लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
नर्सिंग कॉलेज पहुंचे विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप है कि कॉलेज के एक शिक्षक ने छात्रों को दाढ़ी कटवाने, तिलक हटवाने और कलावा खोलने के लिए कहा है। इसका छात्रों ने विरोध किया तो उन्हें कॉलेज से निष्कासित कर दिया गया। कॉलेज में कार्यकर्ताओं औश्र छात्रों ने हंगामा किया। जानकारी मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कार्यकर्ताओं को शांत करने का प्रयास किया। आरोप है कि पुलिस कार्यकर्ताओं को समझा ही रही थी कि इसी दौरान वहां मौजूद एक छात्रा ने धार्मिक नारा लगा दिया, छात्रा के धार्मिक नारा लगाने पर हिंदू संगठन के कार्यकर्ता बिफर गए। कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रबंधन से छात्रा को निष्कासित करने की मांग की। कॉलेज प्रबंधन ने छात्रा के नारे लगाने की घटना से इनकार किया। इसके चलते कॉलेज में घंटों हंगामा चला। पुलिस ने समझा-बुझाकर कार्यकर्ताओं को शांत किया। इस दौरान विहिप जिला प्रमुख दिग्विजय पंडित, हरीश कौशिक, पावन कौशिक, पंकज, विनीत चौधरी, आकाश चौधरी, हिमांशु आदि मौजूद रहे। कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि कॉलेज में छात्रों के दाढ़ी कटवाकर आने का नियम है, कुछ छात्र दाढ़ी में आए थे, उन्हें दो दिन पहले नोटिस जारी किया गया था। कॉलेज में छात्रा ने धार्मिक नारा नहीं लगाया है।


छत्तीसगढ़ : तेज आंधी तूफान के साथ बारिश का अलर्ट

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रायपुर; छत्तीसगढ़ में पिछले दिनों हुई बारिश के बाद एक बार फिर से तापमान बढ़ने लगा है। तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान एक बार दिर 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच लोगों के लिए एक राहत भरी खबर निकलकर सामने आ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि, गुरूवार यानी आज मौसम में बदलाव हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण बस्तर समेत प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी तूफ़ान के साथ बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के कई जिलों में आज बारिश होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और विभिन्न द्रोणिकाओं के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान आ सकता है। साथ ही बारिश और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ के रायपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर, बस्तर, कोंडागांव, बालोद, राजनांदगांव, महासमुंद, बलौदा बाजार, और बलरामपुर के कुछ स्थानों में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश होने और ओले गिरने की भी संभावना है।


पुंछ में भारी गोलाबारी, हरियाणा के जवान दिनेश कुमार शहीद

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जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में पाकिस्तान की ओर से की गई अचानक और उकसावे वाली गोलीबारी में भारतीय सेना के लांस नायक दिनेश कुमार शहीद हो गए. वह हरियाणा के पलवल जिले के मोहम्मदपुर गांव के रहने वाले थे और इस समय पुंछ में पोस्टेड थे. रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय वायु सेना द्वारा हाल ही में पाकिस्तान और POK में की गई एयर स्ट्राइक (ऑपरेशन सिंदूर) के बाद से पाकिस्तान लगातार सीज़फायर का उल्लंघन कर रहा है. बुधवार सुबह से ही फायरिंग जारी थी, जिसमें दिनेश अपने चार साथियों के साथ जवाबी कार्रवाई में शामिल थे.
फायरिंग के दौरान पाकिस्तानी सेना द्वारा छोड़ा गया बम दिनेश के बेहद पास आकर गिरा, जिससे वह और उनके चार साथी गंभीर रूप से घायल हो गए. तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन दिनेश की जान नहीं बचाई जा सकी. दिनेश 32 वर्ष के थे, उनके दो छोटे बच्चे हैं और पत्नी गर्भवती हैं. जैसे ही यह सूचना सेना की ओर से उनके परिवार को दी गई, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई. वीरगति पाने वाले जवान की पार्थिव देह गुरुवार को पलवल स्थित उनके गांव लाई जाएगी, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा. रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, पाकिस्‍तान की ओर से यह हमला बिना किसी उकसावे के किया गया था और सेना ने तुरंत जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है. स्थिति पर नजर रखी जा रही है और नियंत्रण रेखा पर सेना सतर्क है

 

बाल मजदूरी के खिलाफ पुलिस का बड़ा अभियान, 668 बच्चों को किया गया रेस्क्यू

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नोएडा: पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर बाल मजदूरी के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई कर रही है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और डीसीपी महिला सुरक्षा के पर्यवेक्षण में जिले में लगातार ऐसे मामलों पर निगरानी रखी जा रही है। इसी अभियान के तहत 1 जनवरी 2023 से 30 अप्रैल 2024 के बीच कुल 668 नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित रूप से उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया है। पुलिस की सतर्कता के चलते होटल, ढाबा और अन्य व्यावसायिक स्थलों पर मजदूरी में लगे बच्चों की पहचान की गई। चिन्हित स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर जबरन बाल श्रम में लगाए गए बच्चों को मुक्त कराया गया। इनमें 165 बच्चे होटल और ढाबों से, जबकि 502 बच्चे अन्य स्थानों से रेस्क्यू किए गए। एक विशेष घटना में, 11 नवंबर 2024 को थाना सेक्टर-142 क्षेत्र की एक सोसायटी में एक फ्लैट के अंदर नाबालिग बच्ची से जबरन घरेलू कार्य कराए जाने की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थानीय पुलिस टीम ने छापा मारकर बच्ची को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया था।
फ्लैट मालिक और उसकी पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस ने न सिर्फ बच्चों को छुड़ाया, बल्कि उनके पुनर्वास के लिए भी कदम उठाए हैं। कई सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से इन बच्चों को शिक्षा, चिकित्सा और अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उनके परिजनों को चेतावनी दी गई है कि भविष्य में यदि बच्चों से मजदूरी कराई गई, तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, पुलिस टीम समय-समय पर रेस्क्यू किए गए बच्चों की काउंसलिंग भी कर रही है। कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर को बाल मजदूरी मुक्त बनाने की दिशा में पुलिस लगातार झुग्गी बस्तियों और संवेदनशील क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक कर रही है। अभिभावकों से अपील की जा रही है कि वे अपने बच्चों को मजदूरी की बजाय शिक्षा दिलाएं, जिससे वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर एक बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकें।